WPL 2026: 9 जनवरी से शुरू होगी लीग, मुंबई और बेंगलुरु के बीच होगा उद्घाटन मुकाबला

महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 की शुरुआत नौ जनवरी से होगी और पहला मैच मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच नवी मुंबईके डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस बात की घोषणा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शनिवार, 29 नवंबर को की। इससेपहले 27 नवंबर को दिल्ली में हुए महिला प्रीमियर लीग के मेगा ऑक्शन के दौरान लीग के चेयरमैन जयेश जॉर्ज ने टूर्नामेंट की तारीखें और स्थान कीजानकारी दी थी। महिला प्रीमियर लीग का पहला चरण नौ जनवरी से 17 जनवरी तक नवी मुंबई में खेला जाएगा। वहीं दूसरा चरण 19 जनवरी सेपांच फरवरी तक वडोदरा (बारोडा) में आयोजित होगा। फाइनल मुकाबला भी वडोदरा में खेला जाएगा। लीग स्टेज में कुल 20 मुकाबले खेले जाएंगे।इसके बाद तीन फरवरी को एलिमिनेटर और दो दिन बाद यानी पांच फरवरी को फाइनल खेला जाएगा। शेड्यूल में सिर्फ दो डबल हेडर मुकाबले हैं। ऑक्शन में कुल 277 खिलाड़ीमहिला प्रीमियर लीग 2026 के लिए ऑक्शन में कुल 277 खिलाड़ी उपलब्ध थे, जिनमें 194 भारतीय और 83 विदेशी खिलाड़ी शामिल थे। इनमेंसे सिर्फ 67 खिलाड़ियों को ही टीमों ने खरीदा और इनमें से 23 खिलाड़ी विदेशी थीं। फ्रेंचाइजियों ने खिलाड़ियों पर कुल ₹40.8 करोड़ खर्च किए।मुंबई इंडियंस ने 2023 में खिताब जीता था, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2024 में चैंपियनशिप जीती थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि2026 में कौन सी टीम ट्रॉफी पर कब्जा जमाती है। अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थानपर रहने वाली टीम को एलिमिनेटर खेलना होगा.
जजों के लिए ज़रूरी है मनोरंजन सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, तनावमुक्त रहने को अपनाएं रिक्रिएशनल एक्टिविटीज़

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए ताकि वे खुद को रिचार्ज कर सकें।सीजेआई ने कहा कि जजों के काम के घंटे लंबे होते हैं और उनका काम बेहद तनावपूर्ण होता है। उनके काम की प्रकृति को देखते हुए उन्हें मनोरंजकगतिविधियां करनी चाहिए। मनोरंजक गतिविधियों में वे गतिविधियां शामिल की जाती हैं, जिन्हें लोग अपने शरीर और दिमाग को तरोताजा करने केलिए करते हैं। इनमें खेलकूद, योग-ध्यान, तैराकी या पैदल चलना आदि कुछ भी हो सकता है। सीजेआई ने ऑल इंडिया जज बैडमिंटन चैंपियनशिपके उद्घाटन कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जजों को अपनी उम्र के हिसाब से किसी मनोरंजक गतिविधि में शामिल होना चाहिए।सीजेआई ने कहा ‘जजों के काम के घंटे ज्यादा हैं और उनका काम की प्रकृति भी तनावपूर्ण है। उन्हें कई घटों तक बैठकर काम करना होता है। ऐसे मेंसभी जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए और इसे अपनी आदत में शुमार करना चाहिए। जजों को रिचार्ज करने के लिए ये जरूरीहै।’ न्यायालयों के जज बड़ी संख्याजस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ‘उच्च न्यायालयों के जज बड़ी संख्या में इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं, इससे पता चलता है कि वे अपनी सेहत कोलेकर जागरूक हैं।’ इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। यह दो दिवसीय खेलआयोजन दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में आयोजित किया जा रहा है। समापन समारोह और इनाम वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वसीजेआई जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अबंतिका डेका द्वाराकिया जा रहा है.जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ‘उच्च न्यायालयों के जज बड़ी संख्या में इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं, इससे पता चलता है कि वेअपनी सेहत को लेकर जागरूक हैं।’ इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे
ठाणे में आवारा जानवरों के अंग निकालने का रैकेट, शिवसेना सांसद ने जांच की मांग की

शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के ठाणे में आवारा जानवरों के अंगो को निकालने वाला रैकेट संचालित हो रहा है। उन्होंनेइसकी जांच की मांग की। शुक्रवार को ठाणे नगर निगम के एक कार्यक्रम में म्हास्के ने इस अवैध गतिविधि पर चिंता जाहिर की। ठाणे सांसद ने दावाकिया कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक गैंग शहर में आवारा कुत्तों और बिल्लियों को पकड़ता है, और स्थानीय पालतू जानवरों के सेंटर और डॉक्टरोंकी मदद से उनके अंग निकाल लेता है। उन्होंने कहा, ‘कुछ निजी अस्पताल हैं जिनके जरिए कुछ लोग ठाणे आते हैं और आवारा जानवरों को ले जातेहैं। उन्हें पड़ोसी मुंबई के देवनार में पांच से 10 दिनों के लिए रखा जाता है, और फिर उनके अंग गैर-कानूनी तरीके से निकाल लिए जाते हैं।’ उन्होंनेस्वास्थ्य और वेटेरिनरी विभाग को इस घटना के बारे में अलर्ट किया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को इस रैकेट की जांच करने और शहर मेंआवारा जानवरों की सुरक्षा पक्का करने का निर्देश दिया. नगर निगम को निर्देशित कियाशिवसेना सांसद ने ये भी कहा कि उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया है अतिरिक्त कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को नियुक्त कर जानवरों की नसबंदी औरवैक्सीनेशन के काम को पूरा किया जाए। म्हस्के ने ये भी कहा कि पालतू जानवरों और बिल्लियों के पंजीकरण के लिए सॉफ्टवेयर भी लॉन्च कियागया है, जिससे जानवरों की सेहत, वैक्सीनेशन आदि का डिजिटल डाटा रखना आसान होगा। सांसद ने कहा कि, ‘कुछ निजी अस्पताल हैं जिनके जरिएकुछ लोग ठाणे आते हैं और आवारा जानवरों को ले जाते हैं। उन्हें पड़ोसी मुंबई के देवनार में पांच से 10 दिनों के लिए रखा जाता है, और फिर उनकेअंग गैर-कानूनी तरीके से निकाल लिए जाते हैं।’
सबरीमाला सोना चोरी विवाद, कांग्रेस नेता ने पिनाराई विजयन पर लगाया आरोप, कहा सरकार ही सबसे बड़ी आरोपी

सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी होने के मामले को लेकर केरल में राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने केरल के मुख्यमंत्रीपिनाराई विजयन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, इस मामले में आरोपी लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। चेन्निथला नेकहा कि यह घटना केवल चोरी नहीं, बल्कि लाखों अयप्पा भक्तों की भावनाओं पर चोट है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में ‘सबसे बड़ी आरोपी’ है, क्योंकि यह घटना सरकारी निगरानी वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) में हुई।इस मामले में टीडीबी के दो पूर्व अध्यक्ष, ए. पद्मकुमार औरएन. वासु, को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पहले ही गिरफ्तार किया है। लेकिन चेन्निथला का दावा है कि वे अकेले यह काम नहीं कर सकते थे।उन्होंने कहा, ‘अगर ये आरोपियों ने सोना गायब किया है, तो उनके पीछे राजनीतिक समर्थन था। रमेश चेन्निथला ने एक विवादित बयान का जिक्रकिया जिसमें पद्मकुमार ने कहा था कि इस मामले में एक ‘भगवान जैसा व्यक्ति’ शामिल है। इस पर टिप्पणी करते हुए चेन्निथला ने कहा कि’मार्क्सवादी पार्टी में ‘भगवान जैसा’ व्यक्ति कौन है? पिनाराई विजयन के अलावा कोई नहीं।’ निचले अधिकारियों तक सीमितउन्होंने आरोप लगाया कि जांच केवल निचले अधिकारियों तक सीमित है और मंत्रियों तक नहीं पहुंच रही क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण मिलाहुआ है। चेन्निथला ने यह भी कहा कि राज्य में आम लोगों में काफी चिंता है। कई भक्तों ने सोना, चांदी और कीमती सामग्री श्रद्धा से मंदिर में चढ़ाईहै, लेकिन अब उन्हें भरोसा नहीं कि वह सुरक्षित है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि उनके क्षेत्र के एक भक्त को चिंता है कि उनके द्वारा चढ़ाएगए सोने के बर्तन मंदिर में अब भी हैं या चोरी हो चुके हैं। सबरीमाला मंदिर में सोना गायब होने का मामला पिछले काफी समय से विवाद में है।एसआईटी जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन मामला अभी भी राजनीतिक तकरार और सवालों के घेरे में है।
ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने कार्यकाल के दौरान की शादी, जोड़ी हेडन संग द लॉज में निजी समारोह

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शनिवार को अपनी लंबे समय से साथी रहीं जोडी हेडन से शादी कर ली। इसके साथ ही वे देश केइतिहास में ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए, जिन्होंने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान शादी किया। 62 वर्षीय अल्बनीज और 46 वर्षीय हेडन ने राजधानीकैनबरा स्थित प्रधानमंत्री आवास द लॉज के बगीचे में एक निजी समारोह में शादी की। इस समारोह में सिर्फ परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्तशामिल थे। शादी के बाद जारी बयान में अल्बनीज ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं। अपने परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में हमने साथ रहने कावादा किया है. सोशल मीडिया एक्स पर सिर्फ एक शब्द- विवाहितऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज ने सोशल मीडिया एक्स पर सिर्फ एक शब्द- विवाहित – लिखकर अपनी शादी की झलक साझा की। वीडियो में वे बो-टाई सूट में दिखाई दिए, जबकि हेडन सफेद शादी के गाउन में मुस्कुराती नजर आईं। जैसे ही दोनों ने हाथ पकड़ा, उन पर कंफेटी बरसी। प्रधानमंत्रीकार्यालय की ओर से बताया गया कि दंपति सोमवार से शुक्रवार तक ऑस्ट्रेलिया में ही हनीमून मनाएंगे और इस दौरान होने वाले सभी खर्चे वे खुदवहन करेंगे। एंथनी अल्बनीज की यह दूसरी शादी है। वे 2019 में अपनी पहली पत्नी से अलग हुए थे और उनके बेटे का नाम नाथन है। उन्होंने जोडीहेडन से लगभग पांच साल पहले मेलबर्न में एक व्यावसायिक कार्यक्रम के दौरान मुलाकात की थी।
18 पुरानी विधानसभा सीटें गायब, 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने में परेशानी

चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए उत्तराखंड की वर्ष 2003 की मतदाता सूची तो जारी हो गई लेकिन इसमें नाम खोजनाआसान नहीं है। प्रदेशभर में उस वक्त 18 विधानसभा सीटें ऐसी थीं, जो आज अस्तित्व में ही नहीं हैं। परिसीमन के बाद इनके नाम और क्षेत्र बदल गएथे। एसआईआर के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जाना है। आपका वोट 2003 में था या नहीं, इसके लिए मुख्य निर्वाचनअधिकारी देहरादून कार्यालय ने वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची जारी कर दी है। नई पीढ़ी के मतदाता जब यहां देहरादूनकी धर्मपुर व रायपुर, चमोली की थराली, पौड़ी की चौबट्टाखाल, नैनीताल की लालकुआं व भीमताल, ऊधमसिंह नगर की कालाढूंगी सीट की तलाशकरेंगे तो उन्हें नहीं मिलेगी। वर्ष 2003 में ये विधानसभा सीटें थी ही नहीं। वर्ष 2002 में हुआराज्य गठन के बाद पहला परिसीमन वर्ष 2002 में हुआ था, जिसमें राज्य में विधानसभा की 70 और लोकसभा की पांच सीटें तय हुई थीं। 2003 कीमतदाता सूची में भी इन्हीं सीटों का जिक्र है। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर जब वर्ष 2008 में परिसीमन हुआ तो उत्तराखंड की विधानसभा, लोकसभासीटों की संख्या तो नहीं बदली लेकिन 18 सीटों का वजूद खत्म हो गया था। इसके बजाय नए नाम से सीटें आ गई थीं। वर्तमान मतदाता जब नएनाम को सर्च करेंगे तो उन्हें 2003 की मतदाता सूची में इन 18 सीटों के नाम नहीं मिलेंगे। नाम से विस सीटचमोली जिले में नंद्रप्रयाग व पिंडर के नाम से विस सीट थीं, जिनकी जगह अब थराली नाम से सीट है। देहरादून जिले में लक्ष्मणचौक व देहरादून केनाम से सीट थी, अब धर्मपुर, रायपुर व देहरादून कैंट के नाम से है। हरिद्वार जिले में इकबालपुर, लंढौरा, बहादराबाद, लालढांग के नाम से सीट थीं, अब इनकी जगह भेल रानीपुर, ज्वालापुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, खानपुर व हरिद्वार ग्रामीण के नाम से है। पौड़ी जिले में धूमाकोट, बीरोंखाल, थलीसैंण के नाम से सीट थीं, अब इनकी जगह चौबट्टाखाल नाम से है। पिथौरागढ़ में कनालीछीना और अल्मोड़ा में भिकियासैंण के नाम से सीट थीं, जो अब नहीं हैं। नैनीताल में मुकतेश्वर व धारी के नाम से सीट थीं, अब लालकुआं, भीमताल व कालाढूंगी के नाम से हैं। यूएसनगर में पंतनगर-गदरपुर, रुद्रपुर-किच्छा के नाम से सीट थीं, जो खत्म हो गईं और इनकी जगह गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा व नानकमत्ता के नाम से सीट है।
महाराष्ट्र में देरी से बने जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार अमान्य, अगस्त 2023 के बाद जारी प्रमाण पत्र रद्द

महाराष्ट्र सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा है कि राज्य में देरी से बनने वाले जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड को दस्तावेज नहीं माना जाएगा।साथ ही सरकार ने अगस्त 2023 के बाद से सिर्फ आधार कार्ड के जरिए बने सभी जन्म प्रमाण पत्र को भी रद्द करने का निर्देश दिया है। दरअसलसरकार ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र बनने से रोकने के लिए यह आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि अवैध कामों में इनफर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल हो रहा है। बावनकुले ने सभी संदिग्ध दस्तावेजों को भी रद्द करने का आदेशमहाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सभी संदिग्ध दस्तावेजों को भी रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन अधिकारियों केखिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज जारी किए। राजस्व विभाग ने राज्य के सभी तहसीलदार, एसडीओ और जिलाआयुक्तों और मंडल आयुक्तों को भी 16 बिंदुओं में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आधार कार्ड को जन्म प्रमाणपत्र के लिए सबूत नहीं माना जा सकता। राजस्व मंत्री बावनकुले ने ये भी कहा कि आवेदक की जानकारी और आधार कार्ड की तारीख में कोई भीगड़बड़ी पाई गई तो पुलिस केस दर्ज किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति असल दस्तावेज पेश नहीं कर पाता है तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्जकी जाएगी। आदेश ऐसे समय आयागौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब राज्य सरकार ने बीते दिनों 42 हजार से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रद्द किएहैं, जो कथित तौर पर भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों ने बनवा लिए थे। एक विशेष अभियान चलाकर महाराष्ट्र सरकार अवैध बांग्लादेशियोंकी पहचान कर रही है। ऐसे में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र आगे न बन पाएं, यही वजह है कि सरकार इसके नियम और प्रक्रिया को सख्त करने जा रही है।उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भी निर्देश जारी किया गया है कि आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र या जन्म की तारीख के सबूत के तौर पर दस्तावेजनहीं माना जाएगा। उत्तर प्रदेश के योजना विभाग द्वारा अन्य सभी विभागों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
लखनऊ में राष्ट्रीय जंबूरी का समापन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 15 हजार स्काउट-गाइड्स की सलामी

भारत स्काउट एंड गाइड की संरक्षक व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को लखनऊ में होंगी। वृंदावन स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में आयोजित 19वींराष्ट्रीय जंबूरी के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति करीब 90 मिनट तक स्काउट्स गाइड्स के बीच रहेंगी। इस दौरान अलग-अलग प्रांत, राज्य वविदेश के 15 हजार प्रतिभागी उन्हें सलामी देंगे। भारत स्काउट एंड गाइड यूपी के मुख्यायुक्त प्रभात कुमार ने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम केअनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू दोपहर 3:30 मिनट पर राष्ट्रीय जंबूरी में शिरकत करेंगी। उनके स्वागत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ भी शामिल होंगे। राष्ट्रपति प्रोटोकॉल के अनुसार, कार्यक्रम करीब 1:30 घंटे तक चलेगा। अपने-अपने परिधान में संस्कृतिमुख्य आयुक्त के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान यूपी सहित देश सभी राज्यों, सेंट्रल रेलवे और विदेशी स्काउट गाइड अपने-अपने परिधान में संस्कृतिप्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की ओर से मार्च पास्ट और कलर पार्टी भी होगी। परेड में सभी स्काउट गाइड अपने-अपने ड्रेस और बैंडबाजा के साथ जंबूरी के राष्ट्रीय संगीत पर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल राष्ट्रीय जंबूरी के समापन पर लखनऊ आएंगी। स्काउटगाइड के बीच वह 90 मिनट रहेंगी। उन्हें 15 हजार युवा सलामी देंगे। इसमें राज्यपाल और सीएम भी शामिल होंगे।
31 दिसंबर से उड़ान भरेगा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, सुरक्षा मानकों के लिए सीएम योगी ने दिए कड़े निर्देश

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 31 दिसंबर से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को एनआईए, ब्यूरो ऑफ सिविल एविशन सिक्योरिटी, यमुना प्राधिकरण, नागर विमानन महानिदेशालय के अफसरों केसाथ समीक्षा बैठक की। इसमें सीएम योगी ने 31 दिसंबर की डेडलाइन दी। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निरीक्षण के बाद सीएम योगी ने समीक्षा बैठकमें कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सबसे पहले सुरक्षा जांच के बाद एयरोड्रम लाइसेंस की प्रक्रिया कीजाएगी। 4 दिसंबर तक डीजीसीए से लाइसेंस जारी हो जाएगा। 15 दिसंबर को उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय लिया जा रहा है।निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के बोर्डरूम में मंत्री नगर विमानन मंत्रालय, सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिकउड्डयन,निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडाइंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथउच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावरप्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई। परियोजना की प्रगति पर समीक्षा,एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रमपरियोजना की प्रगति पर समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने पाया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंनेनिर्देश देते हुए कहा कि ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों कोतत्काल पूर्ण किया जाए और शीघ्रातिशीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश कीमहत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।” माननीयमुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है। इसलिए निर्माण कार्योंकी गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए किउद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करे। वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होनेपर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा जोइसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री बृजेश सिंह, विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर, अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश दीपक कुमार, मण्डलायुक्त मेरठ मण्डल मेरठ भानू चंद्र गोस्वामी, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित शासन, प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थ्ति रहे।
दीप्ति शर्मा बनी सबसे महंगी खिलाड़ी, यूपी वारियर्स ने मेगा नीलामी में दिखाई आक्रामक रणनीति

महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 सीजन के लिए मेगा नीलामी गुरुवार को संपन्न हुई। इस नीलामी में कुल 277 खिलाड़ी शामिल हुए थे, जिनमें से 67 खिलाड़ियों पर बोली लगी। पांचों फ्रेंचाइजी के पास कुल 73 रिक्त स्थान थे, लेकिन नीलामी में टीमों ने मिलकर 67 खिलाड़ियों कोखरीदा, जिनमें 23 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। इस नीलामी में सबसे महंगी खिलाड़ी भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्हें यूपी वारियर्स नेआरटीएम का इस्तेमाल करते हुए 3.2 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा। सभी फ्रेंचाइज़ी ने मिलकर कुल 40.8 करोड़ रुपये खर्च किए। डब्ल्यूपीएल2026 सीजन की शुरुआत 9 जनवरी से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 5 फरवरी को खेला जाएगा. यूपी आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथने मेगा नीलामी में सबसे आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ते हुए कई बड़े फैसले लिए। टीम ने पहले ही राउंड में यह साफ कर दिया किवे दीप्ति शर्मा को किसी भी कीमत पर जाने नहीं देंगे। दीप्ति पर कई टीमों ने बोली लगाई, लेकिन अंत में यूपी ने आरटीएम कार्ड का इस्तेमाल करतेहुए 3.20 करोड़ में उन्हें अपनी टीम में बरकरार रखा। यह न सिर्फ नीलामी की सबसे महंगी बोली थी, बल्कि यह इस बात का भी संकेत था किफ्रेंचाइजी उनके ऑलराउंड कौशल पर कितना भरोसा करती है। दीप्ति हाल ही में 2025 वनडे विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं, जहां उन्होंने215 रन और 22 विकेट लेकर भारत की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महान कप्तान मेग लैनिंगयूपी ने नीलामी में एक और बड़ा धमाका करते हुए ऑस्ट्रेलिया की महान कप्तान मेग लैनिंग को 1.90 करोड़ में अपनी टीम से जोड़ा। लैनिंग पिछलेतीन सीजन से दिल्ली कैपिटल्स को लगातार फाइनल में ले जाने का अनुभव रखती हैं, ऐसे में यूपी वॉरियर्स को अब एक मजबूत नेतृत्व का विकल्प भीमिल गया है। इसके अलावा टीम ने अपना दूसरा आरटीएम इस्तेमाल करते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 स्पिनर सोफी एक्सलस्टोन को भी वापसबुलाया, जबकि भारत की युवा पेसर क्रांति गौड़ को भी आरटीएम से ही टीम में शामिल रखा गया। इसके बाद यूपी ने स्क्वॉड को बैलेंस करने के लिएफीबी लिचफील्ड, शिखा पांडे, क्लो ट्रॉयन, आशा शोभना, प्रतिका रावल और अन्य युवा खिलाड़ियों को जोड़ा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही किऑस्ट्रेलिया की कप्तान और डब्ल्यूपीएल की सबसे चमकदार चेहरों में से एक एलिसा हीली अनसोल्ड रह गईं।