‘कांग्रेस का घिनौना सच अब उनके ही नेता ने कर दिया उजागर’, राहुल के किस बयान पर भड़के नड्डा?

भाजपा के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की इस टिप्पणी से कांग्रेस का ‘घिनौना सच’ सामने आ गया है, जिसमेंउन्होंने दावा किया है कि ‘हम अब भाजपा, आरएसएस और ‘इंडियन स्टेट’ (भारतीय राज व्यवस्था) से लड़ रहे हैं’। राहुल ने इससे पहले, राष्ट्रीयराजधानी के कोटला रोड पर 9ए स्थित कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के बाद पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह मत सोचिए किहम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है। यदि आप मानते हैं कि हम भाजपा नामक एक राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं या हमआरएसएस नामक एक राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं तो आप नहीं समझ पाए हैं कि क्या हो रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और आरएसएस ने हमारे देश के प्रत्येक संस्थान पर कब्जा कर लिया है। अब हम सिर्फ भाजपा नामक राजनीतिक संगठन औरआरएसएस से नहीं, बल्कि ‘इंडियन स्टेट’ से भी लड़ रहे हैं।’’ राहुल के ‘डीप स्टेट’ के साथ गहरे संबंध- नड्डाराहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नड्डा ने सोशल मीडिया मंच X पर आरोप लगाया कि यह कोई रहस्य नहीं है कि राहुल गांधीऔर उनके ‘परिवेशी तंत्र’ के शहरी नक्सलियों और ‘डीप स्टेट’ के साथ ‘गहरे संबंध’ हैं जो भारत को ‘बदनाम, अपमानित और खारिज’ करना चाहते हैं।‘डीप स्टेट’ ऐसे समूह को कहा जाता है जो गोपनीय तरीके से अपने विशेष हितों को पूरा करने, खासकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों कोअस्थिर करने के लिए काम करते हैं। नड्डा ने क्यों दी राहुल को बधाई?नड्डा ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जो कुछ भी किया या कहा है वह भारत को तोड़ने और हमारे समाज को विभाजित करने की दिशा में है। उन्होंनेपलटवार करते हुए कहा, ‘‘अब और कुछ छिपा नहीं है, कांग्रेस का घिनौना सच अब उनके अपने ही नेता द्वारा उजागर कर दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी को बधाई देता हूं कि उन्होंने साफ तौर पर वह कह दिया, जो देश जानता है- कि वह भारत के खिलाफ लड़ रहे हैं।’’ भाजपा अध्यक्ष नेआरोप लगाया कि कांग्रेस का उन सभी ताकतों को प्रोत्साहित करने का इतिहास रहा है जो कमजोर भारत चाहते हैं। नड्डा ने कहा, ‘‘सत्ता के लालच कामतलब देश की अखंडता से समझौता करना और लोगों के भरोसे को धोखा देना है।’’ उन्होंने कहा कि भारत के लोग बुद्धिमान हैं और उन्होंने फैसलाकिया है कि वे राहुल गांधी और उनकी विचारधारा को हमेशा खारिज करेंगे
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का राहुल गांधी पर पलटवार, कहा- एक भारतीय कैसे कह सकता है कि उसकी लड़ाई भारत से है?

लोकसभा में विपक्षी नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानों पर बीजेपी ने एक बार फिर तीखा जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी नेराहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए पूछा, “एक भारतीय कैसे कह सकता है कि उसकी लड़ाई भारत से है?” यह टिप्पणी राहुल गांधी के उसबयान के संदर्भ में की गई, जिसमें उन्होंने हाल ही में चुनावी पारदर्शिता और भारत की चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी का बयान: बीजेपी और आरएसएस ने कब्जा किया हर संस्था परकांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के मौके पर दावा किया कि भारत की चुनावी प्रक्रिया में गंभीरसमस्याएं हैं। उन्होंने कहा, “यह मत सोचिए कि हम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं, इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है। अगर आप मानते हैं कि हम बीजेपी याआरएसएस से लड़ रहे हैं, तो आप सही नहीं समझ रहे हैं। बीजेपी और आरएसएस ने हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हम सिर्फबीजेपी, आरएसएस और भारतीय राज्य से ही नहीं, बल्कि इस पूरी व्यवस्था से लड़ रहे हैं।” केंद्रीय मंत्री ने किया पलटवारकेंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने राहुल गांधी के इस बयान पर कड़ा जवाब देते हुए कहा, “यह बयान बेहद चिंताजनक है। एक भारतीय कैसे यह कह सकताहै कि उसकी लड़ाई भारत से है? यह भारत के लोकतंत्र और संस्थाओं का अपमान है।” पुरी ने राहुल गांधी को यह याद दिलाया कि भारत एकलोकतांत्रिक देश है, जहां हर नागरिक को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन किसी को भी इस लोकतंत्र के खिलाफ खड़ा नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी का यह बयान उनकी आलोचना का कारण बना है, और अब बीजेपी इसे कांग्रेस पर दबाव बनाने का एक मौका मान रही है।
सुप्रीम कोर्ट से मायावती को बड़ी राहत, 15 साल बाद हाई प्रोफाइल केस हुआ बंद

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को उस जनहित याचिका का निपटाराकर दिया, जिसमें मायावती के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च करके अपनी और अपनी पार्टी के चुनावी सिंबल”हाथी” की मूर्तियां बनाने के खिलाफ मामला उठाया गया था। इस याचिका पर कोर्ट ने अब सुनवाई बंद करने का फैसला लिया है। याचिका में क्या था दावा?यह मामला 15 साल पुराना है, जब 2009 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। वकील रविकांत ने दावा किया था कि सरकारी धन कादुरुपयोग कर बहुजन समाज पार्टी की सिंबल “हाथी” की मूर्तियां पार्कों में बनवाई गई थीं। इसके साथ ही यह भी मांग की गई थी कि जनता के पैसेका यह दुरुपयोग बसपा से वसूला जाए और चुनाव आयोग को आदेश दिया जाए कि बसपा का चुनाव चिन्ह जब्त कर लिया जाए। हालांकि सुप्रीमकोर्ट ने याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया। मायावती को मिली राहत, जन्मदिन पर खास तोहफायह फैसला मायावती के लिए खास है, क्योंकि यह उनके 69वें जन्मदिन के दिन आया। इस फैसले ने उन्हें दोहरी खुशी दी, और बसपा कार्यकर्ता भीइस राहत को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। मूर्तियों को लेकर क्या था विवाद?मायावती ने 2009 में करदाताओं के पैसे से लखनऊ और नोएडा के पार्कों में अपनी, कांशी राम और हाथियों की मूर्तियां बनवाने का निर्णय लियाथा। ये मूर्तियां 2007 से 2012 के बीच मायावती के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान बनाई गई थीं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इनमूर्तियों की लागत 52.20 करोड़ रुपये थी, जो सरकारी धन की बर्बादी है और चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के खिलाफ है। मायावती का पक्षमायावती ने हमेशा दावा किया कि इन मूर्तियों को “महज वास्तुशिल्प डिजाइन” के रूप में स्थापित किया गया था और ये उनकी पार्टी के प्रतीक नहींथीं। उन्होंने यह भी कहा कि स्मारकों के निर्माण के लिए उचित बजट आवंटित किया गया था और इनका उद्देश्य था कि लोग उनसे प्रेरणा लें और यहलोगों की इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
पीएम मोदी ने तीन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया, कहा- भारत की सुरक्षा को मिलेगा नया बल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई के नेवी डॉकयार्ड में भारतीय नौसेना के तीन नए युद्धपोतों, INS सूरत, INS नीलगिरी और INS वाघशीर को देश कोसमर्पित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि इन नए युद्धपोतों से भारत की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी और यह भारत की नौसेना कोसशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नौसेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदमपीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा, “हमारी नौसेना ने सैकड़ों लोगों की जान बचाई है और आज हम एक अहम कदम उठा रहे हैं जिससे हमारी नौसेनाऔर मजबूत होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भरता के मार्ग को अपनाया है, जिससे हम अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूती देरहे हैं। उन्होंने भारत की नीति पर भी बात की, कहकर कि भारत हमेशा विकास के दृष्टिकोण से काम करता है, न कि विस्तारवाद के। पीएम ने कहा, “भारतआज एक भरोसेमंद और जिम्मेदार साथी के रूप में पहचाना जा रहा है, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में।” मेड इन इंडिया युद्धपोतपीएम मोदी ने गर्व के साथ कहा कि यह युद्धपोत पूरी तरह से मेड इन इंडिया हैं, जो भारत की बढ़ती ताकत और आत्मनिर्भरता को दर्शाते हैं। उन्होंनेकहा, “भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है और आज हमारा देश एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है।” समुद्री विरासत और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदमपीएम ने इस दिन को भारत की समुद्री विरासत और नौसेना के गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए भी महत्वपूर्णबताया। उन्होंने कहा, “आज हम छत्रपति शिवाजी महाराज की पवित्र भूमि पर 21वीं सदी की नौसेना को सशक्त करने के दिशा में एक अहम कदमउठा रहे हैं।”यह पहली बार है जब भारतीय नौसेना में एक विध्वंसक, एक फ्रिगेट और एक पनडुब्बी एक साथ कार्यरत हो रहे हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणापीएम मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय नौसेना को नया दृष्टिकोण और सामर्थ्य दिया था।तीनों युद्धपोतों का भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होना, भारत के रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो देश को रक्षा विनिर्माण औरसमुद्री सुरक्षा में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करेगा।
“चार बच्चे पैदा करो, एक लाख रुपये ले जाओ”: परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष का विवादित ऐलान

मध्य प्रदेश सरकार के परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पंडित विष्णु राजोरिया ने एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समुदाय केएक सम्मेलन के दौरान घोषणा की कि जो ब्राह्मण जोड़े चार बच्चे पैदा करेंगे, उन्हें बोर्ड की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। हालांकि, इस घोषणा के बाद विवाद खड़ा हो गया, और राजोरिया को अपनी सफाई पेश करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार वह अपनी निजी हैसियत सेदेंगे, न कि राज्य सरकार की तरफ से। राजोरिया इंदौर में सनाढ्य ब्राह्मण समुदाय के विवाहयोग्य युवक-युवतियों के परिचय सम्मेलन में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने यह बयान दिया। सोशलमीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि युवाओं में परिवार बढ़ाने की बजाय केवल एक बच्चा पैदा करने की प्रवृत्तिबढ़ रही है, जो उनकी नजर में ठीक नहीं है। उन्होंने अपील की कि कम से कम चार बच्चे होने चाहिए। राजोरिया ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घोषणा व्यक्तिगत स्तर पर की गई थी और इसे किसी सरकारी योजना के तहत लागू नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि वह इस पुरस्कार राशि का प्रबंध अपने व्यक्तिगत प्रयासों या सामाजिक सहयोग से करेंगे।
कांग्रेस आलाकमान का विधायक दल को संदेश, सार्वजनिक बयानबाजी से बचें और नेतृत्व के फैसले का पालन करें

कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के अंदर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, लेकिन इस बीच पार्टी आलाकमान ने विधायकों को सार्वजनिकबयानबाजी से बचने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और पार्टी नेतृत्व ने सोमवार को कांग्रेस विधायकों से अपील की कि वे किसी भीसार्वजनिक बयान में नेतृत्व परिवर्तन या अन्य मुद्दों पर राय न व्यक्त करें और जो भी निर्णय पार्टी आलाकमान ले, उसका पालन करें। यह निर्देश कांग्रेसविधायक दल (CLP) की बैठक में दिया गया, जिसमें कांग्रेस के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और जयराम रमेश भी शामिल थे। कांग्रेस के भीतर सत्ता परिवर्तन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है, खासकर तब जब कुछ विधायकों और मंत्रियों ने सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे परअपनी राय दी। कुछ विधायकों ने नेतृत्व परिवर्तन की संभावना जताई, जबकि कुछ ने इसका विरोध करते हुए इसे नकारा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री सतीश जरकीहोली के आवास पर हाल ही में हुए रात्रिभोज के बाद से सत्ता परिवर्तन की चर्चा और तेज हो गई है। इसमुलाकात में दलित और अनुसूचित जनजाति समुदाय के कुछ मंत्रियों से बातचीत की गई थी, जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मार्च मेंराज्य बजट के बाद सत्ता परिवर्तन हो सकता है। इसके अलावा, 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद यह खबर भी आई थी कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत दोनों बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनाए जाने थे। इस तरह की चर्चा कर्नाटक की राजनीति में नई दिशा और संभावित बदलावों को लेकरउत्सुकता को बढ़ा रही है।
संजय राउत ने मोहन भागवत के बयान पर दी प्रतिक्रिया, कहा- संविधान बनाने का अधिकार उन्हें नहीं

शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था किभारत की असली स्वतंत्रता की प्रतिष्ठा राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन हुई। राउत ने इस पर स्पष्ट किया कि भागवत सम्माननीय व्यक्ति हैं, लेकिनवह संविधान के निर्माता नहीं हैं और न ही वह देश के कानूनों में बदलाव कर सकते हैं। राउत ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण में सभी ने अपना बलिदान दिया और यह देश के लिए गौरव की बात है, लेकिन यह दावा करना कि देश तभीस्वतंत्र हुआ जब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई, सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि रामलला इस देश में सदियों से हैं और उनके लिए आंदोलनों कासिलसिला लगातार चलता रहेगा। राउत ने स्पष्ट किया कि रामलला के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, तभी देश को सही मायने में स्वतंत्रतामिलेगी। वहीं, विपक्षी गठबंधन ‘I.N.D.I.A.’ के बीच मतभेदों पर राउत ने कहा कि इंडिया अलायंस अगर खत्म होता है तो विपक्ष भी कमजोर हो जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि यह गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए ही बनाया गया था, लेकिन इसका अस्तित्व देश की लोकतांत्रिक मजबूती के लिएजरूरी है।
महाराष्ट्र: कांग्रेस अकेले लड़ सकती है लोकल बॉडी चुनाव, नसीम खान का बड़ा बयान

मुंबई: महाराष्ट्र में बीएमसी और अन्य लोकल बॉडी चुनावों को लेकर कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है। सीनियर कांग्रेस नेता नसीम खान नेबड़ा बयान देते हुए कहा कि महाविकास आघाड़ी और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र बचाने के लिए बनाए गए थे और आज भी सक्रिय हैं। हालांकि, लोकल बॉडी चुनावों के संदर्भ में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की मांग है कि पार्टी इस बार अकेले चुनाव लड़े।कांग्रेस कार्यकर्ताओं की है मांगनसीम खान ने कहा, “हमने पहले भी, जब एनसीपी के साथ 15 साल तक गठबंधन में थे, लोकल बॉडी चुनाव अकेले लड़े थे। इस बार भी हमें लगताहै कि यही सही रहेगा। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान करेगा। लेकिन महाराष्ट्र में कार्यकर्ता चाहते हैं कि कांग्रेस अकेले अपने दम परचुनाव लड़े।”दिल्ली चुनाव पर भी बोले नसीम खानदिल्ली विधानसभा चुनाव पर नसीम खान ने कहा, “दिल्ली की स्थिति अलग है। अगर आम आदमी पार्टी अकेले लड़ना चाहती है तो यह उनकी मर्जीहै। हम भी अलग चुनाव लड़ रहे हैं क्योंकि हमें अपनी स्थिति मजबूत करनी है। हम एक राष्ट्रीय दल हैं और हमारी प्राथमिकता हर चुनाव जीतने की है।हालांकि, गठबंधन होता तो यह बेहतर होता।”भाजपा पर साधा निशानानसीम खान ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, “भाजपा अपनी सहयोगी पार्टियों को कमजोर करने की नीति पर काम करती है। पहले वह उनपार्टियों को अपने साथ लेकर उनका लाभ उठाती है, फिर खुद ताकतवर होकर उन्हें खत्म करने का काम करती है। महाराष्ट्र में भी भाजपा यही कर रहीहै। जल्द ही यह साफ हो जाएगा कि उनके मौजूदा सहयोगियों का भविष्य क्या होगा।”
उपचुनाव विधानसभा यूपी- चंद्रभान पासवान को मिला टिकट, BJP ने घोषित किया मिल्कीपुर सीट पर उम्मीदवार

बीजेपी ने यूपी की मिल्कीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार का ऐलान किया है। इस सीट पर चंद्रभान पासवान को टिकट दियागया है। इस बार का चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।मिल्कीपुर में कब होंगे चुनाव?विधानसभा मिल्कीपुर में उपचुनाव 5 फरवरी को होगा, जिसके परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। डीएम चंद्र विजय सिंह ने जानकारी देतेहुए बाताया कि- उपचुनाव नामांकन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर 17 जनवरी तक चली। इसके बाद 18 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच कीजाएगी और 20 जनवरी को उम्मीदवार नाम वापस ले सकते है।मिल्कीपुर में कितने वोटर्सइस सीट पर कुल 3,70,829 मतदाता हैं, जिनमें 1,92,984 पुरुष, 1,77,838 महिलाएं और 7 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। उपचुनाव में नएयुवा मतदाता 4811 है, जो पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। मतदान के लिए 255 मतदान केंद्र और 414 मतदेय स्थल बनाए गए हैं।चुनाव की व्यवस्था के तहत चार जोनल मजिस्ट्रेट और 41 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।उपचुनाव में कांग्रेस नही लेगी हिस्सामिल्कीपुर में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने हिस्सा न लेने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि- पार्टी2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। फिलहाल कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत कर रही है।
अहमदाबाद में अमित शाह ने उड़ाई पतंग, सीएम के साथ उठाया लुत्फ

मकर संक्रांति के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में पतंगबाजी की। इस उत्सव के दौरान गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल भीमौजूद रहे। मकर संक्रांति के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के मेमनगर इलाके में शांति निकेतन सोसायटी के लोगो के साथ त्योहारमनाया। इस समारोह में गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल भी शामिल हुए। जिससे स्थानीय लोग में काफी उत्साहित नजर आए। मकर संक्रांति के त्योहारपर सोसाइटी को रंगोलियों से सजाया गया…. महिलाओं और बच्चों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जोरदार स्वागत किया…. इस दौरान पारंपरिकढोल-नगाड़ों के साथ सांस्कृतिक नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। छत पर जाकर उड़ाई पतंगमकर संक्रांति के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी पत्नी सोनलबेन शाह के साथ छत पर पतंगबाजी में हिस्सा लिया। केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मकर संक्रांति के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं। इस उत्सव में अहमदाबाद की मेयर प्रतिभा जैन, पार्टीके स्थानीय नेता, पार्षदों और एएमसी अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति देखी गई।मकर संक्रांति पतंगबाजी का त्योहार गुजरात में इसे उत्तरायण के रूप में जाना जाता है। गुजरात में इस दिन को पतंगबाजी के साथ मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय पतंगबाजी महोत्सव केहिस्से के रूप में, लोग राज्य भर में छतों पर इकट्ठा होते हैं और साफ आसमान का आनंद लेते हुए पतंगबाजी करते हैं। पतंग उड़ाने के अलावा, लोगचिक्की, तिल और मूंगफली से बने लड्डू और उंधियू (सर्दियों की सब्जियों से बना एक व्यंजन) जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेते हैं।