अंडर हिल रोड घोटाला BJP के भ्रष्टाचार की फिर खुली पोल — अंकुश नारंग

दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति (स्टैंडिंग कमेटी) की हालिया बैठक में एक बार फिर भ्रष्टाचार और बंदरबांट की बू साफ़-साफ़ महसूस की गई।आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अंकुश नारंग ने भाजपा शासित MCD पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अंडर हिल रोड से जुड़ा एजेंडातीसरी बार स्टैंडिंग कमेटी में लाया गया, जबकि यह पूरी तरह एक निजी बिल्डर की ज़मीन है। बावजूद इसके, BJP ने इस प्रॉपर्टी को लेआउट प्लानमें शामिल कर, अपने चहेते बिल्डरों को फ़ायदा पहुँचाने की कोशिश की। गलत खसरा नंबर और ज़मीन के आकार में गड़बड़ीअंकुश नारंग ने बताया कि इस प्रस्ताव में न सिर्फ़ प्रक्रियागत गड़बड़ी की गई, बल्कि ज़मीन के रिकॉर्ड तक से छेड़छाड़ की गई है। असली ज़मीन11,800 वर्ग गज की है, जबकि BJP शासित निगम ने दस्तावेज़ों में इसे केवल 5,400 वर्ग गज दिखाया। यह खुली हेराफेरी यह साबित करती हैकि किसी निजी बिल्डर को फायदा पहुँचाने के लिए तथ्यों को जानबूझकर बदला गया। 2004 से विवादित मामला, कोर्ट में केस भी हुआयह मामला कोई नया नहीं है। अंकुश नारंग ने बताया कि अंडर हिल रोड की यह ज़मीन वर्ष 2004 से ही विवादित रही है और इस पर कोर्ट में मामलाभी चल चुका है। इतना ही नहीं, वर्ष 2021 में नॉर्थ MCD ने इसी प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया था। फिर भी, BJP के मेयर और स्थायीसमिति अध्यक्ष ने इसे तीसरी बार एजेंडा में लाकर पास करने का प्रयास किया। बंदरबांट में गड़बड़ी उजागर होते ही पलटी BJPअंकुश नारंग ने कहा कि जब BJP नेताओं की अंदरूनी बंदरबांट और सौदेबाज़ी में गड़बड़ी सामने आई, तो कल हुई स्थायी समिति की बैठक में इसप्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया गया। यानी, जब तक सबकी हिस्सेदारी तय नहीं हुई, तब तक एजेंडा पास किया गया और जब सौदे में दिक्कत आई तोमामला दबा दिया गया। उन्होंने कहा, यह सिर्फ़ एक प्रॉपर्टी का मामला नहीं है, बल्कि यह बताता है कि BJP के शासन में निगम भ्रष्टाचार का अड्डाबन गया है। मेयर और समिति अध्यक्ष पर गंभीर आरोपअंकुश नारंग ने खुलासा किया कि इस पूरे प्रोजेक्ट में भारी आर्थिक लेनदेन हुआ है। इसमें मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन तक शामिल बताए जारहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों की मांगों और मच्छरजनित बीमारियों की कोई परवाह नहीं, वही पार्टी निजीबिल्डरों को फ़ायदा पहुँचाने में सबसे आगे रहती है। भ्रष्टाचार BJP के DNA में अंकुश नारंगअंकुश नारंग ने तीखा हमला करते हुए कहा, भ्रष्टाचार BJP के DNA में है। 15 साल पहले भी जब निगम BJP के पास था, तब भी यही किया गयाथा। अब जैसे ही उन्हें दोबारा सत्ता मिली, उन्होंने फिर वही पुराना खेल शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता को अब समझना होगा कि BJP कामकसद जनता की सेवा नहीं, बल्कि निजी हितों की पूर्ति है। जनता से जवाब मांगने का समय आ गया हैअंत में अंकुश नारंग ने कहा कि अब दिल्ली की जनता को सवाल पूछना होगा कि आखिर क्यों बार-बार एक ही विवादित ज़मीन को एजेंडा में लाकरपास करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पारदर्शिता में विश्वास रखती है और किसी भी भ्रष्टाचार को उजागर करने सेपीछे नहीं हटेगी। दिल्ली के लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन BJP फिर से उसी पुराने भ्रष्टाचार के रास्ते पर लौट आई है। अंकुश नारंगका यह बयान MCD में बढ़ते भ्रष्टाचार और BJP के बिल्डर-प्रेम पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने साफ़ कहा कि जब तक निगम मेंईमानदारी और पारदर्शिता नहीं आएगी, जनता के पैसे का इस्तेमाल जनता के लिए नहीं, बल्कि BJP के चहेतों के लिए होता रहेगा।
भाजपा सरकार को MTS कर्मचारियों को समान वेतन देना ही होगा -संजय सिंह

आम आदमी पार्टी ने किया बड़ा ऐलान, जब तक न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगादिल्ली के सिविक सेंटर के बाहर पिछले 11 दिनों से 5 हजार से ज्यादा MTS कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। ये कर्मचारी चाहतेहैं कि उन्हें समान काम के बदले समान वेतन मिले। उनकी इस लड़ाई में आज आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहुँचे और कर्मचारियोंको पूरा समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को अब इन मेहनतकश कर्मचारियों की आवाज़ सुननी ही पड़ेगी। कर्मचारियों की हड़ताल को मिला संजय सिंह का समर्थनसंजय सिंह ने हड़ताल स्थल पर पहुँचकर कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि जो कर्मचारी एक जैसा कामकरते हैं, उन्हें एक जैसा वेतन मिलना चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार इस आदेश को मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार के चारोंइंजन कबाड़ हो चुके हैं। अब इस अन्याय को खत्म करने का एक ही रास्ता है — आंदोलन, संघर्ष और लड़ाई। संजय सिंह ने कर्मचारियों को भरोसादिलाया कि आम आदमी पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और तब तक साथ रहेगी जब तक उन्हें उनका पूरा हक नहीं मिल जाता। भाजपा सरकार सुप्रीम कोर्ट तक का आदेश नहीं मानतीसंजय सिंह ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार न संविधान मानती है, न सुप्रीम कोर्ट, और न ही जनता की आवाज़।सुप्रीम कोर्ट ने समान वेतन का आदेश दिया, लेकिन भाजपा ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया। यहां तक कि आज भारत के मुख्य न्यायाधीश की माताजी ने जब आरएसएस के कार्यक्रम में जाने से मना किया, तो भाजपा और आरएसएस ने उन पर हमला करने की साजिश रची। ये लोग किसी संस्था यामर्यादा को नहीं मानते, संजय सिंह ने कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर उस आवाज़ को दबाना चाहती है जो सच बोलती है। आम आदमीपार्टी ने हमेशा देश के कर्मचारियों, छात्रों और गरीबों की बात की है, इसलिए भाजपा नेताओं ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन औरखुद उन्हें जेल में डाल दिया। हम जेल से नहीं डरते, क्योंकि हम सच के साथ हैं और जनता के लिए लड़ रहे हैं।आम आदमी पार्टी के विधायक और पार्षद भी हुए शामिलसंजय सिंह के साथ आम आदमी पार्टी के कई विधायक और पार्षद भी मौजूद थे। इनमें कोंडली विधायक कुलदीप कुमार, करोलबाग विधायकविशेष रवि, मटिया महल विधायक आले मोहम्मद इकबाल, एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार, प्रीति डोगरा और पार्टी के कई निगम पार्षद शामिलथे। सभी नेताओं ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि “आप” पार्टी उनके हक की लड़ाई में हमेशा उनके साथ रहेगी। एलजी और मुख्यमंत्री गायब, भाजपा मेयर एसी कमरे में – संजय सिंह का तंजसंजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में जब “आप” की सरकार थी, तब हर मुद्दे पर एलजी तुरंत विरोध करने आ जाते थे, लेकिन अब जब कर्मचारी 11 दिनसे धूप में बैठे हैं, तो एलजी लापता हैं। “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को इन कर्मचारियों से मिलने का समय नहीं है। मेयर राजा इकबाल सिंह एसी कमरे मेंबैठे हैं। भाजपा के नेता जनता और कर्मचारियों से पूरी तरह कट चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के समय इन्हीं कर्मचारियों ने अपनी जान कीपरवाह किए बिना पूरी दिल्ली को सैनिटाइज किया था, लेकिन अब भाजपा ने उन्हें भुला दिया। जब कोई अपने घर से नहीं निकलता था, तब येकर्मचारी सड़कों पर थे। आज जब वे अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं, तो भाजपा के नेता उनके पास तक नहीं जा रहे। अंकुश नारंग बोले – भाजपा सरकार ने करवा चौथ से पहले 5200 परिवारों की उम्मीदें तोड़ींएमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि इन कर्मचारियों की हड़ताल को 11 दिन हो चुके हैं, लेकिन भाजपा मेयर राजा इकबाल सिंह औरस्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा अब तक मिलने तक नहीं आए। उन्होंने कहा, करवा चौथ का त्योहार है, लेकिन इन 5200 परिवारों के घरों मेंमायूसी है। भाजपा सरकार ने इन महिलाओं और उनके परिवारों की उम्मीदें तोड़ दी हैं। मोदी जी ने माताओं-बहनों के सम्मान की बात की थी, लेकिनअब वही महिलाएं अपने घर का खर्च चलाने के लिए परेशान हैं। अंकुश नारंग ने कहा कि जब मेहनतकश कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलता, तोयह सिर्फ एक विभाग की नहीं बल्कि इंसाफ और अन्याय की लड़ाई बन जाती है। उन्होंने साफ कहा कि “आप” पार्टी तब तक इन कर्मचारियों के साथरहेगी जब तक उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल जाता। प्रवीण कुमार ने भाजपा को घेरा* ‘कर्मचारियों से मिलने का वक्त नहीं, झूठा प्रचार करने का वक्त है‘ आम आदमी पार्टी के एमसीडी सह-प्रभारीप्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा की सरकार और नेता सिर्फ प्रचार में व्यस्त हैं। महज 5 मीटर की दूरी पर मेयर राजा इकबाल सिंह एसी कमरे में बैठे हैं, और बाहर 5 हजार कर्मचारी धूप में तप रहे हैं। भाजपा के पास दिल्ली घूमकर झूठे वादे करने का समय है, लेकिन कर्मचारियों से मिलने का नहीं।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पास संवेदना नहीं बची है। कोरोना के वक्त जब पूरा देश घरों में बंद था, तब ये कर्मचारी सड़कों पर थे, सैनिटाइजेशन कर रहे थे। अब जब ये अपने वेतन की बात कर रहे हैं, तो भाजपा सरकार चुप है। लेकिन आम आदमी पार्टी इनके साथ है। हमने इन्हेंMTS का दर्जा दिलाया था और अब समान वेतन भी दिलाकर रहेंगे। संजय सिंह का भाजपा पर सीधा वार – चार इंजन फुके हुए हैंसंजय सिंह ने भाजपा सरकार को चार फुके हुए इंजन की सरकार बताया। उन्होंने कहा, ये सरकार न बिजली संभाल पा रही है, न सफाई, न बारिश कापानी। पूरी दिल्ली परेशान है। जनता अब जान चुकी है कि भाजपा सिर्फ झूठे प्रचार और फोटो खिंचवाने में माहिर है। उन्होंने कहा कि जब आमआदमी पार्टी ने स्कूल, अस्पताल और कर्मचारियों के हक के लिए काम किया, तो भाजपा नेताओं ने साजिश के तहत उन्हें जेल भेज दिया। लेकिन हमडरने वाले नहीं हैं। हम तब तक लड़ेंगे जब तक हर कर्मचारी को उसका अधिकार नहीं मिल जाता। समान वेतन की लड़ाई अब बनी दिल्ली का बड़ा आंदोलनसिविक सेंटर पर हड़ताल कर रहे कर्मचारी अब इस आंदोलन को और मजबूत बनाने की तैयारी कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि जबतक कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं दिया जाएगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।संजय सिंह ने कहा, यह सिर्फ MTS कर्मचारियों की लड़ाई नहीं है, यह मेहनत करने वाले हर उस व्यक्ति की लड़ाई है जो अपने अधिकार के लिएखड़ा है। भाजपा सरकार को जवाब देना ही होगा।
राम मंदिर बनेगा अंतरराष्ट्रीय आस्था का केंद्र, 25 नवंबर को ध्वजारोहण करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि राम मंदिर सिर्फ राष्ट्र मंदिर नहीं है बल्किअंतरराष्ट्रीय राम मंदिर बने। यह बात सभी क्षेत्र, सभी वर्ग और सभी विचारधारा के लोग स्वीकार करें, ऐसा प्रधानमंत्री का सपना है और जब ये सपनासाकार होता दिखाई पड़ता है तब मन को संतोष मिलता है। 25 नवंबर अयोध्या के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीअयोध्या पहुंचकर राम मंदिर के शिखर पर 21 फीट का ध्वजारोहण करेंगे। यह दिन ऐतिहासिक इसलिए भी होगा कि इस दिन राम मंदिर निर्माण पूर्णहोने की घोषणा भी की जाएगी। राम मंदिर के ध्वजारोहण के साथ प्रधानमंत्री पूरे विश्व को राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश देंगे।21 नवंबर से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय अनुष्ठान चलेगाध्वज का स्वरूप कैसा होगा, रंग कैसा और प्रतीक चिन्ह कौन सा होगा, इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को जिम्मेदारीसौंपी गई है। पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया था। 22 जनवरी 2024 को रामलला भव्य महल मेंविराजमान हुए थे। प्रधानमंत्री मुख्य यजमान थे। प्रधानमंत्री के हाथों विराजमान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी। मंदिर निर्माण पूरा होने केबाद 25 नवंबर को प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करेंगे। राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माणपूरा होने का विश्व को संदेश दिया जाएगा। 21 नवंबर से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय अनुष्ठान चलेगा। वैदिक आचार्यों की मौजूदगी में अयोध्या औरकाशी के विद्वान अनुष्ठान कराएंगे।
यमुना को मिलेगा नया जीवन, 1816 करोड़ की परियोजनाओं का अमित शाह करेंगे शिलान्यास “सफाई अभियान को मिली नई रफ्तार”

राजधानी में अब यमुना को निर्मल बनाने की परियोजना को रफ्तार मिलेगी। गृहमंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार को यमुना की सफाई से जुड़ी 1816 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। उम्मीद है कि इससे देश की पौराणिक नदी को पुराना गौरव वापस मिल सकेगा।गृहमंत्री दिल्ली को आधुनिक सीवरेज नेटवर्क के रूप में ऐतिहासिक सौगात देंगे। इसमें साफ पानी की सप्लाई से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। साथ ही, यमुना को निर्मल बनाने के लिए कई विशेष प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को बताया कि यमुना को निर्मल बनाना उनकीप्राथमिकता है। बड़े 22 नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहेइसमें केंद्र सरकार का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इन विशेष परियोजनाओं में दशकों पुरानी जल और सीवरेज समस्याएं दूर होंगी। इसमें सीवेजट्रीटमेंट प्लांट और सीवर लाइन का निर्माण होगा और पुरानी लाइनें दुरुस्त होंगी। साफ पेयजल दूरदराज के इलाकों में पहुंचाने के लिए बूस्टर पंपिंगस्टेशन शुरू होंगे। इन परियोजनाओं से यमुना सफाई अभियान तेज होगा। गंदे पानी को सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए राजधानी के बड़े 22 नालोंपर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहे हैं। नदी का प्रदूषण और जल की गुणवत्ता दोनों सुधरेगीमुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की जीवनधारा है। इसके निर्मल होने से आस्था और पर्यावरणदोनों बचेगा। दिल्ली सरकार अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल यमुना की सफाई के वादे को धरातल पर उतारने जा रही है। चरणबद्ध योजनाओं सेनदी का प्रदूषण और जल की गुणवत्ता दोनों सुधरेगी। प्रधानमंत्री के विजन निर्मल नदियां, समृद्ध भारत को दिल्ली सरकार पूरा करेगी।
महिलाओं और युवाओं को मिलेगा बिना झंझट का लोन, दिल्ली सरकार की नई योजना का ऐलान “MSME को मिलेगा 95% तक गारंटी कवर”

राजधानी के छोटे उद्यमियों को बिना कुछ गिरवी रखे अब उद्यम शुरू करने के लिए ऋण मिल जाएगा। सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसएमई) कोमजबूत करने के लिए बुधवार को दिल्ली सरकार और क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) के बीच सहयोगको मंजूरी दी गई है। इस साझेदारी से छोटे उद्यमियों को कुछ भी गिरवी रखे बिना ऋण लेने में मदद मिलेगी और बैंकों को भी ऋण देने में जोखिम नहींरहेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस साझेदारी से दिल्ली का आर्थिक विकास तेज होगा। इससे हजारों उद्यमियों को कर्ज लेने में मददमिलेगी। इस योजना में विभिन्न श्रेणियों के ऋण लेने वालों को अधिकतम 95 फीसदी तक गारंटी कवरेज मिलेगी। लघु उद्यमों को 10 करोड़ रुपयेतक के ऋण पर 75 फीसदी कवरेज सीजीटीएमएसई और 20 फीसदी की कवरेज दिल्ली सरकार से मिलेगी। सीजीटीएमएसई देशभर में 276 सदस्य ऋणमहिला उद्यमियों और अग्निवीरों को 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 90 फीसदी कवरेज सीजीटीएमएसई और 5 फीसदी गारंटी दिल्ली सरकार से दीजाएगी। अब लघु श्रेणी के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक के ऋण पर 85 प्रतिशत कवरेज सीजीटीएमएसई से और 10 फीसदी कवरेज दिल्ली सरकार सेमिलेगी। इसके अलावा 5 लाख रुपये से 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 75 फीसदी कवरेज सीजीटीएमएसई और 20 फीसदी दिल्ली सरकार से दीजाएगी। इस तरह सभी तरह के ऋण के लिए कुल कवरेज 95 फीसदी तक रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीजीटीएमएसई की स्थापना वर्ष 2000 मेंकेंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) ने की थी। यह संस्था छोटे उद्यमों को बिना कुछगिरवी रखे कर्ज दिलाने के लिए बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को गारंटी देती है। सीजीटीएमएसई देशभर में 276 सदस्य ऋण संस्थानों के साथकाम कर रही है। महिला उद्यमियों को विशेष रूप से लाभ मिलने की उम्मीदइसका कुल गारंटी पोर्टफोलियो 9.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है। वित्त वर्ष 2025 में इस संस्था ने 27 लाख ऋण खातों की गारंटी जारी कीहै जिनकी कुल राशि 3.05 लाख करोड़ रुपये रही। इस योजना में निर्माण, सेवाएं, खुदरा और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इस योजना के लिए वित्तवर्ष 2025-26 के बजट में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब इस योजना के तहत कुल 50 करोड़ रुपये की राशि चरणबद्ध रूप सेसीजीटीएमएसई के साथ जोड़े जाने की भी संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे एमएसएमई मजबूत होंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आसानीसे ऋण मिलने में मदद मिलेगी, रोजगार और नवाचार बढ़ेगा। नए उद्यम और खासकर महिला उद्यमियों को विशेष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।
यूक्रेनी मिसाइल और ड्रोन हमलों से रूस में गैस संकट, जेलेंस्की ने बताया ‘बड़ी जीत’

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन नई लंबी दूरी के मिसाइल और ड्रोन हमलों से रूसी तेल सुविधाओं को निशाना बना रहा है, जिससे वहां गैस की भारी कमी हो गई है। वहीं, जंग के मैदान में यूक्रेन के हालिया जवाबी हमले ने रूस की डोनेत्सक क्षेत्र के पूर्वी हिस्से को कब्जे मेंलेने की योजना को नाकाम कर दिया है। जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन की नई पल्यान्यत्स्या मिसाइल ने रूस के दर्जनों सैन्य डिपो (हथियारों के गोदाम) को निशाना बनाया है। इसके अलावा ‘रूता’ ड्रोन ने हाल ही में ढाई सौ किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर स्थित एक रूसी समुद्री तेल सुविधा पर हमलाकर चुका है। जेलेंस्की ने इस नए हथियार को बड़ी कामयाबी बताया है। गैस की कमी और आयात में बढ़ोतरीउन्होंने कहा कि ल्यूटी और फायर प्वाइंट जैसे लंबी दूरी के ड्रोन ने रूसी उर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है। अभियान में 300 ड्रोन एक साथ दागे गए।इसके अलावा, यूक्रेन की सेना ने हाल ही में रूस के खिलाफ नेपच्यून और फ्लेमिंगो नाम की मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया है। यूक्रेनी नेता ने आगेकहा कि रूस में गैस की कमी और आयात में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि यूक्रेन के हमले प्रभावी साबित हो रहे हैं। यूक्रेन के हमलों की कामयाबी का संकेतउन्होंने कहा, खास बात यह है कि रूस अब गैस का आयात कर रहा है। यह एक संकेत है। यूक्रेनी खुफिया रिपोर्ट से पता चलता है कि रूस ने बेलारूससे आयात को छह गुना बढ़ा दिया है और आयात शुल्क हटा दिए हैं। साथ ही वह अब चीन से भी गैस मांग रहा है। जेलेंस्की ने कहा, हमारे आंकड़ों केमुताबिक उन्होंने (रूस) हमारे हमलों के बाद अपने गैस की आपूर्ति का करीब 20 फीसदी हिस्सा खो दिया है। रूसी अधिकारियों ने गैस की संभावितकमी को लेकर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के नए मिसाइल और ड्रोनहमलों से रूस में गैस की भारी कमी हो रही है। यूक्रेन की सेना ने डोनेत्सक क्षेत्र में रूस की कब्जे की योजना को भी नाकाम कर दिया है। रूस अब गैसका आयात बढ़ा रहा है, जो यूक्रेन के हमलों की कामयाबी का संकेत है।
एम.टी.एस. हड़ताल पर भाजपा का कड़ा रुख – संजय सिंह की बयानबाज़ी को बताया मगरमच्छी आंसू

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने एम.टी.एस. कर्मियों की हड़ताल और उनकी मांगों को लेकर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आम आदमीपार्टी के नेताओं, खासकर संजय सिंह के बयानों को केवल राजनीतिक ड्रामा बताया और कहा कि भाजपा की राज्य सरकार और नगर निगम दोनों हीकर्मियों की सेवा शर्तों और वेतन सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संजय सिंह के बयानों पर भाजपा की टिप्पणीप्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि एम.टी.एस. कर्मियों की हड़ताल पर आम आदमी पार्टी नेताओं की बयानबाज़ी मगरमच्छी आंसू जैसी है। उनका कहनाहै कि केवल दिखावे के लिए बयानबाज़ी करने से कर्मचारियों को वास्तविक मदद नहीं मिलती। भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि एम.टी.एस. कर्मियों कोअपनी आर्थिक मांगों को लेकर हड़ताल करनी पड़ रही है, इसका कारण अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा पिछले दस सालों में निगम को आर्थिक रूपसे कमजोर बनाना है। हड़ताल का समय और सामाजिक जिम्मेदारीभाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान समय डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के नियंत्रण का है। ऐसे समय में हड़ताल करना अमानवीय है और समाजके हित के खिलाफ है। उन्होंने कर्मियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी को समझें और समाज हित में काम पर लौटें। महापौर के द्वार हमेशा खुले हैंप्रवीण शंकर कपूर ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने हमेशा कर्मियों के लिए वार्ता के द्वार खुले रखे हैं। उन्होंने कहाकि एम.टी.एस. कर्मियों को महापौर के साथ बैठकर अपनी मांगों पर चर्चा करनी चाहिए और समाधान निकालना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने दोहरायाकि राज्य सरकार और नगर निगम दोनों ही कर्मियों की भलाई और सेवा शर्तों में सुधार के लिए हमेशा सक्रिय हैं। हड़ताल के बावजूद बातचीत कारास्ता खुला है।
विजेंद्र गुप्ता का बारबाडोस में संदेश – लोकतंत्र की मजबूती और संस्थाओं का महत्व

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बारबाडोस की राजधानी ब्रिजटाउन में आयोजित 68वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस (CPC) में भागलिया। इस सम्मेलन में उन्होंने लोकतंत्र के समर्थन में हमारी संस्थाओं को सुदृढ़ बनाना विषय पर आयोजित कार्यशाला में अपने विचार साझा किए।गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह संवाद, उत्तरदायित्व और विविधता के सम्मान की जीवंत संस्कृति है। उनकामानना है कि लोकतंत्र की असली ताकत कानूनों या चुनावों में नहीं, बल्कि जवाबदेही और नागरिकों के विवेक में निहित है। लोकतंत्र की असली शक्तिविजेंद्र गुप्ता ने कार्यशाला में कहा कि लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब प्रत्येक व्यक्ति की आवाज़ सुनी जाए, चाहे वह किसी भी लिंग, क्षेत्र यासामाजिक वर्ग से हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समानता, उत्तरदायित्व और नागरिकसहभागिता की संस्कृति के रूप में विकसित होना चाहिए। उन्होंने कहा, किसी लोकतंत्र की मजबूती इस बात से नहीं आँकी जाती कि वहाँ कितनी बारचुनाव होते हैं, बल्कि इस बात से कि उसकी संस्थाएँ कितनी निष्पक्ष हैं, प्रतिनिधित्व कितना समावेशी है और शासक वर्ग का विवेक कितना जागृत है। भारत का लोकतांत्रिक अनुभवगुप्ता ने भारत के लोकतंत्र और उसके संवैधानिक मूल्यों का उदाहरण दिया। उन्होंने 1993 में हुए 73वें और 74वें संविधान संशोधनों का उल्लेखकिया, जिनसे पंचायती राज और नगरीय निकायों को संवैधानिक दर्जा मिला। इसके साथ ही स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाईआरक्षण सुनिश्चित किया गया। इस सुधार ने लगभग 14 लाख महिलाओं को सक्रिय रूप से जनजीवन में भाग लेने का अवसर दिया और जमीनी लोकतंत्र की संरचना को नई दिशादी। इसके अलावा, संसद द्वारा 128वें संविधान संशोधन के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षणसुनिश्चित किया गया, जिसमें अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षित सीटें भी शामिल हैं। इसे श्री गुप्ता ने लैंगिक न्याय और सहभागीलोकतंत्र की दिशा में एक नैतिक और संवैधानिक मील का पत्थर बताया। चुनावी और संस्थागत सुधारगुप्ता ने पिछले एक दशक में भारत में हुए कई चुनावी और संस्थागत सुधारों का उल्लेख किया। इनमें प्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार, ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में ‘NOTA’ विकल्प और वीवीपैट प्रणाली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालयद्वारा दोषसिद्ध विधायकों की तत्काल अयोग्यता सुनिश्चित करना और इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक घोषित करना लोकतंत्र की पारदर्शिताऔर जनता के विश्वास को मजबूत करने का उदाहरण है। विधान सभाएँ और संघीय लोकतंत्रगुप्ता ने कहा कि राज्य विधानसभाएँ भारत की संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। वे केवल कानून बनाने वाली संस्थाएँ नहीं हैं, बल्कि जनजीवनमें संविधान के आदर्शों को लागू करने की प्रयोगशालाएँ भी हैं। उन्होंने बताया कि विधानसभाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और लोक व्यवस्था जैसेमहत्वपूर्ण विषयों पर कानून बनाती हैं, बजट की निगरानी करती हैं और कार्यपालिका को उत्तरदायी बनाती हैं। उन्होंने कहा, यदि संसद राष्ट्र की इच्छाका प्रतीक है, तो विधानसभाएँ जनता की आवाज़ का प्रतिबिंब हैं। लोकतंत्र में पारदर्शिता और नैतिक नेतृत्वविधानसभा अध्यक्ष ने जोर दिया कि लोकतंत्र, पारदर्शिता और विकेंद्रीकरण संस्थागत विश्वास के तीन स्थायी स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिकसंस्थाओं को केवल प्रक्रियागत सुधारों से मजबूत नहीं किया जा सकता, बल्कि जनजीवन में नैतिक पुनर्जागरण की भी आवश्यकता है।गुप्ता ने कहा कि सच्चा लोकतंत्र केवल कानूनों से नहीं टिकता, बल्कि यह नैतिक नेतृत्व, उत्तरदायी नागरिकता और सेवा-भाव से प्रेरित जनप्रतिनिधियोंके विवेक पर आधारित होता है। भारत का संदेश और वैश्विक मंच पर प्रतिबद्धतागुप्ता ने कहा कि भारत की भागीदारी 68वें कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री कॉन्फ्रेंस में संवैधानिक शासन, संस्थागत सुदृढ़ता और सामूहिक प्रगति में विश्वासका प्रतीक है। उनका कहना था कि लोकतंत्र की असली शक्ति अधिकार में नहीं, बल्कि जवाबदेही और अंतःकरण में निहित है। भारत का यह संदेशयह दर्शाता है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए केवल चुनाव और कानून ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नैतिक नेतृत्व, न्याय और समावेशीप्रतिनिधित्व भी जरूरी है।
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का सामूहिक करवाचौथ आयोजन – परंपरा, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण का संगम

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कल शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में सामूहिक रूप से करवाचौथ पर्व मनाएंगी। यह उनके मुख्यमंत्री पद पररहते हुए पहला ऐसा अवसर है और इसे विशेष महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह पर्व उनके लिए बहुत ही खास है क्योंकियह भारतीय महिलाओं के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। करवाचौथ पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और वैवाहिक बंधन कीपवित्रता का प्रतीक है। सामूहिक आयोजन में महिलाओं की सहभागितामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस विशेष आयोजन में दिल्ली की विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाएं, महिला विधायक, सांसदों की पत्नियां, महिलाअधिकारी और उनके परिवार की महिलाएं शामिल होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले लगभग 15 वर्षों से वह अपने क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों परकरवाचौथ का आयोजन करती रही हैं। इन आयोजनों में महिलाओं की सहभागिता हमेशा अत्यधिक रही है। रेखा गुप्ता के अनुसार, यह आयोजनकेवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह महिलाओं के बीच आपसी स्नेह, सहयोग और सामाजिक जुड़ाव का अवसर भी बनता है। ऐसेकार्यक्रम महिलाओं के सामूहिक सशक्तिकरण और समाज में समरसता को बढ़ावा देते हैं। इस बार यह आयोजन और भी विशेष है क्योंकि पूरे दिल्लीकी महिलाएं इसमें प्रतिनिधित्व करेंगी। परंपरा और संस्कृति का संगममुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में आयोजित यह सामूहिक करवाचौथ अपने आप में अद्वितीय होगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षणपारंपरिक व्रत और पूजन होगा, लेकिन इसके साथ ही महिलाएं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कथा वाचन और पारंपरिक गीतों के माध्यम से अपनी परंपरा सेजुड़ेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन में अपनापन, गरिमा और सौहार्द की झलक देखने को मिलेगी। यह महिलाओं के बीच आपसी स्नेह औरसमुदाय की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। सामूहिक आयोजन से संदेशरेखा गुप्ता ने बताया कि करवाचौथ केवल व्यक्तिगत श्रद्धा का पर्व नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और महिलाओं के सामूहिक उत्साह काप्रतीक भी है। सामूहिक आयोजन के माध्यम से यह संदेश जाता है कि परंपरा और आधुनिक जीवन के बीच संतुलन बनाकर समाज में गरिमा, सम्मानऔर अपनापन बनाए रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विशेष आयोजन में शामिल महिलाओं को न केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिकअनुभव मिलेगा, बल्कि यह उनके लिए सामाजिक जुड़ाव, स्नेह और सम्मान का अवसर भी साबित होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का उद्देश्यमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह कदम दिल्ली में करवाचौथ पर्व की गरिमा और महत्व को और बढ़ाने वाला है। उनका मानना है कि इस तरह के सामूहिकआयोजन महिलाओं को अपने आप में सशक्त बनाने, समाज में एकता और सहयोग बढ़ाने और परंपरा को जीवन का हिस्सा बनाने में मदद करते हैं।रेखा गुप्ता ने सभी महिलाओं से आग्रह किया कि इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और भारतीय संस्कृति और परंपरा का सम्मान करें। उनकेअनुसार, यह आयोजन महिलाओं के सामूहिक उत्साह और उनके सामाजिक योगदान को प्रदर्शित करने का सबसे अच्छा अवसर है।
दिल्ली निगम उपचुनाव में कांग्रेस की तैयारी – देवेन्द्र यादव का दावा

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में होने वाले उपचुनावों कोलेकर एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में 5 सदस्यीय कोआर्डिनेशन कमेटी, 12 आर्ब्जवर और वार्डों के जिला अध्यक्ष मौजूद थे। देवेन्द्र यादव नेबैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि यदि निगम उपचुनाव में भाजपा की वोट चोरी पर लगाम लगाई जाती है और चुनाव पारदर्शिता के साथ होते हैं, तोकांग्रेस पार्टी सभी 12 वार्डों में जीत हासिल करेगी। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत बनाने और मतदाताओं तक पहुँचने कामार्गदर्शन दिया। उपचुनाव की तैयारियों पर बैठकबैठक में प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के अलावा कई वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक उपस्थित थे। इनमें डॉ. नरेंद्र नाथ, हरी शंकर गुप्ता, सुरेंद्र कुमार, राजेश गर्ग, जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ राव, राजेश चौहान, जावेद मिर्जा, सतबीर शर्मा, दिनेश कुमार, विरेन्द्र कसाना, मुदित अग्रवाल, रागिनी नायक, निगम पार्षद हाजी जरीफ, प्रदेश महिला अध्यक्ष पुष्पा सिंह, नीतू वर्मा और विनीत यादव शामिल थे। देवेन्द्र यादव ने बैठक में कहा कि यदि चुनावजल्दी होते हैं, तो भी कांग्रेस पार्टी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन और जनता के बीच सीधे संवाद बनाए रखने कानिर्देश दिया। भाजपा की विफलताओं पर देवेन्द्र यादव का हमलादेवेन्द्र यादव ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले आठ महीनों में रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली के लोगों से किए गए किसी भीवादे को पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भी दिल्ली में कमजोर होती जा रही है और दिल्ली की जनता अब कांग्रेस को एकविकल्प के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि निगम में भाजपा की सरकार पिछले छह महीनों से रही, लेकिन सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूतसेवाओं में पूरी तरह विफल साबित हुई है। कूड़े के ढेर, सड़कों और गलियों में गंदगी और मानसून में जलभराव जैसे मुद्दे आज भी दिल्लीवासियों केसामने हैं। कांग्रेस का संगठन मजबूतदेवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस ने 12 निगम वार्डों के उपचुनावों के लिए अप्रैल में ही प्रत्येक वार्ड में आर्ब्जवर और 5 सदस्यीय कोआर्डिनेशन कमेटीका गठन कर दिया था। सभी आर्ब्जवर अपने-अपने वार्ड में सक्रिय हैं और मतदाताओं की राय जानने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लोगों मेंभाजपा की वोट चोरी के खिलाफ भारी नाराजगी है और कांग्रेस के हस्ताक्षर अभियान में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इससे भाजपा की गलततरीके से सत्ता हासिल करने की कोशिशों के खिलाफ जनता में जागरूकता बढ़ रही है। प्रत्येक वार्ड में मजबूत रणनीतिदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में संगठन सृजन अभियान के तहत संगठन को मजबूत करने की सभी कवायद पूरी कर ली गई हैं। 14 जिला अध्यक्ष, 258 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष और लगभग 520 मंडलों में सेक्टर इंचार्ज नियुक्त किए गए हैं। इससे कांग्रेस कार्यकर्ता हर गली और मोहल्ले में जाकरलोगों को जागरूक कर रहे हैं और उनके समर्थन से हस्ताक्षर अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम वार्डों के चुनाव छोटे होते हैं, लेकिन लोगविधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की चर्चा करते हैं। यदि कार्यकर्ता सही तरीके से जनता के बीच अपनी बात रखें, तो सभी 12 वार्डों में जीत निश्चित है।