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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया बयान, महाकुंभ सहित कई मुद्दों पर की चर्चा

प्रयागराज के महाकुंभ से योगी सरकार को बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावामिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार महाकुंभ के आयोजन को विशेष बताते हुए, अनुमान जताया कि इस वर्ष करीब दो लाख करोड़ रुपयेका लेन-देन होगा।खिचड़ी भोज और पत्रकारों से संवादमहाकुंभ की व्यस्तताओं के बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार रात लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर वरिष्ठ पत्रकारों के लिए खिचड़ीभोज का आयोजन किया। इस मौके पर उन्होंने महाकुंभ, दिल्ली विधानसभा चुनाव, हिंदुत्व और अन्य मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। सीएम ने कहा किपहले की सरकारें कुंभ जैसे आयोजनों में केवल औपचारिकता निभाती थीं, जबकि अब यह आयोजन एक ऐतिहासिक और व्यापक दृष्टिकोण से हो रहाहै।VIP मूवमेंट पर रोकसीएम योगी ने महाकुंभ में VIP मूवमेंट पर रोक लगाने का उल्लेख किया। उनका कहना था कि पहले बड़े अफसर और नेता अमृत स्नान के लिए संगमआते थे, लेकिन अब इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के महाकुंभ आने पर उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालुआएं, उनका स्वागत है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को संगम स्नान करने का अवसर मिलना चाहिए।ट्रेनी IPS अफ़सरों के लिए महाकुंभ एक सीखसीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि यूपी सरकार ने नेशनल पुलिस एकेडमी को चिट्ठी लिखकर ट्रेनी IPS अफ़सरों को महाकुंभ भेजने काअनुरोध किया है। उनका मानना है कि महाकुंभ में इतनी बड़ी भीड़ और उसके प्रबंधन से अफसरों को क्राउड मैनेजमेंट का अनुभव मिलेगा, जो उनकेकरियर में काम आएगा।नासिक के अनुभव से प्रेरणासीएम ने नासिक में आयोजित कुंभ का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां पार्किंग बीस किलोमीटर दूर बनाई गई थी, जिससे उन्होंने बहुत कुछ सीखा।इस अनुभव के बाद प्रयागराज में जगह-जगह पार्किंग की व्यवस्था की गई है।दिल्ली विधानसभा चुनाव पर टिप्पणीपत्रकारों के साथ बातचीत में सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली विधानसभा चुनाव पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी से लोगपरेशान हैं और इस बार दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रचार अभी ठीक से शुरू नहीं हुआ है, लेकिन लोगों में बदलावकी लहर दिख रही है।महाकुंभ से जुड़ी आर्थिक उम्मीदेंयोगी सरकार का दावा है कि महाकुंभ से राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि इस बार महाकुंभ में अनुमानित 40 करोड़ लोगआएंगे, और अगर प्रत्येक व्यक्ति औसतन 5000 रुपये खर्च करता है, तो यह दो लाख करोड़ रुपये का लेन-देन हो सकता है। इसके साथ ही, संगमक्षेत्र का विस्तार किया गया है, जहां गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम होता है।अयोध्या, काशी और महाकुंभ का कनेक्शनमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि महाकुंभ के कारण प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या एक धार्मिक सर्किट बन गए हैं। उन्होंने उदाहरणदेते हुए बताया कि अयोध्या में एक दिन में 15 लाख लोगों ने रामलला के दर्शन किए। अगर काशी में विश्वनाथ मंदिर का कॉरिडोर और अयोध्या मेंराम मंदिर का निर्माण नहीं होता, तो इतने बड़े पैमाने पर श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाते।धार्मिक स्थलों पर बदलता माहौलसीएम योगी ने यह भी कहा कि केंद्र और यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से धार्मिक स्थलों का माहौल बदल चुका है। अब ये स्थल केवलधार्मिक श्रद्धा के केंद्र नहीं रहे, बल्कि एक बड़ा उत्सव बन गए हैं, जो पूरे देश में नई दिशा का संकेत दे रहे हैं।

राहुल गांधी अचानक पहुचें दिल्ली AIIMS,  केंद्र और दिल्ली सरकार पर लगाए तीखे आरोप

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात अचानक दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का पहुचें।जहा पर उन्होंने इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिवारों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों को सुना।केंद्र और दिल्ली सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोपराहुल गांधी ने इस दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये सरकारें मरीजों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह सेअसंवेदनशील है। कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए बताया कि- कई मरीज और उनके परिवार सदस्य सड़कों, फुटपाथोंऔर सबवे में सोने को मजबूर हैं। कांग्रेस का दावा है कि मोदी सरकार और दिल्ली सरकार ने इन लोगों को अपनी मदद से पूरी तरह से वंचित कर दियाहै, और उनका इलाज करवाने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ रहा है।राहुल गांधी की टिप्पणीराहुल गांधी ने कहा, “बीमारी का बोझ, ठिठुरती सर्दी, और सरकारी असंवेदनशीलता – आज AIIMS के बाहर उन मरीजों और उनके परिवारों से मिला, जो दूर-दराज से इलाज की उम्मीद में यहां पहुंचे हैं। इन लोगों को सर्दी, भूख और असुविधाओं के बावजूद ठंडी ज़मीन पर सोना पड़ रहा है। केंद्र औरदिल्ली सरकार दोनों अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं।”

बिहार के मंत्री को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम क्यों मिली धमकी?पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपी को?

बिहार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।आरोपी ने मंत्री से 30 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की थी, और यह भी कहा था कि अगर रकम नहीं दी जाती तो वह मंत्री को बाबा सिद्दीकी जैसाहाल कर देगा।पुलिस ने की तत्काल कार्रवाईयह मामला तब सामने आया जब मंत्री संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने खुद कोलॉरेंस बिश्नोई बताते हुए उन्हें फोन किया और जान से मारने की धमकी दी, साथ ही रंगदारी की मांग की। मंत्री ने इस घटना की सूचना बिहार केपुलिस महानिदेशक को भी दी थी।बिहार पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए एक टीम का गठन किया और तकनीकी सहायता का उपयोग करके आरोपी को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़जिले से गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिससे धमकी भरी कॉल की गई थी।पुलिस ने आरोपी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन इस मामले की जांच गहरे स्तर पर की जा रही है। मंत्री संतोष कुमार सिंह ने पुलिस कीत्वरित कार्रवाई की सराहना की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।

ममता बनर्जी ने मोहन भागवत पर लगाया गंभीर आरोप, बयान से छिड़ी सियासी जंग

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘सच्ची स्वतंत्रता’ वाले बयान पर जमकर सियासत हो रही है, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसकी कड़ीनिंदा करते हुए ‘राष्ट्र विरोधी’ बताया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान पर सियासी घमासान मचा हुआ है। मोहन भागवत ने बयानदेते हुए कहा था कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाई जानी चाहिए, क्योंकि अनेक सदियों से दुश्मनका आक्रमण झेलने वाले देश की सच्ची स्वतंत्रता इस दिन प्रतिष्ठित हुई थी। उनके बयान के बाद उनपर जमकर पलटवार हो रहा है। नेता विपक्ष राहुलगांधी ने भी उनके इस बयान को ‘देशद्रोह’ के जैसा बताया था. और अब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी उनके बयान की निंदा करते हुएकहा है कि यह ‘राष्ट्र विरोधी’ है और इतिहास को विकृत करने का प्रयास है।मोहन भागवत का बयान: ‘सच्ची स्वतंत्रता’ पर विवादआरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का हाल हीम में दिया गया बयान सियासी बवाल का कारण बन गया है। भागवत ने कहा था कि अयोध्या मेंरामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाई जानी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार, इस दिन भारत को सच्ची स्वतंत्रता मिलीथी। उनके इस बयान पर विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ममता बनर्जी का कड़ा विरोध: ‘राष्ट्र विरोधी’ और इतिहास विकृत करने का प्रयासपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोहन भागवत के बयान की कड़ी निंदा की और इसे ‘राष्ट्र विरोधी’ करार दिया। उन्होंने राज्य सचिवालय मेंसंवाददाताओं से कहा, “यह बयान इतिहास को विकृत करने की कोशिश है और हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। यह एक खतरनाक टिप्पणी है औरइसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। हम अपनी स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी तरह की राष्ट्रविरोधी विचारधारा कोबर्दाश्त नहीं करेंगे।” भागवत का बयान: सच्ची स्वतंत्रता की परिभाषाआरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को यह विवादास्पद बयान दिया था कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि को ‘प्रतिष्ठाद्वादशी’ के रूप में मनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि भारत ने सदियों तक दुश्मन का आक्रमण झेला, और इस दिन को “सच्ची स्वतंत्रता” केरूप में मान्यता दी जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस और शिवसेना सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी आलोचना की है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशियों की 5वीं लिस्ट की जारी, इन्हें मिला टिकट

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने दो उम्मीदवारों की पांचवीं लिस्ट जारी की है। कांग्रेस ने तिमारपुर से लोकेंद्र चौधरी और रोहतास नगर सेसोरेश वाटी चौहान को टिकट दिया है। इससे पहले कांग्रेस ने अपने 68 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया था। दो और उम्मीदवारों के नाम केसाथ कांग्रेस ने दिल्ली की सभी 70 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। चौथी लिस्ट में 5 प्रत्याशियों के नाम इससे पहले कांग्रेस ने बुधवार देर रात को प्रत्याशियों की चौथी लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में कांग्रेस ने पांच प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कियाथा। बवाना से सुरेंद्र कुमार, रोहिणी से सुमेश गुप्ता, करोल बाग से राहुल धनक, तुगलकाबाद से वीरेंद्र बिधूड़ी और बदरपुर से अर्जुन भड़ाना को टिकटदिया गया। संदीप दीक्षित VS अरविंद केजरीवाल कांग्रेस ने इससे पहले तीसरी लिस्ट में 16 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी। गत 24 दिसंबर को पार्टी ने 26 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूचीजारी की थी। पार्टी ने दिसंबर की शुरुआत में 21 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी, जिसमें नई दिल्ली से पूर्व सांसद संदीप दीक्षित कोमैदान में उतारा गया था। वह आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को चुनौती दे रहे हैं। फरहाद सूरी VS मनीष सिसोदिया कांग्रेस ने जंगपुरा से फरहाद सूरी को टिकट दिया गया है। यह सीट आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया की है। इसके अलावा, सीमापुरी सेराजेश लिलोठिया और उत्तम नगर से मुकेश शर्मा को भी उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि दिल्ली विधानसभा के लिए 5 फरवरी को मतदान होगाऔर मतगणना 8 फरवरी को होगी।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025:  बीजेपी ने चौथी लिस्ट जारी, 68 सीटों पर उम्मीदवार तय

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में नौ सीटोंपर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है। अब तक, बीजेपी ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 68 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर लिएहैं। अनुमान जताया जा रहा है कि बची हुई दो सीटें एनडीए गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों को दी जा सकती हैं। बीजेपी ने चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत 29 उम्मीदवारों के नाम के साथ की थी। इसके बाद, दूसरी लिस्ट में भी 29 प्रत्याशियों की घोषणा की गई।तीसरी लिस्ट में सिर्फ एक उम्मीदवार, मोहन सिंह बिष्ट, को मुस्तफाबाद सीट से टिकट दिया गया था। अब चौथी लिस्ट में नौ नई सीटों पर उम्मीदवारोंकी घोषणा की गई है। चुनाव की तारीखें और उम्मीदवारों का नामांकनदिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रियाचल रही है और कई प्रत्याशी नामांकन भी कर चुके हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 17 जनवरी है, और ऐसे में बीजेपी को अपनी सहयोगी पार्टियों केसाथ मिलकर बची दो सीटों के उम्मीदवारों का चुनाव जल्द ही करना होगा। पहली लिस्ट में दलबदलुओं को टिकटबीजेपी ने अपनी पहली लिस्ट 4 जनवरी को जारी की थी, जिसमें 29 उम्मीदवारों के नाम थे। इस लिस्ट में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस सेहाल ही में पार्टी में शामिल हुए कई दलबदलुओं को टिकट दिया गया। नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा कोटिकट दिया गया, जबकि पूर्व पार्टी सांसद रमेश बिधूड़ी को कालकाजी से मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा गया। दूसरी लिस्ट में महिला उम्मीदवारों का भी ध्यान11 जनवरी को आई बीजेपी की दूसरी लिस्ट में भी 29 नाम थे, जिसमें पांच महिला उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया था। इसके अलावा, करावलनगर से कपिल मिश्रा, नरेला से राज करण खत्री, तिमारपुर से सूर्य प्रकाश खत्री और मुंडका से गजेंद्र दराल को उम्मीदवार बनाया गया। अन्य नामों मेंकिराड़ी से बजरंग शुक्ला, सुल्तानपुर माजरा से करम सिंह कर्मा, शकूर बस्ती से करनैल सिंह, त्रिनगर से तिलक राम गुप्ता, सदर बाजार से मनोज कुमारजिंदल और चांदनी चौक से सतीश जैन शामिल हैं। अब बीजेपी को बची दो सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान करने के लिए सहयोगी दलों के साथ मिलकर निर्णय लेना होगा, क्योंकि नामांकन की प्रक्रियाखत्म होने वाली है।

प्रशांत किशोर का 14 दिन लंबा अनशन समाप्त,  गंगा में डुबकी लगाकर जन सुराज कैंप में किया हवन

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने 14 दिन लंबे आमरण अनशन को समाप्त कर दिया है। पटना में गंगा पथ के पास आयोजितकार्यक्रम में उन्होंने अनशन तोड़ा। इससे पहले, प्रशांत किशोर ने गंगा में डुबकी लगाई और फिर जन सुराज कैंप में हवन किया। इस दौरान उन्होंनेआमरण अनशन समाप्त करने का ऐलान किया। अब वह सत्याग्रह के अगले चरण की घोषणा करेंगे। प्रशांत किशोर की टीम के अनुसार, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें अनशन समाप्त करने की पहल की थी। राज्यपाल ने उनसे आग्रहकिया था कि छात्रों का प्रतिनिधिमंडल भेजें, और इस मुद्दे का समाधान मिलकर किया जाएगा। प्रशांत किशोर का अनशन क्यों था?प्रशांत किशोर ने बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ विरोध जतानेके लिए आमरण अनशन शुरू किया था। यह अनशन बीपीएससी अभ्यर्थियों द्वारा आंदोलन किए जाने के बाद शुरू हुआ, जो परीक्षा में पारदर्शिता कीमांग कर रहे थे। प्रशांत किशोर ने 2 जनवरी को शिक्षा, परीक्षा और रोजगार से संबंधित मुद्दों को लेकर अनशन शुरू किया था। इस दौरान, वह बिहार में अपनी पार्टीजन सुराज को जनाधार देने की कोशिश कर रहे थे। अपनी पार्टी का जनाधार मजबूत करने के लिए उन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। पटना में हुआ विरोध प्रदर्शन30 दिसंबर को पटना में छात्र संसद का आयोजन किया गया था। हालांकि, पुलिस की अनुमति नहीं होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों पर पुलिस नेलाठीचार्ज किया। इसके बाद, प्रशांत किशोर ने अनशन पर बैठने का फैसला किया। उन्हें पहले गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में उन्हें निजीमुचलके पर रिहा कर दिया गया। बीपीएससी ने भेजा नोटिसइस मामले में, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने प्रशांत किशोर और अन्य लोगों को कानूनी नोटिस जारी किया था। यह नोटिस उन लोगों कोभेजे गए थे जिन्होंने 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) के मुद्दे पर बीपीएससी के खिलाफ निराधार आरोप लगाए थे।बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आयोग ने उन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं जो आरोप लगा रहे थे, और कुछऔर नोटिस भी भेजे जाएंगे।

मिल्कीपुर उपचुनाव: अखिलेश यादव का ऐलान, ‘अयोध्या को बनाएंगे वर्ल्ड क्लास सिटी’

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 5 फरवरी को मतदान होगाऔर 8 फरवरी को परिणाम सामने आएंगे। इस सीट पर प्रमुख मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच है।उपचुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने जीत का दावा करते हुए कई अहम मुद्दों पर बातकी। आइए जानते हैं, अखिलेश ने क्या कहा। “मिल्कीपुर उपचुनाव है देश का सबसे अहम चुनाव”- अखिलेश यादवअखिलेश यादव ने मिल्कीपुर उपचुनाव को “देश का सबसे अहम चुनाव” करार दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के किसान अपनी ज़मीन से परेशान हैंक्योंकि सरकार उनकी ज़मीन सस्ते में छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को उनकी ज़मीन के सही बाजार मूल्य परमुआवजा दिया जाए। “भा.ज.पा. की हार तय है”- अखिलेश यादवअखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मिल्कीपुर में भाजपा की हार तय है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को हराने के लिएकिसान, महिलाएं, व्यापारी और युवा सभी तैयार हैं। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अयोध्या में भाजपा के नेताओं द्वारा ही रजिस्ट्री क्यों की जा रहीहै, और इस पर जवाब देने की मांग की। “अगर सपा की सरकार बनी तो अयोध्या को वर्ल्ड क्लास सिटी बनाएंगे”- अखिलेश यादवअखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि वह हमेशा अयोध्या को वेटिकन सिटी बनाने की बात करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जहांआश्रम बनने चाहिए थे, वहां भाजपा फाइव स्टार होटल बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने फाइव स्टार होटलों के खिलाफ बयान दिए थे, लेकिन अब बिना बार के होटल बना रही है। अखिलेश ने भरोसा दिलाया कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो अयोध्या को वर्ल्ड क्लाससिटी में बदला जाएगा।

मनीष सिसोदिया ने आज नामांकन नहीं भरा, अरविंद केजरीवाल ने निकाली पदयात्रा

दिल्ली विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आज अपना नामांकनदाखिल नहीं किया है, जबकि इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि वह आज नामांकन पत्र भर सकते हैं। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के संयोजकऔर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया और इस मौके पर एक पदयात्रा भीनिकाली, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका साथ दिया। केजरीवाल ने इस यात्रा के दौरान दिल्लीवासियों से अपनी पार्टी को वोट देने की अपील कीऔर इसे ‘काम के आधार पर’ वोट देने का संदेश दिया। मनीष सिसोदिया का नामांकन ना दाखिल करनाविधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने नई दिल्ली सीट से मनीष सिसोदिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। मनीष सिसोदिया ने पहले पटपड़गंजविधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक बनने का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन इस बार वह नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। सिसोदिया की2020 विधानसभा चुनाव में जीत का अंतर काफी कम था और उसके बाद उन्हें शराब घोटाले के मामले में जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, इसचुनाव में वह नामांकन दाखिल नहीं कर पाए। इससे पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि मनीष सिसोदिया भी आज अपने नामांकन पत्र दाखिलकरेंगे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया कि वह आज ऐसा नहीं करेंगे। केजरीवाल की पदयात्रा और नामांकन दाखिलअरविंद केजरीवाल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले सुबह अपनी पत्नी सुनीता के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने हनुमान मंदिर औरवाल्मीकि मंदिर में पूजा की और फिर पार्टी कार्यालय से दिल्ली के नई दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक पदयात्रा शुरू की। इस पदयात्रा में आमआदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जो हाथ में पार्टी का झंडा लिए हुए थे। इस यात्रा के दौरान केजरीवाल ने दिल्लीवासियों से अपीलकी कि वे अपने वोट का इस्तेमाल काम के आधार पर करें, न कि किसी अन्य आधार पर। उन्होंने खासतौर पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा किवह बिना किसी दृष्टिकोण के चुनाव लड़ रहे हैं और पार्टी के पास कोई स्पष्ट दिशा नहीं है। बीजेपी पर हमला करते हुए केजरीवाल का बयानकेजरीवाल ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा, “बीजेपी के पास कोई मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं है और न ही कोई मुद्दा है। वे जनता को यह बतानेमें सक्षम नहीं हैं कि अगले पांच साल में वे क्या काम करेंगे। दिल्लीवासी समझ रहे हैं कि बीजेपी क्या कर रही है।” केजरीवाल ने यह भी कहा किबीजेपी के पास कोई स्पष्ट विजन नहीं है और इसलिए आम आदमी पार्टी ही दिल्ली की सच्ची विकल्प है। “जाको राखे साइयां, मार सके न कोय” – केजरीवाल का विश्वासहाल ही में खालिस्तानी समर्थक एक संगठन से अपनी जान को खतरा होने की खबरों के बाद, केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इस बारे में चिंता करने कीकोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भगवान पर पूरा भरोसा जताया। केजरीवाल ने हनुमान मंदिर में पूजा के बाद कहा, “जाकोराखे साइयां मार सके न कोय” (जिसे भगवान बचाए उसे कोई नहीं मार सकता)। उनके अनुसार, भगवान हमेशा उनके साथ हैं और जब तक जीवन कीसंजीवनी शक्ति जीवित रहती है, तब तक कोई खतरा नहीं हो सकता। सुनीता केजरीवाल का बयानकेजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग समझते हैं कि कौन बेहतर शासन प्रदान कर सकताहै। उन्होंने कहा, “लोग जानते हैं कि कौन अच्छा नेतृत्व प्रदान कर सकता है, और वे ही निर्णय लेंगे।” उनका विश्वास है कि दिल्ली के लोग उनकी पार्टीको समर्थन देंगे, क्योंकि आम आदमी पार्टी ही उनकी उम्मीदों पर खरी उतरी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुकाबलाअरविंद केजरीवाल का मुकाबला इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता परवेश वर्मा और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित से है। इस बार दिल्ली की70 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा और मतगणना 8 फरवरी को की जाएगी। दिल्ली की राजनीति में यह चुनावबेहद अहम है, क्योंकि पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था और वह सत्ता में आई थी। इस बार भी केजरीवाल और उनकीपार्टी का लक्ष्य सत्ता में वापस लौटना है। आम आदमी पार्टी का भविष्यअरविंद केजरीवाल का मानना है कि उनकी पार्टी दिल्ली में एक बार फिर बहुमत हासिल करेगी और उनकी सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली मेंआम आदमी पार्टी की सरकार बनाने के लिए जनता का विश्वास और समर्थन जरूरी है। केजरीवाल का कहना है कि उनका और उनकी पार्टी का उद्देश्यदिल्ली के विकास के लिए काम करना है, और वे इस चुनाव में दिल्लीवासियों से काम के आधार पर वोट देने की अपील कर रहे हैं। चुनाव प्रचार में नए मुद्देआम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में शिक्षा, स्वास्थ्य, और पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपने वादे दोहराए हैं। साथ ही, वह दिल्लीकी जनता को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी सरकार पिछले पांच वर्षों में किए गए कार्यों के आधार पर फिर से चुनी जाएगी।वहीं बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवार अपने-अपने मुद्दों को लेकर दिल्लीवासियों के बीच प्रचार कर रहे हैं, लेकिन केजरीवाल का कहना है कि वहचुनावी प्रचार के बजाय असल मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं, जो जनता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अखिलेश यादव ने AAP को क्यों दिया समर्थन? INDIA गठबंधन की बैठक में क्या हुई थी बात?

दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है, जहां 5 फरवरी को मतदान होगा और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इसबीच दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। कुछ दिन पहलेसमाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आमआदमी पार्टी (AAP) को अपना समर्थन देने की बात की थी। अब अखिलेश यादव ने इस फैसले के पीछे का कारण भी बताया है। अखिलेश यादव का बयानमकर संक्रांति के अवसर पर हरिद्वार पहुंचे अखिलेश यादव ने दिल्ली विधानसभा चुनाव पर अपनी बात रखते हुए कहा, “INDIA गठबंधन अखंड है।जब INDIA गठबंधन का गठन हुआ था, तब यह तय किया गया था कि जो पार्टी स्थानीय स्तर पर मजबूत होगी, उसे गठबंधन का समर्थन मिलेगा।दिल्ली में AAP मजबूत है, इसलिए समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना समर्थन दिया है। हमारा उद्देश्य भाजपा को हराना है, और जब उद्देश्य एक है तोझूठ-सच का कोई सवाल नहीं है।” AAP और कांग्रेस के बीच जंगदिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच खुलकर सियासी घमासान देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, जो नईदिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, ने कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित को भाजपा का एजेंट करार दिया था। इस पर कांग्रेस और AAP के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में कहा था कि राहुल गांधी अपनी पार्टी को बचाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि आप नेता संजय सिंह ने इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और AAP को राहुल गांधी से कोई सर्टिफिकेट नहींचाहिए। सियासी पारा गरमअखिलेश यादव और ममता बनर्जी द्वारा कांग्रेस के बजाय आम आदमी पार्टी को समर्थन देने के बाद दिल्ली का सियासी पारा और भी गर्म हो गया है।इस स्थिति में जहां बीजेपी, कांग्रेस और AAP के बीच घमासान है, वहीं INDIA गठबंधन का एकजुट रहना और भाजपा को हराने का उद्देश्य सभीपार्टियों के लिए अहम बन गया है।