भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने की टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा, अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर दी जानकारी

भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिससे खेल के लंबे प्रारूप में उनके भविष्य को लेकरअटकलों का दौर खत्म हो गया. वह अब केवल वनडे में खेलेंगे. उनके संन्यास के साथ ही टेस्ट प्रारूप से भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों का बाहर होनाजारी है. रविचंद्रन अश्विन (दिसंबर में) और रोहित शर्मा (पिछले सप्ताह) भी इस प्रारूप से संन्यास ले चुके हैं. 36 साल के विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट मेंआखिरी बार ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आए थे. जहां भारत को 5 मैचों की सीरीज में 1-3 से हार का सामना करनापड़ा था. कोहली ने सीरीज के पहले मैच यानी पर्थ टेस्ट में शतक जरूर जड़ा, लेकिन इसके बाद वो संघर्ष करते हुए दिखे थे. कोहली का ये संन्यास काफैसला ऐसे समय में आया है जब चयनकर्ता कुछ ही दिनों में इंग्लैंड में अगले महीने होने वाली 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम चुनने वाले थे. बता दें कि कोहली ने पिछले साल ही टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया था. विराट कोहली का टेस्ट डेब्यू जून 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफकिंग्सटन में हुआ था. आखिरी टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में था खेलाकोहली ने तब पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 15 रन बनाए थे. वहीं उनका आखिरी टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में था, जो जनवरी2025 में खेला गया था. इस आखिरी टेस्ट में कोहली ने पहली पारी में 17 तो दूसरी पारी में 6 रन बनाए. विराट कोहली ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट परसंन्यास का ऐलान किया. उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट में पहली बार ब्लू जर्सी पहने हुए 14 साल हो चुके हैं. ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचाथा कि यह फॉर्मेट मुझे किस सफर पर ले जाएगा. इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे आकार दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर साथरखूंगा. सफ़ेद कपड़ों में खेलना एक बहुत ही निजी अनुभव है. शांत परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता लेकिन जो हमेशा आपकेसाथ रहते हैं. कोहली ने आगे कहा, ‘जब मैं इस फॉर्मेट से दूर जा रहा हूं, तो यह आसान नहीं है लेकिन यह सही लगता है. मैंने इसमें अपना सबकुछदिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज़्यादा दिया है. मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभारसे भरा दिल लेकर जा रहा हूं जिसने मुझे इस सफर में आगे बढ़ाया. मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने7 दोहरे शतकों के साथ इस प्रारूप के दिग्गज के रूप में अपनी पहचान बनाई जो किसी भारतीय खिलाड़ी के लिए सबसे अधिक है. वह महानबल्लेबाज सुनील गावस्कर (4), सचिन तेंदुलकर (6), वीरेंद्र सहवाग (6) और राहुल द्रविड (5) से काफी आगे है.
भारत- पाकिस्तान तनाव के बीच चीन ने की अमेरिका से टैरिफ डील, 90 दिनों के लिए घटाएगें टैरिफ दोनों देश

अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे 90 दिनों की शुरुआती अवधि के लिए अपने पहले से घोषित पारस्परिक शुल्क और जवाबीशुल्क वापस ले लेंगे. इस बीच चीन अमेरिकी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाएगा और अमेरिका चीनी वस्तुओं पर लगभग 30 प्रतिशत तकशुल्क वसूलेगा. वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए उनके द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार संबंधों के महत्व को पहचानते हुए अमेरिका और चीन के बीचसहमति बनी। दोनों देशों ने एक स्थायी, दीर्घकालिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक और व्यापार संबंधों के महत्व को पहचाना. दोनों देशोंने अपनी हालिया चर्चाओं पर विचार किया और माना कि निरंतर चर्चाओं में उनके आर्थिक और व्यापार संबंधों में प्रत्येक पक्ष की चिंताओं को दूर करनेकी क्षमता है. आगे बढ़ते हुए दोनों देश आर्थिक और व्यापार संबंधों के बारे में चर्चा जारी रखने के लिए एक तंत्र स्थापित करेंगे. इन चर्चाओं के लिएचीनी पक्ष के प्रतिनिधि स्टेट काउंसिल के वाइस प्रीमियर हे लिफेंग होंगे और अमेरिकी पक्ष के प्रतिनिधि ट्रेजरी के सचिव स्कॉट बेसेंट और यूनाइटेडस्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर होंगे. दोनों देशों की ओर से एक संयुक्त बयान में कहा गया, “ये चर्चाएं चीन और अमेरिका में बारी-बारी सेआयोजित की जा सकती हैं या पार्टियों की सहमति से किसी तीसरे देश में की जा सकती हैं. दोनों पक्ष प्रासंगिक आर्थिक और व्यापार मुद्दों पर कार्य-स्तरीय परामर्श कर सकते हैं. दर्जनों देशों पर लगाए थे पारस्परिक शुल्कअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दर्जनों ऐसे देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाए थे जिनके साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है. बाद में राष्ट्रपति ट्रम्प नेकई देशों द्वारा व्यापार समझौते के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत शुरू करने के बाद 90 दिनों के लिए शुल्क रोकने का फैसला किया. 9 अप्रैल से शुरू होने वाले इन 90 दिनों में, राष्ट्रपति ट्रम्प सभी देशों पर 10 प्रतिशत बेसलाइन शुल्क लगाते हैं. चीन के लिए, ट्रम्प ने संकेत दिया था किशुल्क 245 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं अमेरिका के लिए, चीनी शुल्क 125 प्रतिशत थे. अपने दूसरे कार्यकाल के लिए पदभार संभालने के बाद से, राष्ट्रपति ट्रम्प ने टैरिफ पारस्परिकता पर अपना रुख दोहराया है, इस बात पर जोर देते हुए कि संयुक्त राज्य अमेरिका निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने केलिए भारत सहित अन्य देशों द्वारा लगाए गए शुल्कों का मिलान करेगा. अमेरिका और चीन की घोषणा से वैश्विक शेयरों में उछाल आया. अमेरिकीवायदा बाजार में 2 प्रतिशत से अधिक की मजबूती आई. हांगकांग के हैंग सेंग सूचकांक में करीब 3 प्रतिशत की उछाल आई और जर्मनी और फ्रांस केबेंचमार्क सूचकांकों में 0.7 प्रतिशत की तेजी आई. ट्रम्प प्रशासन ने दुनिया भर के देशों पर टैरिफ लगाए हैं, लेकिन चीन के साथ उसकी लड़ाई सबसेतीखी रही है चीन से आने वाले सामानों पर ट्रम्प के आयात करों में 20 प्रतिशत शुल्क शामिल है जिसका उद्देश्य बीजिंग पर दबाव डालना है कि वहअमेरिका में सिंथेटिक ओपिओइड फेंटेनाइल के प्रवाह को रोकने के लिए और अधिक कदम उठाए. शेष 125 प्रतिशत विवाद ट्रम्प के प्रथम कार्यकालसे संबंधित है तथा यह उस समय चीन पर उनके द्वारा लगाए गए टैरिफ से संबंधित है जिसका अर्थ है कि कुछ चीनी वस्तुओं पर कुल टैरिफ 145 प्रतिशत से अधिक हो सकता है.
पाकिस्तान ने भारत पर हमले के दौरान चीन और तुर्किए में बने ड्रोन व मिसाइलों का किया था इस्तेमाल, भारतीय सेना के मुंहतोड़ जबाव ने ड्रोनव मिसाइलों का किया मलवा “बोले एयर मार्शल एके भारती”

पाकिस्तान द्वारा भारत पर हमले के लिए ड्रोन्स और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया जिनमें से कई चीन और तुर्किए में बने हथियार थे. हालांकिभारत के मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम के आगे उनकी एक न चली. सोमवार को डीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहाकि ‘पाकिस्तान द्वारा चीन में बनी पीएल-15 मिसाइल का इस्तेमाल किया गया. लेकिन वह भी निशाना नहीं साध पाई और हमारे एयर डिफेंस ने उसेइंटरसेप्ट कर हवा में ही तबाह कर दिया. एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि उसका मलबा हमारे सशस्त्र बलों ने बरामद किया है. एयर मार्शल एकेभारती ने कहा कि लॉन्ग रेंज रॉकेट, अनमैन्ड एरियल सिस्टम का भी पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किया गया. जिन्हें भी हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने तबाहकर दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बड़ी संख्या में ड्रोन्स और अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल्स से हमले की कोशिश की गई. लेकिन उन्हें भारतके स्वदेशी सॉफ्ट एंड हार्ड किल काउंटर यूएएस सिस्टम और शानदार प्रशिक्षित एयर डिफेंस सैनिकों ने तबाह कर दिया. डीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान किया गया था सवालडीजीएमओ की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल किया गया कि तुर्किए के ड्रोन्स को लेकर दुनिया में बहुत ज्यादा हल्ला मचा हुआ था, लेकिन लगताहै कि बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए तुर्किए के ड्रोन्स भारत में धराशायी हो गया और दुनिया को एक संदेश चला गया है कि अब हाइब्रिड वारफेयर मेंइसकी औकात नहीं बची? इसके जवाब में एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि तुर्किए ड्रोन्स हों या कहीं और के भी ड्रोन्स हो, आपने देखा यहां कितरह से ड्रोन्स के मलबे की तस्वीरें सामने आईं. हमने दिखा दिया कि हमारे काउंटर डिफेंस सिस्टम और हमारे ट्रेंड डिफेंस ऑपरेटर्स पूरी तरह से सक्षम हैं. हमारे देश की स्वदेशी तकनीक किसी भी तरह के ड्रोन हमलों या किसी भी तरह की तकनीक से निपटने के लिए तैयार हैं. हमें यहां ज्यादा बोलने कीजरूरत नहीं है आपने खुद अपनी आंखों से देखा है कि हमने इनका क्या हश्र किया है. पीएल-15ई चीन की PL-15 मिसाइल का एक्सपोर्ट वर्जन है।इस मिसाइल में डुअल पल्स प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर और एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रेडार लगा हुआ है. यह मिसाइल मैक 5 की स्पीडसे 145 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद लक्ष्य को निशाना बना सकती है. डेटा लिंक और इनर्शियल रेफरेंस यूनिट मिसाइल निशाना लगाने की सटीकक्षमता को सुनिश्चित करते है.
जम्मू- कश्मीर पहलगाम में आतंकीहमला का बदला लेने के लिए पाकिस्तान की सीमा लाघ गए BSF जवान पीके साहू, पाकिस्तान रेंजर्स नेलिया हिरासत में

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब भारत और पाकिस्तानके बीच युद्ध विराम हो गया है. सीजफायर के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं. वहीं पाकिस्तान की हिरासत में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानपीके साहू को अभी तक रिहा नहीं किया गया है बीएसएफ कांस्टेबल पीके साहू 20 दिन से पाकिस्तान के कब्जे में है. पहलगाम आतंकी हमले काबदला लेने के लिए भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और पाकिस्तान में घूसकर आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई थी. 22 अप्रैलको आतंकी हमले के अगले दिन 23 अप्रैल को फिरोजपुर बॉर्डर पर पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ जवान पीके साहू को हिरासत में लिया था. 20 दिनसे पीके साहू को रिहा करवाने के लिए बीएसएफ अधिकारियों की तरफ से कई बार पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग भी की जा चुकी हैं, लेकिन अभीतक पीके साहू को छोड़ा नहीं गया है. अब दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बाद उम्मीद जग रही है कि दोबारा दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों केबीच बैठक के बाद जवान को रिहा किया जा सकता है. हालांकि दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालातों के दौरान पाक हिरासत में बीएसएफ जवानपीके साहू को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाया गया हो. देशवासी इसकी भी उम्मीद कर रहे हैं 20 दिन से पीके साहू पड़ोसी मुल्क में किन हालातोंमें है, इस बात की चिंता सैनिक के परिवार और देश वासियों को भी सता रही है. लाघ गए पाकिस्तान की सीमा-साहूबता दें कि बीएसएफ जवान पीके साहू 23 अप्रैल की शाम को पंजाब के फिरोजपुर बॉर्डर पर गलती से सरहद लांघ कर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान कीसीमा में चला गया था. वहां से पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे हिरासत में ले लिया था पीके साहू मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रिशरा का रहने वाला है. कुछदिन पहले सैनिक की पत्नी रजनी साहू पति की रिहाई को लेकर चंडीगढ़ आई थी रजनी साहू ने अपने पति की वापसी को लेकर बीएसएफअधिकारियों से मुलाकात की थी. रजनी ने कहा कि मैं बता नहीं सकती कि मैं कितने तनाव में हूं, क्योंकि बीएसएफ अधिकारी मुझसे सिर्फ चिंता नकरने को कह रहे हैं. कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है मैं बहुत चिंतित हूं इसलिए मैंने अपनी स्थिति के बावजूद यात्रा की योजना बनाई. मैंने चंडीगढ़के लिए फ्लाइट ली हालांकि रजनी साहू फिरोजपुर जाना चाहती थी लेकिन चंडीगढ़ में अधिकारियों से मिलने के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गयाथा. पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिशरा के हरिसभा क्षेत्र के निवासी बीएसएफ जवान के माता-पिता ने कहा कि वे केंद्र सरकार से अपने बेटे कीवापसी के लिए हर संभव कदम उठाने की अपील करेंगे. जवान की मां ने कहा कि हम बहुत तनाव में हैं हम बीएसएफ अधिकारियों से अपने बेटे कोवापस लाने की गुहार लगा रहे हैं.
सीमा पर संघर्ष विराम के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बांध अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तारीफों के पुल, एक्स पर लिखा मैं हूं ट्र्ंप का बहुत आभारी

सीमा पर संघर्ष विराम के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाद शरीफ ट्रंप की तारीफों के पुल बांधने में जुटे हुए हैं. शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखाकि मैं राष्ट्रपति ट्रंप के अग्रणी नेतृत्व और वैश्विक शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा दक्षिण एशिया में स्थायी शांति लाने में बड़ी भूमिका निभाने केउनके सबसे मूल्यवान प्रस्ताव के लिए उनका बहुत आभारी हूं.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को हुए संघर्षविराम का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं. बड़बोले ट्रंप की ओर से किए जा रहे ट्वीट पर पाकिस्तान तारीफ करते नहीं थक रहा है. पाकिस्तान केप्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय एक्स पर पोस्ट पर अमेरिका का आभार जता रहे हैं. बता दें कि ट्रंप ने रविवार सुबह कहा कि वे भारत और पाकिस्तान केसाथ मिलकर कश्मीर के मुद्दे का हजार साल बाद हल निकालने की कोशिश करेंगे. शहबाज शरीफ ने की ट्रंप की तारीफजिसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाद शरीफ ट्रंप की तारीफों के पुल बांधने में जुटे हुए हैं. शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा कि मैं राष्ट्रपतिट्रंप के अग्रणी नेतृत्व और वैश्विक शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा दक्षिण एशिया में स्थायी शांति लाने में बड़ी भूमिका निभाने के उनके सबसेमूल्यवान प्रस्ताव के लिए उनका बहुत आभारी हूं. दशकों से पाकिस्तान और अमेरिका ऐसे साझेदार रहे हैं जिन्होंने हमारे आपसी हितों की रक्षा औरसंवर्धन के साथ-साथ दुनिया के महत्वपूर्ण हिस्सों में शांति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम किया है. मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति ट्रंप के तौर परपाकिस्तान को एक बेहतरीन साझेदार मिला है जो हमारी रणनीतिक साझेदारी को फिर से जीवंत कर सकता है और न केवल व्यापार और निवेश मेंबल्कि सहयोग के अन्य सभी क्षेत्रों में पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों को मजबूत कर सकता है.वहीं दूसरी ओर से डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट के बाद पाकिस्तानके विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट लिखकर कहा पाकिस्तान दोनों देशों के संबंधों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वक्तव्य का स्वागतकरता है. हम पाकिस्तान और भारत के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते का समर्थन करने में अन्य मित्र देशों के साथ-साथ संयुक्त राज्यअमेरिका द्वारा निभाई गई रचनात्मक भूमिका की सराहना करते हैं. क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक कदमयह तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक कदम है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने आगे लिखा कि हम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जम्मू औरकश्मीर विवाद के समाधान के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करने की इच्छा व्यक्त करने की भी सराहना करते हैं. यह एक ऐसादीर्घकालिक मुद्दा है जिसका असर दक्षिण एशिया और उससे आगे की शांति और सुरक्षा पर पड़ता है. पाकिस्तान इस बात की पुष्टि करता है किपाकिस्तान भी चाहता है कि जम्मू-कश्मीर विवाद का कोई भी समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मुताबिक होना चाहिए. इसमें कश्मीरी लोगों केमौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए जिसमें आत्मनिर्णय का उनका अविभाज्य अधिकार भी शामिल है.मंत्रालय की ओर से जारी बयानमें आगे कहा गया है. पाकिस्तान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने के प्रयासों में संयुक्त राज्य अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथजुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. हम संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपनी बहुमुखी साझेदारी को और अधिक गहरा बनाने की आशा करते हैं.
रुस की सीधी शांति वार्ता को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने किया स्वागत,बोले खून खराबा ज्यादा ठीक नहीं

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को रूस की ओर से सीधी शांति वार्ता की पेशकश का स्वागत किया. हालांकि जेलेंस्की ने जोर देकरकहा कि बातचीत शुरू होने से पहले एक पूर्ण स्थायी युद्धविराम जरूरी है. जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, रूस के राष्ट्रपतिव्लादिमीर पुतिन का बिना युद्ध विराम के वार्ता करने की पेशकश एक सकारात्मक संदेश है. पूरी दुनिया लंबे समय से इसका इंतजार कर रही थी. हालांकि उसने यह भी कहा कि किसी भी युद्ध को वास्तव में खत्म करने का पहला कदम युद्धविराम ही होता है. इस बीच रूस ने रविवार सुबह यूक्रेन परबड़े पैमान पर ड्रोन हमले फिर शुरू कर दिए. क्योंकि उसकी ओर से घोषित 3-4 दिन का विराम समाप्त हो गया.वहीं यूक्रेन की वायु सेना ने बताया किरूस ने छह अलग-अलग दिशाओं से 108 हमलावर ड्रोन और कुछ नकली (सिम्युलेटर) ड्रोन लॉन्च किए. इनमें से 60 ड्रोन मार गिराए गए और 41 नकली ड्रोन यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई के कारण अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके.यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपना प्रस्ताव दोहराया कि सोमवार सेबिना शर्त 30 दिनों का युद्धविराम शुरू किया जाए. खून-खराबा ठीक नहीं- जेलेंस्कीउन्होंने कहा एक भी दिन के लिए और खून-खराबा जारी रखना ठीक नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि रूस 12 मई से एक पूर्ण स्थायी और विश्वसनीययुद्धविराम की पुष्टि करेगा और यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है.वहीं दूसरी ओर पुतिन ने मीडिया से बातचीत में युद्धविराम के इस प्रस्ताव को खारिजकर दिया और इसके बजाय गुरुवार को इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ बिना किसी शर्त के सीधी वार्ता शुरू करने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने कहा कि वार्ताके दौरान युद्धविराम पर सहमति बन सकती है पुतिन की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है जब यूरोप के चार प्रमुख देशों के नेताओं नेचेतावनी दी है कि अगर रूस 30 दिन में युद्धविराम को स्वीकार नहीं करता है तो उस पर दबाव बढ़ा जाएगा.क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव नेरविवार को रूसी सरकारी टीवी पर कहा कि पुतिन का प्रस्ताव बहुत गंभीर है और यह दर्शाता है कि वह एक शांतिपूर्ण समाधान की वास्तव में इच्छारखते हैं. उन्होंने कहा वार्ता का मकसद इस संघर्ष के मूल कारणों को खत्म करना और साथ ही रूसी संघ के हितों की रक्षा करना है.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिलाओं के लिए लिया बड़ा फैसला, करीब आठ लाख महिलाएं बनेंगी संपत्ति की मालकिन जानें क्या है महिलाओं के लिए खास

सीएम योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने में एक फीसदी अतिरिक्त स्टांप शुल्क में छूट देने को कहा है. इसका लाभ कम से कम 8 लाख महिलाओं को मिलेगा. एक करोड़ रुपये तक की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क में एक फीसदी छूट का फैसला प्रभावी होनेके बाद महिलाओं के नाम संपत्ति का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. अनुमान है कि एक वर्ष में करीब 4 लाख करोड़ की संपत्ति महिलाओं के नामदर्ज होंगी। प्रदेश में पारिवारिक संपत्ति में महिलाओं को समान अधिकार देने वाले नियमों से पिछले तीन वर्षों में करीब 3.50 लाख संपत्तियां बहन-बेटियों के नाम की गई हैं. राज्य सरकार की इस पहल से महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और स्वायत्तता बढ़ी है स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने रक्त संबंध मेंसंपत्ति दान करने के लिए सिर्फ 5000 की फीस तय की थी. इससे पारिवारिक संपत्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी व उनके अधिकार के लिए राज्य मेंबनाए गए नियमों ने उन्हें सही मायने में मालकिन बना दिया. इस फैसले का ही असर है कि महज तीन वर्ष में लगभग 3.50 लाख संपत्तियों पर बेटियोंऔर बहनों का हक पिता व भाइयों ने उनके नाम कर दिया. करीब डेढ़ लाख मामलों का किया गया निस्तारणवहीं 2022 से पहले करीब 60 हजार की संपत्तियों पर महिलाओं को विधिक अधिकार मिल पाता था.पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर करीब 28 लाख राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया है. राजस्व विभाग में लंबित मामलों को गंभीरता सेलिया गया और उन्हें समयबद्ध तरीके से निपटाया गया. इसका परिणाम यह है कि जनता को जमीन से जुड़े विवादों में त्वरित न्याय मिल रहा है. पिछलेएक वर्ष में 24 लाख से अधिक नामांतरण के मामलों का निस्तारण किया गया. इसके साथ ही जमीन के मालिकाना हक से जुड़े मामलों का तेजी सेसमाधान किया गया जिससे जनता को बड़ी राहत मिली है कुल 30 लाख मामले उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्तर पर निस्तारित कराए गएहैं.इस दौरान डेढ़ लाख से ज्यादा पैमाइश के मामले निपटाए गए हैं. इसके अंतर्गत जमीन की माप-जोख से जुड़े विवाद सुलझाए गए जिससे ग्रामीणइलाकों में लोगों को बड़ी राहत मिली. वहीं 80 हजार बेदखली और 95 हजार अकृषक उपयोग के मामलों का भी समाधान किया गया है इसकेअलावा बंटवारे से संबंधित करीब डेढ़ लाख मामलों का निस्तारण किया गया है.
भारत और पाकिस्तान के युद्ध विराम के बाद भी पाकिस्तान में नहीं कोई सुधार, दोबारा सीजफायर का उल्लंघन करने को लेकर बोले क्रिक्रेटर सहवाग व शिखर धवन “कुत्ते की दुम टेढ़ी… घटिया देश”

भारत और पाकिस्तान ने चार दिन के संघर्ष के बाद शनिवार को संघर्ष विराम का एलान किया हालांकि शनिवार शाम पांच बजे से संघर्ष विराम शुरूहुआ और इसके कुछ घंटों बाद पाकिस्तान की ओर से सीमा पर फिर से गोलीबारी की गई. अब पाकिस्तान को भारत के पूर्व क्रिकेटर्स ने लताड़ा है. वीरेंद्र सहवाग और शिखर धवन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाकिस्तान पर निशाना साधा है.दरअसल संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूदपाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आया. उसने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर दिया विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शनिवार रात 11 बजेप्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जिसमें बताया कि पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. जिसका भारत ने माकूल जवाब दिया मिस्री ने कहा किभारतीय सेना पाकिस्तान की तरफ से इस तरह की हरकत करने पर मुंहतोड़ जवाब देगी. सीजफायर के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआहै. युद्ध विराम के बाद भी सुनाई दिए धमाकेभारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के चार घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर में ड्रोन देखे गए और धमाके सुनाई दी. इसके बाद सेना ने जवाबीकार्रवाई की ड्रोन और धमाकों की आवाज सुनाई दिए जाने के बाद एहतियात के तौर पर राजस्थान और पंजाब के कई शहरों में फिर से बिजली काटीगई.इसके बाद सहवाग ने अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट करते हुए एक तस्वीर साझा की उन्होंने लिखा कुत्ते की दुम टेढ़ी की टेढ़ी ही रहती है. वहीं शिखरधवन ने भी एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा घटिया देश ने फिर अपना घटियापन पूरी दुनिया के आगे दिखा दिया. वहीं पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसादने भी ट्वीट किया. उन्होंने लिखा पाकिस्तान में तीन शक्ति केंद्र हैं सेना आईएसआई और प्रधानमंत्री भले ही उनमें से कोई एक सहमत हो. लेकिन तीनोंके लिए किसी एक बात पर सहमत होना लगभग असंभव है. 15 शहरों में करना पड़ा ब्लैकआउटपाकिस्तान के लिए पिछले तीन दिन काफी नहीं थे इस उकसावे के बाद भारत पाकिस्तान को जीवन भर का सबक सिखा देगा.सीमापार से फायरिंग मेंआरएसपुरा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज बलिदान हो गए. हमले में सात अन्य जवान घायल हुए हैं सभीसैन्य अस्पताल में भर्ती हैं पंजाब राजस्थान और गुजरात में भी कई धमाके हुए. रात तक 15 शहरों में ब्लैकआउट करना पड़ा केंद्र सरकार ने इसे सहमतिका घोर उल्लंघन करार देते हुए सेना को जवाबी कार्रवाई करने की छूट दे दी. रात 11 बजे विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसके लिए पाकिस्तान कोजिम्मेदार ठहराते हुए निंदनीय करार दिया. उन्होंने कहा पाकिस्तान स्थिति को ठीक से समझे और इसे रोकने के लिए तुरंत उचित कार्रवाई करे. सेनाहालात पर कड़ी नजर रखे हुए है। उसे संघर्ष विराम उल्लंघन के खिलाफ ठोस और सख्त कदम उठाने के लिए आदेश दिए गए हैं. हालांकि इसचेतावनी के बाद कुछ शहरों में गोलीबारी थम गई.
यूपी की राजधानी लखनऊ में रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनी मिसाइल ब्रह्मोस, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले देश के लिए ऐतिहासिक दिन

यूपी की राजधानी लखनऊ रविवार को रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनी. यहां उप्र डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड परदुनिया की सबसे विध्वंसक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस के उत्पादन इकाई का शुभारंभ हुआ.समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह डिजिटल माध्यमसे दिल्ली से जुड़े. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस परियोजना का उद्घाटन किया. यह कदम रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को मजबूतऔर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात में सामरिक शक्ति को नई धार देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.इस मौके पररक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी. बल्कि आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत की राजनीतिक सामाजिक औररणनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतीक थी. ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने उन आतंकवादियों को सजा दी. जिन्होंने कई परिवारों के सिंदूर कोमिटा दिया पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को नष्ट करने के लिए सात मई कीसुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था.पूरे देश के लिए ऐतिहासिक दिनपाकिस्तानी हमलों के बाद की सभी जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई.इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिनहमारे शहर लखनऊ हमारे राज्य उत्तर प्रदेश और हमारे पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. आज का दिन उस शक्ति की आराधना का दिन है जोहमारी सेनाओं को संबल प्रदान करती है जो हमारी सेनाओं में निहित होकर दुश्मन पर कहर बरपाती है। आज का दिन मेरे लिए व्यक्तिगत रूप सेमहत्वपूर्ण है. क्योंकि मैंने अपने शहर लखनऊ के लिए एक सपना देखा था. कि मेरा शहर भारत के रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में एक बड़ा योगदान देवह सपना अब पूरा हो रहा है.रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि ब्रह्मोस एकीकरण और परीक्षण सुविधा का उद्घाटन इसलिए भी महत्व रखता है क्योंकि आजका दिन बड़ा खास है आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस है. आज ही के दिन 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिकों ने पोखरण मेंपरमाणु परीक्षण करके दुनिया को भारत की ताकत दिखाई थी. वह परीक्षण हमारे वैज्ञानिक, इंजीनियर्स, रक्षा कार्मिक और कई अन्य हितधारकों केअथक प्रयासों का परिणाम था. आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से किया था लॉन्चरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से लॉन्च किया था. हमनेउनके आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया लेकिन पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया. बल्कि मंदिर, गुरुद्वाराऔर गिरिजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया.भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेकसैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है. हमने केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर ही नहीं कार्रवाई की बल्कि भारत की सेनाओं की धमकउस रावलपिंडी तक सुनी गई. जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमारेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत है जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार दोनों तरफ प्रभावी कारवाईकरेगा.
अमेरिका की मध्यस्थता में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम का समझौता, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

दुनिया की निगाहें एक बार फिर भारत और पाकिस्तान पर टिक गई हैं। इस बार वजह है अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप का एक चौंकानेवाला बयान, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका की मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण और तत्काल युद्धविराम(Ceasefire) पर सहमति बन गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:“संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता में हुई एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तानने पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। दोनों देशों को सामान्य समझ और शानदार बुद्धिमत्ता के लिए बधाई।”