प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू और कश्मीर के विकास को लेकर अहम बयान दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर में चल रहे विकास कार्यों पर जोर देते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब सुरंगों, पुलों और रोपवे का केंद्रबनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां दुनिया की सबसे ऊंची सुरंग, रेल पुल और रेल लाइनों का निर्माण किया जा रहा है, जो इस क्षेत्र के लिए एकऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने ये बातें सोनमर्ग में नवनिर्मित जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन करने के बाद कहीं। ‘चिनाब पुल की इंजीनियरिंग ने दुनिया को किया है हैरान’प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब पुल की अद्भुत इंजीनियरिंग की सराहना करते हुए कहा कि इसकी डिजाइन और निर्माण ने पूरी दुनिया को हैरान कर दियाहै। सोनमर्ग सुरंग के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा, “जम्मू और कश्मीर अब सुरंगों, पुलों और रोपवे का हब बन रहा है। यहां दुनिया कीसबसे ऊंची सुरंग, दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल और दुनिया की सबसे ऊंची रेल लाइनें बन रही हैं। चिनाब ब्रिज की इंजीनियरिंग को देखकर दुनियाअचंभित है।” मोदी ने साझा की अपनी पुरानी यादेंप्रधानमंत्री मोदी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वे भाजपा कार्यकर्ता के रूप में कश्मीर घाटी आते थे, तो उन्हें कई किलोमीटरपैदल चलकर घंटों का सफर तय करना पड़ता था। उन्होंने कहा, “मैं यहां बहुत समय बिताया है, चाहे वह सोनमर्ग हो, गुलमर्ग हो, बारामुल्ला हो यागंदेरबल। हम बहुत बर्फबारी के बीच भी पैदल यात्रा करते थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों की गर्मजोशी ने हमें ठंड का एहसास नहीं होने दिया।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज का दिन खास है क्योंकि राज्य में हर कोना उत्सव के मूड में है और साथ ही, महाकुंभ के आयोजन के साथ देश भरमें विभिन्न त्योहारों की धूम मची है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए नए रास्तेप्रधानमंत्री ने सोनमर्ग सुरंग के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “यह सुरंग जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के जीवन को आसान बनाएगी। यहएक लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगी और क्षेत्रीय विकास को गति देगी।” उन्होंने यह भी कहा कि जब वे प्रधानमंत्री बनने से पहलेभाजपा कार्यकर्ता थे, तो उनके लिए कश्मीर की यात्रा बेहद कठिन होती थी, लेकिन अब इस सुरंग के बनने से यात्रा सरल और सुगम हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि उन्होंने जम्मू में अपने रेलवे डिवीजन की आधारशिला रखी, जो एक और महत्वपूर्ण विकास कार्यथा। “यह आपकी बहुत पुरानी मांग थी, और मैं इसे पूरा करने में सफल रहा हूं। यह मोदी है, जो वादा करता है और उसे निभाता है।” राज्य के विकास की दिशाप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। नए पुलों, सुरंगोंऔर रेल लाइनों के निर्माण से न केवल इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि यहां के लोगों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
महाकुंभ 2025 के पहले दिन ‘अमृत स्नान’ पर लगभग 1 करोड़ भक्तों ने लगाई डुबकी, ड्रोन से हो रही निगरानी

महाकुंभ 2025, जो दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, आधिकारिक रूप से प्रयागराज में शुरू हो गया है। इस विशाल आयोजन मेंलाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम में पवित्र स्नान करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं। महाकुंभ का आयोजन 45 दिनों तक चलेगा, जिसमें श्रद्धालु अपने पापों से मुक्ति के लिए आस्था और विश्वास के साथ संगम में डुबकी लगाएंगे। यह मेला 13 जनवरी से शुरू हुआ और 26 फरवरीतक जारी रहेगा। पहले दिन 10 मिलियन श्रद्धालुओं ने लिया पवित्र स्नानउत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख, प्रशांत कुमार के अनुसार, महाकुंभ के पहले दिन करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई। इस दिन कोविशेष रूप से ‘अमृत स्नान’ के रूप में मनाया जाता है, जो महाकुंभ की शुरुआत का प्रतीक है। श्रद्धालु इसे एक अत्यंत पवित्र अवसर मानते हैं। सुरक्षा व्यवस्था: चाक-चौबंद निगरानीमहाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कई कदमउठाए हैं। डीजीपी कुमार ने बताया कि संगम क्षेत्र में पुलिसकर्मी तैनात हैं और ड्रोन की मदद से क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही, पानीके भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंडरवाटर ड्रोन भी इस्तेमाल हो रहे हैं। अब तक किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है, जो सुरक्षा कीउच्च मानकों को दर्शाता है। यातायात व्यवस्था: निर्बाध संचालनमहाकुंभ के आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए परिवहन विभाग ने आवश्यक इंतजाम किए हैं। डीजीपी कुमार नेबताया कि प्रयागराज जाने वाली सड़कों पर यातायात बिना किसी रुकावट के जारी है। यदि कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो उसे प्रमुख स्नान तिथियोंतक सुधारने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधाजनक यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। महाकुंभ 2025 के लिए विशेष व्यवस्थाएंमहाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए सरकार ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मेला क्षेत्र में 0.15 मिलियनशौचालय, 15,000 सफाई कर्मचारी, 2,500 गंगा सेवा दूत और 0.15 मिलियन तंबू लगाए गए हैं। इसके अलावा, 69,000 एलईडी लाइट्स, सोलर हाइब्रिड स्ट्रीट लाइट्स और 2,750 भीड़-निगरानी कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की 24/7 निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए खोया-पायाकेंद्र भी स्थापित किए गए हैं। साथ ही, पार्किंग सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध हैं। जल सुरक्षा: फ्लोटिंग पुलिस चौकी और जल एम्बुलेंसमहाकुंभ की सुरक्षा में एक नया कदम उठाते हुए, उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगम क्षेत्र में एक फ्लोटिंग पुलिस चौकी स्थापित की है। इसके अलावा, राष्ट्रीयआपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने एक जल एम्बुलेंस तैनात की है, जो हर समय किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहतीहै। यह जल एम्बुलेंस चिकित्सा सुविधाओं से लैस है और इसमें डॉक्टर व एनडीआरएफ के अधिकारी तैनात रहते हैं। प्रमुख स्नान तिथियां और विशेष धार्मिक आयोजनमहाकुंभ 2025 में कई प्रमुख स्नान तिथियां हैं, जिन पर श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होती है। इनमें 14 जनवरी (मकर संक्रांति), 29 जनवरी(मौनी अमावस्या), 3 फरवरी (बसंत पंचमी), 12 फरवरी (माघी पूर्णिमा) और 26 फरवरी (महा शिवरात्रि) शामिल हैं। इन तिथियों पर विशेष धार्मिकअनुष्ठान और पूजा आयोजित की जाती है। अनुमानित 450 मिलियन श्रद्धालुओं की उपस्थितिमहाकुंभ 2025 में अनुमानित 450 मिलियन से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यह संख्या इस आयोजन के ऐतिहासिक महत्व कोदर्शाती है, जहां हर साल लाखों लोग इस पवित्र अवसर पर शामिल होते हैं। महाकुंभ न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर के हिंदू धर्मावलंबियों के लिएएक महत्वपूर्ण धार्मिक मेला है।
संजय राउत की चेतावनी और ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता पर विचार

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के संबंध में शिवसेना (UBT) की ओर से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पार्टी ने इन चुनावों में अकेले उतरनेका ऐलान किया, जिससे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (Indian National Developmental Inclusive Alliance) में फूट की अटकलें तेज होगईं। इसी बीच, शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक सशक्त बयान दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस और अन्यगठबंधन सहयोगियों से संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। राउत ने यह चेतावनी दी कि अगर गठबंधन के सदस्य आपस में संवाद नहींकरेंगे, तो उनकी एकता और भविष्य में कोई भी गठबंधन सफल नहीं हो सकता। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस को एक अहम सलाह दी और कहा कि इसस्थिति में पार्टी को जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए। इस लेख में हम संजय राउत के बयान, ‘इंडिया’ गठबंधन की स्थिति, और राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में इसे लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तार से चर्चाकरेंगे। शिवसेना (UBT) का अकेले चुनाव लड़ने का निर्णयशिवसेना (UBT) ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में अकेले लड़ने का निर्णय लिया। पार्टी के लिए यह कदम महत्वपूर्ण था क्योंकि राज्य मेंसत्ताधारी गठबंधन में कई तरह की राजनीतिक हलचलें चल रही हैं। पार्टी ने यह स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूतकरने के लिए वह अकेले चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। इस निर्णय के बाद, शिवसेना (UBT) के नेताओं ने कहा कि पार्टी अपने आधार को मजबूत करना चाहती है और उसका यह कदम गठबंधन तोड़ने केलिए नहीं है। हालांकि, इस फैसले ने ‘इंडिया’ गठबंधन और महा विकास आघाड़ी (MVA) के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। राउत का बयान: संवाद की कमी से गठबंधन पर खतरासंजय राउत ने इस निर्णय के बाद एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने गठबंधन के भीतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।राउत ने कहा कि यदि सहयोगियों के बीच संवाद बंद हो जाए, तो कोई भी गठबंधन सफल नहीं हो सकता। उनका मानना था कि यदि दलों के बीचबातचीत और समन्वय नहीं रहेगा, तो गठबंधन के उद्देश्य को हासिल करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति में जिम्मेदार नेताओंकी भूमिका को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि सभी दलों के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया जा सके। राउत ने एक उदाहरण के रूप में 2019 में हुए शिवसेना-भा.ज.पा गठबंधन को सामने रखा। उन्होंने बताया कि उस समय दोनों दलों के बीच संवाद कीकमी के कारण ही गठबंधन टूट गया था। राउत ने यह स्वीकार किया कि गठबंधन की सफलता केवल अच्छे और सशक्त संवाद पर निर्भर करती है, नकि केवल राजनीतिक रणनीतियों पर। कांग्रेस पर जिम्मेदारी: ‘इंडिया’ गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल करीब 30 राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच संवाद और समन्वय बनाए रखने के लिए कांग्रेस की भूमिका को राउत नेप्रमुख बताया। उन्होंने कहा, ‘‘गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस की जिम्मेदारी सबसे अधिक है।’’ उनके अनुसार, कांग्रेस को चाहिए किवह गठबंधन के भीतर संवाद बनाए रखने के लिए जिम्मेदार नेताओं की नियुक्ति करें, ताकि सभी दलों के विचारों और हितों को ध्यान में रखते हुएएकजुटता बनी रहे। राउत ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे ने हमेशा इस मुद्दे पर जोर दिया है और गठबंधन की बैठकों में इस बात को उठाया है कि सभी दलों के बीच एकस्वस्थ और प्रभावी संवाद होना चाहिए। कांग्रेस की भूमिका को लेकर राउत का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आगामी लोकसभा चुनावऔर राज्यसभा चुनावों में गठबंधन की एकता को बनाए रखने के लिए कांग्रेस का नेतृत्व अहम होगा। गठबंधन सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने पर राउत की रायजब संजय राउत से पूछा गया कि क्या गठबंधन के सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने में कोई समस्या है, तो उन्होंने इसे लेकर अपना पक्ष स्पष्टकिया। राउत ने कहा, ‘‘एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने में कुछ भी गलत नहीं है।’’ उनका कहना था कि यह सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है, जिसमेंविभिन्न पार्टियां अलग-अलग चुनावों में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। राउत ने उदाहरण के तौर पर दिल्ली का जिक्र किया, जहां आम आदमीपार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच प्रतिस्पर्धा हो सकती है। वहीं, राउत ने यह भी कहा कि सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें धोखेबाज कहा जाए। यह बात वह खास तौर परउद्धव ठाकरे और शिवसेना (UBT) के दृष्टिकोण से कह रहे थे। उनका मानना था कि चुनावी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, दलों को आपस में एक-दूसरे कोधोखेबाज करार नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे गठबंधन की एकता पर खतरा पैदा हो सकता है। गठबंधन के भीतर एकता और भविष्य की दिशाराउत के बयान के बाद, यह सवाल उठने लगा है कि ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता को बनाए रखने के लिए किस तरह की रणनीतियाँ अपनाई जासकती हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन में अब तक कई प्रमुख दल शामिल हैं, जिनमें शिवसेना (UBT), कांग्रेस, और शरद पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी(NCP) शामिल हैं। इस गठबंधन का उद्देश्य आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चुनौती देना है। हालांकि, हालिया घटनाक्रमों से यह साफ़ हो गया है कि गठबंधन में सहयोगियों के बीच विचारधाराओं और राजनीतिक दृष्टिकोण में भिन्नताएँ हैं, जोगठबंधन के भीतर तनाव का कारण बन सकती हैं। ऐसे में राउत के बयान को एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि अगर इन मतभेदों कोसुलझाने के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाता है, तो गठबंधन की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। संजय राउत का दृष्टिकोण: राजनीति में संवाद और संघर्ष का महत्वसंजय राउत का राजनीतिक दृष्टिकोण हमेशा से ही स्पष्ट और सशक्त रहा है। वह न केवल शिवसेना (UBT) के नेता हैं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति मेंभी उनकी अहम भूमिका रही है। उनके बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि वे राजनीतिक संघर्ष के बावजूद संवाद को प्राथमिकता देते हैं। राउत का यहमानना है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा और संगठनात्मक विकास के लिए संवाद और समन्वय बेहद महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के तौर पर, उन्होंने 2019 में शिवसेना-भा.ज.पा गठबंधन के टूटने के कारणों की ओर इशारा किया, जिसमें संवाद की कमी एक बड़ा कारणथा। राउत का यह दृष्टिकोण पार्टी के भीतर और गठबंधन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की दिशा में काम करता है।
बिहार के राज्यपाल की पहल: प्रशांत किशोर का अनशन खत्म कराने की कोशिश

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने प्रशांत किशोर के अनशन को समाप्त कराने के लिए पहल की है। राज्यपाल ने प्रशांत किशोर से कहा हैकि वे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजें, और सभी मिलकर समाधान का प्रयास करें। यह जानकारी प्रशांत किशोर की टीम ने दी है। प्रशांत किशोर की बैठक: छात्रों के प्रतिनिधियों से संवादप्रशांत किशोर ने 10:30 बजे शेखपुरा स्थित अपने आवास पर छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने का निर्णय लिया है। यह बैठक उनकी ओरसे उठाए गए मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जाएगी। BPSC द्वारा प्रशांत किशोर को कानूनी नोटिसइससे पहले, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने प्रशांत किशोर समेत कुछ अन्य लोगों को कानूनी नोटिस जारी किया था। यह नोटिस 13 दिसंबरको राज्यभर में आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) पर उठे विवाद को लेकर था। बीपीएससी ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने आयोगके खिलाफ निराधार आरोप लगाए। बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक, राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि आयोग ने कुछ राजनेताओं और कोचिंग सेंटर सेजुड़े व्यक्तियों को नोटिस भेजा है, और जल्द ही और नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रशांत किशोर पर आरोप और नोटिस का विवादप्रशांत किशोर को यह नोटिस 70वीं CCE में गड़बड़ी के आरोपों के लिए भेजा गया था। नोटिस में कहा गया था कि किशोर को अपने आरोपों केसमर्थन में सात दिनों के भीतर “अकाट्य और सत्यापन योग्य सबूत” प्रस्तुत करने होंगे। किशोर पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कहा था कि”बच्चों की नौकरियां 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये में बेची गईं” और यह घोटाला ₹1,000 करोड़ से अधिक का है। नोटिस पाने वाले अन्य प्रमुखव्यक्ति पटना के ट्यूटर और यूट्यूबर खान सर भी थे, जिन्होंने बीपीएससी की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।
केजरीवाल का राहुल गांधी पर पलटवार: उन्होंने मुझे गालियां दीं,पर मैं उनका जवाब ….

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राहुल गांधी के ताजा बयान पर प्रतिक्रिया दी है।सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, “राहुल गांधी जी दिल्ली आए और उन्होंने मुझे बहुत गालियां दीं, लेकिन मैं उनका जवाब नहीं दूंगा। उनकी लड़ाईकांग्रेस बचाने की है, मेरी लड़ाई देश बचाने की है।” बीजेपी पर आरोप: दिल्ली विधानसभा में धांधली का आरोपइससे पहले, केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाते हुए कहा था कि नई दिल्ली विधानसभा में बीजेपी की धांधली साफ दिखरही है। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी वोट बनाने और पैसे, चादरें और चश्मे बांटने का यह खेल चुनाव अधिकारी (डीएम) की मिलीभगत से चल रहाहै। केजरीवाल ने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इसमें शामिल डीएम को तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने क्या कहा था?कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में अपनी रैली के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) पर हमला किया और अरविंद केजरीवाल कीतुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करते हुए दोनों पर झूठे वादे करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अरविंदकेजरीवाल से कभी भी देशव्यापी जाति जनगणना के बारे में कुछ नहीं सुना। इस पर केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने उन्हेंगाली दी, और यह साफ कर दिया कि वह कांग्रेस को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। संदीप दीक्षित का आरोप: अफवाहों का सिलसिलानई दिल्ली सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने भी आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए और कहा, “आम आदमी पार्टी अफवाह फैला रही थीकि हम बीजेपी के साथ हैं, जबकि बीजेपी ने यह अफवाह फैलाई थी कि हम आप पर हमला नहीं कर रहे हैं। अब राहुल गांधी ने यह साफ कर दिया हैकि यदि कोई साथ खड़ा है तो वह कांग्रेस पार्टी है, जनता के साथ।”
दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ FIR दर्ज की, बीजेपी ने वीडियो पर जताई आपत्ति

दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह मामला दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में दर्ज किया गयाहै, जहां पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की तस्वीरों का इस्तेमाल कर कुछ विवादित वीडियोशेयर किए थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन वीडियो पर आपत्ति जताई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। वीडियो में क्या था?आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इन वीडियो में दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर पीएम मोदी और अमित शाह पर आरोप लगाए थे।वीडियो में बीजेपी नेतृत्व पर बांग्लादेशी नागरिकों को देश में प्रवेश कराने का आरोप था। इसके बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ सख्तकार्रवाई की मांग की। आचार संहिता लागू, चुनावी माहौल गर्मदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों का ऐलान होते ही आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता के तहत नेताओं को चुनाव प्रचारऔर भाषणों में बहुत सतर्क रहना होता है। किसी भी तरह के भड़काऊ भाषण या दूसरे नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश पर चुनाव आयोगकार्रवाई कर सकता है। बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दाआम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया था कि केंद्र में पिछले दस सालों से बीजेपी की सरकार है, और ऐसे में बांग्लादेशी नागरिकों का देश में प्रवेश कैसेहो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल, असम, और त्रिपुरा जैसे राज्यों से ये नागरिक कैसे दिल्ली तक पहुंच रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने आमआदमी पार्टी के नेता मोहिंदर गोयल पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी नागरिकों के लिए आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करवा रहे थे। दिल्ली चुनाव के लिए तैयारियांदिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा। चुनाव आयोग ने सभी 77 विधानसभा सीटों पर मतदान की तारीख तय करदी है और उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तिथि 17 जनवरी है, जबकि 18 जनवरी को उम्मीदवारों की छंटनीकी जाएगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 20 जनवरी है। चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे और 10 फरवरी तक चुनाव प्रक्रियापूरी हो जाएगी।
शकूर बस्ती लैंड यूज पर एलजी का बयान, केजरीवाल पर झूठ फैलाने का आरोप

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल परगंभीर आरोप लगाए। उन्होंने केजरीवाल के शकूर बस्ती रेलवे झुग्गी कैंप के दौरे और वहां के लैंड यूज चेंज करने के बयान को सरासर झूठ करार दिया।एलजी ने कहा कि केजरीवाल ने जानबूझकर गुमराह करने वाला बयान दिया है, जबकि इस मामले में डीडीए ने न तो किसी तरह का लैंड यूज चेंजकिया है और न ही कोई डेमोलेशन या खाली कराने का नोटिस जारी किया है। डीडीए की 27 दिसंबर की बैठक का हवालाएलजी वीके सक्सेना ने डीडीए की 27 दिसंबर की बोर्ड बैठक का हवाला देते हुए बताया कि इस बैठक में रेलवे की एक खाली भूमि के लैंड यूज चेंजकरने पर केवल चर्चा की गई थी, लेकिन इस पर कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लैंड यूज चेंज की चर्चा उसभूमि से संबंधित थी, जो रेलवे की खाली भूमि थी, और यह शकूर बस्ती से संबंधित नहीं है। एलजी का तंज और केजरीवाल को सलाहएलजी ने केजरीवाल को सलाह दी कि वे जल्द ही इस मामले में झूठ बोलना बंद करें, अन्यथा डीडीए उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इसकेसाथ ही उन्होंने तंज भी कसा और कहा कि यदि केजरीवाल शकूर बस्ती में अंदर तक जाते, तो उन्हें वहां की बदहाली नजर आती। उन्होंने यह भी कहाकि बस्ती में सफाई, पानी की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं दिल्ली सरकार के अधीन हैं, और इनकी स्थिति सुधारने कीजिम्मेदारी भी अरविंद केजरीवाल की है। झुग्गीवालों के लिए डीडीए की योजनाएंएलजी ने आगे कहा कि डीडीए ने प्रधानमंत्री के “जहां झुग्गी, वहां मकान” योजना के तहत सभी झुग्गीवालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लैटदिए हैं, और अब ये लोग सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन जी रहे हैं।
मध्य प्रदेश में सीएम ने बदले 11 गांवों के नाम, शाजापुर में हुई घोषणा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए साल की शुरुआत में 11 गांवों के नाम बदलने की घोषणा की है। शाजापुर जिले के कालापीपल मेंएक कार्यक्रम के दौरान सीएम ने यह ऐलान किया। सीएम ने विधायक की मांग पर मोहम्मदपुर मछनाई का नाम बदलकर मोहनपुर और ढाबलाहुसैनपुर का नाम बदलकर ढाबला राम रखने का निर्णय लिया। “कुछ नाम अटक रहे हैं और खटक रहे हैं”: सीएम का बयानसीएम ने मंच से कहा कि विधायक ने यह सुझाव दिया था कि कुछ नाम “अटक” और “खटक” रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, मोहम्मदपुर मछनाई मेंमोहम्मद नामक कोई व्यक्ति नहीं है, तो इस नाम का क्या मतलब है? इसके बाद, सीएम ने इसे सही ठहराते हुए मोहम्मदपुर मछनाई का नाम बदलकरमोहनपुर रखने की घोषणा की। उन्होंने हंसी मजाक में विधायक से कहा, “गांव का नाम मेरे नाम पर नहीं, जैसा तुमने प्रस्तावित किया।” अन्य नाम परिवर्तन की घोषणाएंसीएम ने इसी दौरान ढाबला हुसैनपुर और मोहम्मदपुर पवारिया का नाम भी बदलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, “जब कोई हुसैन नहीं है तो हुसैनपुरक्यों होना चाहिए? अब इसे ढाबला राम के नाम से जाना जाएगा।” इसके अलावा, मोहम्मदपुर पवारिया का नाम बदलकर रामपुर पवारिया कियाजाएगा, क्योंकि वहां कोई मोहम्मद नहीं है। यह नाम परिवर्तन गांवों के स्थानीय संदर्भ और मान्यताओं के अनुसार किया गया है और यह स्थानीय नेताओं की मांग पर आधारित है।
महाराष्ट्र में लाडकी बहिण योजना पर अफवाहों के बीच देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान I

महाराष्ट्र में लाडकी बहिण योजना एक बार फिर चर्चा में है। इस योजना के तहत राज्य सरकार पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं।हालांकि, कई दिनों से यह अफवाह चल रही है कि यह योजना बंद होने वाली है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि जनताकी भलाई करने वाली कोई भी योजना बंद नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि महायुति गठबंधन की तरफ से चुनाव के दौरान जो वादेकिए गए थे, वो सभी वादे पूरे किए जाएंगे। देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “ऐसी अफवाहें हैं कि हम लाडकी बहिण योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर देंगे। मैं यह स्पष्ट करनाचाहता हूं कि महिलाओं, दलितों और हाशिए पर पड़े लोगों के हित के लिए लागू की गई हर योजना जारी रहेगी। मौजूदा योजनाओं के अलावा, हमअपने घोषणापत्र में किए गए सभी वादों को भी पूरा करेंगे।” क्या है लाडकी बहिण योजना ?महाराष्ट्र की लाडकी बहिण योजना महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले शुरू की गई थी। इस योजना के जरिए महाराष्ट्र की 21 से 65 साल तक की पात्र महिलाओं को हर महीने राज्य सरकार 1500 रुपये देती है। यह योजना मध्य प्रदेश की लाड़ली बहन योजना की तरह ही है, जिसमेंपात्र महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये मिलते हैं। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले इस योजना की शुरुआत की थी औरबीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। इसके बाद महाराष्ट्र और झारखंड में सरकारों ने चुनाव से पहले ऐसी ही योजना शुरू कर सत्ता मेंवापसी की। अब दिल्ली में भी चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने इसी तर्ज पर महिला सम्मान योजना शुरू की है। चुनावी घोषणापत्र में महायुति के वादेलाडकी बहिन योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 की जाएगाी25,000 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती होगीकृषि ऋण माफ, किसान सम्मान योजना से सालाना 15,000 रुपयेवरिष्ठ नागरिकों को 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,100 रुपये की सहायतासभी के लिए भोजन और आश्रयआवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर45, 000 ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगाआंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के लिए ₹15,000 और सुरक्षा कवरसरकार बनने के बाद ‘विजन महाराष्ट्र @2029बिजली बिल में 30% की कटौती25 लाख नौकरियां और 10 लाख छात्रों को हर महीने 10, 000 रुपये दिए जाएंगे
दिल्ली चुनाव: बीजेपी ने जारी की तीसरी लिस्ट, मोहन सिंह बिष्ट को मुस्तफाबाद सीट से मिला टिकट

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी तीसरी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें मोहन सिंह बिष्ट कोमुस्तफाबाद सीट से टिकट दिया गया है। बिष्ट, जो करावल नगर के मौजूदा विधायक हैं, पहले इस सीट पर पार्टी द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) सेबीजेपी में आए कपिल मिश्रा को टिकट दिए जाने से नाराज थे। मोहन सिंह बिष्ट ने पहले एएनआई से बात करते हुए कहा था कि करावल नगर सीट से कपिल मिश्रा को टिकट देना गलत फैसला है और उन्होंने इससीट से नामांकन करने का मन बना लिया था। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि वह बीजेपी आलाकमान के फैसले को स्वीकार करेंगे। कुछ समय बादही पार्टी ने तीसरी लिस्ट जारी की और मोहन सिंह बिष्ट को मुस्तफाबाद से उम्मीदवार बना दिया। “अब जीत कर दिखाऊंगा” – मोहन सिंह बिष्टअपने टिकट की घोषणा पर मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि पार्टी ने उन पर विश्वास जताया है और सीट बदलने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “पार्टी नेमुझमें काबिलियत देखी होगी, तभी मुझे टिकट दिया गया है। विपरीत परिस्थितियां और जातीय समीकरणों के कारण बीजेपी मुस्तफाबाद सीट परपिछली बार हार गई थी। अब पार्टी ने मुझ पर भरोसा जताया है, और मैं यह सीट जीत कर दिखाऊंगा।” मुस्तफाबाद सीट पर कड़ा मुकाबलामुस्तफाबाद सीट पर इस बार जोरदार मुकाबला होने की संभावना है। AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ताहिर हुसैन को अपना उम्मीदवार बनायाहै, जो 2020 के दिल्ली दंगों के प्रमुख आरोपियों में से एक रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने आदिल अहमद खान को मैदान में उतारा है और कांग्रेसने अली महदी को टिकट दिया है। इस सीट पर बीजेपी, AIMIM, कांग्रेस और AAP के बीच कड़ा संघर्ष होने की उम्मीद है।