प्रोजेक्ट में देरी, कृत्रिम वर्षा पर धोखा और जंतर मंतर पर दमन-दिल्ली सरकार पर नहीं, अब केंद्र सरकार पर होनी चाहिए कार्रवाई – AAP

दिल्ली के वरिष्ठ विधायक सौरभ भारद्वाज ने एक साथ कई गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) को कटघरे में खड़ाकिया। उन्होंने कहा कि अगर विकास परियोजनाओं में देरी के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना है, तो वह सिर्फ दिल्ली सरकार नहीं, बल्कि केंद्रसरकार के मंत्री भी होने चाहिए। प्रोजेक्ट में देरी पर एकतरफा कार्रवाई क्यों? – सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में एक पुल – रानी लक्ष्मीबाई फ्लाईओवर – जिसका निर्माण कार्यवर्ष 1998 में प्रारंभ हुआ था, उसे पूर्ण होने में दो दशक लग गए। इसके बावजूद आज कोई केंद्रीय मंत्री जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। वहींअहमदाबाद से मुंबई तक बुलेट ट्रेन परियोजना 2023 तक पूरी होनी थी, लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि यह ट्रेन 2033 तक भी पूरी नहीं होगीऔर इसकी लागत भी दोगुनी हो गई है। अगर कोई परियोजना तय समय पर पूरी नहीं होती तो केवल दिल्ली सरकार को बलि का बकरा क्यों बनाया जाता है? क्या केंद्र सरकार के मंत्रियों कोजवाबदेह नहीं ठहराया जाना चाहिए?जंतर मंतर पर विरोध करना हमारा अधिकार – सौरभ भारद्वाज ने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है।उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों ने यह साफ किया है कि कोई भी नागरिक सरकार की नीतियों के विरोध में जंतर मंतर परअपनी आवाज उठा सकता है। अगर जंतर मंतर पर कोई अव्यवस्था या टकराव होता है, तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से दिल्ली पुलिस और उनकेवरिष्ठ अधिकारियों की होगी, जो केंद्र सरकार के अधीन कार्य करते हैं।
रूस में लापता भारतीयों की सुध क्यों नहीं ले रही मोदी सरकार? पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग का तीखा सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अमृत काल’ में जैसी घटनाएं हो रही हैं, वह बेहद चिंताजनक और अमानवीय हैं। यह कहना है पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजावड़िंग का, जिन्होंने आज प्रेस वार्ता में रूस में लापता हुए भारतीय नागरिकों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। राजा वड़िंग के साथ इस संवाद में दोपीड़ित परिजन — जगदीप जी और खुशबू यादव जी — भी मौजूद रहे, जो पिछले डेढ़ साल से अपने लापता भाई की तलाश में हैं, जो रूस मेंरहस्यमयी हालातों में गुम हो गए हैं।विदेश जाने का सपना, युद्ध में बदल गया – दिसंबर 2023 में भारत के 126 युवक, बेहतर जीवन की आस में सिंगापुर, मलेशिया और इटली जाने कीयोजना बनाकर एजेंटों के माध्यम से विदेश रवाना हुए थे। लेकिन धोखे से इन्हें मॉस्को (रूस) भेज दिया गया, जहां उन्हें जबरन रूसी सेना में भर्ती करलिया गया राजा वड़िंग ने बताया कि जगदीप जी के भाई सहित पाँच युवकों को एजेंटों ने रूस भेजा, और इसके बदले 35 लाख 40 हजार रुपयेलिए। लेकिन इन्हें इटली नहीं भेजा गया, बल्कि सीधे युद्ध क्षेत्र की ओर धकेल दिया गया। 15 दिन की ट्रेनिंग, फिर थमा दी मशीनगन – इन युवकों को मात्र 15 दिनों की सैनिक ट्रेनिंग दी गई और सीधे उन्हें मशीनगन थमा दी गईं। युद्ध मेंशामिल इन 126 लोगों में से करीब 100 लोग घायल अवस्था में किसी तरह वापस लौटे, लेकिन 14 लोग आज भी लापता हैं। जगदीप के भाई को मारने की बात – रूस से लौटे कुछ युवाओं ने बताया कि जगदीप जी के भाई को सैनिक प्रशिक्षण में कठिनाई हो रही थी, जिसकेकारण उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंततः मार डाला गया। हालांकि उनकी कोई पुष्टि या दस्तावेज़ी जानकारी अब तक सामने नहींआई है। हर दरवाज़े पर फरियाद, कोई सुनवाई नहीं – जगदीप जी और खुशबू यादव जी ने अपने भाई की तलाश में हर मंत्रालय, हर दफ्तर का चक्कर लगाया, लेकिन भारत सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विदेश मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक, हर जगह केवल आश्वासन मिला लेकिनकार्रवाई शून्य रही। लापता लोगों की सूचीइन 14 लापता लोगों में राज्यवार आंकड़ा इस प्रकार हैउत्तर प्रदेश के 9 लोग,पंजाब के 3 लोग,महाराष्ट्र 1 व्यक्ति,जम्मू-कश्मीर 1 व्यक्तिराजा वड़िंग ने केंद्र सरकार से तीखा सवाल किया – क्या ‘अमृत काल’ का यही मतलब है? अपने देश के नागरिकों को ठगी और मौत के मुंह में धकेलकर सरकार चुप क्यों बैठी है? विदेशों में फंसे या लापता भारतीयों की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी इस विषय को संसदमें उठाएगी और जब तक इन लापता युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।मानव तस्करी और सरकारी चुप्पी – एक खतरनाक मेल यह मामला मानव तस्करी, एजेंट नेटवर्क की धोखाधड़ी और सरकारी उदासीनता का खतरनाकउदाहरण बन चुका है। भारत सरकार को न सिर्फ इसकी उच्चस्तरीय जांच करनी चाहिए, बल्कि विदेश में लापता हर नागरिक की जिम्मेदारी लेनीचाहिए।
आपातकाल संविधान पर नहीं, जन-जीवन की आत्मा पर हमलाथा-डॉ. एस.जयशंकर,बीजेपी युवा मोर्चा दिल्ली द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट में विदेशमंत्री ने दिया स्पष्ट संदेश

आपातकाल की 50वीं बरसी के अवसर पर दिल्ली भारतीय जनता युवा मोर्चा ने राजधानी के नई दिल्ली नगरपालिका परिषद कन्वेंशन सेंटर में एकभव्य मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देश के विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्रसचदेवा और युवा मोर्चा दिल्ली अध्यक्ष श्री सागर त्यागी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि आज कीपीढ़ी को यह बताना था कि कैसे सत्ता की भूख में 1975 में संविधान, विचार और स्वतंत्रता को कुचला गया था। डॉ. एस. जयशंकर का दो टूक संदेश – विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने युवाओं को संबोधित करते हुए आपातकाल को भारत के लोकतंत्र का सबसेकाला अध्याय बताया। उन्होंने कहा आपातकाल कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं था, यह हमारी जीवनशैली पर एक सुनियोजित हमला था। और यह सबएक ही परिवार की सत्ता रक्षा के लिए किया गया। उन्होंने कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि जो आज संविधान की प्रतियां हाथों में लेकर घूमते हैं, क्याउन्होंने कभी आपातकाल के लिए क्षमा मांगी है? डॉ. जयशंकर ने बताया कि कैसे इमरजेंसी के दौरान जनता के मौलिक अधिकारों को छीन लियागया, अदालतों की शक्तियों को कम किया गया और कानून को सत्ता के खिलौने में बदल दिया गया। उन्होंने युवाओं को चेताया कि अगर आपकीजान भी चली जाए, तो उस समय कोर्ट भी आपको राहत नहीं दे सकता था यही था इमरजेंसी का निर्मम रूप। तीन खतरनाक संशोधन – विदेश मंत्री ने बताया कि इमरजेंसी में किए गए तीन संविधान संशोधन विशेष रूप से खतरनाक थे.38वां संशोधन -आपातकाल के फैसले को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।39वां संशोधन -प्रधानमंत्री के चुनाव को न्यायिक समीक्षा से बाहर कर दिया गया।42वां संशोधन – मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया और न्यायपालिका की भूमिका को कमजोर किया गया। वीरेंद्र सचदेवा का आह्वान- दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा मॉक पार्लियामेंट का आयोजन केवल प्रतीक नहीं, यह युवाओं कोजागरूक करने का प्रयास है – ताकि उन्हें पता चले कि कांग्रेस ने कैसे सत्ता के मोह में संविधान की हत्या की। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वेमोबाइल की दुनिया से निकलकर देशभक्ति की भावना से जुड़ें, तभी भारत सशक्त बनेगा। बिंदुओं में जयशंकर का मार्गदर्शन लोकतंत्र हमारे डीएनए में है – जनता ने ही इमरजेंसी के खिलाफ चुनाव के लिए सरकार को मजबूर किया।पारिवारिक सत्ता सबसे बड़ा खतरा है – इंदिरा ही भारत है जैसी सोच ने देश को नुकसान पहुंचाया।देश की बुराई विदेशों में करना राष्ट्रद्रोह है – इस प्रवृत्ति से बचना चाहिए। समाज को सशक्त बनाइए – जागरूक समाज इमरजेंसी जैसी स्थिति दोबारा नहीं आने देगा।राष्ट्र भावना सर्वोपरि है – ऑपरेशन सिंधूर जैसी घटनाएं राष्ट्रीय गर्व का कारण हैं।इतिहास को सिर्फ बीता हुआ समय न मानें – इमरजेंसी जैसी मानसिकता आज भी जीवित है।युवाओं की भागीदारी से संजीवनी – इस मॉक पार्लियामेंट में दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया और जीवंत बहसों के माध्यम सेलोकतंत्र, संविधान और आपातकाल के इतिहास को वर्तमान से जोड़ा। कार्यक्रम में आपातकाल पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकाडॉ. जयशंकर और श्री सचदेवा ने अवलोकन किया। डॉ. जयशंकर का संदेश साफ था —स्वतंत्रता को हल्के में मत लीजिए, यह खून-पसीने और संघर्ष से मिली है। इस आयोजन ने न केवल इतिहास कोदोहराया, बल्कि युवाओं को वर्तमान और भविष्य के प्रति जागरूक भी किया। मॉक पार्लियामेंट के मंच से उठी यह आवाज अब केवल अतीत कास्मरण नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प बन चुकी है।
जगन्नाथ पुरी जहां आस्था भी है और अद्भुत रहस्य भी,”झंडा हवा के विपरीत “चक्र हमेशा सीधा” ये है पुरी का दिव्य धाम

Odisha Rath Yatra latest News: ओडिशा के समुद्र तट पर स्थित यह धाम भगवान श्रीकृष्ण के जगन्नाथ स्वरूप को समर्पित है. जहां साथ मेंबलभद्र और सुभद्रा की भी पूजा होती है. हर वर्ष यहां आयोजित होने वाली रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।भारत के चार प्रमुख धामों मेंएक जगन्नाथ पुरी न केवल अपनी भव्यता और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. बल्कि अपने अद्भुत रहस्यों और चमत्कारों के लिए भी प्रसिद्ध हैओडिशा के समुद्र तट पर स्थित यह धाम भगवान श्रीकृष्ण के जगन्नाथ स्वरूप को समर्पित है जहां साथ में बलभद्र और सुभद्रा की भी पूजा होती है. हरवर्ष यहां आयोजित होने वाली रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं. यहां होते है विज्ञान से सारे नियम निरुत्तरपरंतु यह केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि ऐसा स्थान है जहां विज्ञान के सारे नियम भी निरुत्तर हो जाते हैं शिखर पर लगा झंडा इस मंदिर के शिखरपर लहराता झंडा हमेशा हवा के विपरीत दिशा में रहता है. ऐसा क्यों होता है आज तक कोई नहीं जान सका. यह झंडा प्रतिदिन बदला जाता है औरयह सेवा किसी न किसी सेवायत द्वारा बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मंदिर की ऊंचाई तक चढ़कर पूरी की जाती है. सामान्यतः समुद्र तट पर दिन में हवा ज़मीन की तरफ आती है और शाम को समुद्र की ओर लौट जाती है. लेकिन पुरी में यह नियम उलट है हवा दिन में समुद्र की ओर और रात को मंदिर की ओर बहती है.चक्र हमेशा दिखता है सीधा मंदिर के ऊपर […]
अमरनाथ यात्रा पर एकजुट हुआ कश्मीर, सर्वदलीय बैठक में सुरक्षा और सहयोग का संकल्प

अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को सभी राजनीतिक दलों से चर्चा करने और सहयोग लेने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को सर्वदलीयबैठक बुलाई. बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा समेत अन्य दलों के नेताओं ने सफल यात्रा के लिए प्रतिबद्धताजताई. कहा कि सभी मिलकर यात्रा को सकुशल संपन्न कराएंगे. उपराज्यपाल ने कहा बाबा अमरनाथ के आशीर्वाद के साथ इस वर्ष की तीर्थयात्राश्रद्धालुओं के लिए यादगार और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव से भरी होगी. यह जम्मू-कश्मीर के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगीएलजी ने सभी के सुझावों का स्वागत किया। बैठक में सभी पार्टियों के नेताओं ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की. कहा कि जिस तरह से कश्मीरघाटी के लोग अपनी राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर आतंकवाद के खिलाफ सड़कों पर उतरे उससे विरोधियों को यह कड़ा संदेश गया किहिंसा का हमारे समाज में कोई स्थान नहीं है. महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का किया प्रयासउपराज्यपाल ने कहा, सभी राजनीतिक दलों के नेता जम्मू-कश्मीर परिवार के सदस्य हैं और मेरा मानना है कि अमरनाथ यात्रा इस परिवार कीसामाजिक-सांस्कृतिक जिम्मेदारी है. हमें सभी भक्तों का स्वागत करने और अमरनाथ यात्रा को एक बड़ी सफलता बनाने के संकल्प के साथ कंधे सेकंधा मिलाकर चलना चाहिए. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिबद्धता दोहराई और पवित्र तीर्थयात्रा के लिए हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि इस पवित्र तीर्थयात्रा का सुचारू और सफल संचालन हम सबकी साझा जिम्मेदारी है जम्मू और कश्मीर के लोगों से श्रद्धालुओं कागर्मजोशी से स्वागत करने और यात्रा में प्रमुख हितधारकों के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का भी आग्रह किया.अमरनाथ यात्रा की सफलऔर सुरक्षित संचालन हेतु उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सर्वदलीय बैठक कर सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की. सभी दलों ने यात्रा केसमर्थन और आतंक के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए तीर्थयात्रियों के स्वागत और सुरक्षा की जिम्मेदारी साझा की.
पुरी से अहमदाबाद तक गूंजे जय जगन्नाथ के नारे,अमित शाह और CM भूपेंद्र पटेल ने खींचा रथ

Jagannath ji Rath Yatra: पुरी से अहमदाबाद तक भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकली करोड़ों श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में मंगला आरती में शामिल होकर आस्था जताई. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी रथ खींचा अमितशाह ने रथयात्रा को आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम बताया.देशभर में जगन्नाथ रथयात्रा की भव्यता और श्रद्धा का नजारा देखने को मिला. अहमदाबाद में 148वीं रथयात्रा के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर मंगल आरती में हिस्सा लिया. इस दौरानगुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे और उन्होंने रथ खींचने की रस्म भी निभाई. अमित शाह ने किया सोसल मीडिया पर पोस्टअमित शाह ने इस मौके पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि श्री जगन्नाथ रथयात्रा के पावन पर्व पर अहमदाबाद के श्री जगन्नाथ मंदिर मेंमंगल आरती में शामिल होना अपने आप में एक दिव्य और अद्भुत अनुभव है. मैंने महाप्रभु जगन्नाथ जी की पूजा-अर्चना की और देशवासियों केकल्याण और प्रगति की कामना की. इसके साथ ही उन्होंने रथयात्रा को आस्था, संस्कृति और विरासत का अद्भुत संगम बताया.उधर, ओडिशा के पुरीशहर में भी जगन्नाथ रथयात्रा के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ी. यहां भगवान जगन्नाथ उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली गईतीनों देवताओं को रथों पर सवार कर गुंडिचा मंदिर तक ले जाया गया. एक सप्ताह बाद लाया जाएगा दोबारा वापसजहां वे एक सप्ताह निवास करेंगे उसके बाद उन्हें वापस जगन्नाथ मंदिर लाया जाएगा.ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने सभी श्रद्धालुओं कास्वागत करते हुए कहा कि आस्था और श्रद्धा के साथ रथयात्रा में शामिल हों. महाप्रभु के दिव्य दर्शन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें उन्होंनेरथयात्रा को राज्य की संस्कृति और पहचान का अहम हिस्सा बताया.रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। वहीं, सुरक्षा के भीव्यापक इंतजाम किए गए. पुरी से लेकर अहमदाबाद तक पुलिस बल तैनात किया गया और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखी गई ताकि श्रद्धालुओं कोकिसी प्रकार की असुविधा न हो.अहमदाबाद में आयोजित 148वीं रथयात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए. रथ खींचने की परंपरा निभाते हुए मुख्यमंत्रीभूपेंद्र पटेल ने भी महाप्रभु जगन्नाथ के रथ को खींचा. चारों तरफ जय जगन्नाथ के नारों से माहौल गूंज उठा इस अवसर पर पूरे शहर में भक्ति औरउल्लास का माहौल देखने को मिला.
संविधान की प्रस्तावना पर संघ की टिप्पणी, कांग्रेस ने बताया ‘संविधान विरोधी षड्यंत्र

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाया. कांग्रेस का यह बयान तबआया है जब आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने संविधान की प्रस्तावना में समाजवाद और धर्मनिरपेक्ष शब्दों की समीक्षा करने की मांग की. कांग्रेस ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट कर कहा कि वह भाजपा-आरएसएस की साजिश को कभी सफल नहीं होने देगी. साथ ही ऐसे किसी भी कदमका पार्टी विरोध करेगी। कांग्रेस ने लिखा, ‘आरएसएस-भाजपा की सोच संविधान विरोधी है. अब आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले नेसंविधान की प्रस्तावना में बदलाव की मांग की है. कांग्रेस ने दावा किया कि होसबोले चाहते हैं कि संविधान की प्रस्तावना से समाजवादी औरधर्मनिरपेक्ष शब्द हटा दिए जाएं. संविधान को नष्ट करने की साजिशपार्टी ने कहा’यह बाबा साहब के संविधान को नष्ट करने की साजिश है. जिसे आरएसएस-भाजपा लंबे समय से रच रहे हैं.विपक्षी पार्टी ने दावा कियाकि जब संविधान लागू किया गया था. तब आरएसएस ने इसका विरोध किया था और इसकी प्रतियां जलाई थीं लोकसभा चुनाव में भाजपा नेताखुलेआम कह रहे थे कि संविधान बदलने के लिए उन्हें संसद में 400 से अधिक सीटों की जरूरत है. लेकिन जनता ने उन्हें सबक सिखा दिया कांग्रेस नेकहा, ‘अब एक बार फिर वे अपनी साजिशों में लगे हैं. लेकिन कांग्रेस किसी भी कीमत पर उनके इरादों को सफल नहीं होने देगी. संविधान की जय हो. दरअसल आरएसएस नेता होसबोले ने बृहस्पतिवार को संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों की समीक्षा करने की मांग की. देश से मांगनी चाहिए मांफीउन्होंने कहा कि इन शब्दों को आपातकाल के दौरान जोड़ा गया था उन्होंने कहा कि ये कभी भी बीआर अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान का हिस्सा नहीं थे. आपातकाल पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए होसबोले ने कहा’बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान की प्रस्तावना में कभी ये शब्द नहींरखे थे. आपातकाल के दौरान जब मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए संसद काम नहीं कर रही थी. न्यायपालिका लंगड़ी हो गई थी तब ये शब्दजोड़े गए. राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में होसबाले ने कहा आपातकाल थोपने वाले लोग आज संविधान जेब में लेकर घूम रहे हैं. इसके लिएउन्होंने आज तक देश के लोगों से माफी नहीं मांगी इन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए. आपातकाल के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि एकलाख लोगों को जेल में डाल दिया गया था.
CM रेखा गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी, दिल्ली की सड़कों पर दौड़ीं रंग-बिरंगी ई-बसें “DEVI बसों से गूंजेगी हर गली”

Dellhi Latest News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज को दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरचेंज (DEVI) योजना के तहत 100 से ज्यादानई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई. इसी के साथ नरेला ए-9 टर्मिनल का लोकार्पण किया। इस मौके पर परिवहन मंत्री पंकज सिंह भी मौजूद थे. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा “आज हमने नरेला बस डिपो का उद्घाटन किया है और देवी इलेक्ट्रिक बसों को भी समर्पित किया है. 9 रूटोंपर बसें चलेंगी. इन्हें बेहतरीन सुविधाओं से लैस किया गया है ये डिपो सिर्फ तीन महीने में बनकर तैयार हुआ है. हमारी कोशिश है कि दिल्ली कीसरकारी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को इलेक्ट्रिक मोड पर लाया जाए. जनता को न हो कोई परेशानीट्रांसपोर्ट व्यवस्था अपडेट हो और जनता को कोई परेशानी न हो. धीरे-धीरे हम व्यवस्था को पटरी पर ला रहे हैं दिल्ली रंग-बिरंगी है कई रंगों काइस्तेमाल होना चाहिए. इसलिए प्रयोग के तौर पर हरे और नारंगी रंग की बसें शुरू की गई हैं आज से रथ यात्रा शुरू हो रही है ये रंग भगवान जगन्नाथको समर्पित हैं. इस दौरान पंकज सिंह ने कहा आज बेहद खुशी और गर्व का दिन है. आज हम नरेला के 4,000 वर्ग मीटर एरिया में बने डीटीसीटर्मिनल के लोकार्पण के साथ डीटीसी DEVI के बेड़े में नई बसों को जोड़ रहे हैं. नरेला बस टर्मिनल का लोकार्पण और DEVI बसों की सौगात आनेवाले समय में दिल्ली में परिवहन में एक नई दिशा प्रदान करेगी. डीटीसी टर्मिनल में बस ड्राइवरों और कर्मचारियों के लिए सुविधा उपलब्ध हैं. इसकेसंचालन के लिए 34 मीटर के दो नए शेड बनाए गए हैं चार्जिंग पॉइंट्स स्टेशन, पार्किंग, कैंटीन, सुलभ शौचालय, स्वच्छ पानी है. दिल्ली सरकार नेसार्वजनिक परिवहन को अनुकूल बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.
आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर बोले एस. जयशंकर, भारत की छवि को हुआ था गहरा नुक़सान “जानें क्या है पूरा मामला”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर गांधी परिवार और कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि आपातकाल देश नहींबल्कि एक परिवार के हित में लगाया गया. उस दौर में लोकतंत्र कुचला गया संविधान से छेड़छाड़ हुई और हजारों लोग जेल में डाले गए. जयशंकर नेआज की राजनीतिक एकता और देशहित को लोकतंत्र की असली पहचान बताया.विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ परकांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि आपातकाल इसलिए लगाया गया क्योंकि देश से पहले एक परिवार के हित कोरखा गया उस दौरान न लोकतंत्र बचा न जनता की आवाज. परिवार ले रहा है सत्ता का मजालोग जेलों में बंद थे देश डर में जी रहा था और परिवार सत्ता का मजा ले रहा था. जयशंकर ने कहा कि कुछ लोग आज संविधान की किताब हाथ मेंलेकर घूमते हैं लेकिन दिल में उसका सम्मान नहीं करते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र की दुहाई देते हैं. वो आज तकआपातकाल पर माफी नहीं मांग सके. जयशंकर ने बताया कि जब वह विदेश सेवा में नए थे, तब उनके सीनियर्स ने उन्हें बताया था कि दुनियाभर मेंभारत की ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ वाली छवि को गहरा धक्का लगा था. भारत की बहुत आलोचना हुई और भारतीय राजनयिकों के लिए हालात बेहदकठिन हो गए थे. विदेश मंत्री ने कहा कि आपातकाल के दौरान सिर्फ दो साल में 5 बार संविधान में संशोधन हुआ और 48 अध्यादेश लाए गए. 38वेंसंशोधन में आपातकाल को अदालत में चुनौती देने का अधिकार छीना गया जबकि 42वें संशोधन में मौलिक अधिकार कमजोर कर दिए गए औरन्यायपालिका की शक्ति सीमित की गई. सरकार की लोकप्रियता लगी थी गिरनेएस. जयशंकर ने कहा कि 1971 में मिली चुनावी जीत के कुछ साल बाद ही सरकार की लोकप्रियता गिरने लगी थी. भ्रष्टाचार और महंगाई बढ़ गईथी गुजरात और बिहार में आंदोलन चल रहे थे ‘युवराज’ के बिजनेस को लेकर सवाल उठ रहे थे. ऐसे में सरकार ने सत्ता बचाने के लिए आपातकालथोप दिया. उन्होंने आगे कहा कि उस दौर में देश का मनोबल तोड़ने की साजिश हुई जो राजनीति में थे. उन्हें पता था कि कभी भी गिरफ्तार किया जासकता है. जो जेल गए उन्हें नहीं पता था कि कब बाहर निकलेंगे। इतना डर और अन्याय शायद ही कभी देखा गया हो. जयशंकर ने कहा कि ‘किस्साकुर्सी का’ फिल्म के नाम में ही उस वक्त की असलियत छिपी है. जब परिवार को देश से ऊपर रखा जाता है, तब ही आपातकाल जैसे काले अध्यायलिखे जाते हैं.
ट्रंप का बड़ा संकेत भारत के साथ शानदार व्यापार समझौते की ओर बढ़ रहा है अमेरिका, भारत अमेरिका व्यापार वार्ता हुई पूरी

International Reletions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भारत के साथ बहुत बड़े और शानदार व्यापार समझौते का संकेत दिया. यह बात दोनों देशों के अधिकारियों की टीम की ओर से व्यापार समझौते पर चार दिवसीय बंद बातचीत के कुछ सप्ताह बाद कही गई। यह बातचीतबंद कमरे में की गई थी व्हाइट हाउस में ‘बिग ब्यूटीफुल इवेंट’ को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ उनका बहुत बड़ा सौदा होने जा रहाहै. ट्रंप ने कहा, ‘हर कोई सौदा करना चाहता है उसका हिस्सा बनना चाहता है याद कीजिए कुछ महीने पहले मीडिया कह रही थी कि क्या वाकई कोईऐसा है. जिसकी कोई दिलचस्पी हो? खैर, हमने कल ही चीन के साथ समझौता किया है. हम कुछ बेहतरीन सौदे कर रहे हैं। हम एक और सौदा करनेवाले हैं. देश के साथ व्यापार नहीं करेंगा समझौताशायद भारत के साथ बहुत बड़ा सौदा ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका हर दूसरे देश के साथ व्यापार समझौते नहीं करेगा. उन्होंने कहा’हम हर किसी केसाथ सौदे नहीं करने जा रहे हैं. कुछ लोगों को हम बस एक पत्र भेजकर बहुत-बहुत धन्यवाद कहेंगे. आपको 25, 35, 45 प्रतिशत का भुगतान करना हैयह ऐसा करने का आसान तरीका है मेरे लोग इसे इस तरह से नहीं करना चाहते. वे कुछ करना चाहते हैं लेकिन वे मुझसे ज्यादा सौदे करना चाहतेहैं.मामले से परिचित लोगों ने बताया कि मेगा व्यापार सौदे पर चार दिवसीय वार्ता में कथित तौर पर दोनों देशों में औद्योगिक और कृषि उत्पादों केलिए अधिक बाजार पहुंच टैरिफ में कटौती और गैर-टैरिफ अड़चनों पर मुख्य रूप से फोकस किया गया था. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्वअमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों ने किया था. अर्थव्यवस्थाओं को होगा लाभजबकि व्यापार मंत्रालय के वार्ताकारों की भारतीय टीम का नेतृत्व राजेश अग्रवाल (वाणिज्य एवं उद्योग सचिव) ने किया था. कथित तौर पर समझौतेके लिए बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 190 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 500 बिलियनडॉलर करना है 10 जून को वार्ता समाप्त होने पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत और अमेरिका एक निष्पक्ष औरन्यायसंगत व्यापार समझौते पर बातचीत करने की प्रक्रिया में हैं. जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औरअमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप फरवरी 2025 में मिले. हमारे दोनों नेताओं ने एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते में प्रवेश करने का फैसला किया है, जो दोनोंअर्थव्यवस्थाओं, दोनों पक्षों के व्यवसायों और दोनों देशों के लोगों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी होगा. हम व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एकअच्छा, निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित समझौता करने के लिए बातचीत कर रहे हैं.