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दिल्ली में छठ पूजा के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की भव्य तैयारियां

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस बार छठ पूजा को लेकर यमुना तट पर भव्य तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने पल्ला से लेकर आईटीओ तकघाटों की व्यवस्था, सुरक्षा और सुविधा का पूरा जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार दिल्ली में छठ पर्व पहले से ज्यादा भव्य, सुव्यवस्थितऔर सुरक्षित तरीके से मनाया जाएगा। घाटों का निरीक्षणमुख्यमंत्री ने नौका से यमुना नदी के घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्याम घाट, गीता कॉलोनी, सोनिया विहार, बोट क्लब और हाथी घाट पर छठपूजा की तैयारियों को देखा। यमुना घाट पर मौजूद महिलाएं और श्रद्धालु पारंपरिक छठ गीत गाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहपर्व मातृशक्ति और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार इसे पूरे सम्मान और भव्यता के साथ मनाएगी। नए और सुव्यवस्थित घाटमुख्यमंत्री ने कहा कि पल्ला से लेकर ओखला तक यमुना के किनारे जहां भी आबादी है, वहां नए और सुव्यवस्थित घाट बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्ययह है कि लोग अपने नजदीकी घाट पर पूजा कर सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि छठ पूजा केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का भी संदेश देती है। सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधामुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि छठ पूजा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, जल और बिजली की व्यवस्था पूरी तरह से सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण में पूजा करने का अवसर मिलेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रममुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार केवल घाट बनाने तक ही सीमित नहीं रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे यह पर्व केवल पूजातक सीमित नहीं रहकर श्रद्धा, संस्कृति और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बनेगा। मंत्रीगण की बातेंजल और सिंचाई मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यमुना किनारे छठ पूजा यादगार और सुव्यवस्थित होगी। उन्होंने कहा कि हर भक्त पूरी श्रद्धा औरगरिमा के साथ पूजा कर सकेगा और यमुना नदी भी प्रदूषण मुक्त रहेगी। विकास, कला और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि बिजली, लाइट, जल और स्वच्छता की व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को भव्य और सुरक्षितवातावरण मिले। श्रद्धा और स्वच्छता का संगममुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस बार छठ पूजा में श्रद्धा और स्वच्छता दोनों का संगम दिखाई देगा। सभी लोग सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्यवातावरण में अपने पर्व का आनंद ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह अनुभव आने वाले वर्षों के लिए मिसाल बनेगा और दिल्लीवासियों को हमेशा यादरहेगा।

राहुल गांधी विदेश में, देश की छवि खराब – गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने हाल ही में कोलंबिया में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस औरउनके नेताओं पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी से सवाल कर रही है। गौरव भाटिया नेकहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपने सैन्य और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में मजबूती दिखाई है, और सेना को दुश्मन के खिलाफ पूरी स्वतंत्रतामिली है। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दिखाई ताकतगौरव भाटिया ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि जब देश कीसेना देश का सम्मान बढ़ा रही है, विपक्षी नेता विदेश जाकर देश की छवि खराब करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले चार दिनों सेविदेश में केवल भारत की आलोचना कर रहे हैं। यूपीए सरकार में 26/11 हमले पर विदेशी दबाव में नरमीभाटिया ने कहा कि पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने स्वीकार किया कि 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने विदेशीदबाव में कोई कड़ा कदम नहीं उठाया। अमेरिका की तत्कालीन विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस ने भारत से कहा था कि कोई जवाबी कार्रवाई न कीजाए। भाटिया ने कहा कि उस समय भारतीय सेना पूरी क्षमता और हौसले के साथ दुश्मन को जवाब देने के लिए तैयार थी, लेकिन राजनीतिक नेतृत्वडरपोक था। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व, खासकर सोनिया गांधी, विदेशियों के दबाव में झुककर सेना को जवाबी कार्रवाई कीअनुमति नहीं दी। कांग्रेस का चरित्र – सुरक्षा से दूर, मौज–मस्ती में लगीभाटिया ने कहा कि उस समय कांग्रेस और उनके नेता आतंकवाद का कड़ा जवाब देने की बजाय मनोरंजन और फिल्म बनाने में व्यस्त थे। तत्कालीनगृहमंत्री शिवराज पाटिल भी फिल्म लोकेशन देखने में लगे थे। भाटिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उस समय देश पर हमले के बीच नाच-गानेऔर मौज-मस्ती में लगे हुए थे। आज भी जब वे कांग्रेस का नेतृत्व नहीं संभाल पा रहे हैं, तब विदेश में जाकर भारत को बदनाम करने में जुटे हैं। कांग्रेस और आरजेडी – भ्रष्टाचार और वंशवाद के प्रतीकभाटिया ने कहा कि कांग्रेस और आरजेडी भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार और वंशवाद का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जब बिहार विधानसभा चुनावों केनतीजे घोषित होंगे, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार फिर से बनेगी, और जंगलराज के हमशक्ल जो “शहाबुद्दीन ज़िंदाबाद” के नारे लगाते हैं, इतिहास बनकर मिट जाएंगे। भाजपा के नेतृत्व में भारत मजबूत और सुरक्षितभाटिया ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल मजबूत हुआ है, बल्कि सेना को पूरी स्वतंत्रता और ताकतमिली है। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए देश ने दिखा दिया कि कोई भी दुश्मन भारत के खिलाफ गलत संदेश नहीं भेज सकता।

संजय गांधी अस्पताल में शव बदलने की घटना ने खोली दिल्ली सरकार की पोल – देवेन्द्र यादव ने की सख्त कार्रवाई की मांग

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में हुई बड़ी लापरवाही को लेकर दिल्ली सरकार परकड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की अनियमितताओं और अव्यवस्था को पूरी तरह उजागर कर दिया है। अस्पताल में हुई गंभीर गलतीदेवेन्द्र यादव ने बताया कि प्रेम नगर के पंकज का शव गलती से नांगलोई के भारत भूषण के परिवार को दे दिया गया। यह बहुत बड़ी और शर्मनाकघटना है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही से केवल दो परिवारों के लिए दुख और परेशानी ही नहीं पैदा हुई, बल्कि समाज और धार्मिक आस्थाओं कोभी ठेस पहुंची। यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले अस्पतालों में इस तरह की घटनाएँ आम होती जा रही हैं। उन्होंने कहा किसरकार की चुप्पी इस पूरे मामले में और भी चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की चुप्पी पर सवालदेवेन्द्र यादव ने कहा कि इस गंभीर मामले पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से इसमामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी, मरीजों की अनदेखी और अव्यवस्था आमसमस्या बन चुकी है, और अब शवों की अदला-बदली जैसी लापरवाही ने लोगों का विश्वास सरकार पर कम कर दिया है। जिम्मेदार कौन?यादव ने कहा कि यह सवाल उठता है कि आखिर इस गलती के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि भारत भूषण और पंकज की मौत अलग-अलग कारणों से हुई थी एक सुसाइड और दूसरा छत से गिरने का मामला। लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की लापरवाहीके कारण पंकज का शव गलत परिवार को दे दिया गया। यादव ने कहा कि इस गलती से भारत भूषण के परिवार को किसी दूसरे व्यक्ति का अंतिमसंस्कार करना पड़ा और पंकज के परिवार को केवल उसकी अस्थियां मिली। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दोनों परिवारों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं को भी ठेसदेवेन्द्र यादव ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला मामला है। उन्होंने कहा किपुलिस और अस्पताल प्रशासन दोनों की लापरवाही की वजह से परिवारों को असमय और गलत तरीके से अंतिम संस्कार करना पड़ा। यादव ने कहाकि ऐसे मामलों में सिर्फ माफी या जांच से काम नहीं चलता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांगदेवेन्द्र यादव ने मांग की कि इस पूरे मामले में शामिल अस्पताल कर्मचारी और पुलिस अधिकारी तुरंत जिम्मेदार ठहराए जाएँ। उन्होंने कहा कि दोषियोंके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करनाचाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों। डीसीपी रोहिणी की जांच और सरकार की जिम्मेदारीदेवेन्द्र यादव ने कहा कि डीसीपी रोहिणी इस मामले की जांच कर रही हैं, लेकिन सिर्फ पुलिस जांच ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकारऔर स्वास्थ्य मंत्रालय को स्वयं आगे आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार की गैरजिम्मेदारी और असंवेदनशीलता को दर्शातीहै। कांग्रेस करेगी पीड़ित परिवार की मदददेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को जनता के बीच उठाएगी और न्यायदिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

श्रमिकों के सम्मान में भाजपा का समारोह आयोजित

भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश के नवनिर्मित कार्यालय भवन के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सभी श्रमिकों के सम्मान में आज एकविशेष ‘श्रमिक सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। श्रमिकों को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानितइस समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने श्रमिक साथियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और उनके कठिन परिश्रम की सराहनाकी। उन्होंने कहा कि इन श्रमिकों के समर्पण और निष्ठा ने ही इस भव्य भवन को साकार रूप दिया है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने किया अभिनंदनकार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित रहीं। दोनों नेताओं ने श्रमिकों की मेहनत, अनुशासन औरसमर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा का यह नया कार्यालय उन श्रमिकों की लगन और मेहनत का प्रतीक हैजिन्होंने समय पर और गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूदइस अवसर पर दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, सांसद कमलजीत सहरावत, भवन निर्माण समिति के सदस्य योगेंद्र चंदोलिया, प्रदेशमहामंत्री विष्णु मित्तल, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग और सुमन कुमार गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इसके साथ ही कार्यालय मंत्री ब्रजेश रायऔर अमित गुप्ता ने भी समारोह में भाग लिया। श्रमिकों का योगदान ही हमारी वास्तविक आधारशिलाभाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी के इस नए भवन कीवास्तविक नींव हमारे श्रमिक साथियों की मेहनत पर टिकी है। उनका योगदान न केवल इस भवन के निर्माण में, बल्कि भाजपा परिवार की एकता औरसमर्पण की भावना में भी झलकता है। उन्होंने कहा कि यह भवन आने वाले समय में संगठन की मजबूती और श्रमिकों की मेहनत का प्रतीक रहेगा। श्रमिकों के चेहरे पर दिखी खुशीसमारोह के दौरान श्रमिकों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। प्रशस्ति पत्र और सम्मान पाकर उन्होंने भाजपा नेतृत्व के प्रति आभारव्यक्त किया। कई श्रमिकों ने कहा कि यह दिन उनके लिए यादगार रहेगा क्योंकि पहली बार उनके परिश्रम को इतनी गरिमा और सम्मान के साथपहचाना गया। सम्मान और एकता का संदेशकार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि किसी भी निर्माण की सच्ची नींव श्रमिकों की मेहनत और निष्ठा होती है। भाजपा ने इस समारोह के माध्यम से यहदिखाया कि संगठन केवल नेताओं का नहीं, बल्कि उन हर हाथों का है जिन्होंने ईंट से ईंट जोड़कर इस भवन को आकार दिया।

लंदन की ब्रिटिश लाइब्रेरी में किया भारत के विधायी इतिहास का अध्ययन, कहा यह अध्ययन हमें लोकतंत्र की जड़ों से जोड़ता है – विजेन्द्र गुप्ता

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने लंदन में स्थित प्रसिद्ध ब्रिटिश लाइब्रेरी का दौरा किया। उन्होंने वहां भारत के 1900 से 1930 के बीचके विधायी रिकॉर्ड, पुराने दस्तावेज़ों और दुर्लभ तस्वीरों का अध्ययन किया। यह दौरा ब्रिटिश हाई कमीशन द्वारा खास तौर पर आयोजित किया गयाथा। इस यात्रा का उद्देश्य भारत के लोकतांत्रिक और विधायी इतिहास को समझना और उसे भविष्य की पीढ़ियों तक पहुँचाने के प्रयासों को आगेबढ़ाना था।विजेन्द्र गुप्ता ने ब्रिटिश लाइब्रेरी को भेंट की “Modi@20” पुस्तकअपने दौरे के दौरान विजेन्द्र गुप्ता ने ब्रिटिश लाइब्रेरी की इंटरनेशनल ऑफिस मैनेजर सेसिल कम्यूनल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और कार्यों परआधारित पुस्तक “Modi@20” भेंट की। उन्होंने लाइब्रेरी द्वारा भारत के विधायी इतिहास को सहेजने और साझा करने के लिए किए जा रहे प्रयासोंकी सराहना की। इस दौरान ब्रिटिश हाई कमीशन की सदस्य मिस सहारा कुरैशी भी उपस्थित रहीं। गुप्ता ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच इस तरहका सांस्कृतिक और ज्ञान से जुड़ा सहयोग दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों को और मजबूत करेगा। भारत के विधायी इतिहास से जुड़ी दुर्लभ जानकारियों का अध्ययनब्रिटिश लाइब्रेरी में गुप्ता ने उन पुराने अभिलेखों का अध्ययन किया जो इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल, सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली, और स्वतंत्रभारत की दिल्ली विधानसभा से जुड़े हैं। इन दस्तावेज़ों में उस समय के कानून, विधेयक, भाषण और संसदीय चर्चाओं से जुड़ी जानकारियाँ शामिल हैं।श्री गुप्ता ने कहा कि इन रिकॉर्डों से पता चलता है कि कैसे भारत में लोकतंत्र की नींव रखी गई और समय के साथ उसका विकास हुआ लाइब्रेरी केविशेषज्ञों ने उन्हें यह भी बताया कि इन दस्तावेज़ों को आधुनिक तकनीक और डिजिटलीकरण प्रणाली से सुरक्षित रखा जा रहा है ताकि आने वाले वर्षोंतक यह ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रहे। दिल्ली दरबार और नई दिल्ली के निर्माण की ऐतिहासिक झलकियाँब्रिटिश लाइब्रेरी के फोटोग्राफिक सेक्शन में गुप्ता ने कई अद्भुत और दुर्लभ तस्वीरें देखीं। इन तस्वीरों में भारत के इतिहास से जुड़ी कई महत्वपूर्णघटनाएँ दर्ज हैं। उन्होंने 1911 के दिल्ली दरबार की तस्वीरें देखीं, जिनमें किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन मैरी का भारत आगमन, राजसी जुलूस और उससमय के समारोहों के दृश्य शामिल थे। इसके अलावा, उन्होंने नई दिल्ली और गवर्नमेंट हाउस (वर्तमान राष्ट्रपति भवन) के निर्माण से जुड़ी तस्वीरों काभी अवलोकन किया। इन तस्वीरों में सचिवालय भवन, दरबार हॉल, औपचारिक उद्यान और सरकारी कार्यालयों के निर्माण के शुरुआती दृश्य दर्ज हैं।लाइब्रेरी में मौजूद सर ह्यू ट्रोब्रिज कीलिंग कलेक्शन में भी उन्होंने दिल्ली शहर के निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ी तस्वीरें देखीं। इनमें उस दौर के श्रमिकों, इंजीनियरों और ब्रिटिश अधिकारियों के साथ मिलकर बनाए जा रहे सरकारी भवनों के चित्र शामिल हैं। गुप्ता ने कहा कि ये तस्वीरें केवल ईंट-पत्थर केनिर्माण की कहानी नहीं बतातीं, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक और प्रशासनिक इतिहास का जीवंत हिस्सा हैं। विधायी इतिहास से मिलती है लोकतांत्रिक प्रेरणाअध्ययन के बाद विजेन्द्र गुप्ता ने कहा, “विधायी इतिहास का अध्ययन केवल किताबों तक सीमित नहीं है। यह हमें भारत के लोकतंत्र की जड़ों सेजोड़ता है। इन पुराने दस्तावेज़ों और तस्वीरों में हमारे संविधान, हमारे कानून और हमारे लोकतांत्रिक संघर्ष की आत्मा बसती है उन्होंने कहा कि आज केविधायकों और छात्रों को ऐसे ऐतिहासिक दस्तावेज़ों का अध्ययन करना चाहिए, ताकि वे यह समझ सकें कि हमारे देश की संसद और विधानसभा नेकिन परिस्थितियों में विकास किया और आज तक कैसे अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखा। गुप्ता ने यह भी कहा कि दिल्ली विधानसभा भविष्यमें इस तरह के और अध्ययन कार्यक्रम शुरू करेगी, जिससे भारत के युवाओं को विधायी इतिहास को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। ब्रिटिश लाइब्रेरी ने सहयोग जारी रखने का दिया भरोसाब्रिटिश लाइब्रेरी के अधिकारियों ने गुप्ता की इस पहल की सराहना की और कहा कि वे दिल्ली विधानसभा के साथ निरंतर सहयोग जारी रखेंगे।लाइब्रेरी प्रशासन ने यह भी बताया कि वे भारत से जुड़े विधायी दस्तावेज़ों को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि भारत औरब्रिटेन के शोधकर्ता दोनों देशों के लोकतांत्रिक संबंधों को बेहतर तरीके से समझ सकें। भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग का नया अध्यायविजेन्द्र गुप्ता का यह दौरा भारत और ब्रिटेन के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और विधायी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदमसाबित हुआ। उन्होंने कहा कि इतिहास को जानना केवल अतीत को याद करना नहीं है, बल्कि यह भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में मार्गदर्शन है।इस अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि भारत का लोकतंत्र एक लंबी यात्रा का परिणाम है, जिसमें वर्षों की मेहनत, संघर्ष और विचारों की परिपक्वता छिपीहै। इस तरह विजेन्द्र गुप्ता की यह यात्रा न केवल इतिहास की समझ को गहरा करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे अतीत से प्रेरणा लेकरभारत अपने लोकतांत्रिक भविष्य को और मजबूत बना सकता है।

लालकिला में रामलीला – आतंकवाद के खिलाफ जनता का गहरा रोष

शुक्रवार को लालकिला मैदान में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला में एक अनोखा और प्रभावशाली दृश्य देखने को मिला। इस सालरामलीला में आतंकवाद के खिलाफ जनता का गुस्सा और रोष साफ नजर आया। लालकिला में मौजूद दर्शकों ने आतंकवादियों के प्रतीकात्मक पुतलोंको देखकर अपनी नाराजगी और विरोध व्यक्त किया।रामलीला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है, बल्कि यह समाज के संदेश औरजागरूकता का माध्यम भी बन जाती है। इस साल की रामलीला में आतंकवाद के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध ने लोगों के दिलों में भड़के गुस्से कोदिखाया। पुतलों को जलाने की योजना और बदलावरामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने पहले ही घोषणा की थी कि इस बार आतंकवादियों के पुतले मंच पर जलाए जाएंगे। यह कदमआतंकवाद के प्रति जनता के आक्रोश को दर्शाने के लिए सोचा गया था। लेकिन प्रशासन की ओर से अनुमति न मिलने के कारण पुतलों को आग नहींलगाई जा सकी। इसके बावजूद समिति ने एक अलग योजना बनाई। उन्होंने पुतलों को प्रतीकात्मक रूप से मंच से नीचे गिरा दिया। यह कदम दर्शकोंके लिए संकेत था कि आतंकवाद को कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। जनता का गुस्सा और विरोधजैसे ही पुतले मंच से नीचे गिरे, वहां मौजूद लोग अपने गुस्से को व्यक्त करने के लिए पुतलों पर टूट पड़े। हाथ में जो भी आया—जूता, चप्पल या डंडा—वह सब पुतलों पर गिराया गया। पूरे मैदान में जोर-जोर से आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे। लोग न केवल आतंकवादियों के खिलाफ अपनागुस्सा दिखा रहे थे, बल्कि यह भी स्पष्ट कर रहे थे कि समाज में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है यह दृश्य यह बताता है कि आम जनता मेंआतंकवाद के खिलाफ कितनी गहरी नाराजगी और घृणा है। सभी लोग एक साथ खड़े होकर आतंकवाद के विरोध में आवाज बुलंद कर रहे थे। समिति अध्यक्ष का संदेशरामलीला समिति के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा, यह दृश्य इस बात का प्रतीक है कि आतंकवाद को समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। जनता कागुस्सा और नारे यही दर्शाते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ समाज पूरी तरह एकजुट है उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकताफैलाने और आतंकवाद के खिलाफ लोगों के मन में नकारात्मकता और असहिष्णुता को रोकने में मदद करते हैं। रामलीला का सामाजिक महत्वरामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है। यह समाज को एक सकारात्मक संदेश देने और बच्चों व युवाओं को सही मार्ग दिखाने का भी माध्यमहै। इस साल की रामलीला में आतंकवाद के प्रतीकात्मक पुतलों पर जनता का विरोध यह दर्शाता है कि लोग सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं आते, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त करते हैं। इस तरह की गतिविधियाँ लोगों को एकजुट करती हैं और आतंकवाद जैसी गंभीर समस्याओंके प्रति जागरूक करती हैं। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि समाज किसी भी प्रकार के आतंकवाद को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

भारत-रूस व्यापार संतुलन पर पुतिन का फोकस, मोदी को बताया मित्र और राष्ट्र हितैषी नेता

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वे भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करें. दरअसल भारत बड़े पैमाने पररूस से कच्चा तेल खरीदता है जिसके चलते दोनों देशों के बीच व्यापार में भारी असंतुलन है। अब चूंकि अमेरिका, भारत पर रूस से तेल न खरीदने कादबाव बना रहा है ऐसे में पुतिन चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को कम किया जाए ताकि भारत पर अमेरिकी दबाव का खास असरन होने पाए। पुतिन ने दिसंबर की शुरुआत में अपनी भारत यात्रा को लेकर भी उत्सुकता जाहिर की. गुरुवार शाम दक्षिण रूस के सोची स्थित कालासागर रिसॉर्ट में भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच में बोलते हुए, पुतिन ने इस बात परजोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान मेंरखते हुए कदम उठाए हैं पुतिन ने कहा, ‘भारत के साथ हमारी कभी कोई समस्या या अंतर-राज्यीय तनाव नहीं रहा कभी नहीं. भारत पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है तोपुतिन ने कहा कि सोवियत संघ के दिनों से, जब भारत अपनी आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, तब भी रूस-भारत संबंध बेहद मजबूत रहे थे उन्होंनेकहा, ‘भारत में, वे इसे याद करते हैं, वे इसे जानते हैं, और इसे महत्व देते हैं। हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत इसे नहीं भूला है।’ उन्होंनेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वह उनके साथ सहज महसूस करते हैं। पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादीसरकार की सराहना की और पीएम मोदी को एक ‘संतुलित, बुद्धिमान’ और ‘राष्ट्र हितैषी’ नेता बताया।पुतिन ने कहा कि ‘क्या भारत अपने ऊर्जा संसाधनों को यूं ही छोड़ देगा? अगर ऐसा है तो इससे काफी नुकसान होगा। कुछ लोगों का मानना है कि यह9-10 अरब डॉलर हो सकता है। अगर भारत पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है तो भी नुकसान इतना ही होगा। भारत और भारतीय लोग कभी भी किसीके सामने अपना अपमान नहीं होने देंगे। मैं पीएम मोदी को जानता हूं, वे भी ऐसा कोई फैसला नहीं करेंगे।’ भारत की राष्ट्रवादी सरकार की तारीफपुतिन ने कहा, ‘अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी, साथ ही इससे भारतको एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद औरदवाइयां खरीद सकता है। उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, लेकिन कहा कि इन अवसरों को पूरीतरह से भुनाने के लिए खास मुद्दों को सुलझाने की जरूरत है। उन्होंने वित्तपोषण, रसद और भुगतान संबंधी बाधाओं को चिंताजनक बताया। इसकेअलावा, राष्ट्रपति पुतिन ने सोची फोरम में भाग ले रहे नई दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ) के महानिदेशक डॉ. अरविंदगुप्ता द्वारा प्रस्तावित एआई और अन्य अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने के लिए एक संयुक्त कोष के विचार का भी स्वागत किया।रूसी राष्ट्रपति नेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वह उनके साथ सहज महसूस करते हैं। पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादीसरकार की तारीफ की और पीएम मोदी को एक ‘संतुलित, बुद्धिमान’ और ‘राष्ट्र हितैषी’ नेता बताया।

दिल्ली भाजपा ने प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

वीरेन्द्र सचदेवा की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजली सभादिल्ली भाजपा ने अपने पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा की पुण्य स्मृति में आज सिविक सेंटर, केदारनाथऑडिटोरियम में श्रद्धांजली सभा आयोजित की। सभा की अध्यक्षता दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या मेंभाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रो. मल्होत्रा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राष्ट्रीय स्वयंसेवकसंघ के प्रांत प्रचारक डा. अनिल अग्रवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, डा. राधा मोहनदास अग्रवाल, हर्षमल्होत्रा सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। मल्होत्रा जी की प्रेरक जीवन यात्राकेंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रो. मल्होत्रा जी का लंबा अनुभव और उनका ज्ञान दिल्ली और पूरे देश में भाजपा को नई दिशा देने मेंमददगार रहा। उन्होंने कहा कि मल्होत्रा जी ने संघ, जनसंघ, भाजपा और विद्यार्थी परिषद में कई खिलाड़ियों और कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। उनकाजीवन और कार्य हमेशा सभी के लिए उदाहरण रहेगा। डा. अनिल अग्रवाल ने कहा कि मल्होत्रा जी सादगी, ईमानदारी और सेवा भाव के प्रतीक थे। उन्होंने हमेशा दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बने औरअपने सरल व्यवहार और विनम्रता से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के समय उन्होंने विस्थापित हिंदुओं की सहायता कीऔर संगठन के कई महत्वपूर्ण कामों में योगदान दिया। अनुशासन और नेतृत्व के आदर्शदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि मल्होत्रा जी से अनुशासन, संयम और धैर्य सीखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि मल्होत्रा जीहमेशा अपने शब्दों पर अडिग रहते थे और उनका सम्मान विपक्षी दलों द्वारा भी किया जाता था। सचदेवा ने याद किया कि उन्होंने 1980 के चुनाव मेंमल्होत्रा जी के साथ काम किया और यह उनके जीवन का अनमोल अनुभव था। यह शोकसभा नहीं, प्रेरणा सभा हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कोई शोकसभा नहीं बल्कि प्रेरणा सभा है। उन्होंने बताया कि मल्होत्रा जी ने कई हजार कार्यकर्ताओं को सिर्फप्रेरित ही नहीं किया बल्कि उन्हें आगे बढ़ने में भी मदद की। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के विकास कार्यों की नींव में मल्होत्रा जी का योगदान हमेशायाद रखा जाएगा। आदर्श और सरल व्यक्तित्वभाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि मल्होत्रा जी की सरलता, विनम्रता और आदर्श हमेशा सभी के लिए प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उन्होंने यादकिया कि अटल स्मृति न्यास के कार्यक्रमों में मल्होत्रा जी हमेशा मार्गदर्शन और सुझाव देते थे।

दिल्ली के स्कूलों में आरएसएस का इतिहास पढ़ाने का कदम खतरनाक और प्रतिगामी – देवेंद्र यादव

भाजपा सरकार के एजेंडे पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने जताई चिंतादिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आज कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि रेखा गुप्ता सरकार द्वारा दिल्ली के स्कूलों में आरएसएसका इतिहास पढ़ाने का कदम स्कूली बच्चों के प्रभावशाली दिमागों को प्रभावित करने वाला और खतरनाक कदम है। यादव ने कहा कि भाजपा अपनेएजेंडे के तहत राष्ट्रनीति शिक्षा योजना के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों पर ऐसी सामग्री थोपने की तैयारी कर रही है, जिसमें स्वतंत्रता संग्रामकी आड़ में आरएसएस के समर्थकों की जीवनी और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पढ़ाया जाएगा। उनका कहना था कि आरएसएस का इतिहासस्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाला नहीं रहा, जबकि शिक्षा विशेषज्ञ इस कदम से नाराज हैं और इसे बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारकमानते हैं।आरएसएस की भूमिका को प्रमुखता देना छात्रों के लिए सीमित सोच को जन्म देगादेवेंद्र यादव ने पूछा कि क्या आरएसएस को शामिल करके छात्रों को देश और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ बढ़ेगी, या यह छात्रों को संकीर्ण औरसीमित सोच में बांधने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा आरएसएस के 22 वर्ष के इतिहास को भारत के पुराने इतिहास और स्वतंत्रतासंग्राम पर हावी करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यदि राष्ट्रनीति शिक्षा नीति को 18 सितंबर, 2025 को शुरू कियागया तो इसका उद्देश्य लोकतंत्र, शासन और बेहतर नागरिकता की जानकारी देना था। लेकिन अब इसमें आरएसएस की विचारधारा जोड़ने से संविधानद्वारा दी गई विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की संतुलित शक्तियों पर भी प्रश्न उठते हैं। शिक्षा और इतिहास विशेषज्ञ नाराजदेवेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा विशेषज्ञ और इतिहासकारों ने स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस की भूमिका को कभी महत्व नहीं दिया। उनका कहना थाकि स्वतंत्रता मिलने से पहले 22 वर्ष तक आरएसएस अंग्रेजों और सामंतों के हित में काम करता रहा। इसके कारण, भाजपा द्वारा छात्रों को यहइतिहास पढ़ाना देश में समानता और सामाजिकता को खत्म करने का प्रयास है।उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों के भविष्य और दिल्ली के स्कूलों की प्रतिष्ठा को बर्बाद कर देगा, जिससे बच्चे संकीर्ण मानसिकता और सीमितदृष्टिकोण के तहत जीवन को देखेंगे।युवा मस्तिष्क पर प्रभाव और देश के विकास पर खतरायादव ने जोर देकर कहा कि बच्चों के प्रारंभिक वर्षों में इस प्रकार का सामग्री देना भविष्य की विनाशकारी रणनीति है। उन्होंने कहा कि अगर देशआरएसएस की विचारधारा पर चलता तो आईआईटी, आईआईएम, एम्स और इसरो जैसे संस्थान स्थापित नहीं हो पाते। उन्होंने याद दिलाया किपंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश को विकास और प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया और पाठ्यक्रम में संतुलित इतिहास और संविधान का ज्ञान डाला, जिससे आज भारत के युवा विश्व में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गांधी जी की हत्या और आरएसएस का विवादित इतिहासदेवेंद्र यादव ने कहा कि गांधी जी की हत्या की साजिश में आरएसएस का नाम शामिल था। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस गांधी जयंती परराष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करके अपनी खोई विश्वसनीयता वापस पाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा करना संगठन के सांप्रदायिक इतिहासऔर विवादों को नहीं मिटा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस ने कभी भारतीय संविधान को मान्यता नहीं दी और 51 वर्षों तक अपने नागपुरमुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया। 1948 में गांधी की हत्या के बाद सरदार पटेल द्वारा इसे प्रतिबंधित किया गया। यह इतिहास देश केविभाजन और विनाश से जुड़ा है।

भाजपा सरकार सरकारी अस्पतालों को बर्बाद कर रही है, लोगों को प्राइवेट अस्पतालों की तरफ धकेला जा रहा है – सौरभ भारद्वाज का आरोप

भाजपा के आठ महीने में ही बिगड़ी हालतआम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह भाजपा ने शिक्षा के क्षेत्रको निजी स्कूलों की फीस बढ़ाकर बर्बाद किया, उसी तरह अब वह स्वास्थ्य सेवाओं को भी नष्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नेजानबूझकर सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल उपकरण, दस्ताने और दवाइयों की भारी कमी पैदा कर दी है। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि स्वास्थ्यमंत्रालय ने अस्पतालों को अपनी ओर से दवाइयाँ खरीदने पर रोक लगा दी है। अस्पताल अधीक्षकों को स्थानीय स्तर पर दवाओं की खरीद की अनुमतिनहीं दी जा रही है। इससे हालात इतने खराब हो गए हैं कि मरीजों को साधारण दवाइयाँ भी अपनी जेब से बाहर जाकर खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंनेकहा कि भाजपा की सरकार को दिल्ली में आए हुए अभी केवल आठ महीने ही हुए हैं, लेकिन इस छोटे से समय में ही सरकारी अस्पतालों की हालतऐसी हो गई है कि मरीजों को स्ट्रेचर तक के लिए तरसना पड़ रहा है। केजरीवाल सरकार में मुफ्त इलाज की सुविधासौरभ भारद्वाज ने याद दिलाया कि अरविंद केजरीवाल की सरकार के समय में किसी भी मरीज को दवाइयाँ बाहर से खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी।सभी जांचें और ऑपरेशन मुफ्त होते थे। अगर किसी सरकारी अस्पताल में एमआरआई, सीटी स्कैन या कोई बड़ी जांच संभव नहीं होती थी तो मरीजोंको निजी जांच केंद्रों में भेजकर भी मुफ्त जांच कराई जाती थी उन्होंने कहा कि पहले केजरीवाल सरकार ने व्यवस्था बनाई थी कि अगर किसी सरकारीअस्पताल में डॉक्टर या सर्जन उपलब्ध नहीं हैं और समय पर ऑपरेशन संभव नहीं है, तो मरीज का इलाज निजी अस्पताल में भी मुफ्त कराया जाए।लेकिन भाजपा सरकार ने आते ही यह पूरी व्यवस्था चौपट कर दी। मनीष सिसोदिया की तीखी प्रतिक्रियाआप नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सिर्फ छह महीनों मेंदिल्ली के अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद कर दी। सिसोदिया ने कहा कि आज हालत यह है कि दिल्ली के लोग दवाई, दस्ताने और स्ट्रेचरजैसी साधारण सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यह वही दिल्ली है जहाँ केजरीवाल सरकार ने बड़ी मेहनत से अस्पतालों को ठीक किया था और यहसुनिश्चित किया था कि मरीज को कभी भी दवाई बाहर से न खरीदनी पड़े। बजट घटाया, योजनाएँ बंद की गईंसौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली आरोग्य कोष का 80 करोड़ रुपये का सालाना बजट भी शून्य कर दिया है। इस वजह से ‘फरिश्तेयोजना’ जैसी ज़रूरी योजनाएँ बंद हो गईं। इससे न केवल सरकारी अस्पताल प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि मोहल्ला क्लीनिक, डिस्पेंसरी और आरोग्यमंदिर भी बदहाल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज स्थिति ऐसी है कि मरीजों को इलाज के लिए मजबूर होकर निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।यही भाजपा सरकार का असली इरादा है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर कर निजी अस्पतालों को फायदा पहुँचाया जाए। मीडिया की चुप्पी पर सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब-जब अस्पतालों में दवाइयों और सुविधाओं की कमी होती थी, तब मीडिया इस मुद्दे को उठाता था। पहले टाइम्स ऑफइंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे बड़े अख़बार इन मामलों पर सक्रिय रिपोर्टिंग करते थे, लेकिन अब मीडिया चुप है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपासरकार दबाव डालकर इन मुद्दों को दबा रही है।