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राहुल गांधी का बिहार अभियान खुद RJD ने किया ‘Expose’ – प्रदीप भंडारी

बिहार विधानसभा चुनावों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रचार अभियान अब विवादों में फंस गया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रदीप भंडारी ने साफ कहाकि राहुल गांधी का प्रचार बिहार में पूरी तरह असफल रहा है। उन्होंने कांग्रेस और RJD पर सीधे सवाल उठाए और बताया कि राहुल गांधी का प्रचारझूठे दावों पर आधारित था। 26/11 हमला – कांग्रेस और सोनिया गांधी को देना होगा जवाबप्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर सवाल उठाया कि 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद कौन नेता था जिसने हमारी सेना और वायुसेना को पाकिस्तान परजवाबी कार्रवाई से रोका? भंडारी ने कहा कि उस समय सोनिया गांधी, UPA सरकार में प्रधानमंत्री से भी ज्यादा शक्तिशाली थीं। इसलिए उन्हें भी येबताना चाहिए कि क्या उन्होंने सेना की कार्रवाई को रोकने में कोई हस्तक्षेप किया था। पी. चिदंबरम और सोनिया गांधी को ये साफ जवाब देनाचाहिए कि 26/11 के बाद कौन हमारी सेना को रोक रहा था? बिहार चुनाव आयोग की सूची ने दिखाया सचहाल ही में बिहार चुनाव आयोग और अधिकारियों ने एक सूची जारी की। इस सूची में साफ लिखा है कि कांग्रेस और RJD के किसी भी कार्यकर्ता याबूथ एजेंट ने मतदाता सूची पर कोई अपील नहीं की। इसका मतलब यह हुआ कि राहुल गांधी जो मुद्दा उठा रहे थे, उस पर न तो RJD और न हीकांग्रेस बिहार इकाई को भरोसा था। बिहार में राहुल गांधी का प्रचार पूरी तरह झूठा साबित हुआ है कांग्रेस और RJD कार्यकर्ता भी असंतुष्टसूची और रिपोर्ट से पता चलता है कि बिहार में कांग्रेस और RJD के स्थानीय कार्यकर्ता राहुल गांधी के प्रचार से खुश नहीं हैं। कई कार्यकर्ताओं काकहना है कि राहुल गांधी का बिहार दौरा और प्रचार अभियान एक फ्लॉप शो था। “बिहार के अंदर कांग्रेस और RJD के लोग मान रहे हैं कि राहुलगांधी का अभियान सफल नहीं हुआ। राहुल गांधी का प्रचार केवल प्रचार ही रहाप्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी का प्रचार बिहार में केवल राजनीतिक बयानबाजी और प्रचार तक सीमित रहा। वास्तविक ground level परकार्यकर्ता और लोग उनके समर्थन में नहीं थे। इससे साफ होता है कि राहुल गांधी का प्रचार अभियान कांग्रेस और RJD के लिए भी भरोसेमंद नहींथा।

IMC 2025 का भव्य आगाज़, पीएम मोदी ने दिखाई भारत के डिजिटल भविष्य की झलक

भारत और एशिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी मेले के तौर पर पहचान रखने वाले इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2025 का आज आगाज हो गया है।आईएमसी 2025 का आयोजन 8 से 11 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इसइवेंट का उद्घाटन करते हुए लोगों को संबोधित किया। पीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी टेक क्रांति में अहम योगदानदे रही है। उन्होंने कहा कि पहले फ्यूचर का मतलब अगला शतक या अगले 10-20 साल होते थे, लेकिन टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बदल रही है किअब हम कहते हैं, “द फ्यूचर इज हेयर एंड नाऊ।” पीएम मोदी ने भारत में सस्ते मोबाइल डेटा की ओर ध्यान खींचते हुए कहा, “आज देश में 1 जीबीवायरलेस डेटा की कीमत एक कप चाय की कीमत से भी कम है। डेटा खपत की बात करें, तो भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है। इसकामतलब है कि डिजिटल कनेक्टिविटी अब कोई विलासिता या विशेषाधिकार नहीं रही, बल्कि भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।” टेलीकॉम सेक्टर ने बड़ी भूमिका निभाईमोदी ने कहा,”मैंने प्रदर्शनी में लगे कुछ स्टॉल्स देखे जिसमें मुझे भविष्य की झलक दिखी। टेलीकॉम कनेक्टिविटी, 6जी टेक्नोलॉजी, एआई, साइबरसिक्योरिटी सेमीकंडक्टर्स, ड्रोन-स्पेस टेक्नोलॉजी, डीप-सी और ग्रीन-टेक आदि समेत अन्य टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में आने वाला समय बिलकुल ही अलगहोने जा रहा है।” पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि 6जी टेक्नोलॉजी में भारत दुनिया को लीड करेगा। मोदी ने इंटरनेट स्पीड का महत्व बतातेहुए कहा कि इंटरनेट स्पीड केवल नंबर और रैंकिंग के लिए ही नहीं होते, बल्कि अच्छी इंटरनेट स्पीड “इज ऑफ लिविंग” को भी बढ़ा देते हैं। उन्होंनेकहा, “इंटरनेट स्पीड बढ़ने से कनेक्टिविटी और आसान हो जाती है। टेक्नोलॉजी ने आम नागरिकों को वो अधिकार दिलाने में सहायता की है जो पहलेमिलना मुश्किल थे और इसमें टेलीकॉम सेक्टर ने बड़ी भूमिका निभाई है।” इवेंट को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहापीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत नेट प्रोजेक्ट ने 2 लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ा है। मोदी ने कहा किअटल टिंकरिंग लैब (ATL) मिशन में 10,000 लैब्स के जरिए 75 लाख बच्चों को कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा चुका है। पीएम ने आगे कहाकि आज तकनीकी संस्थानों में 100 यूज्ड केस लैब्स की शुरूआत से इसका ग्राफ बढ़ने वाला है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस एशिया का सबसे बड़ाटेलीकॉम, मीडिया और टेक्नोलॉजी इवेंट है। इस बार इसमें दुनिया भर के उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता, और टेक इनोवेटर्स हिस्सा लेंगे। चार दिनचलने वाले इस कार्यक्रम में ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्युनिकेशन, 6G, और फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर्स जैसे कई अहम विषयों परप्रदर्शनी और चर्चा होगी। IMC 2025 में 150 से ज्यादा देशों के 1.5 लाख से अधिक विजिटर्स और 400 से ज्यादा कंपनियां भाग ले रही हैं।कार्यक्रम में 800 से ज्यादा स्पीकर्स और 100 से अधिक सेशन होंगे, जिनमें जापान, कनाडा, ब्रिटेन, रूस, आयरलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे देशों केप्रतिनिधिमंडल भी शामिल होंगे। इस इवेंट को अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

“सबरीमाला हंगामा” सोने की परत विवाद से केरल विधानसभा में हाथापाई, मंत्री वासवन पर इस्तीफे की मांग

सबरीमाला मंदिर में स्वर्ण-पल्लवन (सोने की परत) में कथित अनियमितताओं को लेकर केरल विधानसभा में हंगामा जारी है। सदन में बुधवार (8 अक्तूबर) को उस वक्त जमकर हंगामा देखने को मिला, जब विपक्षी यूडीएफ सदस्यों और सुरक्षाकर्मियों में तीखी नोंकझोंक हो गई। विपक्ष केविधायक देवस्वम मंत्री वी एन वासवन के इस्तीफे की मांग उठा रहे थे। इस दौरान निगरानी कर्मियों के साथ हाथापाई हो गई। इतना ही नहीं विपक्षीविधायकों ने सदन के वेल में सत्तारूढ़ दल के सदस्यों के साथ तीखी बहस भी की। दरअसल, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ विधायक सोमवार से हीसदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं और सबरीमाला मंदिर में ‘द्वारपालक’ मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाने वाले आवरण के वजन में कमी से जुड़ीकथित अनियमितताओं को लेकर देवस्वम मंत्री वी एन वासवन के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। विपक्षी सदस्यों ने निगरानी कर्मियों को माराइस बीच सदन में हंगामा जारी रहने पर विधानसभा अध्यक्ष एएन शमसीर ने प्रश्नकाल बीच में ही रद्द कर दिया। बता दें कि विपक्षी विधायकों कीहाथापाई उस वक्त शुरू हुई, जब सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी प्रश्नकाल के दौरान बोल रहे थे। अपने संबोधन में शिवनकुट्टी ने स्पीकर केआसन के सामने विपक्ष के प्रदर्शन और बैनर फहराने पर कड़ी नाराजगी जताई। इस बीच अचानक स्पीकर के आसन के चारों ओर खड़े निगरानी कर्मियोंऔर सदन के आसन के पास धरना दे रहे यूडीएफ विधायकों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। वहीं मंत्री शिवनकुट्टी ने दावा किया कि विपक्षी सदस्यों नेनिगरानी कर्मियों को मारा।नोटिस देने का “साहस” क्यों नहीं दिखा रहेहालांकि बाद में सत्ता पक्ष के सदस्य भी सदन के आसन के पास पहुंचे और विपक्षी विधायकों के साथ तीखी बहस शुरू कर दी, जिसके बादविधानसभा अध्यक्ष ने सत्र को अस्थायी रूप से रद्द करने की घोषणा की। बता दें कि सबरीमाला मंदिर सोना चोरी मामले में यूडीएफ पहले ही घोषणाकर चुका था कि जब तक मंदिर में कथित अनियमितताओं को लेकर देवस्वम मंत्री इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे सदन की कार्यवाही में सहयोग नहींकरेंगे। विपक्ष ने लगातार तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान नारे लगाते हुए तख्तियों और बैनर के साथ सदन के आसन के सामने धरना भी दिया। सत्र शुरूहोते ही विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने आरोप लगाया कि भगवान अयप्पा मंदिर की द्वारपालक मूर्तियों को ले जाकर बाहर बेच दिया गया है।“पानी, बिजली, सफाई के लिए संघर्ष: धोलका की बस्तियों का दर्द” उन्होंने कहा, “हमारा निर्णय है कि जब तक देवस्वम मंत्री वी.एन वासवनइस्तीफा नहीं दे देते और त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड के सदस्यों को बाहर नहीं निकाल दिया जाता, तब तक हम सदन की कार्यवाही में सहयोग नहींकरेंगे।” इधर, संसदीय कार्य मंत्री एम.बी. राजेश ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाया और जानना चाहा कि वे इस मामले पर चर्चा के लिए नोटिस देनेका “साहस” क्यों नहीं दिखा रहे हैं?

दिल्ली में छोटे उद्यमियों के लिए नई उम्मीद – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल

दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और छोटे उद्यमियों को सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक नई योजना की घोषणा की है।इस योजना का मकसद छोटे और सूक्ष्म व्यवसायियों को बिना किसी गिरवी के ऋण उपलब्ध कराना है। इससे न केवल उनके व्यवसाय को बढ़ावामिलेगा, बल्कि दिल्ली की आर्थिक प्रगति में भी नया अध्याय जुड़ जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि छोटे उद्यमी हमारे शहर की रीढ़ हैं। येलोग मेहनत, लगन और साहस के साथ अपने छोटे-छोटे व्यवसायों को चलाते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें व्यवसाय बढ़ाने के लिए वित्तीय मदद नहीं मिलपाती। इस नई योजना के माध्यम से दिल्ली सरकार और CGTMSE (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज) मिलकर उद्यमियोंको बिना किसी संपत्ति गिरवी रखे ऋण देने में मदद करेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे एक नई आर्थिक क्रांति का हिस्सा बताया, जो छोटे व्यवसायियोंके लिए अवसरों का द्वार खोलेगी। छोटे व्यवसायियों को मिलेगी आसान ऋण सुविधाइस योजना के तहत छोटे उद्यमियों को ऋण लेने में कोई कठिनाई नहीं होगी। उद्यमी अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए बैंक या किसी वित्तीय संस्था सेआसानी से ऋण ले सकेंगे, और उन्हें किसी संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे हजारों छोटे व्यवसायी लाभान्वित होंगे और उनकीआर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना से बैंकों का जोखिम कम होगा, जिससे बैंक छोटे उद्यमियों को अधिक ऋणदेने के लिए उत्साहित होंगे। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह भी बताया कि महिला उद्यमियों और अग्निवीरों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।इससे समाज के कमजोर और मेहनती वर्ग को भी व्यवसाय में भागीदारी का मौका मिलेगा। यह पहल छोटे व्यवसायियों में आत्मविश्वास बढ़ाएगी औरउन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने में मदद करेगी। आर्थिक ढांचे को मिलेगी मजबूतीरेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना से दिल्ली के आर्थिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। जब छोटे व्यवसाय बढ़ेंगे और नए रोजगार सृजित होंगे, तोशहर की अर्थव्यवस्था में स्थिरता आएगी। निर्माण, सेवाओं, खुदरा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के छोटे उद्यम इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इससे नकेवल व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। CGTMSE की स्थापना 2000 में हुई थी, ताकि छोटे उद्यमियों कोबिना गिरवी के ऋण दिलाने में बैंकों और वित्तीय संस्थानों की मदद की जा सके। वर्तमान में CGTMSE देशभर में 276 सदस्य ऋण संस्थाओं केसाथ काम कर रही है और इसका कुल गारंटी पोर्टफोलियो 9.34 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। केवल वित्त वर्ष 2025 में ही इसने 27 लाख ऋणखातों की गारंटी जारी की, जिनकी कुल राशि 3.05 लाख करोड़ रुपये रही। रोजगार और उद्यमिता को मिलेगा नया अवसरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना न केवल छोटे उद्यमियों को लाभ पहुंचाएगी, बल्कि रोजगार और उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी। दिल्ली केयुवा और मेहनती लोग अब अपने छोटे व्यवसाय को बिना किसी डर और बाधा के आगे बढ़ा सकेंगे। महिला उद्यमियों को विशेष रूप से प्रोत्साहनमिलेगा, ताकि वे समाज और अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी मजबूत कर सकें। इस योजना से नए व्यवसायों को भी मदद मिलेगी। छोटे व्यवसायियोंको वित्तीय सहयोग मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने व्यवसाय में नए प्रयोग और नवाचार कर सकेंगे। इससे पूरे शहर में रोजगार केअवसर बढ़ेंगे और आर्थिक ढांचा अधिक लचीला और मजबूत बनेगा। बजट और वित्तीय प्रावधानइस योजना के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 5 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, कुल 50 करोड़ रुपये की राशि चरणबद्धरूप से CGTMSE के साथ जोड़ी जाएगी। इस प्रावधान से योजना को सही तरीके से लागू किया जा सकेगा और अधिक उद्यमियों तक इसका लाभपहुंच सकेगा।

दिल्ली में परंपराओं और पर्यावरण का संतुलन बनाएगी भाजपा सरकार – वीरेन्द्र सचदेवा

केजरीवाल सरकार ने हिंदुओं की भावनाओं से किया खिलवाड़दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि पिछले 11 सालों से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने लगातार हिंदुओं के त्योहारों कोरोकने और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है। दीपावली पर पटाखों पर बैन लगाना और छठ महापर्व को नदी किनारे मनानेसे रोकना इसी का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने परंपराओं के साथ खिलवाड़ कर दिल्ली के लाखों लोगों की आस्था को आहत किया। भाजपा सरकार बनाएगी आस्था और पर्यावरण का संतुलनवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि अब भाजपा सरकार दिल्ली में ऐसा माहौल बनाएगी, जहां आस्था और पर्यावरण दोनों का सम्मान हो। भाजपा कीप्राथमिकता यह है कि दीपावली जैसे त्योहार खुशी, स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण में मनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार ने माननीय सर्वोच्चन्यायालय से ग्रीन पटाखों की अनुमति मांगी है ताकि लोग परंपराओं को निभाते हुए प्रदूषण रहित दीपावली मना सकें। भाजपा सरकार करेगी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मानसचदेवा ने बताया कि भाजपा सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान करेगी। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला माननीय सर्वोच्च न्यायालयदेगा, भाजपा सरकार और दिल्ली की जनता उसका पालन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार परंपराओं का आदर करते हुए पर्यावरणसंरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोपवीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी ने केवल राजनीति करने के लिए हिंदुओं के त्योहारों को निशाना बनाया।उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने न सिर्फ़ पटाखों पर बैन लगाकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई, बल्कि छठ जैसे महापर्व पर रोकलगाकर लाखों पूर्वांचलवासियों की आस्था का अपमान किया।ग्रीन पटाखे से न प्रदूषण बढ़ेगा, न भावनाएं आहत होंगीवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा प्रमाणित ग्रीन पटाखों से न तो दिल्ली में प्रदूषण बढ़ेगा और न ही हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। प्रदूषण नियंत्रणऔर परंपराओं के सम्मान, दोनों का संतुलन बनाकर रखना भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। स्वच्छ, सुरक्षित और खुशहाल दीपावली का संदेशवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा सरकार चाहती है कि दिल्लीवासी इस बार दीपावली को खुशियों, स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण के साथमनाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि हर धर्म और परंपरा का सम्मान करना है ताकि दिल्ली फिर से आस्था, संस्कृति औरसौहार्द का प्रतीक बन सके।

देवेंद्र यादव ने दिल्ली की आरडब्ल्यूए से की अपील – कांग्रेस के वोट चोरी विरोधी अभियान में जुड़कर लोकतंत्र की रक्षा करें

लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस का नया अभियानदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने राजधानी की सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को एक खुला पत्र लिखकरआमंत्रित किया है कि वे कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए जा रहे वोट चोरी विरोधी अभियान में शामिल हों। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है और जनता के वोट का अधिकार छीना जा रहा है। ऐसे में हर दिल्लीवासी और हर आरडब्ल्यूएको आगे आकर इस आंदोलन में अपना योगदान देना चाहिए ताकि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा की जा सके।देवेंद्र यादव ने कहाकि यह अभियान केवल एक राजनीतिक आंदोलन नहीं है बल्कि यह जनता के अधिकारों और न्याय की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का यहसंकल्प है कि किसी भी कीमत पर वोट चोरी नहीं होने दी जाएगी और लोगों के वोटों की रक्षा के लिए कांग्रेस मैदान में डटी रहेगी। देवेंद्र यादव का कहना भाजपा और चुनाव आयोग कर रहे हैं वोट चोरी की साज़िशदिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने देशभर में चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी करने की साज़िश रची है। उन्होंने कहा कि लोकसभामें नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी ने देश और दुनिया के सामने यह सबूतों के साथ दिखाया है कि कर्नाटक में किस तरह से भाजपा ने चुनाव आयोग कीमदद से वोट चोरी की थी। देवेंद्र यादव ने कहा कि जब एक संवैधानिक संस्था, जिसका काम निष्पक्ष चुनाव करवाना है, खुद किसी पार्टी के साथ मिलजाए, तो यह लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि वोट देना केवल एक प्रक्रिया नहीं है, यह नागरिक की ताकत है। अगर यह ताकतही छीन ली जाए तो लोकतंत्र का अर्थ खत्म हो जाता है। इसलिए अब समय आ गया है कि देश के नागरिक अपने संवैधानिक अधिकार की रक्षा केलिए खड़े हों। दिल्ली में भी चल रहा है षड्यंत्र हस्ताक्षर अभियान से जनता को जोड़ा जाएगादेवेंद्र यादव ने कहा कि जैसे कर्नाटक में वोट चोरी की गई, वैसे ही अब दिल्ली में भी ऐसी कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नेखुद यह बात स्वीकार की है कि दिल्ली में वोट चोरी की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(एसआईआर) का काम पूरा करने के बाद अब दिल्ली में भी यही प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है। इससे यह संभावना बढ़ गई है कि दिल्ली में भीलोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की साज़िश रची जा सकती है। देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस इसको बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी ने दिल्ली के हरकोने में हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है ताकि जनता एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सके। उन्होंने कहा कि यहकेवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि दिल्ली के हर नागरिक की लड़ाई है। कांग्रेस शासन में मजबूत हुईं आरडब्ल्यूए अब फिर निभाएं लोकतांत्रिक जिम्मेदारीदेवेंद्र यादव ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी, तब आरडब्ल्यूए को शहर के विकास का एक अहम हिस्सा बनाया गया था। कांग्रेससरकार ने भागीदारी योजना के तहत आरडब्ल्यूए को न केवल अधिकार दिए, बल्कि शहर के विकास कार्यों में उनकी राय को प्राथमिकता दी। उन्होंनेकहा कि कांग्रेस के शासन में आरडब्ल्यूए ने जो निस्वार्थ और ईमानदार काम किए, वही दिल्ली को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित हुए। देवेंद्रयादव ने कहा कि आज फिर समय आ गया है कि आरडब्ल्यूए लोकतंत्र की रक्षा में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चाहती है किदिल्ली की हर आरडब्ल्यूए इस अभियान में शामिल होकर देश में सत्य, न्याय और लोकतंत्र की आवाज को मजबूत करे। हर विधानसभा में नियुक्त बीएलए प्रतिनिधि रख रहे हैं चुनाव आयोग की गतिविधियों पर नज़रदेवेंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली कांग्रेस ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बीएलए-1 प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं। ये प्रतिनिधि मतदाता सूची और चुनाव सेजुड़े सभी कार्यों पर नज़र रख रहे हैं। वे लोगों के नए वोट बनवाने, वोट शिफ्ट करने और शिकायतों को हल करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा किकांग्रेस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी नागरिक अपने वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे। कांग्रेस का कंट्रोल रूम जनता की सेवा में सक्रियदेवेंद्र यादव ने सभी आरडब्ल्यूए अध्यक्षों और सदस्यों से कहा कि यदि उन्हें चुनाव से संबंधित कोई समस्या या सुझाव देना हो, तो वे अपने क्षेत्र केकांग्रेस कार्यकर्ताओं से संपर्क करें या सीधे दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कंट्रोल रूम नंबर 9625777907 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्जकराएं। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों और सुझावों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। देवेंद्र यादव का संदेश यह लड़ाई लोकतंत्र बचाने की है, राजनीति की नहींदिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह आंदोलन किसी पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है।उन्होंनेकहा कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से जनता का मताधिकार छीना जा रहा है। अगर आज आवाज़ नहीं उठाई गई, तो आने वालीपीढ़ियों को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा हम दिल्ली की सभी आरडब्ल्यूए से आग्रह करते हैं कि वे कांग्रेस पार्टी के वोट चोरी विरोधीअभियान में शामिल होकर लोकतंत्र को बचाने में अपनी भूमिका निभाएं। जब जनता एकजुट होगी, तभी सच्चा लोकतंत्र बचेगा।

मणिपुर में जल जीवन मिशन के तहत बड़ा घोटाला! जमीनी हकीकत ने खोली सरकारी दावों की पोल

मणिपुर में जल जीवन मिशन के तहत एक बड़ा घोटाला सामने आने की आशंका जताई गई है। इस पूरे मामले का खुलासा क्षेत्रीय दौरे के दौरान हुआ, जब यह पाया गया कि जिन गांवों में सरकार ने नल जल योजना के अंतर्गत हर घर तक पानी पहुंचाने का दावा किया था, वहां एक भी घर में काम कररहा नल नहीं मिला। यह सच्चाई सरकारी आंकड़ों और दावों से बिल्कुल उलट है, जिससे इस पूरी योजना पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जमीनी हकीकत में नहीं मिला एक भी चालू नलमणिपुर के कई गांवों में किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि किसी भी घर में नल से पानी नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने साफ तौर पर बतायाकि उन्हें अब तक घर-घर नल जल योजना का कोई लाभ नहीं मिला है। इस बात से यह स्पष्ट हो गया कि जो आंकड़े सरकार पेश कर रही है, वेवास्तविकता से बहुत दूर हैं। मणिपुर उच्च न्यायालय में मामला दायरइस गंभीर अनियमितता को देखते हुए मामला मणिपुर उच्च न्यायालय में ले जाया गया है। इसे एक बड़े घोटाले के रूप में देखा जा रहा है।शिकायतकर्ता ने कहा कि यह सिर्फ धन का दुरुपयोग नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों से किया गया खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि देश को यहजानना चाहिए कि मणिपुर में जल जीवन मिशन के नाम पर एक बहुत बड़ा घोटाला चल रहा है। संसद में उठाया गया सवाल, मंत्री ने दिए आंकड़ेयह मुद्दा पहले भी लोकसभा में उठाया गया था। मंत्री से पूछा गया था कि जल जीवन मिशन के तहत मणिपुर में कितने घरों को नल से पानी कीसुविधा दी गई है। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि अगस्त 2019 में इस योजना की शुरुआत से पहले मणिपुर में केवल 26,000 ग्रामीण घरों(लगभग 5.74 प्रतिशत) में नल से पानी की सुविधा थी। इसके बाद योजना लागू होने के बाद सरकार के अनुसार 3,33,539 अतिरिक्त ग्रामीण घरोंमें नल जल कनेक्शन दिया गया। इस प्रकार 28 जुलाई 2025 तक कुल 4,51,619 ग्रामीण घरों में से 3,59,459 घरों (लगभग 79.59 प्रतिशत) में नल जल की सुविधा उपलब्ध होने का दावा किया गया। आंकड़ों और सच्चाई में बड़ा अंतरसरकारी दावों के मुताबिक, मणिपुर में लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल जल पहुंच चुका है। लेकिन जब जमीनी स्तर पर जांच की गई, तोतस्वीर बिल्कुल अलग थी। किसी भी गांव में एक भी घर ऐसा नहीं मिला जहां नल से पानी आ रहा हो। यह अंतर इस बात की ओर संकेत करता है किया तो योजना का क्रियान्वयन पूरी तरह विफल रहा है या फिर इसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है। एक हजार करोड़ से अधिक की राशि का उपयोगसरकार की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के लिए कुल 1202 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया है। इसमें से केंद्र सरकार का हिस्सा 1078.82 करोड़ रुपये है जबकि राज्य सरकार ने 124.03 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद अगर ग्रामीणों को एक बूंद पानी भीनहीं मिला, तो यह निश्चित रूप से गहरी जांच का विषय है। जनता के साथ धोखा और जिम्मेदारी तय करने की मांगइस मामले ने लोगों के बीच गुस्सा पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अब भी पुराने स्रोतों, जैसे कुएं औरझरनों, पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल कागजों पर ही पानी पहुंचाया है, जमीन पर नहीं। अब लोग इस योजना में हुए भ्रष्टाचार कीनिष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पवन सिंह के विवादों का सिलसिला जारी, पूर्व पत्नी से लेकर फैंस की धमकियों तक, छवि पर लगे गंभीर दाग

भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता पवन सिंह का नाम बीते कुछ समय से लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। कभी उन पर हरियाणवी मॉडल एक्ट्रेसअंजलि राघव गलत तरीके से छूने का आरोप लगाती हैं तो कभी शो ‘राइज एंड फॉल’ में अभिनेता की को-कंटेस्टेंट उनके फैंस पर रेप और जान से मारनेकी धमकियां देने का आरोप लगाती हैं। अब हाल ही में उनकी पूर्व पत्नी ज्योति सिंह एक्टर के घर पहुंचीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। वायरल वीडियो मेंवो पति से इंसाफ की गुहार लगाती नजर आईं। ज्योति ने कहा कि वो सात साल से मानसिक यातना झेल रही हैं। आइए आपको तीनों मामलों के बारेमें बताते हैं। साथ ही इनके अलावा कब-कब पवन सिंह विवादों में रहे, यह भी जानते हैं। साल 2018 में पवन सिंह ने ज्योति सिंह से शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता जल्द ही टूटने की कगार पर पहुंच गया। 2022 में पवन ने आरा कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की। ज्योति ने उन पर गंभीरआरोप लगाए जिनमें मानसिक प्रताड़ना, बार-बार गर्भपात के लिए दबाव और आत्महत्या के लिए उकसाने तक की बातें सामने आईं। उन्होंने भरण-पोषण के लिए ₹5 लाख मासिक की मांग की, लेकिन पवन ने ₹1 करोड़ का एकमुश्त ऑफर दिया। मामला आज भी अदालत में लंबित है। इसबीच, जब अंजलि राघव विवाद बढ़ा तो ज्योति ने आत्मदाह की धमकी तक दे दी। हालिया वीडियो ने एक बार फिर इस विवाद को जीवित कर दियाहै। छवि पर एक और धब्बा लग गयाअभिनेत्री अहाना कुमरा हाल ही में रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ में नजर आई थीं। अब अभिनेत्री इस शो से बाहर हो चुकी हैं। बाहर होने के बादअहाना ने शो को लेकर काफी बातें कीं। इसी दौरान अहाना ने शो में उनके साथी कंटेस्टेंट और भोजपुरी स्टार पवन सिंह के फैंस की ओर से मिल रहीधमकियों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि पवन सिंह के फैंस ने उन्हें जान से मारने और रेप की धमकियां दीं। बता दें शो के दौरान पवन सिंहको लेकर अहाना ने एक ऐसी टिप्पणी कर दी थी जिसके बाद उन्होंने माफी मांगी थी और विवाद वहीं सुलझ भी गया था। कुछ ही महीने पहलेलखनऊ के एक इवेंट में पवन सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर पर अनुचित तरीके से हाथलगाते दिखे। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारी विरोध खड़ा किया। अंजलि ने खुद को असहज बताते हुए भोजपुरी इंडस्ट्री से दूरी बना ली।महिला आयोग और कलाकार संघ (AICWA) ने भी कार्रवाई की मांग की। बाद में पवन सिंह ने माफी मांगी, लेकिन उनकी छवि पर एक और धब्बालग गया। वो देवी थीं, जिन्हें मैंने खो दियापवन सिंह का नाम अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ भी लंबे समय तक जुड़ा रहा। दोनों ने कई सुपरहिट गानों और फिल्मों में साथ काम किया। मगरशादी के बाद रिश्ता बिगड़ गया और अक्षरा ने उन पर धमकी देने, आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर करने और इंडस्ट्री से बाहर करवाने के आरोप लगाए।अक्षरा ने खुलेआम कहा था कि “पवन सिंह ने मुझे मौत की धमकी दी।” इस ब्रेकअप ने भोजपुरी सिनेमा की चमकदार दुनिया के पीछे की कड़वीसच्चाई उजागर कर दी। साल 2014 में पवन सिंह ने नीलम सिंह से पहली शादी की थी, लेकिन तीन महीने बाद ही नीलम ने मुंबई स्थित उनके घर मेंकथित रूप से आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे मामला रहस्य बना रहा। इस घटना ने पवन की निजी जिंदगी पर गहरे सवाल खड़ेकिए। बाद में उन्होंने कहा कि ‘वो देवी थीं, जिन्हें मैंने खो दिया।’

अंकुश नारंग का बड़ा बयान – दिल्ली में डेंगू-मलेरिया के खतरे के बीच एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगों को तुरंत माने भाजपा सरकार

दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने एमसीडी मुख्यालय के बाहर 5200 एमटीएस कर्मचारियों से मुलाकात कीऔर उनकी जायज़ मांगों का समर्थन किया। इन कर्मचारियों ने पिछले 9 दिनों से हड़ताल की है और अपनी सैलरी, मेडिकल लीव और परिवार के लिएनौकरी जैसी मांगें रखी हैं। अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्लीवालों पर डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा हैऔर ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल का असर सीधे जनता पर पड़ रहा है। अंकुश नारंग ने कहा कि एमटीएस कर्मचारी ही शहर की सफाई, पानी कीटंकियों की सफाई, मच्छरदानी दवा का छिड़काव और बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए काम करते हैं। जब ये कर्मचारी हड़ताल पर हैं, तोदिल्ली में मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार होने के बावजूद कर्मचारियों कीजरूरतों की अनदेखी कर रही है और जनता की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं कर रही। एमटीएस कर्मचारियों की जायज़ मांगेंअंकुश नारंग ने बताया कि कर्मचारियों की तीन मुख्य मांगें पूरी तरह सही और जायज़ हैं। समान वेतन – एमटीएस कर्मचारियों को अब तक छह अलग-अलग वेतन स्केल (₹14,000 से ₹27,000) में सैलरी दी जाती रही है। डीबीसी से एमटीएस बनने के बाद भी वेतन में समानता नहीं आई है। अंकुशनारंग ने कहा कि यह मांग बिल्कुल जायज़ है और इसे तुरंत मान लिया जाना चाहिए।, मेडिकल लीव – ये कर्मचारी लगातार डेंगू और मलेरिया जैसेखतरनाक मौसम में काम कर रहे हैं। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को मेडिकल लीव दी जाती है, लेकिन एमटीएस कर्मचारियों को क्यों नहीं? अंकुश नारंग नेकहा कि यह भी जायज़ मांग है।, मृत्यु होने पर परिवार को नौकरी – एमटीएस कर्मचारी खतरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं। अगर किसी कर्मचारीकी नौकरी करते हुए मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार को नौकरी मिलनी चाहिए। अंकुश नारंग ने इसे कर्मचारियों का हक़ बताया।भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और पैसे की बहानाअंकुश नारंग ने कहा कि उन्होंने 26 सितंबर को सदन में मेयर राजा इक़बाल सिंह को आगाह किया था कि 29 सितंबर से 5200 कर्मचारी हड़ताल परजाने वाले हैं। उन्होंने मेयर से कहा कि कर्मचारियों से बात करें, क्योंकि ये कर्मचारी टंकियों और पानी के जमा होने वाले स्थानों की निगरानी करते हैंऔर बिना इनके काम के दिल्ली में बीमारियों का फैलाव बढ़ सकता है। लेकिन मेयर ने कर्मचारियों से बात करने के लिए 10 मिनट का समय तक नहींदिया। अंकुश नारंग ने बताया कि भाजपा सरकार कह रही है कि समान वेतन देने से सालाना 60 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लेकिन यह खर्च पार्टीके प्रचार और विज्ञापनों में हर साल किए जाने वाले खर्च के मुकाबले बहुत कम है। पीएम मोदी की विदेश यात्राओं का खर्च भी इससे कई गुना ज्यादाहै। उन्होंने कहा कि पैसे की कमी का यह बहाना भ्रष्ट नीयत और संवेदनहीनता छिपाने का तरीका है। कर्मचारियों की जायज़ मांगों को तुरंत मानना हीचाहिए। दिल्ली में स्वास्थ्य संकट बढ़ाअंकुश नारंग ने बताया कि दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्ते रिपोर्ट में डेंगू के 81 नए केस दर्जहुए। इस साल अब तक मलेरिया के 431, डेंगू के 840 और चिकनगुनिया के 75 केस सामने आए हैं। एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल के कारणफॉगिंग, दवा का छिड़काव और टैंक चेकिंग जैसे काम ठप पड़े हैं। इसके चलते बीमारियों का फैलाव तेजी से बढ़ रहा है। अंकुश नारंग ने कहा किजबकि दिल्ली में भाजपा नेता दशहरा, दुर्गा पूजा और वाल्मीकि जयंती मना रहे हैं, कर्मचारी सड़क पर हड़ताल कर रहे हैं और जनता को इसकाखामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अंकुश नारंग का संदेशअंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा एमटीएस कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने भाजपा सरकार से तुरंत कर्मचारियों की मांगें पूरीकरने और हड़ताल खत्म कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल और उनकी मांगें सिर्फ उनके अधिकार के लिए नहीं हैं, बल्किइससे सीधे दिल्लीवालों की सुरक्षा और स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। अंकुश नारंग ने साफ कहा “दिल्ली के मेहनतकश कर्मचारियों की आवाज़ दबाई नहींजा सकती। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आम आदमी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। कर्मचारियों की मांगें मानना ही दिल्लीवालोंकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मौके पर मौजूद पार्टी के नेताइस अवसर पर आम आदमी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें करोलबाग ज़ोन अध्यक्ष पुनीत राय, सिटी एसपी जोन अध्यक्ष विकासटांग, वेस्ट जोन अध्यक्ष निर्मला कुमारी और अन्य जुझारू कार्यकर्ता शामिल थे।

कफ सिरप से बच्चों की मौत पर कांग्रेस का भाजपा सरकारों पर बड़ा हमला, न्यायिक जांच की मांग

राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस गंभीर मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी नेदोनों राज्यों की भाजपा सरकारों पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि इन मौतों के पीछे सरकारों की लापरवाही और दवाओं की खरीद मेंहुआ भारी भ्रष्टाचार ज़िम्मेदार है। पार्टी ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है ताकि सच सामने आ सके। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर उठाए सवालराजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संयुक्त रूप से भाजपा सरकारों परगंभीर आरोप लगाए। दोनों नेताओं ने कहा कि कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामलों को सरकारें दबाने की कोशिश कर रही हैं। सरकारें न तो सहीआंकड़े बता रही हैं, न ही ज़िम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों पर कोई कार्रवाई कर रही हैं। टीकाराम जूली का आरोप –राजस्थान में चार मौतें, सरकार सच्चाई छिपा रहीटीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में कफ सिरप से अब तक चार बच्चों की मौतें हो चुकी हैं, लेकिन राज्य सरकार इन मौतों को मानने से इनकार कररही है।उन्होंने कहा कि चिकित्सा मंत्री ने कफ सिरप में गड़बड़ी की बात मानने से साफ इनकार कर दिया। जूली ने सवाल किया कि जब कई कंपनियों कोपहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है, तो उन्हीं कंपनियों से दवाइयाँ क्यों खरीदी जा रही हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने इस गंभीर मामले मेंसिर्फ एक कमेटी बनाकर खानापूर्ति की है, ताकि मामला दब जाए और जनता का ध्यान भटक जाए। जूली ने उठाया एसएमएस अस्पताल में आग की घटना का मुद्दाराजस्थान के जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल में लगी आग का जिक्र करते हुए टीकाराम जूली ने कहा कि इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल का स्टाफ मरीजों को बचाने के बजाय भाग गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चिकित्सा मंत्री घटना के 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जिससे सरकार की संवेदनहीनता साफ झलकती है। उमंग सिंघार का आरोप–मध्य प्रदेश में 16 बच्चों की मौत, सरकार सोई रहीमध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में 16 बच्चों की मौत कफ सिरप पीने के बाद हुई, लेकिन सरकार ने कोई कदमनहीं उठाया। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और कलेक्टर को इस मामले में पत्र लिखा था, मगर किसी ने जवाब तक देना ज़रूरीनहीं समझा।सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि जब राज्य में मासूम बच्चे मर रहे थे, तब मुख्यमंत्री काजीरंगा पार्क में हाथियों के साथ मौज-मस्ती कर रहेथे। भ्रष्टाचार के आरोप और कंपनियों को क्लीनचिट देने पर सवालसिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार के डिप्टी सीएम ने कफ सिरप से किसी भी बच्चे की मौत से इनकार कर दिया और सिरप बनाने वाली कंपनी कोक्लीनचिट दे दी। उन्होंने कहा कि यह वही कंपनियां हैं जो पहले भी संदिग्ध रही हैं और जिनकी दवाओं को कई बार बाजार से हटाया गया था। टेस्ट नहीं करवाए गए, किडनी फेल से बच्चों की मौतेंसिंघार ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई, उनमें से ज़्यादातर की किडनी फेल हो गई थी। इसके बावजूद सरकार ने कोई लैब टेस्ट नहीं करवाया, नही यह पता लगाया कि सिरप में कौन-सा ज़हरीला तत्व मिला हुआ था। उन्होंने सवाल किया कि सरकार आखिर किन कारणों से ऐसी कंपनियों केखिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही जो गरीब और आदिवासी इलाकों में जहरीली दवाएं बेच रही हैं? सरकार और दवा कंपनियों की मिलीभगत का आरोपकांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार और कुछ दवा कंपनियों के बीच मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि परासिया जैसे आदिवासी क्षेत्रों और छोटेजिलों में सरकार खुद इन कंपनियों को व्यापार का मौका दे रही है। क्या मंत्री और अधिकारी इन कंपनियों से हिस्सा ले रहे हैं? केंद्र सरकार की एडवाइजरी को नज़रअंदाज़ किया गयाउमंग सिंघार ने बताया कि भारत सरकार ने 3 अक्टूबर 2025 को कफ सिरप को लेकर एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें सतर्क रहने और जांच केनिर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मध्य प्रदेश और राजस्थान की भाजपा सरकारें जागीं तक नहीं, जिससे यह स्पष्ट है कि इन मौतों के पीछे भारीभ्रष्टाचार और लापरवाही है। पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा और नौकरी की मांगकांग्रेस नेताओं ने दोनों राज्यों की सरकारों से मांग की कि मृत बच्चों के परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और इलाज में खर्चहुई पूरी राशि वापस की जाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मुआवज़े का नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही का मामला है। मध्य प्रदेश में अस्पताल की भयावह घटना पर भी सवालउमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश के एक अस्पताल की उस विचलित करने वाली घटना का भी ज़िक्र किया जिसमें नवजात शिशुओं को चूहों ने काट लियाथा।उन्होंने कहा कि राज्य में कुपोषण की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है, फिर भी सरकार पोषण आहार योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार कर रही है। कांग्रेस की मांग – बच्चों की मौत पर न्यायिक जांच और दोषियों की गिरफ्तारीकांग्रेस ने साफ कहा है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार से जुड़ा अपराध है। टीकाराम जूली और उमंग सिंघार ने मांग की कि इसपूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो और दोषी अधिकारियों व कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।