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मायावती का योगी सरकार पर हमला राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के 3,500 दलित छात्रों की छात्रवृत्ति अधर में “समाधान की मांग”

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अलीगढ़ स्थित राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के छात्रवृत्ति के मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा उन्होंनेसोशल मीडिया साइड ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कई जिलों के दर्जनों कालेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं. इनमें हजारों एससी-एसटी वर्गके छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. इनके छात्रवृत्ति का सरकारी स्तर पर सही से व समय पर निपटारा नहीं हो सका इस कारण छात्र-छात्राओं के भविष्य के अधरमें लटकने के खतरे से लोगों में बेचैनी व आक्रोश व्याप्त है. उन्होंने आगे लिखा कि ‘विश्वविद्यालय व जिला प्रशासन द्वारा भी इस सम्बंध में बार-बारपत्राचार किया गया इसके बावजूद लखनऊ स्थित समाज कल्याण विभाग स्तर पर असंवेदनशीलता व लापरवाही बरती गई. इसका परिणाम है किलगभग 3,500 दलित छात्र-छात्राओं के शिक्षण जीवन पर भारी खतरा मंडरा रहा है. छात्रों का लटका है भविष्यचूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों से ही अलीगढ़ का यह विश्वविद्यालय स्थापित हुआ है इसके सुचारु संचालन में भी सही रुचिलेकर खासकर हजारों दलित छात्र-छात्राओं की इस गंभीर समस्या का समाधान वह तत्काल जरूर निकालेंगे ऐसी उम्मीद है. मायावती ने राजा महेंद्रप्रताप सिंह विश्वविद्यालय के छात्रवृत्ति का मामला उठाया. एक्स पर लिखा कि इससे एससी-एसटी वर्ग के छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटकाहै. उन्होंने सीएम योगी से इसके जल्द समाधान की मांग की. “राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में पढ़ने वाले हजारों एससी-एसटीछात्रों की छात्रवृत्ति का समय पर निपटारा नहीं हुआ है. इससे उनका भविष्य अधर में लटका है सीएम योगी जी इस गंभीर मामले का तत्काल समाधानकरें.उन्होंने कहा कि चूंकि यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से स्थापित हुआ है, इसलिए उन्हें चाहिए कि इस गंभीर समस्या परतत्काल संज्ञान लें और हजारों दलित छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करें.

सीएम योगी ने वन महोत्सव 2025 की समीक्षा की एक दिन में आबादी से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य, ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम परमहाअभियान

UP Latest News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में जुलाई में आयोजित होने जा रहे वन महोत्सव को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. सीएम ने निर्देश दिए कि इस अभियान को प्रदेशव्यापी जनांदोलन का रूप दिया जाए. वृक्षारोपण महाभियान-2025 का लोगो जारी करते हुएमुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार हम एक दिन में प्रदेश की कुल जनसंख्या से भी अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. एक पेड़ मां के नाम थीमपर आधारित यह वृक्षारोपण महाअभियान प्रदेश को हीटवेव से ग्रीनवेव की ओर ले जा रहा है.योगी ने कहा कि 2017 से 2024 के बीच प्रदेश में204.92 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं और भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार 2017 से 2023 के बीच उत्तर प्रदेश केहरित आवरण में ऐतिहासिक रूप से तीन लाख एकड़ की वृद्धि दर्ज की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वन महोत्सव की अवधि में जन्म लेने वाले प्रत्येकनवजात शिशु को ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट प्रदान किया जाए. शिशु के अभिभावकों को एक पौधा भी भेंट किया जाए. विघायलयों में कराया जाए बड़े स्तर पर पौधारोपणउन्होंने कहा कि इस बार वन महोत्सव में कुल 35 करोड़ पौधे रोपे जाने हैं जो प्रदेश की कुल आबादी से भी अधिक होगी पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ केसंदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाए. सीएम ने कहा कि प्रत्येक रोपे गए पौधे की जियो टैगिंग कराई जाए और उनकी फेंसिंग की समुचित व्यवस्थाहो. इस बार वन विभाग 12 करोड़ 60 लाख पौधे और अन्य विभाग 22 करोड़ 40 लाख पौधे लगाएंगे. समन्वय के लिए सभी विभागों में नोडलअधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है पौधों की आपूर्ति के लिए 1901 वन विभागीय पौधशालाओं, 146 उद्यान विभाग की पौधशालाओं, 55 रेशमविभाग की पौधशालाओं और 484 निजी पौधशालाओं में कुल 52 करोड़ 43 लाख पौधों की नर्सरी तैयार की गई है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए किप्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत लाभान्वित सभी विद्यालयों में बड़े स्तर पर पौधरोपण कराया जाए. सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों मेंसहजन सहित छायादार पौधों का रोपण आवश्यक रूप से किया जाए. सभी औद्योगिक इकाइयों और परिसरों में सघन पौधरोपण कराया जाए. जनसहभागिता को बनाया जाए सउलसभी निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में नीम, पाकड़, पीपल जैसे पौधों का रोपण प्राथमिकता से किया जाए.सीएम ने कहा कि सभी एक्सप्रेसवे के किनारेबड़े स्तर पर पौधरोपण कराया जाए. जिससे सर्विस लेन और मुख्य मार्गों के बीच आकर्षक हरित पट्टी तैयार हो सके. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधिके सभी लाभार्थियों से कम से कम एक पौधा अवश्य लगवाने के लिए समन्वय की आवश्यकता जताई. सीएम ने कहा कि इस अभियान कोजनसहभागिता से सफल बनाया जाए. नुक्कड़ नाटकों, चित्रकला, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, प्रभात फेरियों, फोटोग्राफी प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रमआयोजित किए जाएं.मुख्यमंत्री ने नदियों के पुनर्जीवन को भी केंद्र में रखने के निर्देश दिए. कहा कि नदियों के दोनों तटों पर पौधरोपण कराया जाए नदियों का चैनलाइजेशनभी किया जाए. सभी तालाबों के किनारों पर भी पौधरोपण सुनिश्चित हो और इन जलस्रोतों के संरक्षण व पुनर्जीवन का कार्य भी किया जाए.

दिल्ली में झुग्गियों के खिलाफ बुलडोज़र कार्रवाई पर AAP का प्रदर्शन, केजरीवाल बोले “मोदी की गारंटी झूठी झुग्गी तोड़कर बना दिया मैदान”

Dellhi Latest News: दिल्ली में झुग्गियों के तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी आज जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है. इस आयोजनमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज, आतिशी समेत तमाम बड़े नेता शामिल हुए हैं। इस दौरान केजरीवालभाजपा पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा ‘मोदी जी ने लोगों को ‘जहां झुग्गी-वहां मकान’ की गारंटी दी थी लेकिन उनका मतलब ‘जहां झुग्गी-वहां मैदान’ था और अब इन्होंने झुग्गियां तोड़कर मैदान बना दिया है. मोदी जी की गारंटी झूठी है अब आप लोग ध्यान रखना कि कभी भी मोदी जी की झूठीगारंटियों पर भरोसा नहीं करना है.अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसी जंतर मंतर से आम आदमी पार्टी ने अपना आंदोलन शुरू किया था. आज फिर सेझुग्गियों को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी ने अपना आंदोलन शुरू किया है. रेखा गुप्ता की सरकार नहीं चलेंगी पांच सालदिल्ली की झुग्गियों में 40 लाख लोग रहते हैं. यदि भाजपा ने दिल्ली की झुग्गियों को तोड़ना बंद नहीं किया तो रेखा गुप्ता की सरकार पांच साल नहींचल पाएगी. भाजपा की सरकार ने पांच महीने में दिल्ली की व्यवस्था को बेकार कर दिया है.केजरीवाल ने कहा कि फरवरी में जब आम आदमी पार्टीकी सरकार गई थी. उस समय दिल्ली में 24 घंटे बिजली आया करती थी लेकिन अब लंबे-लंबे पावर कट लग रहे है. भाजपा मुफ्त बिजली की स्कीमको बंद कर देगी। दिल्ली के निजी स्कूलों ने मनमाना फीस बढ़ाना शुरू कर दिया है जबकि आपकी सरकार में निजी स्कूल फीस नहीं बढ़ा पा रहे थे. दिल्ली में पानी को लेकर हाहाकार है हफ्तों तक पानी नहीं आ रहा भाजपा सरकार लगातार मोहल्ला क्लिनिको को बंद कर रही है.केजरीवाल ने आगेकहा कि भाजपा के पांच साल के बाद दिल्ली 50 साल पीछे चली जाएगी. दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा की सरकार एक जैसा ही काम करती है।दोनों दिल्ली में मिलकर चुनाव लड़ते हैं. जब कांग्रेस की सरकार थी तब भी काफी झुग्गियों को तोड़ा जाता था. कांग्रेस है अमीरों की पार्टीभाजपा और कांग्रेस अमीरों की पार्टी है और वह केवल अमीरों के लिए ही काम करती है. जबकि आम आदमी पार्टी गरीबों की पार्टी है और अपने 10 साल के कार्यकाल में आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली के स्कूल ठीक किए, मोहल्ला क्लीनिक बनाएं, बिजली सस्ती की. दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, “यदि दिल्ली में 40-50 लाख लोगों को भगाने का प्रयास होगा तो हमारे द्वारा आंदोलन की शुरूआत की गई है. यदिभाजपा की सरकार नहीं मानी तो दिल्ली के 40 लाख लोग सड़कों पर उतरेंगे और जिस दिन 40-50 लाख लोग दिल्ली की सड़कों पर उतर गए, उसदिन रेखा गुप्ता की सरकार तमाम बहुमत के बावजूद गिर जाएगी.उन्होंने आगे कहा, “पिछले 5 महीने से दिल्ली के अंदर बुल्डोजर चल रहे हैं गरीबों केसिर से छत छीनी जा रही है, उनके रोजगार छीने जा रहे हैं. कांग्रेस कहां है? कांग्रेस चुप क्यों है? राहुल गांधी अब तक इन गरीबों के लिए क्यों नहींआए? इसका मतलब साफ है कि दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा की मदद की.

रवि शास्त्री का शुभमन गिल को समर्थन तीन साल तक कप्तान बनाए रखें, सीरीज हार से फर्क नहीं पड़ता

भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल का समर्थन किया है. शास्त्री ने टीम प्रबंधन से अपील की हैकि अगर भारत इंग्लैंड में सीरीज गंवा देता है तो भी वे शुभमन गिल को कप्तान बनाए रखें। रोहित शर्मा के टेस्ट से संन्यास लेने के बाद गिल को यहजिम्मेदारी सौंपी गई थी. कप्तान के तौर पर पहले मैच में गिल को हार का सामना करना पड़ा था गिल ने कप्तानी के डेब्यू पर शतक लगाया था औरपांचवें भारतीय थे जिन्होंने कप्तान के तौर पर अपने पहले मैच में शतक जड़ा था. हालांकि उनके लिए कप्तानी का डेब्यू यादगार नहीं रहा क्योंकिइंग्लैंड ने पहले टेस्ट मैच में भारत को पांच विकेट से हराया. भारत की हार के बावजूद शास्त्री ने गिल की सराहना की है और टीम प्रबंधन से अपील कीहै कि वे गिल को तीन साल तक कप्तान बनाए रखें. शास्त्री ने कहा गिल बहुत परिपक्व हो गया है. जिस तरह से वह मीडिया को संभालता है. अनुकूल परिस्थियों में ढलने की जरुरतजिस तरह से वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करता है टॉस में वह बहुत परिपक्व हो गया है उसे तीन साल तक कप्तान रहने दो. सीरीज में जो कुछ भी होता हैउससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उसके साथ तीन साल तक रहो और मुझे लगता है कि वह टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करेगा.इसके अलावा शास्त्री ने यहभी कहा कि गिल में खेल के महान खिलाड़ियों में से एक बनने के सभी गुण मौजूद हैं और उसे समय के साथ परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की जरूरतहै. शास्त्री ने कहा अगर गिल आगे नहीं बढ़ पाते हैं तो मैं निराश हो जाऊंगा. अगर वह अनुभव के साथ सीख सकते हैं और परिस्थितियों के अनुकूल होसकते हैं तो मुझे लगता है कि वह एक ऐसा नाम है जिसे मैं देख सकता हूं. गिल की रणनीति पर उठे थे सवाल पहले मैच में हार के बाद कई क्रिकेटविशेषज्ञों ने गिल की रणनीति पर सवाल खड़े किए थे. भारतीय टीम की नजरें अब सीरीज में वापसी करने पर टिकी होंगी भारत और इंग्लैड के बीचदूसरा टेस्ट मैच दो जुलाई से बर्मिंघम में खेला जाएगा. भारत के लिए एजबेस्टन में खेलना आसान नहीं होगा क्योंकि टीम ने इस मैदान पर कोई टेस्टमैच नहीं जीता है.

बलिया में बेलगाम अपराध, संविधान का राज खत्म बोले सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल “जानें क्या है पूरा मामला”

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने श्याम लाल पाल ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के बने संविधान का राज समाप्त हो चुका है. प्रदेशमें कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। दो वर्ष से 16 वर्ष की बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं. पुलिस उन्हीं के परिजनों को जेल में डालरही है। बलिया में कई आपराधिक गैंग सक्रिय हैं. जब तक गैंग नहीं समाप्त होगा अपराध होते रहेंगे. प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल शनिवार की शाम बैरिया में सपा विधायक जयप्रकाश चंचल के आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.टोला शिवन राय गांव निवासी किशोर गोलू यादव की हत्या पर गहरी संवेदना व्यक्त की. सरकार से मांग की कि गोलू यादव के परिजनों को एक करोड़ की अर्थिक सहायता दी जाए. समाजवादी पार्टी भी अपनी तरफ से परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे शासन काल का जिक्र करते कहाकि बलिया में 12 से अधिक हत्याएं हो चुकी है. आरोपी के घर क्यों नहीं चला बुलडोजरआखिर अब तक बलिया में किसी आरोपी के घर पर बुलडोजर क्यों नहीं चला. प्रदेश में जंगलराज तो है ही सबसे अधिक बलिया में अपराधी बेलगामहो चुके हैं. फरसा गैंग, कुल्हाड़ी गैंग, तलवार गैंग न जाने कितने गैंग बलिया में सक्रिय हैं हत्या, लूट जैसे संज्ञेय अपराधों को अंजाम दे रहे हैं उन्होंने इसपर सख्त कार्रवाई की मांग की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शिवन टोला में हुई हत्या में शामिल हत्यारोपियों के साथ खड़ी है। बिजली, शिक्षा, चिकित्सा, सड़क के बदहाली की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार इन सभी मामलों में फेल है। जनता त्राहिमाम कर रही है कोई सुनने वाला नहीं हैविधायक जयप्रकाश अंचल, संग्राम सिंह यादव, मोहम्मद रिजवी, पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे.वहीं सपा का शिष्टमंडलप्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के नेतृत्व में मृतक किशोर के घर टोला शिवन राय गांव निवासी गोलू यादव के घर पहुंच कर संवेदना व्यक्त की. समाजवादी पार्टी कीतरफ से परिवार को आर्थिक सहायता सहित सभी प्रकार का सहयोग देने का भरोसा दिया.प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्षअखिलेश यादव के आदेश पर हम लोग यहां पहुंचे हैं. कठोर कार्रवाई की मांगपूरी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी, तारकेश्वर मिश्र, दशरथ यादव आदि रहे. आरोपियों केखिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की.बैरिया थाना क्षेत्र के शिवन टोला निवासी 14 वर्षीय गोलू यादव पुत्र हरेंद्र यादव की हत्या को कारणों कोलेकर गांव में अब भी उहापोह की स्थिति है. आखिर गोलू की हत्या क्यों हुई? यह यक्ष प्रश्न बनकर बना हुआ है दोनों गावों के लोग भी गोलू को एकअच्छे विचार और व्यवहार का लड़का बता रहे हैं.क्षेत्राधिकारी बैरिया मो. फहीम ने बताया कि अभी तक हत्या का कारण आपसी रंजिश पचा चल रहाहै. प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है अन्य की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं दूसरे दिन भी शिवन टोलाचट्टी पर भारी पुलिस बल व पीएसी चक्रमण करती रही.

लालू का सामाजिक न्याय सिर्फ परिवार को सत्ता दिलाने का जरिया, बोले सम्राट चौधरी “जानें क्या है पूरा मामला”

सम्राट चौधरी ने एक साक्षात्कार में कहा कि लालू यादव का ‘सामाजिक न्याय’ का मॉडल असल में परिवारवाद को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा पहलेखुद मुख्यमंत्री बने फिर पत्नी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया अब बेटे-बेटी को आगे लाने की कोशिश में लगे हैं. यही है लालू जी का सामाजिकन्याय लेकिन बिहार के विकास के लिए उनके पास कोई स्पष्ट योजना या मॉडल नहीं रहा.डिप्टी सीएम ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को बिहार कोआगे ले जाने का एक बड़ा मौका मिला था. लेकिन उन्होंने उस अवसर को गंवा दिया. राबड़ी देवी 8 वर्षों तक सिर्फ एक रबर स्टांप की तरह मुख्यमंत्रीबनी रहीं उस दौरान भी विकास की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई उन्होंने कहा सम्राट चौधरी सहित एनडीए नेताओं का दावा है कि लालू यादव केशासनकाल में बिहार की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप रही. वर्ष 2001 से 2005 के बीच राज्य की औसत जीडीपी वृद्धि दर मात्र 2.9% रही. उन्होंनेचारा घोटाले का जिक्र करते हुए राजद सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार, कुशासन और प्रशासनिक अराजकता के आरोप लगाए. मजबूती के साथ बढ़ाया आगेसम्राट चौधरी ने दावा किया कि यदि लालू यादव ने 1995 में उन्हें और उनके 22 पारिवारिक सदस्यों को जेल नहीं भेजा होता. तो वे राजनीति में नहींआते मेरे ऊपर झूठे हत्या के मुकदमे लगाए गए. मैंने तो मच्छर भी नहीं मारा था तीन साल तक केस लड़ा और तब जाकर राजनीति में आया उन्होंने कहाचौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार को विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया है बिहार कीराजनीति में नीतीश कुमार का प्रभाव स्थायी है जब मैं उनके खिलाफ था तो विरोध किया, आज जब साथ हूं तो पूरी ताकत से समर्थन कर रहा हूं. उन्होंने कहा भाजपा और एनडीए के अन्य नेताओं ने राजद के शासनकाल को ‘जंगलराज’ की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि उस दौर में कानून-व्यवस्थाचरमरा गई थी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल थीं, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था. साथ ही, अपहरण, जातीयहिंसा और संगठित अपराध चरम पर थे, जिससे लाखों लोगों को पलायन करना पड़ा. वहीं राजद और कांग्रेस जैसी विपक्षी पार्टियों का कहना है किआज भी बिहार में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं. विपक्ष का दावा है कि जनता इस बार बदलाव के मूड में हैऔर आगामी विधानसभा चुनाव में ‘इंडिया’ गठबंधन को समर्थन मिलेगा.

ओबरा में गरजी सपा की पीडीए पंचायत, मछुआ समाज के अधिकारों की उठी बुलंद आवाज़

समाजवादी पार्टी की ओर से शनिवार को ओबरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत चोपन के मैरिज हॉल में पीडीए पंचायत हुई. इसमें मल्लाह, निषाद, बिंद, माझी, केवट, कश्यप समेत मछुआरा समाज के लोगों की भीड़ उमड़ी.पंचायत में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए वक्ताओं ने कहाकि मौजूदा सरकार में मछुआ समाज समेत तमाम वंचित वर्गों के अधिकारों को छीना जा रहा है. मुख्य अतिथि पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री शंखलाल माझीने कहा कि सपा सरकार में मछुआ समाज को नदी, तालाब, पोखर, बालू-मोरंग के पट्टे, मछुआ आवास व आरक्षण जैसी योजनाओं से जोड़ा गया था. भाजपा सरकार ने इन अधिकारों को छीनकर समाज को हाशिए पर धकेल दिया.कहा कि भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों और निजीकरणकी आड़ में सरकारी संसाधनों की लूट से आमजन त्रस्त है. मछुआ समाज को अब एकजुट होकर विधानसभा चुनाव में सपा को मजबूत करना होगा. आदिवासी समाज का शोषण चरण परजिलाध्यक्ष रामनिहोर यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में आदिवासी समाज का शोषण चरम पर है. महंगाई बेरोजगारी और भ्रष्टाचार ने आमजन कोबुरी तरह प्रभावित किया है. इस सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सभी वर्ग सपा के साथ आएं. इस दौरान सांसद छोटेलाल सिंह खरवार, पूर्वविधायक अविनाश कुशवाहा, रमेश चंद्र दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव, विजय यादव, जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी, अनुसूचित जनजातिप्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रवि कुमार गोंड, भोलानाथ निषाद, राधा सिंह, सुनील गोंड, विजय शंकर जायसवाल, परमेश्वर यादव, अशोक पटेल, बाबूलाल यादव, रामप्यारे सिंह पटेल, रमेश यादव, डॉ. लोकपति सिंह पटेल, लालव्रत यादव, वीरेंद्र वर्मा, सुनील पवार, मीणा, जमुना, इंद्रदेव सिंहआदि मौजूद रहे. यूपी के सोनभद्र जिले में पीडीए पंचायत का आयोजन हुआ. इसमें मल्लाह समाज के लोगों का जुटान हुआ. समाजवादी पार्टी केनेताओं महंगाई और बेरोजगारी की चर्चा करते हुए भाजपा पर निशना साधा.

कोलकाता गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा संबित पात्रा का आरोप – टीएमसी से जुड़े छात्र संगठन के सदस्य शामिल, गार्ड्स रहे मूकदर्शक 

कोलकाता में एक लॉ छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद डॉ. संबित पात्रा ने एक बड़ा दावा करते हुए पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर गभीर आरोप लगाएहैं। संबित पात्रा ने कहा कि यह घटना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि राज्य की शासन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल है। उन्होंने दावाकिया कि कॉलेज यूनियन से जुड़े सात युवक, जो टीएमसी से संबंधित थे, इस घटना के दौरान एक साथ मौजूद थे। उन्हीं में से तीन युवकों पर गैंगरेपका आरोप है। उन्होंने कहा कि पीड़िता से एक आरोपी ने प्रेम संबंध स्थापित करने का प्रयास किया और उसे शादी का प्रस्ताव दिया। लेकिन युवती नेयह कहकर इनकार कर दिया कि वह पहले से एक रिश्ते में है और किसी और से शादी नहीं कर सकती। इसके बाद आरोपियों ने मिलकर इस भयावहवारदात को अंजाम दिया। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि घटना कॉलेज के गार्ड रूम के अंदर हुई, जहां उस समय सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। संबितपात्रा ने बताया कि आरोपियों ने गार्ड्स को इशारे में बाहर जाने के लिए कहा और वे सब कुछ जानकर भी कमरे से बाहर चले गए। उन्होंने किसी भीतरह से पीड़िता की मदद करने या आरोपियों को रोकने की कोशिश नहीं की। डॉ. संबित पात्रा ने इस घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय करारदेते हुए ममता सरकार पर सवाल उठाए कि आखिर राज्य में छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि अगर सत्ताधारी दल से जुड़ेछात्र नेता ही इस तरह की घटनाओं में शामिल होंगे, और कॉलेज प्रशासन तथा सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहेंगे, तो राज्य की बेटियों की सुरक्षा कीगारंटी कौन देगा? उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए और सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ हीगार्ड्स और कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। यह घटना न केवल एक छात्रा के साथ घिनौना अपराध है, बल्कि यह ममतासरकार की विफल कानून-व्यवस्था और नैतिक जिम्मेदारी का भी खुलासा करती है। भाजपा की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वे इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएंगे, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और भविष्य मेंऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

भूपेश बघेल, हरिश चौधरी, जीतू पटवारी और अनिल जयहिंद ने पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर भाजपा सरकार को घेरा, कहा – सुप्रीम कोर्ट केआदेश के बावजूद अधिकारों से वंचित किया जा रहा है 

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य सरकार परकड़ा प्रहार किया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल, श्री हरिश चौधरी, श्री जीतू पटवारी और अनिल जयहिंद ने एक स्वर में कहा कि भाजपा सरकारजानबूझकर पिछड़े वर्ग के लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित कर रही है।भूपेश बघेल ने कहा कि यह केवल आरक्षण का मामला नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की आत्मा से जुड़ा विषय है। उन्होंनेकहा कि जब देश की सबसे बड़ी अदालत ने 27 प्रतिशत आरक्षण को वैध ठहरा दिया है, तब राज्य सरकार की चुप्पी दर्शाती है कि वह पिछड़ा वर्गको उनका अधिकार नहीं देना चाहती। हरिश चौधरी, जो मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी भी हैं, ने जानकारी दी कि वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पिछड़े वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, जिसे वर्ष 2003 में बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया। लेकिन भाजपा की सरकार ने इसे कभी लागू नहींकिया। वर्ष 2019 में जब कांग्रेस की सरकार बनी और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने अध्यादेश लाकर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया। यहप्रस्ताव विधान सभा से पारित भी हुआ, लेकिन सरकार बदलने के बाद भाजपा ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। जीतू पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा ने जानबूझकर ओबीसी वर्ग के छात्रों को धोखे में रखा है। वर्षों से नियुक्तियाँ नहीं हो पा रहीहैं, प्रतियोगी परीक्षाएँ अधर में लटकी हैं, और सरकार यह कहकर लोगों को भ्रमित करती रही कि अदालत ने रोक लगाई है। जबकि 28 जनवरी2025 को उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया था कि 27 प्रतिशत आरक्षण पूरी तरह वैध है और इसे लागू किया जाना चाहिए। अनिल जयहिंद ने भाजपा की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा न तो सामाजिक न्याय में विश्वास रखती है, न ही समानता में। उनकीनीति हमेशा पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को पीछे रखने की रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार को अब यह बताना चाहिए कि सुप्रीम कोर्टकी दो-दो टिप्पणियों के बावजूद वह आरक्षण को लागू क्यों नहीं कर रही है। कांग्रेस नेताओं की प्रमुख माँगें- ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए।नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे छात्रों को अविलंब नियुक्तियाँ दी जाएं।सभी योग्य अभ्यर्थियों को पिछली सेवा अवधि का पूरा वेतन दिया जाए।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मंत्री मोहन यादव प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी माँगें।कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार की ओर से लगातार टालमटोल यह साबित करती है कि वह ओबीसी समाज के प्रति न तोसंवेदनशील है और न ही न्यायप्रिय। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है, और पार्टी हर मंच पर पिछड़े वर्ग के हक कीआवाज बुलंद करती रहेगी। जब संविधान सबको बराबरी का अधिकार देता है, तो फिर ओबीसी समाज को उनका अधिकार देने में देरी क्यों? इस प्रश्न के साथ कांग्रेस ने भाजपाको चेताया है कि यदि अब भी आरक्षण लागू नहीं किया गया, तो जन आंदोलन किया जाएगा।

8 महीने के मासूम युवांश के जीवन की लड़ाई संजय सिंह की देशवासियों से भावुक अपील

आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक बेहद मार्मिक अपील करते हुए देशवासियों से एक 8 महीने के मासूम बच्चे “युवांश” की जान बचानेके लिए मदद की गुहार लगाई है। संजय सिंह ने बताया कि युवांश हरियाणा का निवासी है और उसके पिता हरियाणा पुलिस में कार्यरत हैं।दुर्भाग्यवश, युवांश को स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी टाइप नामक एक गंभीर और जानलेवा बीमारी हो गई है, जिसका इलाज एक बेहद महंगे इंजेक्शन सेही संभव है, जिसकी कीमत लगभग 14 करोड़ रुपयेहैसंजय सिंह ने संसद में भी यह मुद्दा उठाया था और अब एक बार फिर जनता से भावनात्मकअपील करते हुए कहा है कि—क्या 140 करोड़ की आबादी वाला भारत इतना असहाय है कि हम मिलकर एक मासूम की जान न बचा सकें उन्होंनेबताया कि हरियाणा पुलिस के डीजीपी और पुलिस बल ने सराहनीय कदम उठाते हुए अपनी एक दिन की तनख्वाह युवांश की मदद के लिए देने कानिर्णय लिया है। संजय सिंह ने स्वयं भी ₹51,000 की सहायता राशि अपनी सैलरी से देने की घोषणा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अन्य राज्यों की सरकारों, सामाजिक संस्थाओं और मीडिया से भी अपील की कि वे इस गंभीर मामले को गंभीरता से लेंऔर इस मासूम की जान बचाने में योगदान दें। उन्होंने कहा— हर एक नागरिक को अपनी सामर्थ्य अनुसार आगे आना होगा। यह सिर्फ एक बच्चे कीनहीं, मानवता की परीक्षा है। डॉक्टर्स के मुताबिक, युवांश के पास समय बेहद कम है और अगर जल्द ही इलाज नहीं हुआ, तो उसकी जिंदगी सिर्फढाई साल तक ही सीमित रह जाएगी। अंत में संजय सिंह ने एक दान कोड भी साझा किया, जिससे कोई भी व्यक्ति इस नेक कार्य में अपना सहयोग देसकता है।