दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर भारत ने दी श्रद्धांजलि, उत्तराधिकारी चयन पर चीन को सधी चेतावनी-“चीन की टिप्पणी पर भारत का संयमित जवाब”

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि ‘परम पावन दलाई लामा, तय परंपराओं और रूढ़ियों के तहत जो भी फैसला करेंगे. हम उसका पूरी तरह से पालन करेंगे और दलाई लामा की तरफ से दिए गए निर्देशों का पालनकरेंगे. रिजिजू ने दलाई लामा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘आपकी पवित्रता, एक आध्यात्मिक नेता से कहीं बढ़कर हैं. आप प्राचीन ज्ञान औरआधुनिक दुनिया के बीच एक जीवंत सेतु हैं. हम अपने देश में आपकी उपस्थिति से धन्य महसूस करते हैं जिसे आप अपनी ‘आर्यभूमि’ मानते हैं. उत्तराधिकारी के नाम पर किया जा रहा विचारगौरतलब है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी के नाम पर विचार किया जा रहा है. इसे लेकर चीन ने बयान जारी कर कहा कि दलाई लामा केउत्तराधिकारी को चीन की सरकार की मंजूरी लेनी होगी. चीनी नियमों कानूनों के साथ धार्मिक अनुष्ठानों और ऐतिहासिक परंपराओं का भी पालन करनाहोगा. इस पर दलाई लामा ने 2 जुलाई को हिमाचल प्रदेश में एक बयान में कहा कि उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का एकमात्र अधिकारतिब्बती धर्मगुरुओं के पास है. दलाई लामा ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि किसी को भी इस मामले में हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है. इसके बादकिरेन रिजिजू ने 3 जुलाई को एक बयान में कहा कि दलाई लामा को अपना उत्तराधिकारी चुनने का अधिकार होना चाहिए. रिजिजू के इस बयान परचीन ने नाराजगी जताई थी. चीन ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर भारत को सावधानी बरतनी चाहिए. इस मामले मेंभारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार आस्था और धार्मिक प्रथाओं से जुड़े मामलों पर न तो कोई रुख अपनाती है और न ही बोलती है. आगे भी ऐसा करती रहेगी. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर किया पोस्टप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने लिखाकि 1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं परम पूज्य दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. वे प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासनके प्रतीक हैं. धर्मशाला के मैक्लोडगंज के चुगलाखंग बौद्ध मठ में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जारहा है. जिसमें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राजीव रंजन, अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू, मशहूर हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेरे आदि गणमान्य लोगमौजूद हैं.चीन ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर भारत को सावधानी बरतनी चाहिए।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोहराया कि भारतका रुख पूरी तरह से धार्मिक स्वतंत्रता और विश्वास की स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर आधारित है. भारत में दलाई लामा का सम्मान एक धार्मिक औरसांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. चीन की टिप्पणी को लेकर भारत की राजनयिक शांति और परिपक्वता ने फिर यह दर्शाया है कि भारत धार्मिकस्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता का पक्षधर है और रहेगा इस अवसर पर प्रेम, करुणा, धैर्य और नैतिक अनुशासन के प्रतीक माने जाने वाले दलाईलामा को श्रद्धांजलि दी गई.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर बच्चों ने पेंटिंग बनाकर दी श्रद्धांजलि, पीएम मोदी ने कहा मां भारती को गौरवान्वित करने वाले थे “महामानव”

भारत के महान राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर परप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. वहीं बच्चों ने भी इस दिन को खास बनाते हुएपेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने अंदाज़ में उन्हें याद किया. मातृभूमि के लिए उनका समर्पण और त्याग देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ था. उनके पिता अशुतोष मुखर्जी जो कलकत्ता उच्च न्यायालय केन्यायाधीश और कलकत्ता विश्वविद्यालय के उपकुलपति थे.उन्हें उच्च शिक्षा की ओर प्रेरित किया डॉ. मुखर्जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भवानिपुर केमित्रा इंस्टीट्यूशन से प्राप्त की और बाद में प्रेसीडेंसी कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. कांग्रेस से जुड़कर रखा राजनीति में कदमउन्होंने इंग्लैंड से एम.ए. और फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की. डॉ. मुखर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़कर राजनीति मेंकदम रखा. स्वतंत्रता संग्राम में उनकी सक्रिय भागीदारी रही. 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्हें भारत सरकार में उद्योग मंत्री बनाया गया. लेकिनजम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे के खिलाफ उनके विचारों के कारण उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंघ कीस्थापना की जो आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पूर्ववर्ती संगठन है. डॉ. मुखर्जी का सबसे महत्वपूर्ण योगदान जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे केखिलाफ उनके संघर्ष में था. उन्होंने “एक देश में दो विधान दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का नारा दिया। 1953 में, बिना अनुमति के जम्मूऔर कश्मीर में प्रवेश करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 23 जून 1953 को उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई. उनकी शहादत नेपूरे देश को झकझोर दिया और कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए. बच्चों ने याद कर बनाई पैंटिंगप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा उन्होंने देश की अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए अतुलनीय साहस औरपुरुषार्थ का परिचय दिया. राष्ट्र निर्माण में उनका अमूल्य योगदान हमेशा श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा.भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखी. उनका जीवन देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित था. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किएजाते हैं. उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. उनकी याद में कई संस्थानों और सड़कों का नामकरण किया गया है जैसेदिल्ली में ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग’ और कोलकाता में ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड’डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन देश की एकता, अखंडता औरसांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है. उनका योगदान भारतीय राजनीति और समाज में सदैव याद रखा जाएगा. उनकी जयंती पर हमउन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं. बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई और पेंटिंग्स की प्रदर्शनी लगाईगई विजेताओं का नाम घोषणा के बाद सम्मानित किया गया और सहभागियों को प्रोत्साहन प्रमाणपत्र दिए गए. कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने यहसंकल्प लिया कि वे राष्ट्रप्रेम और एकता के मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे.यह कार्यक्रम न केवल श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती का सांस्कृतिक प्रतीक बनगया. बल्कि आने वाली पीढ़ी को राष्ट्रभक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरक क़दम भी सिद्ध हुआ. उम्मीद है कि इस तरह के आयोजन और भी जगहों परप्रेरणादायक बदलाव लाएँगे.
एमसीडी में लोकतंत्र पर हमला : कमेटियों के गठन से पीछे हटी भाजपा, आम आदमी पार्टी का आरोप

दिल्ली नगर निगम में विशेष (स्पेशल) और तदर्थ (एडहॉक) कमेटियों के गठन को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी नेमेयर राजा इकबाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा जनहित के मुद्दों से भाग रही है और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। पार्टी केनेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने प्रेस वार्ता कर कहा कि भाजपा केवल सत्ता का सुख चाहती है, उसे दिल्ली की जनता की कोईपरवाह नहीं है।उन्होंने कहा कि विशेष और एडहॉक कमेटियों के चुनाव के लिए 3 जुलाई तक नामांकन की प्रक्रिया चलनी थी, लेकिन मेयर नेअचानक 2 जुलाई को पत्र संख्या 358/MS/MCD/2025 के ज़रिए चुनाव को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया। यह निर्णय दर्शाता है कि मेयरसिर्फ एमसीडी की पूरी शक्तियां अपने पास रखना चाहते हैं और किसी अन्य जनप्रतिनिधि को अधिकार देना नहीं चाहते। अंकुश नारंग ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, जब ‘आप’ सरकार थी तब भी भाजपा ने कमेटियों का गठन नहीं होने दिया, और अब जब वेसत्ता में हैं तब भी वही नीति अपना रहे हैं। भाजपा कभी नहीं चाहती कि दिल्ली की जनता के कार्य सुचारू रूप से हों। उन्हें न तो हाउस चलाना आता हैऔर न ही लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना। उन्होंने याद दिलाया कि स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव के समय भी भाजपा ने वही रवैया अपनाया था।हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद भाजपा नेताओं ने हंगामा किया, निगम पार्षद पूरी रात चुनाव की प्रतीक्षा करते रह गए लेकिन चुनाव नहीं हो सका।इस दौरान भाजपा ने एक बार फिर लोकतांत्रिक मूल्यों की अवहेलना की थी। अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर भी इस एकतरफा फैसले को लेकर नाराज़गी है। उन्होंने कहा, सूत्रों के मुताबिक भाजपा के कईपार्षदों ने भी इस बात पर असहमति जताई है कि मेयर राजा इकबाल सिंह सारी शक्तियां अपने पास रखना चाहते हैं और सबको दरकिनार कर रहे हैं।ऐसी मानसिकता लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब मेयर का चुनाव होना था, उस समय भी भाजपा ने बाधा डाली थी। यहां तक कि वर्तमान मुख्यमंत्री और उससमय की निगम पार्षद रेखा गुप्ता माइक तोड़ती हुई नजर आईं थीं और खुलेआम कहा था कि मेयर का चुनाव नहीं होने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने अंत में मांग की कि स्पेशल और एडहॉक कमेटियों का गठन पारदर्शी तरीके से तत्काल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मेयरराजा इकबाल सिंह सत्ता के लालच से ऊपर नहीं उठ सकते तो उन्हें किसी भी कमेटी का चेयरमैन नहीं बनाया जाना चाहिए। आम आदमी पार्टी का यह आरोप केवल सत्ता संघर्ष नहीं बल्कि दिल्ली की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के हितों से जुड़ा बड़ा सवाल है। अगरनिगम में कमेटियों का गठन नहीं होगा, तो नीतियां कैसे बनेंगी और जनहित के काम कैसे होंगे — यह प्रश्न अब दिल्लीवासियों के सामने है
जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रतीक राम विलास पासवान जी की 79वीं जयंती पर श्रद्धांजलि

आज 5 जुलाई को देश एक ऐसे जननायक को याद कर रहा है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, दलितों और वंचितों की आवाज़ बनने में समर्पित करदिया। यह दिन है लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण सम्मानित स्वर्गीय राम विलास पासवान जी की 79वीं जयंतीका। बिहार के खगड़िया ज़िले की धरती पर जन्मे राम विलास पासवान जी बचपन से ही अन्याय और भेदभाव के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले एक निर्भीकव्यक्तित्व थे। उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम माना और हमेशा उस रास्ते पर चले जहाँ समाज के सबसे पिछड़े, सबसे कमजोर व्यक्ति की पीड़ाको सुना जाए। वे कई बार संसद के सदस्य रहे और देश के अनेक महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाई। चाहे उपभोक्ता हितों की बात हो, सामाजिक न्याय की लड़ाई हो या दलितों के अधिकार — हर मोर्चे पर उन्होंने मजबूती से अपनी भूमिका निभाई। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और जनसमर्पण का प्रतीक था। उन्होंने कभी पद या प्रतिष्ठा की राजनीति नहीं की, बल्कि जनता की भलाई को हीअपना लक्ष्य बनाया। वे हमेशा कहते थे, राजनीति का असली मकसद केवल सत्ता नहीं, सेवा है। आज उनकी जयंती पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए जा रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठनेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उनके पुत्र चिराग पासवान जी सहित अनेक नेताओं ने भी भावभीनीश्रद्धांजलि दी। गोष्ठियाँ, विचार-विमर्श, सेवा कार्य और जनकल्याण के कार्यक्रमों के माध्यम से आज देश उन्हें याद कर रहा है। राम विलास पासवान जी भले ही आजहमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और समर्पण भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। उनकी 79वीं जयंती पर हम सभी उन्हें कोटिश: नमन करते हैं और यह संकल्प लेते हैं कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने की दिशा में निरंतर आगेबढ़ेंगे।
मतदाता सत्यापन में बीएलए की धीमी तैनाती से चुनावी तैयारी पर सवाल, जनसुराज सहित कई पार्टियां हुई सूची से बाहर

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य तेजी से चल रहा है 26 जुलाई को इसकी अंतिम तिथि है इससे पहले से ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों केप्रतिनिधियों के साथ लगातार जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा बैठक कर उन्हें बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) नामित करते हुए सूची देने को कहा जा रहाहै लेकिन अब तक कई पार्टियां ऐसी हैं जो चुनाव में दमखम दिखाने के लिए तो तैयार हैं. लेकिन अब तक एक भी बीएलए की तैनाती की और नइसकी सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को दी है.निर्वाचन कार्यालय की सूची में मान्यता प्राप्त 12 राजनीति दलों के नाम हैं. इनके द्वारा दिए गएबीएलए की सूची जारी की गई है। इसके अनुसार सबसे अधिक भाजपा के अधिक तो सबसे कम बीएलए राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) केहैं. कांग्रेस पार्टी ने भी अब तक मात्र 60 बीएलए की सूची दी है. विशेष गहन पुनरीक्षण यानी मतदाता सत्यापन के दृष्टिकोण से बीएलए की तैनातीमहत्वपूर्ण मानी जाती है. इससे राजनीतिक दलों की चुनाव को लेकर तैयारियां व गंभीरता का पता लगता है. जारी सूची के अनुसार अब तक 12 में सेमात्र पांच दलों की ओर से बीएलए की तैनाती बूथों पर की गई है. की जा रही है बीएलए की तैयारीवहीं सात पार्टियों ने एक भी बीएलए तैनात नहीं किया है और न इसकी सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को दी है. विशेष गहन पुनरीक्षण में इनबीएलए को बीएलओ के साथ मिलकर सहयोग करना है ताकि सत्यापन कार्य पूरी शुद्धता व पारदर्शिता से हो सके. निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार50 आवेदन प्रतिदिन सत्यापन के लिए बीएलए संबंधित बीएलओ को दे सकते हैं. जिले में संचालित इस कार्यक्रम में भी बीएलए की सक्रियता अभीशत-प्रतिशत नहीं देखी जा रही है. लोजपा (रामविलास) पार्टी ने भी अब तक एक भी बीएलए की सूची नहीं दी है. विधानसभा चुनाव में इस बारजनसुराज की ओर से सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की गई है. लेकिन जिला निर्वाचन कार्यालय से जिन 12 राजनीतिक पार्टियोंकी सूची जारी की गई है. इसमें जनसुराज पार्टी का नाम तक नहीं है इस संबंध में पूछे जाने पर जनसुराज के जिलाध्यक्ष इंद्रभूषण सिंह अशोक नेबताया यह आश्यचार्यजनक है। उन्होंने पार्टी मुख्यालय को इससे अवगत कराया है और चुनाव आयोग से बात करने को कहा है। जिला मुख्यालय मेंजब भी राजनीतिक दलों के साथ पदाधिकारियों की बैठक हुई है, उसने उन्हें बुलाया तक नहीं गया. प्रखंड स्तर पर इसी जिले या अन्य जिले में बैठकहोती है तो जनसुराज के जिलाध्यक्ष अथवा प्रखंड अध्यक्ष को बुलाया जाता है. पार्टी द्वारा बीएलए की तैनाती की जा रही है. चुनाव लड़ने का किया है ऐलानजनसुराज पार्टी, जिसने इस बार सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उसकी उपस्थिति भी जिले की राजनीतिकगतिविधियों में स्पष्ट नहीं दिख रही. जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी 12 मान्यता प्राप्त दलों की सूची में जनसुराज पार्टी का नाम शामिल नहीं है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जिलाध्यक्ष इंद्रभूषण सिंह अशोक ने कहा “यह आश्चर्यजनक है कि हमारी पार्टी को सूची में शामिल नहीं किया गया. हमनेपार्टी मुख्यालय को इसकी सूचना दे दी है और निर्वाचन आयोग से इस विषय में संवाद का निर्देश दिया गया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया किजिला मुख्यालय में जब-जब राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक होती है. जनसुराज के प्रतिनिधियों को उसमें आमंत्रित नहीं किया जाता।हालांकि, प्रखंड स्तर पर उनकी उपस्थिति दर्ज की जाती है. जनसुराज पार्टी ने दावा किया है कि उनके द्वारा बीएलए की तैनाती की जा रही है औरजल्द ही सभी आवश्यक सूचनाएं निर्वाचन कार्यालय को भेज दी जाएंगी.
तीसरी भाषा नीति के विरोध में ठाकरे बंधुओं की एकता, मंच पर दिखा नया राजनीतिक समीकरण “वर्षों बाद एक मंच पर आए दोनों भाई”

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा मोड़ आया लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक साथसार्वजनिक मंच साझा किया. यह ‘विजय रैली’ मुंबई के वर्ली इलाके में एनएससीआई डोम में आयोजित की गई, जहां इन दोनों नेताओं ने महाराष्ट्रसरकार की तीन-भाषा नीति को वापस लेने की खुशी में लोगों को संबोधित किया. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा वे भाषा के लिए नहीं, बल्किअपने स्वार्थ के लिए साथ आ रहे हैं. वे अपना खोया हुआ आधार वापस पाने के इरादे से साथ आ रहे हैं. दोनों भाइयों ने देखा कि अलग रहने से नकेवल उनकी ताकत कम हुई बल्कि खत्म भी हो गई. मुझे यकीन नहीं है कि उन्होंने अपने मतभेद सुलझाए हैं. मेरा मानना है कि वे सिर्फ अपनेराजनीतिक फायदे के लिए साथ आए हैं मुझे नहीं लगता कि उनके दिल इतनी जल्दी जुड़ जाते और राजनीतिक मतभेद खत्म हो जाते. अज्ञात लोगों नेमनसे प्रमुख राज ठाकरे के समर्थन में नारे लगाए और शनिवार को मुंबई के वर्ली इलाके में निवेशक सुशील केडिया के कार्यालय में तोड़फोड़ की।केडिया ने राज ठाकरे को चुनौती दी थी और कहा था कि वह मराठी नहीं सीखेंगे. एक्स हैंडल पर उनके पोस्ट को लेकर उन्हें धमकी मिलने के बादउन्होंने पुलिस से संपर्क किया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ लोग सुबह केडिया के कार्यालय पहुंचे और पत्थरबाजी की. मराठी के समर्थन में लगा रहे थे नारेउन्होंने कहा कि हमलावर मराठी के समर्थन में नारे लगा रहे थे और राज ठाकरे की प्रशंसा कर रहे थे. केडिया ने एक्स पर पोस्ट किया था ‘मैं मुंबई में 30 साल रहने के बाद भी मराठी ठीक से नहीं जानता और आपके घोर दुर्व्यवहार के कारण मैंने यह संकल्प लिया है कि जब तक आप जैसे लोगों कोमराठी मानुष की देखभाल करने का दिखावा करने की अनुमति दी जाएगी. मैं प्रतिज्ञा लेता हूं कि मैं मराठी नहीं सीखूंगा. क्या करना है बोल?’ मुंबई केवर्ली डोम में संयुक्त रैली में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे, एनसीपी-एससीपी सांसदसुप्रिया सुले, एनसीपी-एससीपी नेता जितेंद्र अव्हाड और अन्य उपस्थित थे.शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे और पार्टी नेता आदित्य ठाकरे, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और पार्टी नेता अमित ठाकरे भी मंच पर मौजूद थे. जहां दोनों पार्टियां महाराष्ट्र सरकारद्वारा हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पेश करने के दो सरकारी प्रस्तावों को रद्द करने के बाद एक संयुक्त रैली कर रही थीं. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुखउद्धव ठाकरे ने कहा हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं. महाराष्ट्र सरकार द्वारा हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के लिए दो सरकारी प्रस्तावोंको रद्द करने के बाद, उद्धव ठाकरे गुट (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) मुंबई के वर्ली डोम में एक संयुक्त रैली कर रहे हैं. राज ठाकरेने कहा चाहे गुजराती हो या कोई और उसे मराठी आनी चाहिए. लेकिन अगर कोई मराठी नहीं बोलता तो उसे पीटने की जरूरत नहीं है. सरकारी प्रस्तावों को किया रद्ददरअसल अगर कोई बेकार का ड्रामा करता है तो आपको उसके कान के नीचे मारना चाहिए. मैं आपको एक और बात बताता हूं अगर आप किसी कोपीटते हैं तो घटना का वीडियो न बनाएं पीटे गए व्यक्ति को बताएं कि उसे पीटा गया है. आपको हर किसी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि आपनेकिसी को पीटा है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा मैंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरा महाराष्ट्र किसी भीराजनीति और लड़ाई से बड़ा है। आज 20 साल बाद मैं और उद्धव एक साथ आए हैं. जो काम बालासाहेब नहीं कर पाए वो देवेंद्र फडणवीस ने किया. हम दोनों को साथ लाने का काम. वीडियो मुंबई के वर्ली डोम से है जहां उद्धव ठाकरे गुट (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता एकसंयुक्त रैली कर रहे है क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पेश करने के लिए दो GR को रद्द कर दिया है.शिवसेना (UBT) औरमहाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) द्वारा संयुक्त रैली के दौरान भाईयों, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी. महाराष्ट्रसरकार ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के लिए दो सरकारी प्रस्तावों को रद्द कर दिया है.
सियासत में गरमी हत्या में साजिश की आशंका, सीएम ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश “तेजस्वी बोले सिर्फ घोषणाओं से नहीं चलेगी राजनीति”

Bihar Politics: बिहार के बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के बाद सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार कोइस मामले पर घेरा. मामला बढ़ते देख सीएम नीतीश कुमार ने बिहार पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने बिहार के डीजीपी विनयकुमार और अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ विधि व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुयेकहा कि अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें. लापरवाही बरतनेवाले पदाधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होगी. बैठक में सीएम नीतीश कुमार को पुलिस महानिदेशक ने अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी. जांचोपरांत करें कठोर कार्यवाहीमुख्यमंत्री ने उद्योगपति गोपाल खेमका की हुई हत्या के संबंध में बिहार के डीजीपी से विस्तृत जानकारी ली. सीएम ने कहा कि यदि आपराधिक घटनाके पीछे किसी प्रकार की साजिश है तो उसकी भी जांच की जाय और जांचोपरांत कठोर कार्रवाई करें. समीक्षा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने कहाकि विधि व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. अपराध करनेवाले कोई भी हों. उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाये. उन्होंने कहा कि घटितआपराधिक घटनाओं के अनुसंधान कार्यों में तेजी लाये और इसे ससमय पूर्ण करें ताकि दोषियों पर त्वरित कार्रवाई हो सके. कानून व्यवस्था को बनायेरखने के लिये पुलिस और प्रशासन पूरी मुश्तैदी से कार्य करें।गोपाल खेमका मर्डर केस के बाद बिहार पुलिस पर सवाल उठने लगे हैं. विपक्ष ने भीसरकार को घेरने की कोशिश की. इसी बीच सीएम नीतीश कुमार ने बिहार पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें यह निर्देश दिया. सूत्रोंके मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजीपी से गोपाल खेमका हत्याकांड पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. व्यापारी नहीं है सुरक्षितसाथ ही उन्होंने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि अनुसंधान कार्यों में तेजी लाएं और केस को टाइमबाउंड तरीके से निपटाएं, ताकि जनताका विश्वास कानून व्यवस्था में बना रहे. पुलिस फिलहाल विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है. व्यक्तिगत दुश्मनी, व्यवसायिक विवाद याफिर संपत्ति को लेकर कोई साजिश. कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है. तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरते हुए कहा “यह सरकार सिर्फघोषणाओं और बैठकों तक सीमित है. जमीनी हकीकत यह है कि अब व्यापारी तक सुरक्षित नहीं हैं। जनता को डर के साए में जीने पर मजबूर कियाजा रहा है.उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था दुरुस्त है, तो दिनदहाड़े एक नामी उद्योगपति की हत्या कैसे हो जाती है? गोपालखेमका की हत्या न सिर्फ एक व्यक्ति की जान जाने का मामला है, बल्कि यह घटना बिहार की कानून व्यवस्था, राजनीतिक संवेदनशीलता औरप्रशासनिक सख्ती की परीक्षा बन गई है. विपक्ष इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकता है और सरकार के लिए यह एक तत्काल कार्रवाई की कसौटी बनगया है.
त्रिनिदाद की संसद में गूंजा भारत का स्वर पीएम मोदी के ऐतिहासिक संबोधन पर 28 बार बजीं तालियाँ, मिला “सर्वोच्च नागरिक सम्मान”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. उनके भाषण के दौरान पूरी संसद तालियों कीगड़गड़ाहट से गूंज उठी. सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर लगातार तालियां बजाईं. सांसदों ने 28 बार तालियां बजाईं जिससे 23 बार पीएममोदी को भाषण के बीच में रुकना पड़ा. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा’मैं इस प्रतिष्ठित रेड हाउस में आपसे बात करने वाला पहला भारतीयप्रधानमंत्री बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं. इस ऐतिहासिक लाल इमारत ने स्वतंत्रता और सम्मान के लिए त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों केसंघर्ष और बलिदान को देखा है. उन्होंने कहा कि हमारे दोनों राष्ट्र औपनिवेशिक शासन से उभरे और साहस को अपनी स्याही, लोकतंत्र को अपनीकलम के रूप में इस्तेमाल करते हुए अपनी कहानियां लिखीं. शक्ति के स्तंभ के रुप में है खड़ेआज दोनों देश आधुनिक दुनिया में गौरवशाली लोकतंत्र और शक्ति के स्तंभ के रूप में खड़े हैं. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिकव्यवस्था नहीं है हमारे लिए यह जीवन जीने का एक तरीका है. हमारी हजारों साल की महान विरासत है आपकी संसद में भी कुछ ऐसे सदस्य हैं. जिनकेपूर्वज भारत के बिहार राज्य से आए थे. पीएम मोदी ने कहा कि हम भारत में वीमेन लेड डेवलपमेंट का एक नया मॉडल विकसित कर रहे हैं. अपनीजी20 की अध्यक्षता के दौरान भी इस मॉडल की सफलता को हमने पूरी दुनिया के सामने रखा है. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से लेकर खेल तक, स्टार्टअप से लेकर विज्ञान तक, शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक, विमानन से लेकर सशस्त्र बलों तक, वे विभिन्न क्षेत्रों में भारत को एक नए भविष्य कीओर ले जा रहे हैं. आपकी तरह एक महिला साधारण पृष्ठभूमि से उठकर हमारी राष्ट्रपति बनी. दो साल पहले भारतीय संसद ने एक ऐतिहासिक कदमउठाया, जिसमें संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया. त्रिनिदाद एंड टोबैगो से किया सम्मानितउन्होंने कहा आज सुबह राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने मुझे देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ सेसम्मानित किया. मैं इसे 1.4 अरब भारतीयों की ओर से विनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं. उन्होंने कहा आज सुबह राष्ट्रपति क्रिस्टीन कंगालू ने मुझे देशके सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानित किया. मैं इसे 1.4 अरब भारतीयों की ओर सेविनम्रतापूर्वक स्वीकार करता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने विकास को दूसरों के प्रति जिम्मेदारी के रूप में देखता है। इसी भावना के साथ हमत्रिनिदाद और टोबैगो के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहे हैं। हमारा व्यापार बढ़ता रहेगा. हम व्यवसायों को इस देश में और अधिक निवेश करनेके लिए प्रोत्साहित करेंगे। हमारी विकास साझेदारी का विस्तार होगा.कॉउवा में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने कहा: “आपके पूर्वजों ने गंगा-यमुनाछोड़ी, लेकिन रामायण आपके दिल में साथ लिया”, यह उनके साहस और मूल्यों का सम्मान था हिंदू-भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि देश के प्रमुख मुस्लिम संगठन Anjuman Sunnat-ul-Jamaat Association (ASJA) ने मोदी की मानवाधिकार नीतियों पर चिंताजताई गुजरात दंगों और कश्मीर मुद्दों का हवाला दिया.
त्रिनिदाद की संसद में गूंजा भारत का स्वर पीएम मोदी ने क्रिकेट से लेकर संस्कृति तक बांधा समां, महिलाओं की भूमिका पर दिया सशक्त संदेश

त्रिनिदाद और टोबैगो के संसद में संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम को लेकर भी बयान दिए. उन्होंनेकहा मुझे कहना होगा कि भारतीय वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के सबसे उत्साही प्रशंसकों में से हैं. हम पूरे दिल से उनका उत्साहवर्धन करते हैं. पीएम यहींनहीं रुके, उन्होंने फिर चुटकी लेते हुए कहा हम उनका सिर्फ तब उत्साह नहीं बढ़ाते जब वे भारत के खिलाफ खेल रहे होते हैं. पीएम मोदी के इस बयानपर संसद में मौजूद लोग हंसने लगे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा 180 साल पहले, पहले भारतीय समुद्र पार एक लंबी और कठिन यात्रा के बाद इसभूमि पर पहुंचे थे. भारतीय धुनें कैरेबियाई लय के साथ खूबसूरती से मिश्रित हुईं. महिलाओं के हाथ कर रहे है मजबूतराजनीति से लेकर कविता तक क्रिकेट से लेकर वाणिज्य तक वे हर क्षेत्र में योगदान देते हैं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा मुझे इस सदन मेंइतनी सारी महिला सदस्यों को देखकर बहुत खुशी हो रही है. महिलाओं के प्रति सम्मान भारतीय संस्कृति में गहराई से निहित है. हमारे महत्वपूर्ण पवित्रग्रंथों में से एक स्कंद पुराण में कहा गया है कि एक बेटी दस बेटों के बराबर खुशी लाती है. हम अपने आधुनिक भारत के निर्माण के लिए महिलाओं केहाथ मजबूत कर रहे हैं. अंतरिक्ष से लेकर खेल तक स्टार्टअप से लेकर विज्ञान, शिक्षा से लेकर उद्यम, विमानन से लेकर सशस्त्र बलों तक वे विभिन्नक्षेत्रों में भारत को एक नए भविष्य की ओर ले जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाना की सफल यात्रा के बाद कैरेबियन देश त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे. त्रिनिदाद एवं टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम को लेकर भी बात की. एक्स पर किया पोस्टप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा मैं राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू. प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर, सरकार और त्रिनिदाद औरटोबैगो के अद्भुत लोगों के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. जिन्होंने मुझे ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ से सम्मानितकिया. भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो ने 6 प्रमुख समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जिनमें शामिल हैं: फार्माकोपिया, क्यूआईपी (Quick Impact Projects), संस्कृति, खेल, राजनयिक प्रशिक्षण, रक्षा एवं कृषि सहयोग मोदी ने OCI कार्ड की सुविधा छठी पीढ़ी तक विस्तारित करनेकी घोषणा की त्रिनिदाद ने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहरायी.भारतीय धुनेंकैरेबियाई लय के साथ खूबसूरती से मिश्रित हुईं. राजनीति से लेकर कविता तक क्रिकेट से लेकर वाणिज्य तक वे हर क्षेत्र में योगदान देते हैं मोदी नेयात्रा के दौरान 6 MoUs पर हस्ताक्षर किए. इनमें फार्माकोपिया, क्यूआईपी, संस्कृति, खेल, राजनयिक प्रशिक्षण, और कृषि शामिल हैं.
नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी के वकील की दलील संपत्ति हड़पने नहीं आज़ादी की विरासत बचाने की कोशिश, अदालत में कांग्रेस-ED आमने-सामने

National Heralde Case: नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी के वकील आरएस चीमा ने कोर्ट में दलील दी कि कांग्रेस ने AJL को बेचने कीनहीं बचाने की कोशिश की. उन्होंने AJL को आजादी की विरासत बताया। वहीं ED ने गांधी परिवार पर 2000 करोड़ की संपत्ति हड़पने और मनीलॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं. केस में फिलहाल दोनों पक्षों की दलीलें जारी हैं. नेशनल हेराल्ड केस में शनिवार को कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी कीओर से पेश सीनियर एडवोकेट आर.एस. चीमा ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड(एजेएल) की संपत्तियों को बेचने की नहीं बल्कि संस्थान को बचाने की कोशिश की थी. उन्होंने यह भी कहा कि एजेएल सिर्फ एक अखबार नहींबल्कि देश की आजादी की लड़ाई से जुड़ी विरासत है जिसे दोबारा खड़ा करना जरूरी था. यंग इंडियन में 76 फीसदी हिस्सेदारीचीमा ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के सामने अपनी दलीलें रखते हुए कहा कि एजेएल कोई मुनाफा कमाने वाली कंपनी नहीं थी. इसे 1937 मेंपंडित जवाहरलाल नेहरू, जेबी कृपलानी, रफी अहमद किदवई और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने मिलकर शुरू किया था. इसका उद्देश्य कांग्रेस पार्टी कीनीतियों को लोगों तक पहुंचाना था. न कि व्यापार करना. राहुल गांधी के वकील ने कहा कि आजादी के बाद एजेएल कभी भी मुनाफे वाली संस्थानहीं रही. कांग्रेस सिर्फ इतना चाहती थी कि यह संस्था दोबारा सक्रिय हो जाए और अपने मूल उद्देश्य पर लौटे. चीमा ने तंज कसते हुए कहा कि प्रवर्तननिदेशालय (ईडी) के वकील ने अब तक एजेएल का मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्यों कोर्ट में पेश नहीं किया जबकि इससे सच्चाई सामने आ सकतीथी. इस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेसी नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा औरप्राइवेट कंपनी यंग इंडियन पर साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। ED का दावा है कि यंग इंडियन कंपनी ने धोखाधड़ी से एजेएल कीकरीब 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कब्जा किया. ईडी का कहना है कि राहुल और सोनिया गांधी की यंग इंडियन में 76 फीसदी हिस्सेदारी है. मनी लॉन्ड्रिंग कानून का उल्लंघनदरअसल इसी हिस्सेदारी के जरिए उन्होंने एजेएल की संपत्तियों पर नियंत्रण पाया. एजेंसी ने आरोप लगाया है कि सिर्फ 90 करोड़ रुपये के कर्ज केबदले में इतनी बड़ी संपत्ति यंग इंडियन के कब्जे में आ गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग कानून का उल्लंघन है. शुक्रवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर सेसीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में अपनी दलीलें पूरी की थीं. उन्होंने भी कहा कि इस मामले में कोई धोखाधड़ी नहीं हुई है और पूरीप्रक्रिया कानूनी ढंग से हुई थी. वहीं इससे पहले तीन जुलाई को ईडी की ओर से कहा गया था कि गांधी परिवार यंग इंडियन के असली मालिक हैं औरकंपनी पर पूरा नियंत्रण उन्हीं का है. ED ने गांधी परिवार और अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा तीन(मनी लॉन्ड्रिंग) और धारा चार (मनी लॉन्ड्रिंग की सजा) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। इस केस में सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, सुनील भंडारी, यंगइंडियन और डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड भी आरोपी हैं कोर्ट में फिलहाल दोनों पक्षों की दलीलें चल रही हैं जिसके बाद अगला फैसला सामनेआएगा.