प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित SOUL (School of Ultimate Leadership) लीडरशिपकॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भूटान केप्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ होंगे शामिलSOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन 21 से 22 फरवरी तक किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्मिकता, सार्वजनिक नीति, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख हस्तियां अपने विचार साझा करेंगी। ये विशेषज्ञ अपने प्रेरणादायकजीवन अनुभवों को साझा करते हुए नेतृत्व कौशल और रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। युवाओं को मिलेगा नेतृत्व और सीखने का अवसरयह सम्मेलन विचार नेतृत्व और सहयोग की एक मजबूत प्रणाली को विकसित करने में सहायक होगा। इसके माध्यम से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी औरवे सफलता-असफलता से सीखने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रतिभाशाली और प्रतिबद्ध लोगों को मार्गदर्शन देना है, ताकि वेनेतृत्व की जटिलताओं को समझ सकें और समाज के हित में कार्य कर सकें। SOUL: नेतृत्व विकास के लिए एक प्रमुख संस्थानSOUL, गुजरात में स्थापित एक प्रतिष्ठित लीडरशिप संस्थान है, जिसका उद्देश्य जनसेवकों को प्रशिक्षित कर उन्हें समाज और राजनीति में प्रभावीभूमिका निभाने के लिए तैयार करना है। यह संस्थान उन लोगों को प्रशिक्षित करता है जो राजनीतिक परिवारों से नहीं आते, लेकिन अपनी योग्यता, समर्पण और समाज सेवा के माध्यम से नेतृत्व क्षमता विकसित करना चाहते हैं। SOUL नेतृत्व से संबंधित सोच, कौशल और विशेषज्ञता प्रदान करउन्हें जटिल चुनौतियों का समाधान निकालने में सक्षम बनाता है। समाज में नेतृत्व विकास को मिलेगा बढ़ावाSOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव नेतृत्व विकास और समाज सेवा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन युवा नेताओं औरउभरते हुए प्रतिभाशाली व्यक्तियों के लिए सीखने और प्रेरणा लेने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा।
27 साल बाद दिल्ली में भाजपा की वापसी, रेखा गुप्ता ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता रेखा गुप्ता ने दिल्ली की नौवीं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। यह समारोह रामलीला मैदान में आयोजितकिया गया, जहां उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने उन्हें शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित थे। इस जीत के साथ भाजपा ने 27 साल बाद दिल्ली कीसत्ता में वापसी की और रेखा गुप्ता राज्य की चौथी महिला मुख्यमंत्री बनीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ छह अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इन मंत्रियों में प्रवेश वर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। इनकेअलावा पंकज सिंह, आशीष सूद, रवींद्र इंद्रराज, कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है। पंकज सिंह बिहारसे हैं और राजपूत समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि रवींद्र इंद्रराज दलित समुदाय के प्रमुख चेहरे के रूप में माने जाते हैं। भाजपा ने अपनेमंत्रिमंडल में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। रेखा गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए के शीर्ष नेता भी उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र केमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, जदयू नेता ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए।इस समारोह को भाजपा की बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी दिल्ली में लंबे समय तक सत्ताबनाए रखने की योजना पर काम कर रही है। रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग सीट से जीत दर्ज कर दिल्ली विधानसभा में प्रवेश किया। वह पेशे से वकील हैं और भाजपा में महासचिव एवं महिलामोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उनका जन्म हरियाणा के जींद में हुआ था, लेकिन उनकी शिक्षा दिल्ली में हुई। भाजपाविधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया। दिल्ली के नए उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा राजनीतिक रूप से एक मजबूत चेहरा हैं। वह पश्चिमी दिल्ली से सांसद रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंहवर्मा के पुत्र हैं। प्रवेश वर्मा ने अपने राजनीतिक करियर में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और उनकी छवि एक ऊर्जावान और समर्पित नेताके रूप में बनी हुई है। भाजपा ने 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की है। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 48 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस पार्टी लगातार तीसरी बार एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। भाजपा कीइस जीत ने आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। इस चुनाव में भाजपा ने आम जनता को आकर्षित करने के लिए कई बड़े वादे किए थे। पार्टी ने सरकारी स्कूलों के पुनर्निर्माण, मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, गरीब महिलाओं को मासिक ₹2,500 की सहायता और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं को जनता के सामने रखा, जिससे मतदाताओंका झुकाव भाजपा की ओर हुआ और चुनाव में उन्हें जीत मिली। आम आदमी पार्टी (AAP) को इस चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हारगए। केजरीवाल ने भाजपा की जीत को स्वीकार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। यह हार आम आदमीपार्टी के लिए एक बड़ा झटका है और पार्टी को अपनी भविष्य की रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत होगी। दिल्ली में भाजपा की इस जीत का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। यह भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का प्रमाण है औरपार्टी के लिए एक मनोवैज्ञानिक बढ़ावा है। यह जीत भाजपा को आगामी चुनावों में बढ़त दिला सकती है और पार्टी की स्थिति को और मजबूत बनासकती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सामने दिल्ली में कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। वायु और जल प्रदूषण की समस्या, बुनियादी ढांचे का विकास, सरकारी स्कूलोंऔर अस्पतालों में सुधार, महिला सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। उन्होंने चुनाव प्रचार केदौरान कई योजनाओं की घोषणा की थी, जिन्हें लागू करने की जिम्मेदारी अब उनकी सरकार पर होगी। रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा की सत्ता में वापसी दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। भाजपा को 27 साल बाद सत्ता मिली है, जिससे पार्टीका राजनीतिक कद मजबूत हुआ है। नई सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन भाजपा की चुनावी रणनीति और जनता के बीच उसकी पकड़ नेयह जीत सुनिश्चित की। अब देखना होगा कि रेखा गुप्ता सरकार अपने वादों को किस हद तक पूरा कर पाती है और दिल्ली के विकास को नई दिशादेने में कितनी सफल होती है।
मुझे और मेरे बेटे को फसाया जा रहा है हमरा उस लड़की से कोई संबंध नहीं है- मनोज श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश के पॉलिटिकल पार्टी केसरिया वाहिनी के संस्थापक मनोज श्रीवास्तव की एक तस्वीर हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इसतस्वीर में उन्हें ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) में एक छात्रा की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपीअद्विक श्रीवास्तव के पिता के रूप में गलत पहचान दी गई है। वायरल फोटो में दिख रहे व्यक्ति ने बूम को बताया कि अद्विक उसका रिश्तेदार नहीं हैऔर उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसका बेटा 16 साल का है, जो अभी स्कूल में पढ़ रहा है। 16 फरवरी, 2025 को केआईआईटी के हॉस्टल में एक 20 वर्षीय तीसरे वर्ष की बीटेक छात्रा की मौत के बाद कॉलेज में तनाव फैल गया। प्रारंभिकरिपोर्टों के अनुसार, छात्रा ने एक अन्य पुरुष छात्र द्वारा उत्पीड़न के बाद आत्महत्या कर ली। इस घटना ने अन्य नेपाली छात्रों में भारी आक्रोश पैदा करदिया, जिन्होंने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ओडिशा पुलिस ने इस मामले में अद्विक श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है, औरकेआईआईटी के अधिकारियों ने एक पत्र जारी कर नेपाली छात्रों को रातों-रात हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया है। कई छात्रों ने कुछ प्रोफेसरों परदुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया है। केआईआईटी के कुलपति प्रोफेसर सरनजीत सिंह ने मंगलवार शाम को नेपाली छात्रों से माफी मांगी और कहा कि विश्वविद्यालय के दो सदस्यों कोउनकी “बेहद गैरजिम्मेदाराना” टिप्पणियों के लिए सेवा से हटा दिया गया है। इस घटना ने नेपाल के साथ राजनयिक संबंधों पर भी असर डाला है।नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने घोषणा की कि घटना की जांच के लिए दो नेपाली अधिकारियों को केआईआईटी ओडिशा परिसर भेजा गयाहै। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर गुस्सा देखने को मिला, जहां कई लोगों ने मनोज श्रीवास्तव के फेसबुक अकाउंट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें उन्हें भगवा दुपट्टा पहने हुए दिखाया गया है। फोटो के साथ लिखे टेक्स्ट में दावा किया गया है कि यह व्यक्ति आरोपी अद्विक का पिता है औरयह भी कहा गया है कि वह भारतीय जनता पार्टी की एक शाखा का प्रमुख है। वायरल पोस्ट में एक उपयोगकर्ता ने सवाल उठाया, “आश्चर्य है कि यहकॉलेज अद्विक श्रीवास्तव को क्यों बचा रहा है??” बूम ने इस मामले की गहराई से जांच की और पाया कि वायरल तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति अद्विक श्रीवास्तव का पिता नहीं है। ओडिशा के एकस्थानीय पत्रकार ने बताया कि पुलिस की गिरफ्तारी रिपोर्ट में आरोपी का पूरा नाम अद्विक मनोज श्रीवास्तव बताया गया है, लेकिन उसके माता-पिताके बारे में कोई और जानकारी उपलब्ध नहीं है। मनोज श्रीवास्तव ने बूम से बात करते हुए कहा कि वे भाजपा और आरएसएस दोनों के सदस्य हैं, लेकिन उनका बेटा अद्विक श्रीवास्तव नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा 16 साल का है और वर्तमान में लखनऊ में 12वीं कक्षा में पढ़ रहा है। मनोज श्रीवास्तव ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक खंडन भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने वायरल दावे को खारिज किया। बूम ने पुष्टि की है किवायरल फोटो में मनोज श्रीवास्तव का अद्विक से कोई संबंध नहीं है, हालांकि आरोपी के पिता के बारे में स्वतंत्र रूप से जानकारी सत्यापित नहीं की जासकी। इस मामले ने न केवल सोशल मीडिया पर हलचल मचाई है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे गलत जानकारी और पहचान के दावों से स्थितिऔर भी जटिल हो सकती है।
बजट को लेकर खुश नहीं है जनता, लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी ने यूपी सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी ने केंद्रीय कार्यालय पर राज्य के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दरअसल राज्य का बजट जन हितका बजट नहीं है इस बजट को खास तौर पर जनता के हित के लिए बनाया गया है. इस बजट में इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि जो वर्ग- मंहगाई जैसी समस्याओं से जूझ रहा है. यूपी सरकार का बजट एक धोखा है इसमें बेरोजगारी और मंहगाई जैसे सवालों का कोई जवाब नहीं है. इसबजट में गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, महिला, युवा और आम जनता परेशान है. इस बजट से देश की आम जनता को दूर-दूर तक कोई लाभ नहीं होनेवाला है. सुनील ने आगे कहा कि इस बजट को देखकर उनके परिवार का एक भी सदस्य और विधायक मंत्री समेत सभी निराश है. जब इस बजट कोलेकर हम सब परेशान है तो देश की आम जनता जो अपना गुजारा सड़को के किनारे कर रही है. देश की जनता के साथ घोखाजिनके पास खाने के लिए दो वक्त की रोटी नहीं है. वो देश की जनता इस बजट को लेकर कैसे खुश होगी. उन्होनें आगे बजट को लेकर कहा कि देशका युवा, किसान और बेरोजगार महिलाओं के साथ सरकार ने धोखा किया है. ये आम जनता के लिए धोखा बजट है देश की जनता इस बजट कोलेकर बिल्कुल खुश नहीं है.बेरोजगार युवा भी इस बजट को लेकर परेशान है. युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. सरकार युवाओं के रोजगार कोलेकर भी कोई विशेष ध्यान नहीं दे रही है. ये बजट जनता के हित के लिए नहीं है. और न हीं इस बजट से देश की जनता खुश है.
चौथी बार दिल्ली की कमान महिला के हाथ में, सुषमा, शीला और अतिशी के बाद अब रेखा गुप्ता

Delhi New CM:दिल्ली में 27 साल के बाद बीजेपी की सरकार बनी है.दिल्ली बीजेपी विधायक दल की बैठक में फैसला ले लिया गया है. किदिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता होगीं. दरअसल रेखा गुप्ता दिल्ली के शालीमार बाग से विधायक है.पर अब बीजेपी सरकार ने रेखा गु्प्ता के नाम पर दिल्ली के नए सीएम के नाम की मोहर लगा दी है. कल दोपहर 12:35 के करीब विधायक दल केनेता शपथ लेंगें. बीजेपी पार्टी ने फिलहाल ही में आम आदमी पार्टी के हराकरदिल्ली में अपनी सरकार बनाई है.जिसके नतीजों को 8 फरवरी को घोषित किया गया था. पीएम मोदी और अमित शाह सहित बीजेपी के शीर्ष नेतृत्वने कई दौर की बैठक के बाद दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का नाम फाइनल कर दिया है. करीब एक लाख लोगों के आने की उम्मीदबीजेपी पार्टी की तरफ से करीब एक लाख लोगों को बुलाने का अनुमान है. जिसमें दिल्ली की झुग्गी बस्ती वाले भी शामिल है. इसके अलावा पंडितोऔर ग्रंथियों को भी इस समारोह में बुलाया जा रहा है. अरविंद केजरीवाल की दिल्ली मेंराजनीति का आधार झुग्गी बस्ती वाले ही है. ऐसे में बीजेपी पार्टी का प्लान है कि केजरीवाल की राजनीति को बिल्कुल ही खत्म कर दिया जाए.इससेपहले दिल्ली की पूर्व सीएम अतिशी ने कहा था कि दिल्ली की जनता ने बीजेपी के 48एमएलए चुनकर दिए है. लेकिन इसके बाबजूद भी पार्टी इनमें से एक चेहरे का चयन नहीं कर पा रही है. साफ है कि दिल्ली उन्हें इनमें से एक भी योग्यउम्मीदवार सीएम पद के लिए नहीं नजर आ रहा है.
बीजेपी और कांग्रेस में फिर हुई जुबानी जंग, स्मृति ईरानी की हुई धमाकेदार एंट्री

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के यूएसएड और अमेरिका अरबपति निवेशक जार्ज सोरोस के साथ कथित संबंधो के दावों पर मंगलवार को बीजेपी औरकांग्रेस के बीच जुबानी जंग हो गई. जिसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे तथा कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने देश में युएसएडपरियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्मृति ईरानी की आलोचना की. उन्होनें स्मृति ईरानी पर जार्ज सोरोस का असली एजेंट होने के आरोप लगाते हुएकहा कि ईरानी ने भारत में यूएसएड सद्भावना राजपूत के रुप में काम किया है.उन्होनें बीजेपी पर राजनीतिक लाभ के लिए जार्ज सोरोस को बदनामकरने का आरोप लगाया है. निशाना साधते हुए कहा सत्तारुढ़ पार्टी के दोहर मापदंडों को उजागर करने के लिए उत्तराधिकारी दस्तावेज भी साझा किएहै. दरअसल यूएसएड दुनिया कि सबसे बड़ी अमेरिकी सहायता कंपनियों में से एक है. बीजेपी की तरफ से की गई तीखी प्रतिक्रियाइस पर दूसरे देशों में लोकतांत्रिक रुप से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने का आरोप रहे है. फिलहाल कांगेस के आरोपों पर बीजेपी की ओर सेत्वरित और तीखी प्रतिक्रिया आई है. बीजेपी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस की सप्रसंग सरकार के समय स्मृति ईरानी कोटेलीविजन धारावाहिक ” सास भी कभी बहू थी” स्मृति को इसके लिए काफी लोकप्रियता मिली थी. इसके आधार पर उन्हें विश्न स्वास्थ्य संगठन द्धाराउन्हें तीन साल के लिए (2002 से 2005 तक) ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ओआरएस) सद्भावना ब्रांड एंबेसडर के रुप में चुना गया था. इंदौर की रिपोर्ट में किया गया उल्लेखइस कार्यक्रम को 2002 से 2003 तक आश्चर्यजनक सफलता मिली और आइआइएम – इंदौर की रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख किया गया.लेकिनउन्होनें पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि असफल व्यक्ति द्धारा संचालित कांग्रेस पार्टी इसका इस्तेमाल नीचा दिखाने और बदनाम करने के लिए कररही है.स्मृति ईरानी की मौजूदगी वाले विश्व स्वास्थ्य संगठन के इस कार्यक्रम का दिल्ली परिवहन निगम समेत अन्य ने भी समर्थन किया था.डीटीसी नेभी अपनी बसों में इससे जुड़ी प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति पहले से ही दी थी.
राजस्थान के 21 जिलों की बदलेगी तस्वीर, हजारों करोड़ो को होगा खर्चा’रामजल सेतु योजना’ में

राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को भजनलाल सरकार का दूसरा पूर्ण बजट पेश किया दरअसल उनके बजट स्पीच लगभग 2 घंटे कीथी इस बजट में राजस्थान को 350 अब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया था.अब राइजिंग राजस्थान समित के बाद यहबजट दोबारा से एनर्जी ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित होगा जिसे ग्रीन थीम बजट का नाम दिया जाएगा. इस बजट में खास तौर परकिसान महिलाओं युवाओं और बुजुर्गों के लिए कई अहम घोषणाएं की गई है जिसको लेकर राज्य में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने केलिए रमजाल सेतु परियोजना को बड़े पैमाने पर लागू किया गया. 9300 करोड़ से किया जाएगा पूराइस योजना के तहत 9300 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्यों को पूरा किया जाएगा इसके साथ ही राजस्थान वॉटर ग्रेड कॉरपोरेशन का गठनकिया जाएगा जिससे लगभग चार लाख से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधाओं का भी लाभ मिल सकता है. इसके तहत किसने की सुविधाओं कोखासतौर पर ध्यान में रखते हुए 50000 फॉर्म 10000 डिग्रियां और 50000 सूर्य संयंत्र स्थापित किए जाएंगे.इसके अलावा 90 करोड रुपए कीलागत से जल संरक्षण परियोजना को भी शुरू किया जाएगा. इस पर दिया कुमारी ने कहा की जलसेतु पिंक परियोजना में 9400 करोड़ रुपए के कामको शुरू कर दिया गया. 12400 करोड़ के टेंडर हो चुके है पूरे12400 करोड़ के टेंडर हो चुके हैं और 12 807 करोड़ रुपए के काम को मंजूरी भी दे दी गई है. दरअसल इस योजना के लिए 9300 करोड रुपएलागत के तौर पर काम में लाये जायेंगे.दिया कुमारी ने बजट की घोषणा की और बताया की 9400 करोड़ रुपए की सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं. दरअसल 12800 करोड़ रुपए के नाम की मंजूरी भी दे दी गई है. 3.5 लख रुपए क्षेत्र में ड्रिप स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम के लिए अनुदान भी कियाजाएगा नई तालाब भी बनाए जाएंगे और करीब 20 हजार किलोमीटर सिंचाई पाइपलाइन के लिए 900 करोड रुपए का अनुदान भी किया जाएगा.
यूक्रेन युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश, ट्रंप ने कहा ‘समझौता ही युद्ध खत्म करने का एकमात्र रास्ता

यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से बदल गया है. दरअसल पिछले कुछ दिनों यहकहकर यूक्रेन समेत सभी को चौंका दिया था कि जंग की जिम्मेदारी कीव की है. जब जो वाइडन सरकार यूक्रेन का समर्थन कर रही है. तो रूस को इसजंग की वजह बता रही है ऐसे में अब युद्ध का जिम्मा यूक्रेन के ऊपर फोड़ कर डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी बदली नीति का संकेत दिया है. उन्होंने कहा है किरूस और यूक्रेन युद्ध के लिए कीव जिम्मेदार है. यूक्रेन में युद्ध का अगला प्रवेशयूक्रेन में युद्ध अगले सप्ताह अपनी चौथी वर्ष में प्रवेश कर जाएगा. इसी बीच यूक्रेन और रूस के लिए अमेरिकी दूत कीव पहुंचे हैं यहां राष्ट्रपतिजेलिस्की एवं अन्य कमांडरों के साथ बातचीत करेंगे दरअसल रूस को अलग करने की अपनी वर्षो पुरानी नीति है ये अमेरिका के बदलाव लाने के बीचयूक्रेन का दौरा कर रहे हैं सऊदी अरब में शीर्ष अमेरिकी और रूस राजनायकों के बीच वार्ता हुई थी इसमें यूक्रेन और उसके यूरोपीय समर्थकों कोदरकिनार कर दिया गया था. दरअसल ट्रंप की टिप्पणियां यूक्रेन अधिकारियों को आए दिन परेशान पैदा कर रही है. यूरोपीय देशों से आग्रहजिससे रूस के आक्रमणों से लड़ने में यूरोपीय देशों से मदद करने में आग्रह किया गया था. रूस यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था इसदौरान रूस सेवा के द्वारा यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र में लगातार हमले हमले से यूक्रेनी सेना कमजोर हो रही है. जिसे धीरे-धीरे लेकिन लगातार 1000 किलोमीटर की अग्रिम पंक्ति कुछ मोचन पर पीछे धकेला जा रहा है.ट्रंप ने मीडिया से बातचीत करने के दौरान कहा कि यूक्रेन को युद्ध शुरु ही नहींकरना चाहिए था. इसे रोकने के लिए वह समझौता कर रहा है इसे रोकने की सिर्फ एक तरीका है और वो है समझौता, अगर युद्ध को लेकर समझौताहोता है तो ही युद्ध खत्म होगा.केलाँग ने इस पर कहा कि उनकी यात्रा कुछ सार्थक, ठोस बातचीत करने का मौका है जेलेस्की ने फिलहाल सऊदी अरबकी यात्रा को भी रद्द कर दिया है.
RSS ने नई दिल्ली में किया केशव कुंज का उद्घाटन,जानें क्यों से है ये महत्वपूर्ण

राष्ट्रीय स्वयं सेवत संघ RSS ने नई दिल्ली के झंडेवालान में अपने अत्याधुनिक मुख्यालय ‘केशव’कुंज का आधिकारिक उद्घाटन किया.यह विशालपरिसर चार एकड़ में फैला हुआ है. जिसे संघ की बढ़ती गतिविधियों के रुप के अनुरुप विकसित किया गया है.इसकी इमारतों की बात करें तो इसकेमुख्यालय में तीन ऊंची इमारतें, आँडिटोरियम, पुस्तकालय, अस्पताल, कैंटीन और हनुमान जी का मंदिर भी है. इस भवन को खास अद्भुत तरीकों सेबनाया गया है. बीजेपी मुख्यालय से भी बड़ाजिसमें पर्यावरण- संवेदनशील डिजाइन के साथ निर्मित यह परिसर आकार में बीजेपी मुख्यालय से भी बड़ा है. इसमें 150 करोड़ की लागत से निर्मितइस परियोजना को पूरी तरह से जनसहयोग से वित्तपोषित किया गया है.जो RSS को मिले व्यापक समर्थन को दर्शाता है.प्रेरणा और अर्चना टावर केबीच एक विशाल हरा- भरा लाँन है. जहां आरएसएस के संस्थापक की प्रतिमा को स्थापित किया गया है यह स्थान संघ की दैनिक शाखाओं औरसंगठात्मक कार्यक्रमों के लिए निर्धारित है.इस नए विशाल मुख्यालय में तीन विशाल आँडिटोरियम बनाए गए है जिनकी 1300 से अधिक लोगों केबैठने की व्यवस्था की गई है. इसका नाम विश्न हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के नाम पर रखा गया है. खासतौर पर किया गया डिजाइनकेशव कुंज को खास तौर पर डिजाइन किया गया है.इमारत की डिजाइन राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक वास्तुकला से प्रेरित है. जो आधुनिकभवन को सांस्क्रतिक स्पर्श प्रदान करती है.केशव कुंज परियोजना की सबसे बड़ी बात ये है कि सबसे उल्लेखनीय बात ये है कि इसका निर्माण पूरी तरहसे जनसहयोग से वित्तपोषित किया गया है. इसमें करीब 75,000 से अधिक लोगों ने इस भवन के निर्माण में योगदान दिया है. आरएसएस प्रमुखमोहन भागवत ने इस नए मुख्यालय में कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम की मेजबानी करेंगें.
शपथ ग्रहण को लेकर दिल्ली रामलीला मैदान में जोरों से तैयारियां, कौन करेंगा पीएम का स्वागत

Delhi New CM:दिल्ली रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण को लेकर सारी तैयारियां हो चुकी है. कल सुबह 11 बजे के करीब दिल्ली के नएमुख्यमंत्री शपथ लेंगें.Delhi New Cm :दिल्ली के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी ने गजब का चला दिया है दरअसल पार्टी ने अबकी बार तयकिया है कि समारोह में पीएम मोदी का स्नागत झुग्गी के प्रधानों से कराया जाएगा. इस फैसले के जरिए बीजेपी पार्टी सभी 250 झुग्गी क्लस्टर्स मेंबड़ा मैसेज पहुंचाने की तैयारी में लगी है. मंगलवार की देर रात बीजेपी पार्टी ने पदाधिकारियों की बैठक में यह फैसला लिया गया है दरअसल पहले सेझुग्गी बस्तियों में आम आदमी पार्टी की झुग्गी बस्तियों में आम आदमी पार्टी की अच्छी पैठ है. ऐसे में बीजेपी अपने इस नए कदम के जरिए ऐसेइलाकों में अपनी अच्छी पकड़ बनाने की तैयारी में है. शपथ ग्रहण को लेकर सारी तैयारियांदरअसल बीजेपी पार्टी के नए सीएम के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है. शपथ ग्रहण समारोह 20 फरवरी की शाम होनाहै.दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन होना है. पहले इसके लिए शाम 4:30 बजे का समय निर्धारित किया गयाथा.जिसको सुबह के वक्त बदलकर 11बजे कर दिया गया है. इसके बाद इसमें तीसरी बार बदलाव हुआ है. इस कार्यक्रम में तीन तरह के स्टेज बनाएजाएंगें. इस मौके पर मुख्य मंच पर पीएम मोदी और उपराज्यपाल वीके सक्सेना के साथ ही मनोनीत मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद के सहयोगी सदस्यहोगें.पास में ही दूसरे मंच पर धर्मगुरु और विशिष्ट अतिथि मौजूद होगें. मुख्य मंच पर होगें पीएमपहले मंच पर पीएम मोदी समेत कई दिग्गज नेता भी मौजूद रहेंगें. इसके साथ ही तीसरे मंच पर संगीत कार्यक्रम से जुड़े कलाकार रहेंगें.इस समारोह मेंकैलाश खेर के प्रस्तुति देने की चर्चा की है.शपथ ग्रहण से पहले एक बैठक होगी इसके बाद सीएम के चेहरे का ऐलान होगा. इससे पहले पीएम मोदीके आवास पर केंद्रीय कैबिनेट बैठक हुई है. पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में भी दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा होने के बात सामने आई है.