भाजपा का ‘नकली यमुना शो’ फेल, मोदी जी को रद्द करना पड़ा छठ का फोटोशूट – सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘नकली यमुना’ कीपोल खुलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना छठ पूजा का फोटोशूट रद्द करना पड़ा। बिहार चुनाव से पहले मोदी जी यमुना को साफ दिखाने कादिखावा करना चाहते थे, लेकिन सच्चाई सामने आने पर पूरा प्लान फेल हो गया। नकली यमुना की सच्चाई सामने आते ही मोदी जी पीछे हटेसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली के वासुदेव घाट पर एक नकली यमुना तैयार की थी, ताकि प्रधानमंत्री मोदी वहां छठ पूजा करकेदेश को संदेश दे सकें कि यमुना अब साफ हो चुकी है। लेकिन जैसे ही आम आदमी पार्टी ने इस नकली यमुना की सच्चाई उजागर की, प्रधानमंत्री नेफोटोशूट का कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्होंने कहा झूठ बोले कौआ काटे, काले कौवे से डरियो। भाजपा का झूठ आखिरकार जनता के सामने आ हीगया। भाजपा का पूरा ‘फोटोशूट प्लान’ चौपटआम आदमी पार्टी के नेता ने बताया कि भाजपा ने महीनों तक इस आयोजन की तैयारी की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने वासुदेव घाट कानिरीक्षण किया था, मंच तैयार था, मीडिया को चुनकर बुलाया गया था, लेकिन सच्चाई उजागर होने के बाद सब चौपट हो गया। सौरभ भारद्वाज नेकहा कि भाजपा की टॉप लीडरशिप खुद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार के कामों से शर्मिंदा है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि जनता कीताकत सरकारों से कहीं बड़ी है। सच की जीत हुई, झूठ हार गयासौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह मामला भाजपा सरकार और पूरे देश के लिए एक बड़ी सीख है। अगर जनता सच्चाई के साथ खड़ी हो जाए तो झूठटिक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों ने सच फैलाया और प्रधानमंत्री का फोटोशूट रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा सत्यमेव जयतेसिर्फ नारा नहीं, बल्कि आज की सच्चाई है। दिवाली पर भी झूठ का खेल प्रदूषण छिपाने की साजिशसौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर दिवाली की रात प्रदूषण के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पॉल्यूशनमॉनिटरिंग स्टेशन बंद कर दिए, ताकि यह दिखाया जा सके कि पटाखे तो जले, लेकिन प्रदूषण नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि रातभर सड़कों पर पानीछिड़का गया, ट्रक और मशीनें चलाई गईं ताकि AQI के आंकड़े झूठे तरीके से कम दिखें। भाजपा के आंकड़ों पर भरोसा नहीं रहासौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस घटना के बाद जनता को भाजपा सरकार के हर आंकड़े पर शक होने लगा है चाहे वह GDP हो, बेरोजगारी हो याप्रदूषण के आंकड़े। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है कि रोजगार बढ़ रहा है, लेकिन हर घर में बेरोजगारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ झूठेप्रचार से काम चला रही है। पीएम के पुराने फोटोशूट भी नकली थेआम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री पहले भी ऐसे झूठे प्रचार करते रहे हैं। गुजरात चुनाव से पहले जिस स्कूल में मोदी जी गए थे, वहनकली था। क्लासरूम और खिड़कियाँ तक पेंट से बनाई गई थीं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जिस दर्जी के घर फोटोशूट के लिए गए थे, वह भीझोपड़ी नहीं थी बल्कि पूरा सेटअप बनाया गया था। महिला के गले में आईडी कार्ड था। यह सब सिर्फ प्रचार का हिस्सा था। 11 साल की भाजपा सरकार, एक भी साफ नदी नहींसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा की सरकार को 11 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक एक भी नदी ऐसी नहीं है जिसे उन्होंने वास्तव में साफ कियाहो। नमामि गंगे पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी कोई घाट ऐसा नहीं है जहां प्रधानमंत्री जाकर साफ पानी दिखा सकें।उन्होंने कहा यहभाजपा के नकारेपन का सबसे बड़ा सबूत है। सच्चाई की जीत हुईसौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह घटना देश के युवाओं और जनता के लिए बड़ी सीख है। अगर लोग सच्चाई फैलाने का संकल्प लें तो कोई भी झूठ नहींटिक सकता। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की ताकत ने यह साबित कर दिया है कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने देशवासियों सेअपील की सच बोलिए, सच फैलाइए, क्योंकि अंत में जीत हमेशा सच्चाई की ही होती है।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर दिल्ली विधानसभा में होगा भव्य आयोजन भारत के लौह पुरुष को दी जाएगी श्रद्धांजलि, प्रदर्शनी में दिखेगी उनके नेतृत्व की झलक – विजेंद्र गुप्ता

दिल्ली विधानसभा में सरदार पटेल को समर्पित विशेष संगोष्ठीदिल्ली विधानसभा 30 अक्टूबर 2025 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी (सेमिनार) आयोजित करनेजा रही है। इस संगोष्ठी का विषय है सरदार वल्लभभाई पटेल और भारत के एकीकरण में उनका अमूल्य योगदान। यह कार्यक्रम सरदार पटेल केजीवन, विचारों और उनके राष्ट्र निर्माण में किए गए महान कार्यों को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। विजेंद्र गुप्ता ने दी जानकारी बिहार के राज्यपाल होंगे मुख्य अतिथिदिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम में बिहार के माननीय राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि और प्रमुखवक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने जिस प्रकार भारत को एकजुट किया, वह इतिहास का सबसे बड़ा उदाहरण है औरउनकी 150वीं जयंती का यह आयोजन उसी भावना को पुनः जीवित करेगा। कार्यक्रम में शामिल होंगे कपिल मिश्रा और निरंजनाबेन कालारथीविजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस संगोष्ठी में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके साथ ही स्वराज आश्रम, बारडोली (गुजरात) की प्रशासक निरंजनाबेन कालारथी विशेष अतिथि के रूप में भाग लेंगी। बारडोली वही ऐतिहासिक स्थान है, जहाँ सरदार पटेल नेकिसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी थी और वहीं से उन्हें सरदार की उपाधि मिली थी। विधानसभा परिसर में लगेगी सरदार पटेल पर विशेष प्रदर्शनीविजेंद्र गुप्ता ने बताया कि संगोष्ठी के साथ-साथ विधानसभा परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।इस प्रदर्शनी में सरदार पटेल केजीवन और योगदान से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें, स्मारक सिक्के, डाक टिकट, ऐतिहासिक दस्तावेज और पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी यह प्रदर्शनी आगंतुकोंको सरदार पटेल की दूरदर्शी सोच और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को समझने का अवसर देगी। विजेंद्र गुप्ता ने कहा, इस प्रदर्शनी में सरदार पटेलके नेतृत्व की दुर्लभ झलकियाँ दिखाई जाएँगी, जो लोगों को उनके समर्पण और देशभक्ति की भावना से जोड़ेंगी। रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिकाभारत की आज़ादी के समय देश में 560 से अधिक रियासतें थीं। इन रियासतों को एकजुट कर एक भारत बनाने का कठिन कार्य सरदार वल्लभभाईपटेल ने किया।उन्होंने समझदारी, दृढ़ता और राष्ट्र के प्रति निष्ठा के साथ यह असंभव लगने वाला कार्य पूरा किया। उनकी इसी अद्भुत उपलब्धि केकारण उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा गया। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल की यह उपलब्धि भारत के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंनेन केवल देश को एक किया बल्कि भारत की लोकतांत्रिक नींव को भी मजबूत बनाया। सरदार पटेल के विचार आज भी मार्गदर्शन करते हैंविजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार पटेल के विचार और आदर्श आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी सोच में एकता, अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रनिष्ठा जैसी मूलभूत बातें शामिल थीं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है, तब सरदार पटेल केसिद्धांत और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। दिल्ली विधानसभा का उद्देश्य एकता और प्रेरणा का संदेशविजेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा हमेशा से देश की गौरवशाली विरासत और महान नेताओं के योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के लिएप्रतिबद्ध रही है। ऐसे आयोजन न केवल राष्ट्रीय एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि यह भी याद दिलाते हैं कि सरदार पटेल केविचार आज भी हमें एक सशक्त और प्रगतिशील भारत के निर्माण की राह दिखाते हैं। सरदार पटेल सच्चे राष्ट्र निर्मातासरदार पटेल न केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी थे, बल्कि वे भारत के सच्चे राष्ट्र निर्माता भी थे। उन्होंने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़किया और संस्थाओं की नींव रखी। उनकी नीतियाँ और दूरदर्शिता आज भी हमारे लोकतंत्र की आधारशिला हैं। उनका यह संदेश देश की एकता हीउसकी सबसे बड़ी ताकत है हर भारतीय के दिल में बसता है। श्रद्धांजलि और प्रेरणा का संगमदिल्ली विधानसभा में होने वाला यह आयोजन सिर्फ़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक प्रेरक अवसर है। यह हमें सरदार पटेल के जीवन और उनकेआदर्शों को समझने, अपनाने और आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह संगोष्ठी और प्रदर्शनी आने वाली पीढ़ियों को यहसिखाएगी कि राष्ट्र के लिए समर्पण, ईमानदारी और एकता ही सच्चा देशप्रेम है। सरदार वल्लभभाई पटेल अमर रहें,
राजधानी दिल्ली में छठ महापर्व का भव्य जश्न-सांसद मनोज तिवारी ने यमुना की लहरों पर गाया छठ गीत

राजधानी दिल्ली में इस बार छठ महापर्व का उत्सव बेहद भव्य और यादगार रहा। यमुना के स्वच्छ तटों पर श्रद्धा, भक्ति और संगीत का अद्भुत संगमदेखने को मिला, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने यमुना नदी में नाव पर सवार होकर पारंपरिक छठ गीत गाए। उनके साथ दिल्ली कीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा भी नाव पर मौजूद रहे। इस दृश्य ने दिल्ली के घाटों पर छठ मनाने आए हजारों श्रद्धालुओं के बीच उत्साहऔर श्रद्धा का माहौल बना दिया। यमुना की लहरों पर गूंजे भक्ति गीतसांसद मनोज तिवारी, जो स्वयं एक लोकप्रिय लोकगायक भी हैं, ने जब यमुना की लहरों पर बैठकर कांच ही बांस के बहंगिया जैसे छठ गीतों की मधुरप्रस्तुति दी, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।श्रद्धालु महिलाएँ और परिवारजन घाटों पर खड़े होकर उनके सुरों के साथ छठ मैया के जयकारे लगानेलगे। यह पल न केवल संगीत का, बल्कि आस्था और संस्कृति के संगम का प्रतीक बन गया। सीएम रेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा भी रहे साथमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री कपिल मिश्रा ने भी नाव से घाटों पर उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार काउद्देश्य है कि हर समुदाय को अपनी परंपराएँ मनाने की पूरी स्वतंत्रता और सम्मान मिले। मुख्यमंत्री ने कहा, यमुना अब स्वच्छ हो रही है और आज जबहम इस नदी में छठ मना रहे हैं, तो यह दिल्ली के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। स्वच्छ यमुना पर छठ पूजा का ऐतिहासिक दृश्यकई वर्षों बाद यमुना इतनी स्वच्छ दिखाई दी। श्रद्धालु महिलाएँ घाटों पर साफ पानी में सूर्य देव को अर्घ्य दे रही थीं। मनोज तिवारी ने कहा कि जबयमुना स्वच्छ होती है, तो पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। स्वच्छता केवल सफाई नहीं, बल्कि हमारी श्रद्धा का हिस्सा है। उन्होंने दिल्ली सरकारऔर प्रशासन की उस मेहनत की सराहना की, जिसके कारण घाटों की सफाई, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था इतनी सुचारू रही। छठ पूजा आस्था, अनुशासन और एकता का पर्वसांसद तिवारी ने कहा कि छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन का प्रतीक है। उन्होंनेबताया कि यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना के माध्यम से जीवन में ऊर्जा, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार करता है। उन्होंने सभीश्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पवित्र पर्व को स्वच्छता और अनुशासन के साथ मनाएँ। राजधानी में छठ की अद्भुत छटाइस वर्ष दिल्ली के यमुना घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया। शाम होते ही घाटों पर दीपक, फूल और गीतों कीरोशनी से पूरा माहौल जगमगा उठा। सांसद मनोज तिवारी की छठ गीतों की प्रस्तुति ने इस दृश्य को और भी खास बना दिया। घाटों पर मौजूद लोगोंने कहा कि यह पहला मौका है जब दिल्ली में छठ पर्व इतने भव्य, स्वच्छ और सांस्कृतिक रूप में मनाया गया है।
जनकपुरी में छठ महापर्व का भव्य आयोजन-शिक्षामंत्री आशीष सूद ने श्रद्धालुओं से की मुलाकात, दी शुभकामनाएँ

दिल्ली के जनकपुरी क्षेत्र में इस बार छठ महापर्व का आयोजन बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री और जनकपुरी केविधायक आशीष सूद ने अपने क्षेत्र के कई छठ घाटों का दौरा किया। उन्होंने वहां व्रतधारी माताओं और श्रद्धालुओं से बातचीत की, उनकी कुशलक्षेमजानी और सभी को छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। छठ पूजा केवल सूर्य उपासना नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ हमारा रिश्ता हैछठ पूजा के अवसर पर आशीष सूद ने कहा कि यह पर्व सिर्फ सूर्य देव की उपासना का नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के पवित्र रिश्ते को मजबूत करनेका प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व अनुशासन, आस्था, स्वच्छता और सामूहिक एकता का प्रतीक है। इस पर्व से समाज में प्रेम, सहयोग औरएकजुटता का भाव पैदा होता है। 27 वर्षों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर छठ पूजाआशीष सूद ने बताया कि इस बार जनकपुरी क्षेत्र में 31 से अधिक छठ घाटों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 27 वर्षों में इतनेव्यापक स्तर पर छठ पूजा का आयोजन कभी नहीं हुआ था। सरकार ने इन सभी घाटों पर सफाई, सुरक्षा, प्रकाश, पेयजल, टेंट, चिकित्सा सुविधा औरआपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष टीमों को तैनात किया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। श्रद्धालुओं से भावनात्मक अपीलछठ घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री सूद ने भावुक होकर कहा बिहार के पटना, बक्सर, दीघा, भागलपुर, बेगूसराय, मोकामा, गया, सिवान जहाँ-जहाँ हमारे परिवारजन रहते हैं, वहाँ तक जनकपुरी से छठी मइया के जयकारों की गूंज सुनाई देनी चाहिए।तभी यह संदेश जाएगा कि इस बार दिल्ली के जनकपुरी में छठ पर्व आस्था, उल्लास और एकता के अभूतपूर्व भाव के साथ मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को धन्यवादआशीष सूद ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 12 वर्षों बाद यमुना के तटों पर छठ पूजामनाने की अनुमति देकर लाखों प्रवासी परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है आने वाले वर्षों में दिल्ली मेंछठ पर्व को और भी भव्य और ऐतिहासिक रूप दिया जाएगा। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य, कल उगते सूर्य की पूजासूद ने बताया कि आज छठ महापर्व का तीसरा दिन है। इस दिन सभी व्रतधारी माताएँ और श्रद्धालु अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर अपने परिवारकी सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कल प्रातः सभी व्रतधारी उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपनी साधना पूर्ण करेंगे। उन्होंने कहा कि यह परंपरा जीवन मेंऊर्जा, सकारात्मकता और नवचेतना का संचार करती है। दिल्ली में छठ अब राजधानी की सांस्कृतिक पहचानसूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार हर धर्म और समुदाय के पर्वों को समान सम्मान और सहयोग के साथ मना रही है।उन्होंने कहा कि छठ पूजा जो पहले सिर्फ बिहार और पूर्वांचल की परंपरा मानी जाती थी, आज दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। यह पर्वअब दिल्ली के हर वर्ग और समुदाय को जोड़ने का काम कर रहा है। छठ पूजा जीवन में प्रकाश और सकारात्मकता का संदेश देती है आशीष सूद ने कहा कि जब हम सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं, तो यह सिर्फ प्रकृति के प्रति आभार नहीं, बल्कि अपने भीतर की चेतना को जगाने का प्रतीकभी है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व हमें सिखाता है कि प्रकृति का सम्मान करें, स्वच्छता बनाए रखें और सामूहिकता के साथ आगे बढ़ें।
चुनाव आयोग की SIR घोषणा पर कांग्रेस का सवाल मंशा पर उठे संदेह, पारदर्शिता पर सवाल – पवन खेड़ा

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आज चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग ने 12 राज्यों में SIR (Special Intensive Revision) की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी तक बिहार में हुए SIR से जुड़े कई सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं।पवन खेड़ा ने कहा कि बिहार में SIR के दौरान जो गड़बड़ियाँ हुईं, उसने चुनाव आयोग और भाजपा—दोनों की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या है SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन)?पवन खेड़ा ने कहा कि SIR एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें चुनाव आयोग के कर्मचारी घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की जांच करते हैं। इस प्रक्रिया मेंनए वोटरों को जोड़ा जाता है और जिनके नाम हटाने होते हैं, उन्हें डिलीट किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके सेहोनी चाहिए, लेकिन अब इसका दुरुपयोग हो रहा है। बिहार के SIR में हुई गड़बड़ियों पर बोली कांग्रेसकांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में हुए SIR ने कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के SIR को ठीक करने के लिए सुप्रीम कोर्ट कोदखल देना पड़ा, यह बताता है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बिहार में कई ऐसे मामलों में मतदाताओं के नामगलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जिससे मताधिकार प्रभावित हुआ। SIR में चुनाव आयोग और भाजपा की नीयत संदिग्ध दिख रही हैपवन खेड़ा ने कहा कि बिहार में जो कुछ हुआ, उसने यह साफ कर दिया कि चुनाव आयोग और भाजपा की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने कहा, जब भीSIR होता है, तो आयोग के कर्मचारी हर घर जाकर सत्यापन करते हैं। लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि इस प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण तरीके सेचलाया गया। उनके मुताबिक, कुछ इलाकों में विपक्षी समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए जबकि भाजपा समर्थकों के नाम जोड़े गए। राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ मामले का भी जिक्रपवन खेड़ा ने अपने बयान में राहुल गांधी के आलंद विधानसभा क्षेत्र का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां वोटर लिस्ट से नाम गायब होने कीशिकायतें आईं थीं। बाद में जांच में यह सामने आया कि यह कोई छोटी गलती नहीं थी, बल्कि एक सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन था, जिसके ज़रिएसुनियोजित तरीके से वोटर लिस्ट में हेराफेरी की जा रही थी। उन्होंने कहा, SIT की जांच में सामने आया है कि वोटर लिस्ट से नाम काटने का एक बड़ानेटवर्क चलाया जा रहा था। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठे सवालकांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जब ऐसी घटनाओं के बाद भी चुनाव आयोग बिना स्पष्टीकरण दिए नए राज्यों में SIR की घोषणा करता है, तो लोगों केमन में संदेह पैदा होता है। उन्होंने कहा कि आयोग को पहले यह बताना चाहिए था कि बिहार में जो गड़बड़ियां हुईं, उन पर क्या कार्रवाई की गई।पवन खेड़ा ने कहा, देश के लोगों को चुनाव आयोग से भरोसा था, लेकिन अब भरोसा कमजोर हो रहा है। आयोग को पारदर्शी और निष्पक्ष रहनाचाहिए, न कि सरकार के दबाव में। SIR की मंशा ठीक नहीं लगतीपवन खेड़ा ने कहा कि बिहार के अनुभवों के बाद अब जब चुनाव आयोग ने 12 नए राज्यों में SIR की घोषणा की है, तो उसकी मंशा पर सवाल उठनास्वाभाविक है। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि यह प्रक्रिया ईमानदारी से नहीं, बल्कि किसी खास राजनीतिक लाभ के लिए की जा रही है। कांग्रेसप्रवक्ता ने कहा कि जब विपक्ष और आम मतदाता दोनों ही संतुष्ट नहीं हैं, तो इसका मतलब है कि कुछ तो गड़बड़ है।लोकतंत्र में वोट चोरी सबसे बड़ा अपराध हैपवन खेड़ा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र मतदाता की भागीदारी पर टिका हुआ है।अगर वोटर लिस्ट से किसी का नाम जानबूझकर हटाया जाता है यागलत तरीके से जोड़ा जाता है, तो यह सीधे लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदाता है। अगर मतदाता ही प्रभावितहोगा, तो चुनावों की साख खत्म हो जाएगी। कांग्रेस ने मांगा पारदर्शी जवाबकांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की कि चुनाव आयोग सार्वजनिक रूप से बताए कि 12 राज्यों में SIR करवाने की जरूरत क्यों पड़ी और इसमें क्या प्रक्रियाअपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर आयोग वास्तव में निष्पक्ष है, तो उसे यह बताना चाहिए कि बिहार जैसी गलतियां दोबारा न हों, इसके लिएक्या कदम उठाए गए हैं। जनता का भरोसा टूटना सबसे बड़ा खतरा हैपवन खेड़ा ने कहा कि आज देश के लोग चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर जनता को यह महसूस हो जाए किचुनाव निष्पक्ष नहीं हैं, तो लोकतंत्र की नींव हिल जाएगी। आयोग को इस भरोसे को बचाना चाहिए, लेकिन अफसोस है कि वह ऐसा नहीं कर पा रहा।
भाजपा सरकार ने छठ जैसे पवित्र पर्व पर शराब की दुकानें खोलकर की आस्था का अपमान — सौरभ भारद्वाज

दिल्ली में छठ महापर्व के दिन शराब की दुकानें खुली देखकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। आम आदमी पार्टी केवरिष्ठ नेता और दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने पूरे पूर्वांचल समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।उन्होंने कहाकि छठ पूजा जैसे पवित्र दिन पर जब लोग व्रत रखते हैं, नदी और घाटों पर स्नान करते हैं, तब दिल्ली सरकार की शराब की दुकानें खुली रहना बहुतशर्मनाक बात है। छठ महापर्व का मतलब आस्था, पवित्रता और स्वच्छतासौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ महापर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और पवित्रता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि पूर्वांचल के लोग इस पर्वकी तैयारी कई दिन पहले से करते हैं। घर की सफाई होती है, मिट्टी से नया चूल्हा बनाया जाता है, और पूजा के लिए ठेकुआ, चावल की खीर, औरफल प्रसाद के रूप में तैयार किए जाते हैं। हर चीज़ में शुद्धता और पवित्रता का ध्यान रखा जाता है।उन्होंने कहा, ऐसे दिन पर शराब की दुकानें खुलवाना सीधा-सीधा अपमान है। यह न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है बल्कि समाज मेंगलत संदेश भी देता है। भाजपा सरकार ने छठ पर सारे शराब के ठेके खोल दिएसौरभ भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने खुद कई शराब की दुकानों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की डीटीटीडीसी (दिल्ली पर्यटन निगम) औरडीएसआईआईडीसी (दिल्ली औद्योगिक विकास निगम) की दुकानों पर शराब की बिक्री हो रही थी। उन्होंने कहा, जब मैं दुकानों पर गया, तो देखा किदुकानें खुली हैं, लेकिन वहां कोई ग्राहक नहीं है। लोग खुद शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार में छठके दिन शराब की दुकानें बंद रहती थीं। केजरीवाल सरकार में छठ पर पूरा दिल्ली ड्राई डे घोषित होता थासौरभ भारद्वाज ने बताया कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब छठ पर्व के दिन दिल्ली में पूरी तरह शराब की बिक्री बंद कर दी जाती थी।अरविंद केजरीवाल सरकार इस दिन को ड्राई डे घोषित करती थी ताकि आस्था और पवित्रता बनी रहे। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने हमेशा धर्म औरआस्था का सम्मान किया। लेकिन भाजपा की सरकार आते ही उन्होंने छठ पर शराब की दुकानें खुलवा दीं। यह आस्था के साथ खिलवाड़ है। पूर्वांचलियों की भावनाओं को ठेस पहुंचीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ पूजा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल के कई हिस्सों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। दिल्ली में भीलाखों पूर्वांचली परिवार रहते हैं, जो यमुना किनारे और तालाबों पर छठ का पर्व मनाते हैं। उन्होंने कहा, इन परिवारों के लिए यह सबसे बड़ा पर्व है।ऐसे दिन पर शराब की दुकानें खोलना उनके विश्वास का अपमान है। भाजपा सरकार को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। भाजपा नकली सनातनी है, धर्म के नाम पर राजनीति करती हैसौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सिर्फ धर्म की बातें करती है, लेकिन असल में धर्म का पालन नहीं करती। उन्होंनेकहा, भाजपा के नेता खुद को सनातनी कहते हैं, लेकिन छठ जैसे पवित्र पर्व पर शराब बेचने की अनुमति देकर उन्होंने साबित कर दिया कि उनकासनातन सिर्फ दिखावा है। उन्होंने आगे कहा, ये नकली सनातनी हैं, जिन्होंने आस्था को राजनीति का साधन बना दिया है। भाजपा के मुंह से अब‘आस्था’ और ‘पवित्रता’ जैसे शब्द भी झूठे लगते हैं। सरकार के आदेश पर खुली दुकानें, जनता को हो रही शर्मिंदगीआम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि शराब की ये दुकानें बिना सरकारी आदेश के नहीं खुल सकतीं। उन्होंने कहा, डीटीटीडीसी औरडीएसआईआईडीसी दोनों दिल्ली सरकार के अधीन हैं। इसका मतलब साफ है कि सरकार ने खुद आदेश दिया था कि छठ के दिन दुकानें खुलें। यहबहुत शर्मनाक है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जब वह दुकानों पर पहुंचे तो वहां कर्मचारी थे, दुकानें खुली थीं, लेकिन एक भी ग्राहक नहीं था। उन्होंनेकहा, लोग जानते हैं कि यह गलत है। लोग खुद नहीं जा रहे, क्योंकि उन्हें सरकार से ज्यादा शर्म आ रही है। छठ के दिन शराब पीकर झगड़े और दंगे हो सकते हैंसौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि छठ के मौके पर भीड़भाड़ वाले इलाकों में शराब बेचना खतरनाक हो सकता है।उन्होंने कहा कि अगर लोग शराबपीकर घाटों के पास पहुंचते हैं, तो वहां महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा, शराब पीकर लोग अक्सर झगड़े करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। छठ के दिन तो ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यह पर्व स्वच्छता और शांति का प्रतीक है। भाजपा सरकार धर्म और आस्था का मज़ाक बना रही हैसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार का यह फैसला बताता है कि उन्हें लोगों की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा, जो लोग दिन-रात सनातन धर्म की बातें करते हैं, वही लोग आज छठ जैसे पवित्र पर्व पर शराब बेच रहे हैं। यह धर्म नहीं, अधर्म है। उन्होंने भाजपा को नकली सनातनसरकार बताते हुए कहा कि अब भाजपा सरकार के मुंह से ‘धर्म’, ‘आस्था’ और ‘पवित्रता’ जैसे शब्द सुनकर लोगों को हंसी आती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जवाब दें शराब की दुकानें क्यों खुलीं?सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सीधा सवाल पूछा। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री बताएं कि छठ जैसे दिन पर शराब की दुकानें किसकेकहने पर खोली गईं? क्या ये आदेश आपने दिया था? अगर नहीं दिया, तो किसने दिया? जनता को जवाब चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारको इस मामले में तुरंत जांच करानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। छठ मैया का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा देशसौरभ भारद्वाज ने कहा कि छठ मैया की पूजा पूरे देश में की जाती है। यह पर्व सूर्य देव और प्रकृति की पूजा का प्रतीक है।उन्होंने कहा, यह सिर्फपूर्वांचलियों का नहीं, पूरे भारत का पर्व है। भाजपा सरकार ने इस पर्व पर शराब की दुकानें खोलकर पूरे देश की आस्था को चोट पहुंचाई है। हिंदुस्तानइसे कभी माफ नहीं करेगा। भाजपा का असली चेहरा उजागर हो गया हैसौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब दिल्ली के लोग सब समझ चुके हैं। भाजपा धर्म की बातें सिर्फ चुनाव के समय करती है, लेकिन उसके कर्म धर्म केबिल्कुल खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, भाजपा को अब लोगों की आस्था से खिलवाड़ बंद करना चाहिए। जनता बहुत समझदार है, और अब ऐसे फैसलोंको भूलने वाली नहीं है।
तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान, महागठबंधन की सरकार बनी तो वक्फ़ कानून को पूरी तरह रद्द करेंगे “जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच विपक्षी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार कोकटिहार में वक्फ़ कानून को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर राज्य में महागठबंधन की सरकारबनी, तो केंद्र सरकार द्वारा पारित वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि मेरे पिता लालू प्रसादयादव ने कभी भी सांप्रदायिक ताकतों से समझौता नहीं किया। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा ऐसी ताकतों के साथ खड़े रहे हैं। आजआरएसएस और उसके सहयोगी बिहार में भी नफरत फैला रहे हैं। भाजपा का असली नाम ‘भारत जलाओ पार्टी’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगरमहागठबंधन की सरकार बनती है, तो वक्फ़ एक्ट को खत्म कर दिया जाएगा। 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दियातेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बिहार की जनता 20 साल पुराने नीतीश कुमार शासन से थक चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अब होशमें नहीं हैं। राज्य के हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला है और कानून-व्यवस्था की हालत बदतर हो चुकी है। तेजस्वी ने सीमांचल क्षेत्र के विकास का भी वादाकिया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने सीमांचल क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया। अगर हमारी सरकार बनी, तो सीमांचल विकासप्राधिकरण का गठन किया जाएगा।सीमांचल में पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले आते हैं, जहां मुस्लिम आबादी बड़ी संख्या में है।तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए उनकी चुनावी घोषणाओं की नकल कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने का वादा किया था।अब नीतीश कुमार सरकार ने इसे 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया। मैं वादा करता हूं कि हमारी सरकार बनने पर पेंशन दो हजार रुपये प्रतिमाह कर दी जाएगी। सियासी घमासान मच गयाइससे पहले शनिवार को राजद एमएलसी मोहम्मद कारी सोहैब ने कहा था कि अगर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बने तो सभी बिल, जिसमें वक्फ़ बिल भीशामिल है, फाड़ दिए जाएंगे।इस बयान के बाद सियासी घमासान मच गया था। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि कोई मुख्यमंत्री केंद्र के कानून कोकैसे रद्द कर सकता है। गौरतलब है कि वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम अप्रैल में संसद से पारित हुआ था। केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकारका दावा है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय, खासकर पिछड़े वर्गों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पारदर्शिता लाने वाला है। लेकिन विपक्षका कहना है कि यह अधिनियम मुस्लिमों के अधिकारों का उल्लंघन करता है। बिहार चुनाव से पहले मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए तेजस्वीयादव ने बड़ा एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है तो हम लोग वक्फ कानून को फाड़ देंगे। तेजस्वी के इसबयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है।
झारखंड के चाईबासा अस्पताल में थैलेसीमिया बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त देने पर CM हेमंत सोरेन का कड़ा रुख, अधिकारियों को किया निलंबित

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सरकारी अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित बल्ड चढ़ाने के मामले मेंमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चाईबासा सदर अस्पताल के सिविल सर्जन और उनके साथ अन्य पदाधिकारियों को निलंबित करने कानिर्देश दिया है। साथ ही पीड़ित बच्चों के इलाज राज्य सरकार अपने खर्चे पर कराने का फैसला लिया है। परिजनों को 2-2 लाख रूपये की सहायताराशि राज्य सरकार की ओर से देने की बात कही है। यही नहीं लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर भी कड़ा निर्देश दिया है किबदतर स्वास्थ्य व्यवस्था बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने चाईबासा में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का संक्रमित होना बहुत ही पीड़ादायक बतायाहै। गौरतलब है कि बीते 13 सितंबर को सात थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित बल्ड चढ़ाया गया था। 18 अक्तूबर को जांच रिपोर्टपॉजिटिव आई थी। इसपर पीड़ित बच्चों के परिजनों ने तकनीकी अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत कीथी। इसके बस शनिवार को पांच सदस्यों की टीम ने जब जांच की तो 6 और थैलीसीमिया बच्चों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। आपूर्ति रक्त अधिकोष से हुईवहीं रविवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के क्रममें एक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे में एचआईवी संक्रमण की प्राथमिक पुष्टि हुई है। इस गंभीर मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चाईबासा के सिविलसर्जन, एचआईवी यूनिट के प्रभारी चिकित्सक तथा संबंधित टेक्नीशियन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंनेएक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है और उसे एक सप्ताह के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह स्पष्ट रूप सेकहा है कि जांच में यह सुनिश्चित किया जाए कि रक्त आपूर्ति रक्त अधिकोष से हुई थी या बाहर से। लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगीयह भी ध्यान देने योग्य है कि एचआईवी संक्रमण की पूरी पुष्टि में लगभग चार सप्ताह का समय लगता है। विंडो पीरियड के दौरान यदि संक्रमितव्यक्ति का रक्त ट्रांसफ्यूज हो जाए, तो संक्रमण की ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस पूरे प्रकरण कीजानकारी दे दी गई है। उन्होंने स्वयं इस पर संज्ञान लेते हुए सख्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हम सबके लिए बच्चे सबसे प्रिय हैं। उनकेस्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 3 सितंबर को सात थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों कोएचआईवी संक्रमित बल्ड चढ़ाया गया था। 18 अक्तूबर को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसपर पीड़ित बच्चों के परिजनों ने तकनीकीअधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश, ने याद दिलाई मलयेशियाई पीएम की श्रद्धांजलि, डॉ. मनमोहन सिंह थे सच्चे मित्र और आर्थिक सुधारों के वास्तुकार”पीएम मोदी पर कसा तंज”

आसियान शिखर सम्मेलन से ठीक पहले कांग्रेस ने रविवार को मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को दीगई श्रद्धांजलि को याद किया। कांग्रेस ने कहा कि यह संदेश ‘ऐसी सच्ची दोस्ती को दर्शाता है जो कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गई।’ कांग्रेस केसंचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने एक्स पर मलयेशियाई प्रधानमंत्री का वह पोस्ट साझा किया, जो उन्होंने पिछले साल दिसंबर में मनमोहन सिंहके निधन के बाद लिखा था। अनवर इब्राहिम ने अपने पोस्ट में कहा था, ‘मनमोहन सिंह जी के निधन की खबर सुनकर मेरे ऊपर गम का बोझ आ गया।उनके बारे में कई श्रद्धांजलियां, लेख और किताबें लिखी जाएंगी- उन्हें भारत के आर्थिक सुधारों के वास्तुकार के रूप में याद किया जाएगा।’ कुआलालंपुर में चल रहाउन्होंने लिखा, ‘प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह भारत के आर्थिक उदय के सूत्रधार थे। 1990 के दशक में जब हम दोनों अपने-अपने देशों केवित्त मंत्री थे, तब मैंने उनके सुधारों की शुरुआती झलक देखी थी। हम दोनों भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए एकजुट थे- यहां तक कि एक बड़ेभ्रष्टाचार मामले को उजागर करने में साथ काम किया था।’ इब्राहिम ने आगे कहा, ‘मनमोहन सिंह एक ऐसे नेता थे जो राजनीति में भले थोड़े असहजलगते थे, लेकिन राज्यकर्ता के रूप में बेहद ईमानदार, दृढ़ और सिद्धांतवादी थे। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।’ उन्होंनेमनमोहन सिंह के साथ अपने निजी रिश्ते का भी जिक्र किया, ‘मेरी कैद के दौरान उन्होंने मेरे परिवार के प्रति ऐसी दया दिखाई जो न राजनीतिक रूप सेफायदेमंद थी और न ही मलयेशियाई सरकार को पसंद आई। उन्होंने मेरे बच्चों, खासकर मेरे बेटे एहसान के लिए छात्रवृत्ति की पेशकश की थी। मैंनेवह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनका यह कदम उनके असाधारण मानवता और उदारता का प्रमाण था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उन अंधेरे दिनों मेंजब मैं जेल में था, मनमोहन मेरे सच्चे मित्र की तरह मेरे साथ खड़े रहे। ऐसे शांत लेकिन महान कार्य उनके जीवन की पहचान थे। अलविदा मेरे मित्र, मेरे भाई, मनमोहन।’ इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलयेशिया नहीं गए हैं और वे आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। यह सम्मेलन26 से 28 अक्तू बर तक कुआलालंपुर में चल रहा है। कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गईआसियान-भारत संवाद संबंध 1992 में शुरू हुए थे, जो 1995 में पूर्ण संवाद साझेदारी और 2002 में शिखर स्तर की साझेदारी में तब्दील हुए।2012 में इन संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। आसियान के 10 सदस्य देश हैं- इंडोनेशिया, मलयेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया। पिछले कुछ वर्षों में भारत और आसियान के बीच व्यापार, निवेश, सुरक्षा और रक्षासहयोग के क्षेत्र में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से पीएम मोदी पर आसियान शिखर सम्मेलन से पहले अप्रत्यक्ष रूप से निशानासाधा गया है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर मलयेशियाई पीएम का पुराना पोस्ट साझा किया गया है। उन्होंने कहा कि यहसंदेश ‘ऐसी सच्ची दोस्ती को दर्शाता है जो कभी प्रचारित या दिखावा नहीं की गई।’
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जनकपुरी में छठ पूजा की तैयारियों का किया निरीक्षण

छठ महापर्व के शुभ अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री और जनकपुरी विधायक आशीष सूद ने आज अपने क्षेत्र में छठ पूजा की तैयारियों का विस्तृतनिरीक्षण किया। उन्होंने जनकपुरी विधानसभा के 31 स्थानों पर तैयार किए जा रहे छठ घाटों की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और अधिकारियों कोआवश्यक निर्देश दिए। जनकपुरी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजनआशीष सूद ने बताया कि इस बार जनकपुरी क्षेत्र में 31 छठ पूजा समितियाँ इस पवित्र पर्व का आयोजन कर रही हैं। ये समितियाँ सरकार के विभिन्नविभागों के साथ मिलकर घाटों की सफाई, रोशनी, पेयजल, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहो। उन्होंने कहा कि जनकपुरी में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है। घाटों पर सफाई, बिजली, पानी औरसुरक्षा की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। छठ पूजा हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीकनिरीक्षण के दौरान श्री सूद ने कहा, “छठ पूजा हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, स्वच्छता और अनुशासनका संदेश देता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की कोशिश है कि राजधानी में हर श्रद्धालु को छठ पूजा के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरणमिले। दिल्ली में एक हजार से अधिक स्थानों पर होगा छठ पर्व का आयोजनआशीष सूद ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इस वर्ष दिल्ली में लगभग एक हजार से अधिक स्थानों पर छठ पर्व का भव्य आयोजनकिया जा रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि कई वर्षों बाद यमुना घाटों पर छठ पूजा का विशेष आयोजन किया जारहा है, जिससे श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है। लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशेष इंतज़ामसूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष पूर्वांचल की लोक संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। दिल्ली के 200 से अधिक स्थानों पर लोक कलाकारों को गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देने के लिए आमंत्रित किया गया है। घाटों पर भव्य स्वागत द्वार, छठीमइया और सूर्य भगवान की प्रतिमाएँ लगाई जाएँगी और आकर्षक विद्युत सजावट की जाएगी ताकि पूरा वातावरण श्रद्धा और उत्सव से भरा रहे। कईस्थानों पर ‘मॉडल छठ घाट’ भी बनाए जा रहे हैं जो सजावट और सुविधाओं के दृष्टिकोण से उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। सरकार ने दी बड़ी राहत, आसान हुई अनुमति प्रक्रियासूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस वर्ष छठ पूजा समितियों के लिए अनुमति और एनओसी की प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। जैसे पहलेकांवड़ यात्रा, गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा और रामलीला के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम लागू किया गया था, वैसे ही अब छठ पूजा समितियों केलिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। इससे नई समितियाँ आसानी से अनुमति प्राप्त कर सकेंगी और अधिक स्थानों पर छठ पूजा आयोजित की जासकेगी। स्वच्छता और भाईचारे के साथ मनाएँ छठआशीष सूद ने जनकपुरी के सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पर्व को स्वच्छता, शांति और सामाजिक समरसता के साथ मनाएँ। उन्होंने कहाकि स्वच्छ और अनुशासित पूजा ही सच्ची श्रद्धा का परिचायक है। विभागों को मिलकर काम करने के निर्देशशिक्षा मंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, फायर विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे एकजुट होकर श्रद्धालुओं कीसुविधा के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की पूरी टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि जनता को वर्षों बाद इतने सुंदर, सुरक्षित औरसुविधायुक्त छठ घाट मिल सकें। जनकपुरी की जनता इन तैयारियों से बेहद खुश और उत्साहित है।