डी-सिल्टिंग घोटाले पर आम आदमी पार्टी का बड़ा हमला — बीजेपी अफसरों की जांच की माँग

दिल्ली के मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने डी-सिल्टिंग के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टीऔर उनके पसंदीदा अफसरों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिल्ली उच्च न्यायालय और सरकार दोनों ने डी-सिल्टिंग केकार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने का स्पष्ट आदेश दिया था, फिर भी यह ऑडिट नहीं कराया गया।सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि बीजेपी के चहेते अधिकारी और पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार ने जानबूझकर ऑडिट नहीं कराया क्योंकि इस काममें बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ था। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चाहिए कि वह तत्काल इस पूरे मामले की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा(एसीबी) से निष्पक्ष जांच कराएं और नरेश कुमार से यह पूछें कि आदेश के बावजूद ऑडिट क्यों नहीं कराया गया। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि उन्होंनेबीते वर्ष ही मुख्य सचिव को पत्र लिखकर डी-सिल्टिंग के कार्यों और उसकी गुणवत्ता पर संदेह जताया था। इसके बावजूद सरकार ने चुप्पी साधे रखीऔर अब जबकि जलभराव की स्थिति गंभीर है, तब भी ऑडिट की कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने यहसवाल बीजेपी सरकार से पूछा तो दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने उल्टे उनसे ही सवाल किया कि पिछली बार ऑडिट क्यों नहीं हुआ। इसपर भारद्वाज ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की और सरकार से दोबारा माँग की कि वह जांच कराएं कि ऑडिट को किसने और क्यों रोका।सौरभ भारद्वाज ने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें सरकारी धन कादुरुपयोग हुआ है और जनता को गंदे नालों व जलभराव की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।इसके साथ ही सौरभ भारद्वाज ने एक अन्य मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतकी अर्थव्यवस्था को “मरी हुई अर्थव्यवस्था” कहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि अब प्रधानमंत्री और उनके समर्थक क्या कहेंगे? क्या अब भी यहकहा जाएगा कि ना कोई आया है, ना कोई घुसा है? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब सरकार को जवाब देना होगा। देश की साख और दिल्ली की व्यवस्था दोनों ही सवालों के घेरे में हैं। समय आ गया हैकि सरकार और अफसरशाही जनता के प्रति जवाबदेह बने।सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि डी-सिल्टिंग के नाम पर जनता के साथ विश्वासघात हुआ है और इसकी जाँच किसी भी कीमत पर होनीचाहिए। यदि सरकार ने कुछ नहीं छुपाया है, तो वह ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करे और दोषियों को सजा दिलाए।
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने की मांग पीएम मोदी संसद में ट्रम्प के बयानों की करें कड़ी निंदा, भारत की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई यह मांगपूरी तरह जायज है कि वह संसद में खड़े होकर डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया दावों की साफ़ और सशक्त निंदा करें, ताकि भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र औरराजनीतिक आत्मविश्वास की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट तस्वीर पेश हो सके. यह भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता परविदेशी नेताओं द्वारा की गई कोई भी टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि हमारे राष्ट्रीय सम्मान के खिलाफ़ सीधा हमला है. ऐसे में प्रधानमंत्री कीचुप्पी आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है. क्या प्रधानमंत्री मोदी भारत की संप्रभुता पर सवाल उठाने वाले बयानों पर मौन रहेंगे?–क्या ‘मां भारती’ की गरिमा केवल चुनावी भाषणों तकसीमित है?यह राष्ट्रहित और संवैधानिक गरिमा का प्रश्न है. ऐसे समय में समूचे राजनीतिक नेतृत्व को एकजुट होकर यह संदेश देना चाहिए कि भारत किसी भीबाहरी प्रभाव या दखल को बर्दाश्त नहीं करेगा. लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह जी की प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे इस विषय पर तत्काल संसद मेंबयान दें और ट्रम्प के बयानों की कड़ी भर्त्सना करें. यह मांग वर्तमान में कांग्रेस नेतृत्व और कई विपक्षी दलों द्वारा भी बलपूर्वक दोहराई जा रही है. राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह ट्रम्प के दावों को साफ़ नकारने में नाकाम रही, और प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि यदि ट्रम्प केदावे झूठे हैं. सवैधानिक जवाबदेही का बताया प्रश्नतो वह उन्हें सार्वजनिक रूप से झूठा (liar) कहें लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने इसे भारत की राष्ट्रीय गरिमा, लोकतांत्रिक सिद्धांत, और संवैधानिकजवाबदेही का प्रश्न बताया है, और यह मांग की है कि सरकार मौन न रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने Operation Sindoor के संदर्भ में स्पष्ट किया कि यहभारत की स्वतंत्र निर्णय प्रक्रिया के अंतर्गत शुरू और अंत किया गया संचालन था. उन्होंने विशेष रूप से कहा कि “कोई बाहरी नेता, शासन या दबावनहीं था जो भारत को रुकने के लिए कहे”, और ट्रम्प के दावों का खंडन किया गया है. उन्होंने संसद में उल्लेख किया कि लगभग 1,000 पाकिस्तानीमिसाइल/ड्रोन (May 9 को) भारत द्वारा इंटरसेप्ट किए गए और भारत ने किसी भी विदेशी दबाव के बिना अपनी कार्रवाई जारी रखी.
बारिश में डूबी दिल्ली, भाजपा की नाकामी उजागर – अंकुश नारंग ने महापौर को लिखा पत्र

दिल्ली में हो रही मामूली बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। जगह-जगह हो रहे जलभराव से जनता परेशान है, सड़कों पर पानीभर गया है और गलियां तालाब बन गई हैं। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने इस स्थिति परकड़ा संज्ञान लेते हुए भाजपा के महापौर राजा इकबाल सिंह को एक पत्र लिखा है। अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की बारिश में भाजपा के चारों इंजन – केंद्र सरकार, राज्यपाल, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस – सभी डूब गएहैं। उन्होंने इस पूरे हालात के लिए नगर निगम और भाजपा सरकार की लापरवाही और अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया। जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल – जनता बेहालपत्र में अंकुश नारंग ने लिखा कि दिल्ली में हुई कुछ घंटे की बारिश के बाद सदर बाजार, आईटीओ, करोलबाग, पटपड़गंज, मुंडका, शालीमार बाग, मोतीबाग जैसे इलाकों में पानी भर गया। उन्होंने कहा कि सड़कों ने नदियों का रूप ले लिया है और गलियां छोटे-छोटे तालाब बन चुकी हैं। इस कारणलोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कहीं गाड़ियां बंद हो रही हैं, तो कहीं लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि यह सब नगर निगम की तैयारियों की कमी और ड्रेनेज व्यवस्था की बदहाली का परिणाम है। हर साल मानसून में ऐसी हालत होती है, लेकिन भाजपा सरकार हर बार सिर्फ दिखावे की सफाई कर जनता को भ्रमित करती है। इस बार भी गाद सफाई का दावा किया गया, लेकिन हकीकतमें नाले जाम ही रहे। तत्काल राहत और दीर्घकालिक समाधान की मांगअंकुश नारंग ने महापौर से मांग की है कि जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य चलाए जाएं, ड्रेनेज सिस्टम की समुचित सफाई और मरम्मतकी जाए, और जिन लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, उन्हें आवश्यक सहायता और मुआवजा दिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि दीर्घकालिकसमाधान के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए जो नगर के जल निकासी ढांचे में सुधार के लिए ठोस योजना बनाए। विरोध प्रदर्शन कर पार्षदों ने जताई नाराजगीइस गंभीर स्थिति को लेकर आज आम आदमी पार्टी के सभी पार्षदों ने सिविक सेंटर स्थित भाजपा महापौर कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शनकिया। पार्षदों ने हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा पर निशाना साधा और दिल्ली को जलमुक्त करने की ठोस योजना की मांग की। यह समय जनसेवाका है, राजनीति का नहीं नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने अपने पत्र में लिखा, यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है। जनता पीड़ा में है और उसे राहत कीआवश्यकता है। महापौर से मेरा आग्रह है कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस समस्या का समाधान करें। जनता की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जासकती।
भ्रष्टाचार की दलदल में धंसी दिल्ली की डी-सिल्टिंग व्यवस्था – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार की डी-सिल्टिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदिकरोड़ों रुपये गाद सफाई (डी-सिल्टिंग) पर खर्च किए गए, तो बारिश की थोड़ी-सी बूँदों में ही राजधानी क्यों डूब गई? पार्टी मुख्यालय में आयोजितप्रेस वार्ता में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वर्ष 2024 में दिल्ली में लगभग 288 मिमी वर्षा हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 100 मिमी से भी कमबारिश हुई है, फिर भी दिल्ली जलमग्न हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित दिल्ली सरकार ने मानसून से पहले बड़े-बड़े दावे किए थे कि जलभराव से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है, लेकिन थोड़ी-सी बारिश ने ही इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी। उन्होंने बताया कि आईटीओ, जखीरा, राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पास का क्षेत्र, अम्बेडकर स्टेडियम, प्रवेश वर्मा के घर के पास की मार्किट और कपिल मिश्रा के घर के सामनेवाली सड़क समेत कई मुख्य स्थान जल भराव से प्रभावित हुए। यहाँ तक कि कनॉट प्लेस जैसे क्षेत्र, जिसे दिल्ली का दिल कहा जाता है, वहां भीदुकानों के भीतर तक पानी भर गया। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्लीवासियों ने पहली बार कनॉट प्लेस को इस हालत में देखा है। गाद सफाई में भारी भ्रष्टाचार की आशंकासौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार के अनुसार करोड़ों रुपये गाद सफाई के कार्य पर खर्च किए गए हैं, लेकिन फिर भी जल भराव की समस्याक्यों बनी हुई है? इसके दो ही कारण हो सकते हैं,या तो सरकार के दावे पूरी तरह से झूठे हैं या फिर गाद सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटालाहुआ है। उन्होंने दिल्ली सरकार से यह मांग की कि गाद सफाई के कार्यों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और उसकी रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहाकि यदि सरकार ने ईमानदारी से काम किया है, तो रिपोर्ट छिपाने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उच्च न्यायालय की टिप्पणी और सरकार की जवाबदेहीसौरभ भारद्वाज ने उच्च न्यायालय के उस आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि गाद सफाई केवल कागजों पर होती है और इसमें भारीभ्रष्टाचार होता है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दिल्ली सरकार के सभी विभागों द्वारा किए गए गाद सफाई कार्यों की किसी स्वतंत्र संस्था सेतीसरे पक्ष द्वारा जांच कराई जाए।उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछा कि क्या उनके नेतृत्व में डी-सिल्टिंग की स्वतंत्र जांच कराईगई? यदि हाँ, तो वह रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? मिंटो ब्रिज और कनॉट प्लेस का हालसौरभ भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने मिंटो ब्रिज को जैसे एक स्वतंत्र राज्य बना दिया है, जहां मुख्यमंत्री की भूमिका रेखा गुप्ता निभा रहीहैं और सार्वजनिक निर्माण मंत्री का कार्य प्रवेश वर्मा कर रहे हैं। सरकार मिंटो ब्रिज को बचाने में ही लगी रही और इसी कारण दिल्ली के अन्य क्षेत्रडूबते चले गए। आम आदमी पार्टी का यह सीधा आरोप है कि दिल्ली में गाद सफाई के नाम पर भारी भ्रष्टाचार हुआ है और अब सरकार इससे बचने की कोशिश कररही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है तो वह डी-सिल्टिंग की पूरी रिपोर्ट तुरंत जनता के सामने लाए।उन्होंने अंत में कहा कि दिल्ली की जनता को हर वर्ष इसी जल भराव की परेशानी से जूझना पड़ता है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल खोखले दावेकिए जाते हैं। अब समय आ गया है कि जवाबदेही तय हो और जनता को सच्चाई बताई जाए।
पंजाब में बदली सरकारी स्कूलों की तस्वीर – हरजोत सिंह बैंस

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव हुआहै। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले पार्टी ने लोगों से वादा किया था कि सरकारी स्कूलों की हालत सुधारी जाएगी और वादे के अनुसार काम भीकिया गया।हरजोत बैंस ने बताया कि आज पंजाब के सरकारी स्कूलों में बेंच, साफ-सुथरे शौचालय, चारदीवारी, वाई-फाई और सुरक्षा गार्ड तक की सुविधाउपलब्ध है। पहले जहां बच्चों को ज़मीन पर बैठकर पढ़ना पड़ता था, अब वहां उन्हें सम्मान और सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों औरस्कूल प्रमुखों को देश और विदेश के प्रसिद्ध संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया ताकि वे आधुनिक ढंग से बच्चों को पढ़ा सकें। इसका असर यहहुआ कि अब पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग की बड़ी परीक्षाएं पास कर रहे हैं। यह बदलाव तभी संभव हुआ जब हमनेशिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि अगर बाकी राज्यों की सरकारें भी यही मॉडल अपनाएं तो पूरे देश में सरकारी स्कूलनिजी स्कूलों से बेहतर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी जहां सरकार में होती है, वहां शिक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होता।
आम आदमी पार्टी देती है सुविधाएं, बीजेपी करती है नफरत की राजनीति – संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद श्री संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमीपार्टी जनता के लिए काम करती है, जबकि भाजपा की राजनीति केवल नफरत फैलाने और ध्यान भटकाने तक सीमित रह गई है। संजय सिंह ने कहाकि जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है, तो जनता को मुफ्त बिजली, पानी, इलाज और अच्छी शिक्षा मिलती है। दिल्ली और पंजाब में इसकेउदाहरण देखे जा सकते हैं। हमने सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाया है, अस्पतालों की हालत सुधारी है और हर नागरिक को सम्मान के साथसुविधाएं दी हैं। इसके विपरीत उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें सरकारी स्कूलों को बंद कर रही हैं, मिड डे मील जैसी योजनाओं को नज़रअंदाज़ कर रही हैं और बच्चोंको किताबें और बिजली तक नहीं दे पा रही हैं। बीजेपी के राज में सफाई कर्मचारियों को तनख्वाह तक समय पर नहीं मिल रही, उपकरणों के लिएपैसे नहीं हैं, तो सफाई कहां से होगी? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति का मकसद सिर्फ़ लोगों को जाति-धर्म के नाम पर लड़ाना है। इन्हें न शिक्षा की चिंता है, न स्वास्थ्य कीऔर न ही गरीबों के कल्याण की। संजय सिंह ने कहा,हम बच्चों को कलम देना चाहते हैं, ये लोग तलवारें देना चाहते हैं। हम स्कूल बनाना चाहते हैं, येलोग बंद करना चाहते हैं। यही फर्क है आम आदमी पार्टी और भाजपा में।
शिक्षा को नज़रअंदाज़ कर देश को पीछे ले जा रही है सरकार – मनीष सिसोदिया

देश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने भारत की शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहाकि आज जब दुनिया भर के देश अपने बच्चों को विज्ञान, गणित और तकनीकी ज्ञान में आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं, तब हमारे देश मेंबच्चों को केवल आधारभूत और पुरानी चीज़ें ही सिखाई जा रही हैं। सिसोदिया ने कहा कि विकसित देश आज स्कूल स्तर से ही बच्चों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन आधारित ज्ञान, रोबोट निर्माण और सॉफ्टवेयर विकासजैसे आधुनिक विषयों की शिक्षा दे रहे हैं। इसके विपरीत हमारे देश में अभी तक बच्चों को फटी हुई चटाइयों पर बैठाकर पेंट और कॉपी-पेस्ट करनासिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में आज भी कई स्कूल ऐसे हैं जहां पक्की छत नहीं है, शौचालय नहीं हैं, और बिजली-पानी की सुविधा तकनहीं है। बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पा रहा है और शिक्षक भी कम हैं। यह हाल तब है जब देश में लाखों करोड़ रुपये का बजट पास किया जाताहै।सिसोदिया ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा को लेकर जो नई शिक्षा नीति बनाई गई थी, उसमें कहा गया था कि सरकार देश की कुल आय का छहप्रतिशत शिक्षा पर खर्च करेगी, लेकिन वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार दो प्रतिशत से भी कम खर्च कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिरइस देश के बच्चों का भविष्य किसके भरोसे छोड़ा गया है? जब शिक्षा की बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं होंगी तो देश कैसे आगे बढ़ेगा? उन्होंने कहा, बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही दलों की सरकारों ने शिक्षा को कभी प्राथमिकता नहीं दी। ये लोग बस इतिहास बदलने और नफरत फैलाने की राजनीतिकरते हैं।
चुनाव के बाद बदल जाते हैं भाजपा के बोल लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का बड़ा बयान

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा की देशभक्ति सिर्फ़चुनावों तक ही सीमित होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता चुनाव के समय देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते हीसबकुछ भूल जाते हैं। सुनील सिंह ने कहा कि भाजपा के नेता जनता को सिर्फ़ भावनाओं में बहाकर वोट लेना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि एक तरफदेश के गृहमंत्री कहते हैं कि हम POK के लिए जान दे देंगे, दूसरी तरफ राज्य के मुख्यमंत्री चुनाव के समय कहते हैं कि 6 महीने में POK भारत काहिस्सा बन जाएगा। लेकिन अब जब चुनाव बीत गए हैं तो देश के रक्षा मंत्री संसद में खड़े होकर कह रहे हैं कि हमारा उद्देश्य POK को लेना था हीनहीं। लोकदल अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्या ये देश से और देश के लोगों से धोखा नहीं है? क्या यह उन जवानों का अपमान नहीं है जिन्होंने अपनी जानदेश के लिए कुर्बान की? उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए देशभक्ति अब सिर्फ़ एक चुनावी नारा बनकर रह गई है। पहले जनता को भावुक करो, फिरवोट लो और चुनाव जीतने के बाद अपने वादों से मुकर जाओ। यही भाजपा का असली चेहरा है।सुनील सिंह ने कहा, भाजपा हर चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा और कश्मीर जैसे गंभीर मुद्दों को उठाकर लोगों की भावनाएं भड़काती है, लेकिन सच्चाई यह हैकि यह सब सिर्फ़ दिखावा है। इनकी कथनी और करनी में बहुत फर्क है। उन्होंने देश की जनता से अपील की कि भाजपा के झूठे वादों और दिखावटीदेशभक्ति से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब लोग सच्चे राष्ट्रभक्तों को पहचानें और उन्हें ही अपना समर्थन दें जो वादे करकेउन्हें निभाते भी हैं। अंत में सुनील सिंह ने यह भी कहा कि देशभक्ति कोई मंच से बोली जाने वाली बात नहीं होती, बल्कि उसे अपने कामों से साबित करना पड़ता है। जोनेता सिर्फ़ बोलते हैं और कुछ करते नहीं, ऐसे नेताओं से देश को कोई फायदा नहीं होने वाला।
कांग्रेस का वादा झुग्गीवासियों को नहीं होने देंगे बेघर – देवेंद्र यादव

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आज दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी झुग्गीवासियों केसाथ खड़ी है और उनका पूरा साथ दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीबों के घर तोड़ने के खिलाफ है और उनकी बसाहट के लिए हरस्तर पर लड़ाई लड़ेगी। देवेंद्र यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार झुग्गीवासियों के घरों पर बुलडोजर चला रही है। हज़ारों गरीबों को उनके घरों से उजाड़ा जारहा है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सड़क पर ला दिया गया है। लेकिन दुख की बात यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अबतक इन लोगों से मिलने की भी कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर किसी नेता ने झुग्गीवासियों का दर्द समझा है, तो वह सिर्फ कांग्रेस के नेता श्रीराहुल गांधी हैं। राहुल गांधी खुद झुग्गियों में गए, लोगों से मिले, उनका दुख-दर्द जाना और हर मंच पर उनकी बात रखी।इस प्रेस वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। इनमें दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा, संचार विभाग के अध्यक्ष अनिलभारद्वाज, पूर्व मंत्री डॉ. नरेश कुमार, पूर्व विधायक हरीश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील, जगजीवन शर्मा और अनुज अत्रेय जैसे नेता शामिल थे।देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर उस गरीब के साथ है जिसे बेघर किया जा रहा है। हम उनकी लड़ाई सड़कों पर भी लड़ेंगे और विधानसभा मेंभी। कांग्रेस का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब बिना छत के न रहे। उन्होंने कहा, हम घर उजाड़ने वाली नहीं, घर बसाने वाली पार्टी हैं। जब तक हर गरीबको छत नहीं मिलती, तब तक कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। कांग्रेस का संदेश साफ है – गरीबों को डरने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के तहत भारत को रेलवे डिब्बे इंजन और प्रणालियों का प्रमुख निर्यातक बताया

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से बोगियों, डिब्बों, इंजन एवं संचालक प्रणालियों का प्रमुख निर्यातक बनकर उभररहा है. यह सब ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ दृष्टिकोण के तहत हो रहा है मंत्री ने वडोदरा के सावली में अल्स्टॉम के संयंत्र का दौरा किया, जोभारत में रेलवे के संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्र है. उन्होंने बताया कि भारत में बने मेट्रो कोच ऑस्ट्रेलिया और कनाडा को निर्यात किएगए हैं. जबकि बोगी यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया भेजी गई हैं। भारत में निर्मित प्रोपल्शन सिस्टम फ्रांस, मैक्सिको, रोमानिया, स्पेन, जर्मनी और इटली को सप्लाई किए गए हैं. उन्होंने बताया कि भारत में बने मेट्रो डिब्बे ऑस्ट्रेलिया और कनाडा को निर्यात किए गए हैं, जबकि बोगियां ब्रिटेन, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को भेजी गई हैं। भारत में निर्मित प्रेरक प्रणाली (प्रोपल्शन सिस्टम) की फ्रांस, मैक्सिको, रोमानिया, स्पेन, जर्मनी और इटली को आपूर्ति की गई है. इसी तरह भारत में बने यात्री डिब्बे और स्वचलित इंजन (लोकोमोटिव) मोजाम्बिक, बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्यात किए गए हैं. वैष्णव ने कहा किरेल घटकों का कई देशों को निर्यात भारत में रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है. मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय इंजीनियर और कर्मचारी अबअंतरराष्ट्रीय मानकों में दक्षता हासिल कर रहे हैं, जिसे उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ मिशन की बड़ी कामयाबी बताया उन्होंने अल्स्टॉम की सराहना करते हुएकहा कि वह हर ऑर्डर का खास तरीके से समाधान करता है, जिसे भारतीय रेलवे भी अपना सकता है साथ ही उन्होंने गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथमिलकर एक संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा. मंत्री ने सुझाव दिया कि सभी उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधक अल्स्टॉम कीसावली इकाई में जाकर प्रशिक्षण लें और वहां का कामकाजी अनुभव हासिल करें. दक्षता कर रहे है हासिलचर्चा के दौरान यह विचार भी आया कि सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से रखरखाव का ऐसा तरीका अपनाया जाए, जिससे किसीखराबी का पहले ही पता चल सके. सावली इकाई में अत्याधुनिक अत्याधुनिक दैनिक यात्री ट्रेन (कम्यूटर) और शहरी परिवहन ट्रेन (ट्रांजिट) डिब्बों काउत्पादन किया जा रहा है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहलों के लिए पूरी तरह समर्पित है। यहां भारत के 3,400 से ज्याादाइंजीनियर दुनियाभर की 21 अल्सटॉम इकाइयों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉरद वर्ल्ड’ दृष्टिकोण के तहत बोगियों, डिब्बों, इंजनों और संचालक प्रणालियों का एक प्रमुख निर्यातक बनकर उभर रहा है. उन्होंने बताया कि इनकानिर्यात ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन, सऊदी अरब जैसे देशों में किया गया है. इससे भारत में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और इंजीनियरअंतरराष्ट्रीय मानकों में दक्षता हासिल कर रहे हैं.