महिला सैन्य अधिकारियों की जीत: विंग कमांडर (रि.) अनुमा आचार्य की प्रेस वार्ता की मुख्य बातें

नई दिल्ली, 10 मई 2025:कांग्रेस मुख्यालय, 24 अकबर रोड पर आज प्रेस को संबोधित करते हुए विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुमा आचार्य ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले कास्वागत किया, जिसमें शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) की महिला अधिकारियों को अगली सुनवाई तक सेवा में बहाल रखने का निर्देश दिया गया है।अनुमा आचार्य न केवल कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता हैं, बल्कि भारतीय वायुसेना में 24 वर्षों की कमीशन सेवा दे चुकी हैं। उन्होंने कहा, “आज देश की सबसे भरोसेमंद संस्था, भारतीय सेना के साहस और शौर्य को हम श्रद्धापूर्वक सलाम करते हैं।” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयकी सराहना करते हुए कहा कि यह महिला अधिकारियों के लिए उम्मीद की किरण है और उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुभवी महिला अधिकारी भी युवा सैनिकों को मार्गदर्शन और मानसिक संबल देने के लिए जरूरी हैं। अनुमा ने याददिलाया कि यह न्यायिक यात्रा 1992 में शुरू हुई थी, जब कांग्रेस सरकार ने पहली बार महिला अधिकारियों की भर्ती को हरी झंडी दी थी। उस समययह एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ था। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे विंग कमांडर अनुपमा जोशी और स्क्वाड्रन लीडर रुखसाना हक ने 2007 में कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो आगेचलकर ‘बबीता पुनिया बनाम भारत सरकार’ केस में परिणत हुई। इसी केस के जरिए महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन और पेंशन योग्य सेवामिलने का रास्ता खुला। अनुमा आचार्य ने इस संघर्ष के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भूमिका का भी ज़िक्र किया, जिन्होंने 2010 में महिला अधिकारियों केप्रतिनिधिमंडल से मिलकर समर्थन का आश्वासन दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि वायुसेना की महिला अधिकारियों को पहले ही परमानेंट कमीशनमिल चुका था, जबकि थल सेना और नौसेना की महिला अधिकारियों को कोर्ट के फैसलों के बाद ही यह लाभ मिला। प्रेस वार्ता के अंत में अनुमा ने कहा, “आज के फैसले से यह उम्मीद जागी है कि आने वाले 30 वर्षों में हम एक महिला सेना अध्यक्ष भी देख सकते हैं।” उन्होंने महिला अधिकारियों की एनडीए के ज़रिए हो रही भर्ती और नीति बदलावों की भी प्रशंसा की। उन्होंने देश की सेनाओं के प्रति गहरी आस्था और सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, “जो भी तिरंगे को अपने से ऊपर रखता है, हम उसके प्रति श्रद्धा रखतेहैँ।
G-7 ने दिखाई भारत- पाकिस्तान के विवाद को लेकर चिंता, बोले सैन्य कार्रवाई में बढ़ोतरी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा

दुनिया के सात सबसे उन्नत अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के समूह जी 7 ने शुक्रवार को भारत और पाकिस्तान से सीधी बातचीत करने का आग्रह कियाहै. पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में लगातार दुश्मनी बढ़ती जा रही है और दोनों देशों के बीच रोजाना हमले हो रहे हैं. दोनों पक्षों कीबढ़ती दुश्मनी पर जी-7 के अहम सदस्य अमेरिका ने कहा है कि उसने ‘रचनात्मक वार्ता’ शुरू करने में मदद की पेशकश की है. जी 7 के सदस्य कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों और उच्च प्रतिनिधि ने दोनों देशों से तत्काल तनाव कमकरने का आह्वान किया है. जी 7 के विदेश मंत्रियों की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, ‘हम, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेडकिंगडम और अमेरिका के जी 7 विदेश मंत्री और यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले की कड़ीनिंदा करते हैं और भारत और पाकिस्तान दोनों से अधिकतम संयम बरतने का आग्रह करते हैं. सैन्य कार्रवाई में बढ़ोतरी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एकगंभीर खतरा है.दोनों देशों के लिए चिंतित G-7बयान में आगे कहा गया. ‘हम दोनों पक्षों के नागरिकों की सुरक्षा के लिए बहुत चिंतित हैं. हम तत्काल तनाव कम करने का आह्वान करते हैं और दोनोंदेशों को शांति के लिए सीधी बातचीत में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. हम घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और एक त्वरित औरस्थायी राजनयिक समाधान के लिए अपना समर्थन जताते हैं. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाकरआतंकी हमला किया गया. हमले में 26 लोग मारे गए और हमला करने वाले दो आतंकियों के तार पाकिस्तान से जुड़े. इसे लेकर भारत ने बुधवार कोपाकिस्तान और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया.पाकिस्तान प्रधानमंत्री व भारत के विदेश मंत्री से की थी बातचीतभारत की कार्रवाई के जवाब में पाकिस्तान ने भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों को ड्रोन्स और मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की, जिसेभारत ने नाकाम कर दिया. बुधवार से ही दोनों देश एक-दूसरे पर कर रहे हैं जिससे दुनियाभर में चिंता का माहौल है.जी-7 के सबसे अहम माने जानेवाले देश वर्ल्ड पावर अमेरिका ने हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के नेताओं से नियमित बातचीत की है और उनसे तनाव कम करनेका आग्रह किया है.रुबियो ने अप्रैल के अंत से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ भी नियमितरूप से बातचीत की है.राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि बढ़ता तनाव शर्मनाक हैं. इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडीवेंस ने कह दिया था कि दोनों देशों के बीच युद्ध से हमारा कोई लेना-देना नहीं है.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने किया पीएसएल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, यूएई ने किया मेजबानी से इनकार

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया. दरअसल घोषणा की गई थी कि भारत केसाथ चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण टी20 टूर्नामेंट को संयुक्त अरब अमीरात में स्थानांतरित कर दिया गया है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई नेमेजबानी से इनकार कर दिया. जिसके बाद पीएसएल को स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा इससे पहले भारतीय क्रिकेट ने आईपीएल के बचे मैचोंको भी एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया था. पीसीबी ने एक बयान में कहा स्थगित करने का फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिली सलाह केअनुसार लिया गया है.’ हालांकि, यह पता चला है कि एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल के बचे मैचों की मेजबानी के लिए पीसीबी के अनुरोध कोमंजूरी देने से मना कर दिया. क्योंकि उसके बीसीसीआई के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध है. पीसीबी ने इसके बाद लीग को स्थगित करने का फैसला करतेहुए कहा कि वह अपने साझेदारों, फ्रेंचाइजी, भाग लेने वाले खिलाड़ियों, प्रसारकों, प्रायोजकों और आयोजकों के प्रयासों और समर्थन के उन्हें धन्यवाददेता है.महज बचे थे आठ मैचपीएसएल 2025 में महज आठ मैच बचे थे और 18 मई को फाइनल खेला जाना था पीसीबी ने शुक्रवार को कहा था कि अंतिम आठ मैच अब यूएईमें खेले जाएंगे. पहले ये मैच रावलपिंडी, मुल्तान और लाहौर में खेले जाने थे.इससे पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भारत और पाकिस्तान के बीचचल रहे तनाव के बीच शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया था. बीसीसीआई ने तनाव को देखते हुए आईपीएल 2025 का सत्र बीच में ही एक हफ्ते केलिए स्थगित कर दिया है. बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि ‘फिलहाल लीग को एक हफ्ते के लिए टाल दिया गया है. इसके बाद हमहालात का जायजा लेंगे और फैसला करेंगे इसके लिए बोर्ड अलग से कार्यक्रम जारी करेगा. लीग के लिए विंडो को लेकर पूछ गए सवाल में उन्होंनेकहा कि ‘सभी बोर्ड हमारा समर्थन करते हैं. ऐसे में विंडो कोई चिंता की बात नहीं है विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर उन्होंने कहा कि ‘यहउनका निजी फैसला होगा.अंतिम पड़ाव पर चल रहा था सत्रवो खुद ही इस पर फैसला लेंगे आईपीएल 2025 का सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर चल रहा था और इसमें फाइनल सहित कुल 16 मुकाबले खेले जानेशेष थे. आईपीएल 2025 सत्र का फाइनल मुकाबला 25 मई को कोलकाता में खेला जाना था. लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनावको देखते हुए इसे एक हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ पाकिस्तानमें चलाए गए भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने गुरुवार की रात भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. जिसेभारतीय सेनाओं ने पूरी तरह नाकाम कर दिया भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नौ आतंकी ठिकानों परहमला किया था और 100 आतंकियों को मार गिराया था.
भारत पाकिस्तान के बीच संघर्ष में तुर्की की हो रही है काफी चर्चा, पाकिस्तान का कर रहा है खुलकर समर्थन

भारत पाकिस्तान के बीच संघर्ष में तुर्की की काफी चर्चा हो रही है दरअसल तुर्की द्वारा पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया जा रहा है तुर्की ने हीपाकिस्तान को ड्रोन्स मुहैया कराए हैं, जिनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ हो रहा है. पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए ड्रोन्स के मलबे की जांच सेपता चला है कि ये ड्रोन्स तुर्किए के ‘एसिस गार्ड सोनगार’ ड्रोन्स हो सकते हैं. गौरतलब है कि तुर्किए ने न तो पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदाकी और न ही पीड़ितों के प्रति संवेदना जाहिर की, लेकिन तुर्किए ने भारत के हमले में मारे गए आतंकियों के प्रति संवेदना जरूर जाहिर की थी. तुर्किएलंबे समय से पाकिस्तान का आर्थिक और सैन्य समर्थक रहा है तुर्की पाकिस्तान के कश्मीर पर फैलाए गए नैरेटिव का भी समर्थक है, साथ ही द्वि-राष्ट्रसिद्धांत का भी पुरजोर समर्थक है. पाकिस्तान ने की थी तुर्की की तारीफपहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बादतुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी. ऐसा करनेवाले एर्दोआन दुनिया के पहले नेता हैं पाकिस्तान ने कश्मीर के मुद्दे पर समर्थन के लिए तुर्किए की तारीफ भी की थी. पहलगाम आतंकी हमले के बादजब पूरी दुनिया भारत के प्रति संवेदना जाहिर कर रही थी तो तुर्किए ने पाकिस्तान की मदद के लिए ड्रोन्स लदे हवाई जहाज पाकिस्तान भेज दिए थे. हालांकि तुर्किेए ने ड्रोन्स भेजने की बात से इनकार किया है, लेकिन हमले में जिस तरह से पाकिस्तान द्वारा तुर्किए में बने ड्रोन्स का इस्तेमाल किया जारहा है उससे साफ है कि तुर्की खुलकर भारत के विरोध और पाकिस्तान के समर्थन में है. इतना ही नहीं तुर्की ने अपना नौसैन्य युद्ध जहाज टीसीजीबाइकादा भी पाकिस्तान की मदद के लिए कराची बंदरगाह पर भेजा है. पाकिस्तान बढ़ा रहा है सैन्य सहयोग8 और 9 मई की रात पाकिस्तान ने तुर्की के ड्रोन्स से ही लेह-लद्दाख से लेकर गुजरात में सरक्रीक तक पूरी पश्चिमी सीमा पर 300-400 ड्रोन्स से हमलाकिया. इस हमले में भारत के शहरों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया और कुछ सैन्य ठिकानों पर भी हमला किया गया. शुक्रवार को प्रेसकॉन्फ्रेंस में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ये बात कही. तुर्किए, पाकिस्तान के साथ अपने सैन्य सहयोग को भी लगातार बढ़ा रहा है. दोनों देशमिलकर युद्धक जहाज बना रहे हैं तुर्किए ने पाकिस्तान को बायरक्तार टीबी2 और एकेंसी ड्रोन्स मुहैया कराया है. तुर्किए पाकिस्तान को आधुनिकनौसैन्य जहाज भी सौंप रहा है, जिनमें से दो युद्धक जहाज पीएनएस खैबर और पीएनएस बाबर पाकिस्तान को मिल चुके हैं और बाकी दो पीएनएसतारिक और पीएनएस बद्र का कराची शिपयार्ड में निर्माण किया जा रहा है.
पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश, भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब हर कोशिश को किया नाकाम

पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, मगर भारतीय सेना के त्रिस्तरीय मजबूत डिफेंस सिस्टम ने उसे नाकामकर दिया. सेना ने जम्मू और उधमपुर से पाकिस्तान की ओर से दागी गई तमाम मिसाइलों, ड्रोन को हवा में ही तबाह कर दिया. एल 70 रडार कंट्रोलवेपन सिस्टम, जेडयू 23 मिलीमीटर एयर डिफेंस गन, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से ये हमले नाकाम किए गए हैं. सूत्रों का कहना है किएल 70 रडार वेपन सिस्टम हाई रेट एकुरेट फायर करने वाला सिस्टम है. एल-70 एक 40 मिमी गन को रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और ऑटो-ट्रैकिंग सिस्टम के साथ अपग्रेड किया गया है. यह गन चार किमी तक प्रति मिनट 240-330 राउंड फायर कर सकती है यह रडार को चकमा देने वालेड्रोन झुंडों के खिलाफ फ्रंटलाइन रक्षा स्तंभ भी है. वहीं वेडयू 23 मिलीमीटर एयर डिफेंस गन तुरंत कार्रवाई करती है जेडयू-23 में दो 2ए14 ऑटोकेननलगे हैं प्रत्येक 2ए14 को 50 राउंड बेल्ट के जरिये चलाया जाता है। ये 2.5 किलोमीटर तक फायर करता है. वहीं, सतह से हवा में मार करने वालीमिसाइलें सिस्टम भी इस्तेमाल किया गया है. तीनों सिस्टम की जम्मू और उधमपुर सेक्टर में तैनाती की गई है, जिससे पाकिस्तान के सभी हमलों कीनाकाम किया गया है. डिफेंस सिस्टम में और भी ताकत से जवाब देने की है खूबियांदरअसल सूत्रों का कहना है कि इन तीनों डिफेंस सिस्टम में और भी अधिक ताकत से जवाब देने की कई खूबियां हैं. भारतीय सेना के पूर्व बिग्रेडियर काकहना है कि पाकिस्तान का यह हमला हमास की तरह था, जिसमें ड्रोन के झुंड भेजे गए. ये ड्रोन इतनी दूर तक नहीं जाते हैं। इसलिए संभव है किपाकिस्तान ने इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक अपने किसी गांव से इन्हें संचालित किया है क्योंकि जम्मू में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास थाइसलिए इन्हें मकवाल बॉर्डर के नजदीक गांव से भेजा गया है.बता दें कि जून 2021 में जम्मू में वायुसेना स्टेशन पर पाकिस्तान ने ड्रोन से हमला कियाथा. इस हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन भी मकवाल बॉर्डर से तवी नदी से होते हुए पीर बाबा की तरफ से घुसे थे हमला करने के बाद इसी रास्ते से येवापस चले गए थे. मकवाल ही एक मात्र ऐसा बॉर्डर है, जहां से जम्मू शहर सबसे नजदीक है. पाकिस्तान शांति नहीं चाहता है जम्मू पर फिर उसनेहमला किया है धमाके की आवाजें आई है पाकिस्तान को हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है हमारा एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा है ड्रोनसे हमले किए जा रहे हैं.
पाकिस्तान लगातार सीमावर्ती जिलों को निशाना बनाने की कर रहा कोशिश, हमले की कोशिश को भारत के वीर कर रहे लगातार नाकाम

भारत से बौखलाया पाकिस्तान लगातार सीमावर्ती जिलों को निशाने बनाने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान की ओर से की जा रही हमले कीकोशिशों को भारत ने नाकाम कर दिया है. इसी बीच इस पूरे मामले पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान आया है आसिफ का कहनाहै कि फिलहाल परमाणु विकल्प पर विचार नहीं किया जा रहा है. पाकिस्तान न्यूज चैनल से बात करते हुए रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इससमय परमाणु विकल्प हमारे एजेंडे में नहीं है. हालांकि अगर ऐसी स्थिति आती है तो ‘निरीक्षकों’ पर भी इसका असर पड़ेगा. आसिफ ने कहा, मैं दुनियाको बता रहा हूं कि यह केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, यह बहुत व्यापक हो सकता है. यह विनाश है भारत की ओर से उत्पन्न की जा रहीस्थिति को देखते हुए हमारे विकल्प कम होते जा रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण की कोई बैठकफिलहाल नहीं बुलाई गई है. परिचालन संबंधी निर्णय लेने के लिए जिम्मेदारबता दें एनसीए हीएनसीए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के बारे में परिचालन संबंधी निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार है. भारत से साथ चल रहे संघर्षकी पृष्ठभूमि में बुलाए गए संसद सत्र के दौरान बोलते हुए आसिफ ने कहा, जहां तक मदरसों या मदरसा छात्रों का सवाल है, इसमें कोई संदेह नहीं हैकि वे हमारी रक्षा की दूसरी पंक्ति हैं. वहां पढ़ने वाले युवाओं का समय आने पर 100 प्रतिशत इस्तेमाल किया जाएगा. आसिफ के इस बयान सेपाकिस्तान की पोल खुल गई है दरअसल पाकिस्तान दावा करता रहा है कि मदरों का इस्तेमाल शिक्षा के लिए किया जा रहा है. यह पहली बार नहीं हैजब ख्वाजा आसिफ ने इस तरह की विवादित टिप्पणी की है. हाल ही में 9 मई को हुए भारतीय ड्रोन हमलों के दौरान पाकिस्तान की स्पष्ट निष्क्रियताको स्पष्ट करने के लिए आसिफ ने दावा किया कि ड्रोन को इसलिए नहीं रोका गया ताकि पाकिस्तान की हवाई रक्षा प्रणालियों की स्थिति का खुलासान हो. लॉन्चपैड्स पर सटीक किए सटीक हमलेभारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया जब भारतीय सेना ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थितआतंकवादी लॉन्चपैड्स पर सटीक हमले किए. ये हमले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें सीमा पार सेजुड़े संबंध सामने आए थे. इसके जवाब में पाकिस्तान ने शुक्रवार की रात जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक भारत के 26 स्थानों को निशाना बनाते हुएड्रोन हमले किए. हालांकि भारत के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दुश्मन की इन कोशिशों को नाकाम कर दिया गया और महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे हवाईअड्डों और एयर बेसों को कोई नुकसान नहीं हुआ.
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का बयान, हर नागरिक की भूमिका अहम, सेना का आभार और निर्देशों का पालन ज़रूरी

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि पूरा देश भारतीय सेना का आभारी है, जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकवादियों पर कराराप्रहार किया और सीमा पार से हमलों का मुँहतोड़ जवाब देकर आतंक के संरक्षक पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। दिल्लीवासियों की भी ज़िम्मेदारी है अहम – सचदेवाश्री सचदेवा ने कहा कि मौजूदा हालात में दिल्लीवासियों की ज़िम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सरकार के दिशा-निर्देशों कागंभीरता से पालन करें और अपने परिवार, विशेषकर बच्चों को भी जागरूक बनाएं। दिल्ली सरकार की तैयारियों पर भरोसा रखने की अपीलभाजपा अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी किया है और राजधानी में एयर रेड सायरन भी लगाए गए हैंताकि आम जनता को समय रहते सतर्क किया जा सके। लोकल पुलिस और प्रशासन को दें सहयोगउन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे एक जिम्मेदार नागरिक की तरह स्थानीय पुलिस और प्रशासन को उनके कार्यों में सहयोग करें और अफवाहों सेबचें। सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतने की सलाहश्री सचदेवा ने कहा कि सोशल मीडिया का इस समय बड़ा असर है, लेकिन किसी भी वीडियो या जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यताऔर स्रोत की जांच ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि साइबर हमलों की आशंका को देखते हुए किसी भी संदिग्ध लिंक को सोच-समझकर खोलें। सेना और सरकार की जानकारी को मानें आधिकारिकभाजपा नेता ने आम नागरिकों से अपील की कि वे केवल सेना द्वारा जारी आधिकारिक वक्तव्यों और सरकार की ओर से दी गई सूचनाओं पर ही भरोसाकरें। किसी भी संवेदनशील जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई खतरा न हो।
कांग्रेस ने भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए हर प्रदेश में ‘जय हिंद यात्रा’ निकालने का ऐलान किया

नई दिल्ली, 09 मई पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाने और भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने सभी प्रदेशों में ‘जय हिंदयात्रा’ निकालने का ऐलान किया है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक बसोया ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए कहाकि भारतीय सेना लगातार अपने शौर्य व पराक्रम से नए मानक स्थापित कर रही है और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रही है। डॉ. नायक ने कहा कि कांग्रेस ने ये साफ कर दिया है कि ये दलगत राजनीति का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कुत्सित प्रहारों कामुंहतोड़ जवाब देने के लिए सेना दिन-रात एक कर रही है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने देश की सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए तिरंगे को हाथ में लेकर हरप्रदेश में ‘जय हिंद यात्रा’ निकालने का निर्णय लिया है। डा रागिनी नायक ने बताया कि यह यात्रा इसलिए जरूरी है, ताकि दुनिया को यह संदेश दिया जा सके कि पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों केविरोध में देश के सभी धर्मों और समुदायों के लोग एकजुट हैं। उन्होंने देशवासियों से इस यात्रा में शामिल होकर सेना का मनोबल बढ़ाने की अपीलकी। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि तिरंगा भारत का धर्म है और जब तिरंगे पर आंच आती है, तो हर भारतीय एकजुट हो जाता है। उन्होंने 1971 के युद्ध काउदाहरण देते हुए कहा कि जब पाकिस्तान की नापाक नजर भारत के तिरंगे पर पड़ी थी तो, पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए गए थे। भारत ने 1999 मेंभी कारगिल युद्ध के दौरान अदम्य साहस और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि अबएक बार फिर पाकिस्तान को उसकी हरकतों का माकूल जवाब देने का समय आ गया है। डॉ. नायक ने भारत की कार्रवाई में मारे गए आतंकवादियों को पाकिस्तान द्वारा राजकीय सम्मान देने की भी आलोचना करते हुए कहा कि आतंकियों नेपहलगाम में निर्दोष पर्यटकों को गोलियों से भून डाला गया। जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पीओके के नौ आतंकी ठिकानों कोध्वस्त किया। लेकिन पाकिस्तान की पूरी सेना इस ऑपरेशन में आतंकवादियों के मारे जाने का मातम मना रही है। यह पाकिस्तान के आतंकवादी देशहोने का सबूत है। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान लगातार कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले निर्दोष लोगों व बच्चों पर गोलाबारी कर रहा है और इंसानियत कोशर्मसार कर रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की पार्टी की मांग दोहराई। उन्होंने पुंछ में जान गंवानेवालों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सरकार से उनके परिजनों की देखभाल करने एवं घायलों का इलाज कराने की भी मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा पाकिस्तान को ऋण देने का विरोध करती है, क्योंकि पाकिस्तान इसपैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए करेगा। उन्होंने भारत सरकार से पाकिस्तान को प्रस्तावित आर्थिक पैकेज का विरोध दर्ज कराने कीअपील की।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई कार्यवाही से बौखला उठा पाकिस्तान, सरहद पर महज 36 घंटों के अंदर बदल गए हालात

ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई भारतीय कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला उठा है सरहद पर बीते 36 घंटे में तेजी से हालात बदले हैं इन हालातों कोदेखते हुए देश भर में एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गुजरात, राजस्थान औरहिमाचल प्रदेश के 24 हवाई अड्डों को नागरिक उड़ानों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. वहीं कई एयरलाइन्स ने भी एडवाइजरी जारी कीहै। इंडिगो और स्पाइसजेट ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को अधिक एहतियात बरतने को कहा है.इस बीच, स्पाइसजेट और इंडिगो ने भीयात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की है. विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने ट्वीट कर कहा कि सभी हवाई अड्डों पर सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया गया है सुरक्षाउपायों के मद्देनजर यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रस्थान से कम से कम 3 घंटे पहले हवाई अड्डे पर पहुंचें ताकि चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रियासुचारू रूप से चल सके.वहीं इंडिगो ने भी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है एयरलाइन ने ट्वीट कर यात्रियों से अपील की है कि इस असाधारण समय मेंसभी हवाई अड्डों पर सुरक्षा के कड़े उपाय किए जा रहे हैं. हम करते है साझेदारी और सहयोग की सराहनाहम आपसे अनुरोध करते हैं कि सुरक्षा जांच और औपचारिकताओं के लिए अपनी यात्रा के लिए कुछ अतिरिक्त समय दें. हम आपकी समझदारी औरसहयोग की सराहना करते हैं साथ ही इंडिगो ने यह भी कहा है कि श्रीनगर, जम्मू, अमृतसर, लेह, चंडीगढ़, धर्मशाला, बीकानेर, जोधपुर, किशनगढ़ औरराजकोट की यात्रा के लिए आठ मई 2025 को या उससे पहले की गई बुंकिंग को रद्द करने या यात्रा में किसी भी तरह का परिवर्तन कराने पर वसूलाजाने वाला अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा. हालांकि विमानन कंपनी ने कहा है कि ऐसा केवल 22 मई 2025 तक ही कराया जा सकता है इसकेबाद इन स्थानों की यात्रा के लिए कराई गए टिकट को रद्द करने या परिवर्तन कराने पर चार्ज लिया जाएगा.भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गुजरात, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के 24 हवाई अड्डों को नागरिक उड़ानों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. येक्षेत्र भारत-पाकिस्तान सीमा के पास या रणनीतिक रूप से संवेदनशील हैं बंदी का उद्देश्य हवाई हमलों या ड्रोन हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करनाहै.बीसीएएस के निर्देशों के तहत सभी यात्रियों की सेकेंडरी लैडर पॉइंट चेकिंग अनिवार्य होगी और टर्मिनल भवनों में आगंतुकों के प्रवेश पर प्रतिबंध है. हवाई अड्डों पर किए जाएगें एयर मार्शल तैनातहवाई अड्डों पर एयर मार्शल तैनात किए जाएंगे. एअर इंडिया ने सोशल मीडिया पर बताया कि घरेलू यात्रियों को अब तीन घंटे पहले हवाई अड्डे परपहुंचना होगा और चेक-इन 75 मिनट पहले बंद होगा. यह कदम ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाइयों की आशंका के चलतेउठाया गया है यात्रियों से उड़ान स्थिति की जांच करने की अपील की गई है.पाकिस्तान ने गुरुवार रात को भारत में ड्रोन हमलों की कोशिश की मगरभारतीय सेना ने हमलों का करारा जवाब दिया. इसके बाद जम्मू से लेकर राजस्थान तक ब्लैक आउट कर दिया इसके साथ ही धर्मशाला में खेला जारहा पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मुकाबला बीच में रोक गया और कुछ देर बाद ही इस रद्द करने का फैसला किया गया. वहीं भारतीयवायु रक्षा बलों ने पठानकोट सेक्टर में पाकिस्तानी वायुसेना के एक जेट और नौशेरा सेक्टर में दो पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया है.
अमेरिका के पोप लियो के चुनाव के बाद चर्चा का विषय बना उनका नाम,सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का एक नया संदेश

नए चुने गए पोप लियो XIV के नाम चयन ने दुनिया भर में एक खास संदेश दिया है. ये दावा इटली के सियावोन शहर से आई रिपोर्ट में किया गया है. वहीं इसे लेकर मैनहैटन यूनिवर्सिटी में धार्मिक अध्ययन विभाग की प्रमुख नतालिया इम्पराटोरी-ली ने कहा जब एक अमेरिकी को पोप चुना गया. तोहम सब थोड़ा चौंक गए। लेकिन जब उन्होंने अपना नाम पोप लियो XIV चुना तो यह साफ हो गया कि वे पोप लियो XIII के सामाजिक कार्यों कोआगे बढ़ाना चाहते हैं.सन् 1878 से 1903 तक कैथोलिक चर्च का नेतृत्व करने वाले पोप लियो XIII ने आधुनिक कैथोलिक सामाजिक विचारधाराकी नींव रखी थी. उनका 1891 का प्रसिद्ध दस्तावेज नया युग मजदूरों के अधिकारों और पूंजीवाद की सीमाओं पर केंद्रित था. उन्होंने न केवलबेरोकटोक पूंजीवाद की आलोचना की बल्कि राज्य-केन्द्रित समाजवाद पर भी सवाल उठाए. इसी वजह से उनके विचारों को चर्च की खास आर्थिकशिक्षा के रूप में देखा जाता है.इम्पराटोरी-ली के अनुसार’इस नाम का चुनाव सामाजिक मुद्दों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का संकेत है. यह नया पोप बतारहे हैं कि सामाजिक न्याय उनके कार्यकाल की प्राथमिकता रहेगा वे पोप फ्रांसिस के सेवा कार्यों को भी आगे बढ़ाएंगे. ऐतिहासिक पोप लियो को किया जा रहा है यादएक और ऐतिहासिक पोप, लियो I को भी याद किया जा रहा है इटली के कार्डिनल मौरिज़ियो पियाचेंज़ा ने बताया कि कैसे पोप लियो I ने 452 ईस्वी में अटिला द हुन को रोम पर आक्रमण करने से राजी करवा लिया था. इसके अलावा पोप लियो XIII ने 1901 में पोम्पेई के ‘आवर लेडी ऑफद रोजरी’ तीर्थस्थल को एक विशेष दर्जा भी दिया था.शुरुआती दौर में पोप अपने असली नाम ही रखते थे लेकिन छठी शताब्दी में रोमन मर्क्यूरियस, जिनका नाम एक पगान देवता पर रखा गया था खुद को बदलकर जॉन II कर लिया यहीं से नाम बदलने की परंपरा शुरू हुई। ग्यारहवीं शताब्दी में यहप्रथा मजबूत हो गई. जब जर्मन पोप अपने से पहले के पवित्र बिशपों के नाम रखते थे ताकि परंपरा और निरंतरता बनी रहे. इतिहासकार रोबर्टो रेगोलिबताते हैं कि बीसवीं सदी के मध्य से पोप अपने नामों के जरिए अपने कार्यकाल के उद्देश्यों का संकेत देने लगे.अब तक सबसे ज्यादा 23 पोप ने ‘जॉन’ नाम चुना है इसके बाद ‘बेनेडिक्ट’ और ‘ग्रेगरी’ का नंबर आता है जिनके नाम पर 16-16 पोप बने हैं.69 वर्षीय रॉबर्ट प्रीवोस्ट, जिन्होंने अपना नाम पोपलियो XIV चुना है अमेरिकी कार्डिनल हैं उनका जन्म शिकागो में हुआ है दो साल पहले पोप फ्रांसिस ने उन्हें मार्क ओउलेट की जगह वेटिकन केबिशपों के लिए डिकास्टरी का प्रीफेक्ट चुनकर उन्हें अगली पीढ़ी के बिशपों को चुनने का काम सौंपा था. उन्होंने पेरू में आर्कबिशप बनने से पहले कईसाल तक एक मिशनरी के तौर पर काम किया. प्रीवोस्ट को उन्हें एक सुधारक के रूप में देखा जाता है.