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सीएम योगी आदित्यनाथ का विधान परिषद में संबोधन, महाकुंभ से लेकर विपक्ष पर प्रहार तक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र के दौरान विधान परिषद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ के आयोजन कीसफलता को रेखांकित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह ऐसा आयोजन था, जिसे लंबे समय तक दुनिया याद रखेगी।हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों ने महाकुंभ को लेकर गलत खबरें फैलाने की कोशिश की, लेकिन जनता की आस्था अडिग रही। देश-विदेश से आएश्रद्धालुओं ने इस आयोजन की खूब प्रशंसा की। महाकुंभ की भव्यता और सुरक्षा पर जोरसीएम योगी ने महाकुंभ को लेकर कहा कि 45 दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में पूरी दुनिया ने उत्तर प्रदेश की व्यवस्था की सराहना की। उन्होंनेदावा किया कि इस दौरान एक भी लूट या अपहरण की घटना नहीं हुई। यह सनातन संस्कृति के अनुशासन का प्रमाण है, जहां जातिवाद और क्षेत्रवादकी कोई जगह नहीं है।विपक्ष पर तीखा हमलाअपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सपा औरंगजेब को अपना आदर्श मानती है, जिसने भारतीयों पर जजिया कर लगाया था। उन्होंने सपा विधायक अबू आजमी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “अगर उन्हें यूपी भेज दिया जाए, तोउनका इलाज कर देंगे, क्योंकि यहां बड़े-बड़े बदमाशों को ठीक कर दिया गया है।” प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधारसीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में माफिया हावी थे और पुलिस को उनसे डरकर काम करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अबप्रदेश कानून-व्यवस्था के मामले में एक नई पहचान बना रहा है। देश और दुनिया आज उत्तर प्रदेश को एक अनुशासित और सम्मानजनक राज्य के रूपमें देख रही है।औरंगजेब विवाद और अबू आजमी का निलंबनमहाराष्ट्र विधानसभा में सपा विधायक अबू आजमी द्वारा औरंगजेब को “कुशल प्रशासक” बताए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इस टिप्पणी केचलते उन्हें मौजूदा बजट सत्र से निलंबित कर दिया गया है। अबू आजमी ने मांगी माफीअपने बयान को लेकर विवाद बढ़ता देख अबू आजमी ने सफाई देते हुए कहा कि अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है, तो वह अपना बयानवापस लेते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और ऐसा माहौल बनाया गया जैसे कोई बड़ा विवाद खड़ा हो गयाहो। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. भीमराव अंबेडकर और ज्योतिराव फुले का सम्मान करने की बात भी कही।

उत्तराखंड को बड़ी सौगात, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं को केंद्र की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे से पहले राज्य को कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिबको रोपवे से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है।पर्वतमाला परियोजना के तहत सोनप्रयाग-केदारनाथ (12.9 किमी) रोपवे के लिए ₹4,081.28 करोड़ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब (12.4 किमी) रोपवे के लिए ₹2,730.13 करोड़ की मंजूरी मिली है। ये परियोजनाएं उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए यात्रा को सुगम, तेज औरसुरक्षित बनाएंगी, साथ ही राज्य के पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाई देंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन रोपवे परियोजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और अनुरोध किया था कि तीर्थस्थलों तकतीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए इनका निर्माण किया जाए। अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को गतिमिलेगी। सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक बनने वाला 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे यात्रा के समय को बेहद कम कर देगा। वर्तमान में जहां इस यात्रामें पूरा दिन लग जाता है, वहीं रोपवे बनने के बाद श्रद्धालु मात्र 36 मिनट में केदारनाथ पहुंच सकेंगे। इस रोपवे की ट्रॉलियों में 36 यात्री बैठ सकेंगे, जिससे हर घंटे 1,800 और प्रतिदिन करीब 18,000 यात्री यात्रा कर पाएंगे। खास बात यह है कि ट्रॉली पहले गौरीकुंड तक जाएगी और फिरकेदारनाथ के लिए रवाना होगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। वहीं, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबा रोपवे बनने से यात्रा और भी सुगम हो जाएगी। अभी तक इस 20 किलोमीटर के सफरमें कई घंटे लगते थे, लेकिन रोपवे बनने के बाद यह दूरी मात्र 42 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें पहला चरण गोविंदघाट से घांघरिया तक और दूसरा चरण घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक होगा। इस रोपवे के माध्यम से प्रति घंटे 1,100 तीर्थयात्री यात्रा कर सकेंगे, जिससे यात्रा का अनुभव अधिक आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगा। इन रोपवे परियोजनाओं से तीर्थयात्रियों को सुविधाजनक यात्रा मिलेगी, साथ ही राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों कोरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जहां पहले यात्रा करनामुश्किल होता था, वहीं अब इन परियोजनाओं से यात्रा तेज, सुगम और सुरक्षित हो जाएगी। इन विकास कार्यों से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नईदिशा मिलेगी और राज्य की कनेक्टिविटी को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।

दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का अरविंद केजरीवाल पर हमला – कहा, विपासना के नाम पर विलासिता कर रहे हैं

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलाहै। उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल को वास्तव में आत्मचिंतन और विपासना करनी है, तो उन्हें अपने कार्यों पर विचार करना चाहिए। खासतौर परउन्होंने दिल्ली की जनता के साथ की गई कथित चोरी, भ्रष्टाचार और लूट के लिए आत्ममंथन करने की सलाह दी।केजरीवाल का काफिला बताता है कि वे विलासिता में डूबे हैंवीरेन्द्र सचदेवा ने यह भी आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल विपासना के नाम पर विलासिता का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में सामनेआए एक वीडियो में केजरीवाल का लंबा काफिला साफ दिखाता है कि वे एक आम आदमी नहीं बल्कि सत्ता और ऐश्वर्य के भोग में लिप्त हो चुके हैं।उन्होंने यह भी तंज कसा कि केजरीवाल ने पिछले 12 सालों में सत्ता के सुख के लिए दिल्ली के लोगों के टैक्स का पैसा जमकर खर्च किया, लेकिनजनता ने अब उन्हें जवाब दे दिया है। राजनीतिक अस्थिरता के बीच पंजाब पहुंचे केजरीवालसचदेवा ने कहा कि पंजाब में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के कारण ही अरविंद केजरीवाल वहां विपासना के लिए गए हैं। उन्होंने दावा किया किकेजरीवाल असल में अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सच में आत्मचिंतन करना है तो अपने द्वाराकिए गए भ्रष्टाचार और जनता से किए गए वादों को न निभाने पर पश्चाताप करना चाहिए। भ्रष्टाचार और जनता से धोखा देने का लगाया आरोपदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पिछले 12 सालों से जनता के टैक्स के पैसों पर सत्ता का सुख भोग रहे हैं। अब जब दिल्ली कीजनता ने उन्हें नकार दिया है, तो वे पंजाब की जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद करने में जुट गए हैं। सचदेवा ने यह भी कहा कि केजरीवाल अपनीराजनीतिक स्थिति कमजोर होती देख अब एक नई कुर्सी तलाश रहे हैं, क्योंकि वे सत्ता और सुविधाओं को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। वीरेन्द्र सचदेवा ने अंत में कहा कि अरविंद केजरीवाल को वास्तविक आत्मचिंतन करने की जरूरत है, जिससे वे अपनी गलतियों को समझ सकें औरजनता के साथ किए गए अन्याय के लिए माफी मांग सकें।

सीएम रेखा गुप्ता से मिली भाजपा नेता रूबी फोगाट यादव, सीएम बनने की दी बधाई

भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) की नेता रूबी फोगाट यादव, अपनी टीम के सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाईदेने उनके निवास पर पहुंचीं। यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच सहयोग और साझेदारी के नए रास्ते खोलने का प्रतीक रही। इस दौरान, रूबी यादव नेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की और उन्हें मुख्यमंत्री बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। बैठक के दौरान, दिल्ली के विभिन्न विकासात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य महत्वपूर्णक्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया। खासतौर पर, दिल्ली की जनता की भलाई और शहर के समग्र विकास को लेकर दोनों के दृष्टिकोणों पर बात हुई। रूबी यादव ने इस अवसर पर कहा, “हम दिल्ली के विकास में सकारात्मक योगदान देने के लिए हमेशा तत्पर हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व मेंदिल्ली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद के साथ-साथ दृढ़ संकल्पित हैं।” यह बयान दिल्ली की जनता के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता कोस्पष्ट करता है, और इस समय दोनों नेताओं के बीच सहयोग की भावना भी व्यक्त करता है। इस मुलाकात में भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह और जोश भी देखने को मिला। कार्यकर्ता रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के समग्र विकास को लेकरसकारात्मक दृष्टिकोण रखने का समर्थन कर रहे थे। यह मुलाकात भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का प्रतीक भी बनी, जहां सभी ने मिलकरदिल्ली के उज्जवल भविष्य के लिए काम करने का संकल्प लिया। इस दौरान चर्चा के कई पहलुओं पर बातचीत हुई, जिसमें दिल्ली के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, और स्वास्थ्य सेवाओंके स्तर को बढ़ाने की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों नेताओं ने दिल्ली के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए मिलकर कामकरने की इच्छा व्यक्त की। रूबी यादव और रेखा गुप्ता के बीच हुई यह मुलाकात भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के विकास के लिए साझा दृष्टिकोण कीओर एक और कदम थी। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाई दी और उन्हें भविष्य में अच्छे कार्यों के लिए समर्थन देने का वचनलिया। इस मुलाकात ने भाजपा की दिल्ली के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूती से प्रस्तुत किया, और यह दर्शाया कि पार्टी किसी भी मुद्दे परदिल्ली के हितों के लिए काम करने के लिए तत्पर है।

अमेरिका की ट्रंप सरकार यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर इस्तीफे का बना रही दबाव, आखिरकार कौन ले सकता है जेलेंस्की की जगह?

ट्रंप प्रशासन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज ने कहा कि किसी भी व्यावहारिक वार्ता के लिए यूक्रेन को क्षेत्रीय रियायतें देनी होगीं. औरजेलेंस्की की का नेतृत्व शांति समझौते में बांधा बन सकता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख सहयोगियों ने सुझाव दिया है. कि अगरयूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की रुस के साथ शांति वार्ता करने से इनकार करते हैं. तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए यह विवादस्पद मांग वॅाशिंगटनमें हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद आई है. इस बैठक में ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी वेंस की जेलेंस्की के साथ तीखी बहस हो गई बैठक में जेलेंस्कीकी के रुस के साथ बातचीत से इनकार करने और अमेरिकी समर्थन के प्रति कथित आभार की कमी को लेकर तीखी बहस हुई है. जिसके बादप्रस्तावित खनिज सौदे पर हस्ताक्षर भी नहीं हो सके. ट्रंप प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्टज ने कहा कि किसी भी व्यावहारिक वार्ताके लिए यूक्रेन को क्षेत्रीय रियायतें देनी होगीं. और जेलेंस्की का नेतृत्व शांति समझौते में बाधा बन सकता है. अमेरिकी स्पीकर ने की व्यक्त की रायअमेरिकी हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने इसी तरह की राय व्यक्त की है. और उन्हें तो समझदारी दिखानी होगी और कृतज्ञता के साथ वार्ता की मेजपर लौटना होगा या फिर किसी और देश की बागडोर संभालती होगी. अमेरिका दबाव ही जवाब में जेलेंस्की की ने ब्रिटिश मीडिया से कहा मुझे हटानाइतना आसान नहीं होगा. सिर्फ चुनाव करना काफी नहीं है आपको यह भी सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव ना लड़ सकूं. यह थोड़ा कठिन होगा इसकामतलब है. कि मुझे ही बात करनी होगी उन्होंने यह भी कहा कि अगर यूक्रेन को नाटो की सदस्यता मिल जाती है वह राष्ट्रपति पद छोड़ने के लिए तैयारहै. रिपब्लिकन सीनेटर लिशा ने जताई चिंताजेलेंस्की से इस्तीफे की मांग ने वैश्विक स्तर प्रतिक्रियाएं बटोरी है. अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए इसे भयानकविचार बताया और कहा कि यूक्रेन के लोकतंत्र का भविष्य बाहरी ताकतों द्वारा तय नहीं किया जाना चाहिए. रिपब्लिकन सीनेटर लिशा ने भी चिंताजाताई है. अमेरिका का यूक्रेन पर दबाव कहीं रूस के पक्ष में न चला जाए. जिससे अमेरिका की वैश्विक छवि को नुकसान हो सकता है. डेमोक्रेटिकसीनेटेर किस मर्फी ने ट्रंप प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा व्हाइट हाउस अब क्रेमिलन का एक अंग बन चुका है.

कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा हाईकमान करेगा मतभेदों का फैसला,बीजेपी का आरोप कुर्सी के पीछे है लड़ाई

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने डीके शिवकुमार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. खड़गे ने कहा कि उन्हें एक न एक दिन कड़ी मेहनत का इनाममिलेगा. आज या कल वे सीएम पद की बागडोर संभालेंगे. वीरप्पा मोहिली ने शिवकुमार के पक्ष में बयान दिया. उन्होंने कहा कि कुमार को सीएम पदसे बने से कोई नहीं रोक सकता. लेकिन इसको लेकर भाजपा ने निशाना साधा है. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री बनने कीवीरप्पा मुइली के दावे पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पुनावाला ने तंज कसा है. उन्होंने इसे कांग्रेस में कुर्सी के लिए आंतरिक लड़ाई बताया है. हालांकि डीके शिवकुमार ने वीरप्पा मुइली के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने इसे मोइली की व्यक्तिगत राय का करार दिया. शिवकुमार को राज्य का मुख्यमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकता. क्योंकि इस मामले में पहले ही तय कर लिया गया है. किशोर कुमार का मुख्यमंत्रीपद संभालना केवल समय की बात है. क्योंकि ऐसा होना तय है इस पर भाजपा नेता शहजाद पुणे वाला ने कहा कि कांग्रेस सत्ता और राजनीति केलिए लड़ती है. लेकिन लोगों को भूल जाते हैं कर्नाटक में अंदरूनी लड़ाई चल रही है. कांग्रेस अंदर से टूट चुकी है और उन्हें बस सत्ता की परवाह है. शिवकुमार करते थे सिद्दरमैया पर हमलाइससे पहले कभी सिद्दारमैया डीके शिवकुमार पर हमला करते हैं. कभी शिवकुमार सिद्धारमैया और खड़गे जी पर हमला करते हैं. इस बीच कौन कर्नाटकके मुख्यमंत्री डीके कुमार ने कांग्रेस नेता एवं वीरप्पा मोहिनी ने उनके बारे में दिए गए बयान के बारे में पूछे जाने पर टिप्पणी करने से मना कर दिया. डीके कुमार ने इसको लेकर कहा इस पर टिप्पणी पर वह कुछ नहीं करना चाहते हैं. मैं कार्यकर्ताओं की बैठक में था. मैं सभी बूथ अध्यक्ष को शपथदिलाने गया था. क्योंकि मुझे पार्टी अध्यक्ष के तौर पर पूरे राज्य का दौरा करना है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि किसी को बोलना नहीं चाहिए. मैंइसका पालन करूंगा. इससे पहले कर्नाटक के मंत्री प्रियांक ने डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें पर कहा न तो शिवकुमार और न किसीऔर के दावा किया है. क्यों आज या कल मुख्यमंत्री पद की बागडोर संभालेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी कड़ी मेहनत का इनाम मिलेगा. हाई कमानइसका फैसला करेगा दूसरी ओर सिद्दामैया के करीबी माने जाने वाले कई मंत्री और नेताओं ने किसी भी नेतृत्व परिवर्तन की संभावना को खारिज करतेहुए दावा किया है. कि मौजूदा मुख्यमंत्री पद पर बनी रहेंगे. और पूरे पांच साल कार्य संभारेंगे. मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने कहा कि वह कांग्रेस आलाकमानके निर्देशों का पालन करेंगे. जिसका निर्णय राज्य में नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम है. मोहिली या कोई और क्या कहता है. यह महत्वपूर्ण नहीं हैआलाकमान जो कहता है वहीं अंतिम है.

पंजाब में किसान आंदोलन तेज, बैठक के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान नाराज होकर हुए बाहर, किसानों का विरोध जारी

पंजाब में किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच, सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) राजनीतिकऔर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच चंडीगढ़ में करीब दो घंटे तक बैठक चली, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बैठक के दौरान मुख्यमंत्रीभगवंत मान बीच में ही उठकर चले गए, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री गुस्सा हो गए थे और इसी कारण बैठक बीच में छोड़ दी। सीएम भगवंत मान का पक्षमंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने बैठक इसलिए समाप्त की क्योंकि किसान नेताओं ने बातचीत केसाथ-साथ विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के कारण राज्य को आर्थिक नुकसान हो रहा है, और इसेलगातार जारी रखना सही नहीं है। प्रदर्शनों पर मुख्यमंत्री की चिंतामुख्यमंत्री मान ने राज्य में ‘रेल रोको’ और ‘सड़क रोको’ जैसे विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों से पंजाबको भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और यह राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब धीरे-धीरे “धरना प्रदेश” बनता जारहा है। सीएम की चेतावनी – “कार्रवाई करने से नहीं डरता”भगवंत मान ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री उन्हें 3.5 करोड़ जनता के हितों की रक्षा करनी होगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने विरोध केतरीके पर पुनर्विचार करें। उन्होंने कहा— “मेरी नरमी को कमजोरी मत समझिए। अगर जरूरत पड़ी तो मैं कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटूंगा।” बैठक का घटनाक्रममुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने किसानों से पूछा कि क्या वे अगले दिन (5 मार्च) भी प्रदर्शन जारी रखेंगे। जब किसानों ने हां में जवाबदिया, तो उन्होंने बैठक को निरर्थक बताते हुए बीच में ही छोड़ दिया। अगर आप पहले से ही तय कर चुके हैं कि प्रदर्शन जारी रहेगा, तो फिर बैठक का क्या फायदा? मैं बैठक से चला गया और उन्हें कहा कि वे अपनामोर्चा जारी रख सकते हैं।” किसान नेताओं का दावा – सीएम ने दिखाई नाराजगी वहीं, किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान असामान्य रूप से गुस्से में थे। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इससे पहलेकिसी हाई-लेवल मीटिंग में ऐसा गुस्सा नहीं देखा। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें उकसाने की कोशिश की।

अबू आजमी के औरंगजेब पर बयान से मचा सियासी घमासान, दी सफाई – कहा, ‘अगर किसी को ठेस पहुंची तो माफी मांगता हूं’

समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आजमी के औरंगजेब को लेकर दिए गए बयान के बाद से राजनीतिक माहौल गरम है। उनके इस बयान कीआलोचना हो रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की गई है। बढ़ते विवाद के बीच आजमी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने छत्रपतिशिवाजी महाराज या संभाजी महाराज के खिलाफ कुछ भी अपमानजनक नहीं कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने वही बातें कही हैं, जो इतिहासकारों और लेखकों ने औरंगजेब केबारे में लिखी हैं। अगर उनके बयान से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वह बिना शर्त माफी मांगते हैं और अपने बयान को वापस लेते हैं। शिवाजी और संभाजी महाराज पर टिप्पणी से इनकारअबू आजमी ने कहा कि वह शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज के खिलाफ कुछ भी कहने की कल्पना भी नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा किप्रशांत कोराटकर और राहुल सोलापुरकर ने शिवाजी महाराज और संभाजी महाराज को लेकर जो बातें कहीं हैं, उस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।कानूनी कार्रवाई और अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएँमहाराष्ट्र के ठाणे में अबू आजमी के खिलाफ औरंगजेब पर दिए बयान को लेकर केस दर्ज किया गया है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और उदित राज नेभी इस मुद्दे पर अपने विचार रखे हैं। राशिद अल्वी ने कहा कि औरंगजेब ने जहां मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, वहीं उसने मंदिरों को दान भी दिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि 500 सालबाद इस मुद्दे को उठाने की प्रासंगिकता क्या है और क्या यह सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेता उदित राज ने अबू आजमी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में बड़े शासकों द्वारा छोटे शासकों पर अत्याचार किएजाते थे, और केवल औरंगजेब को निशाना बनाना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दू शासकों में भी कई क्रूर राजा हुए हैं, लेकिन सिर्फऔरंगजेब पर ध्यान केंद्रित करना गलत है।औरंगजेब पर अबू आजमी का बयानअबू आजमी ने कहा था कि वह औरंगजेब को क्रूर, अत्याचारी या असहिष्णु शासक नहीं मानते। उन्होंने दावा किया कि फिल्मों और अन्य माध्यमों सेमुगल शासकों की छवि को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक हलकों में बवाल मच गया है और विभिन्नदलों के नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

यूपी विधानसभा में सीएम योगी का सपा पर हमला, महाकुंभ की सफलता, संभल के धार्मिक स्थलों और सुरक्षा व्यवस्था पर दिया जोर

यूपी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महाकुंभके सफल आयोजन को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक चमत्कारिक आयोजन था, जिसमें 66 करोड़ श्रद्धालु शामिल हुए और बिना किसीअपराध की घटना के सुरक्षित घर लौटे। सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ की गूंज न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है और इससे देशकी अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। संभल के धार्मिक स्थलों को पुनः खोजने का दावाअपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने संभल जिले का जिक्र करते हुए कहा कि एक साजिश के तहत वहां के 68 तीर्थ स्थलों और 19 कूपों (प्राचीनजलस्रोतों) की पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन 68 तीर्थों में से 54 को फिर से खोज निकाला और19 कूपों की भी पहचान की। सांप्रदायिकता के आरोपों का दिया जवाबसीएम योगी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि सरकार को सांप्रदायिक कहने वालों को महाकुंभ की ओर देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमाराआदर्श ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया’ है, जो महाकुंभ में पूरी तरह परिलक्षित हुआ। इस आयोजन में किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, क्षेत्र, मत या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं हुआ।” महाकुंभ से जुड़ी एक नाविक परिवार की सफलता की कहानीसीएम योगी ने महाकुंभ के दौरान एक नाविक परिवार की सफलता का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि इस परिवार के पास 130 नौकाएं थीं, जिससे उन्होंने 45 दिनों में 23 लाख रुपये की कमाई की। प्रतिदिन उनकी आय 50 से 52 हजार रुपये तक पहुंच गई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री नेसमाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे महाकुंभ जाना चाहते थे, लेकिन चूक गए। सनातन धर्म और अर्थव्यवस्था को बताया महाकुंभ से लाभान्वितयोगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को भारत की विरासत और विकास का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह आयोजन सनातन धर्म के लिए गौरव की बात है।उन्होंने बताया कि महाकुंभ केवल आध्यात्मिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये का लाभ होनेकी उम्मीद है। महाकुंभ में महिलाओं की सुरक्षा पर जोर सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 33 करोड़ महिलाएं शामिल हुईं, लेकिन छेड़खानी या अपराध की एक भी घटना नहीं घटी। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ उनके लिए अग्निपरीक्षा के समान था, जिसमें उनकीसरकार ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। संभल के धार्मिक स्थलों को पुन स्थापित करने की प्रतिबद्धतासंभल के धार्मिक स्थलों को पुनः स्थापित करने के सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बस वही मांगा जो हमारा था। 56 वर्षोंमें संभल के शिव मंदिर में जलाभिषेक नहीं हुआ था, लेकिन अब वहां यह संभव हो रहा है। हम अपनी विरासत को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहेहैं।”

बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी के बीच तीखी नोकझोंक

बिहार विधानसभा में उस समय माहौल गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के बीच तीखी बहस छिड़ गई।तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी से उनके पिता शकुनी चौधरी द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे पर की गई टिप्पणी को लेकर सवाल पूछा। इस परसम्राट चौधरी ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि पहले यह बताएं कि आपके पिता (लालू प्रसाद यादव) ने मुख्यमंत्री के बारे में क्या कहा था। इसबयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और दोनों नेताओं के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया। तेजस्वी और सम्राट के बीच जुबानी जंगसम्राट चौधरी ने अपनी सीट पर खड़े होकर तेजस्वी यादव को जवाब दिया, जिसके बाद तेजस्वी ने पलटवार करते हुए कहा, “पहले तो आप बीजेपीको कोसते थे, अब उनके साथ खड़े हैं।” इस बयान पर बीजेपी विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन में हंगामा किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीशकुमार के करीबी मंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वे पहले भी तेजस्वी के साथ काम कर चुके हैं और जहां भी रहते हैं, वहां काम ही करते हैं। इस परतेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए कहा, “विजय चौधरी मलाई खाते हैं।” विवाद बढ़ने पर स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेपतेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी के बीच बहस और तीखी होती चली गई। सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर आरोप लगाया कि उनके पिता लालू प्रसादयादव ने बिहार को लूटा और उन्हें (सम्राट चौधरी को) जेल भिजवाया था। इस आरोप के बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई, जिससे सदन में माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान स्पीकर नंदकिशोर यादव ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों नेताओं को शांत करने की कोशिश की। तेजप्रताप की चेतावनी और सदन में हंगामाजब सदन में बीजेपी विधायकों ने हंगामा बढ़ाया, तो तेजस्वी के बड़े भाई तेजप्रताप यादव खड़े हुए और बीजेपी विधायकों को चेतावनी दी कि वे शोर-शराबा बंद करें। हालांकि, राजद विधायकों ने हस्तक्षेप कर तेजप्रताप को शांत कराया। मुख्यमंत्री की सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिशतेजस्वी यादव अपने भाषण के दौरान लगातार ऐसे मुद्दे उठा रहे थे, जिनसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर सवाल खड़े हों। उन्होंने सम्राट चौधरीपर निशाना साधते हुए तंज कसा, जिससे सम्राट चौधरी भड़क उठे और तेजस्वी पर तीखे हमले किए। सम्राट चौधरी ने लालू यादव पर बिहार को लूटनेऔर गरीबों का शोषण करने का आरोप लगाया, जिससे बहस और ज्यादा बढ़ गई।