BPSC परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ पप्पू यादव का बिहार बंद, हुई तोड़फोड़ और आगजनी

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं सीसीई परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में बिहारभर में 12 जनवरी 2025 को निर्दलीय सांसदपप्पू यादव ने राज्यव्यापी ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया। प्रदर्शनकारी छात्र इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं और उनका आरोप है कि इसपरीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। पप्पू यादव और उनके समर्थक पूर्णिया से लेकर पटना तक सड़कों पर उतरे और बीपीएससी के खिलाफ जमकरविरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को किया जाम, वाहनों में की तोड़फोड़सुबह से ही विरोध प्रदर्शन तेज हो गया, जिसमें पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी और उनके छात्र संगठन ‘छात्र युवा शक्ति’ के सदस्य शामिल थे।प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़कों को ब्लॉक किया, टायर जलाए और बाजार बंद करवा दिए। पटना के प्रमुख इलाकों जैसे अशोक राजपथ, एनआईटीमोड़ और डाक बंगला चौराहा पर यातायात बाधित रहा। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के बैनर फाड़ दिए, वाहनों में तोड़फोड़ कीऔर मेट्रो के निर्माण कार्य को भी रोक दिया, जिसके कारण इलाके में अफरातफरी मच गई। पप्पू यादव का ‘राम-राम सत्य’ संदेशपप्पू यादव खुद पटना में आयकर चौराहे से लेकर डाक बंगला चौराहा तक एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए नजर आए। वे एक खुलेवाहन पर खड़े थे, जिस पर “राम नाम सत्य” लिखा हुआ था। उनके समर्थक राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके साथ मार्च कर रहे थे।पप्पू यादव ने कहा, “सरकार का राम-राम सत्य करना है। जो लोग छात्र-विरोधी हैं उनका राम-राम सत्य है। बिहार की जनता और छात्र सड़कों पर हैं।हर कोई इस बिहार बंद का समर्थन कर रहा है।” छात्रों का आक्रोश और सरकार पर निशानाप्रदर्शनकारी छात्र लगातार बीपीएससी परीक्षा में पेपर लीक की घटना को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि इस परीक्षा के दौरानअनियमितताएं हुई हैं, जिससे लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं। पप्पू यादव ने सरकार पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने और उनकी मांगों को नजरअंदाजकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार के छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं और राज्य सरकार को उनकी आवाज़ सुननी चाहिए। अशांति और प्रशासन की ओर से कार्रवाई की चेतावनीविरोध प्रदर्शन के कारण राज्यभर में व्यापक अशांति फैल गई, जिससे प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनीपड़ी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक, पीएम मोदी ने दिल्ली में और मेहनत करने का दिया संदेश

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमितशाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। यह बैठक दिल्ली विधानसभा चुनाव के संदर्भ में बेहद अहम मानी जा रहीहै, क्योंकि इसके बाद पार्टी की ओर से बची हुई सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की जा सकती है। अब तक, बीजेपी दिल्ली की 77 विधानसभा सीटों में से 29 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि बाकी 41 सीटोंपर भी उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं और जल्द ही उनकी लिस्ट जारी की जाएगी। बैठक में उम्मीदवारों की सूची पर चर्चाबीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में 41 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम पर गहन चर्चा हुई। हालांकि कुछ सीटों पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है, लेकिन अधिकांश सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली बीजेपी के नेताओं को चुनावी अभियान मेंऔर अधिक मेहनत करने की सलाह दी, ताकि पार्टी दिल्ली में एक मजबूत प्रदर्शन कर सके। बैठक में शामिल नेताइस महत्वपूर्ण बैठक में पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, दिल्ली बीजेपी के संगठन महामंत्री हर्ष मल्होत्रा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, इकबाल सिंहलालपुरा, राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, दुष्यंत गौतम, पवन राणा, बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन, दिल्ली बीजेपी सहप्रभारी अतुल गर्ग, सत्यनारायण जटिया और सुधा यादव सहित अन्य प्रमुख नेता भी शामिल हुए।
अमित शाह का शिरडी में बड़ा बयान: घमंडिया गठबंधन टूट चुका, दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी

महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत का जश्न, अमित शाह का ऐलानमहाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी की धमाकेदार जीत के बाद, शिरडी में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नेमहत्त्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि “घमंडिया गठबंधन” (INDIA Alliance) का टूटना शुरू हो चुका है, और अब दिल्ली विधानसभाचुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। अमित शाह ने यह भी कहा कि 2024 में महाराष्ट्र में विजय प्राप्त करने के बाद, 2025 में दिल्लीसे बीजेपी की जीत की शुरुआत होगी। स्थानीय चुनावों में बड़ी जीत का दावाअमित शाह ने आगामी महानगरपालिका और नगर निगम चुनावों को लेकर भी बीजेपी के बड़े जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि इन चुनावों मेंपार्टी विधानसभा चुनाव से भी बड़ी जीत हासिल करेगी। शाह ने उद्धव ठाकरे पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि ठाकरे ने झूठ और धोखाधड़ी केसाथ सीएम बनने का सपना देखा, लेकिन महाराष्ट्र की जनता ने उन्हें उनकी सही जगह दिखा दी। शरद पवार और परिवारवाद की राजनीति को करारा जवाबअमित शाह ने शरद पवार और उनके परिवारवादी राजनीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने परिवारवाद को नकारते हुए पवारऔर ठाकरे को सत्ता से बाहर कर दिया। यह जीत सनातन संस्कृति की राजनीति को मान्यता देने वाली थी। उन्होंने बीजेपी और सच्ची शिवसेना वएनसीपी की जीत को एक बड़ा संदेश बताया, जिससे पवार की राजनीति को करारा जवाब मिला है। मजबूत संगठन के बल पर चुनावी जीतअमित शाह ने पार्टी की मजबूत संगठनात्मक संरचना को बीजेपी की जीत का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि अब देवेंद्र फड़नवीस की सरकारकिसानों के लिए काम करेगी और हर खेत तक पानी पहुंचाएगी। यह बदलाव बीजेपी की मजबूती और विकास की राजनीति के कारण संभव हुआ है। 2025 में पंचायत से लेकर संसद तक बीजेपी की जीत की योजनाअमित शाह ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हर बूथ पर बीजेपी को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि इस साल मुंबई, नागपुर, पुणे और संभाजी नगरजैसे प्रमुख महानगरपालिका और नगर निगम चुनावों में भगवा झंडा लहराना है। पंचायत से लेकर संसद तक बीजेपी और एनडीए की जीत सुनिश्चितकरने की दिशा में कार्यकर्ताओं को और भी उत्साहित किया। शाह ने पार्टी के हर कार्यकर्ता से यह भी कहा कि बीजेपी को कभी भी विश्वासघात का शिकार नहीं होने देना है और इसे एक मजबूत संगठन के रूप मेंआगे बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025” में लिया भाग

*कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य*12 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025” कार्यक्रम में भाग लिया।यह आयोजन राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर किया गया था। इसका उद्देश्य देशभर के युवाओं को राजनीति औरराष्ट्र निर्माण में शामिल करने के लिए प्रेरित करना था। *युवा नेताओं के साथ संवाद और परियोजनाओं का निरीक्षण*इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 3,000 युवा नेताओं से मुलाकात की, उनके प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया और उनके विचारों को समझा। ये प्रोजेक्ट्सदेश की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए उनकी नवाचारी सोच को दर्शाते थे। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ बातचीत कर उनकी प्रेरणाओं औरयोजनाओं पर चर्चा की। *निबंध संग्रह का विमोचन*कार्यक्रम में 10 महत्वपूर्ण विषयों पर लिखे गए सर्वश्रेष्ठ निबंधों के संकलन का विमोचन भी किया गया। इन विषयों में प्रौद्योगिकी, स्थिरता, महिलासशक्तिकरण, कृषि और विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल थे। *प्रधानमंत्री का संदेश*प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं का जोश और उनका समर्पण भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंनेयुवाओं से आग्रह किया कि वे अपने कौशल और विचारों का उपयोग देश की प्रगति में करें। *चयन प्रक्रिया*युवाओं का चयन तीन चरणों में किया गया:1. प्रारंभिक राउंड (क्विज) यह राउंड 12 भाषाओं में आयोजित किया गया, जिसमें राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आधारित प्रश्न शामिल थे।2. मध्य राउंड (समूह चर्चा)चयनित प्रतिभागियों ने “विकसित भारत” में योगदान को लेकर अपने विचार साझा किए।3. अंतिम राउंड (व्यक्तिगत प्रस्तुति) प्रतिभागियों ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट्स और समाधानों को प्रस्तुत किया। *युवाओं के लिए एक विशेष मंच*यह कार्यक्रम पारंपरिक युवा महोत्सव की परंपरा को तोड़ते हुए, युवाओं को सीधे प्रधानमंत्री से संवाद और अपने विचार साझा करने का अवसर प्रदानकरता है। यह पहल स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने कीदिशा में उठाया गया कदम है। वहीं”विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025″ एक अनूठी पहल थी, जिसका उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनानाऔर उनके नवाचारों को प्रोत्साहित करना था। इस कार्यक्रम ने युवाओं को राष्ट्रीय विकास में योगदान देने का एक सशक्त मंच प्रदान किया।
ISRO ने अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक का सफल परीक्षण कर रचा इतिहास

12 जनवरी 2025 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की। ISRO ने अपनेदो उपग्रहों के बीच सफलतापूर्वक डॉकिंग परीक्षण पूरा किया। इस प्रक्रिया में दोनों सैटेलाइट्स को पहले 15 मीटर की दूरी पर लाया गया और फिर3 मीटर तक करीब किया गया। यह परीक्षण भविष्य में अंतरिक्ष में डॉकिंग और ऑर्बिटल सर्विसिंग तकनीक विकसित करने के लिए एक बड़ा कदमहै। डॉकिंग ट्रायल का महत्वडॉकिंग का मतलब है अंतरिक्ष में दो उपग्रहों या यानों को पास लाकर आपस में जोड़ना। यह तकनीक भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों में मरम्मत, ईंधन भरनेऔर उपकरण अद्यतन करने के लिए महत्वपूर्ण है। ISRO का यह परीक्षण आने वाले समय में भारत के स्पेस स्टेशन प्रोजेक्ट और गैगनयान जैसेअभियानों के लिए आधारभूत तकनीक तैयार करेगा। कैसे किया गया परीक्षण?इस परीक्षण में दो उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में नियंत्रित तरीके से करीब लाया गया। दोनों को पहले 15 मीटर की दूरी तक लाया गया और फिरअत्याधुनिक नेविगेशन और सेंसर तकनीक का इस्तेमाल कर 3 मीटर तक पास किया गया। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और कंप्यूटर नियंत्रित थी, जिसे वैज्ञानिकों ने धरती से मॉनिटर किया। तकनीकी चुनौतियां और समाधानडॉकिंग के दौरान सबसे बड़ी चुनौती सैटेलाइट्स की गति और दिशा को सटीकता से नियंत्रित करना था। ISRO ने एडवांस्ड थ्रस्टर्स और सेंसर तकनीकका उपयोग कर इस समस्या का हल किया। स्वदेशी तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों पर असरयह सफलता भारत के अंतरिक्ष अभियानों को नई ऊंचाई पर ले जाने में मदद करेगी। डॉकिंग तकनीक विकसित होने से भारत अब अंतरिक्ष में लॉन्ग-ड्यूरेशन मिशन, स्पेस स्टेशन निर्माण और ग्रहों के बीच अभियानों के लिए तैयार हो सकेगा। साथ ही, यह तकनीक अंतरिक्ष में मरम्मत, रिसाइक्लिंगऔर वर्कशॉप स्थापित करने के नए रास्ते खोलेगी। राष्ट्रीय और वैश्विक महत्वइस परीक्षण से भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और अंतरिक्ष में नेतृत्व की स्थिति मजबूत होगी। यह उपलब्धि न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमोंको बढ़ावा देगी, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान में भारत की स्थिति को और सशक्त करेगी। ISRO का यह प्रयास अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की उन्नति और भविष्य की संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा।
प्रशांत कुमार सिंह होंगे मणिपुर के नए मुख्य सचिव, जानिए क्या है समीकरण

मणिपुर सरकार ने 1993 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी प्रशांत कुमार सिंह को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। यहकदम राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है और प्रशासनिक कार्यों में गति लाने की दिशा में एक अहम निर्णय है। *प्रशांत कुमार सिंह का प्रशासनिक अनुभव*प्रशांत कुमार सिंह वर्तमान में मणिपुर के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे और उनके पास विभिन्न विभागों में काम करने का व्यापकअनुभव है। उन्होंने अपने करियर के दौरान प्रशासनिक कौशल और नेतृत्व क्षमता का अच्छा प्रदर्शन किया है, जो उनकी नई जिम्मेदारी को निभाने मेंमदद करेगा। *मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का दृष्टिकोण*मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने प्रशांत कुमार सिंह की नियुक्ति का स्वागत किया है और कहा कि वे मिलकर राज्य के विकास के लिए कई सुधारात्मककदम उठाएंगे। मणिपुर सरकार के विकासात्मक दृष्टिकोण के तहत प्रशासनिक सुधारों और योजनाओं के कार्यान्वयन को प्राथमिकता दी जाएगी। *राज्य में बदलाव की उम्मीदें*प्रशांत कुमार सिंह की नियुक्ति से मणिपुर में प्रशासनिक सुधारों और विकास योजनाओं की गति में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। राज्य मेंसुरक्षा, विकास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए प्रशासनिक समन्वयमें सुधार और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीदें हैं। आगे की दिशा पर जोरप्रशांत कुमार सिंह का कार्यकाल मणिपुर की राजनीति और प्रशासन में नए बदलावों की ओर अग्रसर होने का संकेत है। राज्य के नागरिकों के हित मेंकई सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे और मणिपुर सरकार के साथ मिलकर राज्य के विकास को गति दी जाएगी।
आरजेडी विधायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, 85 करोड़ रुपये के गबन और धन शोधन का आरोप

बिहार के आरजेडी विधायक और पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता से जुड़े ठिकानों पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। सूत्रों केअनुसार, यह कार्रवाई वैशाली स्थित शहरी विकास सहकारी बैंक (वीएसवी) से जुड़ी धोखाधड़ी और धन शोधन के मामले में की गई है। आलोकमेहता इस बैंक के प्रमोटर हैं, और उन पर और उनके सहयोगियों पर 85 करोड़ रुपये के कथित गबन और धन शोधन का आरोप है। ईडी का आरोप: फर्जी दस्तावेज और धोखाधड़ीईडी अधिकारियों के मुताबिक, यह धोखाधड़ी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी, जिसमें जाली गोदाम और जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की रसीदों का इस्तेमाल किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि बैंक के कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों नेआलोक मेहता और उनके सहयोगियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया। इन लोगों ने अपराध की आय को हड़पने की साजिश रची औरधोखाधड़ी को बढ़ावा दिया, जिससे उन्हें अवैध लाभ हुआ। ईडी ने इस छापेमारी का उद्देश्य मामले से जुड़े अतिरिक्त सबूत जुटाना और अवैध धन की स्थिति पर नज़र रखना बताया। छापेमारी के दौरान कईदस्तावेज़ और प्रमाण मिले, जो जांच में मददगार साबित हो सकते हैं। आलोक मेहता का राजनीतिक कद और उनका कनेक्शनआलोक मेहता बिहार की उजियारपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और वे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता हैं। वे लालू प्रसाद यादव केकरीबी माने जाते हैं और इससे पहले बिहार सरकार में राजस्व और भूमि सुधार मंत्री भी रह चुके हैं। उनके खिलाफ चल रही इस जांच को लेकर विपक्षने उन्हें घेरने की कोशिशें तेज कर दी हैं, हालांकि आलोक मेहता ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। इस मामले में ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी घटनाएं सामने आ सकतीहैं।
कानपुर: सपा विधायक नसीम सोलंकी को धमकी देने वाले बीजेपी नेता धीरज चड्ढा की गिरफ्तारी

कानपुर में सीसामऊ से सपा विधायक नसीम सोलंकी को धमकी देने वाले बीजेपी नेता धीरज चड्ढा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिसअधिकारियों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने रात को थाने जाकर हंगामा किया था और आरोपित धीरज कीगिरफ्तारी की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने धीरज के घर पर देर रात छापेमारी की और उसे गिरफ्तार किया। विधायक नसीम सोलंकी ने पुलिस कमिश्नर से की मुलाकातइस बीच, नसीम सोलंकी और कानपुर कैंट से सपा विधायक हसन रूमी ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और उन्हें कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया।नसीम सोलंकी ने बताया कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के दौरान आरोपित धीरज चड्ढा के खिलाफ नई धाराएं जोड़ने का प्रार्थना पत्र भीदिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। विधायक ने जताई जान का खतरानसीम सोलंकी ने यह भी कहा कि अगर धीरज चड्ढा जेल से बाहर आता है, तो वह उनके ऊपर हमला कर सकता है। उन्होंने अपनी और अपने परिवारकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा, “मेरे बच्चों को भी खतरा हो सकता है।” विधायक ने पुलिस कमिश्नर से इस संबंध में बात की औरअधिकारियों ने उन्हें कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। धीरज चड्ढा के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं की शिकायतविधायक हसन रूमी ने आरोप लगाया कि धीरज चड्ढा ने नसीम सोलंकी और उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को गालियाँ दीं और फोन पर धमकाया।इसके साथ ही, उसने सीसामऊ के मतदाताओं को भी अपमानित किया। इस आरोप के बाद, सपा ने धीरज के खिलाफ नई धाराओं के तहत कार्रवाईकी मांग की है। कानपुर में यह घटना एक गंभीर राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है, और अब पुलिस की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
CM योगी ने प्रयागराज में ‘मां की रसोई’ का उद्घाटन, 9 रुपये में मिलेगा भरपेट भोजन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रयागराज में सामुदायिक रसोई ‘मां की रसोई’ का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत, केवल9 रुपये में लोगों को भरपेट भोजन प्रदान किया जाएगा। यह विशेष रसोई आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए शुरू की गई है, जिसमें वेआसानी से पौष्टिक और सस्ता भोजन प्राप्त कर सकेंगे। सामुदायिक रसोई का संचालन नंदी सेवा संस्थान द्वारा किया जाएगा और यह स्वरूप रानी नेहरूअस्पताल में स्थित होगी। क्या होगा 9 रुपये की थाली में?मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल का दौरा कर ‘मां की रसोई’ की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां मौजूद लोगों को भोजन परोसा।सरकार के मुताबिक, 9 रुपये में मिलने वाली थाली में दाल, चार रोटियां, सब्जियां, चावल, सलाद और मिठाई शामिल होगी। यह प्रयास उन गरीबऔर जरूरतमंद लोगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जो इलाज के लिए अस्पताल आते हैं और भोजन की व्यवस्था को लेकर चिंतित रहते हैं। सीएम ने किचन का किया निरीक्षणमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने रसोई के किचन का भी निरीक्षण किया। किचन में खाना बनाने कीप्रक्रिया और सफाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों और अन्य व्यवस्थाओं की सराहनाकी। इस मौके पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी उपस्थित थे, साथ ही प्रमुख सचिव गृह संजयप्रसाद और जगदगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास ने भी इस पहल का समर्थन किया। ‘मां की रसोई’ का महत्वनंदी सेवा संस्थान के मुताबिक, ‘मां की रसोई’ उन लोगों के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी जो अपने परिवार के किसी सदस्य का इलाज कराने केलिए अस्पताल में आते हैं, लेकिन भोजन की व्यवस्था के लिए चिंतित रहते हैं। इस योजना से न केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को राहतमिलेगी, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्ग को भी एक सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा। इस पहल से योगी सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह समाज के हर वर्ग की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, खासकर उन लोगों कीजिनके पास अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए साधन नहीं हैं।
पीएम मोदी का पहला पॉडकास्ट: ‘मैं सेटबैक पर रोने वाला इंसान नहीं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले पॉडकास्ट में कई अहम मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ इसपॉडकास्ट में मोदी ने अपनी राजनीतिक यात्रा, सरकार की योजनाओं और भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा की। पहले कार्यकाल से तीसरे तक का सफरपॉडकास्ट में मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के बारे में कहा कि उस समय लोग उन्हें समझने की कोशिश कर रहे थे, जबकि वह खुद दिल्ली और केंद्रसरकार को समझने की कोशिश कर रहे थे। दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि वह अतीत के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सोचते थे। तीसरे कार्यकाल के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सोच अब बदली है। उनका उद्देश्य 2047 तक भारत को पूरी तरह से विकसित बनाना है, और इसके लिए वह सभी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। मोदी ने यह भी कहा कि उनका मनोबल अब ऊंचा है और उनकी योजना सरकारीयोजनाओं की 100% डिलीवरी सुनिश्चित करने की है। उनके अनुसार, यह ही असली सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता है, और इसे ‘Aspiring India’ से प्रेरणा मिलती है। सेटबैक पर रोने वाला इंसान नहींपॉडकास्ट में मोदी ने अपने अपयश के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वह सेटबैक पर रोने वाले इंसान नहीं हैं। मोदी ने कहा, “मैं अपयश से नहींडरता, मुझे प्रधानमंत्री बनने का दायित्व मिला और मैं इसे निभा रहा हूं। राजनीति में हर पल रिस्क लेना पड़ता है और मुझे रिस्क लेने वाले इंसानों कासाथ चाहिए।” उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें कुछ पाने की इच्छा से राजनीति में नहीं आना चाहिए, बल्कि राजनीति को प्रतिष्ठा देने के लिए कामकरना चाहिए। आलोचना पर पीएम मोदी का जवाबविपक्ष की आलोचनाओं पर मोदी ने अपने अहमदाबाद से होने की बात करते हुए कहा, “मैं अहमदाबादी हूं, गाली दे रहे हैं ना, तो कुछ लेकर तो नहींजा रहे?” इस बयान के जरिए उन्होंने अपनी आलोचना का बहुत हल्के और आत्मविश्वासी अंदाज में जवाब दिया। आत्मविश्वास और नित नए प्रयोगप्रधानमंत्री मोदी ने इस पॉडकास्ट के जरिए अपनी राजनीति और जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। उनका यह बयान यह भी दर्शाता है किवह अपने कार्यकाल में न केवल देश की तरक्की के लिए काम करना चाहते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को राजनीति में आने और जोखिम लेने के लिए प्रेरितकरना चाहते हैं।