दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों में दवाओं और सुविधाओं की भारी कमी, कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने जताई चिंता

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ताकेवल नई योजनाओं की घोषणा कर रही हैं, लेकिन दिल्लीवासियों की सबसे बड़ी जरूरत स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करना है। अस्पतालों में मरीजोंको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। अस्पतालों में दवाओं की कमीदेवेन्द्र यादव ने बताया कि दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों में जैसे हिन्दूराव अस्पताल, बालक राम अस्पताल और स्वामी दयानन्द अस्पताल में दवाओंकी कमी के कारण मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों को जो दवा डॉक्टर लिख देते हैं, वह अस्पताल में उपलब्ध नहीं होती।कई बार जरूरी दवाओं के बिना मरीजों को इलाज करना पड़ता है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहाकि लंबी-लंबी लाइनों में लगने के बाद भी मरीजों को दवा नहीं मिलती। बीपी, हृदय रोग और एंटीबायोटिक जैसी जरूरी दवाएं अस्पताल में नहीं मिलरही हैं। मरीज कई महीनों से दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं और कई बार उन्हें महंगी दवा बाहर से खरीदनी पड़ती है। बढ़ती बीमारियां और इलाज की कमीदेवेन्द्र यादव ने बताया कि मानसून के बाद गंदगी और जलजनित बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ रहेहैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में इन बीमारियों के इलाज की कोई तैयारी नहीं है। अस्पतालों की व्यवस्था कमजोर है और मरीजों को काफी परेशानीहोती है। अस्पतालों की खराब स्थितिदेवेन्द्र यादव ने कहा कि निगम के अस्पतालों और डिस्पेंसरियों की स्थिति बहुत खराब है। अस्पतालों की इमारतें जर्जर हैं, बुनियादी ढांचा ठीक नहीं है, और मशीनें भी खराब हैं। कई बार अस्पताल खतरनाक घोषित होने के बावजूद काम कर रहे हैं। स्वच्छता की स्थिति भी अच्छी नहीं है। निगम केसफाई अभियान के बावजूद अस्पतालों में गंदगी के ढेर पड़े हैं। कर्मचारियों और उपकरणों की कमीदेवेन्द्र यादव ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी बहुत कम हैं। रेडियोलॉजी की ज्यादातर मशीनें खराब हैं। लैब बंद रहती हैं, औरमरीजों को टेस्ट करवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। भ्रष्टाचार और फंड की कमीउन्होंने कहा कि निगम अस्पतालों में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। फंड की कमी के कारण दवा, टेस्ट और कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।प्रशासन केवल आश्वासन देता है, लेकिन जनता की परेशानी दूर नहीं हो रही।
दिल्ली नगर निगम की बैठक-नागरिकों के लिए बड़े फैसले

नागरिकों के हित में हुई लंबी बैठकदिल्ली नगर निगम की साधारण सभा की बैठक करीब 5 घंटे 30 मिनट तक चली। इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षद मौजूद थे।उन्होंने मिलकर नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में हर वार्ड से जुड़ी समस्याओं, नागरिकों की सुविधाओं और स्वच्छता तथास्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर बात हुई। मच्छर और जल जनित बीमारियों पर ध्यानमहापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि बैठक में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों और जल जनित बीमारियों कीरोकथाम पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नगर निगम ने पहले ही दवाओं का भंडारण, फॉगिंग और छिड़काव जैसे उपाय तेज़ कर दिए हैं। इसकेअलावा अधिकारी फील्ड में जाकर नियमित निरीक्षण करेंगे और किसी भी ग़लती पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। सकारात्मक माहौल में हुई चर्चाबैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने बातों में व्यवधान डालने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद सभी पार्षदों ने विषय की गंभीरता को समझते हुएअच्छे सुझाव दिए। सभी ने मिलकर नागरिकों के हित में निर्णय लेने पर जोर दिया। जीएसटी में राहत और प्रधानमंत्री को धन्यवादनेता सदन प्रवेश वाही ने देश के नागरिकों को जीएसटी में राहत देने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव सभी पार्षदोंकी सहमति से पारित हुआ। श्री वाही ने बताया कि जीएसटी में कटौती से आम जनता, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। महापौरसरदार राजा इक़बाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश की आर्थिक व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई अच्छेकदम उठाए हैं। जीएसटी में की गई राहत से लोगों को बहुत फायदा होगा और यह सबका साथ, सबका विकास की भावना को मजबूत करेगी। सुनियो योजना का विस्तारमहापौर ने यह भी घोषणा की कि जनता से मिली अच्छी प्रतिक्रिया के कारण सुनियो योजना की अवधि 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। इसयोजना के तहत, 2020-21 से पहले के लंबित संपत्ति कर के साथ जुर्माना और ब्याज पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे। यदि कोई करदाता वर्तमानवित्त वर्ष और पिछले पांच वित्त वर्षों (2020-21 से 2024-25) के मूल संपत्ति कर का भुगतान करता है, तो उसे कोई अतिरिक्त ब्याज या जुर्मानानहीं देना होगा। नागरिकों के हित में लिए गए अन्य फैसलेबैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंज़ूरी दी गई, जो सीधे नागरिकों की सुविधा और जीवन स्तर सुधारने से जुड़े हैं। महापौर ने सभी पार्षदों की सराहनाकी और कहा कि नगर निगम की बैठक में यह सकारात्मक भागीदारी और सहयोग नागरिकों के हित में हमेशा प्रेरक रहेगा।
दिल्ली विधानसभा में विठ्ठलभाई पटेल और भगत सिंह को श्रद्धांजलि

ऐतिहासिक अवसर पर विशेष आयोजनदिल्ली विधानसभा सचिवालय ने एक विशेष और भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया। इस समारोह का उद्देश्य था देश के दो महानायकों केंद्रीयविधान सभा के पहले निर्वाचित अध्यक्ष विठ्ठलभाई झावेरभाई पटेल की 152वीं जयंती और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 118वीं जयंती पर उन्हेंयाद करना और उनकी विरासत को नमन करना। विधानसभा के प्रांगण में आयोजित इस पुष्पांजलि समारोह में सभी ने मिलकर इन दोनों महानविभूतियों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मोहन सिंह बिष्ट की उपस्थिति और संबोधनइस कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि विठ्ठलभाई पटेल ने भारतीय संसदीय परंपराओं की नींवईमानदारी और निर्भीकता के साथ रखी थी। उन्होंने ऐसे फैसले लिए जिन्होंने उस समय अंग्रेज़ शासकों को भी आश्चर्यचकित कर दिया था। वहीं शहीदभगत सिंह ने अपने जीवन का हर क्षण भारत माता की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया और अंतिम क्षण तक देश की आज़ादी के लिए संघर्ष करतेरहे। श्री बिष्ट ने कहा कि इन दोनों महापुरुषों का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हमें लोकतंत्र की रक्षा करने और देशहित में निस्वार्थकार्य करने की सीख देता है। विठ्ठलभाई पटेल की विरासतविठ्ठलभाई झावेरभाई पटेल भारतीय लोकतंत्र के सच्चे पुरोधा माने जाते हैं। वे केंद्रीय विधान सभा के पहले भारतीय अध्यक्ष थे और अपने कार्यकाल मेंउन्होंने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने दिखा दिया कि भारतीय जनता अपनी संसदीय परंपराओं को कितनी मजबूती से आगे बढ़ा सकती है।उनके निर्णय इतने प्रभावशाली थे कि अंग्रेज़ शासकों को भी उनके सामने झुकना पड़ा। महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन मेंसक्रिय भाग लिया और स्वतंत्रता संग्राम को मज़बूती प्रदान की। उनके जीवन का हर कार्य भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की अमूल्य धरोहर है। भगत सिंह का बलिदानशहीद भगत सिंह भारत की स्वतंत्रता के ऐसे नायक थे जिन्होंने युवाओं के दिलों में क्रांति की लौ प्रज्वलित की। उनका त्याग, साहस और देशभक्तिआने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन बन गया। 1929 में जब दिल्ली विधानसभा भवन से सटे कक्ष में उन्होंने और बटुकेश्वर दत्त ने बम फेंककरब्रिटिश हुकूमत के दमनकारी कानूनों का विरोध किया, तब यह भवन स्वतंत्रता संग्राम का गवाह बना। भगत सिंह का सपना था एक ऐसा भारत जहाँसबको न्याय और समानता मिले। उनकी यह सोच आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करती है। विद्यार्थियों की विशेष भागीदारीइस समारोह के अवसर पर साकेत स्थित रेड रोज़ेस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भी विधानसभा का दौरा किया। उन्होंने यहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीकी प्रदर्शनी सेवा ही संकल्प, राष्ट्र प्रथम ही प्रेरणा 75 वर्ष, एक अनुभव और एक प्रदर्शनी देखी। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीके बचपन और उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित लघु फ़िल्म चलो जीते हैं का भी अवलोकन किया। इस अनुभव से छात्रों को भारत के विकास कीयात्रा और लोकतंत्र की महत्ता को समझने का अवसर मिला। विधानसभा भवन का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था औरस्वतंत्रता संग्राम की गहराई को नज़दीक से जाना। समारोह का महत्वयह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं था, बल्कि यह हमें भारत के उन महान सपूतों की याद भी दिलाता है जिन्होंने लोकतंत्र और स्वतंत्रता कीराह को मजबूत किया। दिल्ली विधानसभा ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि विठ्ठलभाई पटेल और भगत सिंह की विचारधारा और उनके आदर्शों कोहमेशा संरक्षित रखा जाएगा। उनका त्याग, साहस और देशभक्ति हमें निरंतर राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
लाल किला मैदान में लव कुश रामलीला का चौथा दिन

लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला कमेटी की रामलीला का चौथा दिन दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और आनंददायक रहा। आजकी लीला में प्रभु श्री राम को गंगा पार कराते केवट का दृश्य एआई तकनीक की मदद से बहुत ही जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। यह दृश्य देखकरदर्शक मंत्रमुग्ध हो गए और पूरे मैदान में उत्साह और भक्ति का माहौल बन गया। हर दर्शक इस दृश्य को देखकर रामलीला के प्रति अपने प्रेम औरआस्था का अनुभव कर रहा था। विशेष अतिथियों की मौजूदगीआज की लीला का आनंद लेने के लिए केंद्रीय मंत्री एस. पी. बघेल, सांसद बांसुरी स्वराज और दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद विशेष रूप सेमंचन देखने आए। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि दर्शकों की संख्या आज बहुत बढ़ गई थी। इस वजह से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किएगए। दिल्ली पुलिस और सिविल डिफेंस पूरे मैदान में सक्रिय रूप से तैनात रहे। इसके अलावा, लीला कमेटी के स्वयंसेवक और ग्राउंड के चारों ओरबाउंसर भी तैनात किए गए ताकि सभी दर्शक सुरक्षित रूप से लीला का आनंद ले सकें। कमेटी ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की परेशानीन हो और सभी दर्शक आराम से मंचन का आनंद लें। केवट का दृश्य और शंकर साहनी का प्रदर्शनआज की लीला में सबसे रोमांचक दृश्य था प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और सीता जी को गंगा पार कराते केवट का दृश्य। इस किरदार को नामी सिंगर औरएक्टर शंकर साहनी ने निभाया। उन्होंने अपनी मधुर आवाज में गीत प्रस्तुत किए, जिनके साथ दर्शक भी अपनी आवाज मिलाकर पूरे माहौल को औरजीवंत बना रहे थे। इस दृश्य में प्रभु श्री राम की भक्ति, लक्ष्मण का समर्पण और सीता जी की श्रद्धा को सुंदर तरीके से दिखाया गया। दर्शकों ने इसदृश्य को देखकर अपने भावों को प्रकट किया और पूरे मैदान में भक्तिभाव फैल गया। लीला का अन्य मंचनआज की लीला में प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक की घोषणा, निषाद राज से भेंट और केवट प्रसंग को दर्शकों के सामने सुंदर और जीवंत रूप में प्रस्तुतकिया गया। यह सभी दृश्य मुंबई फिल्म नगरी टीवी और दिल्ली रंगमंच के अनुभवी कलाकारों द्वारा निभाए गए। मंचन में कलाकारों ने अपने अभिनयऔर गायन के माध्यम से रामकथा को और भी प्रभावशाली बना दिया। दर्शक हर पल इस लीला का आनंद लेते रहे और पूरे मैदान में उत्साह औरभक्ति का माहौल बना रहा। दर्शकों का उत्साह और भागीदारीलाल किला मैदान में मौजूद दर्शक आज की लीला को देखकर बहुत खुश थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इस दृश्य का आनंद लिया। कईदर्शक अपने परिवार और मित्रों के साथ आए थे और उन्होंने इस रंगारंग रामलीला को देखने के लिए दूर-दूर से समय निकाला। मंचन के दौरान दर्शकोंने गीतों और जय-जयकार के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि दर्शकों की भागीदारी और उत्साह देखकर कलाकारोंका मनोबल और भी बढ़ गया। कल की लीला की तैयारीलीला के महासचिव सुभाष गोयल, चेयरमैन पवन गुप्ता और लीला मंत्री प्रवीण सिंगल ने बताया कि कल यानी शुक्रवार को लीला में सुमंत कीवापसी, राजा दशरथ का निधन और चित्रकूट में भरत मिलाप का मंचन होगा। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे समय पर आएँ और इस अद्भुतरामलीला का आनंद लें। कमेटी ने कल की लीला को भी दर्शकों के लिए आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए सभी इंतजाम पहले से कर लिएहैं। लव कुश रामलीला कमेटी का उद्देश्यलव कुश रामलीला कमेटी लगातार यह प्रयास कर रही है कि रामकथा को सरल और रोचक तरीके से बच्चों और युवाओं तक पहुँचाया जाए। इसलीला के माध्यम से दर्शक प्रभु श्री राम के आदर्शों, उनकी भक्ति और जीवन की शिक्षाओं को समझ सकते हैं। लीला के दौरान कलाकारों काअभिनय, गीत और मंच सजावट सभी दर्शकों को भक्ति और आनंद का अनुभव कराते हैं। कमेटी का उद्देश्य है कि हर वर्ष यह लीला लोगों के लिए एकयादगार अनुभव बने और रामकथा का संदेश हर उम्र के लोगों तक पहुँच सके।
दिल्ली में स्वच्छता अभियान – कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव का आरोप

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना हैकि दिल्ली में चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान केवल दिखावा और फोटोग्राफी तक सीमित है। यादव के अनुसार मुख्यमंत्री केवल साफ-सुथरीजगहों पर जाकर फोटो खिंचवाती हैं और इसे स्वच्छता को जीवन की संस्कृति का नाम देती हैं। वहीं, असली स्थिति यह है कि राजधानी की कईसड़कों, गली-मोहल्लों और झुग्गी-झोपड़ियों में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और गंदगी फैली हुई है। अभियान की असली स्थितिदेवेंद्र यादव ने बताया कि भाजपा सरकार ने 1 अगस्त 2025 से विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया था। इसे अब 2 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है, लेकिन अगर यह अभियान संवेदनशीलता और गंभीरता से किया जाता तो दिल्ली की हालत काफी बेहतर हो सकती थी। उन्होंने कहा कि मानसून केबाद जमा गंदगी और कूड़ा स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है। दिल्ली में अब मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य मौसमी बीमारियाँ तेजी से फैलरही हैं। इसके बावजूद भाजपा सरकार केवल साफ-सुथरी जगहों पर फोटो खिंचवाने में लगी हुई है। मैनुअल सफाई में हुई मौतेंयादव ने मैनुअल सफाई के दौरान हुई मौतों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर 2025 को अशोक विहार में 40 वर्षीय अरविंद कीमौत मैनुअल सीवर सफाई के दौरान हुई। सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में मैनुअल स्कैवेंजर्स की नियुक्ति पर रोक लगाई है। लेकिन पिछले 6 वर्षों में 430 लोग मैनुअल सफाई करते हुए अपनी जान गंवा चुके हैं। भाजपा सरकार ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और मृतकों के परिवारों को मुआवजातक नहीं दिया। देवेंद्र यादव ने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है और सरकार को मृतक परिवारों और अस्पताल में भर्ती सफाई कर्मियों की आर्थिकमदद तुरंत करनी चाहिए। केवल दिखावे का आरोपदेवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री कूड़े से आज़ादी दिलाने का जन आंदोलन चलाने की बात करती हैं, लेकिन असल में दिल्ली में प्रतिदिन 11,000 टनकूड़े का प्रबंधन नहीं हो रहा है। भलस्वा, औखला और गाजीपुर लैंडफिल में कूड़े के ढेर लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री केवल साफ-सुथरी जगहोंपर फोटो खिंचवाती हैं। असली गंदगी वाली सड़कों, झुग्गी-झोपड़ी और अनाधिकृत कॉलोनियों में सफाई की बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा। सफाई कर्मचारियों की कमीदेवेंद्र यादव ने बताया कि दिल्ली में 80 हजार स्थायी सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में केवल 30 हजार स्थायी और 30-45 हजार अस्थायी कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इसके कारण सफाई व्यवस्था ठीक से नहीं चल पा रही। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का स्वच्छता अभियानकेवल दिखावा और इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित हो गया है। असली सफाई और सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कूड़ा प्रबंधन और निगम की स्थितियादव ने कहा कि दिल्ली नगर निगम पर 16,226 करोड़ रुपये का कर्ज है। कूड़ा प्रबंधन कंपनियों को पूर्ण भुगतान नहीं किया जा रहा। निगम केवल70 करोड़ रुपये देकर सम्पूर्ण कूड़ा प्रबंधन का काम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली को सही में स्वच्छ बनाना है तो नगरनिगम को पर्याप्त संसाधन, नियमित कर्मचारियों और कूड़ा प्रबंधन के लिए पूरी योजना बनानी होगी। लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्यदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्लीवासियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि होना चाहिए। मलेरिया, डेंगू और अन्य बीमारियाँ गंदगी और जलभराव केकारण बढ़ रही हैं। लेकिन सरकार केवल दिखावे के लिए साफ-सुथरी जगहों पर फोटो खिंचवाने में लगी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली सफाईअभियान में सड़कें, गली-मोहल्ले, झुग्गी-झोपड़ियाँ और अनाधिकृत कॉलोनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
दिल्ली सरकार और IIT कानपुर ने क्लाउड सीडिंग के लिए MoU पर किया हस्ताक्षर

दिल्ली सरकार और IIT कानपुर ने आज पायलट प्रोजेक्ट के तहत क्लाउड सीडिंग तकनीक के डेमो और परीक्षण के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए।इस अवसर पर रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे। यह परियोजना दिल्ली–NCR में वायु प्रदूषण को कमकरने और राजधानी को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। DGCA से मिली अनुमतिइस परियोजना को शुरू करने से पहले DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से सभी जरूरी अनुमति प्राप्त की गई थी। इसके बाद IIT कानपुर केसाथ MoU पर हस्ताक्षर किए गए और परियोजना औपचारिक रूप से शुरू हो गई। प्रोजेक्ट के तहत ट्रायल्सअक्टूबर और नवंबर के महीनों में प्रशिक्षित पायलट Cessna विमान से कुल 5 ट्रायल्स करेंगे। ये ट्रायल्स बादलों की स्थिति और मौसम के अनुसारकिए जाएंगे। सभी ट्रायल्स हिंदन एयरपोर्ट से शुरू होंगे। पहला प्रयास 7 अक्टूबर से किया जाएगा। इन ट्रायल्स का मुख्य उद्देश्य तकनीक का परीक्षणऔर मूल्यांकन करना है ताकि भविष्य में इसे और बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। मुख्यमंत्री और मंत्री का संदेशमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना दिल्लीवासियों के लिए बहुत लाभकारी है। उनके मार्गदर्शन से यह कदम और भी महत्वपूर्ण बन गया।स्वास्थ्य और साफ-सुथरी हवा के लिए यह एक ऐतिहासिक प्रयास है। दिल्ली सरकार के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि क्लाउड सीडिंग तकनीकसे राजधानी में वायु प्रदूषण कम होगा और लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में सांस लेने का मौका मिलेगा। यह परियोजना पर्यावरण सुरक्षाऔर प्रदूषण नियंत्रण के लिए भी महत्वपूर्ण है। क्लाउड सीडिंग के लाभक्लाउड सीडिंग का उद्देश्य राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण कम करना और स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और सभीनागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। यह पहल दिल्लीवासियों के जीवन को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में मदद करेगी। भविष्य में प्रभावअगर ट्रायल सफल रहे, तो भविष्य में इसे नियमित रूप से लागू किया जा सकता है। इससे दिल्ली में मौसम और वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। यहपरियोजना न केवल दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ बनाए रखने में मदद करेगी।दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU पर हस्ताक्षर करना राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। क्लाउड सीडिंग तकनीक से प्रदूषणकम होगा और दिल्लीवासियों को साफ-सुथरी हवा में सांस लेने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इसपरियोजना को सफल बनाने के लिए अपनी उपस्थिति और मार्गदर्शन दिया। यह पहल दिल्लीवासियों के जीवन में सुरक्षा, स्वास्थ्य और विश्वास कानया संबल बनेगी।
सेवा पखवाड़ा – दिल्लीवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में नई पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा पखवाड़े के अंतर्गत आज दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्यमंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए कई नए कदम उठाए गए। यह पहल दिल्लीवासियों के लिएस्वास्थ्य सुविधाओं को सरल, सुलभ और आधुनिक बनाने में मदद करेगी। नई मशीनों और उपकरणों का शुभारंभआज टी.बी. की जांच के लिए 40 ट्रूनेट मशीनें और 10 पैथोडिटेक्ट मशीनें उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा 27 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें भी जनताकी सेवा में लगाई गईं। इन उपकरणों से लोग जल्दी और आसानी से अपनी जांच करवा सकेंगे और समय पर इलाज पा सकेंगे।अंगदान पोर्टल और DEIC सेंटर का उद्घाटनअंगदान को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया। अब लोग आसानी से ऑनलाइन पंजीकरण कर अंगदान के लिए योगदान दे सकेंगे।साथ ही चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में नया DEIC सेंटर भी खोला गया, जो बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए बहुत महत्वपूर्णहै। नई एंबुलेंसें और आपातकालीन सेवाएंस्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए 11 नई CATS एंबुलेंसें जनता की सेवा में समर्पित की गईं। ये एंबुलेंस आपातकालीन समय में जल्दीसे लोगों तक पहुँचेंगी और उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का संदेशमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सेवा पखवाड़ा दिल्लीवासियों के लिए हर दिन नई सुविधाएं और मदद लेकर आ रहा है। ये पहल लोगों के जीवन मेंसुरक्षा और विश्वास का नया संबल जोड़ेंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नई मशीनों और एम्बुलेंसों के साथ-साथ डिजिटल पोर्टलऔर DEIC सेंटर से हर नागरिक को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधारदिल्ली सरकार ने पिछले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। नर्सों की स्थायी नियुक्ति की गई है, सैकड़ोंआयुष्मान आरोग्य केंद्र खोले गए हैं और अत्याधुनिक जांच मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाए गए हैं, जिससे लोग समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच करवा सकें। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तिइस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने सभी पहलुओं का उद्घाटन कर इसे सफलबनाया।
अमित शाह और जे.पी. नड्डा ने पं. दीनदयाल उपाध्याय को दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष और ‘एकात्म मानववाद’ के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर आज भाजपा केंद्रीय कार्यालय मेंउनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने इस अवसर पर पं. दीनदयालउपाध्याय को नमन किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और विचारपंडित दीनदयाल उपाध्याय का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन और भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उनके ‘अंत्योदय’ और ‘सांस्कृतिकराष्ट्रवाद’ के विचार आज भी देश और समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा को सबसे महत्वपूर्ण बताया, जो आजभी लोगों के लिए मार्गदर्शक है। नेताओं ने व्यक्त किया सम्मान और प्रेरणाअमित शाह और जे.पी. नड्डा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और विचार हमें राष्ट्रनिर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने और समाज के हरव्यक्ति की भलाई के लिए काम करने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श और शिक्षाएं आज भी देश की राजनीति और समाज सेवा के लिए महत्वपूर्ण हैं। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थितिइस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे और पं. दीनदयाल उपाध्याय के योगदान और उनके विचारों का सम्मान किया।इस कार्यक्रम ने उनके जीवन और सिद्धांतों को आम जनता तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दिल्ली भाजपा ने किया विशेष कार्यक्रम

पं. दीनदयाल उपाध्याय की 109वीं जयंती पर दिल्ली भाजपा ने नई दिल्ली के पं. दीनदयाल उपाध्याय पार्क में उनकी प्रतिमा के सामने पुष्पांजलिसमारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्षवीरेन्द्र सचदेवा की अध्यक्षता में सबसे पहले पुष्पांजलि अर्पित की। पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को याद किया गयाधर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद और अन्त्योदय का विचार देश के हर व्यक्ति के विकास और समाज की भलाईका मार्ग बताता है। उनका संदेश था कि समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा करना सबसे महत्वपूर्ण है। यह विचार आज भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कीसरकार का मार्गदर्शन है। वरिष्ठ नेताओं की उपस्थितिइस अवसर पर दिल्ली भाजपा के संगठन महामंत्री पवन राणा, केंद्रीय कार्यालय मंत्री महेन्द्र पांडे, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेन्द्रचांदोलिया, कमलजीत सहरावत, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, पंकज सिंह, रविन्द्र इंद्राज सिंह, प्रदेश महामंत्री विष्णुमित्तल, महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, उप महापौर जय भगवान यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभीनेताओं ने मिलकर पं. दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। सभी जिलों में विचार गोष्ठियां और स्वच्छता अभियानपं. दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में दिल्ली भाजपा के सभी 14 जिलों में विचार गोष्ठियों और स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनकार्यक्रमों में प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, क्षेत्रीय सांसद, विधायक, पार्षद और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। इनआयोजनों का उद्देश्य पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आम जनता तक पहुँचाना और समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा देना था।
अतिपिछड़ा वर्ग को मिलेगा नया हक आरक्षण, भूमिहीनों के लिए सामाजिक न्याय के का ऐलान

अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत एवं नगर निकाय में वर्तमान 20% नवीनता को 30% प्रदान किया गया। जनसंख्या के अनुपात में 50% की सीमाको बढ़ाने के लिए, विधान मंडल ने संविधान की नौवीं अनुसूची को शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा। नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में”उपयुक्त नहीं पाया गया” (एनएफएस) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा। अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन(अंडर- या ओवर-इनक्लूजन) से संबंधित सभी मामलों को एक समिति में शामिल किया जाएगा। अतिपिछड़ा, जनजाति वर्ग, जन-जाति तथा पिछड़ावर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसीमल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसीमल आवासीय भूमि उपलब्ध होगी। नामांकन में नामांकन दर्जे का आधा हिस्सा अतिपिछड़ायूपीए सरकार द्वारा पारित ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ (2010) के तहत निजी नामांकन में नामांकन दर्जे का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा, पिछौड़ीजाति, आबादी जाति और जन-जाति के बच्चे शामिल होंगे।25 करोड़ अधिनायक वर्ग के लिए सरकारी टेकन/आर्ट आर्टिस्ट में अतिपिछड़ा, परत जाति, जनजाति और पिछड़ा जाति के लिए 50% का प्रस्ताव रखा जाएगा। संविधान की धारा 15 (5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण अभ्यारण्यों केनामोल्लेख को लागू किया गया। उच्च अधिकार प्राप्त कट्टरपंथी प्राधिकारी का गठन किया जाएगा, और जातीय की विशिष्ट सूची में भी कोई भीकेवल विधान मंडल की अनुमति से ही संभव होगा। विवरण एम समाचार बनाके दो अंक एम एमटी देना हेडलाइन चैट के साथ जीपीटी ने कहा: अतिपिछड़ा वर्ग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं: नए संशोधन और सुधारों की घोषणा के तहत, सरकार ने अतिपिछड़ा वर्ग के लिए अहम घोषणाएं कीहैं। घोषणाओं के माध्यम से समाज के इस वर्ग को बनाने की दिशाइन घोषणाओं के माध्यम से समाज के इस वर्ग को बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। यहां हम उन प्रमुख बिंदुओं का विवरण दे रहे हैं: अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम का गठन सरकार ने अतिपिछड़ा वर्ग के लोगों पर हर प्रकार के अत्याचार और भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करनेके लिए एक नया अधिनियम बनाने की घोषणा की है। इससे उनकी अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और उनके होने वाले आतंकवादियों कोरोका जाएगा। अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत और नगर निकाय में 20% की बढ़ोतरी, जिसे अब 30% किया जाएगा। यह कदम उनके राजनीतिकऔर सामाजिक विचारधारा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संविधान की नौवीं अनुसूची में पूर्वोत्तर को शामिल करने का प्रस्ताव, जनसंख्या केअनुपात में पूर्वोत्तर की सीमा को 50% से अधिक बढ़ाने के लिए, सरकारी विधान मंडल ने प्रस्ताव रखा कि संविधान की नौवीं अनुसूची को इसमेंशामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में परिवर्तनइससे पहले के शोरूम को शोरूम। नियुक्तियों की चयन प्रक्रिया में परिवर्तन “उपयुक्त नहीं पाया गया” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषितकिया जाएगा। इस कदम से,नौकरी की चयन प्रक्रिया में दुकान और कर्मचारी को बढ़ावा देना। अति पिछड़ा वर्ग की सूची में सुधार अति पिछड़ा वर्गकी सूची में अल्प या अति समावेशन से संबंधित सभी मामलों को एक विशेष समिति द्वारा शामिल किया जाएगा। यह समिति प्रमाणित करती है किबैले सही और हो। जनसंख्या भूमि का वितरण अतिपिछड़ा, जनजाति जाति, जनजाति और जनजाति वर्ग की भूमियों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसीमल औरग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसीमल आवासीय भूमि प्रदान की जाएगी। यह कदम उनके सामाजिक और आर्थिक क्रांतिकारी में सहायक होगा। यूपीए सरकारद्वारा शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ के तहत अब निजी स्कूलों में अतिपिछड़ा, पिछड़ा वर्ग, जनजाति और जन-जातिके बच्चों के लिए ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ का हिस्सा तय किया गया है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में लाभ मिलेगा।