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केंदीय मंत्री नित्यानंद राय का बड़ा बयान, आतंकी घटनाओं में 71% की गिरावट, मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा असर

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में आतंकवादी घटनाओं में 71 प्रतिशत की कमी आई है।उन्होंने कहा कि सरकार की “शून्य सहिष्णुता” (Zero Tolerance) की नीति का सीधा असर देखने को मिला है। मंत्री ने कहा, “आतंकवादी अब यातो जेल जाएंगे या फिर जहन्नुम जाएंगे।” आतंकवादियों के महिमामंडन पर लगी रोकनित्यानंद राय ने यह भी कहा कि पहले आतंकवादियों का महिमामंडन किया जाता था और उन्हें विशेष सुविधाएं दी जाती थीं। लेकिन मोदी सरकार केसत्तारूढ़ होने के बाद आतंकवाद के प्रति कड़ा रुख अपनाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब देश के भीतरी इलाकों में कोई आतंकी घटना नहींहो रही है। एनआईए का बचाव, शिकायतें बताई निराधारएनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के खिलाफ उठाई गई शिकायतों पर राय ने कहा कि ये सभी आरोप निराधार और मनगढ़ंत हैं। भाकपा सांसद संतोषकुमार द्वारा उठाए गए सवालों पर राय ने कहा कि जो लोग आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई से असहज हैं, वे ही इस तरह की शिकायतें कर रहे हैं। देशभर में विशेष अदालतें और कड़े कानूनगृह राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि आतंकवाद से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए देशभर में 23 विशेष अदालतें स्थापित की गई हैं। जम्मू और रांची मेंविशेष अदालतें भी काम कर रही हैं। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कुल 157 मामलों में न्यायालय ने निर्णयसुनाया है। दिग्विजय सिंह पर तंजनित्यानंद राय ने कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन घटनाओं का जिक्र उन्होंने किया है, वे कांग्रेस सरकार केकार्यकाल में हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आतंकी घटनाओं पर काफी हद तक काबू पाया गया है। आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाईमंत्री ने बताया कि अब तक 57 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया गया है और 2014 से अब तक 9 संगठनों को आतंकवादी संगठन करार दियागया है। यूएपीए के तहत कुल 23 संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया गया है। एनआईए संशोधन और उपलब्धियां2019 में एनआईए अधिनियम में संशोधन किया गया, जिससे एजेंसी को आतंक और साइबर अपराधों से निपटने में सशक्त बनाया गया। इसके तहतएनआईए को विदेशों में भी जांच का अधिकार मिला। एनआईए ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक 652 मामले दर्ज किए हैं और 4232 आरोपियोंको गिरफ्तार किया है। इनमें से 625 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। आतंकी संपत्तियों पर शिकंजाएनआईए ने कुल 551 चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं, जिनकी कीमत 116.27 करोड़ रुपये आंकी गई है। मोदी सरकार की दृढ़ नीतियों औरएनआईए की कड़ी कार्रवाई के चलते आतंकवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।

शशि थरूर ने मानी गलती, रूस-यूक्रेन विवाद पर भारत की तटस्थ नीति को बताया कूटनीतिक जीत

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत की तटस्थ नीति पर अपनी पहले जताई गई आपत्ति को लेकर अब नई प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पिछली आलोचना गलत साबित हुई और मौजूदा स्थिति में भारत की नीति सफल होती दिख रही है। रायसीनाडायलॉग 2025 के दौरान शशि थरूर ने कहा, “मैं अभी भी अपने चेहरे पर लगे दाग को मिटा रहा हूं, क्योंकि फरवरी 2022 में संसदीय बहस के दौरानमैं ही एकमात्र व्यक्ति था जिसने अंतरराष्ट्रीय चार्टर और सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर भारतीय स्थिति की आलोचना की थी।”कूटनीतिक संतुलन ने भारत को दिलाई मजबूत स्थितिथरूर ने माना कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की संतुलित कूटनीति ने देश को एक महत्वपूर्ण भूमिका दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत कीइस नीति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो सप्ताह के अंतराल में रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्रपतियों से मिलने का अवसर प्रदान किया। यह संतुलन भारतको एक मजबूत कूटनीतिक स्थिति में लेकर आया है, जो वैश्विक शांति प्रक्रिया में अहम योगदान दे सकता है। पहले की थी आलोचना, अब की सराहनायुद्ध की शुरुआत में शशि थरूर ने भारत की रूस के प्रति कूटनीतिक तटस्थता और तेल खरीदने की नीति की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने इसे नैतिकरूप से गलत बताते हुए भारत से यूक्रेन पर हमले की निंदा करने की मांग की थी। हालांकि, अब जब भारत की नीति ने दोनों देशों के साथ मित्रवतसंबंध बनाए रखने में सफलता पाई है, तो थरूर ने अपनी आलोचना को गलत माना। कूटनीति पर मोदी की प्रशंसाथरूर ने यह भी कहा कि भारत का संतुलित रुख उसे वैश्विक शांति प्रक्रिया में एक अहम खिलाड़ी बना सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीकूटनीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की स्थिति ऐसी है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिकानिभा सकता है। केरल भाजपा ने की थरूर के रुख की सराहनाशशि थरूर के इस बदले रुख को लेकर केरल में भाजपा नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी की प्रशंसा की। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कीकूटनीति की प्रशंसा करना थरूर की निष्पक्षता को दर्शाता है। थरूर ने कहा कि उन्होंने इस मामले में एक भारतीय के रूप में विचार व्यक्त किए औरइसे राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा।

पीएम मोदी के एक पोल खोलने पर बोखलाया पाकिस्तान,पाकिस्तान ने उगला जहर बोल पड़ा “भारतीय पीएम कर रहे दुनिया को गुमराह”

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्ट में पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और क्षेत्रीयशांति की कोशिशों को नाकाम करने के आरोप लगाए हैं. नरेंद्र मोदी के इस बयान पर पाकिस्तान की ओर से प्रतिक्रिया आई है. पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्रीय शांति पर दिए गए बयान को झूठा गुमराह करने वाला और एकतरफा बताया है. पाक विदेशमंत्रालय का कहना है कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता इस्लामाबाद नहीं बल्कि भारत के वर्चस्ववादी रवैये की वजह से खतरे में पड़ी है.नरेंद्रमोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर से बातचीत में कहा है कि भारत ने जब भी पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की.तब-तब उसे धोखामिला है. इस पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि भारतीय पीएम पीड़ित दिखने की झूठी कोशिश कर रहे हैं. उनको दूसरों पर आरोप लगानेके बजाय भारत की ओर से विदेशों में टारगेट किलिंग और आतंकवाद को बढ़ावा देने के अपने रिकॉर्ड पर विचार करना चाहिए.पाकिस्तान के विदेशकार्यालय ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता में बाधा भारत का खराब रवैया है. भारत की ओर से आने वाले पाकिस्तान विरोधी बयानद्विपक्षीय माहौल को खराब करते हैं. शांति और सहयोग की संभावनाओं को बनाता है मुश्किलसाथ ही शांति और सहयोग की संभावनाओं को मुश्किल बनाते हैं. पाकिस्तान की ओर से भारत पर कश्मीर में विरोध की आवाज को दबाने औरविदेशी धरती पर टारगेट किलिंग का आरोप भी लगाया गया है.लेक्स फ्रिडमैन ने पीएम नरेंद्र मोदी से सवाल किया था क्या उनको पाकिस्तान से दोस्तीऔर शांति की कोई राह दिख रही है. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का रास्ता नहीं चुना है. पाकिस्तान नेबार-बार भारत के साथ विवाद करने का फैसला किया। उन्होंने लगातार भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ा है. हमने शांति की कोशिश की लेकिनपाकिस्तान ने धोखा दिया.पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से जुड़ी आतंकवादीगतिविधियों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है दुनिया में जहां भी आतंकवादी हमला होता है. उसका निशान किसी न किसी तरह पाकिस्तान की ओरजाता है. ये दुनिया लगातार देखती आ रही है. नरेंद्र मोदी के इस बयान पर अब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आपत्ति जताई है.

पाकिस्तानी आर्मी चीफ है या राजा शहबाज का हुआ खुलासा,इरम के है करीबा रिश्तेदार

पाकिस्तान में आर्मी का राजनीति और बिजनेस में दखल कोई नई बात नहीं रही है. पाकिस्तान में आर्मी को सबसे ताकतवर और दबदबे वाला संस्थानमाना जाता है लेकिन हालिया वर्षों में ये बहुत ज्यादा बढ़ा है. जनरल असीम मुनीर के आर्मी चीफ बनने के बाद से सेना ने नागरिक संस्थानों पर पकड़मजबूत की है. खासतौर से मुनीर के रिश्तेदारों और करीबियों को बिना योग्यता के ऊंचे पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा रही हैं. अहमद नूरानी नेफैक्ट फोकस के लिए की गई अपनी रिपोर्ट ये खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि मुनीर की पत्नी, मामा और दूसरे रिश्तेदार जमकर मनमानी कर रहेहैं। इससे पाक सेना में कुशासन बढ़ रहा है.पाकिस्तान में सेना प्रमुख के रिश्तेदारों को लगातार फायदा पहुंचाया जा रहा है. पाक क्रिकेट बोर्ड औरसंघीय जांच एजेंसी (FIA) में ऊंचे पदों पर सेना प्रमुख के करीबी बैठे हैं. यहां तक कि आर्मी चीफ के परिवार के सदस्यों को नियमों को ताक पररखकर डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं. आर्मी चीफ असीम मुनीर के मामा सैयद बाबर अली शाह तो तकरीबन इस्लामाबाद के राजा बनेहुए हैं. प्रमोशन को लेकर निभा रहे अहम भूमिकातमाम अहम नियुक्तियों और प्रमोशन में भूमिका निभा रहे हैं. इनमें पूर्व DG FIA अहमद इशाक जहांगीर की नियुक्ति भी शामिल है. जहांगीर परभ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.असीम मुनीर के करीबी रिश्तेदारों की कुछ बहुत बड़े बदों पर नियुक्ति की चर्चा फैक्ट फोकस ने की है. मुनीर की चचेरीबहन हाजरा सोहेल नवंबर 2022 में उनकी नियुक्ति के समय सरकारी संगठन पाकिस्तान एजुकेशन एंडोमेंट फंड (PEEF) में स्कॉलरशिप मैनेजर थीं. मुनीर के चीफ बनने के बाद जब शिक्षा मंत्रालय ने PEEF के CEO की नियुक्ति के लिए एक प्रक्रिया शुरू की तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे रोकदिया. इसके कुछ ही महीनों में ही वह उसी संगठन की CEO बन गई. इस तरह संगठन का पूरा नियंत्रण उनके हाथ में आ गया ये दिखाता है कितमाम नियमों को धता बताकर कैसे सीधे पीएम कार्यालय से उनका नाम आया.मोहसिन नकवी के पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और गृह मंत्रीबनने में भी असीम मुनीर का प्रभाव माना जा रहा है. मोहसन अमीस की पत्नी है इरम की करीबी रिश्तेदारमोहसिन असीम की पत्नी इरम के करीबी रिश्तेदार हैं मोहसिन नकवी को जनरल मुनीर के आर्मी चीफ बनने के 55 दिन बाद ही पंजाब का मुख्यमंत्रीबना दिया गया था. इसके बाद उनको पीसीबी हेड के पद तक भी पहुंचाया गया जो एक बहुत बड़ा पद माना जाता है. नकवी को जब पीसीबी काचेयरमैन बनाया गया तब वह पंजाब के मुख्यमंत्री थे. इसके बाद शहबाज शरीफ की सरकार में उनको गृहमंत्री जैसा पद मिला.असीम मुनीर के मामासैयद बाबर अली शाह उनके आर्मी चीफ बनने से पहले लंदन में रहते थे.अब वह इस्लामाबाद में हैं और देश के ताकतवर लोगों में गिने जाते हैं. बाबरशाह का प्रभाव इससे समझा जा सकता है कि नवंबर 2023 में खैबर पख्तूनख्वा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री आजम खान की मौत के बाद बाबर ने अपनेरिश्तेदार अरशद हुसैन शाह को नया कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनवा दिया. बाबर ने अहमद इशाक जहांगीर को FIA का डीजी नियुक्त करवाने में अहमभूमिका निभाई जो बहुत ताकतवर पद है. बाबर ने कई मंत्रालयों में भी अपने लोंगों की नियुक्तियां कराई हैं.

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी पहुंती ईडी दफ्तर, तेज प्रताप यादव से भी होगी पूंछताछ

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमीन के बदले नौकरी के मामले में 19 मार्च कोपूछताछ के लिए तलब किया है. लालू के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेज प्रताप यादव को भी पूछताछ के लिए बुलाया गयाहै.इसी मामले में उनके परिवार के कुछ सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है. उनके बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) केतहत दर्ज किए जाने हैं. हालांकि प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के एजेंसी के सामने पेश होने की उम्मीद नहीं है.ईडी की चार्जशीट के मुताबिकआरोपपत्र में नामित एक अन्य आरोपी हृदयानंद चौधरी राबड़ी देवी की गौशाला का पूर्व कर्मचारी है. जिसने एक उम्मीदवार से संपत्ति अर्जित की थीऔर बाद में उसे हेमा यादव को ट्रांसफर कर दिया था. ए के इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और ए बी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां”शेल” कंपनियां थीं. जिन्होंने प्रसाद के परिवार के सदस्यों के लिए अपराध की आय प्राप्त उक्त कंपनियों के नाम पर “फ्रंट मैन” द्वारा अचल संपत्तियांअर्जित की गईं.पिछले साल ईडी ने दिल्ली की एक अदालत में लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामले में आरोपपत्र दायर किया था. हेमा यादव के अलावा कुछ लोगों को बनाया गया था आरोपीजिसमें उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था.इससेपहले 11 मार्च तेज प्रताप और हेमा यादव को भी तलब किया था. जिसमें तेज प्रताप यादव और हेमा यादव को 50 हजार के निजी मुचलके परजमानत दे दी गई थी. अब अचानक लालू यादव को पूछताछ के लिए बुलाने से आरजेडी की टेंशन बढ़ गई है.जमीन बदले नौकरी के मामले मेंसीबीआई ने लालू समेत 78 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट के मुताबिक 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में कामकरते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे की ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन और संपत्ति लिखवाई थी.इस चार्जशीट में घोटाले के जोनके बारे में भी जानकारी दी गई थी. इनमें मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर समेत कई रेलवे जोन शामिल थे.इस मामले में लालूपरिवार के 5 सदस्यों को आरोपी बनाया गया जिनमें लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप, राबड़ी देवी, हेमा यादव और मीसा भारती शामिल हैं. अधिकारियों के खिलाफ दी थी केस चलाने की अनुमतिइससे पहले 30 जनवरी 2025 को अदालत ने सीबीआई को एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और उस समय रेलवे बोर्ड से सदस्य आरके महाजन सहितदो अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी थी. जमीन के बदले नौकरी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बड़े बेटेतेजप्रताप यादव से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज पूछताछ के लिए बुलाया. राबड़ी देवी ईडी के दफ्तर पहुंच गई हैं उनके साथ बेटी मीसा भारतीभी मौजूद हैं दोनों राबड़ी आवास से एक ही गाड़ी में सवार होकर ईडी दफ्तर पहुंची. हालांकि तेजप्रताप यादव अब तक नहीं पहुंचे हैं संभावना है कि वहदोपहर बाद पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर आएंगे. यह पहली बार है जब जमीन के बदले नौकरी मामले में तेजप्रताप यादव से पूछताछ की जाएगी इधरराबड़ी देवी और मीसा भारती के पहुंचते ही ईडी दफ्तर के बाहर राजद समर्थकों की भीड़ जुट गई है. जो केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.

अंतरिक्ष में 9 महीने बाद वापस उतरेंगी सुनीता विलियम्स, जानें क्या रहा शेड्यूल

सुनीता विलियम्स अब धरती पर वापसी को तैयार हैं नौ महीने से ज्यादा समय तक अंतरिक्ष में फंसे रहने के बाद नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्षयात्री सुनीता और बुच विल्मोर अंतरिक्ष यान में सवार हो चुके हैं.सुनीता विलियम्स का अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) छोड़ने को लेकर नासाने वीडियो भी शेयर किया है। अंतरिक्ष यात्रियों का ये सफर 17 घंटे का होगा और वो कल पृथ्वी पर लौटेंगे.विल्मोर,विलियम्स और दो अन्य अंतरिक्षयात्री आज सुबह आईएसएस से अनडॉक हो गए और कल यानी गुरुवार को सुबह 3:30 बजे अमेरिका के फ्लोरिडा तट पर उतरने वाले हैं.अंतरिक्षयात्री दल निक हेग और रोस्कोस्मोस अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार होकर पृथ्वी पर वापसआएगा.जैसे ही नासा लाइव हुआ. निक हेग, सुनी विलियम्स (Sunita Williams Video), बुच विल्मोर और अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोरबुनोवको क्रू9 के स्पेस स्टेशन से प्रस्थान करने की तैयारी करते हुए सामान पैक करते और हैच बंद करते हुए देखा गया.बता दें कि अमेरिकी स्पेस एजेंसीनासा स्पेसएक्स क्रू-9 के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी पर लौटने का लाइव कवरेज दिखा रहा है. इससे पहले नासा और स्पेसएक्स ने एजेंसी केक्रू-9 मिशन की अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से वापसी के लिए फ्लोरिडा के तट पर मौसम और स्पलैशडाउन स्थितियों का आकलन करने के लिएरविवार को मुलाकात की थी. बिताए 286 दिन अंतरिक्ष मेंसुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 286 दिन बिताए है इस दौरान उन्होंने 4500 से अधिक परिक्रमाएं कीं और 121 मिलियन से अधिक वैधानिक मील की यात्रा की.नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर आठ दिन के लिए इंटरनेशनल स्पेसस्टेशन यानि ISS पर गए थे. लेकिन नौ महीने के लिए वहां फंस गए. हालांकि अब उनकी वापसी का इंतजार खत्म होने जा रहा है. दोनों अंतरिक्षयात्री बुधवार देर रात तक धरती पर लौट आएंगे. सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को धरती पर लाने के लिए क्रू-10 टीम ISS पहुंच चुकी है. सुनीता और बुच निक हेग और रूसी कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोरबुनोव के साथ क्रू ड्रैगन पर सवार होकर धरती पर वापस लौटेंगे। नासा उनकी वापसी कालाइव कवरेज टेलीकास्ट करेगा.भारतीय समयानुसार,आज (18 मार्च) सुबह लगभग साढ़े 10 बजे अनडॉक किया जाएगा. जिसका मतलब है कि ड्रैगनकैप्सूल ISS से अलग होगा। इसके बाद 19 मार्च को सुबह लगभग 3 बजकर 27 मिनट पर फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेगा. सुनीता विलियम्स की होगी आज वापसीड्रैगन का अनडॉकिंग विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है जिसमें अंतरिक्ष यान की तैयारी से लेकर मौसम समेत अन्य चीजें शामिल हैं.अमेरिकी अंतरिक्षएजेंसी नासा ने सुनीता विलियम्स की वापसी के लिए स्पेस एक्स के ड्रैगन क्रू कैप्सूल को चुना है जो कि बनने के बाद से 49 बार लॉन्च हो चुका है. रिपोट्स के मुताबिक ड्रैगन क्रू कैप्सूल दुनिया का पहला प्राइवेट स्पेसक्राफ्ट है जो अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गों को लगातार लेकर आता जाता रहा है. नासा का मानना है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए स्पलैशडाउन की जगह निर्धारित की जाएगी.नासा की ओर से सुनीता और बुच की वापसी कीदी गई जानकारी के मुताबिक 18 मार्च यानि कि आज सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर हैच का ढक्कन बंद किया जाएगा. सुबह 10 बजकर 35 मिनटपर अनडॉकिंग होगी. 2 बजकर 41 मिनट पर डीऑर्बिट बर्न यानि कि वायुमंडल में यान प्रवेश करेगा. 19 मार्च की सुबह 3 बजकर 27 मिनट परस्प्लैशडाउन यानि कि समुद्र में यान की लैंडिंग होगी इसके बाद लगभग सुबह 5 बजे अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी.

मणिपुर दंगा पीड़ितों की सहायता के लिए NALSA का विशेष अभियान, सुप्रीम कोर्ट के जजों का दौरा

मणिपुर में दंगा पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) ने विशेष अभियान शुरू किया है।इसके तहत 22 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश मणिपुर का दौरा करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जस्टिस गवई करेंगे, जिनके साथजस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस कोटिश्वर सिंह भी शामिल होंगे।यह विशिष्ट दल कानूनी और मानवीय सहायता का आकलन करेगा और विस्थापित लोगों की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करेगा। चिकित्सीय सहायता के लिए डॉक्टर्स का दल भी रहेगा मौजूदमणिपुर में कानूनी सहायता के साथ-साथ मेडिकल जरूरतों को पूरा करने के लिए चेन्नई से डॉक्टर्स की एक टीम भी वहां पहुंचेगी। यह टीम प्रभावितलोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और उनकी चिकित्सीय जरूरतों का आकलन करेगी। इसके अलावा, दंगा प्रभावित लोगों के नष्ट या खो गएदस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े मामलों में भी उचित सहायता प्रदान की जाएगी। NALSA: न्याय तक समान पहुंच का संवैधानिक प्रयासनेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) भारत में न्यायिक सहायता तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गठित एक संवैधानिक संस्था है।इसका गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत किया गया था। NALSA का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचितवर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना है। लोक अदालतों के जरिए विवादों का समाधानNALSA ने लोक अदालतों के माध्यम से लाखों मामलों का निपटारा किया है। पिछले सप्ताह ही लोक अदालतों में ढाई करोड़ से अधिक मामलों कानिपटारा हुआ, जिसमें ट्रैफिक चालान, चेक बाउंस और संपत्ति विवाद जैसे मामलों को सुलझाया गया। इस पहल से न्यायालयों पर बढ़ते मामलों केबोझ को कम करने में भी मदद मिली है।फ्री लीगल एड के लिए टोल फ्री नंबर और मोबाइल ऐपNALSA ने आम जनता के लिए टोल फ्री नंबर 15100 उपलब्ध कराया है, जहां लोग फ्री कानूनी सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिदिनदेशभर से तीन हजार से अधिक कॉल्स प्राप्त होती हैं। जल्द ही वॉयस कॉल के माध्यम से भी सहायता प्राप्त करने की सुविधा शुरू की जाएगी। इसकेअलावा, NALSA एक मोबाइल ऐप भी विकसित कर रही है ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे प्राधिकरण तक पहुंचा सकें।

महाकुंभ पर पीएम मोदी के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार, मृतकों को श्रद्धांजलि न देने पर जताई नाराजगी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महाकुंभ पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा कि वहप्रधानमंत्री की बात का समर्थन करना चाहते थे, लेकिन पीएम मोदी ने महाकुंभ भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि नहीं दी। राहुल ने यहभी आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को रोजगारके मुद्दे पर भी बात करनी चाहिए थी। प्रियंका गांधी ने विपक्ष की आवाज को दबाने का लगाया आरोपकांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिलनाचाहिए था। उन्होंने कहा, “महाकुंभ पर प्रधानमंत्री सकारात्मक बात कर रहे थे, लेकिन विपक्ष को भी अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार है।विपक्ष को कम से कम दो मिनट बोलने की अनुमति दी जानी चाहिए थी।” पीएम मोदी का महाकुंभ पर संबोधनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के सफल आयोजन पर लोकसभा में वक्तव्य दिया। उन्होंने इसे भारत केइतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ करार दिया और कहा कि महाकुंभ ने दुनिया को भारत के विराट स्वरूप का दर्शन कराया। पीएम मोदी ने इसे “सबकाप्रयास” का प्रतीक बताया और आयोजन को सफल बनाने वाले सभी व्यक्तियों और संगठनों का आभार व्यक्त किया। लोकसभा में हंगामा और स्पीकर का जवाबप्रधानमंत्री का भाषण समाप्त होते ही विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने सवाल पूछने का अधिकार मांगा, लेकिनलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम 372 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री या कोई मंत्री वक्तव्य देते समय सवाल नहीं पूछे जासकते। रोजगार के मुद्दे पर चुप्पी पर सवालराहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रोजगार के मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में शामिल हुए युवा रोजगार कीउम्मीद कर रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर कोई बात नहीं की। राहुल ने इसे “न्यू इंडिया” की नई तस्वीर बताते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया कोकमजोर करने का आरोप लगाया।

चार दशक बाद दिहुली दलित नरसंहार मामले में तीन दोषियों को फांसी, न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला

चार दशक पुराने दिहुली दलित नरसंहार मामले में मैनपुरी कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश ने कप्तान सिंह, राम पाल और रामसेवक को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा और 50 हजार रुपए के जुर्माने का आदेश दिया है।क्या था दिहुली नरसंहार मामला?18 नवंबर 1981 की शाम को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के दिहुली गांव में 17 हथियारबंद डकैतों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस बर्बरहमले में 23 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इलाज के दौरान एक अन्य व्यक्ति ने दम तोड़ दिया था। इस तरह कुल 24 दलितों कीनिर्मम हत्या कर दी गई थी। मुकदमे की शुरुआत और आरोपितों की पहचानघटना के बाद स्थानीय निवासी लैइक सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में 17 डकैतों को आरोपित किया गया, जिनमेंगिरोह के सरगना संतोष सिंह (उर्फ संतोसा) और राधेश्याम (उर्फ राधे) भी शामिल थे। हालांकि, मुकदमे के दौरान 13 आरोपियों की मौत हो गई, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और विपक्ष का समर्थनइस नरसंहार के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। वहीं, विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने दिहुलीसे सादुपुर (फिरोजाबाद) तक पैदल यात्रा कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। चार दशक बाद मिला न्यायशासकीय अधिवक्ता रोहित शुक्ला ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि चार दशक बाद पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है। इस निर्णयसे समाज में यह संदेश गया है कि कानून से कोई अपराधी बच नहीं सकता। दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील का विकल्पफांसी की सजा मिलने के बाद दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील करने का विकल्प मौजूद है। न्यायालय के इस फैसले को पीड़ित परिवारों नेन्याय की जीत करार दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी का भावुक पत्र,सुनीता विलियम्स को भारत आने का न्योता

नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर करीब नौ महीने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताने के बाद आखिरकार 19 मार्चको धरती पर वापस लौटने वाले हैं। उनका स्पेसक्राफ्ट सुबह लगभग 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेगा। नासा लगातार इस मिशन से जुड़ीजानकारी साझा कर रहा है। यदि मौसम अनुकूल रहा, तो सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की सुरक्षित वापसी समय पर हो जाएगी। ड्रैगन कैप्सूल की अनडॉकिंग: एक महत्वपूर्ण प्रक्रियावापसी से पहले सबसे अहम प्रक्रिया ड्रैगन कैप्सूल की ISS से अनडॉकिंग होगी, जिससे स्पेसक्राफ्ट सुरक्षित रूप से पृथ्वी की ओर प्रस्थान कर सके।स्पेसएक्स का यह क्रू मिशन 15 मार्च को अंतरिक्ष में भेजा गया था, जिसकी जिम्मेदारी एलन मस्क को सौंपी गई थी। तकनीकी समस्याओं के कारणमिशन में देरी हुई, लेकिन अब 17 घंटे के भीतर मिशन पूरा होने की उम्मीद है। पीएम मोदी का भावपूर्ण पत्र: भारत आने का निमंत्रणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनीता विलियम्स को भारत आने का निमंत्रण देते हुए एक भावुक पत्र लिखा। पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि भारत में सभीउनकी सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने लिखा,“भले ही आप हजारों मील दूर हैं, लेकिन आप हमारे दिलों के बेहद करीब हैं। भारत के लोग आपके अच्छे स्वास्थ्य और आपके मिशन की सफलता केलिए प्रार्थना कर रहे हैं। आपकी वापसी के बाद हम भारत में आपसे मिलने को उत्सुक हैं। भारत के लिए अपनी सबसे प्रतिभाशाली बेटियों में से एककी मेजबानी करना हमारे लिए गर्व का विषय होगा।” पीएम मोदी ने याद किए पुराने किस्सेप्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में अमेरिका यात्रा के दौरान सुनीता विलियम्स और उनके दिवंगत पिता दीपक पंड्या से हुई मुलाकात को भी याद किया।उन्होंने कहा कि उस बातचीत के दौरान सुनीता विलियम्स का नाम आया और उन्होंने गर्व के साथ उनके कार्यों की सराहना की।सुनीता विलियम्स की उपलब्धियों पर गर्वप्रधानमंत्री ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों को विलियम्स की उपलब्धियों पर हमेशा गर्व रहा है। उन्होंने इस मौके पर सुनीता विलियम्स की दृढ़ता औरधैर्य की सराहना की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने उनके पति माइकल विलियम्स को भी शुभकामनाएं भेजी और सुनीता की मां बोनी पंड्या काउल्लेख करते हुए कहा कि वह बेसब्री से अपनी बेटी की वापसी का इंतजार कर रही होंगी। मंत्री जितेंद्र सिंह ने साझा किया पीएम का पत्रकेंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का पत्र साझा किया और बताया कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने पूर्व नासा अंतरिक्ष यात्रीमाइक मैसिमिनो से मुलाकात की थी। उनके माध्यम से ही यह पत्र सुनीता विलियम्स तक पहुंचाया गया। सुनीता विलियम्स का प्रतिक्रियासूत्रों के अनुसार, सुनीता विलियम्स प्रधानमंत्री मोदी के इस भावुक संदेश से बेहद प्रभावित हुईं और उन्होंने भारत के प्रति आभार प्रकट किया। उनकाकहना है कि अंतरिक्ष में बिताए गए नौ महीनों के बाद भारत लौटने का निमंत्रण उनके लिए गर्व की बात है।