अमानतुल्लाह खान पर केस दर्ज, पुलिस जांच में सहयोग न करने का आरोप

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और ओखला विधानसभा सीट से विधायक अमानतुल्लाह खान की मुश्किलें अब बढ़ सकती हैं। उनके समर्थकों परएक आरोपी को पुलिस की कस्टडी से छुड़वाने का आरोप लगा है। इस मामले में डीसीपी साउथ ईस्ट, रवि कुमार सिंह ने बताया कि, “सूचना मिलनेके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम एक अपराधी को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान अमानतुल्लाह खान अपने समर्थकोंके साथ पहुंचे और अपराधी शावेज खान को भागने में मदद की। इसके बाद अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों के खिलाफ संगठित अपराध कीधाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। हम अमानतुल्लाह खान से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और वह जांच में भी सहयोग नहीं कर रहे हैं।” एफआईआर दर्ज, पुलिस कार्रवाई जारीडीसीपी ने बताया कि अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इसमामले में करीब 20 लोग शामिल थे और पुलिस टीम की जांच जारी है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि, “हम कोशिश कर रहे हैं कि हम उनसे संपर्ककर सकें और जांच को आगे बढ़ा सकें।” बताया गया है कि क्राइम ब्रांच की टीम पर हमला किया गया था और हत्या के प्रयास में शामिल आरोपी कोछुड़ा लिया गया था। क्या है पूरा मामला?यह घटना दिल्ली के जामिया नगर इलाके की है, जहां क्राइम ब्रांच की टीम शावेज खान को गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी। शावेज खान पर हत्याके प्रयास का आरोप था। आरोप है कि अमानतुल्लाह खान के समर्थकों ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुनील कालखंडे की टीम पर हमला किया औरआरोपी को छुड़ा लिया। इसके अलावा, यह भी कहा जा रहा है कि अमानतुल्लाह खान भी मौके पर मौजूद थे, और उनकी मौजूदगी में पुलिसकार्यवाही में रुकावट डाली गई, जिससे आरोपी फरार हो गया।
स्वाती मालीवाल का अरविंद केजरीवाल पर बड़ा आरोप, पंजाब को निजी एटीएम समझने का आरोप

दिल्ली चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। अबउन पर राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्वाती मालीवाल ने कहा कि पंजाब को अब कुछ लोग निजी एटीएम की तरहसमझने लगे हैं। पंजाब में भगवंत मान की सरकार होने के बावजूद, मालीवाल ने पंजाब के लोगों और विधायकों के बीच बढ़ती नाराजगी को लेकरचिंता जताई। स्वाती मालीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनेकरीबी सहयोगी विभव कुमार को भगवंत मान का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है, जिसे मालीवाल ने “गुंडा” करार दिया। मालीवाल ने यह भीसवाल उठाया, “क्या पंजाब से लूटी गई रकम अब दिल्ली में जा रही है?” इसके साथ ही मालीवाल ने पूछा, “पंजाब ने जब अरविंद केजरीवाल कोअपना जनादेश दिया था, तो उन्होंने पंजाब के लिए क्या किया?” पंजाब में भ्रष्टाचार का आरोपस्वाती मालीवाल ने कहा, “आज पंजाब में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। यहां अवैध बालू खनन हो रहा है, ट्रांसफर और पोस्टिंग में भ्रष्टाचार हो रहा है।पंजाब के लोग और कई विधायक इस स्थिति से गुस्से में हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल, दिल्ली में अपनी हार के बाद, पंजाब में अपनी राजनीति को जिंदा रखने के लिए वहां जाने की योजना बना रहे हैं। पंजाब में असंतोष की अटकलें तेजदिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘आप’ की हार के बाद पंजाब में पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। कई राजनीतिक नेताओं का मानना हैकि पंजाब में ‘आप’ की सरकार गिर सकती है। बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि पंजाब में ‘आप’ की सरकार कभी भी गिरसकती है और अरविंद केजरीवाल कभी भी चुनाव नहीं जीत पाएंगे। इससे पहले कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी बयान दिया था कि पंजाब में मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं।उनका कहना था कि दिल्ली में हार के बाद ‘आप’ के विधायक बड़ी संख्या में पार्टी छोड़ सकते हैं। रंधावा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मानलंबे समय से दिल्ली के संपर्क में हैं, जो भविष्य में पंजाब के लिए हानिकारक हो सकता है।
पं. दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की

नई दिल्ली, 11 फरवरी: भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश, दिल्ली भाजपा के सांसदों, विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्क में स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पितकी। इस मौके पर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, महामंत्री और सांसद योगेंद्र चंदोलिया, महामंत्री विष्णु मित्तल, सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व प्रदेशअध्यक्ष और मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय, रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टरहर्षवर्धन, नव निर्वाचित विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष मती सुनीता कांगड़ा ने की।वी. सतीश ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की शख्सियत को किया यादवी. सतीश ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विशाल व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा, “पं. दीनदयाल उपाध्यायका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि उनके पास जाने से ही लोगों में चारित्रिक परिवर्तन आना स्वाभाविक था।” उन्होंने बताया कि 1925 में जबसंघ की स्थापना हुई, तब शायद ज्यादा लोग इसे नहीं जानते थे, लेकिन आज अगर हम कम्युनिस्ट पार्टी के विचारों को देखें, तो हमें उसे माइक्रोस्कोपसे देखना पड़ेगा। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने हमेशा सही रास्ते पर चलने की बात की थी, और यही रास्ता आज भी भाजपा का मार्गदर्शन कर रहा है।दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकता‘ और ‘अंत्योदय‘ का विचारवी. सतीश ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का विचार टुकड़ों में नहीं था। वह एकता की बात करते थे, और इसी विचार को उन्होंने आगे बढ़ाया।उन्होंने नॉन-कांग्रेस के विचार की शुरुआत की, जो आगे चलकर श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के रूप में सफल साबितहुआ। साथ ही, उन्होंने ‘हर हाथ को काम, हर खेत को पानी’ का नारा दिया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी योजनाओं के माध्यम से पूरे देश में लागूकिया। सतीश ने कहा, “आज भारत जिस प्रकार से आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्यरखा है, यह भी पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का ही परिणाम है।” दिल्ली में भाजपा के लिए चुनौतीवी. सतीश ने दिल्ली में भाजपा की बढ़ती चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “दिल्ली में जहां एक तरफ झुग्गियों में लोग रहते हैं, वहीं दूसरीतरफ गंदा पानी पीना पड़ता है। हमें इन चुनौतियों का सामना करते हुए अंत्योदय के विचार को दिल्ली में लागू करना होगा, ताकि हम पं. दीनदयालउपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।” कार्यक्रम का समापन प्रदेश मंत्री किशन शर्मा ने पुष्पांजलि कार्यक्रम के अंत में वी. सतीश का धन्यवाद किया और उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
अखिलेश यादव का तंज: यूपी की ‘डबल इंजन’ सरकार कर रही है ‘डबल ब्लंडर’, बजट समेत कई मुद्दों पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा करते हुएकई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार ‘डबल ब्लंडर’ कर रही है। इस दौरानउन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं में खामियां उजागर कीं, जिससे सनातन धर्म मानने वालों को गहरा दुख हुआ। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार यातायात व्यवस्था को ठीक से संभालने में नाकाम रही, जिसके कारण प्रयागराज में लोग 300 किलोमीटर लंबी जाम में फंस गए थे। उन्होंने कहा, “प्रयागराज में लोग परेशान हो रहे थे, यात्रा में कोई सुविधा नहीं दी जा रही थी, और यह स्थितिदुखद है। इससे सनातन धर्म मानने वालों को ठेस पहुंची है।” उन्होंने महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ की भी आलोचना की और कहा कि सरकार ने इससंबंध में सही जानकारी नहीं दी। केंद्रीय बजट पर अखिलेश का कटाक्षसपा अध्यक्ष ने केंद्रीय बजट की भी आलोचना करते हुए कहा कि इस बजट में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखाईदेता। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में पेश किए गए बजटों का कोई ठोस परिणाम नहीं आया और भारतीय प्रवासियों की समस्याओं काहवाला देते हुए कटाक्ष किया, “क्या ये बजट इसलिए बनाए गए थे ताकि दुनिया देखे कि भारतीय लोग हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां बांधकरवापस भेजे गए?” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछली बार मोदी जी हीरा लेकर गए थे, इस बार सोने की जंजीर ले जाइएऔर कुछ और लोगों को वापस ले आइए।” ‘डबल इंजन’ सरकार पर तंजअखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार ‘डबल ब्लंडर’ कर रही है। उन्होंने किसानों की आयदोगुना करने के वादे का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के पास इस वादे को पूरा करने का कोई रोडमैप नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) की कानूनी गारंटी के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए और स्वामीनाथन की सलाह को नजरअंदाज किया गया। यादव ने यह भी कहा किकिसानों के कर्ज माफ किए जाने चाहिए और खेती के उत्पादों पर जीएसटी को हटाया जाना चाहिए। नोटबंदी और अर्थव्यवस्था पर टिप्पणीअखिलेश यादव ने भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में भी चिंता जताई, विशेष रूप से रोजगार के अवसरों के अभाव पर। उन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंकोंके बाहर लगी लंबी लाइनों का जिक्र करते हुए कहा, “नोटबंदी के समय बैंकों के सामने जो लाइनें लगी थीं, उनमें एक बच्चा पैदा हुआ था जिसकानाम ‘खजांची’ रखा गया था। अब वह बड़ा हो चुका है और मैं सरकार से कहूंगा कि वह इस खजांची को गोद ले लें।” उन्होंने बजट में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “जबदेश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देना पड़ रहा है, तो क्या यही भारत के विकास की सच्ची तस्वीर है?” उत्तर प्रदेश में निवेश के दावों पर सवालअखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में किए गए निवेश के दावों की आलोचना की और कहा कि राज्य सरकार की ओर से किए गए निवेश के दावे विज्ञापनोंतक ही सीमित हैं। जमीनी स्तर पर इन दावों का कोई ठोस असर नहीं दिखाई दे रहा
AAP के 15 उम्मीदवारों ने शिंदे से चुनाव चिह्न मांगा, लेकिन उन्होंने गठबंधन धर्म के कारण मना कर दिया

नई दिल्ली/मुंबई: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को मिली हार के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुखएकनाथ शिंदे ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए AAP के15 उम्मीदवारों ने उनसे शिवसेना का चुनाव चिह्न ‘धनुष और बाण’ मांगा था, लेकिन उन्होंने यह आग्रह गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारणठुकरा दिया। AAP के 15 उम्मीदवारों ने शिंदे से किया संपर्कएकनाथ शिंदे ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के लिए चुनाव चिह्न की मांग करने वाले 15 आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने उनसे संपर्क किया था। शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इन उम्मीदवारों को ‘धनुष और बाण’ चुनाव चिह्न मिल जाता, तो यह वोटों के बंटने का कारण बनता और बीजेपी तथा शिवसेना के बीच वोटों का विभाजन होता, जिससे अन्य राजनीतिक दलों को लाभ होता। उन्होंने कहा, “मैंने युति धर्मका पालन करते हुए उनकी मांग को ठुकरा दिया।” शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन का सम्मानशिंदे ने इस मौके पर महाराष्ट्र में भाजपा के साथ शिवसेना के गठबंधन की अहमियत पर जोर दिया और कहा कि गठबंधन के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने AAP के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न नहीं दिया। शिंदे का जन्मदिन और भाजपा के समर्थन में प्रचारयह बयान शिंदे ने अपने 61वें जन्मदिन के मौके पर दिया, जब उन्होंने ठाणे शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने सांसदों से दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने को कहा था। दिल्ली चुनाव में AAP और बीजेपी की स्थितिदिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा झटका लगा है। इस बार AAP ने केवल 22 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी ने 48 सीटों पर विजय हासिल की। दिल्ली में 27 वर्षों बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है, जिससे दिल्ली के राजनीतिक परिपेक्ष्य में बड़ेबदलाव की संभावना है।
जीते हुए विधायकों में से ही बनेगा दिल्ली का अगला CM

दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP को बड़ी जीत हासिल हुई है. अब राजधानी में अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सूत्रों केअनुसार, बीजेपी का अगला मुख्यमंत्री विधायकों में से ही होगा. इसके अलावा, पार्टी इस बार महिला विधायक को भी मुख्यमंत्री पद पर काबिज करसकती है, जिससे एक नई दिशा मिल सकती है. अगला CM कौन?दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री विधायक ही होगा, सांसद को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना कम बताई जा रही है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, इसबार महिला विधायक को भी मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया जा सकता है. इसके साथ ही मंत्रिमंडल में महिलाओं और दलित समुदाय के प्रतिनिधित्वको भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि समाज के सभी वर्गों की बेहतर हिस्सेदारी सुनिश्चित की जा सके. राजनीतिक माहौल के बीच यह माना जा रहा हैकि आगामी चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए विधायकों में से ही किसी नाम पर निर्णय लिया जाएगा और पार्टी इस दिशा में तैयारियों में जुटी हुई है.
दिल्ली चुनाव के नतीजे पर तेजस्वी यादव का बड़ा बयान, कहा- “बिहार, बिहार है” ……

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मिली बड़ी जीत के बाद विपक्षी नेताओं के बयान लगातार सामने आ रहेहैं। इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस जीत को बिहार विधानसभा चुनाव परकोई असर डालने वाला नहीं बताया। उन्होंने कहा कि बिहार का राजनीतिक परिपेक्ष्य और स्थिति बिल्कुल अलग है और दिल्ली चुनाव का बिहारचुनाव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। “जुमलेबाजी का दौर खत्म होगा“तेजस्वी यादव ने बीजेपी की दिल्ली में मिली जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बीजेपी को लगभग 26 वर्षों बाद दिल्ली में सत्ता हासिल हुई है। अबउम्मीद है कि बीजेपी जनता से किए गए वादों को पूरा करेगी और जुमलेबाजी का दौर खत्म होगा।” जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि बीजेपी और उसके सहयोगी यह दावा कर रहे हैं कि दिल्ली में मिली जीत का फायदा बिहार विधानसभा चुनाव मेंमिलेगा, तो तेजस्वी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बिहार, बिहार है। हमें यह समझना पड़ेगा।” उनके इस बयान से यह साफ है कि यादव नेबिहार की अलग पहचान और स्थिति को महत्व दिया है, जो दिल्ली की राजनीति से बिल्कुल अलग है। “आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी“तेजस्वी ने बिहार की राजनीति पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पिछले दो विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सबसे बड़ी पार्टी केरूप में उभरी है। उन्होंने दावा किया कि इस बार भी पार्टी अपनी स्थिति को मजबूत करने में सफल रहेगी। बिहार में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार के पासबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए गठबंधन का शासन है। नीतीश कुमार 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं, हालांकि कुछ समय के लिए उन्होंने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री पद सौंपा था। नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ दो बार अल्पकालिक गठबंधन भीकिया है, लेकिन तेजस्वी यादव का यह कहना है कि बिहार की राजनीतिक स्थिति अलग है और आरजेडी इस चुनाव में मजबूत स्थिति में है।
खाद्य सुरक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं, यह एक मौलिक अधिकार है: संसद में सोनिया गांधी

नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने आज संसद में सरकार से अपील की कि जनगणना प्रक्रिया में शीघ्रता लाई जाए, ताकि राष्ट्रीयखाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफ़एसए) के तहत सभी पात्र नागरिकों को उनके अधिकार मिले। उन्होंने इस प्रक्रिया में हो रही देरी को गंभीर चिंता काविषय बताया, खासकर उन लाखों भारतीयों के लिए जो खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित हो रहे हैं। एनएफ़एसए के लाभ से 14 करोड़ लोग वंचितसोनिया गांधी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा योजना किसी विशेषाधिकार का मामला नहीं, बल्कि यह हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने यह भीबताया कि 2013 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया एनएफ़एसए एक ऐतिहासिक क़ानून था, जिससे 75 प्रतिशत ग्रामीण और 50 प्रतिशतशहरी आबादी को सस्ते खाद्यान्न मिलते हैं। यह योजना विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान लाखों गरीब परिवारों के लिए जीवनरक्षकसाबित हुई। हालांकि, सोनिया गांधी ने बताया कि वर्तमान में लाभार्थियों की संख्या 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित की जा रही है, जो अबअप्रासंगिक हो चुकी है। इस कारण से लगभग 14 करोड़ भारतीयों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जनगणना में देरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशानाजनगणना में हो रही देरी पर सरकार को घेरते हुए सोनिया गांधी ने कहा, “स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार, दशकीय जनगणना चार वर्षों सेअधिक समय से विलंबित है। सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कब कराई जाएगी, और बजट आवंटन यह दर्शाता है कि इस वर्ष भीयह नहीं होने जा रही है।” गरीबों के लिए संकट बढ़ाकांग्रेस अध्यक्ष ने इस विलंब को गरीब और वंचित परिवारों के लिए एक गंभीर संकट करार दिया और सरकार से आग्रह किया कि वह जल्द से जल्दजनगणना पूरी करे, ताकि सभी योग्य नागरिकों को एनएफ़एसए के तहत उचित लाभ मिल सके। खाद्य सुरक्षा: मौलिक अधिकारसोनिया गांधी ने संसद में अपने भाषण में कहा, “खाद्य सुरक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि यह एक मौलिक अधिकार है।” उन्होंने सरकार से आग्रहकिया कि वह इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करें ताकि देश के सबसे जरूरतमंद लोगों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
दिल्ली में कांग्रेस की जीरो की हैट्रिक से निराश पार्टी नेता, पूछा- तय करे, कौन सी राजनीति करेगी

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे कांग्रेस के लिए निराशाजनक रहे, क्योंकि पार्टी ने लगातार तीसरी बार एक भी सीट नहीं जीती। हालांकि, पार्टी कावोट प्रतिशत पिछले चुनावों से दो प्रतिशत बढ़ा, फिर भी हार के कारण पार्टी नेताओं में निराशा देखने को मिली है। तारिक अनवर ने पार्टी की राजनीतिक दिशा पर उठाए सवालकांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कटिहार से सांसद तारिक अनवर ने पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ परलिखा, “कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति को स्पष्ट करने की आवश्यकता है। उसे यह तय करना होगा कि वह गठबंधन की राजनीति करेगी याअकेले चलेगी।” साथ ही, उन्होंने पार्टी के संगठन में बदलाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया। बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारीदिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बावजूद, पार्टी के पास एकमात्र सांत्वना यह रही कि उसका वोट प्रतिशत मामूली बढ़ा। अब कांग्रेस कीनजरें बिहार विधानसभा चुनाव पर हैं, जो कुछ महीनों में होने हैं। बिहार में कांग्रेस राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ गठबंधन में है, और पार्टी वहांअपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए रणनीति बना रही है। राशिद अल्वी ने गठबंधन की राजनीति की वकालत कीकांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भी दिल्ली चुनाव के नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी(AAP) ने गठबंधन में चुनाव लड़ा होता, तो परिणाम कुछ और होते। अल्वी ने पार्टी हाईकमान को सलाह दी कि उन्हें सहयोगियों का सम्मान करनाचाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि बीजेपी की जीत से मुसलमानों में चिंता की लहर है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ में डुबकी लगाई, संगम स्टेशन बंद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज महाकुंभ में डुबकी लगाई और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। इससे पहले, उन्होंने मां गंगा को पुष्प अर्पित किए और गंगाकी पूजा तथा आरती की। इसके बाद, राष्ट्रपति मुर्मू राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अरैल घाट पहुंचीं, जहां सेवे बोट द्वारा संगम पहुंचीं और स्नान किया। राष्ट्रपति मुर्मू देश की दूसरी राष्ट्रपति हैं जिन्होंने महाकुंभ में स्नान किया। इससे पहले, 1954 में देश केपहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी महाकुंभ में स्नान किया था। भीड़ को देखते हुए संगम स्टेशन बंदप्रयागराज शहर में महाकुंभ के दौरान जबरदस्त भीड़ देखने को मिल रही है। श्रद्धालुओं की भारी तादाद के चलते प्रशासन ने कई इंतजाम किए हैं।संगम स्टेशन को 14 फरवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, अरैल घाट से संगम तक बोट सेवा भी बंद कर दी गई है, ताकिश्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। 43.57 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके हैं स्नानमहाकुंभ का आज 29वां दिन है और अब तक 43.57 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु महाकुंभ में स्नान कर चुके हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में बड़ी संख्यामें श्रद्धालु गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागूप्रयागराज जंक्शन पर भीड़ को सही तरीके से नियंत्रित करने के लिए इमरजेंसी क्राउड मैनेजमेंट प्लान लागू किया गया है। प्रशासन की पूरी कोशिश हैकि इस महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।