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लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन, महाकुंभ आयोजन पर आभार और गर्व का इजहार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में महाकुंभ के सफल आयोजन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने महाकुंभ की सफलता में योगदान देनेवाले सभी कर्मयोगियों और श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए कहा, “आज मैं इस सदन के माध्यम से देशवासियों को नमन करता हूं, जिनकी वजह सेमहाकुंभ का सफल आयोजन हुआ है।” उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और प्रयागराज की जनता का आभार व्यक्त किया।महाकुंभ: एकता और सामूहिक चेतना का प्रतीकप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाकुंभ जैसे ऐतिहासिक आयोजनों में लोग सुविधाओं की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। उन्होंने कहाकि ऐसे आयोजन हमारी सामूहिक चेतना और राष्ट्र की ताकत को उजागर करते हैं। पीएम मोदी ने कहा, “महाकुंभ ने हमारे सामर्थ्य से जुड़ी शंकाओंऔर आशंकाओं का उचित जवाब दिया है।” युवा पीढ़ी का जुड़ाव और आस्था का गर्वपीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का युवा आज गर्व के साथ अपनी परंपराओं और आस्था को अपना रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ केआयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि देश की नई पीढ़ी अपनी विरासत से गहराई से जुड़ रही है। “सबका प्रयास” का साकार रूपप्रधानमंत्री ने महाकुंभ आयोजन को “सबका प्रयास” का साक्षात उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जैसे भगीरथ ने गंगा को धरती पर लाने के लिएकठिन प्रयास किया था, वैसे ही महाकुंभ में सभी का प्रयास दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में देश के कोने-कोने से आए लोग “अहम्” कोछोड़कर “वयम्” की भावना से एकजुट हुए। ऐतिहासिक महत्व और प्रेरणाप्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ आयोजन को स्वामी विवेकानंद के शिकागो सर्वधर्म सम्मेलन, गांधीजी के दांडी मार्च और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के”दिल्ली चलो” नारे जैसे ऐतिहासिक अवसरों की तरह महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ ने जागृत होते भारत का प्रतिबिंब प्रस्तुत किया। नदी उत्सव को नया विस्तार देने का आह्वानपीएम मोदी ने अपनी मॉरीशस यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि वह वहां त्रिवेणी संगम का पवित्र जल लेकर गए थे, जिसे गंगा तालाब मेंप्रवाहित किया गया। उन्होंने सुझाव दिया कि महाकुंभ से प्रेरणा लेते हुए “नदी उत्सव” की परंपरा को और विस्तार देना चाहिए ताकि नदियों कीस्वच्छता और संरक्षण का महत्व वर्तमान पीढ़ी को समझाया जा सके। महाकुंभ: एकता और समर्पण का प्रतीकप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाकुंभ से “एकता का अमृत” निकला है, जिसने देश को एक सूत्र में बांध दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने राष्ट्रीयचेतना के जागरण को प्रेरित किया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए दिशा तय की है।

जॉर्ज सोरोस से जुड़े एनजीओ पर ईडी का शिकंजा, बेंगलुरु में छापेमारी

बेंगलुरु स्थित अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस से जुड़े एनजीओ “ओपन सोरोस फाउंडेशन” (OSF) और “एमनेस्टी इंटरनेशनल” के दफ्तरों पर प्रवर्तननिदेशालय (ईडी) ने छापा मारा है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के संदर्भ में की गई है।सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) और एमनेस्टी इंटरनेशनल के पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों के घरों की भी तलाशी लीगई। फंडिंग में गड़बड़ी का आरोपईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जॉर्ज सोरोस के ओपन सोरोस फाउंडेशन (OSF) को 2016 में गृह मंत्रालय द्वारा “पूर्व संदर्भ श्रेणी” में रखागया था। इसका उद्देश्य था कि यह फाउंडेशन भारत में बिना अनुमति के किसी एनजीओ को दान न कर सके।हालांकि, इस प्रतिबंध से बचने के लिए OSF ने भारत में अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से एफडीआई और कंसल्टेंसी फीस के नाम पर फंडजुटाया और इनका उपयोग एनजीओ की गतिविधियों को फंडिंग करने के लिए किया, जो कि FEMA का उल्लंघन है।एसईडीएफ और एफडीआई फंड की भी जांचईडी अन्य विदेशी निवेश (FDI) फंड के उपयोग की भी जांच कर रहा है। इसमें “सोरोस इकोनॉमिक डेवलपमेंट फंड” (SEDF) द्वारा लाए गए फंड्सके अंतिम उपयोग पर भी नजर रखी जा रही है।इसके अलावा, “एस्पाडा इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड” नामक एक कंपनी पर भी तलाशी ली गई, जो मॉरीशस स्थित इकाई की पूर्ण स्वामित्व वालीसहायक कंपनी है और भारत में SEDF की निवेश सलाहकार/फंड मैनेजर है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की गतिविधियों पर भी सवालएमनेस्टी इंटरनेशनल पर पहले से ही अवैध विदेशी फंडिंग के आरोप हैं, जिसके कारण दिसंबर 2020 में भारत में इसकी सभी गतिविधियां बंद कर दीगई थीं। ईडी की मौजूदा जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या ओपन सोरोस फाउंडेशन से मिले फंड का उपयोग एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमनराइट्स वॉच द्वारा किया गया था। पीएम मोदी पर अक्सर तल्ख टिप्पणी करते हैं सोरोसजॉर्ज सोरोस अक्सर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी को “अलोकतांत्रिक व्यक्ति” तक कह डाला था। इसके अलावा, उन्होंने सीएए और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को भी आड़े हाथों लिया था। कौन हैं जॉर्ज सोरोस? 92 वर्षीय जॉर्ज सोरोस दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं। हंगरी में जन्मे सोरोस को दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अपना देश छोड़ना पड़ा था। बादमें उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से फिलॉसफी की पढ़ाई की।सोरोस को “ब्लैक वेंसडे” के रूप में जाने जाने वाले 16 सितंबर 1992 को ब्रिटिश पाउंड की भारी गिरावट के लिए जिम्मेदार माना जाता है। उस दिनउन्होंने “बैंक ऑफ इंग्लैंड” के खिलाफ सट्टेबाजी करके अरबों डॉलर का मुनाफा कमाया था। OSF की प्रतिक्रिया का इंतजारअब तक ओपन सोरोस फाउंडेशन (OSF) की तरफ से इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ईडी की कार्रवाई जारी है और अन्यसंबंधित संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

नागपुर हिंसा: अफवाह के बाद भड़की आग, 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू, 50 हिरासत में

नागपुर में धार्मिक ग्रंथ जलाने की अफवाह के बाद सोमवार रात को हिंसा भड़क उठी। हिंसक घटनाओं के चलते 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दियागया है। पुलिस ने अब तक 50 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। दंगाइयों का उत्पात: वाहनों में आगजनी और पथरावपुलिस अधिकारियों के अनुसार, चिटनिस पार्क और हंसपुरी सहित कई इलाकों में दंगाइयों ने जमकर उत्पात मचाया। कई वाहनों को आग के हवालेकर दिया गया और पुलिसकर्मियों व स्थानीय निवासियों के घरों पर पथराव किया गया। इस हिंसा में 34 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमेंतीन डीसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। एक डीसीपी पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ। सजावट का सामान और वाहन जलाएरामनवमी शोभा यात्रा की तैयारियों में जुटे चंद्रकांत कावड़े ने बताया कि उपद्रवियों ने उनके सजावट के सभी सामान जला दिए और घर पर पथरावकिया। हंसपुरी क्षेत्र के एक अन्य निवासी ने बताया कि भीड़ ने रात करीब 10:30 बजे उनके घर के बाहर खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। कानून-व्यवस्था पर सख्ती: पुलिस बल तैनातहिंसा के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की पांच टुकड़ियों कोसंवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि अफवाह के चलते स्थिति बिगड़ी औरहिंसा भड़क उठी। मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान और विपक्ष की आलोचनामुख्यमंत्री फडणवीस ने “छावा” फिल्म को हिंसा के पीछे एक कारण बताया, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क गया। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इसबयान की कड़ी आलोचना की और मुख्यमंत्री पर कानून-व्यवस्था में विफलता का आरोप लगाया। हालात पर काबू और शांति की अपीलमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पुलिस ने हालात पर तेजी से काबू पाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांतिबनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 19 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 9 इनामी नक्सली शामिल

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आज 19 नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के सामनेआत्मसमर्पण कर दिया। इनमें से 9 नक्सलियों पर कुल 28 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण का कारण: माओवादी विचारधारा से मोहभंगबीजापुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने माओवादी विचारधारा से मोहभंग होने केकारण यह कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ कैडरों द्वारा निर्दोष आदिवासियों के शोषण और प्रतिबंधित संगठन के भीतर बढ़ते मतभेदों नेनक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया। सुरक्षा बलों के प्रभाव से प्रभावितनक्सलियों ने आत्मसमर्पण के पीछे सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया। उन्होंने शिविरों की स्थापना और ‘निया नेल्लनार’ (आपका अच्छागांव) योजना से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इस योजना के तहत अंदरूनी इलाकों में बुनियादी सुविधाएं और विकास कार्योंको बढ़ावा दिया जा रहा है। इनामी नक्सलियों का विवरणआत्मसमर्पण करने वालों में देवा पदम (30) और उनकी पत्नी दूले कालमू (28) भी शामिल हैं, जो माओवादी बटालियन नंबर 1 में वरिष्ठ सदस्य थे।दोनों पर 8-8 लाख रुपये का इनाम था। इसके अलावा, एरिया कमेटी के सदस्य सुरेश कट्टम (21) पर 5 लाख रुपये का इनाम था। एक अन्यनक्सली पर 2 लाख रुपये का इनाम और पांच नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण में सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण भूमिकाआत्मसमर्पण में जिला रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), सीआरपीएफ और इसकी विशेष इकाई कोबरा (कमांडोबटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन) ने अहम भूमिका निभाई। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 25,000 रुपये की सहायता राशि दी गईऔर सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें समर्थन प्रदान किया जाएगा।  आत्मसमर्पण के आंकड़ेइस साल अब तक बीजापुर जिले में कुल 84 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं, पिछले साल पूरे बस्तर रेंज में 792 नक्सलियों नेआत्मसमर्पण किया था।

हाथरस कांड: डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर पर यौन शोषण का आरोप, वीडियो वायरल, आरोपी फरार

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक डिग्री कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर और भूगोल के प्रोफेसर रजनीश कुमार पर कई छात्राओं के यौन शोषण के गंभीरआरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अश्लील वीडियो ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है। आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस नेमामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। कैसे सामने आया मामला?करीब 10 महीने पहले पुलिस को एक गुमनाम चिट्ठी प्राप्त हुई थी, जिसमें पीड़िता का नाम नहीं था। यह शिकायत “लाचार बहन” के नाम से दर्ज कीगई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन किसी पीड़िता के सामने न आने के कारण जांच को बंद कर दिया गया। कुछ दिन पहले राष्ट्रीय महिला आयोग को एक गुमनाम चिट्ठी और एक सीडी भेजी गई, जिसमें प्रोफेसर रजनीश कुमार के कई आपत्तिजनक वीडियोथे। वीडियो में आरोपी को छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करते हुए देखा गया। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने यौन शोषण की धाराओं मेंएफआईआर दर्ज की। आरोपी फरार, पुलिस जुटी तलाश मेंएफआईआर दर्ज होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने आरोपी को निलंबित कर दिया और कॉलेज प्रबंधन ने आपात बैठक बुलाई। आरोपी प्रोफेसररजनीश कुमार सस्पेंड होने के तुरंत बाद फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की हैंपुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रोफेसर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए छात्राओं को परीक्षा में पास कराने, सरकारी नौकरी दिलाने औरप्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाने का झांसा देकर यौन शोषण किया। कैसे करता था ब्लैकमेल?आरोपी प्रोफेसर छात्राओं को अच्छे नंबर दिलाने और नौकरी में मदद का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। वह छात्राओं को अपने ऑफिस याबंगले पर बुलाकर अश्लील हरकतें करता और गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड करता। बाद में इन वीडियो का इस्तेमाल करके छात्राओं को चुप रहने केलिए ब्लैकमेल करता था।रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घिनौना कृत्य पिछले 20 वर्षों से जारी था। पहले भी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन वह निर्दोषसाबित हुआ था जिला प्रशासन ने बनाई जांच समितिघटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जिसमें एसडीएम, डीएसपी, तहसीलदार और बीएसए कोशामिल किया गया है। समिति को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोशवीडियो वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एक यूजर नेलिखा, “20 साल से ऐसी घटनाएं हो रही थीं और प्रशासन चुप बैठा था। यह सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। दोषियों को सख्त सजा मिलनीचाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”एक अन्य यूजर ने कहा, “ऐसे व्यक्ति को शिक्षक बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रशासन को जनता के सामने आकर यह बताना चाहिए कि अबतक क्या कार्रवाई की गई है।”

औरंगजेब की कब्र पर सियासत तेज: मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी चेतावनी, शिवाजी महाराज के महिमामंडन का किया आह्वान

औरंगजेब की कब्र को लेकर देश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल जैसे हिंदू संगठनों ने महाराष्ट्र केसंभाजीनगर में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को तोड़ने की चेतावनी दी है। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी बयानसामने आया है। उन्होंने कहा कि सरकार को छत्रपति संभाजीनगर जिले में औरंगजेब की कब्र की सुरक्षा करनी पड़ रही है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री फडणवीस का बयानमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब का इतिहास उत्पीड़न से भरा हुआ है, और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को उसकी कब्र कीसुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी पड़ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कोई औरंगजेब की विरासत का महिमामंडन करने का प्रयास करेगा, तो वहसफल नहीं होगा।फडणवीस ने छत्रपति शिवाजी महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के कारण ही आज हम स्वतंत्र रूप से अपने देवी-देवताओं कीपूजा कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने स्वराज्य, धर्म और देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया। शिवाजी महाराज के महिमामंडन का आह्वानमुख्यमंत्री ने कहा कि महिमामंडन करना है तो छत्रपति शिवाजी महाराज का किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि औरंगजेब के क्रूर विचारोंका समर्थन या महिमामंडन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी के सतारा से सांसद उदयनराजे भोसले, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज भी हैं, ने संभाजीनगर में मौजूदऔरंगजेब की कब्र को हटाने की वकालत की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि ऐसा करना कानून के दायरे में होना चाहिए, क्योंकि यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में है।औरंगजेब का इतिहासऔरंगजेब मुगल साम्राज्य का छठा शासक था, जिसने 1658 से 1707 तक शासन किया। वह शाहजहां का पुत्र था और अपने शासनकाल में मुगलसाम्राज्य का विस्तार किया। औरंगजेब ने कट्टर इस्लामी नीतियों का पालन किया और गैर-मुसलमानों पर जजिया कर को दोबारा लागू किया। उसनेकुछ सांस्कृतिक प्रथाओं पर भी प्रतिबंध लगाया, जिससे उसका शासन विवादास्पद रहा।

उत्तरी कश्मीर में मुठभेड़: एक आतंकी ढेर, सुरक्षा बलों का अभियान जारी

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे खुरमोरा राजवार इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलोंने तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच संक्षिप्त मुठभेड़ हुई। एक आतंकी ढेर, कई फरारमुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया और उसके पास से एक असॉल्ट राइफल बरामद हुई है। हालांकि, कुछ आतंकी घेराबंदी तोड़कर भागने में कामयाबहो गए। फरार आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने अपना अभियान जारी रखा है। मुठभेड़ में एक सुरक्षा कर्मी के घायल होने की भी सूचना है, जिसका इलाज किया जा रहा है गंडबल में हथियारों के साथ दो संदिग्ध गिरफ्तारसंयुक्त अभियान में बरामद हुए हथियारबीते दिनों गंडबल-हाजिन रोड पर एक विशेष खुफिया इनपुट के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें दो संदिग्धों को गिरफ्तार कियागया। सुरक्षा बलों ने उनके कब्जे से एक पिस्तौल, एक पिस्तौल मैगजीन, दो हथगोले, एक एके राइफल मैगजीन और अन्य गोला-बारूद बरामदकिए। LoC पर गोलीबारी में जवान घायलनौशेरा सेक्टर में सेना का जवान घायलबुधवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी की घटना में सेना का एक जवान घायल हो गया। नौशेरा सेक्टर केकलसियां इलाके में अग्रिम चौकी पर तैनात जवान को गोली लगी, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद उधमपुर के सैन्य अस्पताल में भर्तीकराया गया। सांबा सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकामबीएसएफ ने विफल किया घुसपैठ का प्रयाससांबा सेक्टर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ के जवानों ने एक घुसपैठ के प्रयास को विफल कर दिया। खोरा पोस्ट पर रात करीब एक बजेसंदिग्ध गतिविधि देखे जाने पर जवानों ने कुछ राउंड फायर किए, जिससे घुसपैठ का प्रयास नाकाम हो गया। सुरक्षा बल सतर्क, अभियान जारीकश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। फरार आतंकियों की तलाश जारी है, जबकिसीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है।

हरियाणा बजट 2025-26: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया 2.05 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 17 मार्च को हरियाणा का बजट पेश किया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल 2.05 लाख करोड़ रुपये काबजट प्रस्तावित किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान से 13.70 प्रतिशत अधिक है। बजट में युवाओं के रोजगार, शिक्षा, महिला कल्याण और कृषि के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकतामुख्यमंत्री सैनी ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में हर साल 50 लाख युवाओं को रोजगार देने कालक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम कदम उठाए गए हैं। विज्ञान और इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करनेवाली छात्राओं को एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। आर्थिक सहायता और शुल्क माफीजिन परिवारों की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है, उनकी बेटियों के लिए विश्वविद्यालय परिसरों में बीएससी कोर्स की ट्यूशन फीस माफ होगी।वर्ल्ड स्किल ओलंपिक में जीतने वाले छात्रों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।स्वरोजगार के लिए भी 10 लाख रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। लाडो लक्ष्मी योजना का ऐलानमहिलाओं को हर महीने 2100 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए “लाडो लक्ष्मी योजना” को अंतिम रूप दिया गया है। इसके लिए बजट में5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।महिला किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋणडेयरी फार्मिंग, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन में लगी महिला किसानों को एक लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत सहकारी दूध उत्पादकों को 70 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।कृषि और पर्यावरण संरक्षणधान की खेती छोड़ने पर सब्सिडी“मेरा पानी मेरी विरासत” योजना के तहत धान की खेती छोड़ने पर सब्सिडी को 7,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति एकड़ कर दियागया है। पराली प्रबंधन को बढ़ावाधान की पराली का उचित प्रबंधन करने वाले किसानों को 1,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाएगा। नशामुक्ति अभियान और जन कल्याणनशा मुक्ति कार्यक्रम प्राधिकरण की स्थापनामुख्यमंत्री सैनी ने राज्य में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए “मेरा संकल्प प्राधिकरण” के गठन की घोषणा की। इसके लिए 10 करोड़ रुपये काप्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशनहरियाणा में विश्व बैंक की सहायता से “हरियाणा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 474 करोड़ रुपये काप्रावधान रखा गया है। गौ संरक्षण और पशुपालनहर जिले में नए गौ अभ्यारण्य स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, पंजीकृत गौशालाओं में 51 शेड बनाने के लिए 5 करोड़ रुपयेका अनुदान दिया जाएगा। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावामुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में राज्य सरकार ने ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया है और कई वादों को पूरा किया है। बजट में डिजिटल गवर्नेंसको और सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैंमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट को हरियाणा के सर्वांगीण विकास का खाका बताते हुए कहा कि सरकार प्रदेश की जनता के कल्याण और आर्थिकप्रगति के लिए लगातार प्रयासरत है।

वडोदरा हिट एंड रन केस: नशे में कार चलाकर महिला की मौत, आरोपी रक्षित चौरसिया गिरफ्तार, CCTV वीडियो आया सामने

गुजरात के वडोदरा में होली की रात हुए हिट एंड रन हादसे को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस बीच, पुलिस को घटना से पहले की सीसीटीवीफुटेज मिली है, जिसमें रक्षित चौरसिया और उसके दोस्तों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। फुटेज में रक्षित चौरसिया को अपने दोस्त सुरेश भरवाड़ के घरपर दुपहिया वाहन से पहुंचते हुए देखा गया। थोड़ी देर बाद प्रांशु चौहान कार लेकर वहां पहुंचा। ड्राइविंग को लेकर हुई बहसफुटेज में दिख रहा है कि कार की ड्राइविंग सीट पर पहले प्रांशु चौहान बैठा था, लेकिन रक्षित चौरसिया ने ड्राइविंग करने की जिद की। प्रांशु ने बिनाकार से उतरे ही दूसरी सीट पर शिफ्ट हो गया। इसी के बाद दोनों कार लेकर वहां से निकल गए। नशे की हालत में होने का शकसीसीटीवी फुटेज में रक्षित चौरसिया के हाथ में एक बोतल दिखाई दे रही है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बोतल में पानी था या कोईनशीला पदार्थ। पुलिस रक्षित के नशे में होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए सभी सबूत खंगाल रही है। ड्रग्स का शक, एफएसएल रिपोर्ट का इंतजाररक्षित चौरसिया के ड्रग्स के नशे में होने का शक जताया जा रहा है। पुलिस ने रक्षित, प्रांशु और एक अन्य दोस्त के ब्लड सैंपल एफएसएल (फॉरेंसिकसाइंस लेबोरेटरी) को भेजे हैं। वडोदरा के पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कोमार ने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर उचित धाराओंके तहत कार्रवाई की जाएगी। दर्दनाक हादसा: महिला की मौत, चार घायलशुक्रवार रात रक्षित चौरसिया द्वारा चलाई जा रही फॉक्सवैगन वर्टस कार ने वडोदरा के आम्रपाली कॉमर्शियल प्लेस के पास तीन दुपहिया वाहनों कोटक्कर मार दी। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद रक्षित को चिल्लाते हुए सुनागया – “एक और राउंड, एक और राउंड!” पुराना विवाद: नशे में हंगामा कर चुका है रक्षितस्थानीय लोगों ने बताया कि रक्षित चौरसिया पहले भी नशे में हंगामा कर चुका है। फरवरी में भी नशे की हालत में विवाद करने पर स्थानीय लोगों नेउसकी पिटाई की थी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया था। आरोप और गिरफ्तारीपुलिस ने गैर इरादतन हत्या के आरोप में रक्षित चौरसिया और प्रांशु चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। रक्षित ने दावा किया कि उसने शराब नहीं पी थीऔर कार की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटा थी। हालांकि, पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस की सख्ती और आगे की कार्रवाईवडोदरा पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी गुस्सा है औरपुलिस पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ रहा है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी कड़ी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ दिल्ली में AIMPLB का जोरदार प्रदर्शन, ओवैसी बोले – असंवैधानिक बिल से वक्फ संपत्तियोंपर खतरा

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के खिलाफ विरोधप्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए और वक्फ संपत्तियों के संरक्षण के समर्थन में अपनी आवाज बुलंदकी। मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी की चेतावनीAIMPLB के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह विरोध केवल वक्फ संपत्तियों को बचाने तक सीमित नहींहै, बल्कि संविधान और न्याय के लिए भी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने ज़बरदस्ती कानून पारित किया, तो इसका जवाब उसी सख्ती से दियाजाएगा। सांसद महिबुल्लाह नदवी और मौलाना कल्बे जवाद का बयानसांसद महिबुल्लाह नदवी ने सरकार पर मजहबी मामलों में दखलंदाजी का आरोप लगाया। मौलाना कल्बे जवाद ने वक्फ संशोधन विधेयक को “सांपका बिल” करार देते हुए कहा कि यह मुस्लिम समाज के खिलाफ ज़हर है और उनकी बर्बादी का कारण बनेगा।किसान आंदोलन की तर्ज पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनीAIMPLB के प्रवक्ता कासिम रसूल इलियास ने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक पारित हुआ तो किसान आंदोलन की तर्ज पर बड़ा विरोध होगा।उन्होंने कहा कि पटना और विजयवाड़ा में पहले से ही विरोध प्रदर्शन जारी है, और यदि सरकार ने बिल वापस नहीं लिया, तो पूरे देश में विरोध प्रदर्शनकिया जाएगा। असदुद्दीन ओवैसी का विरोधAIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि सरकार वक्फ संपत्तियों को खत्म करने का प्रयास कर रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत खराब है और इसका मकसद समुदायों के बीच दरार पैदा करना है। सरकार का पक्ष: वक्फ संशोधन विधेयक पर भ्रम फैलाया जा रहा है किरेन रिजिजू का बयानकेंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वक्फ संपत्तियों को छीनने का दावा पूरीतरह गलत है। उन्होंने कहा कि देश कानून से चलता है और किसी की जमीन छीनना असंभव है। न्यायालय में जाने का विकल्परिजिजू ने स्पष्ट किया कि अगर किसी को कानून से समस्या है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मुस्लिमसमाज के भले के लिए यह कानून लेकर आई है और विपक्षी दल झूठ फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों और विपक्षी नेताओं की भागीदारीAIMPLB के एक पदाधिकारी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जमात-ए-इस्लामी, जमीयत अहले हदीस और ऑल इंडियामिल्ली काउंसिल जैसी संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेशयादव, राजद सांसद मनोज झा और अन्य विपक्षी नेताओं को भी आमंत्रित किया गया। आगे की रणनीति पर विचारप्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति पर भी चर्चा हुई। AIMPLB और अन्य संगठनों ने स्पष्ट किया कि वक्फसंपत्तियों के संरक्षण के लिए आंदोलन जारी रहेगा।