पूर्व सांसद आनंद सिंह का निधन, यूपी की राजनीति ने खोया एक ‘राजा’ नेता सियासत का एक युग खत्म

केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता व पूर्व मंत्री आनंद सिंह उर्फ अन्नू भैया का रविवार की देर रात लखनऊ में एकाएक तबीयत खराबहोने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां उनका निधन हो गया यह खबर यहां पर आते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गई. आनंद सिंह का जन्म 4 जनवरी 1939 को हुआ था। गोंडा संसदीय क्षेत्र से 5वीं , 7वीं , 8वीं और 9वीं लोकसभा के लिए संसद सदस्य चुने गए थे. 2012 से 2017 तकमुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में वह कृषि मंत्री भी रहे। इसके बाद से उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था. उनकेपुत्र गोंडा से भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह वर्तमान में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री है. यूपी के टाइगर के नाम से भी है जाना जातापूर्व मंत्री के करीबी केबी सिंह ने बताया कि राजा आनंद सिंह एक दो बार नहीं, चार बार सांसद रहे. पूर्वांचल की राजनीति में अपने सियासी दबदबे कोलोहा मनवाने वाले मनकापुर के राजा आनन्द सिंह को यूपी टाइगर के नाम से जाना जाता था. एक वक्त की बात थी कि कांग्रेस पार्टी उन्हें सादासिम्बल दे देती थी फिर आनंद सिंह जिसे चाहते नाम भरकर सिम्बल दे देते थे. जिसके सिर पर मनकापुर कोट का हाथ होता था वह सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख बन जाता था. वर्ष 2012 में राजा आनंद सिंह ने गौरा विधान सभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के टिकट परचुनाव जीता और प्रदेश की अखिलेश सरकार में कृषि मंत्री बने थे. लेकिन अब वे राजनीति से सन्यास ले चुके थे. 1971 में आनंद सिंह गोंडा लोकसभासीट से निर्वाचित हुए इसके बाद 1980, 1984 और 1989 में भी वह कांग्रेस के टिकट पर गोंडा से सांसद बने. राम लहर में 1991 के आम चुनाव मेंबृजभूषण ने आनंद सिंह को शिकस्त दी. इसके बाद 1996 में उनकी पत्नी केतकी देवी सिंह ने भी बीजेपी के टिकट पर आनंद सिंह (एसपी उम्मीदवार) को एक बार फिर मात दी. इसके बाद से आनंद सिंह ने संसदीय चुनाव से दूरी बना ली. लड़े थे विधानसभा चुनावहालांकि बाद में विधानसभा चुनाव जरुर लड़े थे. विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता आनंद सिंह का रविवार देर रात लखनऊ में निधन हो गया. वह चार बार के सांसद होने के साथ अखिलेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं. इसके बाद 1996 में उनकी पत्नी केतकी सिंह को भी बीजेपी की टिकट परजीत मिली. आनंद सिंह ने उसके बाद लोकसभा चुनाव से दूरी बना ली हालांकि विधानसभा राजनीति में सक्रिय रहे. वे अखिलेश यादव सरकार में मंत्रीभी रहे वे वर्तमान विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता थे.आनंद सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की एक मजबूत और प्रतिष्ठित आवाजमाने जाते थे. वे अखिलेश यादव सरकार में मंत्री भी रहे. वे वर्तमान विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के पिता थे. राजनीतिक सक्रियता से दूर होने केबाद भी वे सार्वजनिक जीवन में सजग बने रहे और अपने क्षेत्र से जुड़ाव बनाए रखा.
संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिला जोश, दिशा और संकल्प

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बाबरपुर क्षेत्र में आज जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत एक प्रेरणादायक प्रशिक्षण शिविर काआयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन जी, राष्ट्रीय सह सचिव मनोज यादव जी सहित कईवरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में लोकसभा पर्यवेक्षक रोमेश सब्बरवाल जी, जिला पर्यवेक्षक पी.के. मिश्रा जी, दिल्ली कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष अनिल भारद्वाज जी, पूर्व मंत्री नरेंद्र नाथ जी तथा जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन जी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। शिविर के दौरान कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, जमीनी कार्य, जनसंपर्क कौशल तथा समसामयिक राजनीतिक रणनीतियों पर विस्तृतमार्गदर्शन दिया गया। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया कि वे जनता से सीधा संवाद स्थापित कर कांग्रेस की नीतियों एवं मूल्यों को आम जनतक पहुँचाएँ। प्रशिक्षण शिविर में यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि संगठन की शक्ति उसके जमीनी कार्यकर्ताओं में निहित होती है। इसलिए हर कार्यकर्ता कोजिम्मेदारी के साथ अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनता की समस्याओं को उठाना चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने, सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने और जनसेवा को प्राथमिकता देने कासंकल्प लिया,यह प्रशिक्षण शिविर न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं के उत्साह और प्रतिबद्धता को नई दिशा देनेवाला सिद्ध हुआ।
पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या से बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल, विपक्ष बोला अब वक्त है नए बिहार का

पटना में बड़े व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या के बाद बिहार की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशलमीडिया पर साझा एक पोस्ट में आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार और भाजपा की गठबंधन सरकार ने बिहार को भारत की क्राइम कैपिटल बना दियाहै. इससे पहले तेजस्वी यादव ने गोपाल खेमका की हत्या पर सरकार को निशाने पर लेते हुए बिहार में जंगलराज होने का आरोप लगा दिया था. राहुलगांधी ने लिखा कि ‘आज बिहार लूट, गोली और हत्या के साए में जी रहा है अपराध यहां नया नॉर्मल बन चुका है और सरकार पूरी तरह नाकाम बिहारके भाइयों और बहनों यह अन्याय अब और नहीं सहा जा सकता. अब नया वक्त बिहार काजो सरकार आपके बच्चों की सुरक्षा नहीं कर सकती वह आपके भविष्य की जिम्मेदारी भी नहीं ले सकती. राहुल गांधी ने कहा कि अब वक्त नए बिहारका है. उन्होंने लिखा कि ‘हर हत्या, हर लूट, हर गोली एक चीख है बदलाव की अब वक्त है एक नए बिहार का जहां डर नहीं तरक्की हो. इस बार वोटसिर्फ सरकार बदलने का नहीं बिहार को बचाने का है. बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार देर रात बड़े व्यवसायी गोपाल खेमका की अपराधियों नेगोली मारकर हत्या कर दी. यह घटना पटना के गांधी मैदान थाना इलाके में हुई। गोपाल खेमका पटना के जाने-माने व्यवसायी थे. गोपाल खेमका केबेटे गुंजन खेमका की हत्या भी छह वर्ष पूर्व वैशाली के औद्योगिक थाना इलाके में कर दी गई थी. उस समय भी काफी हंगामा हुआ था. पटना के पॉशइलाके में खुलेआम बड़े व्यवसायी की मौत ने राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. खासकर ऐसे समय में जब बिहार में जल्द हीविधानसभा चुनाव होने हैं तो गोपाल खेमका की हत्या ने विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा पकड़ा दिया है जिससे वे सरकार को घेर सकते हैं. बिहार में व्यवसायी वर्ग है सदमे मेंव्यवसायी वर्ग में गोपाल खेमका का बड़ा रसूख था. उनकी हत्या से बिहार का व्यवसायी वर्ग सदमे में है गोपाल खेमका की हत्या से बिहार कीराजनीति भी गरमा गई है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में राज्य सरकार पर हमला बोला. उन्होंने लिखा कि’थाना से चंद कदम दूर पटना में बिहार के बड़े व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. हर महीने बिहार में सैकड़ों व्यापारियों की हत्या हो रही हैलेकिन जंगलराज नहीं कह सकते? क्योंकि इसे ही शास्त्रों में मीडिया प्रबंधन, परसेप्शन मैनेजमेंट और छवि प्रबंधन कहते है.बिहार के बड़े व्यवसायीगोपाल खेकमा की हत्या के बाद विपक्षी दल राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि अब वक्त नए बिहार का है. उन्होंने लिखा कि ‘हर हत्या, हर लूट, हर गोली – एक चीख है बदलाव की. अब वक्त है एक नए बिहार का जहां डर नहीं, तरक्की हो.खेमका की हत्या2018 में उनके बेटे के मर्डर की दुखद पुनरावृत्ति थी. उस समय भी सुरक्षा बढ़ाई गई थी. लेकिन अप्रैल 2024 में उसकी सुरक्षा वापस ले ली गई थीलगभग 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खोली गई जिसमें साफ़ पता चला कि वारदात पहले से प्लान की गई थी. पुलिस इस हत्या के ‘बेहदसंगठित’ प्रकृति का संकेत दे रही है.
बालासाहेब की विचारधारा से भटके उद्धव, राजनीतिक भविष्य खुद किया बर्बाद बोले “जनता का भरोसा हो गया है खत्म”

महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता और मंत्री गिरीश महाजन ने रविवार को दावा किया कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कई सांसद औरविधायक उनके संपर्क में हैं. क्योंकि लोगों को अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा नहीं रह गया है. महाजन ने तीन-भाषा नीति को लेकर राज्य में चलरहे विवाद के बीच उद्धव ठाकरे को “पलटीबहादुर” बताते हुए उन पर अपरिपक्व व्यवहार का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे नेमुख्यमंत्री बनने की चाह में अपने पिता (शिवसेना संस्थापक) बाल ठाकरे की विचारधारा से समझौता किया और अपने राजनीतिक भविष्य को खुदबर्बाद कर लिया. भाजपा नेता की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई तथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई में आयोजित एक रैली में करीब दो दशकों बाद पहली बार मंच साझा किया था. यह रैली राज्य सरकार द्वाराकक्षा एक से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शामिल करने संबंधी दो सरकारी प्रस्ताव (जीआर) वापस लेने के फैसले के बाद हुई. विधायक और सांसद संपर्क मेंरविवार को सोलापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महाजन ने कहा आज भी उद्धव ठाकरे गुट के कई विधायक और सांसद मेरे संपर्क में हैं. उन्होंनेआगे कहा अगर आपको यकीन नहीं है. तो आप बहुत जल्द इसे अपनी आंखों से देख लेंगे. महाजन ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में अबजनता का भरोसा नहीं रह गया है. वहीं तीन-भाषा नीति के मुद्दे पर महाजन ने कहा हिंदी को लागू करने का निर्णय उद्धव ठाकरे की अपनी सरकार काथा. उस प्रस्ताव को कैबिनेट ने पास किया था और फाइल पर उनके खुद के दस्तखत हैं अब वही फैसले का विरोध कर रहे हैं. जिसे उन्होंने खुद मंजूरीदी थी यह सीधा यू-टर्न है। गिरीश महाजन ने उद्धव ठाकरे को “पलटीबहादुर” कहते हुए आरोप लगाया कि उनका व्यवहार बेहद अपरिपक्व है.उन्होंनेकहा उद्धव ठाकरे ने सिर्फ मौजूदा सरकार का विरोध करने के लिए अपना रुख बदला है। आगामी जिला परिषद पंचायत समिति और नगरपालिकाचुनावों के नतीजे यह दिखा देंगे कि जनता किस नेता पर कितना भरोसा करती है. महाजन ने यह भी आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने अपने पिताबालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को छोड़ दिया. कांग्रेस के साथ मिला लिया हाथउन्होंने कहा 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद मुख्यमंत्री बनने की चाह में उन्होंने बालासाहेब के हिंदुत्व को किनारे रख दिया और शरद पवार कीएनसीपी व कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया. इसी निर्णय ने उनके राजनीतिक भविष्य को तबाह कर दिया है.भाजपा नेता गिरीश महाजन ने कहा उद्धवठाकरे गुट के कई विधायक और सांसद मेरे संपर्क में हैं. उन्होंने आगे कहा अगर आपको यकीन नहीं है तो आप बहुत जल्द इसे अपनी आंखों से देखलेंगे महाजन ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में अब जनता का भरोसा नहीं रह गया है. महाजन का दावा है कि उद्धव ठाकरे ने अपने पिताबालासाहेब ठाकरे की विचारधारा त्याग दी. क्योंकि 2019 के बाद सत्ता की लालसा में उन्होंने शरद पवार की NCP और कांग्रेस के साथ गठबंधनकर लिया. जो बाला साहेब की हिंदुत्ववादी राजनीति के बिलकुल विपरीत हैउन्होंने चेतावनी दी कि आगामी जिला परिषद, पंचायत समिति औरनगरपालिका चुनावों में नतीजे यह तय करेंगे कि जनता किस नेता पर कितना भरोसा करती है और उनका इशारा था कि यह परिणाम ठाकरे के खिलाफही आएंगे. महाजन ने संजय राउत को “दलाल” बताया और तंज किया कि उद्धव को कोई विपक्षी विरोधी चाहिए ही नहीं क्योंकि राउत की सक्रियतासे उनकी पार्टी खुद टूट रही है.
ब्राज़ील में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, BRICS शिखर सम्मेलन में भारत की दमदार उपस्थिति “BRICS शिखर सम्मेलन और रणनीतिक साझेदारी की नई शुरुआत”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय यात्रा पर ब्राजील पहुंचे. इस दौरान वे 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और एक राजकीय यात्रा भी करेंगे. ब्राजील के रियो डी जेनेरियो पहुंचने पर भारतीय प्रवासी ने पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया. पीएम के सम्मान में ऑपरेशन सिंदूर की खास प्रस्तुतिदी गई.ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे पीएम मोदी का पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और देशभक्ति से भरेचित्रों से स्वागत किया गया. लोगों ने हाथों में तिरंगा लिए प्रधानमंत्री का स्वागत किया. इस स्वागत में सबसे खास बात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रस्तुतिरही. यह भारत की ओर से पाकिस्तान स्थित आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक निर्णायक अभियान पर आधारित प्रस्तुति थी. भारतीय महिलाओं से की मुलाकातजिसे नृत्य और चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया. प्रवासी भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत पेंटिंग और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित नृत्यके साथ किया. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वागत समारोह में प्रस्तुति देने वाली भारतीय महिला नृत्यकियों से मुलाकात की. नर्तकियों में से एक ने कहाप्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए बड़े भाई जैसे हैं. हमारे लिए यह बहुत गर्व की बात है कि वे यहां आए। हमारी प्रस्तुति को उन्होंने बहुत धैर्यपूर्वक देखाहमसे बातचीत की और इसकी बहुत सराहना की। हमने अपने बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने और भारत माता का सम्मान करने के लिए ‘ऑपरेशनसिंदूर’ को अपनी थीम के रूप में चुना था. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी चार दिवसीय यात्रा पर ब्राजील पहुंचे हैं. अपनी यात्रा के दौरान, 6 और 7 जुलाई को वह रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. उसके बाद एक राजकीय यात्रा करेंगे. यह लगभग छह दशकों में किसी भारतीयप्रधानमंत्री द्वारा देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी. राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ब्रासीलिया जाएंगे. जहां वे राष्ट्रपति लुइज इनासियोलूला दा सिल्वा के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संपर्क सहित आपसी हित के क्षेत्रों में दोनों देशोंके बीच रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे.पीएम मोदी ने भारत की मजबूत उपस्थिति की दर्ज6 और 7 जुलाई को रियो डी जेनेरियो में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज की. उन्होंने जलवायुपरिवर्तन वैश्विक आर्थिक सुधार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर भारत की नीति स्पष्ट रूप से रखी।शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री ब्रासीलिया पहुंचे जहां उन्होंने ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के साथ व्यापार, रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहराने के लिए द्विपक्षीय वार्ता की. इस यात्रा से भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह केवल क्षेत्रीयशक्ति नहीं बल्कि एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है – जो विकासशील देशों की आवाज़ को मंच देता है साझेदारी में विश्वास करता है और”वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को जीवंत करता है.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर भारत की विदेश नीति को वैश्विक मंच पर मजबूत करते नज़रआ रहे हैं. छह दशकों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ब्राज़ील यात्रा केवल एक राजनयिक औपचारिकता नहीं बल्कि रणनीतिक संबंधों को पुनःपरिभाषित करने की एक ऐतिहासिक पहल बन गई है.
पराग त्यागी का टूटता दिल और शेफाली की आख़िरी विदाई पर प्यार, ग़म और यादों से भरा एक अलविदा “सोशल मीडिया पर किया पोस्ट”

शेफाली जरीवाला के अचनाक निधन ने सभी को हैरान कर दिया था इस घटना ने सबसे ज्यादा प्रभावित एक्ट्रेस के पति और अभिनेता पराग त्यागी कोकिया है. जो काफी दुखी हैं और पत्नी संग बिताए पलों को याद कर रहे हैं रविवार की सुबह एक्टर ने दिवगंत पत्नी को याद किया करते हुए एकवीडियो शेयर किया है इसके साथ उन्होंने एक नोट भी लिखा है. रविवार की सुबह अभिनेता पराग त्यागी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझाकिया है. इस वीडियो में एक्टर ने अपनी दिवंगत पत्नी शेफाली जरीवाला के साथ बिताए हुए खूबूसरत और प्यार भरे पलों को साझा किया है.मौत का कारण कार्डियक अरेस्टजैसा कि तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पराग त्यागी और शेफाली जरीवाला एक दूसरे को गले लगाते प्यार करते और एंजाय करते नजर आ रहे हैं. इसके साथ दोनों की एक पुरानी तस्वीर भी दिख रही है जिसमें वो बहुत प्यार लग रहे हैं इन तस्वीरों को देख यह विश्वास ही नहीं होता कि अभिनेत्री अबइस दुनिया में नहीं हैं. इस प्यारे वीडियो को साझा करते हुए, पराग त्यागी ने इमोशनल नोट भी लिखा है. उन्होंने कहा मैं तुम्हें हर जन्म में खोज लूंगाऔर तुम्हें खूब प्यार करूंगा मैं तुमसे हमेशा प्यार करता रहूंगा. मेरी गुंडी मेरी छोकरी इसके साथ ही उन्होंने लाल दिल वाला इमोजी भी लगाया है औरहैशटैग में शेफाली जरीवाला भी लिखा है. ‘कांटा लगा गर्ल’ शेफाली जरीवाला का 42 वर्ष की उम्र में 27 जून को निधन हो गया था. हालांकिआपको बताते चलें कि उनकी मौत कैसी हुई, इस मामले की जांच अभी मुंबई पुलिस कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजहपता चलेगी. कथित तौर पर एक्ट्रेस की मौत कार्डियक अरेस्ट से बताई जा रही है. मनोरंजन जगत में छा गई थी शोक की लहरअभिनेत्री के निधन की खबर से मनोरंजन जगत में शोक की लहर छा गई थी. अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के निधन के बाद से एक्ट्रेस के पति परागत्यागी उन्हें बहुत याद कर रहे हैं. हाल ही में अभिनेता ने भावुक कर देने वाले नोट के साथ एक वीडियो क्लिप शेयर किया है. अंतिम संस्कार और अस्थिविसर्जन के दौरान पराग दिखाई दिए टूटे हुए—वीडियो में वे आंखों से आंसू बहाते हुए उनकी अस्थियों को दिल से लगाए दिखाई दिए गए29 जून कोउन्होंने परिवार और सोशल मीडिया के माध्यम से एक भावुक अपील भी की: “मेरी परी के लिए आप सब प्रार्थना कीजिएगा मुंबई पुलिस ने शव कोCooper Hospital भेजा और अभी पुलिस जांच कर रही है दावा है कि शेफाली ने मौत से कुछ घंटे पहले विटामिन‑C IV ड्रिप ली थी.शेफालीजरीवाला को आखिरी विदाई देते हुए पति पराग भावुक हो गए. उन्होंने पहले शेफाली का माथा चूमा और फिर फूट-फूटकर रोने लगे. पराग के बगलमें शेफाली की मां बैठी नजर आईं वो बेटी के पार्थिव शरीर से लिपटकर रोती दिखीं.‘बिग बॉस 13’ में शेफाली जरीवाला के साथ प्रतियोगी रहींशहनाज गिल भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं. शहनाज को देखकर फोटोग्राफर्स दौड़े और इसी दौरान एक पैपराजी गिर गया. शहनाज ने उसे उठायाऔर फिर वहां से चली गईं.
एलन मस्क ने बनाई ‘अमेरिकन पार्टी’ ट्रंप की नीतियों को बताया लोकतंत्र पर खतरा,मस्क का राजनीतिक धमाका

International Relations: अमेरिका की राजनीति में बड़ा धमाका हो गया है टेस्ला के मालिक और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क नेखुद की राजनीतिक पार्टी बना ली है. मस्क ने शनिवार को एलान किया कि वो ‘अमेरिकन पार्टी’ शुरू कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये पार्टी अमेरिकीनागरिकों को उनकी आजादी लौटाने के लिए बनाई गई है. ये फैसला ऐसे वक्त पर आया है जब मस्क और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीचखींचतान बढ़ गई है. एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब देश को बर्बाद करने वाली बेवजहकी खर्चीली नीतियां बनाई जाती हैं तब असल में हम एक पार्टी सिस्टम में जी रहे होते हैं ना कि लोकतंत्र में उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में लोगों केपास असली राजनीतिक विकल्प नहीं बचे हैं. ‘अमेरिकन पार्टी’ है लेकर आएइसी वजह से वो अपना राजनीतिक दल यानी ‘अमेरिकन पार्टी’ लेकर आए हैं. दरअसल मस्क ने कुछ दिन पहले एक्स पर एक पोल करवाया था उन्होंनेपूछा था कि क्या उन्हें नई राजनीतिक पार्टी शुरू करनी चाहिए. इस पोल में 65 फीसदी लोगों ने समर्थन दिया. इसके बाद मस्क ने कहा कि दो-एक केअंतर से आप लोगों ने नई पार्टी चाही है और अब आपको ये मिल रही है. मस्क का कहना है कि उनकी पार्टी का मकसद अमेरिकी नागरिकों को खोईहुई आजादी वापस दिलाना है.एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच विवाद की जड़ अमेरिका की नई ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ है. इस बिल को अमेरिकीकांग्रेस ने चार जुलाई को पास किया और ट्रंप ने खास अंदाज में व्हाइट हाउस के बाहर इसका जश्न भी मनाया. लेकिन मस्क ने इस बिल को देश केलिए नुकसानदायक बताया है. उनका कहना है कि ये बिल देश के खजाने पर बोझ बढ़ाएगा और अमेरिका को कर्ज में डुबो देगा.मस्क ने साफ करदिया है कि वो सिर्फ ट्रंप से नहीं बल्कि रिपब्लिकन पार्टी के उन नेताओं से भी नाराज हैं जिन्होंने इस बिल को समर्थन दिया. मस्क ने कहा है कि वो उनसभी नेताओं का विरोध करेंगे जो इस बिल के पक्ष में खड़े हैं. वहीं, उन्होंने प्रतिनिधि थॉमस मैसी का समर्थन करने का भी एलान किया क्योंकि मैसी नेइस बिल का खुलकर विरोध किया था. अमेरिका में सच्चा लोकतंत्र है लाना चाहतेएलन मस्क ने ‘अमेरिकन पार्टी’ के गठन का एलान तो कर दिया है लेकिन अब तक ये साफ नहीं किया कि उनकी पार्टी आगे क्या रणनीति अपनाएगी. मस्क ने सिर्फ इतना कहा है कि वो अमेरिका में सच्चा लोकतंत्र वापस लाना चाहते हैं. लेकिन पार्टी का ढांचा, नेतृत्व, चुनाव में भागीदारी या किसी बड़ेनेता को सामने लाने को लेकर अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। अमेरिका में एलन मस्क ने अपनी नई ‘अमेरिकन पार्टी’ बनाने का एलानकिया है. उन्होंने कहा कि ये पार्टी लोगों को खोई हुई आजादी वापस दिलाएगी. मस्क ने ट्रंप की ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ नीति का विरोध किया औररिपब्लिकन पार्टी पर भी हमला बोला. एलन मस्क की इस घोषणा से अमेरिकी राजनीति में हलचल मच गई है. ट्रंप और उनके समर्थक जहां मस्क केइस कदम को अपनी साख पर हमला मान रहे हैं. वहीं कई युवा मस्क को एक नए विकल्प के तौर पर देख रहे हैं. हालांकि यह देखना दिलचस्प होगाकि मस्क की नई पार्टी आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कितनी गंभीर चुनौती बनती है या सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित रह जाती है.
अखिलेश यादव के गृह प्रवेश में पूजा-पाठ कराने वाले पांच ब्राह्मणों को समाज से बहिष्कार, अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा ने किया ऐलान

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृह प्रवेश में पूजा-पाठ कराने वाले पांच ब्राह्मणों को समाज से बहिष्कृत करने का एलान किया गया है. यह घोषणाअखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की शनिवार को बड़ा गणेश मंदिर प्रांगण में बुलाई गई आपात बैठक में की गई.महासभा ने इन कर्मकांडीब्राह्मणों के व्यवहार को ब्राह्मण समाज के लिए कलंक बताते हुए निंदा की है. महासभा की ओर से जारी तीन बिंदुओं में स्पष्ट रूप से कहा गया कि इनपांचों ब्राह्मणों का पूर्ण रूप से सामाजिक बहिष्कार हो. कोई भी कर्मकांडी ब्राह्मण इन व्यक्तियों को अपने धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल न करे. समस्तसनातन समाज इनसे किसी भी प्रकार की पूजा-पाठ अथवा कर्मकांड न कराए. लोगों को चेतावनी देना आवश्यकमहासभा के प्रदेश अध्यक्ष शर्मानंद पांडेय ने कहा कि ब्राह्मण समाज की गरिमा, आस्था और मूल्यों के खिलाफ जाकर निजी लाभ के लिए काम करनेवाले ऐसे लोगों को चेतावनी देना आवश्यक है. इस निर्णय का उद्देश्य सनातन धर्म की मर्यादा और ब्राह्मणिक परंपराओं की गरिमा को बनाए रखना है. जिलाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने समस्त ब्राह्मण एवं सनातन धर्मावलंबियों से अपील की है कि वे इन व्यक्तियों का बहिष्कार कर समाज को मर्यादितदिशा प्रदान करें. इस दौरान उपेंद्र मिश्रा, पंचानन तिवारी, गोविंद दुबे, विवेकानंद परासर, श्रीराम मिश्रा व प्रियम उपाध्याय सहित आदि लोग उपस्थितथे।पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृह प्रवेश में पूजा कराने वाले पांच ब्राह्मण समाज से बहिष्कृत होंगे. अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा कीबड़ा गणेश मंदिर प्रांगण में बैठक हुई. बैठक में यह एलान किया गया।महासभा के प्रदेश अध्यक्ष शर्मानंद पांडेय ने कहा, “ब्राह्मण समाज की गरिमाऔर सांस्कृतिक मूल्यों को बचाना हमारा कर्तव्य है जो लोग निजी स्वार्थ में समाज की परंपराओं का उल्लंघन करते हैं. परंपराओं का करना है सम्मानउन्हें कठोर चेतावनी देना जरूरी है इस बहिष्कार का उद्देश्य सनातन धर्म की मर्यादा बनाए रखना और परंपराओं का सम्मान करना है. जिलाध्यक्षअभिषेक पांडेय ने भी सभी ब्राह्मण और सनातन धर्म के अनुयायियों से आग्रह किया कि वे बहिष्कार का पालन करें और इस फैसले को गंभीरता से लेंताकि समाज को सही दिशा मिल सके. बैठक में उपेंद्र मिश्रा, पंचानन तिवारी, गोविंद दुबे, विवेकानंद परासर, श्रीराम मिश्रा, प्रियम उपाध्याय सहितकई वरिष्ठ ब्राह्मण नेता मौजूद थे. इन नेताओं ने इस निर्णय को सनातन धर्म की रक्षा और ब्राह्मण समाज की पहचान बनाए रखने के लिए आवश्यककदम बताया।यह फैसला उस विवाद के बीच आया है. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के घर प्रवेश के दौरान पूजा कराने वाले इन ब्राह्मणों केखिलाफ समाज में नाराजगी देखी गई थी. बहिष्कार के इस कदम से समाज में व्यापक चर्चा हो रही है और यह देखने वाली बात होगी कि इस निर्णयका कितना प्रभाव पड़ता है.बैठक में उपस्थित महासभा के नेताओं ने इन कर्मकांडी ब्राह्मणों के व्यवहार को ब्राह्मण समाज की प्रतिष्ठा और आस्था केखिलाफ बताया और इसे कलंक माना. महासभा ने स्पष्ट किया कि इन पांचों ब्राह्मणों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और कोई भी ब्राह्मण इन्हेंअपने धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल नहीं करेगा. सनातन समाज से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के पूजा-पाठ या कर्मकांड में इन व्यक्तियोंकी सेवाएं न लें.
प्रिंस गिल का जलवा एक टेस्ट में 430 रन, गावस्कर का रिकॉर्ड टूटा “विराट कोहली बोले” स्टार बॉय

कप्तान शुभमन गिल (161 रन) के दूसरे शतक की बदौलत भारत ने शनिवार को एजबेस्टन में जारी दूसरे टेस्ट के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी छहविकेट पर 427 रन बनाकर घोषित की और इंग्लैंड को जीत के लिए 608 रन का अंसभव लक्ष्य दिया. पांचवें दिन इंग्लैंड के बल्लेबाज मुश्किल मेंहोंगे क्योंकि टीम ने दूसरी पारी में स्टंप तक 72 रन तक तीन विकेट गंवा दिए जिसमें दो विकेट आकाश दीप और एक विकेट मोहम्मद सिराज नेझटका.प्रिंस के नाम से मशहूर गिल ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में दोहरा शतक लगाया था. उन्होंने लगातार दो पारियों में दो शतक जड़करअपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया. इसके बाद क्रिकेट के किंग कहे जाने वाले विराट कोहली ने इंस्टाग्राम स्टोरी में गिल की तारीफ की है. कोहली ने लिखा क्या खूब खेला है स्टार बॉय आप फिर से इतिहास लिख रहे हैं. यहां से सिर्फ आप ऊपर की तरफ जाएंगे और आगे बढ़ेंगे. सिलसिला रखा जारीगिल ने चार पारियों में तीसरा शतक जड़कर रन बनाने का सिलसिला जारी रखा. उन्होंने पहली पारी में 269 रन बनाए थे उनके अलावा दूसरी पारी मेंरवींद्र जडेजा (नाबाद 69), ऋषभ पंत (65) और केएल राहुल (55) ने अर्धशतक जड़कर योगदान दिया. भारत ने चौथे दिन चायकाल के एक घंटे बाददूसरी पारी घोषित की। हालांकि पारी घोषित करने के समय पर विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाए जिसमें चेतेश्वर पुजारा ने ऑन एयर कहा किभारत को कम से कम आधे घंटे पहले पारी घोषित कर देनी चाहिए थी. जब गिल के आउट होने के बावजूद पारी घोषित नहीं की गई तो होलीज स्टैंडमें इंग्लैंड के प्रशंसकों ने बोरिंग बोरिंग के नारे लगाए. इसके तुरंत बाद हूटिंग शुरू हो गई. चायकाल से तुरंत पहले शतक तक पहुंचने वाले गिल नेशोएब बशीर और कामचलाऊ जो रूट की स्पिन जोड़ी के खिलाफ अपना आक्रामक रुख अपनाते हुए डीप स्क्वायर और मिड-विकेट पर स्वीप शॉटलगाए. गिल की 162 गेंद की पारी में 13 चौके और आठ छक्के शामिल थे जिससे उन्होंने मैच में 430 रन बनाए. गिल और जडेजा ने पांचवें विकेटके लिए 175 रन की भागीदारी निभाई. एक टेस्ट में 344 बनाए रनइस प्रक्रिया में गिल ने किसी भी भारतीय के एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन जुटाने के मामले में महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर को पीछे छोड़ दियाजिन्होंने 1971 में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट में 344 रन बनाए थे. वह गावस्कर के बाद एक ही टेस्ट में 200 और 100 रनबनाने वाले दूसरे भारतीय भी बने. वहीं इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट गंवा दिए हैं और उन्हें जीत के लिए पांचवें दिन 536 रन की दरकार है. आकाश दीप ने खतरनाक बेन डकेट और जो रूट के विकेट झटके जबकि सिराज ने जाक क्राउली को आउटस्विंगर पर बैकवर्ड प्वाइंट पर कैच कराया. हैरी ब्रूक और ओली पोप नाबाद हैं।गिल ने चार पारियों में तीसरा शतक जड़कर रन बनाने का सिलसिला जारी रखा. उन्होंने पहली पारी में 269 रनबनाए थे. वहीं दूसरी पारी में प्रिंस ने 161 रन बनाए उनकी बल्लेबाजी देख खुद किंग कोहली भी उनकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाए.इस प्रदर्शन केसाथ गिल ने सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. जिन्होंने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट में 344 रन बनाए थे. गिल गावस्कर के बादऐसे दूसरे भारतीय बने जिन्होंने एक टेस्ट में डबल सेंचुरी और सेंचुरी दोनों बनाई. इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए 536 रन चाहिए और उन्होंने अब तकअपने तीन विकेट गंवा दिए हैं. आकाश दीप और मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड की शीर्ष क्रम को हिला दिया.
पूर्व CJI चंद्रचूड़ के सरकारी बंगले में अधिक समय तक रहने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से खाली कराने की मांग “बंगला बना विवाद का विषय”

पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ का सरकारी बंगले में ज्यादा दिन तक रुकना अब विवाद का कारण बन गया है. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने केंद्रसरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि 5 कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगला तुरंत खाली करवाया जाए. यह बंगला देश के मुख्य न्यायाधीश काआधिकारिक निवास है. चंद्रचूड़ नवंबर 2024 में रिटायर हुए थे लेकिन अब तक वहीं रह रहे हैं.सुप्रीम कोर्ट ने एक जुलाई को केंद्रीय आवास एवं शहरीमामलों के मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि देश के पूर्व मुख्य न्यायधीश चंद्रचूड़ तय समय से ज्यादा दिन बंगले में रह रहे हैं. नियम के मुताबिकरिटायरमेंट के बाद पूर्व मुख्य न्यायधीश को छह महीने तक टाइप-सात बंगले में रह सकते हैं. नियमों का किया उल्लंघनलेकिन चंद्रचूड़ टाइप-आठ बंगले में आठ महीने से रह रहे हैं जो नियमों का उल्लंघन है. इस मुद्दे पर चंद्रचूड़ ने कहा कि यह देरी उनके पारिवारिककारणों की वजह से हुई. उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियों को विशेष देखभाल की जरूरत है और उनके लिए उपयुक्त घर ढूंढना आसान नहीं था. सरकार ने उन्हें किराए पर दूसरा घर दिया है जिसकी मरम्मत चल रही है मरम्मत पूरी होते ही वह शिफ्ट हो जाएंगे.दिलचस्प बात यह है कि चंद्रचूड़ केरिटायरमेंट के बाद दो मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना और वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगला लेने सेइनकार कर दिया. दोनों ने अपने पुराने आवास में ही रहना पसंद किया इसी वजह से चंद्रचूड़ को बंगले में अतिरिक्त समय मिलने में आसानी हुई.सुप्रीमकोर्ट की तरफ से चंद्रचूड़ को पहले ही अप्रैल 2025 तक बंगला रखने की अनुमति दी गई थी. बाद में मई 2025 तक मौखिक रूप से मोहलत भीमिली. लेकिन अब वह समय भी बीत चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब और इंतजार नहीं किया जा सकता क्योंकि कई जजों कोआवास की जरूरत है.चंद्रचूड़ ने कहा कि उन्हें पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारियों का एहसास है. कुछ दिनों में छोड़ेगे बंगलाउन्होंने स्पष्ट किया कि वह कुछ ही दिनों में बंगला छोड़ देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले कई पूर्व मुख्य न्यायाधीश को भी परिस्थितियों कोदेखते हुए अतिरिक्त समय दिया गया है। वह यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट प्रशासन के साथ पहले ही साझा कर चुके हैं. यह मामला इसलिए भी चर्चा में हैक्योंकि सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में ऐसा कम ही देखा गया है जब अदालत को अपने आधिकारिक निवास को खाली कराने के लिए केंद्र सरकार कोलिखित रूप से कहना पड़े। आमतौर पर ऐसे मामलों में अंदरखाने समाधान निकाल लिया जाता है. लेकिन मौजूदा हालात में अदालत को सख्त कदमउठाना पड़ा जिससे यह मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया है.पूर्व मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ के सरकारी बंगले में तय समय से ज्यादा दिनरुकने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर बंगला तुरंत खाली कराने की मांग की है. चंद्रचूड़ ने इसे पारिवारिक मजबूरी बताया है उन्होंनेकहा कि उनकी बेटियों की विशेष जरूरतों के कारण नया घर मिलने में देरी हुई. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अब और मोहलत नहीं दी जा सकती.