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अनुशासनहीनता पर कांग्रेस का बड़ा फैसला, दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह 6 साल के लिए पार्टी से किया निष्कासित

MP Latest News: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह पर पार्टी ने बड़ा एक्शन लिया है. पार्टी ने लक्ष्मण सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद लक्ष्मण सिंह ने राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला और रॉबर्ट वाड्राको लेकर बयान दिए थे. उनके यह ही बयान अब उन पर भारी पड़ गए हैं. जारी पत्र में कहा गया है कि लक्ष्मण सिंह के राहुल गांधी, उमर अब्दुल्लाऔर रोबर्ट वाड्रा को लेकर दिए गए बयानों को पार्टी ने अनुशासनहीनता मानता है. इसी के चलते अब उन्हें पूरे 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्तादिखाया गया है. दरअसल कांग्रेस पार्टी से लक्ष्मण को 6 साल के लिए निष्कासित करने के लिए कांग्रेस की डिसिप्लिनरी कमिटी के अध्यक्ष सांसदतारिक अनवर ने आला कमान को सिफारिश भेजी थी. लिया जा चुका है एक्शनलगातार यह बात सामने आ रही थी कि उन्हें पार्टी से बाहर निकाला जा सकता है हालांकि अब यह एक्शन लिया जा चुका है. कांग्रेस मीडिया विभागके अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने लक्ष्मण सिंह को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उनकीप्राथमिक सदस्यता भी निरस्त कर दी गई है. नायक ने कहा कि यह संदेश है कि डिसिप्लिन सबके लिए है. अनेक बार लक्षण सिंह ने पार्टी को असहजकर देने वाले बयान दिए थे पिछला बयान था कि राहुल गांधी सोनिया गांधी आतंकवादियों के साथ खड़े हैं. इस बयान को बर्दाश्त नहीं किया गयाऔर उनको निष्कासित कर दिया गया है. नायक ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की तरह नहीं है. अनिशासनहीनता करने पर दिखाया जाएगा बाहर का रास्तादरअसल जहां मंत्री विजय शाह इस तरह के बयान के बाद भी बैठे हैं. लक्ष्मण सिंह को उसी दल में भाजपा डालेगी जिसमें सुरेश पचौरी पड़े हुए हैं. कांग्रेस में अनुशासनहीनता बरदाश्त नहीं किया जाएगा कोई भी हो. अनुशासनहीनता करने पर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. लक्ष्मण सिंह ने24 अप्रैल को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के खिलाफ बयान दिया था. उन्होंनेउमर अब्दुल्ला को आतंकवादियों से मिले होने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि हमारे नेताओं को सोच-समझकर बोलना चाहिए नहीं तोचुनावों में उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा अगर पार्टी को मुझे निकालना है तो आज ही निकाल दें.

एलन मस्क ने ट्रंप पर दिए बयानों पर जताया अफसोस, बोले सोशल मीडिया पर ज्यादा लंबा खिच गया विवाद

International News: अमेरिका में राजनीतिक उथल-पुथल के संकेतों के बीच एलन मस्क के तेवर नरम पड़ते दिख रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केसमर्थक रहे अरबपति उद्योगपति एलन मस्क अब उनकी नीतियों की मुखर आलोचना करने के करीब एक हफ्ते बाद अपने बयानों पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा कि एक्स पर जारी वार-पलटवार का मामला लंबा खिंच गया. ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर उन्होंने जो भी बयान दिए. इसका उन्हेंगहरा अफसोस है। गौरतलब है कि दोनों दिग्गजों के बीच यह टकराव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किए गए सिलसिलेवार पोस्ट से बीते पांच जून सेशुरू हुई थी. बता दें कि मस्क ने ट्रंप के साथ सीधे टकराव के बीच अपनी अंतरिक्ष परियोजनाओं को बंद करने का एलान कर दिया था.ट्रंप को भीपत्रकारों के बीच लगातार मस्क से टकराव के मुद्दे पर बोलते देखा गया. पत्रकारों ने किया एलान मुझे है पसंद एलन मस्कविवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सबसे पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा मुझे एलन हमेशा पसंद रहे हैं. मैं चाहूंगा कि वे बिल कीबजाय मेरी आलोचना करें. क्योंकि बिल अविश्वसनीय है। यह हमारे देश के इतिहास में सबसे बड़ी कटौती है. यह लगभग 1.6 ट्रिलियन डॉलर कीकटौती है यह सबसे बड़ी कर कटौती है लोगों पर लगने वाले टैक्स बहुत कम हो जाएंगे. हम उस बिल में ऐसी चीजें कर रहे हैं जो अविश्वसनीय हैं. एलन इसलिए परेशान हैं क्योंकि हमने इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल (EV) से जुड़े फैसले लिए. इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बहुत अधिक धन दिया जा रहा था. कटौती के बाद मस्क को मुश्किल समय का सामना करना पड़ रहा है वे चाहते हैं कि सरकार सब्सिडी के रूप में अरबों डॉलर का भुगतान करे.ट्रंप केबयान के मस्क ने एक्स पर लिखा अगर उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन नहीं किया होता. तो ट्रंप 2024 का राष्ट्रपति चुनाव हार जाते. मस्क ने दावाकिया कि ऐसी स्थिति में डेमोक्रेट्स को अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिल जाता और संसद के ऊपरी सदन यानी सीनेट में रिपब्लिकनपार्टी सिर्फ 51-49 के अंतर से सीनेट में बढ़त बना पाती.

कालकाजी भूमिहीन कैंप पर बुलडोज़र कार्रवाई:20-30 सालों से बसे गरीबों को उजाड़ने की तैयारी-अतिशी

दिल्ली के कालकाजी क्षेत्र में स्थित भूमिहीन कैंप में बीते कुछ दिनों से चल रही घटनाओं ने दिल्ली की राजनीति में हलचल मचा दी है। वर्षों से इसइलाके में रह रहे सैकड़ों परिवारों को बेदखल करने की तैयारी प्रशासन द्वारा की जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे 20 से 40 वर्षों सेयहां रह रहे हैं, उनके बच्चे यहीं स्कूल जाते हैं, वे यहीं मेहनत-मजदूरी कर जीवन चला रहे हैं। लेकिन अब बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाया जारहा है।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता रेखा गुप्ता ने हाल ही में दावा किया था कि “कोई भी झुग्गी टूटी नहीं है, और टूटेगी भी नहीं।” लेकिन महज 48 घंटे के भीतर ही इस बयान की सच्चाई सामने आ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस और डीडीए ने मिलकर एक योजनाबद्ध ढंग सेझुग्गियों को घेर लिया और लोगों को जबरन बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बीजेपी नेताओं का तर्क है कि वे कोर्ट के आदेश का पालन कररहे हैं। लेकिन स्थानीय निवासियों का दावा है कि जब उन्होंने कोर्ट में घर देने की मांग की तो सरकार ने खुद फ्लैट आवंटन का विरोध किया। कोर्ट नेइस आधार पर आदेश दिया कि इन बस्तियों को हटाया जाए। सवाल यह उठता है कि जब सरकार खुद कोर्ट में कहती है कि वह मकान नहीं दे सकती, तो फिर गरीबों को कहां बसाया जाएगा? सरकार द्वारा 1862 फ्लैट आवंटित किए गए, लेकिन वहां रह रहे हजारों लोगों में से अधिकतर को मकाननहीं मिला। वहीं से कुछ ही दूरी पर टीडीएस के बनाए 324 फ्लैट खाली पड़े हैं, जिन्हें इन लोगों को दिया जा सकता था। बीजेपी ने चुनावी वादों मेंकहा था कि झुग्गी में रहने वालों को उसी जगह पर मकान दिया जाएगा, लेकिन आज वह वादा सिर्फ जुमला बनकर रह गया।महिलाओं और बच्चों के साथ पुलिस की सख्ती- विरोध करने पर महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं सामने आईं। कईमहिलाओं ने आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने भी महिलाओं से दुर्व्यवहार किया। एक महिला, सीता देवी, ने बताया कि उनकी साथी महिलाकी पीठ पर लाठी मारी गई जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटनास्थल पर जब विपक्षी नेता और विधायक पहुंचे, तो उन्हें मिलने से भी रोकागया। महिला नेताओं के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। डीसीपी साउथ और अन्य अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने लोकतंत्र की गरिमा का उल्लंघनकिया और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया।दिल्ली में इस तरह से बसी झुग्गियों को उजाड़ना केवल एक प्रशासनिक कार्यवाही नहीं है, बल्कि यह एक मानवीय संकट है। यह घटना दर्शाती है किकिस तरह सत्ता और सिस्टम मिलकर गरीबों की आवाज को दबा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वह केवल कोर्ट के आदेशों की आड़ में कार्रवाई करनेकी बजाय, वैकल्पिक आवास, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन की गारंटी दे। वरना यह मुद्दा केवल कालकाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्लीकी आत्मा को झकझोर कर रख देगा

भारतीय छात्रों के साथ अमेरिका में दुर्व्यवहार: भारत कब उठाएगा सख्त कदम? सुप्रिया श्रीनेत 

भारत आज वैश्विक मंच पर एक मजबूत और उभरती शक्ति के रूप में स्थापित हो चुका है। हमारे छात्र, वैज्ञानिक, डॉक्टर और प्रोफेशनल्स पूरी दुनियामें अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश का नाम रोशन कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में अमेरिका में एक भारतीय छात्र के साथ हुए बर्बर और अपमानजनकव्यवहार ने न सिर्फ मानवाधिकारों की अवहेलना की है, बल्कि भारत की संप्रभुता और गरिमा को भी चुनौती दी है।अपमान की हदें पार – एक भारतीय मूल का छात्र, जो बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया था, उसे न केवल बेवजह रोका गया, बल्कि एयरपोर्टपर जमीन पर पटककर अपराधी की तरह हथकड़ी पहनाई गई। घंटों पूछताछ और टॉर्चर किया गया। यह व्यवहार किसी लोकतांत्रिक देश में स्वीकार्यनहीं हो सकता। यह घटना कोई पहली नहीं है। बीते कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों के वीज़ा रद्द होने, बैंक खाते फ्रीज़ किए जाने और बिना कारण जबरनदेश निकाला देने जैसी घटनाएं कई बार सामने आई हैं।अमेरिका की दोहरी नीति- भारत को ‘रणनीतिक साझेदार’ कहने वाला अमेरिका एक ओर पाकिस्तान जैसे आतंक समर्थक देश के नेताओं की तारीफकरता है, वहीं भारतीय युवाओं को अपमानित करता है। शहबाज़ शरीफ को “काबिल प्रधानमंत्री” कहकर सम्मानित किया जाता है, लेकिन भारत केप्रधानमंत्री की अनदेखी की जाती है। क्या यह भारत-अमेरिका संबंधों की सही तस्वीर है? सरकार की चुप्पी सवालों के घेरे में हर बार जब ऐसी कोईघटना होती है, भारत सरकार सिर्फ एक औपचारिक बयान जारी करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ लेती है। आखिर कब तक यह चुप्पी चलतीरहेगी? क्या प्रधानमंत्री को अमेरिकी नेतृत्व से इस पर सीधा जवाब नहीं मांगना चाहिए? क्या विदेश मंत्रालय को अमेरिकी अधिकारियों के सामने कड़ीआपत्ति नहीं दर्ज करानी चाहिए। यह केवल छात्र नहीं, भारत की अस्मिता का सवाल है- हर भारतीय जो विदेश में रहता है, वह भारत की संस्कृति, मूल्यों और गरिमा का प्रतिनिधित्व करता है। उसके साथ किया गया अन्याय पूरे देश के आत्मसम्मान पर आघात है। यह केवल एक छात्र का मामलानहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्रीय चरित्र और प्रतिष्ठा का विषय है। भारत को अब यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि वह मित्रता के नाम पर अपमान सहन नहींकरेगा। अमेरिका को यह सख्त संदेश देना चाहिए कि भारतीय मूल के लोगों के साथ होने वाला व्यवहार सुधरे, अन्यथा इसका असर द्विपक्षीय संबंधोंपर पड़ेगा। भारत कोई ‘वोट बैंक’ या ‘बाजार’ नहीं, बल्कि आत्मगौरव और गरिमा से युक्त देश है — और उसे वैसा ही सम्मान दिया जाना चाहिए।

ग्वालियर में बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति स्थापना पर कांग्रेस का विरोध

ग्वालियर, मध्यप्रदेश: कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापना के खिलाफ कड़ा विरोधजताया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी राय रखी, जिसमें श्री जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, हरीश चौधरी, फूल सिंह बारिया और अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।मुख्य बिंदुमूर्ति स्थापना का विरोध और संवैधानिक प्रक्रिया: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि ग्वालियर हाई कोर्ट परिसर में बाबा साहेब की मूर्ति की स्थापनाबिना कानूनी प्रक्रिया के की जा रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने आंदोलन और जनजागरण का आह्वान करते हुए संवैधानिक लड़ाई लड़ने का संकल्पलिया। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक सही कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाएगा, तब तक वह इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से उठातेरहेंगे।आरएसएस पर आरोप: कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों के खिलाफ है और उनकीमूर्ति को सिर्फ एक विशेष वर्ग तक सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने यह दावा किया कि आरएसएस बाबा साहेब के विचारों कोविकृत करने और उनका वास्तविक योगदान कम करके दिखाने की कोशिश कर रहा है।राजनीतिक मुद्दा और कोर्ट की भूमिका: कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) पर आरोप लगाया कि वह बार-बार समाज को भावनात्मकमुद्दों में उलझाकर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास करती है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से 15 दिन का संरक्षण मिलने की बात भी सामने आई, जिससे मूर्ति स्थापना पर फिलहाल रोक लग गई है। कांग्रेस ने कोर्ट की भूमिका का सम्मान करते हुए इसे कानूनी रास्ते से सुलझाने की आवश्यकताबताई है।कांग्रेस की स्थिति: कांग्रेस पार्टी ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों, उनके संविधान निर्माण में योगदान औरसामाजिक न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह हर वर्ग, जाति और धर्म के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सदैवतत्पर है। कांग्रेस संविधान की रक्षा को अपनी प्राथमिकता मानती है और समाज के हर वर्ग के साथ खड़ी है।यह मामला न सिर्फ कानूनी दृष्टिकोण से, बल्कि सामाजिक और संवैधानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने इसे एक संवेदनशील मुद्दा बतायाऔर इसे न सिर्फ कानूनी, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशिता से जोड़ते हुए राजनीतिक स्तर पर जोरदार तरीके से उठाया है। यह पूरी बहस इसबात की प्रतीक है कि कांग्रेस पार्टी अंबेडकर के विचारों की रक्षा करने के लिए हर स्तर पर खड़ी है।

झुग्गीवासियों की आवाज उठाने पर AAP नेता आतिशी गिरफ्तार, BJP पर तानाशाही के आरोप जानें क्या है पूरा मामला

Dellhi latest News: दिल्ली के झुग्गीवालों की आवाज उठाने पर आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता व नेता प्रतिपक्ष आतिशी को भाजपा सरकारने गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उन्हें भूमिहीन कैंप से 43 किमी दूर बाबा हरिदास नगर थाने ले गई. वह मंगलवार को कालकाजी विधानसभा स्थितभूमिहीन कैंप में भाजपा सरकार के बुलडोजर के खिलाफ झुग्गीवालों के संघर्ष में साथ देने पहुंची थीं. भाजपा ने इन गरीबों की आवाज दबाने के लिएउनके पहुंचने से पहले ही बड़ी तादात में पुलिस बल तैनात कर रखा था. इस कार्रवाई के खिलाफ ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेतअन्य वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ग़रीबों की आवाज़ उठाने पर हमारे नेताओं की गिरफ़्तारीतानाशाही है. अरविंद केजरीवाल ने एक अन्य पोस्ट कर कहा कि मात्र तीन महीनों में भाजपा ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया भाजपा सरकार पूरी दिल्लीमें ग़रीबों के आशियाने उजाड़ रही है. लोगों को बेघर कर रही है। जब आम आदमी पार्टी ग़रीबों के साथ खड़ी होती है और उनकी आवाज़ उठाती है. तोहमारे नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया जाता है।आज नेता विपक्ष आतिशी को हिरासत में लिया गया ये तानाशाही है भाजपा चाहे हम सबको गिरफ़्तारकर ले. लेकिन हम दिल्ली की आम जनता के हक़ के लिए आवाज़ उठाते रहेंगे. झुग्गीवालों की उठा रही हूं आवाजवहीं भूमिहीन कैंप पहुंची आतिशी ने कहा कि भाजपा दिल्ली में सभी झुग्गियों को तोड़ने वाली है. आज मुझे जेल में ले जा रही है क्योंकि इनझुग्गीवालों की आवाज उठा रही हूं. सीएम रेखा गुप्ता को इन गरीबों की हाय लगेगी. भाजपा कभी दिल्ली में वापस नहीं आ पाएगी. उन्होंने कहा किदो दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि एक भी झुग्गी को तोड़ा नहीं जाएगा. झुग्गियों को छुआ भी नहीं जाएगा इसके बावजूद आजभूमिहीन कैंप में भारी तादात में फोर्स खड़ी है. आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार बुधवार को भूमिहीन कैंप में बुल्डोजर चलाने वाली है. भूमिहीन कैंप में रहने वाले जिन लोगों के बुधवार को घर उजड़ने वाले हैं वह इसके विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. यहां रहने वाले लोग अपने कागजात लेकर खड़े थे और कह रहे थे कि हमारे घर मत उजाड़ो. उन लोगों को पूरी बर्बरता के […]

हमास युद्ध के बीच नेतन्याहू सरकार संकट में, अति-रूढ़िवादी सैन्य कानून पर गठबंधन में फूट

हमास के साथ युद्ध के बीच इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू सरकार संकट में फंस गई है अति-रूढ़िवादी सैन्य कानून लागू करने के चलते उनकेगठबंधन के सहयोगियों ने सरकार का साथ छोड़ने का एलान किया है. इस्राइल में बुधवार को संसद भंग करने के लिए मतदान हुआ. विपक्ष का कहनाहै कि अगर गठबंधन के साझेदार सरकार से नाता तोड़ लेंगे तो संसद भंग हो जाएगी. अभी यह साफ नहीं है कि कौन-कौन सहयोगी सरकार का साथदेंगे. इस्राइल में अब तक यहूदी पुरुषों को लगभग तीन साल की सैन्य सेवा करनी होती है. इसके बाद कई साल रिजर्व ड्यूटी करनी होती है. वहींयहूदी महिलाओं को दो वर्ष अनिवार्य सेवा करनी होती है। जबकि इस्राइल में राजनीतिक रूप से सशक्त अति-रूढ़िवादी समुदाय को इससे छूट थी. धार्मिक कार्य था संभालतायह समुदाय धार्मिक कार्य संभालता है और इसके युवाओं को 26 साल की उम्र तक सरकार वजीफा देती है. अब इस्राइल की सरकार ने अति-रूढ़िवादी सैन्य कानून के तहत इस समुदाय के लोगों को भी सेना में काम करना अनिवार्य कर दिया. इस्राइल की सुप्रीम कोर्ट ने भी 2017 में अतिरूढ़िवादी को सैन्य सेवा से मिलने वाली छूट को अवैध करार दिया था. सैन्य सेवा में अति रूढ़िवादियों को शामिल करने का फैसला इसलिए लियागया है क्योंकि हमास के हमले के बाद से सैनिकों की बड़ी जरूरत महसूस हुई है. इस्राइल ने 360,000 रिजर्व सैनिकों को सक्रिय किया है. हालातयह हैं कि कई रिजर्व सैनिकों ने गाजा में सैकड़ों दिनों की कई बार ड्यूटी की है. कुछ रिजर्व सैनिक नए बुलावे को अस्वीकार कर रहे हैं रिजर्व ड्यूटी केलिए रिपोर्ट करने वाले इस्राइलियों की संख्या इतनी कम हो गई है कि सेना ने सेवा जारी रखने के लिए लोगों को भर्ती करने के लिए सोशल मीडियाका सहारा लिया है. नेतन्याहू सरकार के कानून लागू करने की तैयारीनेतन्याहू सरकार के कानून लागू करने की तैयारी और सरकार गिराने के लिए विपक्ष ने आह्वान किया है कि अगर सरकार में शामिल अति-रूढ़िवादीसाझेदार अपने समुदाय को सैन्य सेवा से छूट देने वाला कानून पारित करने में विफल रहते हैं तो उनके साथ नाता तोड़ लेंगे. नेतन्याहू के लिए हरेदीम याहिब्रू में दो पार्टियां बेहद जरूरी हैं. दोनों को सरकार को भंग करने के लिए मतदान करना होगा. इसमें नेतन्याहू की सबसे बड़ी समर्थक पार्टी शास भीशामिल है. शास के प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी वर्तमान में विघटन के पक्ष में मतदान करने की योजना बना रही है. जब तक कि वार्ता में कोई सफलतानहीं मिलती दूसरी पार्टी डेगेल हाटोरा भी पिछले सप्ताह से सरकार छोड़ने की धमकी दे रही है. धर्म और राज्य मामलों के विशेषज्ञ शुकी फ्राइडमैन नेकहा कि हाटोरा युद्ध और राज्य की आर्थिक स्थिति और किसी भी अन्य चीज की परवाह नहीं करते हैं. लेकिन उनके सांप्रदायिक हित हैं। इससांप्रदायिक हित का ध्यान सेना में सेवा करने से छूट प्राप्त करना है. हालांकि माना जा रहा है कि पीएम नेतन्याहू सरकार को बचाने के लिए कोईसमझौता कर सकते हैं.

लॉस एंजेलिस जल उठा अवैध अप्रवासी कार्रवाई के खिलाफ हिंसा, ट्रंप नेशनल गार्ड्स भेजने पर अड़े

International News: अमेरिका का लॉस एंजेलिस शहर इन दिनों हिंसा की चपेट में है प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबल आमने-सामने हैं और पूरे शहरमें अराजकता का माहौल है. राष्ट्रपति ट्रंप ने नेशनल गार्ड्स की तैनाती की है. लेकिन इसके बावजूद हालात काबू में नहीं आ पा रहे हैं संघीय आव्रजनविभाग के छापों से यह पूरा विवाद शुरू हुआ. जिसने जल्द ही हिंसा का रूप ले लिया और हालात ये हैं कि शहर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन औरआगजनी की घटनाएं हो रही हैं. पुलिस भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल कर रही है. अवैध अप्रवासियों को निर्वासित किया जा रहा निष्कासितराष्ट्रपति ट्रंप की नीति के तहत अमेरिका से अवैध अप्रवासियों को निर्वासित किया जा रहा है. इसी के तहत अप्रवासन विभाग देशभर में छापेमारीअभियान चला रहा है. अप्रवासन विभाग ने हाल ही में लॉस एंजेलिस में भी अवैध अप्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाया और अप्रवासन विभागऔर सीमा शुल्क विभाग ने लॉस एंजेलिस के दो होम डिपो, एक डोनट शॉप और एक कपड़ों को गोदाम से कथित तौर पर अवैध अप्रवासियों कोहिरासत में लिया. ये कार्रवाई लॉस एंजेलिस के फैशन डिस्ट्रिक्ट इलाके में की.लोगों ने इसका विरोध किया और सामाजिक संगठन भी हिरासत में लिएगए लोगों के समर्थन में आ गए. जिन डिटेंशन सेंटर्स में कथित अवैध अप्रवासियों को रखा गया था उनके बाहर भारी भीड़ जमा हो गई. पुलिस नेनिषेधाज्ञा लागू की और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी इसके बावजूद लोग नहीं मान. अप्रवासन विभाग ने शुक्रवार को 44 लोगों को हिरासतमें लिया और एक हफ्ते में लॉस एंजेलिस में कुल 118 अप्रवासियों को गिरफ्तार किया गया. इससे लोगों का गुस्सा भड़क गया और हिंसा शुरू हो गई. हिंसा ग्रस्त इलाकों में नेशनल गार्ड्स की तैनातीहालात बिगड़ते देख राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजेलिस में बिना कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम से पूछे हिंसा ग्रस्त इलाकों में नेशनल गार्ड्स की तैनातीकर दी. इस पर कैलिफोर्निया गवर्नर ने नाराजगी जताई और इसे राज्य की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया. न्यूसम ने नेशनल गार्ड्स की तैनातीवापस लेने की मांग की है. हालांकि ट्रंप भी अड़े हुए हैं और अब उन्होंने मरीन कमांडो की तैनाती करने का भी आदेश दे दिया है. नेशनल गार्ड्स कीतैनाती से हालात और बिगड़े और लोगों ने सुरक्षाबलों पर पथराव और आगजनी शुरू कर दी.लॉस एंजेलिस में जगह-जगह जलती हुई गाड़ियां दिखाईदे रही हैं. वहीं सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

पत्नी सोनम निकली राजा रघुवंशी की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेमी के साथ रची खौफनाक साजिश

Indore Murder Case: इंदौर के राजा रघुवंशी और सोनम के केस में कई बड़े खुलासे हुए हैं. राजा की हत्या की मास्टरमाइंड उसकी पत्नी सोनमही निकली है. पुलिस ने सोनम के साथ में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है इंदौर पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने जो कहानीबताई है वह बेहद खौफनाक है. इसमें पता चलता है कि सोनम ने कितनी साजिश के साथ राजा की हत्या की योजना बनाई थी. सोनम और राज केबीच पांच महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था. राज ने कबूल किया कि सोनम से अफेयर 4 से 5 माह का था. पिता के हार्ट पेशेंट होने से सोनम लव मैरिजनहीं कर पा रही थी. पिता समाज में शादी करना चाहते थे इसलिए उसने राजा से शादी को हां कर ली थी पहले से तय था मारनाउसने पहले ही तय कर लिया था कि शादी के बाद राजा को मारकर राज के साथ रहने लगेगी. सोनम ने राज से कहा था कि जब मैं विधवा हो जाऊंगीफिर तुम मुझसे शादी कर लेना। तब मेरे परिवार वाले भी हमारी शादी के लिए मान जाएंगे. इसके बाद राजा और सोनम की 11 मई को शादी हुई।दोनों के परिवार बहुत खुश थे. सोनम भी परिवार में घुल मिल गई और कभी अपनी साजिश का शक नहीं होने दिया। 16 मई को सुपर कॉरिडोर केकैफे में राजा की हत्या की साजिश रची गई। प्रेमी राज ने दोस्त विशाल चौहान आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को साथ में लिया। उसी रात छह घंटेतक फोन पर सोनम को हत्या की पूरी योजना समझाई गई. हत्या के पहले राज ने आरोपियों को 50 हजार, एक कीपैड, एक एंड्रॉइड मोबाइल औरनई सिम दिलाई. राज ने कराए आरोपियों के टिकटये सब चीजें आरोपियों ने सोनम को दे दी इसी नंबर और फोन से सोनम शिलांग जाने के बाद तीनों के संपर्क में रही थी. प्रेमी राज को जब सोनम ने 22 मई को शिलांग के लिए निकलने की बात कही तो राज ने आरोपियों के टिकट कराए लेकिन ऐनवक्त पर खुद ने जाने से मना कर दिया. राज इंदौर सेही तीनों को डायरेक्शन देता रहा. वह यहां पर राजा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ ताकि किसी को कोई शक न हो. आरोपियों ने बताया कि वेराज के कहने पर ही शिलांग आए राजा को जिस ‘डाव’ (छोटी कुल्हाड़ी) से मारा, वह ऑनलाइन गुवाहाटी से खरीदा था। आरोपी उनके होम स्टे से एककिमी दूर ही ठहरे थे. सोनम आरोपियों को पल-पल की लोकेशन दे रही थी यहां पर किराये की बाइक ली और राजा सोनम के पीछे घूमने लगे.

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय, वायुसेना प्रमुख ने दी शुभकामनाएं

AXIOM-4 Mission: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला कल AXIOM-4 अंतरिक्ष मिशन पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. वायुसेना प्रमुख और भारतीयवायुसेना के सभी वायु योद्धाओं ने उन्हें और AXIOM-4 के पूरे दल को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएंदीं. भारतीय वायुसेना ने कहा कि यह भारतीय अंतरिक्ष यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेगा.भारतीय वायुसेना (IAF) की ओर से जारी आधिकारिकबयान में कहा गया कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीतकी. शुभांशु एक्सिओम-4 अंतरिक्ष मिशन पर जाने वाले हैं. चीफ मार्शल ने ग्रुप कैप्टन को दी शुभकामनाएंएयर चीफ मार्शल ने ग्रुप कैप्टन को शुभकामनाएं दीं. जो 1984 के बाद से अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे.ग्रुप कैप्टन शुभांशुशुक्ला एक्सिओम स्पेस के चौथे निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन (एक्स-4) का हिस्सा हैं. जो नासा के साथ भारत के अंतरिक्ष सहयोग के लिए एकऐतिहासिक क्षण है एक्सिओम स्पेस की ओर से साझा किए गए एक वीडियो संदेश में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने मिशन की रवानगी से पहले एकसंदेश साझा किया.वीडियो संदेश में उन्होंने कहा ‘मैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हूं. पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा ने 1984 मेंअंतरिक्ष की यात्रा की थी. पढ़ता रहा हूं किताबों मेंमैं उनके बारे में किताबों में पढ़ता रहा हूं और अंतरिक्ष से उनकी कहानियां सुनता रहा हूं. मैं उनसे बहुत प्रभावित था. मैं जिस यात्रा पर हूं वह मेरे लिएबहुत लंबी रही है मुझे नहीं पता था कि यह वह रास्ता है जिस पर मैं आखिरकार चलने वाला हूं. मैं कहूंगा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे पहलेअपने पूरे जीवन में उड़ान भरने का अवसर मिला. जो मेरे लिए एक सपना था और फिर अंतरिक्ष यात्री पाठ्यक्रम में आवेदन करने का अवसर मिला. अबपरिणामस्वरूप मैं यहां हूं मेरे लिए यह जिस तरह से काम आया. वह यह था कि शायद एक्सिओम पहुंचने से एक सप्ताह पहले मुझे पता चला कि मैंजा रहा हूं. मैं यहां आकर बेहद उत्साहित था मैं बहुत खुश था क्योंकि मेरे लिए अंतरिक्ष में उड़ान भरना एक संभावना थी.