‘मुस्लिमों से ‘वक्फ’ को छीनने के लिए विधेयक लाया जा रहा’, असदुद्दीन ओवैसी का आरोप

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा में पेश की गई। इसदौरान विपक्षी दलों ने विरोध जताया और भारी हंगामा किया। JPC के अध्यक्ष, जगदंबिका पाल ने लोकसभा में रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा।विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि उनकी असहमति को रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है। इस मुद्दे पर AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीनओवैसी ने भी कड़ा विरोध व्यक्त किया और इसे असंवैधानिक करार दिया। ओवैसी का बयानAIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “वक्फ संशोधन विधेयक असंवैधानिक है। यह वक्फ को बचाने के लिए नहीं, बल्कि मुस्लिमों से वक्फको छीनने के लिए लाया जा रहा है। इसका उद्देश्य वक्फ को नष्ट करना है। हम इस विधेयक की आलोचना करते हैं।” ओवैसी ने आगे कहा कि यहविधेयक संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 29 का उल्लंघन करता है। उन्होंने इस विधेयक की कड़ी निंदा की।डिंपल यादव और अवधेश प्रसाद का विरोधसमाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने वक्फ संशोधन विधेयक और JPC रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारे द्वारा दिए गएसुझावों को पूरी तरह से नकारा गया है। देश को आज किसानों और रोजगार की समस्या का सामना है, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिएइस तरह के विधेयक लेकर आ रही है। इस बजट में किसानों के लिए कोई योजना नहीं है, और इसलिए इस बिल को चर्चा से बचने के लिए पेशकिया गया है। हम न केवल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, बल्कि इसका बहिष्कार भी किया है।” सपा की सांसद डिंपल यादव ने कहा, “विपक्षी सदस्यों द्वारा दी गई असहमति नोट को वक्फ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया। सरकारमनमाने तरीके से यह विधेयक पेश कर रही है। वे जानबूझकर सत्र के आखिरी दिन इस विधेयक को लेकर आए हैं, ताकि ध्यान भटकाया जा सके।”
यूपी कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय राय ने योगी सरकार पर किया तीखा हमला, कहा- अल्पसंख्यकों के खिलाफ प्रशासन का दुरुपयोग हो रहा

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता में योगी आदित्यनाथ की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश की सामाजिक समरसता, भाईचारा और कानून व्यवस्था को योगी सरकार पूरी तरह से नष्ट करने में लगी हुई है। उनका आरोप हैकि सरकार अपनी नाकामी को छुपाने के लिए पूरे प्रदेश में विशेष रूप से मुसलमानों के खिलाफ एक नकारात्मक माहौल बना रही है और प्रशासनिकढांचे का दुरुपयोग करके उनके धार्मिक स्थानों को नुकसान पहुंचा रही है। अजय राय ने यह भी कहा कि यह सुनियोजित कार्यवाही पहले उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो चुकी है, जैसे कि बहराइच, संभल और अबकुशीनगर में। उन्होंने कहा कि हाल ही में, 9 फरवरी को कुशीनगर जिले के हाटा नगर पंचायत में स्थित मदनी मस्जिद को बिना नोटिस के गिरा दियागया। राय ने आरोप लगाया कि यह कार्यवाही जानबूझकर रविवार (9 फरवरी) को की गई ताकि मस्जिद कमेटी को कोर्ट जाने का अवसर न मिलसके, क्योंकि 8 फरवरी को हाईकोर्ट के स्टे आदेश की मियाद समाप्त हो रही थी और 9 फरवरी को कोर्ट बंद था। उन्होंने यह भी कहा कि मस्जिद कोगिराने के लिए 1 दर्जन बुलडोजर का उपयोग किया गया और यह कार्यवाही बिना किसी पूर्व चेतावनी के की गई। पूर्व मंत्री ने बताया कि मस्जिद के गिराए जाने से पहले, वहां चल रहे मदरसे में पढ़ रहे बच्चों को भी निकालने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने यह भीबताया कि पूरे हाटा को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था ताकि यह तानाशाही कार्यवाही पूरी की जा सके। राय के अनुसार, यह सब एकसुनियोजित योजना का हिस्सा था जिसमें हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व पदाधिकारी राम बचन सिंह का नाम भी सामने आया, जो कि इस जमीन से या पूरेमामले से किसी भी तरह से जुड़े नहीं थे, फिर भी उनके खिलाफ शिकायत की गई और प्रशासन ने बिना किसी वैध कारण के जांच शुरू कर दी। अजय राय ने यह भी दावा किया कि प्रशासन झूठ बोलकर और तथ्यों को छुपाकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। मस्जिद कमेटी के लोगोंने बताया कि प्रशासन को जो भी नोटिस दिए गए थे, उनका जवाब समय पर और पूरी तरह से दिया गया था, लेकिन फिर भी सरकार ने पूर्वाग्रह सेग्रसित होकर इस कार्यवाही को अंजाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार का मुख्य उद्देश्य धार्मिक तुष्टिकरण कर वोट की राजनीति करनाहै। कांग्रेस नेता ने कुशीनगर की जनता की सराहना करते हुए कहा कि इस घटना के बावजूद उन्होंने आपसी भाईचारे को बनाए रखा और इस संघर्ष कोकानूनी तरीके से लड़ने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस संघर्ष में पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने परहर कदम पर उनका साथ देगी। प्रेस वार्ता में कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिनमें मीडिया विभाग के चेयरमैन और पूर्व मंत्री डॉ. सीपी राय, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नसीमुद्दीनसिद्दीकी, मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष वास्तव हिंदवी और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुधांशु बाजपेई शामिल थे।
‘मैं कहीं नहीं भागा हूं’: विधायक अमानतउल्ला खान ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा, लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली, 12 फरवरी: ओखला से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अपनेखिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमानतुल्लाह खान ने कहा है कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र में हैं और कहीं नहीं भागे हैं।उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारी उन्हें झूठे मामले में फंसा रहे हैं। झूठे मामले में फंसा रही है पुलिसअमानतुल्लाह खान ने अपने पत्र में यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने आई थी, जिसे पहले ही जमानत मिल चुकी थी।जब उस व्यक्ति ने अपने कागजात पुलिस को दिखाए, तो पुलिस ने अपनी गलती छिपाने के लिए उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया। पुलिस का बयान: हमें कोई पत्र नहीं मिलादिल्ली पुलिस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है, और कहा है कि उन्हें अब तक विधायक की तरफ से कोई पत्र या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिसने बताया कि उनकी टीम विधायक की तलाश कर रही है, और अमानतुल्लाह खान के घर एक नोटिस भी सर्व किया गया है। पुलिस के अनुसार, खानको कोर्ट द्वारा प्रो क्लेम ऑफंडर घोषित किया गया था, और अगर उन्हें कोर्ट का कोई कागज दिखाना था, तो वह पुलिस स्टेशन पर जाकर दिखा सकतेथे। गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जारीजानकारी के अनुसार, अमानतुल्लाह खान की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली, राजस्थान, और उत्तर प्रदेश में एक दर्जन से अधिक जगहों पर पुलिस नेछापेमारी की है। पुलिस का कहना है कि विधायक का फोन बंद है, और वह अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दिल्ली पुलिस ने मेरठ में भी कईजगहों पर छापेमारी की है। पुलिस ने दावा किया है कि वह विधायक को जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी। मकोका की संभावनाअमानतुल्लाह खान पर मकोका (मुकदमा प्रवृत्त अपराधों से निपटने के लिए लागू कानून) लगाने की संभावना है। उनके खिलाफ पहले ही 25 मामलेदर्ज हो चुके हैं, और हाल ही में जामिया नगर में एक पुलिस टीम पर हमले और अधिकारियों को धमकाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस नेभारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पूरा मामला क्या था?यह घटना 10 फरवरी को दोपहर लगभग 3 बजे हुई, जब दिल्ली क्राइम ब्रांच की एक टीम 2018 के हत्या के प्रयास के आरोपी शावेज खान कोगिरफ्तार करने के लिए जामिया नगर के जोगाबाई एक्सटेंशन पहुंची। एफआईआर के अनुसार, विधायक और उनके समर्थकों ने न केवल पुलिस कोधमकाया, बल्कि यह भी कहा कि वे अदालतों या कानून को महत्व नहीं देते। स्थिति तब और बिगड़ गई जब उन्होंने कथित तौर पर शावेज खान को लेजाने से पहले पुलिस टीम को धक्का दिया और धक्का-मुक्की की। इस घटना के बाद से अमानतुल्लाह खान लापता हैं, और पुलिस उन्हें पूछताछ केलिए तलाश कर रही है।
प्रशांत किशोर का बड़ा बयान: नीतीश कुमार नवंबर 2025 के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे

नई दिल्ली, 12 फरवरी: जन सुराज पार्टी के प्रमुख और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा बयान दियाहै। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि अक्टूबर या नवंबर 2025 में होने वाला आगामी चुनाव बेहद चौंकाने वाला होगा। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार को लेकर कहा कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुके हैं और नवंबर 2025 के बाद वे मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। यह बयान उन्होंनेइंडिया टुडे टीवी के साथ एक विशेष बातचीत में दिया। शारीरिक और मानसिक थकावट के बाद नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ने का संकेतप्रशांत किशोर ने कहा कि चाहे बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन चुनाव जीतें या हारें, नवंबर 2025 के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्रीनहीं रहेंगे। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार शारीरिक रूप से थक चुके हैं और मानसिक रूप से रिटायर हो चुके हैं। वह अब अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों औरउनके विभागों का नाम भी ठीक से नहीं बता पा रहे हैं। उनका शरीर और मानसिक स्थिति इस स्थिति में नहीं है कि वे कोई बड़ा राजनीतिक प्रयास करसकें।” नीतीश कुमार केवल “मुखौटा” बनकर रह गए हैंप्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि बिहार में एनडीए गठबंधन फिलहाल बीजेपी के रहमोकरम पर है और नीतीश कुमार अब केवल “मुखौटा” बनकर रहगए हैं। उन्होंने कहा, “जब सीटों का बंटवारा होगा तो जेडीयू 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन अगर 2025 में एनडीए बिहार में जीत भीजाती है, तो अगले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं होंगे। बीजेपी अपना मुख्यमंत्री खुद बनाएगी।” बीजेपी की स्थिति बिहार में कमजोरप्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में बीजेपी इतनी मजबूत नहीं है कि वह अकेले राज्य की राजनीति का फैसला कर सके। उन्होंने उदाहरण के तौर पर2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए 5 उपचुनावों का जिक्र किया, जिसमें एनडीए ने 4 सीटें खो दी थीं। उन्होंने कहा, “बिहार में दो-तिहाई लोगबदलाव चाहते हैं, चाहे वे आरजेडी के मतदाता हों या एनडीए के।” बिहार की राजनीति और मुद्दे अलगप्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि बीजेपी ने भले ही हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनाव जीत लिए हों, लेकिन बिहार की राजनीति और मुद्देअलग हैं। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र और हरियाणा में जीत से बीजेपी कार्यकर्ताओं का मनोबल भले ही ऊंचा हो, लेकिन बिहार की राजनीति और इसकेमुद्दे अलग हैं। यहाँ बीजेपी की ताकत अलग है। केवल एक बार बीजेपी ने 243 सीटों में से 150 सीटों पर चुनाव लड़ा है, जबकि आम तौर पर वे100 से कम सीटों पर लड़ते हैं।”
मायावती ने भतीजे आकाश आनंद के ससुर डॉ. अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निकाला, गंभीर आरोप लगाए

लखनऊ, 12 फरवरी: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर, डॉ. अशोक सिद्धार्थ को पार्टी सेनिष्कासित कर दिया है। यह कदम पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उठाया गया है। डॉ. अशोक सिद्धार्थ मायावती के रिश्तेदार हैं और वे रिश्ते मेंसमधि लगते हैं। पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासनमायावती ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. अशोक सिद्धार्थ को बसपा से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप सेदक्षिणी राज्यों के प्रभारी रहे डॉ. अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद नितिन सिंह और मेरठ के ज़िला प्रभारी को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने केकारण तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया गया है। इन नेताओं को पहले भी गुटबाजी और अन्य पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए चेतावनीदी गई थी, लेकिन उन्होंने सुधार की कोशिश नहीं की। चेतावनी के बावजूद पार्टी विरोधी गतिविधियांपार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, मायावती ने बुधवार को कार्रवाई से पहले दोनों नेताओं को चेतावनी दी थी। डॉ. अशोक सिद्धार्थ मायावती के भतीजेआकाश आनंद के ससुर हैं और कई दक्षिणी राज्यों में पार्टी के प्रभारी रह चुके हैं। नितिन सिंह को हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आकाश केसाथ तैनात किया गया था। सरकारी नौकरी छोड़कर बसपा में शामिल हुए थे डॉ. सिद्धार्थगौरतलब है कि डॉ. अशोक सिद्धार्थ राजनीति में आने से पहले सरकारी नौकरी में थे। उन्होंने सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर बसपा में शामिल होने कानिर्णय लिया। मायावती ने उन्हें पहले एमएलसी बनाया और फिर 2016 में राज्यसभा सांसद बना दिया। उनका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआथा। डॉ. सिद्धार्थ की पत्नी यूपी महिला आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं, और मायावती का उनके परिवार से गहरा रिश्ता था।
कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू, लोकसभा चुनाव 2029 की तैयारी

नई दिल्ली, 12 फरवरी: कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन में बड़े फेरबदल की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बदलाव आगामी लोकसभा चुनाव 2029 कीतैयारियों के तहत किया जा रहा है, जबकि इस साल के अंत में बिहार और अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टीअपने संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। संगठन में बदलाव की योजनासूत्रों के मुताबिक, पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल अपनी पद पर बने रहेंगे, जबकि बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना औरअसम जैसे राज्यों में प्रभारी बदले जा सकते हैं। इसके अलावा, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार और उत्तराखंड राज्यों के अध्यक्षों में भीबदलाव किया जा सकता है। एक और महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में पार्टी प्रभारी मोहन प्रकाश को संगठन से छुट्टी दी जा सकती है। नई जिम्मेदारियांकांग्रेस पार्टी संगठन में कुछ नए चेहरे भी लाने की योजना बना रही है। भूपेश बघेल को महासचिव के तौर पर संगठन में शामिल किया जा सकता है, वहीं मीनाक्षी नटराजन, सचिन राव, अजय कुमार लल्लू, वामशी रेड्डी और कृष्णा अलावुरु जैसे नेताओं को संगठन में नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकतीहैं। विधानसभा चुनावों में हार का असरपार्टी की हालिया हार, खासकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में, ने इसे अपनी रणनीतियों और संगठन को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता महसूसकरवाई है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और अन्य राज्यों में भी हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है।ऐसे में लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए संगठनात्मक फेरबदल की यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोला, पूछा – क्या व्यापारिक हित देश की सुरक्षा से बड़ा है?

नई दिल्ली, 12 फरवरी: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। प्रियंका ने प्रधानमंत्रीमोदी से पूछा कि क्या उनके ‘मित्र’ को देश के सारे संसाधन सौंपने का सिलसिला इस हद तक बढ़ चुका है कि अब सीमा सुरक्षा के नियम भी बदले जारहे हैं? अडानी के लिए सीमा सुरक्षा नियमों में बदलावप्रियंका गांधी ने अपनी बयानबाजी में कहा कि हाल ही में अडानी ग्रुप द्वारा स्थापित एनर्जी पार्क के लिए भारत की सीमा सुरक्षा के नियमों में बदलावकिया गया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सेना के सीनियर अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा और निगरानी कार्यों में आने वाली बाधाओं को लेकरअपनी आशंका जताई थी, लेकिन उनकी इन चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया गया। प्रियंका ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के मित्रको सस्ती जमीन और व्यापारिक लाभ देने के लिए सेना की सुरक्षा जिम्मेदारियों को मुश्किल और संवेदनशील बनाया जा रहा है। देश की सुरक्षा से बड़ा व्यापारिक हित?प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया, “क्या एक व्यक्ति का व्यापारिक हित देश की सुरक्षा के सवाल से भी बड़ा है?” उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगायाकि यह कदम देश की सुरक्षा से समझौता करने जैसा है, ताकि व्यापारिक लाभ और निजी हितों को प्राथमिकता दी जा सके।
दिल्ली-भाजपा अध्यक्ष ने संत शिरोमणी रविदास जी के जन्मोत्सव पर पुष्पांजलि अर्पित की

नई दिल्ली, 12 फरवरी: संत शिरोमणी रविदास जी के जन्मोत्सव के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने नई दिल्ली केकरोलबाग स्थित रविदास मंदिर में पूजा अर्चना की। उन्होंने यहां पुष्पांजलि अर्पित करके समाज के सभी एकत्रित जनों को शुभकामनाएं दीं। भाजपा अध्यक्ष के साथ शामिल हुए कई प्रमुख नेताइस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंतगौतम, सांसद योगेन्द्र चंदोलिया, सु. बाँसुरी स्वराज, पूर्व विधायक राजकुमार आनंद और अन्य गणमान्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। शुभकामना संदेश और आभारभा.ज.पा. अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मंदिर की श्रद्धालु पुस्तिका में संत रविदास जी के अनुयायियों को शुभकामना संदेश लिखा और उपस्थित समाजजनों को भी शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं और उनके विचार किसी एक समाज तक सीमित नहींहैं। वे सर्व समाज के हितैषी थे। उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संत रविदास जी की जयंती परसार्वजनिक अवकाश घोषित किया। भाजपा नेतृत्व का आभारवीरेंद्र सचदेवा ने इसे भाजपा के नव निर्वाचित नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए दिल्ली की जनता के बीच संत रविदास जी के योगदान को सम्मानितकिया।
कौन बनेगा दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री? जानिए 16 फरवरी को I क्या हो सकता है फैसला ?

दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल का जवाब 16 फरवरी को मिल सकता है। खबरों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) 16 फरवरी को अपनी विधायक दल की बैठक आयोजित करेगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जा सकता है।मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चित नामदिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है, जिनमें परवेश वर्मा, वीरेंद्र सचदेवा, और विजेंद्र गुप्ता शामिल हैं। इसके अलावा, बीजेपी महिला मुख्यमंत्री की नियुक्ति करने पर भी विचार कर रही है, अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली को चौथी महिला मुख्यमंत्री मिलेगी। बीजेपी नेताओं की बैठक और विचार–विमर्शभा.ज.पा. अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को इस मुद्दे पर बैठक की थी। इससे पहले, शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहितवरिष्ठ नेताओं ने बीजेपी मुख्यालय पर इस मामले पर चर्चा की थी। एमपी–राजस्थान मॉडल को ध्यान में रखते हुएबीजेपी के इतिहास को देखें तो पार्टी ने कम प्रसिद्ध नेताओं को चुना है, जैसे मध्य प्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में भजनलाल शर्मा, और ओडिशा मेंमोहन चरण माझी। इन फैसलों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया था। ऐसे में दिल्ली में भी पार्टी इसी रुझान को आगे बढ़ा सकती है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का बयानदिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी नवनिर्वाचितविधायक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणामदिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर जीत हासिल की, जिससे वह 27 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाने जा रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) को इस चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ, उसने केवल 22 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के जोखिम और अवसरों पर जताई चिंता, विश्व नेताओं से किया आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पेरिस में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े संभावित खतरों, जैसे किडीपफेक और गलत सूचना पर ध्यान आकर्षित किया और विश्व नेताओं से इस तकनीक को लोकतांत्रिक बनाने तथा लोगों को कुशल बनाने की अपीलकी। लोकल पारिस्थितिकी तंत्र में एआई का समावेश जरूरीप्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मेलन में जोर दिया कि तकनीक को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में समाहित करना चाहिए और इसके द्वारा उत्पन्न होने वालीसाइबर सुरक्षा समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उनका कहना था कि इसे अधिक जन-केंद्रित बनाना चाहिए और विश्वास और पारदर्शिता कोबढ़ाने के लिए ओपन सोर्स सिस्टम को विकसित किया जाना चाहिए। विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ओपन सोर्स का विकास करेंप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें ऐसे ओपन सोर्स सिस्टम विकसित करने चाहिए जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा दें। हमें पक्षपाती से मुक्तक्वालिटी डेटा सेंटर बनाने चाहिए और तकनीक को लोकतांत्रिक बनाना चाहिए। साथ ही, हमें साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीपफेक जैसीसमस्याओं का समाधान करना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक को स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में निहित करने से वह ज्यादा प्रभावी औरउपयोगी बनेगी। बेरोजगारी के खतरे से निपटने के लिए कौशल प्रदान करना जरूरीप्रधानमंत्री मोदी ने एआई के कारण उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे बड़ा व्यवधाननौकरियों का नुकसान होगा, हालांकि इतिहास ने यह साबित किया है कि तकनीक की वजह से काम गायब नहीं होता, बल्कि उसकी प्रकृति बदलजाती है। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमें एआई-संचालित भविष्य के लिए अपने लोगों को कौशल प्रदान करने और पुनः कौशल प्रदान करने में निवेश करनेकी आवश्यकता है।” सभी के लिए एआई की पहुंच सुनिश्चित करनाप्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि एआई की पहुंच को सुनिश्चित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह लाखों लोगों के जीवन को बदल सकता है और स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में सुधार कर सकता है। भारत की डिजिटल सार्वजनिक ढांचे में सफलताप्रधानमंत्री मोदी ने भारत द्वारा डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के निर्माण में मिली सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने 1.4 बिलियनसे अधिक लोगों के लिए बहुत कम लागत पर एक सफल डिजिटल सार्वजनिक ढांचा स्थापित किया है, जो एक खुले और सुलभ नेटवर्क पर आधारितहै। पीएम मोदी ने कहा, “हमारे पास दुनिया के सबसे बड़े एआई प्रतिभा पूल में से एक है और हम एआई को अपनाने और डेटा गोपनीयता परतकनीकी-कानूनी समाधानों में अग्रणी हैं।” एआई शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहे पीएम मोदीप्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के साथ सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। वे फ्रांस की अपनी यात्रा के दौरान परमाणुफ्यूजन रिसर्च में महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, ITER परियोजना का दौरा भी करेंगे। साथ ही, भारतीय सैनिकों को सम्मानित करने के लिए मजारग्यूज़युद्ध कब्रिस्तान भी जाएंगे। पीएम मोदी 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे, और उसके बाद अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे।