केजरीवाल सरकार ने डॉ. अम्बेडकर के नाम पर केवल राजनीति की, योजनाएं रह गईं अधूरी बोले वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि पिछले 78 वर्षों में यदि किसी सरकार ने डॉ. अम्बेडकर के विचारों और उनके सपनों की सबसे अधिक अवहेलना की है, तो वह अरविंदकेजरीवाल की सरकार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सचिवालय के कमरों में डॉ. अम्बेडकर की तस्वीरें लगाकर उनकी विरासत को सम्मान देने कादिखावा किया गया, लेकिन उनके आदर्शों पर आधारित योजनाओं को ज़मीन पर उतारने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपने दस वर्षों के शासन में दलितों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए बनाई गईशैक्षणिक योजनाओं को लागू करने में पूरी तरह से लापरवाही बरती। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच दलित बस्तियों के विकासके लिए 260 करोड़ रुपये का बजट तो स्वीकृत किया गया, लेकिन केवल 121 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। इसी दौरान, उन्होंने आरोप लगाया किकेजरीवाल सरकार ने लगभग इतना ही बजट सचिवालय में मंत्रियों के कार्यालयों की साज-सज्जा पर खर्च कर दिया। उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख योजनाएं—जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (अनुसूचित जाति छात्रों के लिए), जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभाविकास योजना (अल्पसंख्यक, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए) और मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रतिभा योजना—के लिए कुल 891 करोड़रुपये का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन इन योजनाओं पर महज 40.80 करोड़ रुपये यानी कुल बजट का केवल 5% ही खर्च किया गया। सचदेवा ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि बाबा साहेब केनाम पर बनी इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद वर्गों तक क्यों नहीं पहुंच पाया, और क्यों शैक्षणिक उत्थान की दिशा में घोषित राशि का अधिकांशहिस्सा खर्च नहीं किया गया।
वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल चपेट में, भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने लिखा गृह मंत्री को पत्र लिखा कहा “हालात बेहदचिंताजनक”

वक्फ कानून के विरोध में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते पश्चिम बंगाल हिंसा की चपेट में है. इस बीच भाजपा सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहको पत्र लिखकर बंगाल के सीमावर्ती जिलों में अफस्पा कानून लागू करने की मांग कर दी है. भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने यह मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि बंगाल के सीमावर्ती जिलों को अफस्पा कानून के तहत अशांत इलाके घोषित कर देना चाहिए क्योंकि इन जिलों में हिंदुओंपर बार-बार हमले हो रहे हैं.पश्चिम बंगाल की पुरुलिया लोकसभा सीट से सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने गृह मंत्री को भेजे पत्र में लिखा कि ‘बंगाल केकई जिलों में, खासकर मुर्शिदाबाद में हालात बेहद चिंताजनक हैं. कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है. तुष्टिकरण की राजनीति के चलते टीएमसी सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है सांसद ने दावा किया कि ‘मुर्शिदाबाद जिले में ही हिंदू समुदाय की 86 से ज्यादा दुकानों और मकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ हुई है. ऐसी ही घटनाएं माल्दा, नादिया और दक्षिण 24 परगना में हुई हैं.बार-बार हो रहे है सांप्रदायिक दंगेयहां बार-बार सांप्रदायिक दंगे हो रहे हैं विपक्षी नेताओं को हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने नहीं दिया जा रहा. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दखल दियाहै और उसके बाद हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती हो सकी है. इससे राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति का सहज अंदाजा लगायाजा सकता है.सांसद ने लिखा कि ‘बंगाली हिंदू वैसा ही डर और हिंसा झेल रहे हैं जैसी 1990 में कश्मीरी पंडितों ने झेली थी. अगर हमने अभी कदमनहीं उठाए तो इतिहास फिर से दोहराया जा सकता है लेकिन इस बार ये घाटी में नहीं बल्कि बंगाल में होगा. सांसद ने राज्य के सीमावर्ती जिलोंखासकर मुर्शिदाबाद, माल्दा, नादिया और दक्षिण 24 परगना में अफस्पा कानून 1958 को लागू करने की मांग की.AFSPA कानून के तहत सशस्त्रबलों की अशांत क्षेत्रों में तैनाती होती है. इस कानून के तहत सशस्त्र बलों को कानून के उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को मारने, गिरफ्तारीकरने और वॉरंट के बिना किसी भी परिसर की तलाशी लेने के अधिकार मिल जाते हैं. और साथ ही केंद्र सरकार की स्वीकृति के बिना अभियोजन एवंकानूनी मुकदमों से सुरक्षा सुनिश्चित करता है.
हनुमान जयंती को लेकर नेपाल के बीरगंज में की गई हिंसा,पत्थरबाजी- आगजनी के बाद लगाना पड़ा था कर्फ्यू

नेपाल में बीते दिन हुए बवाल के बाद रविवार को हालात तनावपूर्ण हैं हिंसाग्रस्त इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं. लोगों सेअफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है. इस बीच पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान करनाशुरू कर दिया है. इससे पहले हिमालयी राष्ट्र के बीरगंज में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इसदौरान बीरगंज के छपैया इलाके में तनाव फैल गया था उपद्रवियों ने इलाके में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की थी. हालात पर काबू करने के लिएपुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे. स्थिति बेकाबू होता देख कर्फ्यू का आदेश जारी करना पड़ा था.दरअसल बीते दिन हनुमान जयंती के जुलूस केदौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद शनिवार को नेपाल के पारसा जिले के बीरगंज नगर पालिका में कर्फ्यू लगा दिया गया था. घटना में कई पुलिसकर्मीऔर स्थानीय लोग घायल हुए थे. कथित तौर पर किया गया था पथरावजुलूस के दौरान जगह-जगह पर धार्मिक सभाओं का आयोजन किया गया था. जिन पर कथित तौर पर पथराव किया गया इस वजह से लोगों के बीचटकराव शुरू हो गया.जिला प्रशासन कार्यालय ने भारतीय सीमावर्ती शहर रक्सौल के पास स्थित बीरगंज के मध्य भाग में शनिवार शाम 6.30 बजे सेरविवार दोपहर तक कर्फ्यू लगा दिया. जिला प्रशासन कार्यालय ने एक नोटिस में कहा हनुमान जन्मोत्सव समारोह के दौरान तनाव बढ़ने के कारणबीरगंज महानगर के वार्ड नंबर 14, 15, 16 और 25 में शनिवार शाम 6.30 बजे से रविवार दोपहर 12 बजे तक कर्फ्यू आदेश जारी किया गयाहै.पुलिस ने कहा, ‘जुलूस के घंटाघर इलाके से महानगर के अन्य प्रमुख हिस्सों की ओर बढ़ने के दौरान हुए विवाद के दौरान कुछ पुलिसकर्मी औरस्थानीय लोग घायल हो गए. पुलिस ने व्यवस्था बहाल करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. तनाव बढ़ने के साथ ही बीरगंज में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कर्फ्यू आदेश के तहत मध्य बीरगंज में लोगों की आवाजाही, रैलियां, बैठकें, विरोध प्रदर्शन और सभाएं आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इस्राइल ने किया गाजा के अस्तपाल पर हमला, एक मरीज की हुई मौत अपातकालीन कक्ष समेत फार्मेसी जैसी अन्य इमारतें हुई क्षतिग्रस्त

हमास के साथ जारी जंग के बीच इस्राइल ने एक बार फिर रविवार को गाजा के एक अस्पताल पर जोरदार हमला किया. इस्राइल द्वारा किए गए इसहमले से मरीजों को अस्पताल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. यह हमला गाजा शहर के अल-अहली अस्पताल पर किया गया जिसे इजरायली सेना नेहमास का ठिकाना बताया है. इस हमले को लेकर जानकारी देते हुए गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अस्पताल पर हमला सुबह होने से पहलेहुआ. जिसके बाद तुरंत वहां से मरीजों और स्टाफ को निकाला गया. इस निकासी के दौरान एक मरीज की मौत हो गई क्योंकि डॉक्टर समय पर इलाजनहीं कर पाए.वहीं अल-अहली अस्पताल के निदेशक डॉ. फडेल नैम ने बताया कि उन्हें पहले ही हमले की चेतावनी मिल गई थी. उन्होंने सोशलमीडिया पर बताया कि आपातकालीन कक्ष, फार्मेसी और अन्य इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं.सटीक हथियारों और हवाई निगरानी का किया इस्तेमालइससे 100 से ज्यादा मरीज और दर्जनों मेडिकल कर्मचारी प्रभावित हुए हैं साथ ही इस्राइल ने हमले को लेकर बयान जारी कर बताया कि उसने हमलेसे पहले लोगों को सावधान किया था और नुकसान कम करने के लिए सटीक हथियारों और हवाई निगरानी का इस्तेमाल किया.दूसरी ओर हमले केकुछ घंटों बाद मध्य गाजा के देयर अल-बला इलाके में एक कार पर अलग हमले में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. इसको लेकर इस्राइल नेदावा किया कि अस्पताल में हमास का कमांड सेंटर था. जिससे इस्राइली नागरिकों और सैनिकों पर हमले की योजना बनाई जा रही थी. बता दें किइसस पहले इस्राइली रक्षा मंत्री ने पहले ही कहा था कि गाजा में सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी और लोगों को लड़ाई वाले इलाकों से निकलनेकी सलाह दी गई थी. गाजा में करेगा तेज कार्यवाहीदरअसल इसके साथ ही इस्राइल द्वारा जारी बयान में ये भी बताया गया कि हमने गाजा के दक्षिणी हिस्से राफा को बाकी गाजा से काटने वाला मोरागकॉरिडोर पूरा कर लिया है और अब वह पूरे गाजा में अपनी कार्रवाई तेज करेगा.इस्राइल लगातार हमले से हमास पर बाकी बंधकों को छोड़ने का दबावबना रहा है। माना जा रहा है कि हमास के पास अभी 59 बंधक हैं, जिनमें से 24 के जीवित होने की उम्मीद है. गौरतलब है कि यह युद्ध 7 अक्टूबर2023 को तब शुरू हुआ था जब हमास के हमले में 1,200 इजरायली मारे गए और 250 को बंधक बना लिया गया था. जवाबी कार्रवाई में अब तकगाजा में 50,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
अमेरिका ने लगाया टैरिफ तो पड़ेगा हिमाचल के फार्मा उघोग पर प्रभाव, बड़ी कंपनियों पर पड़ेगा सीधी असर

अमेरिका की ओर से फार्मा उद्योग पर टैरिफ लगाने की स्थिति में हिमाचल की करीब 270 कंपनियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा. हिमाचल में करीब 650 फार्मा कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें से 270 कंपनियां अपने उत्पाद निर्यात करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन में गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस(जीएमपी) प्रमाणित हैं. हिमाचल से सालाना करीब 10,000 करोड़ की दवाएं निर्यात होती हैं. इस समय भारत से अमेरिका निर्यात होने वाली दवाओंपर कोई टैरिफ नहीं लगता.हालांकि अमेरिका से आयात होने वाली दवाओं पर भारत 10 फीसदी टैरिफ लगाता है. बद्दी में घरेलू और बहुराष्ट्रीयकंपनियों की निर्माण इकाइयां हैं. देश में कुल दवा निर्माण का करीब 35 फीसदी हिमाचल में तैयार होता है. शुरूआत में राष्ट्रपति ट्रंप ने जबरेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की तो फार्मास्यूटिकल्स, कॉपर, सेमीकंडक्टर, लकड़ी, बुलियन, एनर्जी और कुछ मिनरल को टैरिफ से छूट दी, क्योंकियह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं. रेसिप्रोकल टैरिफ में फार्मास्यूटिकल्स को राहत इसलिए मिली क्योंकि आयातित दवाएं, विशेष रूप सेभारत से आने वाली जेनेरिक दवाएं, अमेरिकी हेल्थ सिस्टम की लागत को कम रखने में मदद करती हैं. हिमाचल के फार्मा उद्योग संचालक अमेरिका केरुख पर नजर बनाए हैं. फार्मास्युटिकल्स को रेसिप्रोकल टैरिफ से दी गई छूट जल्द होगी समाप्तदरअसस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 अप्रैल को कहा था कि फार्मास्युटिकल्स को रेसिप्रोकल टैरिफ से दी गई छूट जल्द समाप्त होगी. मंगलवाररात उन्होंने कहा कि हम बहुत जल्द ही फार्मास्युटिकल्स पर एक बड़ा टैरिफ लगाने की घोषणा करने जा रहे हैं. हालांकि किस देश पर कितना टैरिफलगेगा इसे लेकर ट्रंप ने स्थिति साफ नहीं की है भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में फार्मास्युटिकल्स का निर्यात करता है. अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का 2 अप्रैल को एलान किया था. लेकिन बाद में इसे 90 दिनों के लिए 9 जुलाई तक टाल दिया.अगले 90 दिनोंके लिए अमेरिका ने सभी टैरिफ टाल दिए हैं. देखना होगा अमेरिका कितना टैरिफ घोषित करता है जरूरत पड़ी तो केंद्र सरकार से भी मामला उठायाजाएगा.हिमाचल के दवा उत्पादक अमेरिकी टैरिफ को लेकर अमेरिका के रुख पर नजर बनाए हैं. भारत की दवाओं पर अमेरिका में कोई टैरिफ नहीं था.
NIA को जाना पड़ सकता है कोर्ट, दुबई के लिंक के बाद अब तहव्वुर राणा का वॅायस सैंपल लेने की तैयारी

मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा से एनआईए की पूछताछ जारी है इस पूछताछ में पहले दिन तहव्वुर राणा ने कई अहम जानकारी दीं. अबएनआईए राणा से दुबई लिंक को लेकर पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तहव्वुर राणा ने साल 2008 में दुबई मेंकिस व्यक्ति से मुलाकात की थी. एनआईए को शक है कि दुबई के उस व्यक्ति को भी मुंबई हमले की जानकारी हो सकती है.साथ ही एनआईएतहव्वुर राणा के वॉइस सैंपल लेने की भी तैयार कर रही है ताकि उन वॉइस सैंपल से यह पता चल सके कि मुंबई हमले के वक्त तहव्वुर राणा तोआतंकियों के संपर्क में नहीं था. मुंबई हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि वॉइस सैंपल लेने के लिए तहव्वुर राणा का सहमति जरूरीहै. अगर राणा सैंपल देने से इनकार कर देता है तो एनआईए को सैंपल लेने के लिए अदालत की मंजूरी लेनी होगी. हालांकि एनआईए चार्जशीट मेंअगर तहव्वुर राणा के वॉइस सैंपल नहीं देने की बात को भी दर्ज करेगी तो इससे बाद में तहव्वुर राणा की मुश्किलें बढ़ जाएंगी.तहव्वुर राणा को सेनाकी नौकरी से बेहद प्यार था. लश्कर ए तैयबा संगठन से जुड़ा है राणादरअसल इसी दौरान वह आईएसआई के संपर्क में आया और फिर लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठन से जुड़ा. जब आईएसआई और लश्कर एतैयबा के प्रतिनिधियों की बैठक होती थी तो तहव्वुर राणा अक्सर उनमें सेना की वर्दी पहनकर पहुंचता था. तहव्वुर राणा ने बताया कि वह अक्सरआतंकी संगठनों के कैंपों का दौरा करता था. मुंबई हमले के एक और मुख्य साजिशकर्ता साजिद मीर के संपर्क में भी तहव्वुर राणा था. दरअसलरिपोर्ट्स के अनुसार राणा के लश्कर ए तैयबा के साथ ही हरकत उल जिहाद अल इस्लामी आतंकी संगठन के साथ भी संबंध थे.तहव्वुर राणा नेमेडिकल की डिग्री हासिल की है और पाकिस्तानी सेना की मेडिकल कोर में नौकरी कर चुका है. सेना छोड़ने के बाद साल 1997 में वह कनाडा में बसगया. तहव्वुर राणा की पत्नी भी एक डॉक्टर है जिसका नाम समराज राना अख्तर है। कनाडा में तहव्वुर राणा ने इमीग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म की शुरुआतकी. इमीग्रेशन फर्म के जरिए ही तहव्वुर राणा ने डेविड हेडली को भारत का वीजा दिलाने में मदद की थी.
हनुमान जयंती के मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने किए कनाट प्लेस के प्राचीन हनुमान मंदिर के दर्शन,कहा दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में आज दर्शनकरने जाउंगी

आज हनुमान जयंती का पवित्र पर्व मनाया जा रहा है. इस मौके पर भक्त हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं और बजरंगबली का आशीर्वाद ले रहे हैं. ये पर्वभगवान हनुमान के जन्म की खुशी में मनाया जाता है. यह दिन विशेष रूप से भगवान राम के परम भक्त और भगवान शिव के अवतार हनुमान जी कीपूजा और आराधना का है.राजधानी दिल्ली में आज हनुमान जयंती मनाई जा रही है इस खास अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के लिएजगह- जगह पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और सड़क पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं. जन्मोत्सव पर शोभायात्रा नहीं निकालने पर लोग नाराज हो गए हैं. हनुमानजयंती के अवसर पर दिल्ली के कनाट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में जा कर दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने पूजाअर्चना की और दिल्ली वालों के लिए सुख समृद्धि की कामना की. शालीमार बाग मंदिर में रोटी बनाने वाली मशीन का किया उद्घाटनपूजा अर्चना के बाद उन्होंने दूसरी तरफ शालीमार बाग के ए.डी. ब्लॉक में एक मंदिर में रोटी बनाने वाली मशीन का उद्घाटन किया. इस मौके परदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज समाज द्वारा बड़े-बड़े आयोजन किए जा रहे हैं. यह मेरा सौभाग्य है कि मैं दिल्ली की मुख्यमंत्री के नातेहनुमान जयंती के अनेक अवसरों में सम्मलित होने वाली हूं. मैं आपके(दिल्लीवासी) सुख-दुख में खड़ी हूं. हमें मिलकर दिल्ली को बेहतर बनाना है आजमैंने यही कामना की है कि हम दिल्ली की जनता की आशाओं को पूरा करें.इस मौके पर उन्होनें कहा कि आज बाबा की जयंती है और बाबा मेरे इष्टदेव हैं उनके आशीर्वाद से मैंने हमेशा प्रगति की है और जन सेवा के लिए प्रतिबद्ध रही हूं. आज मैं दर्शन के लिए दिल्ली के जितने भी प्रमुख मंदिर जासकती हूं वहां जाने की कोशिश करूंगी.
मशहूर अभिनेता जावेद जाफरी का अकाउंट हुआ हैक,फैंस के साथ साझा की जानकारी

मशहूर अभिनेता जावेद जाफरी का एक्स अकाउंट हैक हो गया है .आज शनिवार, 12 अप्रैल, 2025 को अभिनेता ने खुद यह जानकारी फैंस के साथसाझा की. उन्होंने अपने फैंस से इसकी शिकायत एक्स प्लेटफॉर्म पर करने की अपील की है. जावेद ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए फैंस को इसघटना की जानकारी दी और अपने हैक हुए अकाउंट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए. इन स्क्रीनशॉट्स में साफ दिख रहा है कि वह अपने एक्स पेज तकनहीं पहुंच पा रहे हैं.जावेद ने इंस्टाग्राम पर लिखा, उन्होंने लिखा, “तो मेरा एक्स अकाउंट (@jaavedjaaferi) हैक हो गया है. मैं ईमानदारी से उनलोगों से अनुरोध करता हूं जो ट्विटर पर मुझे फॉलो कर रहे हैं कि वे एक्स से इसकी शिकायत करें. साडा है एत्थे उनकी यह पोस्ट रणबीर कपूर कीफिल्म ‘रॉकस्टार’ के गाने ‘सड्डा हक’ से प्रेरित थी. जिसे उन्होंने मजेदार अंदाज में लिखा. जावेद का यह हल्का-फुल्का अंदाज उनके फैंस को खूब पसंदआ रहा है. लेकिन अकाउंट हैक होने की खबर ने सभी को चिंता में डाल दिया है.जावेद की इस पोस्ट के बाद फैंस ने उनके समर्थन में कमेंट्स शुरू करदिए. कई लोगों ने टैग किया एक्सकई लोगों ने एक्स को टैग करके हैकिंग की शिकायत की और जल्द से जल्द अकाउंट रिकवर करने की मांग की. कुछ फैंस ने मजेदार कमेंट्स भी किएएक यूजर ने लिखा, ‘जावेद भाई, हैकर्स को भी आपका स्टाइल पसंद आ गया होगा. जावेद ने अभी तक यह नहीं बताया कि उनके अकाउंट को रिकवरकरने की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है. लेकिन उनके फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा.हाल ही में जावेद जाफरी से पहले मशहूरगायिका श्रेया घोषाल और अभिनेत्री स्वरा भास्कर के एक्स अकाउंट भी हैक हुए थे. हालांकि बाद में उनके अकाउंट्स को रिकवर कर लिया गया. श्रेयाने फैंस से एआई इमेज को सावधानी के साथ साझा करने की भी बात कही थी. दरअसल दो महीने पहले श्रेया ने एक एआई इमेज साझा की थी. दो महिने बाद मिला एक्स अकाउंट वापसहालांकि दो महीने बाद श्रेया को उनका एक्स अकाउंट वापस मिल गया. सोशल मीडिया पर बढ़ती साइबर सिक्योरिटी की समस्याओं ने अब सितारोंको भी सतर्क कर दिया है.जावेद जाफरी न सिर्फ एक शानदार अभिनेता हैं. बल्कि एक बेहतरीन डांसर, कॉमेडियन और प्रोड्यूसर भी हैं. उनकी कॉमिकटाइमिंग और अनोखे अंदाज ने उन्हें हर उम्र के दर्शकों का चहेता बनाया है. हाल ही में उनकी फिल्म ‘इन गलियों में’ रिलीज हुई थी. जिसे अविनाशदास ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में जावेद के किरदार को दर्शकों ने खूब पसंद किया. अब फैंस उन्हें ‘धमाल 4’ में देखने के लिए बेताब हैं. ‘धमाल’ सीरीज की पिछली फिल्मों में जावेद की एक्टिंग और हंसी-मजाक ने दर्शकों का दिल जीता था और इस बार भी उनसे वैसी ही उम्मीद है.
राष्ट्रपति को तीन महिनें के अन्दर करना होगा विधेयकों पर फैसला, सुप्रीम कोर्ट की तरफ से किया गया ऐलान

पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी में सलाह दी है कि राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर राज्यपालों द्वारा भेजे गए लंबित विधेयकों परफैसला ले लेना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर दिए गए अपने फैसले में यह टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु केराज्यपाल आरएन रवि के पास लंबित 10 विधेयकों को पारित करने का आदेश दिया. ये विधेयक राज्यपाल ने राष्ट्रपति के पास विचारार्थ भेजने केचलते लंबित किए हुए थे. सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल को यह फैसला दिया था और फैसले की कॉपी बीती रात सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुईहै.अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव देते हुए राष्ट्रपति के पास विधेयकों को लंबित रखने की समयसीमा भी तय करने की बात कही है.सुप्रीम कोर्टकी जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की अध्यक्षता वाली पीठ ने 8 अप्रैल को दिए अपने फैसले में कहा कि ‘हम गृह मंत्रालय द्वारानिर्धारित समय-सीमा को अपनाए जाने को उचित समझते हैं. और ये सलाह देते हैं कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा उनके विचारार्थ आरक्षित विधेयकोंपर तीन महीने के भीतर फैसला लेना जरूरी है.समयसीमा से ज्यादा देरी होने पर देनी होगें उचित कारणपीठ ने कहा कि इस समयसीमा से ज्यादा की देरी होने पर उचित कारण देने होंगे और इस बारे में संबंधित राज्य को सूचित करना होगा. राज्यों को भीसहयोगात्मक होना चाहिए और विधेयक को लेकर उठाए जा रहे सवालों के उत्तर देकर सहयोग करना चाहिए और केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सुझावोंपर तेजी से विचार करना चाहिए.पीठ ने अपने फैसले में राज्यपाल द्वारा विधेयक को दूसरे राउंड में भी राष्ट्रपति के पास विचारार्थ भेजने को अवैधबताया. गौरतलब है कि संविधान का अनुच्छेद 200 राज्यपाल को शक्ति देता है कि वे उनके पास मंजूरी के लिए आने वाले विधेयक को लेकरअसहमति जता सकते हैं या फिर इसे राष्ट्रपति के विचार करने के लिए भेज सकते हैं. पीठ ने फैसले में कहा कि ‘अनुच्छेद 200 में विधेयक को मंजूरीदेने की कोई समयसीमा तय नहीं है. लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि राज्यपाल विधेयक को लंबे समय तक रोके रखें और राज्य की कानूनबनाने वाली व्यवस्था में अवरोधक बन जाएं.
मणिपुर में है राष्ट्रपति शासन लागू,भाजपा विधायक ने किया दावा कहा जल्द ही बनेंगी सरकार

मणिपुर में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है लेकिन इसी बीच एक भाजपा विधायक ने दावा किया है कि राज्य में जल्द ही नई सरकार बनेगी. इसकेसाथ उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार हो गया है. मणिपुर के एक भाजपा विधायक ने शनिवार को दावा किया कि राज्य मेंकानून-व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और उम्मीद जताई कि जल्द ही नई सरकार बनेगी. भाजपा विधायक टी. रोबिन्द्रो ने कहा कि मैतेई और कुकीनागरिक समूहों के बीच शांति वार्ता भी शुरू हो गई है. काकचिंग जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए टी. रोबिन्द्रो ने कहा कि, कानून-व्यवस्था मेंकाफी सुधार हुआ है. हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र जल्द से जल्द नई सरकार का गठन करेगा. मैतेई और कुकी समूहों के बीच शांति वार्ता शुरू हो गई हैहमारा मानना है कि शांति लाने में सहायता के लिए निकट भविष्य में मैतेई और कुकी विधायकों के बीच बातचीत होगी। मुझे विश्वास है कि जल्द हीनई सरकार बनेगी.थंगा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक टी. रोबिन्द्रो ने कहा ‘हमारे (भाजपा विधायकों) बीच नेता चुनने में कोई असमर्थता या मतभेद नहीं है. नहीं होने देंगे मणिपुर का विभाजनहम सभी एकजुट हैं हम मणिपुर का विभाजन नहीं होने देंगे और सभी राज्य के लिए एकजुट रहेंगे बता दें कि मई 2023 में इंफाल घाटी में मौजूद मैतेईऔर पड़ोसी पहाड़ी आधारित कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. मैतेई समुदाय कीअनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग पर मणिपुर उच्च न्यायालय के आदेश के विरोध में पहाड़ी जिलों में आयोजित ‘आदिवासी एकजुटतामार्च’ के बाद झड़पें शुरू हुईं.वहीं इस विवाद के करीब एक साल बाद मणिपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के 9 फरवरी 2025 को इस्तीफादेने के बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. मणिपुर राज्य विधानसभा जिसका कार्यकाल 2027 तक है. कोनिलंबित कर दिया गया है.