वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर दिल्ली विधानसभा में गूंजा देशभक्ति का स्वर-भारत की एकता और गौरव का उत्सव

दिल्ली विधानसभा में ऐतिहासिक क्षण वंदे मातरम् की स्मृति पट्टिका का अनावरणदिल्ली विधानसभा आज एक अद्भुत ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी, जब ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस अमर गीत की पूर्णरचना अंकित स्मृति पट्टिका का अनावरण किया गया। पूरा विधानसभा भवन तिरंगे की रोशनी से आलोकित था, जो भारत की एकता, गौरव औरदेशभक्ति का प्रतीक बन गया। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, विधायक संजय गोयल, कर्नैलसिंह, डॉ. अनिल गोयल और चन्दन कुमार चौधरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। वंदे मातरम् भारत की आत्मा है विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ताअपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा, वंदे मातरम् भारत की आत्मा है, जो 140 करोड़ भारतीयों को गर्व और श्रद्धा के एक स्वर मेंजोड़ता है उन्होंने कहा कि यह स्मृति पट्टिका आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाएगी और उन्हें मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणादेती रहेगी। गुप्ता ने बताया कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवम्बर 1875 को वंदे मातरम् की रचना की थी। बाद में यह गीत उनके प्रसिद्ध उपन्यासआनंदमठ (1882) में शामिल हुआ। इस रचना में भारत माता को तीन रूपों देवी स्वरूप, पीड़ित स्वरूप और पुनरुत्थान की प्रतीक के रूप में चित्रितकिया गया है, जो भारत की दासता से पुनर्जागरण तक की यात्रा को दर्शाता है। वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का घोष बनागुप्ता ने कहा कि वंदे मातरम् वह गीत है जिसने पूरे देश को स्वतंत्रता की भावना से एकजुट किया। उन्होंने बताया कि इसे 1896 के कांग्रेस अधिवेशनमें पहली बार रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने गाया था और 1905 के बंग-भंग आंदोलन के दौरान यह गीत पूरे भारत में गूंज उठा। उन्होंने कहा भगत सिंह की भारतमाता की जय की पुकार से लेकर भीकाजी कामा द्वारा बर्लिन में लहराए गए तिरंगे पर अंकित वंदे मातरम् तक यह गीत हर देशभक्त के हृदय की प्रेरणारहा है। वंदे मातरम् किसी राजनीति का नहीं, भारत की एकता का प्रतीक हैविधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वंदे मातरम् किसी धर्म, क्षेत्र या राजनीति से जुड़ा नहीं, बल्कि यह भारत की एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंनेनागरिकों से आह्वान किया कि वे वंदे मातरम् के 150 वर्ष के इस वर्षभर चलने वाले उत्सव में सहभागी बनें और इसे राष्ट्रभक्ति के संकल्प के रूप मेंअपनाएं। गुप्ता ने कहा वंदे मातरम् भारत की शक्ति, साहस और दिव्यता का काव्य रूप है। यह वह अमर गान है जो हमारी आत्मा और राष्ट्र को एकसूत्र में बांधता है। उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट का संदेश बलिदान और आदर्शों की याददिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री मोहन सिंह बिष्ट ने इस अवसर पर कहा कि ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।उन्होंने कहा यह गीत हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और आदर्शों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया। यहभारत की सांस्कृतिक एकता और कालातीत भावना का प्रतीक है जो हर पीढ़ी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। साहित्य कला परिषद के कलाकारों ने सजाई देशभक्ति की शामइस अवसर पर साहित्य कला परिषद के कलाकारों ने गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से ‘वंदे मातरम्’ की भावना को सजीव किया। देशभक्ति सेओतप्रोत प्रस्तुतियों ने भारत की संस्कृतिक विविधता, स्वतंत्रता संग्राम की यादें और मातृभूमि के प्रति प्रेम को मंच पर साकार कर दिया। पूरी दिल्लीविधानसभा तिरंगे के रंगों में नहाई हुई थी केसरिया साहस का, सफेद शांति का, और हरा समृद्धि का प्रतीक बनकर। यह दृश्य हर भारतीय के हृदय मेंगर्व और एकता की भावना जगा गया। वंदे मातरम् भारत की पहचान की जीवित धड़कनदिल्ली विधानसभा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्मृति नहीं, बल्कि एक संदेश था कि वंदे मातरम् कोई साधारण गीत नहीं, बल्कि भारत कीपहचान की जीवित धड़कन है। यह गीत हमें बार-बार यह याद दिलाता है कि हमारी असली शक्ति हमारी एकता, संस्कृति और मातृभूमि के प्रति श्रद्धामें निहित है। इस आयोजन ने राष्ट्रप्रेम की उस भावना को फिर से जीवित किया, जिसने आज़ादी की लड़ाई में करोड़ों भारतीयों को एकजुट किया था। समापन संदेश वंदे मातरम् का अमर संदेश, सदियों तक गूंजता रहेगावंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का यह पर्व केवल इतिहास की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रेरणा है। दिल्ली विधानसभा ने इस आयोजनके माध्यम से पूरे देश को यह संदेश दिया कि जब तक भारत माता के प्रति प्रेम हमारे दिलों में है, तब तक वंदे मातरम् की गूंज इस धरती पर अमररहेगी।
महिला वर्ल्ड कप विजेता टीम से मिले PM मोदी, खिलाड़ियों संग हंसी-मजाक, लड्डू और ‘भेल’ ने लूटा दिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महिला वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम से मुलाकात की। इसका पूरा वीडियो नरेंद्र मोदीके ट्विटर हैंडल से गुरुवार को जारी किया गया। वीडियो के अंत में पीएम मोदी चैंपियन टीम इंडिया के सभी खिलाड़ियों और कोच को लड्डू बांटतेदिखे। इसका वीडियो खूब वायरल हो रहा है और इस दौरान पीएम मोदी ने जो बात कही उसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। दरअसल, वीडियो के आखिरमें पीएम मोदी ने चैंपियंस को मिठाई खिलाई। लड्डू बांटने के दौरान पीएम मोदी ने डीएसपी दीप्ति शर्मा और जेमिमा को लड्डू लेने के किए कहा। फिरखिलाड़ियों से पूछा कि ‘अभी तो टीम वाले खाने के लिए रोंकेगे तो नहीं?’ इस पर स्मृति मंधाना ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘पहली बार खा रहे हैंमिठाई।’इस पर पीएम मोदी ने कहा, ‘आप सभी के लिए भेल आई है।’ इस पर मंधाना ने कहा, ‘भेल बहुत पसंद है।’ फिर पीएम मोदी ने कहा, ‘दीप्तिके लिए पनीर है। भिंडी के साथ नहीं है।’ इस पर खिलाड़ी हंसने लगे। इसके बाद पीएम मोदी ने भारतीय टीम के स्टाफ और बीसीसीआई अध्यक्षमिथुन मनहास को भी संबोधित किया। लोगों का अभिनंदन स्वीकार करतेफिर स्नेह राणा कहती हैं, ‘जब महत्वपूर्ण मैच होता है तो उससे एक दिन पहले नींद नहीं आती है। हम वही बात कर रहे थे।’ इस पर पीएम मोदी नेचुटकी लेते हुए कहा, ‘परीक्षा में जाने वाले बच्चों का भी यही हाल है।’ इस पर स्नेह और रेणुका हंसने लगीं। फिर मंधाना पीएम मोदी से पूछती हैं, ‘आपको इतना सबकुछ याद कैसे रहता है।’ इस पर पीएम कहते हैं, ‘मैं वर्तमान में जीता हूं।’ इसके बाद पीएम ने खिलाड़ियों को खाना लेने में भी मददकी। प्रतिका खाने में कुछ लेना चाह रही थीं, तो पीएम मोदी वहां पहुंचे और उन्होंने प्रतिका से पूछा- आपको कोई कुछ दे नहीं रहा न? क्या पसंद हैआपको? इसके बाद पीएम वहां मौजूद डिश में से एक डिश उठाकर प्रतिका को देते हैं। प्रतिका उनका आभार भी व्यक्त करती हैं। इस पर पीएमकहते हैं, ‘देखिए मैं दे रहा हूं, लेकिन ये आपको पसंद है कि नहीं है?’ इस पर सब कहते हैं, पसंद है। इसके बाद पीएम सभी लोगों का अभिनंदनस्वीकार करते हैं और वहां से चले जाते हैं। यह वीडियो खूब पसंद किया जा रहा है।
कर्नाटक में विवाद भाजपा सांसद बोले राष्ट्रगान ब्रिटिश स्वागत गीत, प्रियांक खरगे ने बताया बकवास

कर्नाटक में एक भाजपा सांसद ब्रिटिश अधिकारी के स्वागत में लिखा गया था। भाजपा सांसद के इस दावे पर विवाद हो गया है। कांग्रेस नेता औरकर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने भाजपा सांसद के इस बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे पूरी तरह बकवास और आरएसएस का व्हाट्सएपइतिहास का ज्ञान बताया। कर्नाटक से भाजपा सांसद विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने होन्नावर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य मेंआयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश का राष्ट्रगान ब्रिटिश अधिकारी का स्वागत करने के लिए लिखा गया था। उत्तर कन्नड़ से भाजपा सांसदने तर्क दिया कि वंदे मातरम को ज्यादा अहमियत दी जानी चाहिए, और ‘वंदे मातरम’ और ‘जन गण मन’ दोनों का दर्जा बराबर है। वंदे मातरम हर किसी तक पहुंचना चाहिएउन्होंने कहा, ‘मैं इतिहास में नहीं जाना चाहता। वंदे मातरम को राष्ट्रगान बनाने की जोरदार मांग थी, लेकिन हमारे पूर्वजों ने तब वंदे मातरम के साथ-साथ जन गण मन को भी रखने का फैसला किया, जिसे ब्रिटिश अधिकारी का स्वागत करने के लिए बनाया गया था। हमने इसे स्वीकार कर लिया हैऔर हम इसका पालन कर रहे हैं।’ कागेरी ने कहा, ‘इस 150वें साल में, वंदे मातरम हर किसी तक पहुंचना चाहिए, यह स्कूलों, कॉलेजों, युवाओं औरआम लोगों तक पहुंचना चाहिए।’ पहला छंद जन गण मन बन गयाइस पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि भाजपा सांसद कागेरी दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रगान ब्रिटिश है। यह पूरीतरह बकवास है। उन्होंने एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘एक और दिन, आरएसएस का एक और व्हाट्सएप इतिहास का ज्ञान। खरगे ने कहाकि रवींद्रनाथ टैगोर ने 1911 में भजन भारतो भाग्य विधाता लिखा था और इसका पहला छंद जन गण मन बन गया। यह राष्ट्रगान पहली बार 27 दिसंबर, 1911 को कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गाया गया था, शाही सम्मान के तौर पर नहीं।’ उन्होंने कहा, “टैगोर ने 1937 और 1939 मेंयह भी साफ किया था कि यह भारत के भाग्य विधाता की जय-जयकार करता है, और यह कभी भी जॉर्ज पंचम, जॉर्ज षष्ठम, या कोई और जॉर्ज नहींहो सकता।’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं, 2014 से कारोबारी सुधारों की नई कहानी लिखी गई, अब भारत को चाहिए विश्वस्तरीय बैंक

2014 से कारोबार को आसान बनाने के लिए अनगिनत क्रांतिकारी सुधार किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय स्टेट बैंक के एककार्यक्रम में यह बात कही है। इस दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा वैश्विक मूल्य शृंखला विघटनकारी दौर से गुजर रही है। ऐसे में बुनियादी ढांचे केनिर्माण पर सरकार का मुख्य ध्यान है। पिछले कुछ वर्षों में पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एसबीआई के एककार्यक्रम में कहा कि वैश्विक चुनौतियां प्रमुख होती जा रही हैं; वैश्विक संस्थाएं कमजोर पड़ रही हैं। वित्त मंत्री ने कहा, “सरकार ने प्रत्यक्ष लाभहस्तांतरण के माध्यम से 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत की; पिछले दशक में 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालागया।” वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी आधारित विकास पर जोर दे रही है। डेटा की लागत 2014 में 300 रुपये प्रति जीबी सेघटकर 10 रुपये प्रति जीबी हो गई है। इंडिया में एकीकरण कर दिया गयावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा कि देश को बड़े और विश्वस्तरीय बैंकों की जरूरत है। इस बारे में रिजर्व बैंक और दूसरेबैंकों से बातचीत चल रही है। 12वें एसबीआई बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2025 में बोलते हुए हुए सीतारमण ने ऋणदाताओं से उद्योग केलिए ऋण प्रवाह को गहरा और व्यापक बनाने के लिए कहा। वित्त मंत्री ने भरोसा जताते हुए कहा कि जीएसटी दर में कटौती से बढ़ी मांग एक बेहतरनिवेश का सिलसिला शुरू करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को बड़ी संख्या में विश्वस्तरीय बैंकों की जरूरत है। उन्होंने कहा, “सरकार इस पर विचारकर रही है और काम शुरू हो चुका है। हम आरबीआई के साथ चर्चा कर रहे हैं। हम बैंकों के साथ चर्चा कर रहे हैं।” निजीकरण की प्रक्रिया के तहतसरकार ने जनवरी 2019 में आईडीबीआई बैंक में अपनी 51 प्रतिशत नियंत्रणकारी हिस्सेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को बेच दीथी। 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का पंजाब नेशनल बैंक में विलय कर दिया गया; सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय कर दिया गया; इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय कर दिया गया; और आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंकका यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में एकीकरण कर दिया गया। देश में बैंकों की कुल संख्या 2017 के 27 से घटकर 12 हो गईइसके बाद, सरकार और एलआईसी ने आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री की योजना की घोषणा की। अक्तूबर 2022 मेंदोनों शेयरधारकों ने कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के लिए निवेशकों से रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रितकिए थे। इसमें सरकार की 30.48 प्रतिशत और एलआईसी की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। जनवरी 2023 में दीपम को आईडीबीआईबैंक के लिए कई ईओआई प्राप्त हुए। सेबी ने अगस्त 2025 में आईडीबीआई बैंक में रणनीतिक विनिवेश पूरा होने पर बैंक के प्रमोटर से सार्वजनिकशेयरधारक के रूप में जीवन बीमा निगम के पुनर्वर्गीकरण को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण भीकिया। बैंकिंग क्षेत्र में सबसे बड़े एकीकरण की पहल करते हुए सरकार ने अगस्त 2019 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चार बड़े विलय की घोषणा कीथी। इससे देश में बैंकों की कुल संख्या 2017 के 27 से घटकर 12 हो गई।
दिल्ली की हवा में ज़हर, सांसों पर भार शशि थरूर बोले, ‘नवंबर में फेफड़ों पर परफॉरमेंस का बोझ बढ़ेगा

सर्दियों का मौसम दिल्ली में दोहरी चुनौती लेकर आता है। इसी मौसम से ठीक पहले दीपावली जैसे त्योहार में होने वाली आतिशबाजी भी दिल्ली कीवायु गुणवत्ता पर नकारात्मक असर डालती है। गत दिनों 20 अक्तूबर को दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद दिल्ली का एक्यूआई खतरनाक स्तरपर है। वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों को सांस से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। इस जटिलचुनौती के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तंज कसते हुए कहा, प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण नवंबर में फेफड़े पर प्रदर्शन का दबाव और बढ़ेगा।आम तौर पर अपनी कठिन अंग्रेजी शब्दावली को लेकर चर्चा में रहने वाले थरूर ने लगातार बिगड़ती दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता को लेकरएक्स हैंडल पर कटाक्ष किया। इस बार हिंदी भाषा में जारी बयान में थरूर ने लिखा, ‘जैसे-जैसे नवंबर का महीना चढ़ेगा, फेफड़ों पर परफॉरमेंस काबोझ बढ़ेगा!’ उन्होंने ये टिप्पणी छह नवंबर की सुबह 10 बजे की एक्यूआई की स्थिति को लेकर की। शिकायत लेकर आ रहेगुरुवार को दिल्ली में धुंध भरी सुबह और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(CPCB) ने इस पर चिंता जताई है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक शाम तक एक्यूआई खराब होकर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में जाने की आशंकाहै। डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण के कारण दिल्ली के अस्पतालों में सांसद लेने में तकलीफ की शिकायत करने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।डॉक्टरों ने ब्रोंकाइटिस, अस्थना, साइनसाइटिस के मामलों में 22 से 25 फीसद तक उछाल आने की चेतावनी दी है। वायु प्रदूषण के कारण सेहत परहोने वाले असर को लेकर समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए पीजीआईएमईआर के प्रोफेसर डॉ पुलिन गुप्ता ने बताया, कई मरीज’साइनसाइटिस, नाक बहना, नाक से खून आना, सूखापन, आंखों से पानी आना, आंखों का लाल होना और नजर धुंधली होने’ की शिकायत लेकर आरहे हैं। एहतियातन मास्क का उपयोग करने की सलाह भी दी गईबता दें कि दिल्ली-एनसीआर में बृहस्पतिवार का में एक्यूआई घटने की खबर आई। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक एक्यूआई के आंकड़े में गिरावटदिल्ली की हवा साफ होने का संकेत नहीं है। दिल्ली-एनसीआर में बीते लगभग ढाई हफ्ते से सांस लेने में हो रही परेशानी को लेकर विशेषज्ञों काकहना है कि वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के ठोस उपाय करने की जगह आंकड़ों का खेल किया जा रहा है। एक्यूआई के आंकड़े भले ही कमदिख रहे हैं, लेकिन दिल्ली की हवा अभी भी जहरीली है। डॉ पुलिन गुप्ता ने कहा, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज(सीओपीडी) या तपेदिक जैसी बीमारियों से पहले से ग्रस्त लोग प्रदूषण से जल्दी प्रभावित होते हैं, क्योंकि इनके अंग अत्यंत संवेदनशील होते हैं।हालात की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों- विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों से अपील की हैकि घर से बाहर निकलने से परहेज करें। घरों से बाहर निकलते समय एहतियातन मास्क का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है।
सैंडलवुड के दिग्गज अभिनेता हरीश राय नहीं रहे, गले के कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद ली अंतिम सांस

कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में तीन दशक से अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाले अभिनेता हरीश राय अब इस दुनिया में नहीं रहे। 63 वर्षीय हरीशलंबे समय से गले के कैंसर से जूझ रहे थे। इलाज के दौरान उन्होंने गुरुवार को अंतिम सांस ली। हरीश राय का फिल्मी सफर कन्नड़ सिनेमा के स्वर्णयुग से शुरू हुआ। 1990 के दशक में उन्होंने पहली फिल्म ‘ओम’ में काम किया था। इस फिल्म में उन्होंने ‘डॉन रॉय’ का किरदार निभाया था। वहीभूमिका जिसने उन्हें घर-घर मशहूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने तमिल और कन्नड़, दोनों भाषाओं में कई फिल्मों में अलग-अलग किरदारों से अपनीपहचान बनाई। चाहे खलनायक की भूमिका हो या किसी पिता-पुत्र के इमोशनल सीन- हरीश ने हर बार अपनी उपस्थिति से दर्शकों को प्रभावितकिया। चेहरा पूरी तरह से मुरझाने लगापिछले कुछ वर्षों से हरीश गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे। कैंसर की वजह से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। इलाज के लिए उन्हें कई महंगेइंजेक्शन की जरूरत थी, जिनकी कीमत लाखों रुपये थी। आर्थिक तंगी के बीच, शिवराजकुमार, ध्रुव सरजा जैसे सितारों ने उनकी मदद के लिए हाथबढ़ाया। हरीश खुद कहा करते थे- ‘मैं हार नहीं मानूंगा, सबकी दुआओं से ठीक होकर फिर शूटिंग पर लौटूंगा।’ लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूरथा। इलाज के दौरान आईसीयू में भर्ती रहने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं आया और उन्होंने बेंगलुरु के किदवई अस्पताल में अंतिम सांसली। बता दें आखिरी कुछ समय में हरीश राय का वजन काफी कम हो गया था। बीमारी के चलते उनका शरीर सूखता जा रहा था। उनका चेहरा पूरीतरह से मुरझाने लगा था। सिनेमा के इतिहास में अमर हो चुकेहरीश राय अपने पीछे पत्नी और एक बेटे को छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर ने पूरे सैंडलवुड को स्तब्ध कर दिया। सोशल मीडिया पर प्रशंसकोंऔर फिल्मी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। फैंस को विश्वास ही नहीं हो पा रहा है कि अब हरीश इस दुनिया में नहीं रहे। लंबे संघर्ष के बाद हरीश रायको फिर से लोकप्रियता मिली ‘केजीएफ: चैप्टर 1’ और ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ के जरिए। निर्देशक प्रशांत नील और अभिनेता यश की इस ब्लॉकबस्टर मेंउन्होंने निभाया था ‘चाचा’ का किरदार- एक मजबूत, वफादार और संवेदनशील इंसान, जो रॉकी भाई के बेहद करीब था। यह भूमिका उनके करियर कीदूसरी पारी साबित हुई और दर्शकों ने उन्हें खुले दिल से अपनाया। करीब 30 वर्षों तक हरीश ने 60 से अधिक फिल्मों में काम किया। ‘राज बहादूर’, ‘भूगत’, ‘नन्ना कनसिना हुवे’, ‘संजू वेड्स गीता’, ‘स्वयंवर’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को खूब सराहा गया। हर भूमिका में उन्होंने अपनी सहजताऔर सच्चाई से जान डाल दी। आज जब हरीश राय हमारे बीच नहीं हैं, तो उनके निभाए किरदार उनकी सबसे बड़ी विरासत हैं। ‘ओम’ का वो डॉन और‘केजीएफ’ का चाचा- दोनों अब सिनेमा के इतिहास में अमर हो चुके हैं।
किरन रिजिजू का कांग्रेस पर हमला – सेवा हमारी नीति है, झूठ कांग्रेस की राजनीति

केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस अब जनता के बीच झूठ और भ्रम फैलाने कीराजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं में न तो तालमेल है, न कोई ठोस रणनीति, और जब हार सामने दिखती है तो वो वोट चोरी काबहाना बनाते हैं। कांग्रेस में न तालमेल, न रणनीतिकिरन रिजिजू ने कहा कि हरियाणा चुनाव में कांग्रेस नेताओं के बीच गुटबाज़ी साफ नज़र आई। पार्टी में न कोई एकजुटता दिखी, न कोई स्पष्ट नेतृत्व।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद अपनी पराजय स्वीकार कर चुके हैं, फिर भी राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगाकर जनता को गुमराह कररहे हैं। झूठ की भी एक हद होती हैरिजिजू ने राहुल गांधी के हालिया बयानों पर तंज कसते हुए कहा, राहुल गांधी कभी ‘एटम बम’ की बात करते हैं, लेकिन उनके शब्दों में कोई गंभीरतानहीं होती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अब हर चुनावी हार का कारण ईवीएम, चुनाव आयोग या मीडिया को बताने लगे हैं, जबकि सच्चाई यह है किजनता अब कांग्रेस के झूठ से तंग आ चुकी है। 2004 का उदाहरण याद दिलायाकिरन रिजिजू ने 2004 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय हर एग्ज़िट पोल और ओपिनियन पोल भाजपा और एनडीए कोजीतता दिखा रहा था। लेकिन जब नतीजे आए, तो एनडीए हार गई। हमने परिणाम को स्वीकार किया, यूपीए को बधाई दी, लेकिन चुनाव आयोगको गाली नहीं दी। यही लोकतंत्र की मर्यादा होती है लोकतंत्र में हार–जीत सामान्य हैरिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में हार और जीत दोनों को सम्मान के साथ स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब एग्ज़िट पोलउसके पक्ष में आते हैं तो वह मीडिया की तारीफ करती है, और जब विरोध में आते हैं, तो वही मीडिया भ्रष्ट और पक्षपाती लगने लगता है। सेवा हमारी नीति है, झूठ कांग्रेस की राजनीतिकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा की राजनीति जनता की सेवा पर आधारित है, जबकि कांग्रेस की राजनीति झूठ और भ्रम फैलाने पर। भाजपा कार्यकर्तासत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए काम करते हैं। हम जनता की उम्मीदों पर खरे उतरने की कोशिश करते हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस केवल बयानबाज़ीऔर झूठे आरोपों की राजनीति करती है कांग्रेस की नई आदत झूठ और भ्रम फैलानाकिरन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस अब हर मुद्दे पर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश करती है। कभी अर्थव्यवस्था पर भ्रम फैलाया जाता है, तो कभीविदेश नीति पर। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके साथी नेताओं को चाहिए कि वे जनता के फैसले का सम्मान करें, न कि बार-बार संस्थाओं औरआयोगों पर उंगली उठाएं। जनता ने कांग्रेस को नकार दियारिजिजू ने कहा कि जनता अब कांग्रेस की पुरानी राजनीति को समझ चुकी है। जनता विकास चाहती है, स्थिरता चाहती है। उसे झूठ और आरोपों सेकोई मतलब नहीं। भाजपा जनता के बीच सेवा और समर्पण की भावना लेकर काम कर रही है, इसलिए हमें जनसमर्थन मिल रहा है कांग्रेस को आत्ममंथन की ज़रूरतकिरन रिजिजू ने अंत में कहा कि कांग्रेस को अब आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। हर हार के बाद झूठ और भ्रम फैलाने के बजाय कांग्रेस को यहसोचना चाहिए कि देश की जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है सेवा हमारी नीति है, झूठ कांग्रेस की राजनीति किरन रिजिजू का यह संदेश स्पष्ट हैकि भाजपा जनता के भरोसे पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस अब भरोसे की राजनीति खो चुकी है।
गुरुपर्व के अवसर पर पटना साहिब में माथा टेकने पहुँची दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता-कहा, बिहार अब जातीय राजनीति से निकल कर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बिहार दौरा गुरुद्वारा में माथा टेककर की देश की शांति और समृद्धि की कामनादिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इन दिनों बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। अपने चुनावी अभियान के तहत उन्होंने पवित्र तख्त हरमंदिर जी, पटना साहिब में माथा टेका और गुरुपर्व के इस पावन अवसर पर बिहार व देश की शांति, प्रगति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा, पटनासाहिब में आशीर्वाद प्राप्त कर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रही हूं। बिहार की यह पवित्र भूमि न केवल सिख धर्म के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिएप्रेरणा का स्रोत है। यहां की संस्कृति और अध्यात्म देश की एकता और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि गुरुपर्व का यह पर्व हमें सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना सिखाता है, और यही भावना बिहार को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी ताकत है। राहुल गांधी पर साधा निशाना कहा, सेना को कीचड़ में घसीटना बेहद शर्मनाकमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, लोकसभा में विपक्ष के नेता अब अपनीराजनीति के लिए सेना को भी विवादों में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जो लोग विदेशों में देश की छवि खराब करने से नहींचूकते, वे अब सेना की गरिमा पर सवाल उठाकर राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भगवान राम के अस्तित्व परसवाल उठाते हैं और सेना के शौर्य पर राजनीति करते हैं, उन्हें जनता जल्द ही जवाब देगी। उन्होंने कहा, ऐसे लोगों के लिए कहने को बस इतना हीकाफी है कि उन्हें डूबने के लिए पूरे तालाब की जरूरत नहीं, एक मुट्ठी पानी ही काफी है।अरवल, गया और औरंगाबाद में रोड शो जनता ने लगाए नारे ‘बिहार मांगे फिर से एनडीए सरकारपटना साहिब गुरुद्वारे में शीश नवाने के बाद मुख्यमंत्री ने अरवल, गया शहर और औरंगाबाद विधानसभा क्षेत्रों में रोड शो और जनसभाओं को संबोधितकिया। हर जगह जनता में जोश और उत्साह देखने को मिला। लोग बिहार पकड़ चुका है रफ्तार, जनता मांगे फिर से एनडीए सरकार जैसे नारे लगाकरमुख्यमंत्री का स्वागत कर रहे थे। मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद थे। उन्होंने लोगों से संवाद करते हुए कहा किबिहार ने लंबे समय तक अंधकार, अपराध और भ्रष्टाचार का दौर देखा है, लेकिन अब जनता विकास की राह चुन चुकी है। राजद पर भी किया कटाक्ष कहा, ‘ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे इन लोगों ने ठगा नहींमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर भी करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा, राजद के बारे में तो सब कहते हैं ऐसा कोईसगा नहीं, जिसे इन लोगों ने ठगा नहीं। जो लोग कभी पशुओं के चारे तक को खाने से पीछे नहीं हटे, वे आज जनता को झूठ और भ्रम का चाराखिलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब समझदार हो चुकी है। वह उन दलों के झूठे वादों में नहीं फंसेगी जिन्होंने सालोंतक बिहार को जंगलराज, अपराध और भ्रष्टाचार की आग में झोंक रखा था। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि एनडीए की सरकार ने ही बिहार को उस दौरसे निकालकर कानून-व्यवस्था और विकास की नई दिशा दी है। बिहार अब जातिवाद और परिवारवाद से मुक्त होकर विकास की ओर बढ़ रहा हैमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब जातीय राजनीति और परिवारवाद से बाहर निकलकर विकास की राजनीति को अपना रहा है। बिहार के लोग अबजात-पात की राजनीति से ऊब चुके हैं। वे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास चाहते हैं। यही असली राजनीति है मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीएसरकार बिहार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि बिहार कीजनता का विश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है, और इसी ताकत से बिहार एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। जंगलराज से निकलकर विकास की राजनीति की ओर बढ़ा बिहार मुख्यमंत्री का संकल्पमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, एक समय बिहार को अंधकार, अपराध और भ्रष्टाचार ने घेर रखा था, लेकिन आज का बिहार बदल चुका है। यह बिहारकानून-व्यवस्था में मजबूत है, युवाओं के लिए अवसर पैदा कर रहा है और विकास की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि अब बिहार को पीछे खींचनेवालों की नहीं, आगे बढ़ाने वालों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि आप सबका समर्थन ही बिहार के उज्जवल भविष्यकी नींव है। हम मिलकर बिहार को एक विकसित राज्य बनाएंगे, जहां हर युवा को अवसर मिले और हर घर में खुशहाली हो। अंत में मुख्यमंत्री ने कहाबिहार की जनता अब जाग चुकी है। वह जातिवाद, भ्रष्टाचार और भ्रम की राजनीति को नकार चुकी है। बिहार अब नए युग में प्रवेश कर रहा है विकास, सुशासन और समान अवसरों के युग में। हम सब मिलकर बिहार को उस ऊँचाई तक ले जाएंगे, जहां से हर भारतवासी गर्व से कह सके यह है नयाबिहार, विकास की मिसाल।
दिल्ली में डेंगू से दो मौतों पर आम आदमी पार्टी का BJP पर बड़ा हमला-अंकुश नारंग बोले, चारों इंजन फेल साबित हुए

डेंगू–मलेरिया के बढ़ते मामलों पर BJP शासित MCD को ठहराया जिम्मेदारदिल्ली में लगातार बढ़ रहे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों ने जनता की चिंता बढ़ा दी है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली नगर निगम में नेताप्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि दिल्ली में हुई डेंगू से दो मौतों के लिए पूरी तरह से भाजपा शासित एमसीडीजिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि भाजपा के चारों इंजन केंद्र सरकार, दिल्ली की एमसीडी, एलजी और दिल्ली पुलिस सभी प्रदूषण और मौसमी बीमारियोंपर काबू पाने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं। अंकुश नारंग ने बताया कि भाजपा एमसीडी द्वारा 6 अक्टूबर के बाद 3 नवंबर को जारी रिपोर्ट में खुलासा हुआकि दिल्ली में डेंगू के 300, मलेरिया के 200 और चिकनगुनिया के 60 नए मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में डेंगू से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है।उन्होंने कहा कि भाजपा ने अगर समय रहते एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल खत्म कराई होती, तो दिल्ली की यह स्थिति नहीं होती। तीन हफ्ते तक रिपोर्ट छिपाने का आरोपअंकुश नारंग ने कहा कि जिस तरह भाजपा सरकार ने प्रदूषण के आंकड़े छिपाए, उसी तरह अब डेंगू और मलेरिया के मामलों को भी छिपाया जा रहाहै। उन्होंने बताया कि एमसीडी ने तीन हफ्ते तक रिपोर्ट जारी नहीं की और 3 नवंबर को जो आंकड़े सामने आए, वे दिल्ली की सच्चाई बयान कर रहेहैं। यह पिछले पांच सालों में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, और भाजपा सरकार इससे जनता को अनजान रखना चाहती थी AAP शासन में चलाया जाता था जागरूकता अभियानअंकुश नारंग ने भाजपा शासन की तुलना आम आदमी पार्टी सरकार के समय से करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के समय हर साल 10 हफ्ते, 10 मिनट, 10 रविवार का अभियान चलाया जाता था। इस अभियान में दिल्लीवासियों को जागरूक किया जाता था कि घरों के आसपास पानीजमा न होने दें, पौधों के गमलों में जमा पानी हटाएं और टैंकों को ढककर रखें। इससे डेंगू के मामलों में भारी कमी आई थी। उन्होंने कहा कि भाजपासरकार और एमसीडी ने न तो कोई ऐसा अभियान चलाया और न ही जनता, आरडब्ल्यूए या मार्केट एसोसिएशन को इसमें शामिल किया। बिनाजागरूकता के लोग अपने आसपास मच्छरों से कैसे बचेंगे? उन्होंने सवाल उठाया। स्वास्थ्य व्यवस्था और तैयारी दोनों फेलAAP नेता ने कहा कि भाजपा के पास इन मौसमी बीमारियों को रोकने के लिए न कोई योजना है, न रणनीति और न ही कोई जागरूकता कार्यक्रम।उन्होंने कहा, डेंगू से दो मौतें हो चुकी हैं, लेकिन कई और मौतें और मामले दबाए जा रहे हैं। भाजपा सरकार ने दिल्ली की हालत प्रदूषण जैसी बना दीहै न प्रदूषण पर काबू पा रहे हैं, न बीमारियों पर। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और मेयर राजा इकबाल सिंह को अब जनता के सामने जवाब देनाचाहिए। जब जनता मर रही थी, तब मेयर अपने अहंकार में डूबे रहे। यह शर्मनाक है एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल बनी बड़ी वजहअंकुश नारंग ने यह भी कहा कि मेयर राजा इकबाल सिंह के अहंकार और असंवेदनशीलता के कारण एमटीएस कर्मचारी 33 दिनों तक हड़ताल पर रहे।इस दौरान न फॉगिंग हुई, न लार्वा चेकिंग। इसके कारण मलेरिया और डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ा। लोग मरते रहे, लेकिन मेयर के पास समाधाननिकालने के लिए 10 मिनट भी नहीं थे उन्होंने जोड़ा कि भाजपा शासित एमसीडी जनता की जान से खेल रही है और अब स्थिति हाथ से निकलती जारही है। दिल्ली के कई इलाकों में सफाई ठप है और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मेयर को नैतिकता के आधार पर देना चाहिए इस्तीफाअंकुश नारंग ने कहा कि मेयर राजा इकबाल सिंह को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में पांच सालों कासबसे ज्यादा डेंगू-मलेरिया का आंकड़ा दर्ज हुआ है, जो भाजपा की असफलता का प्रमाण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब भाजपा कम से कम स्थितिकी गंभीरता समझे और कोई ठोस कदम उठाए जागरूकता अभियान शुरू करे, एमसीडी को सक्रिय करे और जनता के साथ मिलकर इस संकट सेनिपटे। अंत में अंकुश नारंग ने कहा दिल्ली की जनता आज भाजपा की नाकामी का खामियाजा भुगत रही है। प्रदूषण और डेंगू-मलेरिया ने मिलकरलोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। भाजपा को अब बहाने नहीं, काम दिखाना होगा। दिल्ली को साफ, स्वस्थ और सुरक्षित बनाने के लिए जनताअब झूठ नहीं, जवाब मांग रही है।
दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी – मंत्री आशीष सूद

शहरी विकास मंत्री ने की एमसीडी अधिकारियों के साथ उच्च–स्तरीय समीक्षा बैठकदिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने आज दिल्ली सचिवालय में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदूषण नियंत्रणऔर साफ-सफाई व्यवस्था की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता को लेकरविस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राजधानी की साफ-सफाई और प्रदूषण नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता को बनाया जाएगा दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताबैठक में आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर को एक स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्तराजधानी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन करीब 14,000 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया जाता है, इसलिए जरूरी है किकचरे का पृथक्करण (सेग्रीगेशन) स्रोत पर ही किया जाए, ताकि उसका सही प्रबंधन और पुनर्चक्रण संभव हो सके। मंत्री ने एमसीडी अधिकारियों कोनिर्देश दिया कि कचरे के प्रबंधन में नई तकनीकों और मशीनों का प्रयोग प्रभावी ढंग से किया जाए और इनका असर ज़मीनी स्तर पर दिखना चाहिए। आधुनिक मशीनों से सफाई व्यवस्था में लाना होगा सुधारसूद ने कहा कि एमसीडी ने दिल्ली में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई आधुनिक मशीनें खरीदी हैं, जिनमें 28 स्मोक गन (Smoke Guns), 167 स्प्रिंकलर्स (Sprinklers) और 52 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें (Mechanical Road Sweeping Machines) शामिल हैं। मंत्री नेअधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सभी मशीनों का उपयोग नियमित और प्रभावी ढंग से किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तोकर्मचारियों से डबल शिफ्ट में काम लिया जाए ताकि प्रदूषण के स्तर में तेजी से कमी लाई जा सके। इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि सभी मशीनों कीरूट रीडिज़ाइनिंग (Route Re-designing) की जाए ताकि सफाई का दायरा बढ़े और किसी भी इलाके में कचरे का ढेर न रहे। कूड़े के पहाड़ों पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्देशआशीष सूद ने कहा कि गाजीपुर और भलस्वा जैसे लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) पर आग लगने की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। उन्होंने अधिकारियोंको निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष गाजीपुर साइट पर तीन बार आग लगी थी, जिसे रोकने के लिएठोस कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन साइट्स पर तैनात फायर मशीनों का उपयोग सही ढंग से किया जाए और उनकी नियमित जांच कीजाए। उन्होंने यह भी बताया कि वह स्वयं सोमवार को गाजीपुर और गुरुवार को भलस्वा लैंडफिल साइट का दौरा करेंगे और वहां किए जा रहे कार्यों कीसमीक्षा करेंगे। बायोमाइनिंग से मिल रहा है सकारात्मक परिणामबैठक में एमसीडी अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि वर्तमान में दिल्ली की तीनों प्रमुख डंप साइट्स भलस्वा, गाजीपुर और ओखला पर कचरे केनिस्तारण के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं। बरसात के मौसम को छोड़कर प्रतिदिन 20,000 से 25,000 टन कचरे की बायोमाइनिंग कीजा रही है, जबकि सितम्बर और अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 30,000 टन प्रतिदिन (TPD) तक पहुंच गया था। अधिकारियों ने बताया किओखला लैंडफिल साइट पर अब नया कचरा नहीं डाला जा रहा है, और अन्य साइट्स पर भी कचरे की मात्रा लगातार घटाई जा रही है। सूद ने इसप्रगति की सराहना की और कहा कि इन प्रयासों से दिल्ली को लैंडफिल-फ्री दिल्ली बनाने का सपना अब साकार होने की दिशा में है। वाहन प्रदूषण पर इंटरनेशनल सोलर एलायंस के साथ हुई चर्चामंत्री आशीष सूद ने इंटरनेशनल सोलर एलायंस (International Solar Alliance) के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की और दिल्ली में वाहनों सेफैलने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का बड़ा कारण है, इसलिए तकनीकी और सौर ऊर्जा आधारित समाधानों पर जोर दिया जाएगा। सभी सफाई मशीनों में लगाया जाएगा जीपीएस सिस्टममंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिल्ली की सड़कों पर सफाई और धूल नियंत्रण में लगी सभी मशीनों में जीपीएस सिस्टम (GPS System) लगाया जाए। यदि कहीं मशीनों में जीपीएस पहले से लगा है तो उसकी कार्यक्षमता की जांच की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मशीनेंसही स्थानों पर उपयोग की जा रही हैं और उनका संचालन पारदर्शी हो। प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता यही दिल्ली सरकार की नीतिसूद ने कहा कि दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है कि शहर में पर्यावरण संरक्षण के हर प्रयास में प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और नागरिक सहभागिता कोकेंद्र में रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और स्वच्छता केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि जनता के सहयोग से ही संभव हैं।मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार और एमसीडी मिलकर राजधानी को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंनेकहा कि बायोमाइनिंग और जनसहभागिता के ज़रिए दिल्ली जल्द ही लैंडफिल-फ्री और क्लीन सिटी बनने की दिशा में आगे बढ़ेगी। आशीष सूद का संकल्प स्वच्छ और हरित दिल्ली का निर्माणअंत में आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प है कि आने वाले वर्षों में राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण रहित बनाया जाएगा।उन्होंने कहा कि साफ-सफाई, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को मिलाकर ही एक बेहतर और स्वस्थ दिल्ली का निर्माण संभव है। उन्होंनेकहा हमारा लक्ष्य केवल आज की दिल्ली को नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सांस लेने योग्य दिल्ली छोड़ना है।