दिल्ली की बदहाल हक़ीक़त और बदलाव की पुकार – देवेन्द्र यादव का बड़ा बयान

कांग्रेस का संदेश दिल्ली को झूठ और भ्रष्टाचार की राजनीति से मुक्ति दिलानी होगीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 30 नवम्बर को होने वालेनिगम उपचुनाव दिल्ली के लिए बेहद निर्णायक हैं। उन्होंने अपील की कि दिल्ली के लोग यह चुनाव सिर्फ एक प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे अपनीआने वाली पीढ़ियों के भविष्य के रूप में देखें। देवेन्द्र यादव के अनुसार भाजपा और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को झूठे वादों, फरेबी योजनाओं औरखोखली राजनीति में उलझाकर रखा है। आम आदमी पार्टी ने 2500 रुपये मासिक, 500 रुपये में सिलेंडर और त्योहारों पर मुफ्त गैस का वादा किया, पर सच में जनता को सिर्फ धोखा मिला। BJP ने भी दिल्ली के मुद्दों को हल करने के बजाय सत्ता, बयानबाज़ी और दिखावे में समय बिताया। आजजब दिल्ली प्रदूषण, गंदगी, टूटी सड़कों, अव्यवस्थित परिवहन और बिगड़ी कानून व्यवस्था से जूझ रही है, तब कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प बनकर खड़ीहै। शीला दीक्षित का स्वर्णिम शासन दिल्ली को विश्वस्तरीय पहचान मिली थीदेवेन्द्र यादव ने कांग्रेस के 15 वर्ष के कामकाज को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित सरकार का शासन दिल्ली के इतिहास का सबसेसुनहरा दौर था। उस समय दिल्ली को हर मायने में विकसित किया गया—सड़कों की गुणवत्ता, परिवहन व्यवस्था, बिजली-पानी, ग्रीन कवर, शिक्षाऔर स्वास्थ्य हर दिशा में उल्लेखनीय सुधार हुआ। दिल्ली में मेट्रो का विस्तार समय पर पूरा हुआ, CNG आधारित DTC बसें लाई गईं, 24 घंटेबिजली उपलब्ध कराई गई, और गरीब व मध्यम वर्ग के लिए योजनाएँ बिना भेदभाव के लागू की गईं। 56,000 मकान बनाकर गरीबों कोसम्मानजनक आवास दिया गया। लोग उस समय दिल्ली को स्वर्ग जैसी दिल्ली कहते थे, जहाँ विकास दिखाई देता था और व्यवस्थाएँ मज़बूत थीं। AAP और BJP का शासन स्वर्ग जैसी दिल्ली को नर्क में बदल दियादेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में AAP और BJP ने मिलकर दिल्ली की हालत बुरी तरह से बिगाड़ दी है। प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँचचुका है, सड़कों की हालत रोज़ाना दुर्घटनाओं को दावत देती है, परिवहन व्यवस्था टूट चुकी है और कानून व्यवस्था दिन-ब-दिन कमज़ोर हो रही है।राजधानी में कूड़े के पहाड़ बढ़ गए हैं, पेंशन योजनाएँ ठप हैं, और स्वास्थ्य सेवाएँ अव्यवस्थित। दिल्ली आज अपराध की राजधानी बनकर रह गई है, जहाँ महिलाएँ असुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि लगातार AQI 400 से ऊपर रहने के कारण प्रदूषण से एक वर्ष में 17,188 लोगों कीमौत होना बेहद दुखद है। सरकारें सिर्फ बयान दे रही हैं, लेकिन समाधान की दिशा में कुछ नहीं कर रहीं। वोट चोरी का आरोप लोकतंत्र पर चोटसंवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस ने अशोक विहार वार्ड में वोट चोरी का मामला भी उजागर किया। वोटर लिस्ट में एक ही चेहरे को 91 बार दोहराए जानेका उदाहरण दिखाकर देवेन्द्र यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा की सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्य पर सीधीचोट है और भाजपा यही तरीका अपना कर सत्ता में बने रहना चाहती है। महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल अल्का लांबा का बयानसंवाददाता सम्मेलन में अल्का लांबा ने कहा कि दिल्ली आज अपराध की राजधानी बन गई है। महिलाओं, छात्राओं और युवतियों के साथ होने वालीछेड़छाड़, यौन शोषण और झपटमारी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने बताया कि अमेरिका तक ने अपनी एडवायज़री मेंकहा है कि दिल्ली जाने पर महिलाएँ खुद अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें यह राजधानी के लिए शर्मनाक स्थिति है। शिक्षा के नाम पर छल राजेन्द्र पाल गौतम का आरोपराजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि AAP और BJP ने मिलकर गरीब, दलित और वंचित वर्ग के बच्चों के साथ भेदभाव किया है। प्रतिभा विकासविद्यालयों का नाम बदलकर सीटें प्राइवेट स्कूलों के लिए आरक्षित कर दी गईं, जिससे गरीब छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया। उन्होंने कहा किशिक्षा को महंगा बनाकर आम आदमी पार्टी ने गरीबों से पढ़ाई का अधिकार छीन लिया है, जबकि कांग्रेस ने इन बच्चों के लिए समान अवसर पैदाकिए थे। दिल्ली का भविष्य कांग्रेस ही विकल्प काजी निजामुद्दीनकाजी निजामुद्दीन ने कहा कि आम आदमी पार्टी और भाजपा ने मिलकर दिल्ली को बेरोज़गारी, अव्यवस्था और प्रदूषण की राजधानी बना दिया है।रोजगार खत्म होते गए और झुग्गियों को उजाड़कर गरीबों को बेघर किया गया। उन्होंने कहा कि निगम उपचुनाव सत्ता नहीं बदलेंगे, लेकिन यह बताएंगेकि दिल्ली अब किस दिशा में जाना चाहती है। दिल्ली के पास अब सिर्फ एक विकल्प है कांग्रेस दिल्ली को बचाना है, सच को चुनना हैदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्लीवासी अगर आज बदलाव नहीं चुनेंगे, तो आने वाले साल और भी कठिन होंगे। दिल्ली को फिर से विकसित, स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाना है, जैसा कि शीला दीक्षित के समय था। उन्होंने अपील की कि 30 नवम्बर को सभी 12 वार्डों में कांग्रेस कोसमर्थन देकर दिल्ली को झूठ, फरेब और भ्रष्टाचार की राजनीति से मुक्त कराएं।
दिल्ली की सियासत में लंबी जबान बनाम जनता की समस्याएँ कांग्रेस का बड़ा हमला

मुख्यमंत्री के बयानों पर कांग्रेस का तीखा प्रहारदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बड़बोलेपन और उनके उलझे हुए बयानों को एक अनोखे प्रतीकात्मकप्रदर्शन के माध्यम से उजागर किया। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में रेखा गुप्ता के कटआउट के साथ 100 मीटर लंबी जबान प्रदर्शितकी गई, ताकि जनता को यह दिखाया जा सके कि मुख्यमंत्री के शब्दों और उनके कामों में कितना बड़ा अंतर है। कार्यक्रम में एक वीडियो भी दिखायागया, जिसमें मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान किए गए वादों पर पूछे गए सवालों पर पूरी तरह चुप दिखाई दीं। चाहे महिलाओं को 2500 रुपये देने कावादा हो, होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर का आश्वासन, यमुना की सफाई, बसों की किल्लत, बुजुर्गों की पेंशन—हर मुद्दे पर मुख्यमंत्री की चुप्पी नेउनकी नीयत पर सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री सिर्फ बोलती हैं, काम कुछ नहीं करतींदेवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के बड़बोलेपन की हद इस कदर बढ़ चुकी है कि कभी वह दिल्ली का AQI यानी दिल्ली का IQ जैसे अजीबोगरीबबयान देती हैं, तो कभी जहां फाइल पर कहोगे, मैं अंगूठा लगा दूंगी जैसे गैर जिम्मेदार वक्तव्य। उन्होंने कहा कि इन बयानों से साफ है कि रेखा गुप्ता नदिल्ली को समझती हैं और न ही जनता की तकलीफ़ों के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले जनता को सपने दिखाना और जीत केबाद चुप्पी साध लेना, भाजपा सरकार की पुरानी आदत बन चुकी है। प्रदूषण, टूटे रास्ते, गंदगी, कूड़े के पहाड़, बदहाल बस व्यवस्था—हर मुद्दे परसरकार सिर्फ बयान देती रही, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया गया। कूड़े को कहो तुम्हें जाना होगा कांग्रेस की नई जन जागरूकता मुहिमदेवेन्द्र यादव ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मुख्यमंत्री के कूड़े के पहाड़ से बोलना तुम्हें जाना होगा वाले बयान की तर्ज पर एक अभियानचलाएं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने गली-मोहल्लों में जाकर कूड़े, प्रदूषण, टूटी सड़कों और गंदगी को प्रतीकात्मक रूप से कहें कि तुम्हें जानाहोगा। उनका कहना था कि सिर्फ बोलने से दिल्ली की समस्याएँ हल नहीं होंगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से ही बदलाव आएगा। यह मुहिमजनता के बीच जागरूकता बढ़ाने और सरकार की लापरवाही उजागर करने के लिए शुरू की जा रही है। काज़ी निज़ामुद्दीन का बयान मुख्यमंत्री ने पद की गरिमा खो दी हैअखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि रेखा गुप्ता अपनी लम्बी जबान के कारण न सिर्फ अपने पद की गरिमाको ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि दिल्ली की जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी भी निभाने में विफल साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनता लगातार पानी, प्रदूषण, बसों की कमी, सड़कों की हालत जैसी समस्याओं से जूझ रही है। लेकिन मुख्यमंत्री इन समस्याओं का समाधान ढूंढने के बजाय, सिर्फबयानबाज़ी में लगी रहती हैं। यही कारण है कि दिल्ली में हर दिन जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस की परमिशन रद्द करने से भाजपा की घबराहट उजागरदेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्यक्रमों की परमिशन लगातार रद्द की गई है। यह साफ संकेत है किभाजपा सरकार अपनी नाकामियों को उजागर होते नहीं देखना चाहती। विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें भाजपा की घबराहट और लोकतंत्रके प्रति उनकी सोच को उजागर करती हैं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बढ़ती परेशानियाँदेवेन्द्र यादव ने कहा कि महिलाएं 2500 रुपये की मासिक सहायता और 500 रुपये में सिलेंडर के वादे पर भरोसा करके भाजपा को सत्ता में लाई थीं।लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा ने अपने लगभग सभी वादों पर चुप्पी साध ली। इसके साथ ही दिल्ली की यमुना दिन-ब-दिन जहरीली होती जारही है, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पहले से भी बदतर हो चुकी है। शहर में जगह-जगह कूड़े के पहाड़ और गंदगीफैली है। इन समस्याओं के लिए भाजपा जितनी जिम्मेदार है, उतनी ही आम आदमी पार्टी भी है। निगम उपचुनावों पर नज़र—जनता देगी असली जवाबकाज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि 12 वार्डों के इन उपचुनावों में भले ही सरकार न बदले, लेकिन जनता यह जरूर दिखा सकती है कि वह भाजपा और आमआदमी पार्टी की नाकामियों से तंग आ चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर जनता कांग्रेस को जीत दिलाती है, तो पूरे शहर में एक संदेश जाएगा कि अबजनता दोनों पार्टियों से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है। कांग्रेस ने खोला भाजपा के झूठे वादों का पर्दाफाशइस पूरे कार्यक्रम और बयानों के माध्यम से कांग्रेस ने साफ किया कि दिल्ली में भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सिर्फ बयान देती हैं, लेकिन जनताकी तकलीफों पर कोई काम नहीं करतीं। बढ़ता प्रदूषण, कूड़े के पहाड़, टूटी सड़कें, महिलाओं और बुजुर्गों की समस्याएँ इन सभी को लेकर कांग्रेस अबजनता के साथ संघर्ष करेगी।
क्या 26 BLO की मौत सिर्फ संयोग है या लोकतंत्र पर संगीन हमला? – सुप्रिया श्रीनेत

प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोपकांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगातार हो रही मौतों को बेहद गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ताको सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का कहना है कि एसआईआर जिस तेज़ी और दबाव में करवाई जा रही है, उसने देशभर के बीएलओ कोजानलेवा परिस्थितियों में धकेल दिया है। ये हादसे नहीं, दिनदहाड़े हत्याएं हैंसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि पिछले 20 दिनों में 26 बीएलओ की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक गलती नहीं, बल्किएक ऐसा माहौल है जहाँ बीएलओ पर इतना दबाव बनाया जा रहा है कि वे हताशा में अपनी जान देने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने गोंडा के बीएलओविपिन यादव का उदाहरण दिया, जिनके परिवार ने आरोप लगाया कि उन पर ओबीसी वोटरों के नाम काटने का दबाव था। एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल 20 साल की सरकार में 93% स्ट्राइक रेट कैसे?कांग्रेस ने चुनावी आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि किसी राज्य में 20 साल सरकार चलाने के बाद 93 प्रतिशत स्ट्राइक रेटआना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक समझ रहा है कि एसआईआर के नाम पर वोटों में गड़बड़ी की जा रही है। महाराष्ट्र के स्थानीयनिकाय चुनावों में सामने आए उदाहरणों को भी उन्होंने गंभीर बताया जहाँ कोचिंग सेंटरों में सैकड़ों लोग पंजीकृत दिखाए गए, जबकि वहां कोई रहताही नहीं, और हजारों वोटरों के पते गायब मिले। चीन का दावा और प्रधानमंत्री की चुप्पीसुप्रिया श्रीनेत ने चीन के अरुणाचल प्रदेश पर लगातार दावों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि जब देश को बाहरी खतरा महसूस हो रहा है, तबप्रधानमंत्री की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, चीन की आक्रामकता और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर लोग सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान भटकाने में जुटी है। लोकेशन विवाद BJP का बनाया हुआ फर्जी मुद्दाBJP द्वारा X (पूर्व ट्विटर) पर कुछ अकाउंट्स की लोकेशन को लेकर उठाए गए सवालों को भी सुप्रिया श्रीनेत ने फर्जी मुद्दा बताया। उन्होंने X कंपनीके आधिकारिक बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि लोकेशन कई तकनीकी कारणों से गलत दिख सकती है और यह डेटा सटीक नहींहोता। उन्होंने यह भी कहा कि BJP यह बताने से बच रही है कि उसके अपनी पार्टी के कई आधिकारिक अकाउंट विदेशों से क्यों दिखाई देते हैं, जबकि कांग्रेस के हैंडल्स पर सवाल उठाए जा रहे हैं। देश को खतरा कांग्रेस से नहीं, BJP से हैवक्तव्य के अंत में सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि आज लोकतंत्र के सामने जो असली संकट है, वह भाजपा सरकार की नीतियों और उसके तरीके से पैदाहुआ है। उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस से नहीं बल्कि BJP की उन हरकतों से खतरा है, जो युवाओं का भविष्य नष्ट कर रही हैं और जनता के वोट देनेके अधिकार को कमजोर कर रही हैं। जवाबदेही से भाग नहीं सकती सरकार26 बीएलओ की मौत आज पूरे देश में चिंता का विषय है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिकअधिकारों पर हमला है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार चाहे जितना ध्यान भटकाने की कोशिश करे, लेकिन देश इन मौतों, एसआईआर की प्रक्रियाऔर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर ठोस जवाब चाहता है।
सिद्धारमैया या कोई और? कर्नाटक में नेतृत्व पर कांग्रेस हाईकमान का अंतिम फैसला “हाईकमान की बैठक में होगा अंतिम निर्णय”

कर्नाटक में अब मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी? इस सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रतिक्रिया दी है। खरगे ने बंगलूरू में पत्रकारोंसे बातचीत में कहा, ‘मैं सबको बुलाकर चर्चा करूंगा। उस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। पूरीहाईकमान टीम मिलकर निर्णय लेगी।’ कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा सफर पूरा किया है। इसीके बाद सत्ता परिवर्तन की चर्चा फिर तेज हो गई है क्योंकि चुनाव से पहले यह संकेत मिले थे कि ढाई-ढाई साल सत्ता साझा होगी, हालांकि पार्टी नेकभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसेराजनीतिक हलकों में कांग्रेस नेतृत्व के लिए संकेत माना जा रहा है। उन्होंने लिखा, ‘वचन की ताकत ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है। जो कहा है, उस पर चलना चाहिए- चाहे वह जज हो, राष्ट्रपति हो या मैं खुद ही क्यों न रहूं।’ उनका पोस्ट ऐसे समय पर आया है जब खुद शिवकुमार ने 29 नवंबरको सोनिया गांधी से मुलाकात का समय मांगा है। बल्कि सामूहिक रूप से लिया जाएगाइसी बीच कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री केएन राजन्ना ने कहा कि अगर पार्टी में नेतृत्व को लेकर विवाद है तो विधानसभा भंग कर दोबारा चुनावकराया जाए। उन्होंने कहा, ‘जब सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री चुना गया था तो वह कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का फैसला था। ऐसे में अगलाफैसला भी सीएलपी को ही करना चाहिए।’ हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सिद्धारमैया को पूरा कार्यकाल देने का समर्थन किया और दूसरे विकल्पके तौर पर गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर का नाम भी सामने रखा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पूरी चर्चा को ‘अनावश्यक बहस’ बताया है। वहीं डीकेशिवकुमार ने कहा कि वह कांग्रेस के साथ हैं और उनके इस्तीफे की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान आने वाले कुछ दिनोंमें फैसला कर सकता है। अब सभी की निगाहें आगामी बैठक और दिल्ली में होने वाली अहम बातचीत पर टिकी हुई हैं। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद कोलेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर फैसला बातचीत के बाद ही किया जाएगा।उन्होंने साफ कहा कि यह निर्णय अकेले नहीं बल्कि सामूहिक रूप से लिया जाएगा। उन्होंने बंगलूरू में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा किइस पर पूरा हाईकमान फैसला करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नैनीताल मॉर्निंग वॉक, जनता से संवाद और विकास कार्यों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान आम नागरिकों, पर्यटकों एवं स्कूली बच्चों से मुलाकात की। इस दौरानउन्होंने अधिकारियों के साथ पंत पार्क में बन रहे नयना देवी मंदिर के गेट का निरीक्षण भी किया। साथ ही लोगों के साथ चाय पीकर लोगों से वार्ताकी। बुधवार को नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार की सुबह सात बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले। वह सुबह एटीआई से पंतपार्क कपैदल टहले। इस दौरान उन्होंने रास्ते पर पैदल चल रहे लोगों से उनके हाल चाल जाने साथ ही ड्यूटी पर पुलिसकर्मियों से वार्ता कर उनकी दिक्कतेंजानी। वहीं पंत पार्क पहुंचने के बाद उन्होंने नव निर्मित नयना देवी मंदिर के गेट का काम देखा और उसको जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होंने मानसखंड मिशन के अंतर्गत नयना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि मंदिर को और अधिक भव्यव आकर्षक स्वरूप देने के लिए 11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिएइसके साथ ही उन्होंने मिशन के अन्य विकास कार्यों डीएसए मैदान के सुधार, बलिया नाला व ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा कार्यों की भी जानकारीअधिकारियों से ली और संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। जिसके बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों से वार्ता करतेहुए फड़ में चाय बनाई। चाय पीने के दौरान स्थानीय लोगों से वार्ता की । पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ठंड तेजी से बढ़ रही है ऐसे मेंअधिकारियों को सभी रैन बसेरों में व्यवस्थाए दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान उनके साथ सीएससी चन्द्र शेखर रावत, जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह बिष्ट, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजुनाथ टीसी, एसडीएम नवाजिश खलिख, लोनिवि ईई रत्नेश सक्सेना, ईओ रोहिताश शर्मा, तहसीलदार अक्षय भट्ट, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, मनोज जोशी, दया किशन पोखरिया, हरीश राणा व मोहित लाल साह मौजूद थे।
सुनील गावस्कर ने गौतम गंभीर का बचाव किया, कहा कोच का काम टीम बनाना है, प्रदर्शन खिलाड़ियों का

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर मुख्य कोच गौतम गंभीर के समर्थन में उतरे हैं। गावस्कर का कहना है कि कोच का काम टीम बनाना होताहै, लेकिन मैदान पर उतरकर प्रदर्शन करना खिलाड़ियों का काम है। भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार कासामना करना पड़ा जिसके बाद गंभीर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। कुछ फैंस ने तो सोशल मीडिया पर गंभीर को पद से हटाने की मांग तक कर दीहै। गावस्कर ने कहा, ‘गंभीर एक कोच हैं और उनका काम टीम तैयार करना है। कोच अपने अनुभव से आपको बता सकता है, लेकिन मैदान परखिलाड़ियों को ही प्रदर्शन करना होता है।’ गावस्कर ने साथ ही कहा कि गंभीर वही कोच हैं जिन्होंने भारत को चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप कीट्रॉफी दिलाने में मदद की, लेकिन अब घरेलू सीरीज हारने पर उनकी आलोचना की जा रही है। हम अक्सर किसी पर अंगुली तभी उठातेगावस्कर ने कहा, अब जो लोग पूछ रहे हैं कि उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए, उनसे मेरा सवाल है कि जब भारत ने गंभीर के नेतृत्व में चैंपियंस ट्रॉफी जीतीथी, तब आपने क्या किया था? जब भारत ने उनके नेतृत्व में एशिया कप जीता था, तब आपने क्या किया था? क्या आपने तब कहा था कि आपबर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं? क्या आपने तब कहा था कि उन्हें एक विस्तारित अनुबंध दिया जाना चाहिए, वनडे और टी20 क्रिकेट के लिए आजीवनअनुबंध? आपने ऐसा नहीं कहा था। जब कोई टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तभी आप कोच पर नजर डालते हैं। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के पूर्वबल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम का उदाहरण दिया जो इंग्लैंड के सभी प्रारूप के कोच हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलतनहीं है। गावस्कर ने कहा, आपके पास कोच हैं, उदाहरण के लिए ब्रेंडन मैकुलम इंग्लैंड के तीनों प्रारूप के कोच हैं। कई देशों में ऐसे कोच होते हैं जोसभी प्रारूप के लिए मौजूद होते हैं। लेकिन हम अक्सर किसी पर अंगुली तभी उठाते हैं जब टीम हार जाती है। गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलत नहींउन्होंने कहा, आप गंभीर को श्रेय देने को तैयार नहीं हैं। अगर आप उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीत का श्रेय देने को तैयार नहीं हैं, तो कृपयामुझे बताइए कि आप टीम के खराब प्रदर्शन के लिए उन्हें क्यों दोष देना चाहते हैं। आप गंभीर को दोष क्यों दे रहे हैं? पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनररविचंद्रन अश्विन ने भी गंभीर का बचाव करते हुए कहा है कि ऐसे समय में उन्हें बर्खास्त करने की मांग करना सही नहीं है जब खिलाड़ियों ने पर्याप्तजिम्मेदारी नहीं उठाई है। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम का उदाहरण दिया जो इंग्लैंड के सभी प्रारूप के कोच हैं। उन्होंने कहाकि गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलत नहीं है।
कानपुर की खुशी गुप्ता की मेहनत रंग लाई, सीएम योगी ने दिया शिक्षा और आवास का भरोसा

गरीबी व खामोशी से जूझ रही कानपुर की 20 वर्षीय खुशी गुप्ता के जीवन में बुधवार को नया सवेरा आया। अपने हाथों से बनाए चित्रों के माध्यम सेसीएम योगी आदित्यनाथ तक अपना दर्द पहुंचाने की उसकी कोशिश रंग लाई। खुद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए खुशी और उसके परिवार को अपनेसरकारी आवास पर बुलाया, जहां न केवल उसके भविष्य को संवारने का वचन दिया गया, बल्कि परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आवासऔर शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाई। बुधवार को कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी खुशी अपने पिता कल्लू गुप्ता, माता गीता गुप्ता और भाईजगत गुप्ता के साथ मुख्यमंत्री आवास आई थी। आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे इस परिवार से योगी ने स्नेहपूर्वक बात की।खुशी के पिता पहले संविदा पर गार्ड की नौकरी करते थे, जो अब छूट चुकी है। मां गीता गुप्ता घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाती हैं। खुशीअपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों को ध्यान से देखा। मुलाकात के बाद परिजनोंने कहा कि यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आईखुशी की कहानी दृढ़ संकल्प की है। 22 नवंबर को वह बिना बताए अपने घर से अकेली निकल पड़ी थी। उसका एकमात्र उद्देश्य मुख्यमंत्री को अपनेहाथ से बनाया चित्र देना था। राजधानी पहुंचने के बाद वह रास्ता भटक गई और लोकभवन के बाहर बैठकर रोने लगी। हजरतगंज पुलिस ने उसेसंभाला और उसके परिवार को सूचना दी। खुशी पढ़ी-लिखी नहीं है, लेकिन अपने पिता का नाम और मुख्यमंत्री का नाम लिखना जानती थी। सीएम नेखुद बुलाया खुशी के बारे में पता चलने पर योगी ने तुरंत उसके परिवार को अपने आवास पर बुलाया। सीएम ने उसके लिए कानपुर स्थित मूकबधिरकॉलेज में शिक्षा की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट के लिए मोबाइल और टैबलेट भी दिया। सरकार उसके कान केइलाज की भी व्यवस्था कर रही है। परिवार को आवास भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुशी और उसके परिवार से मुलाकात कीऔर उसे मदद का आश्वासन दिया। वो अपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों कोध्यान से देखा।
शेख हसीना और उनके परिवार को प्लॉट घोटाले में जेल, भारत से प्रत्यर्पण प्रक्रिया जारी

बांग्लादेश की एक कोर्ट ने गुरुवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में 21 साल जेल की सजा सुनाई। बांग्लादेश कीसरकारी न्यूज एजेंसी बीएसएस ने बताया कि ये तीनों मामले पुरबाचोल में राजुक न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट बांटने में कथित गड़बड़ियों को लेकर दर्जकिए गए थे। जज ने दोषी की गैरमौजूदगी में यह फैसला सुनाया क्योंकि उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और उसकी गैरमौजूदगी में ही उस परमुकदमा चलाया गया था। बता दें कि शेख हसीना को हर मामले में सात साल की सजा सुनाई गई, यानी कुल 21 साल जेल। कोर्ट ने अपने फैसले मेंकहा, ‘शेख हसीना को प्लॉट बिना किसी अर्जी के और कानूनी तौर पर तय अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दिया गया था।बांग्लादेश एंटी-करप्शन कमीशन (एसीसी) ने इस साल जनवरी में शेख हसीना और उनके परिवार के खिलाफ छह अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।आरोप था कि उन्होंने ढाका के पूर्वाचल इलाके में सरकारी प्लॉटों का अवैध रूप से आवंटन किया। आज जिन तीन मामलों में फैसला आया है, बाकीतीन मामलों का फैसला 1 दिसंबर को सुनाया जाएगा।ढाका की एक अदालत ने गुरुवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के मामलों में 21 साल की सजा सुनाई है। यह सजा तीनप्लॉट घोटाले के मामलों में दी गई है, जिसमें प्रत्येक मामले में सात-सात साल की कैद शामिल है। यह फैसला ढाका के स्पेशल जज-पांच मोहम्मदअब्दुल्ला अल मामून ने सुनाया। सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगावहीं इस मामले में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय को पांच साल की कैद और एक लाख टका जुर्माना और उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल कोभी पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। शेख हसीना और उनके परिवार की ओर से किसी भी मामले में कोई वकील मौजूद नहीं था, क्योंकि वे लंबेसमय से फरार हैं। हालांकि, वे कई बयानों में भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को झूठा और राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं। इससे पहले ह बांग्लादेश कीराजधानी ढाका में मौजूद अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने शेख हसीना को मानवता विरोधी अपराधों के आरोप में फांसी की सजासुनाई थी। यह आरोप जुलाई 2024 में सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने के दौरान हुई हिंसा से जुड़े हैं। इसी बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार नेभारत से शेख हसीना को वापस भेजने का अनुरोध किया है। भारत ने बताया कि यह अनुरोध मिल चुका है और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत जांचकिया जा रहा है। इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत बांग्लादेश के लोगों की शांति, लोकतंत्र औरस्थिरता के हितों के अनुसार इस पूरे मामले पर विचार कर रहा है और सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगा।’ जुलाई 2024 में बांग्लादेश में छात्रों ने बड़ेपैमाने पर सरकार विरोधी आंदोलन शुरू किया था। स्थिति बिगड़ने पर शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ दिया और भारत में शरण ली।इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाई गई।
दिल्ली विधानसभा में ऐतिहासिक क्षण उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कॉफी टेबल बुक का किया भव्य विमोचन

विधानसभा के शताब्दी सम्मान समारोह में उपराष्ट्रपति की प्रशंसादिल्ली विधानसभा सचिवालय में संविधान स्वीकृति दिवस के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत केउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पहली बार तैयार की गई विशेष कॉफी टेबल बुक दिल्ली विधानसभा की प्रस्तुति शताब्दी–यात्रा, वीर विट्ठलभाईपटेल का विमोचन किया। यह पुस्तक 1925 में केंद्रीय विधान सभा के प्रथम भारतीय निर्वाचित अध्यक्ष बने वीर विट्ठलभाई पटेल के 100 वर्ष पूर्णहोने पर तैयार की गई है। कार्यक्रम में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता तथा कईवरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह अवसर न केवल संविधान दिवस का उत्सव था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा के सौ वर्षों कोसमर्पित एक ऐतिहासिक क्षण भी था। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का संदेश दिल्ली को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी बनना चाहिएकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने दिल्ली के महत्व और उसकी वैश्विक पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को किसी औरशहर जैसा बनने की नहीं, बल्कि अपनी विशिष्टता के साथ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी के रूप में उभरने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधानदिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और नागरिक अधिकारों का स्मरण है। यह वह दिन है जब नागरिक स्वयं को संविधानके मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व से जोड़ते हैं। उपराष्ट्रपति ने यह भी बताया कि यह विधानसभा भवन इतिहास का जीवंत हिस्सा है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक बहसों को करीब से देखा है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कियह आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र के विकास की यात्रा से अवगत कराएगी। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने की पहल की सराहनाकार्यक्रम में उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आठवीं विधानसभा के प्रारंभ में उन्होंने इस पुस्तक कीपरिकल्पना प्रस्तावित की थी, और आज इसका साकार होना पूरे दिल्ली के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस हमें याद दिलाताहै कि भारत की लोकतांत्रिक नींव कितनी मजबूत और दूरदर्शी है। यह संविधान ही है जो विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों वाले भारत को एकसूत्र में पिरोता है। उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा संविधान भारत की आत्मा हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यह कॉफी टेबल बुकभारत की संवैधानिक यात्रा का दर्पण है, जिसे देखकर हर भारतीय गर्व महसूस करेगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रकाशन को दिल्ली विधानसभा की ओर से देशको दिया गया एक महत्वपूर्ण उपहार बताया।विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता संविधान पालन करना ही सच्चा सम्मानदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान स्वीकृति दिवस का आयोजन इस ऐतिहासिक भवन में होना एक भावुकऔर गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह भवन स्वतंत्रता, लोकतंत्र और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण बहसों का केंद्र रहा है और आज भी यही परंपराआगे बढ़ रही है। अध्यक्ष ने कॉफी टेबल बुक के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें दुर्लभ ऐतिहासिक छवियों के माध्यम से भारत की 100 वर्ष कीलोकतांत्रिक यात्रा को सुंदर रूप से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बन गई है जो100% सौर ऊर्जा से संचालित हो रही है। इससे हर वर्ष लगभग ₹1.75 करोड़ की बचत होगी, जिसका उपयोग जनसेवा में किया जाएगा। इतिहास, विरासत और लोकतंत्र का संगम विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभाकार्यक्रम में असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक तथा पार्षदगण भी उपस्थितरहे। सभी अतिथियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर और वीर विट्ठलभाई पटेल की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही, संविधानस्वीकृति दिवस के अवसर पर तीन मिनट की विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने संविधान की यात्रा को सरल और रोचक रूप मेंप्रस्तुत किया। लोकतंत्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदमयह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक विरासत, संवैधानिक मूल्यों और दिल्ली की ऐतिहासिक भूमिकाको गर्वपूर्वक प्रदर्शित करने वाला अवसर था।उपराष्ट्रपति, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के विचारों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली न सिर्फ भारत की राजधानी है बल्कि लोकतंत्र कीधड़कन भी है। कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन दिल्ली विधानसभा की उस सतत यात्रा का प्रतीक है, जो इतिहास को सहेजते हुए भविष्य के लिए मार्गप्रशस्त करती है।
देवेन्द्र यादव का आरोप – दिल्ली गैस चैंबर बनी, सरकार तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करे

दिल्ली में बढ़ते दमघोटू प्रदूषण और लगातार 400 से ऊपर पहुँच रहे एक्यूआई के बीच आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव नेभाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राजधानी की बिगड़ती हवा को गैस चैंबर जैसा बताते हुए कहा कि दिल्ली की हर सांसपर संकट मंडरा रहा है और मुख्यमंत्री को तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना चाहिए।कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर सौंपा ज्ञापनदिल्ली में खतरनाक प्रदूषण की स्थितियों को देखते हुए आज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लगाकर दिल्ली सचिवालयपहुँचा। प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम एक विस्तृत ज्ञापन दिल्ली सरकार के पर्यावरण सचिव को सौंपा गया।ज्ञापन के साथ कांग्रेस ने यह संदेश दिया कि दिल्ली की हवा आम लोगों के लिए जानलेवा बन चुकी है और सरकार को अब प्रतीकात्मक बयानबाजीनहीं, बल्कि तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। दिल्ली की हर सांस संकट में, पर मुख्यमंत्री सिर्फ बयान देती हैंदेवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी का लगभग हर इलाका दमघोटू धुंध की चपेट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरे हालात कोहल्के में लेते हुए यह कह रही हैं कि प्रदूषण उन्हें दहेज में मिला है। देवेन्द्र यादव के अनुसार इस तरह के बयान सरकार की संवेदनहीनता को दिखाते हैं, जबकि दिल्ली के गरीब मजदूर, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित – कांग्रेस की चिंतादेवेन्द्र यादव ने कहा कि अमीर परिवार एयर प्यूरीफायर, एयर-कंडीशंड कमरों और रेस्पिरेटर के सहारे खुद को बचा सकते हैं, लेकिन दिल्ली की 90 प्रतिशत आबादी के पास ऐसा कोई साधन नहीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का काम बंद होने पर उनकी दिहाड़ी रुक जाती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट केनिर्देशों के बाद भी रेखा सरकार ने मजदूरों के लिए राहत की कोई नीति नहीं बनाई। सरकार सिर्फ घोषणाओं में व्यस्त, प्रदूषण नियंत्रण में विफलकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 9 महीनों से भाजपा सरकार प्रदूषण रोकने की बजाय सिर्फ घोषणाएँ कर रही है। ग्रेप-3 लागू करने में भी सरकार नेआधे-अधूरे कदम उठाए दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति और प्राथमिक स्कूल बंद किए गए, पर बड़े बच्चों को प्रदूषण से बचाने की कोई योजना नहींबनाई गई। डॉक्टर भी स्वास्थ्य आपातकाल की सलाह दे रहे हैं, लेकिन सरकार टालमटोल कर रही है। पराली, धूल और वाहनों के धुएं पर कोई नियंत्रण नहींदेवेन्द्र यादव ने कहा कि अगर सरकार गंभीर होती तो पड़ोसी राज्यों में पराली रोकने के लिए संवाद करती। इसके अलावा टूटी सड़कों, गड्ढों, उड़ती धूलऔर वाहनों के धुएं पर नियंत्रण करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। राजधानी के कई इलाकों में सड़कों की मरम्मत महीनों से रुकी है, जिससे धूलप्रदूषण कई गुना बढ़ा है। डीटीसी बेड़े में भारी कमी, ग्रीन कवर में कोई सुधार नहींकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले आठ महीनों में दिल्ली की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। डीटीसी से 2000 बसें हट चुकी हैं और दिसंबर तक1032 और बसें हटने वाली हैं। ग्रीन कवर बढ़ाने के नाम पर भी सरकार ने कोई बड़ा काम नहीं किया।उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण की बजाय सरकार ए़क्यूआई डेटा में हेरफेर कर लोगों को गलत जानकारी दे रही है, जो लोगों की सेहत के साथखिलवाड़ है। शीला दीक्षित सरकार के सुधारों का उल्लेखदेवेन्द्र यादव ने कहा कि जब 1998 में कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार सत्ता में आई, तब दिल्ली में सिर्फ 1% ग्रीन कवर था। 15 वर्षों में इसेबढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया, पूरी परिवहन व्यवस्था को सीएनजी पर लाया गया, मेट्रो के दो फेज पूरे किए गए और दिल्ली को किरोसीन मुक्तबनाकर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े सुधारों की तुलना में मौजूदा भाजपा और पूर्व AAP सरकारों ने 11 वर्षोंतक कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया। भाजपा और आप दोनों जिम्मेदार, दिल्ली का दम घुट रहा हैदेवेन्द्र यादव ने कहा कि आज दिल्ली की जनता जिस गंभीर प्रदूषण संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार और उससेपहले की AAP सरकार, दोनों बराबर जिम्मेदार हैं। 11 वर्षों तक दिल्ली की सड़कों, बसों, पार्कों और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी की गई। सिर्फराजनीति और प्रचार किया गया। तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल और सर्वदलीय बैठकदेवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदूषण से जूझ रहे दिल्लीवासियों के लिए अब एक ही रास्ता हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें और सभी दलों को बुलाकर सर्वदलीय बैठक करें। उन्होंने कहा कि बैठक में मिले सुझावोंको लागू कर सरकार को स्थायी और स्पष्ट प्रदूषण नियंत्रण नीति बनानी चाहिए, ताकि दिल्ली के लोग राहत की सांस ले सकें।