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बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान 

निर्वाचन आयोग ने आज बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावके पूरे शेड्यूल की जानकारी दी। इस बार बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर चुनाव होंगे। यह चुनाव राज्य के इतिहास में पहली बार केवल दोचरणों में संपन्न होगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस बार चुनाव न केवल मतदाताओं के लिए सुगम होंगे, बल्कि शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न होंगे। सभीराजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव आयोग ने विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव लिए हैं। मतदान की तारीखें और चरणबिहार चुनाव में मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जिसमें 121 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को संपन्न होगा, जिसमें 122 सीटों पर मतदान होगा। मतगणना यानी वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त नेबताया कि कुल 243 विधानसभा सीटों में से 203 सामान्य सीटें, 38 अनुसूचित जाति (SC) और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) सीटें शामिल हैं। मतदाताओं की संख्या और पहली बार वोट देने वालेबिहार में इस बार कुल मतदाताओं की संख्या 7.43 करोड़ है। इसमें 14 लाख मतदाता ऐसे हैं, जो पहली बार मतदान करेंगे। चुनाव आयोग ने यह भीनिर्णय लिया है कि हर पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इससे मतदान और भी सुगम और व्यवस्थित होगा। इस कदम से फर्स्टटाइम वोटर्स और अन्य मतदाता आसानी से अपनी मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे। मतदान की सुविधा और सुरक्षाइस बार प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था होगी। इससे अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकेंगे और चुनाव पारदर्शी ढंग से संपन्नहोगा।चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि सभी मतदान केन्द्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।साथ ही, चुनाव में किसी प्रकार की धांधली या परेशानी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

भारत में पोल्ट्री उद्योग का सबसे बड़ा आयोजन

दक्षिण एशिया के सबसे बड़े पोल्ट्री आयोजन, 17वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो-2025 का शुभारंभ नई दिल्ली स्थित होटल द पार्क में आयोजित एककर्टन रेज़र (राष्ट्रीय मीडिया सभा) के साथ हुआ। इस अवसर पर इंडियन पोल्ट्री इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IPEMA) के अध्यक्ष उदयसिंह बायस, संस्थापक अध्यक्ष अनिल धूमल और कोषाध्यक्ष एम. श्रीकांत सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में देशभर केमीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. तरुण श्रीधर, डॉ. पी.के. शुक्ला, रमेश खत्री, दिव्या कुमार गुलाटी और नवीनपसुपार्थी उपस्थित थे। उन्होंने पोल्ट्री उद्योग के महत्व और इसकी बढ़ती भूमिका पर चर्चा की। 17वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो-2025 का उद्देश्यइस वर्ष का पोल्ट्री इंडिया एक्सपो हैदराबाद के HITEX एग्ज़िबिशन सेंटर में 25 से 28 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। पहले दिन 25 नवंबरको ‘ज्ञान दिवस’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ पोल्ट्री उद्योग की नई चुनौतियों और अवसरों पर विचार साझा करेंगे। इसआयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और युवा प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है, ताकि उद्योग की नई तकनीकों औरनवाचारों को अपनाया जा सके और भारत को विश्व में एक मजबूत पोल्ट्री शक्ति के रूप में स्थापित किया जा सके। पोल्ट्री उद्योग की भूमिकापोल्ट्री उद्योग देश की खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन और किफायती प्रोटीन उपलब्धता में अहम भूमिका निभा रहा है। भारत अंडा उत्पादन में विश्व में दूसरेस्थान और ब्रॉयलर मीट उत्पादन में शीर्ष चार देशों में शामिल है। उद्योग वर्तमान में प्रति वर्ष 8–10 प्रतिशत की दर से तेजी से बढ़ रहा है। उद्योगविशेषज्ञों ने कहा कि यह उद्योग न केवल देश में आर्थिक विकास का साधन है, बल्कि किसानों और छोटे व्यवसायियों के लिए स्थायी आय का स्रोतभी है। पोल्ट्री उत्पादन में नए नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनाने से उत्पादन क्षमता बढ़ती है और गुणवत्ता में सुधार आता है। आयोजन की भव्यता और विस्तारपिछले वर्ष आयोजित 16वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो-2024 में 400 से अधिक प्रदर्शक और 40,000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए थे। इस वर्ष17वें पोल्ट्री इंडिया एक्सपो में 500 से अधिक प्रदर्शक और 50,000 से अधिक आगंतुक भाग लेंगे। आयोजन में सात आधुनिक प्रदर्शनी हॉल होंगे, जहां पोल्ट्री पालन, पोषण, स्वास्थ्य, प्रजनन और स्वचालन के नए उपकरण और तकनीक प्रदर्शित किए जाएंगे। उद्योग विशेषज्ञों की रायIPEMA अध्यक्ष उदय सिंह बायस ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह किसानों, व्यवसायियों और नीति निर्माताओं को एकसाथ जोड़ने का मंच है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से सहयोग और भागीदारी की अपील की, ताकि पोल्ट्री उद्योग को मजबूत बनाया जा सके औरवैश्विक स्तर पर भारत की पहचान स्थापित हो। पूर्व सचिव डॉ. तरुण श्रीधर और अन्य विशेषज्ञों ने कहा कि पोल्ट्री उद्योग में आधुनिक तकनीक औरनवाचार अपनाने से न केवल उत्पादन बढ़ता है बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होता है। एक राष्ट्र, एक प्रदर्शनी का विषयइस वर्ष के आयोजन का विषय एक राष्ट्र, एक प्रदर्शनी रखा गया है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विज़न केअनुरूप किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों को एक साझा मंच प्रदान करना है। इस आयोजन के माध्यम से भारत को एक सशक्त और आत्मनिर्भरपोल्ट्री उद्योग विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में कानून और सुरक्षा पर गंभीर संकट

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और दलितों पर बढ़ते अत्याचारों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांगा है। पार्टी काकहना है कि राज्य में अपराध और उत्पीड़न इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि आम नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। राजेंद्र पाल गौतम और सांसदइमरान मसूद ने रायबरेली में दलित युवक हरिओम की पीट-पीटकर हत्या समेत अन्य घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानूनव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और लोगों की सुरक्षा को खतरा है। दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की कहानीराजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार, हत्या, बलात्कार, सामाजिक बहिष्कार और संस्थागतभेदभाव की घटनाओं में तेजी आई है। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश के पांचभाजपा शासित राज्यों में दलित उत्पीड़न की 75 प्रतिशत घटनाएं हुई हैं और अकेले उत्तर प्रदेश में 26.2 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए। 2023 मेंदेशभर में दलितों के खिलाफ कुल 57,789 अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से सबसे अधिक 15,130 मामले उत्तर प्रदेश में हुए। यह आंकड़े साफदिखाते हैं कि राज्य में दलितों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हालात बेहद चिंताजनक हैं। गौतम ने हालिया घटनाओं का भी जिक्र किया और सवालउठाया कि क्या राज्य सरकार अपराधियों को खुली छूट दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तत्काल इस्तीफा देदेना चाहिए। रायबरेली की घटना ने सबको झकझोर दियागौतम ने रायबरेली की घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि एक दलित युवक हरिओम को हमलावरों ने पीट-पीटकर मार डाला। जब उसने अपनेअंतिम समय में नेता राहुल गांधी का नाम लिया, तो उसके साथ मजाक किया गया। यह घटना पूरी तरह से कानून और इंसाफ की विफलता कोदिखाती है। कांग्रेस ने मांग की कि मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को सरकारीनौकरी दी जाए। साथ ही, दोषियों को जल्दी से जल्दी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और एसआईटी जांच की जाए। संविधान और कानून का उल्लंघनलोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि राज्य में संविधान और कानून खतरे में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार कानून का पालन करने मेंपूरी तरह विफल रही है। उत्तर प्रदेश में दलितों, महिलाओं और मुसलमानों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं। मसूद ने यह भी कहा कि बुलडोजर कार्रवाईसुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन कर रही है। हिंसा फैलाने वालों को सरकार बचा रही है, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर लाठी और गोलीचल रही है। बरेली की घटना और निष्पक्ष कार्रवाई की मांगइमरान मसूद ने बताया कि बरेली में 2,800 लोगों को नामजद किया गया। सिर्फ पोस्टर थामने या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि सड़कों पर उत्पात मचाने वालों को केवल समझाकर छोड़ दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी ने मृतक हरिओम के परिवार सेफोन पर बात की। इसके अलावा अमेठी से कांग्रेस सांसद के.एल. शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। कांग्रेस की जांच और रिपोर्टकांग्रेस ने घोषणा की कि वह जल्द ही फैक्ट-फाइंडिंग टीम बनाएगी, जो दलित उत्पीड़न की घटनाओं की जांच करेगी। टीम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयारकरेगी, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति का सही पता चल सके। गौतम और मसूद ने कहा कि यह जरूरी हैकि उत्तर प्रदेश में दलितों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बिना कानून व्यवस्था के राज्य में विकास और सुरक्षा असंभव है।

एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल और “आप” पार्षदों का समर्थन

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एमटीएस कर्मचारियों ने समान वेतन और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की हुई है। इस हड़ताल में आम आदमीपार्टी (AAP) के पार्षदों ने भी हिस्सा लिया और कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का जोरदार समर्थन किया। नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने इस मौकेपर कहा कि पिछले आठ दिनों से 5,200 से अधिक एमटीएस और सीएफडब्ल्यू कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अंकुश नारंग ने बताया किकर्मचारियों की मुख्य मांगें समान कार्य के लिए समान वेतन, मेडिकल लीव और अगर कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके परिवार को नौकरी देने कीहैं। इन मांगों को पूरा करना पूरी तरह से सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण फॉगिंग, टैंक चेकिंग और मच्छर नियंत्रण जैसीजरूरी सेवाएं बंद हो गई हैं, लेकिन मेयर राजा इकबाल सिंह को इसकी कोई चिंता नहीं है। भाजपा सरकार की नाकामी और स्वास्थ्य पर असरअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। इसी वजह से शहर में डेंगू, मलेरिया औरचिकनगुनिया के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। एमटीएस कर्मचारी घर-घर जाकर मच्छरों की रोकथाम, फॉगिंग, वाटर टैंक चेकिंग और छिड़काव काकाम करते हैं। लेकिन 25-30 साल लगातार सेवा देने के बावजूद उन्हें समान वेतन नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल दिखावेऔर फोटोशूट में लगी है। पिछले आठ दिनों से हड़ताल के कारण काम ठप है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। मेयर औरमंत्री अब तक मृतक या हड़ताल में शामिल परिवारों से मिलने तक नहीं गए। समान वेतन की मांग पूरी होएमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि एमटीएस कर्मचारियों की मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत हरजगह लागू होना चाहिए। लेकिन एमटीएस कर्मचारियों की सैलरी में भारी अंतर है। कुछ कर्मचारियों को 16,000 रुपये, कुछ को 20,000 और कुछको 26,000 रुपये मिलते हैं। कुछ को तो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही। प्रवीण कुमार ने बताया कि जब आप की सरकार एमसीडी में थी, तबइन कर्मचारियों को डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकिंग (डीबीसी) के रूप में एमटीएस का दर्जा मिला था। लेकिन एमटीएस बनने के बावजूद पुरानी सैलरी हीउन्हें मिल रही है। यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। आम आदमी पार्टी का लगातार समर्थनअंकुश नारंग ने बताया कि आप पार्षदों ने धरना स्थल पर हाजिरी लगाई और कर्मचारियों के हक की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाई। सह-प्रभारीप्रवीण देशमुख, प्रीति डोगरा, महेश खींची, रविंद्र भारद्वाज, राकेश कुमार, किरण बाला, रमेश प्रधान, सारिका चौधरी, विजय कुमार, निर्मला कुमारीऔर अमृत जैन भी धरने में शामिल रहे। प्रवीण कुमार ने कहा कि आम आदमी पार्टी कर्मचारियों के साथ पूरी तरह खड़ी है। जब तक उनकी मांगें पूरीनहीं होंगी, पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनका समर्थन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार में केंद्र, एमसीडी और मेयर केबीच लगातार टकराव है। जनता परेशान है और अब इन इंजनों को बदलने का समय आ गया है। कर्मचारियों की कठिनाइयाँ और संघर्षएमटीएस कर्मचारी पिछले आठ दिनों से लगातार हड़ताल कर रहे हैं। भारी बारिश, गर्मी और धूप के बावजूद वे अपने हक के लिए खड़े हैं। उनका कामशहर में स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। वे घर-घर जाकर डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम करते हैं, लेकिन उनके वेतन औरसुविधाओं में भेदभाव हो रहा है। प्रवीण कुमार ने बताया कि कई बार मेयर और अधिकारियों से बात हुई, लेकिन भाजपा सरकार उनकी जायज मांगेंमानने को तैयार नहीं है। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी अब लगातार कर्मचारियों का समर्थन कर रही है और उनकी आवाज को विधानसभा औरमीडिया तक पहुंचा रही है।

महर्षि वाल्मीकि जयंती,आदर्श और प्रेरणा का पर्व – रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकिने रामायण के माध्यम से समाज को आदर्श, मर्यादा और मानवीयता का मार्ग दिखाया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि समाज का हर व्यक्तिसमान रूप से सम्मान और अवसर पाने का हकदार है। महर्षि वाल्मीकि का संदेश आज भी प्रासंगिक है और हमें उनके आदर्शों के अनुसार समाज मेंसमानता और न्याय स्थापित करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। महर्षि वाल्मीकि जयंती के भव्य आयोजनमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज तीन प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लिया। ये कार्यक्रम दिल्ली सचिवालय, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के कन्वेशन सेंटरऔर शालीमार बाग हैदरपुर क्षेत्र में आयोजित किए गए। दिल्ली सचिवालय के कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रविन्द्र इन्द्रराज सिंह, कपिल मिश्रा, कईविधायकगण और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। एनडीएमसी के कार्यक्रम में परिषद के अध्यक्ष केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष कुलजीत चहल और अन्यगणमान्य सदस्य शामिल हुए। शालीमार बाग हैदरपुर क्षेत्र में स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या ने कार्यक्रम में भाग लिया और महर्षि वाल्मीकि कीशिक्षाओं का सम्मान किया। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचानाहै। उनका कहना है कि दिल्ली की प्रगति तभी संभव है जब हर वर्ग का उत्थान समान रूप से हो। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार हर धर्म औरसंस्कृति के पर्वों को समान सम्मान और भव्यता के साथ मना रही है। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाशमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि अब से हर साल महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इससे यह पर्व पूरेहर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष दिल्ली सरकार ने बड़ी संख्या में संस्थाओं को सहयोग प्रदान किया है, जिससे यह पर्व ऐतिहासिक भव्यता के साथ मनाया जा सकेगा। समानता और समरसता का संदेशमुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाओं को समाज में समानता, समरसता और न्याय के प्रतीक के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब हरधर्म और हर परंपरा को समान सम्मान मिल रहा है और यही सच्चे रामराज्य की परिकल्पना है। कैबिनेट मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बताया कि इसबार पंजाब से भगवान वाल्मीकि जी की ज्योति लाई गई, जो दिल्ली के सभी रामलीलाओं में स्थापित की गई है। यह एकता और समरसता का प्रतीकहै। संस्कृति और प्रेरणाकैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें इस सनातनी संस्कृति को समझने और आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाओं से हर नागरिक को समाज में समानता, प्रेम और आदर्शों की दिशा में चलनेकी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर नागरिक तक समान अवसर और सम्मान पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

दिल्ली में ऑटो चालकों के लिए भाजपा सरकार पर हमला – कुलदीप कुमार

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने दिल्ली में ऑटो चालकों के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि दिल्ली में चार इंजन वाली भाजपा सरकार बनने के आठ महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन जनता से किए गए वादों में से एक भी पूरा नहींहुआ। कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली के लोग बार-बार यह बता रहे हैं कि यह सरकार केवल दिखावे और रील बनाने तक सीमित है, जबकिवास्तविक समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली में भाजपा के चार इंजन फेलकुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार के चारों इंजन फेल हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार केवल फोटो शूट औरवीडियो बनाने में व्यस्त है, जनता की समस्याओं और सुरक्षा की परवाह नहीं करती। उन्होंने कहा कि ऑटो चालकों की समस्याओं पर भाजपा सरकारपूरी तरह असंवेदनशील है और सिर्फ झूठे वादों के सहारे सत्ता में बनी हुई है। महरौली में ऑटो चालक की दुखद मृत्युकुलदीप कुमार ने 30 सितंबर को महरौली में हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि थोड़ी बारिश के बाद नाले में तेज बहाव से एक ऑटोचालक बह गया और उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इतनी कम बारिश से किसी व्यक्ति का नाले में बहना पहली बार हुआ है। दुखकी बात यह है कि छह दिन बीत जाने के बावजूद सरकारी महकमा मृतक की लाश तक ढूंढने में असफल रहा। भाजपा सरकार की असंवेदनशीलताकुलदीप कुमार ने कहा कि मृतक ऑटो चालक गरीब था और अपने बच्चों का पेट पालता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव से पहलेऑटो चालकों के लिए वादे किए थे, लेकिन आठ महीने बाद भी इन वादों में से कोई भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत मृतक परिवारको मुआवजा और जीवन बीमा कवर प्रदान करना चाहिए। भाजपा के मेनिफेस्टो पर सवालकुलदीप कुमार ने भाजपा के विकसित दिल्ली संकल्प पत्र 2025 का हवाला देते हुए कहा कि इसमें सभी ऑटो चालकों को 17 सितंबर से जीवनबीमा कवर देने का वादा किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक यह कवर परिवार को कब मिलेगा। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल कीसरकार में किसी दुर्घटना में पूरी सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहती थी, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ऐसा करने में पूरी तरह असफल है। ऑटो चालक परिवारों के साथ सरकार की उदासीनताकुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि मृतक परिवार से न तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, न ही कोई मंत्री या अन्य अधिकारी मिलने गए। उन्होंने कहा किभाजपा सरकार केवल नौटंकी और दिखावे में लगी हुई है, जबकि जनता की असली जरूरतों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनताअब केवल झूठे वादों और फोटोशूट से संतुष्ट नहीं होगी। मांग – मृतक परिवार को तुरंत मुआवजाकुलदीप कुमार ने सरकार से मांग की कि मृतक परिवार को तुरंत 10 लाख रुपये का मुआवजा और जीवन बीमा कवर दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहाकि इस घटना में अधिकारियों की लापरवाही और नालों की सफाई न होने के कारण हुई मृत्यु पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।

कलाईनार विश्वविद्यालय पर गतिरोध: तमिल सरकार ने राज्यपाल के फैसले को असंवैधानिक बताया

तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल आरएन रवि के बीच कलाईनार विश्वविद्यालय को लेकर जारी विवाद बढ़ता ही रहा है। ऐसे में अब स्टालिन सरकार नेइस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिका में राज्य सरकार ने राज्यपाल आरएन रवि द्वारा कलाईनार यूनिवर्सिटी बिल 2025 कोराष्ट्रपति के पास भेजने के फैसले को असंवैधानिक और अवैध बताया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि राज्यपाल ने इस बिल पर कैबिनेट कीसलाह को नजरअंदाज कर, उसे राष्ट्रपति के पास विचार के लिए भेज दिया है, जो कि संविधान के अनुच्छेद 200 का उल्लंघन है। इस अनुच्छेद केतहत राज्यपाल को विधानसभा द्वारा पारित बिलों पर कैबिनेट की सलाह के अनुसार निर्णय लेना होता है। यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलावबता दें कि यह बिल तमिलनाडु विधानसभा में अप्रैल 2025 में पारित हुआ था। इसमें भरतिदासन यूनिवर्सिटी को दो भागों में बांटकर कलाईनारयूनिवर्सिटी की स्थापना करने का प्रस्ताव है। यह यूनिवर्सिटी कुंभकोणम में बनेगी और इसका उद्देश्य अरियालुर, नागपट्टिनम, तंजावुर और तिरुवरूरजिलों के छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। इतना ही नहीं मामले में राज्यपाल ने दूसरा बिल भी राष्ट्रपति के पास भेजा है, जो कितमिलनाडु फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी एक्ट में बदलाव से जुड़ा है। इस बदलाव से राज्य सरकार को स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के कुलपतिकी नियुक्ति और हटाने का अधिकार मिल जाता। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में राज्य सरकार की मांग है कि राज्यपाल का फैसला अवैध औरअसंवैधानिक घोषित किया जाए। साथ ही राज्यपाल को निर्देश दिया जाए कि वो अनुच्छेद 200 के तहत कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही कार्रवाईकरें। मामले में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री गोवी चेझियान ने पहले बताया था कि नई यूनिवर्सिटी 2025-26 सत्र से शुरू होनी थी। लेकिन राज्यपालद्वारा बिल पर मंजूरी न देने से काम रुका हुआ है, जिससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।

करूर रैली हादसे में अभिनेता विजय के प्रचार वाहन के चालक पर मामला दर्ज, हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

अभिनेता और राजनेता विजय के प्रचार वाहन के चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह वाहन कथित रूप से 27 सितंबर को करूर मेंआयोजित रैली में जा रहा था। उस रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बतायाकि विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के प्रचार वाहन को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है। यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें विजय के कई समर्थक अपनी मोटरसाइकिलों पर उनके वाहन के बहुत करीब चल रहे थे, ताकि वह अपने स्टार की झलक पा सकें। इसी दौरानवह एक हादसे का शिकार हो गए। इसमें कथित रूप से प्रचार वाहन भी शामिल था। इस दुर्घटना का एक वीडियो क्लिप कई टीवी चैनलों पर भीदिखाया गया और सोशल मीडिया पर भी यह तेजी से वायरल हुआ। हाईकोर्ट ने भी पूछा कि जब यह वाहन हादसे में शामिल था, तो उसके चालक केखिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जबकि यह वाहन करूर रैली के रास्ते में था, जहां बाद में भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई और करीब60 लोग घायल हुए। संज्ञान में यह बात लाई गईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा, कोर्ट के संज्ञान में यह बात लाई गई है कि याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील की ओर से पेश वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखताहै कि विजय का वाहन एक दुर्घटना में शामिल था। इस वीडियो को प्रिंट और विजुअल मीडिया में भी व्यापक रूप से दिखाया गया है।हाईकोर्ट नेटिप्पणी की, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो मोटरसाइकिलें दुर्घटना में शामिल थीं और बस का चालक यह देखकर भी मौके से फरार होगया. गहरी चिंता व्यक्त करतीकोर्ट ने कहा, यह अदालत अधिकारियों की कार्रवाई में विफलता पर गहरी चिंता व्यक्त करती है। भले ही पीड़ितों की ओर से औपचारिक शिकायतदर्ज न कराई गई हो, यह राज्य का कर्तव्य है कि वह संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज करे और यह सुनिश्चित करे कि आरोपियों पर कानून के अनुसारमुकदमा चलाया जाए। रविवार को करूर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय और वेलायुथमपलायम थाने के सूत्रों ने पीटीआई से पुष्टि की कि वीडियो मेंदिखाए गए हादसों के संबंध में मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें विजय की बस से टक्कर का मामला भी शामिल है।

एक भुला दी गई निर्मम हत्या,जिसने बिहार में लालू यादव के जंगल राज शासन में एक मासूम शिल्पी जैन और उसके बॉयफ्रेंड गौतम कुमार को उनका शिकार बनाया।

बिहार का वह समय – जब डर और अपराध आम था1999 का बिहार राजनीतिक उथल-पुथल और बढ़ते अपराधों के लिए जाना जाता था। उस समय राज्य में लोगों को भय का सामना करना पड़ता था।लोगों ने उस दौर को जंगलराज कहना शुरू कर दिया, क्योंकि कानून और इंसाफ़ आम लोगों के लिए कठिन था। इसी समय एक दर्दनाक घटना हुई, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया। यह थी शिल्पी जैन और गौतम कुमार की रहस्यमयी मौत। शिल्पी जैन – सुंदरता और प्रतिभा की मिसालशिल्पी जैन सिर्फ 19 साल की थीं। वह पटना की रहने वाली और एक प्रतिष्ठित परिवार की बेटी थीं। शिल्पी ने मिस पटना का खिताब जीता था औरएक स्टाइलिस्ट के रूप में भी काम करती थीं। लोग उन्हें न केवल सुंदर बल्कि बहादुर, निडर और आत्मनिर्भर मानते थे। शिल्पी पढ़ाई और करियर दोनोंमें आगे बढ़ रही थीं, और उनके सपने बहुत बड़े थे। गौतम कुमार – शिल्पी का विश्वास और साथीगौतम कुमार भी पटना के एक संपन्न और पढ़े-लिखे परिवार से थे। उनका परिवार लंदन में रहता था। गौतम और शिल्पी लंबे समय से एक-दूसरे केकरीबी थे और अक्सर साथ दिखते थे। उनकी जोड़ी समाज में चर्चित थी और लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी थी। दोनों की दोस्ती और प्यार इतनीसाफ़ और सच्ची थी कि लोग उन्हें देखकर खुश होते थे। 3 जुलाई 1999 – रात जिसने सब बदल दिया3 जुलाई 1999 की रात सबकुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन इस रात ने सबकुछ बदल दिया। कहा जाता है कि शिल्पी को कुछ परिचित लोगों नेबताया कि गौतम उसे गेस्ट हाउस बुला रहे हैं। शिल्पी उन लोगों को जानती थीं और इसलिए वह उनके साथ चली गई। गौतम जब वहां पहुंचे, तोबहुत देर हो चुकी थी। अगली सुबह खबर आई कि शिल्पी और गौतम की लाशें पटना के सरकारी बंगले के गैराज में खड़ी कार में मिलीं। दोनों मृत थे, और यह दृश्य अत्यंत भयावह था और पूरे बिहार में खलबली मच गई। घटना स्थल पर हंगामा और पुलिस की कार्रवाईघटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। भीड़ ने हंगामा किया और नारे लगाए। पुलिस ने कार को खुद चलाकर थाने लेलिया। आम तौर पर अपराध स्थल से गाड़ी को उठाकर सबूत सुरक्षित किया जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। इससे साफ़ पता चलता हैकि उस समय बिहार में कानून-व्यवस्था कितनी कमजोर थी। आत्महत्या का दावा और सवालअगले ही दिन पुलिस ने मामले को आत्महत्या घोषित कर दिया। परिवार की मौजूदगी के बिना शवों का अंतिम संस्कार किया गया। कई सवालअनुत्तरित रह गए अगर दोनों प्रेमी थे, तो आत्महत्या क्यों? इतनी जल्दी अंतिम संस्कार क्यों किया गया? यह घटना बिहार के उस दौर में कानून और प्रशासन की वास्तविक स्थिति को दिखाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट – सच्चाई सामने आईजब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। शिल्पी के शरीर पर चोटों के निशान थे और ज़हर के अंश भी पाए गए।रिपोर्ट में यह संकेत मिला कि उनकी मौत आत्महत्या से अलग, बाहरी हस्तक्षेप के कारण भी हो सकती है। पूरे बिहार में यह रिपोर्ट चर्चा का विषय बनगई और न्याय की मांग को और तेज किया। सीबीआई जांच और विवादजनता और परिवार के दबाव के बाद सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। लेकिन जांच के नतीजे विवादास्पद रहे और कई सवालअनुत्तरित रह गए। कई लोगों का मानना था कि राजनीतिक दबाव इतना था कि निष्पक्ष न्याय पाना मुश्किल था। यह घटना बिहार में जंगलराज कीमिसाल बन गई जहां अपराध और राजनीति गहराई तक जुड़े थे। फिर से उठी न्याय की मांगसाल 2006 में शिल्पी जैन के भाई ने मामले की फिर से जांच की मांग की। इसी दौरान उनका अपहरण हो गया, लेकिन बाद में भारी दबाव के कारणउन्हें छोड़ा गया। इससे स्पष्ट हुआ कि उस समय बिहार में न्याय पाना कितना कठिन था। बिहार की जनता और समाज का संदेशइस घटना ने बिहार और पूरे देश में लोगों के बीच गुस्सा और आक्रोश पैदा किया।लोगों ने न्याय की मांग की और पुलिस व सरकार पर सवाल उठाए।यह घटना दिखाती है कि जब राजनीतिक दबाव और अपराध आपस में जुड़े हों, तो आम नागरिक की सुरक्षा और न्याय दोनों खतरे में पड़ जाते हैं। जंगलराज का असली चेहराशिल्पी-जैन कांड ने दिखाया कि उस दौर में बिहार में अपराध और राजनीति गहराई तक जुड़े थे। लोगों का मानना था कि न्याय सिर्फ ताकतवर लोगोंके लिए होता था। यह घटना स्पष्ट करती है कि आम जनता के लिए कानून और इंसाफ़ सुरक्षित नहीं था। आज भी यह घटना याद हैआज, करीब 25 साल बाद भी शिल्पी और गौतम की मौत लोगों के दिलों में सवाल छोड़ गई है। क्यों इतने सालों में सच्चाई सामने नहीं आई? क्यान्याय प्रणाली सही तरीके से काम कर पाई? ये सवाल आज भी बिहार और पूरे देश के लोगों के मन में जीवित हैं। विधानसभा चुनाव और जनता का जवाबअब सवाल उठता है क्या बिहार की जनता इस बार के विधानसभा चुनाव में उन दरिंदों, उनके सिपहसालारों और उनके वारिसों को शिल्पी जैन औरगौतम कुमार की निर्मम हत्या का बदला अपने वोट अधिकार से लेकर उनकी पार्टी के ताबूत में आखिरी कील बनने देगी? यह घटना हर मतदाता केलिए एक चेतावनी है कि जब लोकतंत्र और कानून कमजोर पड़ जाएं, तो जनता की जिम्मेदारी बनती है कि वह सही चुनाव और सही मतदान से न्यायका रास्ता तय करे। बिहार की जनता इस बार अपने वोट के जरिए यह संदेश दे सकती है कि अपराध और सत्ता का गठबंधन बर्दाश्त नहीं कियाजाएगा। समाज के लिए सबकशिल्पी और गौतम की कहानी हमें याद दिलाती है कि अगर अपराध और राजनीति एक-दूसरे से जुड़े हों, तो आम आदमी की सुरक्षा खतरे में पड़ जातीहै। न्याय और कानून हर किसी के लिए समान होना चाहिए। हर नागरिक का अधिकार है कि वह सुरक्षित और स्वतंत्र जीवन जी सके।लोकतंत्र में वोटका अधिकार सबसे बड़ी ताकत है, और इसका इस्तेमाल करके जनता अपने न्याय की रक्षा कर सकती है।

वोट चोरी लोकतंत्र के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है – देवेंद्र यादव

लोकतंत्र की जड़ें कमजोर करने की साज़िशदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि वोट चोरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का षड्यंत्र है, जिसे हम कभी सफलनहीं होने देंगे। उन्होंने यह बात बाबरपुर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान में कही। इस मौके पर उन्होंनेजनता से घर-घर जाकर संवाद किया और बताया कि भाजपा किस तरह से सुनियोजित साजिश के तहत चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरीकरके बार-बार सत्ता में आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस षड्यंत्र को उजागर करने और जनता को जागरूक करने के लिए पूरे दिल्ली में अभियानचला रही है। आम लोगों की बड़ी भागीदारीदेवेंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी देखी जा रही है। बाजारों केदुकानदार, रेहड़ी-पटरी और खोमचे वाले, मजदूर, नाई, मोची, ऑटो चालक और ढाबा चलाने वाले लोग भी आगे आकर अपने हस्ताक्षर कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह देखकर खुशी होती है कि दिल्ली का हर तबका इस मुहिम से जुड़ रहा है। जनता समझ चुकी है कि अगर वोट चोरी जारी रही तोदेश का लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। अभियान को मिल रहा जबरदस्त जनसमर्थनदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता में इस अभियान के प्रति गजब का उत्साह है। उन्होंने बताया कि 1 से 4 अक्टूबर के बीच आयोजित ब्लॉककांग्रेस कमेटियों की मासिक बैठकों में भी वोट चोरी के खिलाफ चर्चा हुई और जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवा दल और एनएसयूआई जैसे अग्रिम संगठन भी इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली के कोने-कोने में जाकर लोगोंसे वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर करवा रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता शामिलबाबरपुर में आयोजित इस अभियान का आयोजन जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जैन ने किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव के साथअखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन भी मौजूद थे। अन्य नेताओं में पूर्व विधायक भीष्म शर्मा, हाजी भूरे खान, यूनूस, अब्दुर रहमान, निगम पार्षद हाजी जरीफ, प्रभारी मनोज यादव, पर्यवेक्षक डा. पी.के. मिश्रा, अशोक बसौया, ईश्वर बागड़ी, मोहम्मद उस्मान, चौधरीअजीत सिंह, प्रिया जंत, रोहिणी सिंह सहित सभी ब्लॉक अध्यक्ष जैसे देवानंद चौधरी, चौ. नाथू नामदार, परशुराम रावत और योगेश जैन शामिल थे।कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे जोश से वोट चोर गद्दी छोड़ो के नारे लगाते रहे। भाजपा पर गंभीर आरोपदेवेंद्र यादव ने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वोट चोरी लोकतंत्र में सबसे बड़ा अपराध है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग केसाथ मिलकर जनता के संवैधानिक अधिकार यानी वोट देने के अधिकार पर हमला किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दोविधानसभा क्षेत्रों के उदाहरण देकर यह साबित किया है कि भाजपा किस तरह वोट चोरी के जरिए चुनाव जीत रही है। यह सिर्फ आरोप नहीं, बल्किचुनाव आयुक्त की टिप्पणियों से भी साबित हुआ षड्यंत्र है। कांग्रेस का देशव्यापी अभियानदेवेंद्र यादव ने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताइस अभियान को जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं से जो संदेश दिया है, वह हर भारतीय के दिल में गूंज रहा हैदेश के युवा, छात्र और जेन-ज़ी संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी को रोकेंगे।देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस नेता ने सबूतोंऔर गवाहों के साथ यह दिखाया है कि भाजपा ने संगठित तरीके से वोट चोरी की है। अब देश और दिल्ली के युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे एकजुटहोकर लोकतंत्र की इस लड़ाई में आगे आएं। सरकार पर भरोसे की कमीदेवेंद्र यादव ने कहा कि जब कोई सरकार जनता के विश्वास से सत्ता में आती है, तो उसका पहला कर्तव्य जनता के अधिकारों की रक्षा करना औरयुवाओं को रोजगार देना होता है। लेकिन भाजपा ने यह सब नहीं किया। उन्होंने कहा भाजपा ने ईमानदारी से नहीं, बल्कि सरकारी एजेंसियों के साथषड्यंत्र करके वोट चोरी से सत्ता हासिल की है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया किवोट चोरी हुई है, जिससे भाजपा की साजिश पूरी तरह बेनकाब हो गई है। युवाओं की भूमिका सबसे अहमइस मौके पर काजी निजामुद्दीन ने कहा कि देश का युवा अब जाग चुका है। वह समझ चुका है कि असली लड़ाई सिर्फ नौकरियों की नहीं, बल्कि वोटचोरी के खिलाफ है। उन्होंने कहा जब तक वोट चोरी से सरकारें बनती रहेंगी, तब तक बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार खत्म नहीं होंगे।काजी निजामुद्दीन नेकहा कि भारत में बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है, और इसका सीधा कारण यही है कि चुनाव ईमानदारी से नहीं हो रहे। उन्होंने युवाओं सेआह्वान किया कि न नौकरी की लूट सहेंगे, न वोट की चोरी। देश को वोट चोरी से मुक्त कराना ही सबसे बड़ी देशभक्ति होगी।