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अहमद पटेल के बेटे फैसल ने कांग्रेस से तोड़ा नाता, कहा- ‘यह एक कठिन यात्रा रही’

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अहमद पटेल के बेटे फैसल अहमद पटेल ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मX पर इस फैसले की जानकारी दी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस से अपने रिश्ते खत्म करने का ऐलान किया। फैसल के कांग्रेस से नाराज होने की खबरें लंबेसमय से आ रही थीं। फैसल पटेल ने अपने ट्वीट में कहा, “बहुत दर्द और पीड़ा के साथ, मैंने कांग्रेस के लिए काम करना बंद करने का फैसला किया है। यह कई वर्षों तकएक कठिन यात्रा रही है। मेरे दिवंगत पिता अहमद पटेल ने अपना पूरा जीवन देश, पार्टी और गांधी परिवार के लिए काम करते हुए दिया। मैंने उनकेनक्शेकदम पर चलने की कोशिश की, लेकिन हर कदम पर मुझे नकार दिया गया। मैं किसी भी संभव तरीके से लोगों के लिए काम करना जारी रखूंगा।कांग्रेस पार्टी हमेशा की तरह मेरा परिवार रहेगी। मैं उन सभी कांग्रेस नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंनेमेरा समर्थन किया।” फैसल ने इससे पहले भी पार्टी छोड़ने के संकेत दिए थे। लगभग दो साल पहले, उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कहा था कि वह इंतजारकरते-करते थक चुके हैं और कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से कोई उत्साह नहीं दिख रहा है। उन्होंने तब ट्वीट किया था, “इंतजार करते हुए थक गया हूं। शीर्षनेतृत्व से कोई उत्साह नहीं मिला। मेरे विकल्प खुले हुए हैं।” अहमद पटेल का राजनीतिक सफर: अहमद पटेल, जो लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार और पार्टी केसंकटमोचक रहे, का निधन 25 नवंबर, 2020 को हुआ था। वह 71 वर्ष के थे और कोविड संक्रमण के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।पटेल ने 1993 से पांच बार लगातार गुजरात से राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया। इसके अलावा, वह 1977, 1980 और 1984 मेंलगातार तीन बार गुजरात की भरूच लोकसभा सीट से सांसद बने थे।

दिल्ली के BJP विधायक रविंद्र नेगी ने सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने की दी चेतावनी

नई दिल्ली: दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने के लिए एक्शन लेना शुरूकर दिया है। उन्होंने खिचड़ीपुर के DDA पार्क का दौरा किया, जहां उन्होंने कब्जा करने वालों को 2 से 3 दिन के भीतर जमीन खाली करने कीचेतावनी दी। नेगी ने इंडिया टीवी से बातचीत में बताया कि इस पार्क पर पिछले 12 साल से कब्जा है और उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व डिप्टी सीएम मनीषसिसोदिया ने इस पार्क पर कब्जा करवाया था। वीडियो में नेगी ने कहा, “या तो जमीन खाली कर दो, नहीं तो बहुत बड़ी कार्रवाई होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्क में चल रहे नशे के कारोबार कोभी बंद करवाना होगा। जब एक व्यक्ति ने अपना नाम अब्दुल रहीम बताया, तो नेगी ने कहा, “अब्दुल भाई, यहां JCB लगा दूंगा, ये सब उठ जाएगा। यह सरकारी जमीन है, किसी की हिम्मत नहीं है कि यहां कब्जा कर ले।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कब्जा नहीं हटाया गया, तो वह जेसीबी बुलाकर कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा, नेगी ने दुकानों पर नाम प्लेट लगाने के अभियान के बारे में भी बात की और कहा, “त्योहारों में नाम प्लेट लगाने में क्या बुराई है? नामछुपाकर दुकान कोई क्यों चलाए?” इस तरह, रविंद्र नेगी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए गंभीर हैं और किसी भी प्रकार के कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

राघव चड्ढा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दिया जवाब, मध्यम वर्ग को गुमराह करने का लगाया आरोप

नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक वीडियो संदेश के माध्यम से जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने वित्त मंत्रीपर मध्यम वर्ग को तकनीकी बातों में उलझाकर गुमराह करने का आरोप लगाया। चड्ढा ने कहा कि यदि किसी की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक होती है, तो उन्हें पूरी आय पर टैक्स देना होगा, न कि केवल अतिरिक्त आयपर। उन्होंने स्पष्ट किया कि 12 लाख रुपये एक टैक्स छूट (rebate) है, जो पूरी तरह से टैक्स से छूट (exemption) नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी की सालाना आय 12.76 लाख रुपये है, तो टैक्स पूरे 12.76 लाख रुपये पर लगेगा, न कि केवल76,000 रुपये पर। सांसद ने यह भी उम्मीद जताई कि वित्त मंत्री अगली बार से निजी हमलों से बचेंगी और मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगी। चड्ढा का यह बयान वित्त मंत्री केहालिया बयानों के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने मध्यम वर्ग के लिए टैक्स छूट की बात की थी।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने उपराज्यपाल से की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली, 14 फरवरी: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को पत्र लिखकर कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशीमार्लेना द्वारा पद के दुरुपयोग और भ्रामक बयानों की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर बिजली कटौती काआरोप लगाकर जनता में भ्रम फैलाया है। सचदेवा ने उपराज्यपाल से अनुरोध किया है कि वे अधिकारियों को निर्देश दें कि वे आतिशी के अनुचित निर्देशों का पालन न करें। उन्होंने कहा किकार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी को भ्रामक बयानों से बचने के लिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पत्र में सचदेवा ने यह भी उल्लेख किया कि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए, आई.टी. विभाग के अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंदकेजरीवाल का निजी सोशल मीडिया खाता बना दिया, जो कि गैर-कानूनी है। उन्होंने उपराज्यपाल से मांग की कि इस डिजिटल लूट को रोका जाएऔर सी.एम.ओ. दिल्ली की सोशल मीडिया पोस्ट को वापस लिया जाए। सचदेवा ने कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि दिल्ली में बिजली कटौती हो रही है, जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंनेउपराज्यपाल से पावर डिस्कॉम को स्थिति स्पष्ट करने के लिए निर्देश देने की अपील की। इस पत्र के माध्यम से सचदेवा ने स्पष्ट किया है कि भाजपा इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और उचित कार्रवाई की मांग कर रही है।

आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- तीन दिन में ही दिल्ली का पावर सेक्टर ध्वस्त

नई दिल्ली, 13 फरवरी 2025: दिल्ली में भाजपा सरकार के आने के बाद बिजली संकट गहरा गया है, जिससे आम लोग और भाजपा के कार्यकर्ताभी परेशान हैं। आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री, आतिशी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहाकि दिल्ली के लिए भाजपा एक बड़ी विपदा बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सत्ता में आने के महज तीन दिनों के भीतर ही दिल्ली कापावर सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हो गया है और लंबे पावर कट की घटनाएं सामने आने लगी हैं।पावर कट की बढ़ती शिकायतेंआतिशी ने बताया कि 8 फरवरी के बाद से दिल्ली के विभिन्न इलाकों से पावर कट की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। मोहन गार्डन, आश्रम, पूर्वीदिल्ली, विकासपुरी और रोहतक रोड समेत कई क्षेत्रों से घंटों बिजली कटौती के बारे में लोगों ने सोशल मीडिया पर शिकायतें की हैं। उन्होंने यह भीकहा कि भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने भी इन शिकायतों का समर्थन किया है, और संगम विहार में छह घंटे तक बिजली नहीं रहने की सूचना दी है। दिल्लीवालों का बढ़ता गुस्साआतिशी ने कहा कि अब दिल्ली के लोग इनवर्टर खरीदने लगे हैं, क्योंकि बिजली संकट के कारण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।उन्होंने बताया कि मयूर विहार जैसे इलाकों में लोग अपनी बेटियों के बोर्ड एग्जाम को ध्यान में रखते हुए इनवर्टर खरीदने पर मजबूर हो गए हैं। इसकेअलावा, भाजपा की सरकार बनने के बाद से कई लोग यह मानने लगे हैं कि उन्होंने चुनाव में गलती की और अब महसूस हो रहा है कि भाजपा कीसरकार में बिजली संकट बढ़ गया है।भाजपा की नाकामी और पावर सेक्टर का ढहनाआतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान दिल्ली में पावर सेक्टर को बहुत ही प्रभावी तरीके से मॉनिटर किया जाता था, जिससे 24 घंटे बिजली आपूर्ति संभव हो पाई थी। लेकिन जैसे ही आप सरकार हटी, दिल्ली के पावर सेक्टर का ढांचा ढह गया। उन्होंने आरोप लगाया किभाजपा को सरकार चलाने का कोई अनुभव नहीं है और भाजपा के शासन में यह स्थिति बहुत ही चिंताजनक हो गई है। उत्तर प्रदेश बनने की ओर दिल्ली?आतिशी ने यह भी कहा कि भाजपा की सरकार ने सिर्फ तीन दिन में ही दिल्ली को उत्तर प्रदेश जैसा बना दिया है, जहां घंटों तक पावर कट लगते हैं।उनका कहना था कि भाजपा के पास ना तो पावर सेक्टर की समझ है और ना ही सरकार चलाने की क्षमता। उन्होंने 1993-98 के दौरान भी भाजपाद्वारा पावर सेक्टर में की गई नाकामी का जिक्र किया और कहा कि भाजपा के 20 राज्यों में भी बिजली संकट जैसी स्थिति बनी हुई है। पावर कट की 40 से ज्यादा शिकायतेंआतिशी ने कहा कि महज तीन दिन में पावर कट की 40 से ज्यादा शिकायतें सामने आ चुकी हैं, और दिल्लीवाले अब महसूस करने लगे हैं कि भाजपाकी सरकार लाने का क्या असर हो सकता है।

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर लालू यादव ने की बड़ी भविष्यवाणी, BJP-JDU का आया जवाब

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कीहै। उनका कहना है कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बावजूद, बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव मेंराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की हार होगी। पत्रकारों द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली विधानसभा में सत्ता से बाहर होने के असर केबारे में पूछे जाने पर, लालू यादव ने कहा, “यहां कोई असर नहीं होगा। बीजेपी सत्ता से बाहर हो जाएगी।” NDA को लेकर लालू यादव की प्रतिक्रियालालू यादव ने यह भी कहा कि बिहार में NDA की जीत की संभावना बेहद कमजोर है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा, “जब तक हम बिहार में हैं, वे यहांसरकार नहीं बना सकते। लोग बीजेपी को जान गए हैं।” उनका कहना था कि बिहार के लोग अब भाजपा के शासन को पहचान चुके हैं और उनकेलिए सत्ता में लौटने का रास्ता कठिन होगा। विजय कुमार सिन्हा का तीखा जवाबलालू यादव के बयान पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “लालू जी हों यानहीं हों, NDA की सत्ता में वापसी तय है।” सिन्हा ने यह भी कहा, “लोगों को अब लालू जी की जरूरत नहीं है। उनके शासनकाल में बिहार में बड़ेपैमाने पर जातिवाद और कुशासन हुआ, जिससे राज्य का नाम खराब हुआ और बिहारी शब्द एक कलंक बन गया।” जेडीयू का लालू यादव पर प्रहारएनडीए गठबंधन में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी लालू यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।उन्होंने कहा, “लालू जी को यह याद रखना चाहिए कि एनडीए ने बिहार में उनके रहते हुए ही सत्ता हासिल की थी और आगे भी वह ऐसा ही करतेरहेंगे।” नीरज कुमार ने कहा, “एनडीए ने 225 सीटों का लक्ष्य रखा है, जो 2010 में मिली सीटों से अधिक है। तब आरजेडी बुरी तरह हारी थी। लालूजी को अपनी चिंता करनी चाहिए, क्योंकि उनकी उम्र अब सार्वजनिक जीवन से संन्यास लेने की है। उनके बेटे तेजस्वी यादव भी उनकी बात नहींसुनते।”

बिहार विधानसभा चुनाव: चिराग पासवान ने किया जीत का दावा, बताया NDA कितनी सीटें जीतेगी

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को मिली प्रचंड जीत के बाद अब एनडीए बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भीउत्साहित है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव में जीत का दावा किया औरभविष्यवाणी की कि एनडीए गठबंधन कितनी सीटें जीतेगा। चिराग पासवान का दावा: बिहार में भी दिल्ली जैसा परिणामचिराग पासवान ने कहा कि एनडीए को दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली जीत से वे बेहद प्रेरित हैं और इस जीत का प्रभाव बिहार विधानसभा चुनावपर भी दिखेगा। उन्होंने कहा, “दिल्ली में एनडीए को जो नतीजे मिले हैं, हमें इस पर गर्व है। हम बिहार चुनाव के लिए हाई नोड पर चार्ज होकर जा रहेहैं। 27 साल बाद दिल्ली में एनडीए की सरकार बनी है और हम बिहार में भी वही परिणाम देखेंगे।” 225 से ज्यादा सीटों पर जीत का दावाचिराग पासवान ने आगे कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को 225 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के गठबंधन का संयोजन मजबूत है, और वे बिहार में सरकार बनाएंगे। गिरिराज सिंह का भी समर्थनकेंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी बिहार में एनडीए की जीत का विश्वास जताया। उन्होंने कहा, “बिहार में राजग की सरकार है और राजग की सरकार हीबनेगी।” गिरिराज सिंह का यह बयान बिहार में एनडीए के मजबूत गठबंधन को और समर्थन देता है। एनडीए का गठबंधनबिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं, और एनडीए में भाजपा, जदयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चाऔर राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। ये सभी दल मिलकर राज्य में चुनावी मैदान में उतरेंगे।

डिनर डिप्लोमैसी से महाराष्ट्र में बढ़ी सियासी हलचल, क्या टूट जाएगी उद्धव की शिवसेना, जानें क्या बोले उदय सामंत?

मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेजी से बढ़ रही है और सबसे बड़ा संकट उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के सामने आ खड़ा हुआ है। दिल्ली मेंचल रही डिनर डिप्लोमैसी ने उद्धव ठाकरे की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच, शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने आज राहुल गांधी से मुलाकातकी। शरद पवार और एकनाथ शिंदे को लेकर बढ़ी तकरारमहाराष्ट्र में विपक्षी दलों के गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) में उथल-पुथल मच गई है, खासकर जब शरद पवार ने एकनाथ शिंदे को‘महादजी शिंदे राष्ट्र गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया। इसके बाद, शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच तनाव और भी बढ़ गया है। शिंदेगुट पहले ही “ऑपरेशन टाइगर” का ऐलान कर चुके हैं, और उनका दावा है कि धीरे-धीरे कई लोग सामने आएंगे और वे हमारे साथ जुड़ेंगे। उदय सामंत का दावाफडणवीस सरकार में मंत्री और एकनाथ शिंदे गुट के नेता उदय सामंत ने कहा, “कुछ लोग अभी छिपे हुए हैं, लेकिन समय आने पर वे हमारे साथआएंगे।” उनका यह बयान संकेत देता है कि शिंदे गुट में और भी लोग जुड़ सकते हैं, जिससे उद्धव ठाकरे की शिवसेना में और बिखराव हो सकता है। आदित्य ठाकरे की राहुल गांधी से मुलाकातशरद पवार के एकनाथ शिंदे को सम्मानित करने के बाद, शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इसमुलाकात के दौरान, दोनों नेताओं ने चुनावी मुद्दों और निर्वाचन आयोग से जुड़े आरोपों पर चर्चा की। आदित्य ठाकरे ने कहा कि वे ऐसे लोगों कोसम्मानित नहीं कर सकते जो महाराष्ट्र विरोधी हैं, और शरद पवार के इस कदम को वे अपने सिद्धांतों के खिलाफ मानते हैं। एकनाथ शिंदे की गद्दारी और एमवीए गठबंधन की हालतउद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना धड़े ने एकनाथ शिंदे को “गद्दार” करार दिया था, और शरद पवार के पुरस्कार से सम्मानित करने पर हैरान भी हुएहैं। पिछले साल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति (भा.ज.पा., शिवसेना शिंदे गुट, और एनसीपी के अजित पवार धड़ा) ने 288 सदस्यीय सदन में235 सीटें जीतीं, जबकि विपक्षी एमवीए को 50 सीटें ही मिल पाईं। यह जीत एमवीए के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई, क्योंकि राज्य मेंलोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद वे फिर से जीत की उम्मीद कर रहे थे। क्या टूटेगी उद्धव की शिवसेना?दिल्ली की डिनर डिप्लोमैसी और शरद पवार के एकनाथ शिंदे को सम्मान देने के बाद महाराष्ट्र की सियासत में जो हलचल मची है, उससे यह संभावनाजताई जा रही है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना में और टूट हो सकती है। अब यह देखना होगा कि शिवसेना के भीतर क्या घटनाक्रम होते हैं और क्यापार्टी में कोई और बगावत सामने आती है।

जामिया नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, जानें क्या हैं आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के ओखला सीट से विधायक अमानतुल्लाह खान आज जामिया नगर पुलिस थाने पहुंचे। दरअसल, दिल्ली की एकअदालत ने उनकी गिरफ्तारी को फिलहाल रोकते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहलेकहा था कि अमानतुल्लाह खान से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा था और वे पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। अदालत के आदेश के बादअमानतुल्लाह खान ने बयान दिया कि वह कहीं भागे नहीं हैं और न ही गायब हुए हैं। उन्होंने कहा, “मैं आज पुलिस जांच में शामिल हो रहा हूं।” खान नेयह भी सवाल किया कि दिल्ली पुलिस उन्हें क्यों गिरफ्तार करेगी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दी राहतराउज एवेन्यू कोर्ट ने आज अमानतुल्लाह खान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर 24 फरवरी तक रोक लगा दी। अदालतने खान को निर्देश दिया कि वे आज शाम से ही जांच में शामिल हो जाएं। इस दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या उस समय की कोई सीसीटीवीफुटेज उपलब्ध है? पुलिस ने जवाब दिया कि उस समय बिजली चली गई थी। जब कोर्ट ने पूछा कि क्या पुलिस ने मोबाइल पर वीडियो बनाई थी, तो पुलिस ने इसे नकारा किया। क्या हैं आरोप?अमानतुल्लाह खान पर आरोप है कि 10 फरवरी को जब पुलिस एक अपराधी को पकड़ने के लिए जामिया नगर इलाके में आई थी, तो उन्होंने वहांभीड़ का नेतृत्व किया था। इस मामले में केस दर्ज होने के बाद से पुलिस अमानतुल्लाह खान की तलाश कर रही थी। इसके बाद, खान ने दिल्ली कीराउज एवेन्यू कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी से संरक्षण देने की मांग की थी। अमानतुल्लाह खान का कहनाहै कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं।

राज्यसभा में वक्फ बिल पर पेश की गई जेपीसी रिपोर्ट, खरगे बोले- ‘फर्जी रिपोर्ट नहीं मानेंगे’, नड्डा ने किया पलटवार

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक पर आधारित जेपीसी रिपोर्ट आज राज्यसभा में पेश की गई। रिपोर्ट सदन में रखते ही विपक्षी दलों ने विरोधजताना शुरू कर दिया और कुछ सदस्य वेल तक पहुँच गए। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड सेसंबंधित जेपीसी रिपोर्ट में कई विपक्षी सदस्यों की असहमति को जानबूझकर हटा दिया गया है। खड़गे ने कहा, “हम फर्जी रिपोर्ट को स्वीकार नहींकरेंगे।” खड़गे का हमला सरकार परमल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में बयान दिया, “जेपीसी में हमारे विचारों को दबाना लोकतंत्र विरोधी है। असहमति को हटाकर पेश की गई रिपोर्ट कोमैं पूरी तरह से निंदा करता हूँ। अगर रिपोर्ट में असहमति के विचार शामिल नहीं हैं, तो इसे वापस भेजकर दोबारा पेश किया जाना चाहिए।” खड़गे नेआरोप लगाया कि सरकार ने विपक्षी सुझावों को नजरअंदाज किया है। संजय सिंह ने उठाए आरोपआम आदमी पार्टी के सांसद और जेपीसी के सदस्य संजय सिंह ने भी आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड से संबंधित रिपोर्ट में विपक्ष के विचारों कोजानबूझकर हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने विपक्ष के सुझावों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है। नड्डा ने किया पलटवारविपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा, “जेपीसी में विपक्ष के सुझावों को हटाया नहीं गयाहै। विपक्ष का उद्देश्य सदन में चर्चा करना नहीं था, बल्कि अपने वोट बैंक के लिए संख्या बढ़ाना था।” नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्ष तुष्टिकरण कीराजनीति कर रहा है। किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों का किया खंडनकेंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “मैंने विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच की है। रिपोर्ट से कोई भी बात नहीं हटाई गई है। विपक्ष बेवजह मुद्दा बनारहा है, जिनका कोई तथ्य नहीं है।” रिजिजू ने स्पष्ट किया कि जेपीसी ने सभी नियमों का पालन करते हुए कार्यवाही की। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्टके परिशिष्ट में सभी असहमति नोट्स शामिल हैं और विपक्ष का दावा गलत है। संजय सिंह का बयानसंजय सिंह ने सदन से बाहर निकलने के बाद कहा, “मैं जेपीसी का सदस्य था और यह दुखद है कि विपक्ष के नेताओं द्वारा जो विरोध दर्ज किया गया, वह रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया। लोकतंत्र में विभिन्न पार्टियों को अपनी राय देने का अधिकार है, लेकिन इस रिपोर्ट में विपक्षी विचारों कीअनदेखी की गई। भविष्य में ये लोग गुरुद्वारा, मंदिर और चर्च की ज़मीनों पर कब्जा करने के लिए इसी तरह के बिल लाएंगे।”