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अरविंद केजरीवाल का भाजपा सरकार पर तगड़ा वार, पेपर लीक को बताया लोकतंत्र पर हमला कहा यह युवाओं के साथ है धोखा

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा की वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर कहा कि पेपर खुद लीक थोड़ी होते हैं, इनके मंत्री और नेता कराते हैं?’’पेपर लीक का दर्द आज देश के अधिकतर युवाओं को है ऐसा क्यों है कि जहां- जहां इनकी सरकारें हैं, वहीं पेपर लीक हो रहे हैं? जो सरकार पेपर ठीक से नहीं करवा सकती, वह राज्य क्या संभालेगी? देश का युवा बेबस नहीं हो सकता। ऐसी सरकार या तो इस्तीफ़ा दे या उसे उखाड़ फेंकना चाहिए. अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की वीडियो एक्स परसाझा कर कहा कि इस बच्ची की आंखों और आवाज़ में जो दर्द है, उसे सुनकर बेहद गुस्सा आता है। ये एक किसान की बेटी है किसी तरह इसकेपिताजी पैसे जोड़कर इसे शहर पढ़ने भेजते हैं और पेपर लीक हो जाता है अब ये बच्ची बेचारी क्या करे? कहां जाए? यही दर्द आज देश के अधिकतरयुवाओं का है जो किसी कॉम्पटीशन की तैयारी कर रहे हैं ऐसा क्यों है कि जहां-जहां इनकी सरकारें हैं, वहीं पेपर लीक हो रहे हैं? रोने से काम नहीं चलेगा देश का युवा बेबस नहीं हो सकताअरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर […]

लालकिला रामलीला में बड़ा बदलाव- मेजर शालू वर्मा निभाएंगी मंदोदरी का किरदार

लालकिला मैदान में हर साल होने वाली प्रसिद्ध लव कुश रामलीला इस वर्ष एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रही है। इस बार अभिनेत्री पूनम पांडेकी जगह मेजर शालू वर्मा मंदोदरी की भूमिका निभाएंगी। यह निर्णय रामलीला समिति ने सभी विवादों और विचार-विमर्श के बाद लिया है। समिति केअध्यक्ष अर्जुन कुमार और महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि पूनम पांडे ने शुरू में मंदोदरी की भूमिका निभाने के लिए सहमति दी थी। लेकिन उनकेनाम की घोषणा के बाद कई सामाजिक संगठन और विभिन्न वर्गों के लोग आपत्तियां करने लगे। समिति ने महसूस किया कि यह आपत्ति रामलीला केमुख्य उद्देश्य—प्रभु श्रीराम का संदेश समाज तक पहुँचाना—में बाधा डाल सकती है। सर्वसम्मति से लिया गया निर्णयसमिति ने सभी सदस्यों की सहमति से निर्णय लिया कि इस बार मंदोदरी की भूमिका मेजर शालू वर्मा को दी जाएगी। अर्जुन कुमार ने बताया कि इसवर्ष की रामलीला का विषय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ है। इसी कारण समिति ने मुख्य भूमिकाओं के लिए सेना से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता देने कानिर्णय लिया। मेजर शालू वर्मा मंदोदरी का किरदार निभाएंगी। इसके अलावा चार-पाँच और सेना के लोग रामलीला के अन्य महत्वपूर्ण पात्रों में नजरआएंगे। इस तरह रामलीला में पहली बार सेना के अधिकारी इतने बड़े पैमाने पर भाग लेंगे। सेना के कलाकारों की भागीदारी से बढ़ा उत्साहसमिति और दर्शकों में इस निर्णय को लेकर खासा उत्साह है। पहली बार रामलीला में सेना के अधिकारी इतने बड़े स्तर पर हिस्सा ले रहे हैं। इससे नकेवल मंचन और प्रभावशाली बनेगा, बल्कि बच्चों और युवाओं में देशभक्ति और अनुशासन की भावना भी बढ़ेगी। रामलीला का उद्देश्य और संदेशसमिति का मानना है कि इस बदलाव से रामलीला का मूल संदेश—धर्म, न्याय और समाज में अच्छाई फैलाना—और स्पष्ट रूप से समाज तकपहुंचेगा। मंदोदरी के चरित्र के माध्यम से वीरता, मातृत्व और त्याग का संदेश सभी दर्शकों तक पहुँचाया जाएगा। दर्शकों और समाज की प्रतिक्रियासमिति ने बताया कि दर्शक इस निर्णय को सकारात्मक रूप में स्वीकार कर रहे हैं। पहली बार सेना के अधिकारी रामलीला में इतने बड़े स्तर पर शामिलहो रहे हैं। मंचन के सभी सुरक्षा और व्यवस्थागत इंतजाम पूरे किए गए हैं ताकि दर्शक सुरक्षित रूप से इसका आनंद ले सकें। बच्चों और युवाओं के लिए संदेशरामलीला के इस मंचन से बच्चों और युवाओं को संस्कार, अनुशासन और देशभक्ति की सीख मिलेगी। मेजर शालू वर्मा के अभिनय से मंदोदरी का पात्रऔर प्रभावशाली और प्रेरक नजर आएगा। बच्चों को रामलीला के माध्यम से न केवल धार्मिक कथा समझने का मौका मिलेगा बल्कि जीवन में सहीऔर गलत के मूल्य भी सीखने को मिलेंगे।

दिल्ली में फाइव स्टार होटलों की नीति पर कांग्रेस की चेतावनी – देवेंद्र यादव

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सरकारी कार्यक्रमों के लिए राजधानी मेंफाइव स्टार होटलों को सूचीबद्ध करने की निविदा जारी कर अपनी गरीब विरोधी नीति और पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने वाली सोच जाहिर कर दी है।उन्होंने बताया कि दिल्ली की वास्तविक हालत पूरी तरह से नजरअंदाज की जा रही है। दिल्ली की बदहाल स्थितिदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में कई अनाधिकृत कॉलोनियों में नालियां टूटी हुई हैं और कई जगहों पर पानी भर गया है। गंदे पानी और उफनते सीवरकी वजह से लोग परेशान हैं। कई स्कूल और अस्पताल टेंटों में चल रहे हैं, सड़के टूटी हुई हैं और जल तथा वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। यमुना कापानी भी जहरीला हो चुका है और लोगों को पीने का साफ पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, दिल्ली की परिवहनव्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। डीटीसी की बसें घटती जा रही हैं और शहर में सफाई की हालत भी बेहद खराब है। दिल्ली का कचरा औरगंदगी आम लोगों के जीवन को कठिन बना रही है। फाइव स्टार होटलों की निविदा पर सवालदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार ने फाइव स्टार होटलों के लिए निविदा जारी की है, जबकि शहर में स्टेडियम, ऑडिटोरियम और सरकारी भवनजैसे कई बड़े स्थल मौजूद हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब इतनी सुविधाएं उपलब्ध हैं तो फाइव स्टार होटल क्यों चुना गया। उन्होंने कहा कि यहसिर्फ सरकारी खजाने की बर्बादी है और आम जनता के लिए कोई फायदा नहीं है। भाजपा की घोषणाएं और जनता की असंतुष्टिदेवेंद्र यादव ने बताया कि भाजपा लगातार घोषणाएं करती है, लेकिन गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाती। महिलाओं को2,500 रुपये देने की योजना बार-बार घोषित की गई लेकिन लागू नहीं हुई। होली और दिवाली पर मुफ्त गैस सिलेंडर का वादा भी पूरा नहीं हुआ।दलित और कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक मदद नहीं दी गई। दिल्ली के लोग अब समझने लगे हैं कि चुनाव में भाजपा को समर्थनदेना सही नहीं था। पूंजीपतियों को लाभ, जनता के लिए केवल दिखावादेवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा केवल पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए नई योजनाएं लाती है। फाइव स्टार होटलों को सरकारी कार्यक्रमों केलिए सूचीबद्ध करना और व्यापारियों के लिए दिल्ली ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन करना इसका उदाहरण है। वहीं आम जनता के लिए महंगाई कमकरने और विकास के काम करने की कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है। गरीबों के कल्याण की उपेक्षादेवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गरीबों के लिए उठाए गए कदमों और घोषणाओं को नजरअंदाज किया है। दिल्ली में झुग्गीवालों केलिए मकान बनाने की योजना बनी लेकिन उनके निर्माण और मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अनाधिकृत कॉलोनियों की बदहाल नालियां, गलियां, स्कूल और अस्पतालों की खराब स्थिति, टूटी सड़के और प्रदूषण जैसी समस्याओं को अनदेखा कर सिर्फ फाइव स्टार होटलों को प्राथमिकतादेना गलत है। सरकारी खजाने का सही इस्तेमाल जरूरीदेवेंद्र यादव ने कहा कि सरकारी खजाने का पैसा जनता के कल्याण और दिल्ली के विकास में लगना चाहिए। यह पैसा भाजपा नेताओं की सहूलियतऔर फाइव स्टार संस्कृति के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता इस नीति को देख रही है और यह तय करेगी कि किस सरकार कोसमर्थन देना चाहिए।

बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों पर दिल्ली सरकार का काम

दिल्ली विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग ने राष्ट्रीय आत्म-सम्मान दिवस मनाने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में दिल्लीसरकार के समाज कल्याण, एससी/एसटी/ओबीसी कल्याण, सहकारिता और चुनाव मंत्री रविन्द्र इन्द्राज मुख्य अतिथि थे। इसके अलावा सामाजिकन्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर सभी लोगों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकरके जीवन और उनके आदर्शों को याद किया। राष्ट्रीय आत्म–सम्मान दिवस का महत्वरविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण सत्य और आत्म-सम्मान है। 27 सितंबर 1951 कोडॉ. आंबेडकर ने महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपने मंत्री पद से इस्तीफा दिया। यही कारण है कि इस दिन को राष्ट्रीयआत्म-सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाता है। मंत्री ने बताया कि यह कदम केवल व्यक्तिगत नहीं था। यह पूरे समाज को न्याय और समानता कीदिशा में आगे ले जाने वाला एक बड़ा कदम था। बाबा साहेब ने महिलाओं को संपत्ति, विवाह और उत्तराधिकार में समान अधिकार दिलाने की कोशिशकी। उनका पूरा जीवन गरीब, दलित, वंचित और महिलाओं के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। संविधान और समानता में बाबा साहेब का योगदानइन्द्राज ने बताया कि बाबा साहेब ने देश को ऐसा संविधान दिया, जिसमें सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व का अधिकार मिला।उन्होंने छुआछूत, जातिवाद और अन्याय के खिलाफ पूरी जिंदगी संघर्ष किया। बाबा साहेब ने दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा औररोजगार में आरक्षण की व्यवस्था की। इसके कारण समाज में बराबरी और समान अवसर सुनिश्चित हो सके। दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धताएससी/एसटी/ओबीसी कल्याण मंत्री रविन्द्र इन्द्राज ने कहा कि बाबा साहेब के आदर्श हमें हमेशा प्रेरित करते हैं। दिल्ली सरकार उनका मार्गदर्शन लेकरसमाज के हर वर्ग तक समान अवसर और सम्मान पहुंचाने के लिए काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति को न्याय और समानता काअधिकार मिले। कार्यक्रम में उपस्थित लोगइस कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग शामिल हुए। इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, कलिंदी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. मीनाचरंडा, समाजशास्त्र संकाय के डीन प्रो. संजॉय रॉय, और कई अन्य प्रमुख लोग शामिल थे। सभी ने बच्चों और समाज के लोगों को बाबा साहेब केजीवन और उनके आदर्शों के बारे में बताया। बच्चों और समाज को संदेशइस कार्यक्रम में बच्चों और अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में समानता, भक्ति और संस्कार की भावना डालना था। कार्यक्रम केमाध्यम से सभी को यह संदेश दिया गया कि हर व्यक्ति का आत्म-सम्मान और समाज में समान अधिकार होना बहुत जरूरी है। कार्यक्रम का समापनकार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित करके किया गया। इस आयोजन ने बच्चों और समाज के लोगों के दिलों में नारी शक्ति, आत्म-सम्मान और भक्ति की भावना को बढ़ाया। सभी ने बाबा साहेब के आदर्शों को याद किया और अपने जीवन में उन्हें अपनाने का संकल्प लिया।

नवरात्रि पर भव्य महा कन्या पूजन और शस्त्र पूजन

आज समाजसेवी संस्था महेंद्र वेल्फेयर फाउंडेशन ने गोरख पार्क के भारतीय संस्कार विद्यालय में महा कन्या पूजन और शस्त्र पूजन का आयोजन किया।इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में छोटे से ही अच्छे संस्कार डालना और महिलाओं की शक्ति और सम्मान को दिखाना था। आजकल के समय मेंबच्चों में संस्कार कम होते जा रहे हैं। इसी चिंता के चलते यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों और उनके अभिभावकों को भक्ति और संस्कारका अनुभव मिला। सुभाष गर्ग जी की महत्वपूर्ण भूमिकाइस कार्यक्रम में वनवासी रक्षा फाउंडेशन के प्रमुख सुभाष गर्ग जी की अहम भूमिका रही। उन्होंने कार्यक्रम के सभी कार्यों का सही मार्गदर्शन किया।उनके सहयोग से ही यह कार्यक्रम सफल और सुंदर तरीके से संपन्न हुआ। बच्चों और अभिभावकों ने उनके प्रयासों की सराहना की। कन्याओं का पूजन और दीपक से आरतीकार्यक्रम में कन्याओं का पूजन किया गया। इसके साथ ही दीपक से शस्त्र पूजन और महा आरती भी हुई। इस आयोजन का संदेश यह था कि नारीशक्ति कमजोर नहीं होती। माता दुर्गा नारी शक्ति की प्रतीक हैं और वे अपनी और अपने परिवार की रक्षा कर सकती हैं। इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई, सरोजनी नायडू और इंदिरा गांधी इसके अच्छे उदाहरण हैं। हिन्दू धर्म में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। देवी-देवताओं के पास शस्त्र होते थे ताकि वेअपने और समाज की रक्षा कर सकें। आज भी शस्त्र का महत्व है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समाज और देश की रक्षा की जा सके। समाज के गणमान्य लोगों की मौजूदगीइस कार्यक्रम में समाज के कई प्रमुख और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सेवा भारती यमुना विहार विभाग के उपाध्यक्ष वीरेंद्र माटा जी, भाजपा बाबरपुरविधायक प्रत्याशी अनिल वशिष्ठ जी, मंडल महामंत्री आशीष चौधरी जी, मंडल सचिव और कार्यक्रम अध्यक्ष अतुल शर्मा जी, मंडल मंत्री प्रमोद जीऔर सुधीर जी, समिति अध्यक्ष मुकुल जी और कौशल जी, मंडल मंत्री सौरभ शर्मा जी, आम आदमी पार्टी के मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राठौर जी, वरिष्ठसदस्य नरेंद्र मेहरा जी, कविवर नैन सिंह जी, अल्का पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल नीतु जैन जी, अतुल शिक्षा सदन के प्रिंसिपल अतुल तोमर जी, गोवर्धन स्कूल के प्रिंसिपल विष्णु दत्त शर्मा जी और भारतीय संस्कार विद्यालय के छात्र व उनके अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों को संस्कार और उपहारपूजन और दीप आरती के बाद सभी बच्चों को उपहार और श्रद्धा की वस्तुएँ दी गई। इससे बच्चों में भक्ति और संस्कार की भावना पैदा हुई। बच्चे छोटेसे ही संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझने लगे। कार्यक्रम का समापनकार्यक्रम के अंत में भारतीय संस्कार विद्यालय की अध्यापकों द्वारा सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और भारतीय संस्कार के डायरेक्टर वमहेंद्र वेल्फेयर फाउंडेशन के संरक्षक श्री राजीव कुमार जैन जी ने नवरात्रों और विजय दशमी की शुभकामनायें और बधाई दी| इस आयोजन ने सभी केदिलों में नारी शक्ति, भक्ति और संस्कार का संदेश फैलाया।

एमसीडी स्कूलों की बदहाली पर अंकुश नारंग का बड़ा बयान

दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने एमसीडी स्कूलों की खस्ता हालत पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा किखासतौर पर चाइल्ड विद स्पेशल नीड्स यानी विशेष जरूरतों वाले बच्चों के स्कूलों की हालत बेहद खराब है। इन बच्चों के लिए पढ़ाई और देखभालकी सही व्यवस्था नहीं है, जिससे उनका भविष्य अंधेरे में जा रहा है। आंकड़ों से उजागर हुई सच्चाईअंकुश नारंग ने बताया कि इस समय दिल्ली में नगर निगम के कुल 1514 स्कूल चल रहे हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी स्कूलों केलिए केवल 146 शिक्षक ही नियुक्त किए गए हैं। इसका सीधा मतलब है कि करीब 55 स्कूल ऐसे हैं जहाँ कोई भी शिक्षक नहीं है। कई स्कूलों मेंसिर्फ दो-दो शिक्षक हैं, जबकि नियम के मुताबिक एक से ज्यादा की नियुक्ति अलाउड ही नहीं है। उन्होंने बताया कि मायापुरी प्रेस कॉलोनी, बसईदारापुर, रोहिणी सेक्टर-22, बवाना और सिटी एसपी ज़ोन समेत कई इलाकों के स्कूलों में यह गड़बड़ियां साफ नज़र आ रही हैं। बच्चों पर पड़ रहा असरनेता विपक्ष ने कहा कि सामान्य स्कूलों में तो पहले ही क्लासों में बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा है। कई जगह एक क्लास में 60 से 70 बच्चे तक बैठतेहैं। वहीं दूसरी तरफ विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए बनाए गए स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति उलझन भरी है। कई जगह दो-दो शिक्षक रख दिएगए हैं, जबकि नियम इसकी अनुमति नहीं देता। स्पेशल एजुकेटर्स से करवाया जा रहा क्लर्क का कामअंकुश नारंग ने गंभीर आरोप लगाया कि कई स्कूलों में विशेष जरूरतों वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए नियुक्त स्पेशल एजुकेटर्स से पढ़ाई कराने केबजाय क्लर्क का काम करवाया जा रहा है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हौज खास में अवनीश, नया बांस में अमीषा, न्यू गुप्ता कॉलोनी में दीपायादव और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग में सबा नाम की स्पेशल एजुकेटर क्लर्क का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यहबच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। भाजपा से पूछे सवालअंकुश नारंग ने भाजपा पर सीधे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि पिछले साल एमसीडी स्कूलों में बच्चों की संख्या 10,000 थी, लेकिन इस साल यहघटकर 7,500 कैसे रह गई? उन्होंने यह भी पूछा कि जब नियमों के अनुसार एक स्कूल में एक ही स्पेशल एजुकेटर होना चाहिए तो दो-दो की नियुक्तिकिसके आदेश पर हुई? इसके अलावा उन्होंने कहा कि जहाँ पर प्राइमरी टीचर्स की कमी है, वहां पर इन स्पेशल एजुकेटर्स को क्यों नहीं लगाया गया? कमिश्नर को लिखी चिट्ठीअंकुश नारंग ने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर एमसीडी कमिश्नर को चिट्ठी लिख रहे हैं। उनकी मांग है कि पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज यानीदिव्यांग बच्चों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। उन्हें स्कूलों में सही शिक्षा और विकास का मौका मिलना चाहिए। भाजपा की 4 इंजन सरकार पर हमलानेता विपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की इस समय चार इंजन वाली सरकार है। केंद्र, राज्य, एमसीडी और उपराज्यपाल चारों जगह भाजपा काशासन है। इसके बावजूद एमसीडी स्कूलों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के चारों इंजन केवल दिखावे के लिएहैं, हकीकत में ये इंजन फेल साबित हो रहे हैं। नारंग की मांगअंत में अंकुश नारंग ने साफ कहा कि उनकी मांग है कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए नियुक्त शिक्षकों को पढ़ाई के काम में लगाया जाए, न किक्लर्क का काम कराया जाए। इन बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न हो और जल्द से जल्द नए शिक्षकों की भर्ती की जाए ताकि हर स्कूल में पढ़ाई कीसही व्यवस्था हो सके।

लोकतंत्र पर मंडरा रहा खतरा – दुर्गेश पाठक का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में जोघटनाएँ हुई हैं, वे न सिर्फ डराने वाली हैं बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करने वाली भी हैं। पाठक ने कहा कि मोदी सरकार का रवैया पूरी तरह सेतानाशाही जैसा हो गया है और इसका खामियाजा देश के हर नागरिक को भुगतना पड़ रहा है। लद्दाख की आवाज़ और आंदोलनदुर्गेश पाठक ने बताया कि लद्दाख में पिछले कई दिनों से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग यह है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दियाजाए। इस आंदोलन का नेतृत्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कर रहे थे, जिन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारमिल चुके हैं। पाठक ने कहा कि यह मांग कोई नई या अनोखी नहीं है बल्कि भाजपा ने खुद अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसका वादा किया था। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और सरकार की कठोरतादुर्गेश पाठक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतने सम्मानित और शांतिप्रिय व्यक्ति को सरकार ने अचानक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाकरगिरफ्तार कर लिया। उन्हें देशद्रोही तक कह दिया गया, जबकि वे केवल लद्दाख के लोगों की आवाज़ उठा रहे थे। यह कार्रवाई लोकतंत्र के खिलाफ हैऔर इससे पूरे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। पाठक ने कहा कि यह मोदी सरकार का असली चेहरा है, जो विरोध की आवाज़ को बर्दाश्त ही नहींकर पाता। लोकतंत्र पर खतरे की चेतावनीदुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा सरकार का रवैया ऐसा हो गया है कि जो भी उनके खिलाफ बोलता है, उस पर तुरंत किसी न किसी एक्ट का इस्तेमालकर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति खतरनाक है क्योंकि इससे जनता में यह संदेश जा रहा है कि अब कोई भी खुलकर सरकार केखिलाफ बोल नहीं सकता। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आत्मा जनता की आज़ादी और अभिव्यक्ति है, जिसे लगातार कुचला जा रहा है। इतिहास से लिया गया उदाहरणदुर्गेश पाठक ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि साल 1994 में सोनम वांगचुक के पिता लद्दाख में धरने पर बैठे थे। उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधीको जब इसकी जानकारी मिली तो वे खुद वहां गईं और आंदोलनकारियों से बात की। उन्होंने उनकी मांग सुनी और सम्मानपूर्वक उनका अनशन खत्मकरवाया। पाठक ने कहा कि यह लोकतांत्रिक नेतृत्व की पहचान थी। इसके विपरीत आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता के अहंकार में जनता कीआवाज़ सुनने को भी तैयार नहीं हैं। हर नागरिक से अपीलदुर्गेश पाठक ने कहा कि यह केवल सोनम वांगचुक या लद्दाख का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र का मामला है। उन्होंने हर भारतीय से अपीलकी कि अगर आप इस देश और लोकतंत्र से प्रेम करते हैं तो इस घटना का विरोध करें। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पहले जनता का वोट लेती है औरफिर उन्हीं को जेल में डाल देती है। यह लोकतंत्र के खिलाफ सीधा हमला है और हर नागरिक को इसके खिलाफ खड़ा होना होगा। आम आदमी पार्टी की साफ मांगआम आदमी पार्टी की ओर से दुर्गेश पाठक ने दो मुख्य मांगें रखीं। पहली यह कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए। दूसरी यह कि लद्दाख केलोगों की मांगों को केंद्र सरकार गंभीरता से सुने और उन्हें पूरा करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता की आवाज़ में होती है और अगरउसे दबा दिया गया तो यह देश के लिए सबसे बड़ा मजाक होगा.

दिल्ली में पानी के बिलों पर बड़ी राहत, कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा का ऐलान

दिल्ली की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। पानी के बकाया बिलों पर अब लोगों को लेट फीस नहीं देनी पड़ेगी। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री औरजल मंत्री प्रवेश वर्मा ने घोषणा की है कि उपभोक्ताओं को लेट फीस यानी एलपीएससी (लेट पेमेंट सरचार्ज) से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इस फैसलेसे उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से अपने बकाया बिलों को लेकर परेशान थे। 31 जनवरी तक पूरी छूटमंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि अगर उपभोक्ता 31 जनवरी 2026 तक अपना बकाया बिल भर देते हैं, तो उन्हें 100 प्रतिशत लेट फीस की माफीमिलेगी। यानी उन्हें सिर्फ बिल की मूल राशि चुकानी होगी। वहीं, अगर कोई उपभोक्ता 31 मार्च 2026 तक बिल भरता है, तो उसे भी राहत मिलेगीलेकिन उस स्थिति में उसे 70 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। इसका मतलब यह हुआ कि जनवरी तक बिल भरने वालों को पूरी छूट और मार्च तक भरनेवालों को आंशिक छूट मिलेगी। ब्याज दर में भी कमीप्रवेश वर्मा ने कहा कि अब तक पानी का बिल समय पर न भरने वाले उपभोक्ताओं से 5 प्रतिशत ब्याज लिया जाता था। यह ब्याज काफी ज्यादा था।इस वजह से कभी-कभी 100 रुपये का छोटा सा बिल भी अगले बिल साइकिल में बढ़कर 178 रुपये तक हो जाता था। लेकिन अब सरकार ने यहब्याज घटाकर केवल 2 प्रतिशत कर दिया है। इस बदलाव से आम जनता को बड़ा फायदा होगा और उन पर आर्थिक बोझ कम होगा। घरेलू और सरकारी उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदाकैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि फिलहाल इस योजना का लाभ घरेलू उपभोक्ताओं और सरकारी संस्थानों को दिया जा रहा है। इसका सीधामतलब है कि दिल्ली के घर-घर में यह राहत पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि अगले महीने से यह योजना लागू हो जाएगी और लोग इसका फायदा उठापाएंगे। व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अभी इंतजारमंत्री प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि अभी इस योजना में कमर्शियल यानी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि उनकेलिए भी आने वाले समय में सरकार एक योजना लेकर आएगी। लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि उन्हें पूरी तरह से लेट फीस माफी नहीं दीजाएगी। हां, उन्हें भी कुछ राहत जरूर मिलेगी। जनता के लिए बड़ी राहतदिल्ली के लोगों के लिए यह घोषणा किसी तोहफे से कम नहीं है। पानी जीवन की बुनियादी जरूरत है और जब बिल ज्यादा बढ़ जाते थे तो आमआदमी पर भारी बोझ पड़ता था। अब सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं को अपने पुराने बिल चुकाने का आसान मौका मिलेगा कैबिनेट मंत्रीप्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता की परेशानी को कम करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस फैसले से दिल्ली जल बोर्ड की आमदनीभी बढ़ेगी, क्योंकि लोग अब बिना डर के अपने बकाया बिल जमा करेंगे। कुल मिलाकर, प्रवेश वर्मा का यह फैसला दिल्ली की जनता के लिए एक बड़ी राहत है। यह कदम न केवल लोगों के लिए मददगार साबित होगा, बल्कि दिल्ली जल बोर्ड के लिए भी फायदेमंद रहेगा।

लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला का पाँचवाँ दिन

लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला कमेटी की पांचवीं लीला का आयोजन बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ हुआ। इस दिन की लीला ने दर्शकोंके दिलों को छू लिया। पूरा मैदान रामलीला प्रेमियों और दर्शकों से भरा रहा। हर कोई मंच पर हो रही अद्भुत अदाकारी को देखकर मंत्रमुग्ध हो गया। भरत मिलाप का भावपूर्ण दृश्यआज की लीला में सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित करने वाला दृश्य था भरत मिलाप। इस दृश्य में कलाकारों ने अपने भाव और अभिनय से दर्शकों कोभावविभोर कर दिया। चित्रकूट में भरत और राम की भेंट के समय दर्शकों की आँखें आंसुओं से भर गईं। हर कोई इस दृश्य को देखकर रामलीला कीगहराई और भावनाओं का अनुभव कर रहा था। वीआईपी और कलाकारों की उपस्थितिलीला देखने के लिए कई वीआईपी भी पहुंचे। इस अवसर पर पंकज सिंह, सांसद और भारतीय जनता पार्टी के जनरल सेक्रेटरी, मंच पर आए औरलीला का आनंद लिया। इसके अलावा, बॉलीवुड और हॉलीवुड की प्रसिद्ध एक्ट्रेस और सिंगर शिखा चौधरी भी मुंबई से विशेष रूप से आईं। उन्होंनेअपने मधुर भजन और चरण वंदना से दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी आवाज़ में प्रभु श्रीराम के प्रति भक्ति की भावना साफ झलक रही थी। लीला के प्रमुख घटनाक्रमलीला का आज का आयोजन बहुत ही रोचक और मनोरम था। श्रीराम, लक्ष्मण और सीता जी के वनवास के बाद से लेकर सुमंत की वापसी तक कीघटनाओं का मंचन किया गया। इसके अलावा निषाद राज से भेंट, केवट द्वारा गंगा पार करना, सुमंत की वापसी, कौशल्या महल में दशरथ का निधन, भरत का ननिहाल में सपना, मार्ग में शत्रुघ्न का भरत से मिलना, कौशल में भरत और राम की वार्तालाप, निषाद राज का दरबार और भरत मिलाप जैसीघटनाओं का मंचन किया गया। आज की लीला में भरत मिलाप का दृश्य सबसे ज्यादा आकर्षक रहा, जिसमें लगभग 150 कलाकार एक साथ मंचपर उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत और सम्मानमंच पर आए सभी अतिथियों का स्वागत कमेटी की ओर से बड़े ही सम्मानपूर्वक किया गया। जनरल सेक्रेटरी सुभाष गोयल, सीनियर वाइस प्रेसिडेंटसत्य भूषण जैन, गौरव सूरी, संदीप भूटानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, लीला मंत्री प्रवीण सिंगल, संजय वर्मा और वीरू सिंधी ने अतिथियों का अभिनंदन किया।उन्हें लीला का प्रतीक चिन्ह और राम नामी पटका भेंट किया गया। मंचन और कलाकारों की प्रस्तुतिलीला का मंचन मुंबई फिल्म नगरी और टीवी के अनुभवी कलाकारों द्वारा किया गया। कलाकारों की अदाकारी और भजन गायन ने लीला को और भीजीवंत और आकर्षक बना दिया। दर्शक हर दृश्य में रमणीयता और भक्ति का अनुभव कर रहे थे। हर कोई कलाकारों की प्रस्तुति और मंच की सजावटसे बहुत प्रभावित हुआ। दर्शकों की प्रतिक्रियालीला देखने आए दर्शक बहुत खुश और रोमांचित नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी ने पूरी लीला का आनंद लिया। हर कोई मंच पर हो रहीअदाकारी और भजन गायन के बीच रामलीला की भावनाओं में डूबा रहा। पांचवें दिन की यह लीला सभी के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।

दिल्ली में डीबीसी कर्मचारियों के समान वेतन और सुरक्षा की मांग – अंकुश नारंग

दिल्ली में डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर) और एमटीएस कर्मचारियों की मांगों को लेकर आम आदमी पार्टी ने समर्थन जताया है। MCD के नेताप्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा शासित नगर निगम इन कर्मचारियों को समान वेतन देने में देरी कर रही है। इन कर्मचारियों के अलग-अलगस्केल के कारण समान वेतन नहीं मिल रहा है। हड़ताल और स्वास्थ्य व्यवस्था पर असरअंकुश नारंग ने चेतावनी दी कि अगर ये कर्मचारी 29 सितंबर से हड़ताल पर चले गए तो दिल्ली की जनता को बड़ा नुकसान होगा। शहर में इस समयमलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग पहले ही बीमारियों की चपेट में हैं, ऐसे मेंकर्मचारियों की हड़ताल से स्थिति और गंभीर हो जाएगी। कर्मचारियों की मांगेंडीबीसी और एमटीएस कर्मचारियों ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं। पहली यह कि सभी कर्मचारियों को समान वेतन मिले। दूसरी यह कि ड्यूटी केदौरान अगर कोई कर्मचारी बीमार हो जाए तो उसे मेडिकल लीव मिले। तीसरी यह कि यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाए तो उसकेपरिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। अंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी इन मांगों का पूरा समर्थन करती है और जल्द ही मेयर, आयुक्तऔर संबंधित अधिकारियों को मांगपत्र सौंपेगी। उन्होंने कहा कि यह कर्मचारियों की सच्ची और बुनियादी मांगें हैं और इन्हें तुरंत मान्यता दी जानीचाहिए। मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और सरकार की भूमिकाअंकुश नारंग ने बताया कि इस समय दिल्ली में मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में मिली रिपोर्ट के अनुसार इससाल अब तक मलेरिया के 333 मामले सामने आए हैं और चिकनगुनिया के 52 मामले दर्ज किए गए हैं। डेंगू के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रहीहै। अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार के पास इन बीमारियों को रोकने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है उन्होंने याद दिलाया कि जब अरविंदकेजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब वह 10 सप्ताह, 10 रविवार, सुबह 10 बजे, 10 मिनट का अभियान चलाते थे। इस अभियान से जनता कोजागरूक किया जाता था कि मच्छरों और मौसमी बीमारियों से कैसे बचा जाए। लेकिन आज भाजपा सरकार न तो कोई अभियान चला रही है और नही जनता को इस बारे में जानकारी दे रही है। आम आदमी पार्टी का समर्थनअंकुश नारंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार में लगभग 5,000 डीबीसी कर्मचारियों को एमटीएस बनाया था। यह कर्मचारियों की लंबेसमय से मांग थी। अब भी करीब 5,000 एमटीएस और सीएफडब्ल्यू कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर जाने वाले हैं। आम आदमी पार्टीइन कर्मचारियों के हितों के लिए हमेशा खड़ी रहेगी। सिटी एसपी जोन के चेयरमैन विकास टांग, वेस्ट जोन की चेयरमैन निर्मला कुमारी और करोल बागजोन के चेयरमैन पुनीत राय ने भी कहा कि ये कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सुरक्षा करते हैं। फॉगिंग और मच्छरों की जांच जैसेकाम इनकी ड्यूटी का हिस्सा हैं। इन कर्मचारियों को मेडिकल लीव और समान वेतन मिलना उनके अधिकार में शामिल है।