दिल्ली सरकार ने कानून व्यवस्था को लेकर की गई चर्चा, “गृहमंत्री अमित शाह “CM रेखा समेत पुलिस अधिकारी भी रहे मौजूद

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में दिल्ली कीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद और दिल्ली सरकार की वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. केंद्रीय गृहसचिव और आईबी प्रमुख के साथ-साथ गृहमंत्री के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल रहे. दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह केअध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई. गृह मंत्रालय की नॉर्थ ब्लॉक कार्यालय में हो रही इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गृह विभाग के मंत्रीअशीष सूद, दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे. दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार के बाद ऐसा पहली बार हुआ. जब दिल्लीसरकार की गृहमंत्री, मुख्यमंत्री और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने एक साथ गृह मंत्रालय में बैठक की. बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली पुलिसऔर दिल्ली सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाया था. मंत्रियों और दिल्ली सरकार के बीच की गई बैठकदिल्ली सरकार की यह बैठक चुनाव से पहले किए गए विभिन्न मुद्दों को लेकर की गई है.जिससे दिल्ली की कानून व्यवस्था और भी मजबूत हो सके. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक कर कहा. छोटे-छोटे विषय जो दिल्ली को बड़ी-बड़ी दिक्कतें दे रहे थे. उन्हें लेकर जब भी भारत सरकार द्वारा ब्यौरा मांगा गया तो कभी उस पर दिल्ली की तत्कालिक सरकार द्वारा सहयोग नहीं किया गया. कहां-कहां परकिन-किन चीजों को ठीक करने की आवश्यकता है. उस को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. महिला सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली में प्राथमिक चर्चा की गई. और जल्द ही इस पर नीतियां बनाते हुए काम भी किया जाएगा.इस ऐतिहासिक बैठक में जिस प्रकार के समन्वय की बात की गई इसमें डबल इंजनकी सरकार तेजी से विकास करेगी. पहली बार दिल्ली और गृह मंत्रालय के आधिकारिक बैठक के दौरान दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति कोलेकर गंभीर से चर्चा की गई. इसमें विकास के लिए नए दौर की शुरुआत को लेकर हमने जो जनता से वादे किए हैं. उन पर हम गंभीरता से उतरेंगे.
महाकुंभ के बाद अयोध्या राममंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की संख्या, मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण किया गया बंद

Ayodhya Ram Mandir: प्रयागराज महाकुंभ के चलते राम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या तीन गुना बढ़ गई है. मकर संक्रांति शुरू से रोजाना साढ़ेतीन से चार लाख के करीब श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं. इससे पहले रोजाना 80 हजार से एक लाख तक श्रद्धालु दर्शन पूजन करते थे. लेकिन अबश्रद्धालुओं की संख्या बड़ी है तो दान भी बड़ा है.राम मंदिर में रोजाना 15 लाख का दान आ रहा है राममंदिर ट्रस्ट की ओर काउंटर की संख्या 6 सेबढ़कर 32 कर दी गई है. राम मंदिर में ज्यादा भीड़ के कारण छह दान पात्रों में रुपए अर्पित करने को लेकर धक्का मुक्की की स्थिति बन रही थी. इसेदेखते हुए दर्शन मार्ग के तक करीब 32 दान पात्र लगा दिए गए है. गेट नंबर 3 के निवासी मार्ग तक 32 दान पत्र लगा दिए गए हैं. रोजाना 12 से 15 लाख रुपए रामलला को चढ़ावा अर्पित हो रहा है. दान पात्र में आने वाली धनराशि की गणना रोजाना की जाती है. इसके लिए बैंक व ट्रस्ट की कुल20 कर्मी लगाए गए हैं. जो रोजाना दान पत्र की धनराशि की गणना करते हैं. भारी भीड़ के चलते प्रसाद वितरण हुआ बंदराममंदिर में भारी भीड़ के चलते प्रसाद के रूप में इलायची दाने देना भी पिछले 15 दिनों से बंद कर दिया गया है. यह व्यवस्था इसलिए की गई हैताकि मंदिर में प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ की स्थिति न हो. भीड़ के चलते मंदिर निर्माण का काम थोड़ा प्रभावित हुआ है. तीर्थयात्रियों के निकलने के मार्गों का काम थोड़ा धीमा हो चुका है. शेष कार्य यथावत चल रहे हैं. मार्गों के निर्माण का काम रात में किया जाता है. राममंदिर की शिखर का निर्माण मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा. केवल आठ लेयर के निर्माण का काम बाकी है. शिखर निर्माण की गति संतोषजनक है. निर्माण में किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं आई है. परकोटा अक्टूबर तक बनकर तैयार हो जाएगा. परकोटा में मंदिर जून तक पूरा करने के लिएकार्यदायी संस्था ने कहा है कि सप्तमंडपम के शिखर का निर्माण पूर्णता की ओर है. शेष अवतार मंदिर का काम तेजी से चल रहा है. परकोटा के 6 मंदिर हैं जिसमें दो की शिखर तैयार हो गए. बाकी शिखर का निर्माण अप्रैल तक पूरा हो जाएगा. दरअसल राम मंदिर में श्रद्धालुओं की गणना एआईकैमरे में एफएमडी से की जाती है.
बिहार चुनाव से सर्वे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी चिंता,क्या बिहार में इस बार हो सकता है BJP का अगला मुख्यमंत्री?

Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट विस्तार के सत्तारुढ़ एनडीए गठबंधन केभीतर सत्ता के पुनर्गठन को का संकेत दिया गया है. नीतीश कुमार की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से चुनाव से पहले बिहार में अपनी स्थितिमजबूत करने के लिए एक सुनियोजित कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 26 फरवरी को अपनी मंत्रिपरिषद में साथ नए चेहरों कोशामिल किया. यह सभी गठबंधन सहयोगी बीजेपी से हैं. यह कदम चुनावी मौसम से पहले बीजेपी की बढ़ती मुखरता को दर्शाता है. कैबिनेट विस्तारके साथ ही मंत्री परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है. बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटें है. नियमों के अनुसार सदन में कुल सीटोंका प्रतिशत 15% है इसलिए लिहाज से राज्य मंत्रीपरिषद में अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं. इस मंत्रिमंडल विस्तार को बिहार विधानसभा चुनाव कीघोषणा से पहले समाज के सभी वर्ग को मंत्रिपरिषद में प्रतिनिधित्व दिए जाने के लिए एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विशेषज्ञों काकहना है कि मंत्री परिषद विस्तार में जातिगत समीकरण के साथ भाजपा के जन आधार वाले क्षेत्रों पर भी खास ध्यान दिया गया है. जेपी नड्डा ने की अहम बैठककैबिनेट विस्तार से एक दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पटना में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप के नेताओं के साथ अहम बैठककी थी. भाजपा के पास अब 21 मंत्री पद हैं जो नितीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड से काफी बड़ा अंतर है. बिहार सरकार में फिलहाल जेडीयू कोर्टसे सिर्फ 13 मंत्री हैं. इस बीच एक सर्वे में दावा किया गया है कि इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव अगर आज होते हैं. तो जनता दलयूनाइटेड के सुप्रीमो नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर वापसी के लिए लोगों की पहली पसंद नहीं है. नीतीश कुमार को बड़ा झटकालगा है केवल 18% लोगों ने नीतीश को मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहा. नितीश कुमार की विश्वसनीयता बहुत कम हो गई है. जबकि 13 प्रतिशतलोगों का कहना है कि इनकी विश्नसनीयता करीब 13 प्रतिशत तक कम हो गई है.बिहार विधानसभा चुनाव इस साल अक्तूबर या नवंबर में होने कीउम्मीद है बीजेपी पार्टी की अगुवाई वाली एनडीए ने कहा है कि वह नितीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगें.
कनाडा के निवर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दी अमेरिका को खुलेआम धमकी, अमेरिका राष्ट्रपति ने लगाया टैरिफ तो हम भी नहीं रहेंगे पीछे”जानें क्या है मामला

अमेरिका ने कनाडा से आयात पर नए कड़े टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है 4 मार्च से कनाडा पर टैरिफ लगाया जाएगा. अमेरिका के इस फैसलापर कनाडा की ओर से जवाब आया है. कि कनाडा के निर्वातमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अमेरिका के इस फैसले को लेकर ट्रंप को चेतावनी दे दी है. ट्रूडो ने कहा कि कनाडा यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रहा है. कि मंगलवार और उसके बाद के हफ्तों में अमेरिका द्वारा उन पर कोई टैरिफ न लगे. हमइसे रोकने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं. अगर अमेरिका हम पर अनुचित टैरिफ लगाता है तो वह कड़ी प्रतिक्रिया देंगे. जिसकी उम्मीद कनाडा वासियोंको है नशे के तौर पर बड़ा प्रचलनअमेरिका की ट्रंप सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. ट्रूडो ने कहा कि अमेरिका में बढ़ते फैटानाइल ड्रग्स के चलते कनाडा पर टैरिफ लगाया जा रहा है. लेकिन वहां पहुंचने वाले फेंटेनाइल का एक प्रतिशत से भी कम कनाडा से आता है. ट्रंप को समझने की जरूरत है कि उनके देश में फैली चुनौतियों कीवजह से कनाडा नहीं है. अमेरिका में फंटालाइन ड्रग्स का प्रचलन नशे के सेवन के तौर पर बड़ा है.दरअसल यह इतनी हार्ड दवा होती है कि इसका सिर्फएक बार ही सेवन करने से कोई भी शख्स घंटे तक नशे में रह सकता है. इस ड्रग्स को मरीजों के इलाज में इस्तेमाल भी किया जाता है. अमेरिका में यहड्रग्स बैन है. लेकिन कनाडा, मेक्सिको से लाकर ड्रग तस्कर इसे अमेरिका में बेचते हैं. इस ड्रग्स की वजह से अमेरिका में हजारों लोगों की मौत हो चुकीहै.कई पीड़ितों के परिवार तबाह हो चुके हैं.अब इसको लेकर ट्रंप सरकार सख्ती के साथ फैसला ले रही है, ट्रंप का आरोप है कि कनाडा तस्करों परलगाम लगाने के लिए कुछ नहीं कर रहा है ट्रंप का कहना है कि जब तक कनाडा इन तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करता तब तक कनाडा परटैरिफ जारी रहेगा.
राहुल गांधी का महाकुंभ दौरे से अचानक मुंह मोड़ना, क्या हो सकता है विपक्षी नेताओं के बहकावे में आकर न किया गया हो कुंभ स्नान?

राहुल गांधी ने एक बार फिर से सॅाफ्ट हिंदुत्व का रास्ता अख्तियार करने के बजाय ममता बनर्जी और लालू यादव जैसा स्टैंड ले लिया है. राहुल गांधीजिस दिन रायबरेली पहुंचे थे. उसे दिन उनके महाकुंभ में जाने की बात चल रही थी. यह बात इसलिए गंभीर लग रही है. क्योंकि अखिलेश यादव नेसंगम में डुबकी लगाने वाली तस्वीर को पहले से ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुके हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव में तो राहुल का अलग ही रूपदेखने को मिला था. लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग और हरियाणा चुनाव से तो बहुत ही अलग बल्कि आगे बढ़कर सामने से विपक्षी खेमे केनेताओं को ही चलेंज कर रहे थे. अखिलेश यादव और राहुल गांधी परस्पर विरोध छोड़ पर खड़े थे. अरविंद केजरीवाल तो औपचारिक रूप से कांग्रेसविरोधी छोड़ पर खड़े थे. लेकिन ममता बनर्जी और अखिलेश यादव भी तो अरविंद केजरीवाल की ही तरफ थे. लालू यादव और तेजस्वी यादव ने झगड़ेसे दूर रहने का फैसला किया था. लेकिन राहुल गांधी तो पटना तक जाकर इशारा कर ही आए कि दिल्ली की जंग की झलक बिहार में भी देखने कोमिलने वाली है. राहुल का भी कुंभ को लेकर था प्लानदिल्ली चुनाव में तो राहुल गांधी विपक्षी नेताओं की दबाव से मुख्य दिखे लेकिन महाकुंभ को लेकर लगता है. वैसे ही दबाव में आ गए हैं. जैसेअयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन समारोह के दौरान देखने को मिला था. जैसी ही ममता बनर्जी ने राम मंदिर उद्घाटन समारोह के बहिष्कार की घोषणा की. कांग्रेस की तरफ से भी बयान आ गया पहले तो यह कहा गया कि कांग्रेस का कोई भी नेता अयोध्या नहीं जाएगा. लेकिन जैसे ही कुछ नेताओं नेअयोध्या चलो जैसा नारा दिया राहुल गांधी ने फैसला नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छोड़ दिया. महाकुंभ के मामले में राहुल गांधी की तरफ सेपहले जैसा कोई संकेत नहीं मिल रहा था. खासकर अखिलेश यादव ने महाकुंभ जाने के बाद क्योंकि पहले तो वह भी महाकुंभ के व्यवस्थाओं के लेकरलगातार सवाल उठा चुके है. आखिरकार अचानक ऐसा क्या हुआ कि राहुल गांधी ने महाकुंभ दौरे की चर्चा ही बंद कर दी. दरअसल राहुल गांधी केकुंभ जाने की खबर आ रही थी कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी अपने पूरे परिवार के साथ कुंभ स्नान के लिए जाएगें.करीब 19- 20 फरवरी को कुंभजाने का प्लान बनाया गया था. लेकिन अचानक राहुल गांधी अपने चुनाव क्षेत्र रायबरेली पहुंच गये.
नहीं हो सकेगी संभल जामा मस्जिद की रंगाई पुताई, इलाहाबाद कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला

Sambhal Masjid Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ASI कि देखरेख में संभल मस्जिद में साफ सफाई कराए जाने की मांग को मंजूरी दे दी है. परअभी मस्जिद की रंगाई पुताई को लेकर कोई मंजूरी नहीं दी है. 2 मार्च से रमजान का महीना शुरू हो रहा है. रमजान के महीने में रोजा रखने वाले कोकोई दिक्कत न हो. इसके लिए हाईकोर्ट ने मस्जिद में साफ सफाई की मांग को मंजूर कर दिया है. संभल के विवादित शाही जामा मस्जिद की रंगाईपुताई की इजाजत की मांग मामले में मस्जिद कमेटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिल गई है. दरअसल हाई कोर्ट ने मस्जिद में साफ सफाई कराईजाने की मांग को मंजूरी दे दी गई है. आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया मस्जिद परिसर में साफ सफाई कराएगा. हालांकि कोर्ट ने अभी व्हाइट वॉशयानी मस्जिद की रंगाई पुताई मरम्मत और लाइटिंग को लेकर कोई फैसला नहीं सुनाया है.जिसको लेकर हाईकोर्ट इस फैसले में सभी पक्षों को सुनने केबाद मंगलवार 4 मार्च को अपना फैसला सुनाएगी. कोर्ट में सुनवाई के दौरान आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट पेश की. ASI रिपोर्ट में दी मस्जिद की जानकारीदरअसल संभल की जामा मस्जिद आए दिन विवादों में रहती है. इस दौरान एएसआई की रिपोर्ट में कहा गया की मस्जिद में पहले से ही पेंटिंग है.ऐसे मेंनई सिरे से पेंटिंग कराई जाने की जरूरत नहीं है. ASI रिपोर्ट पर मस्जिद कमेटी ने कोर्ट में आपत्ति जताई है. इस मामले पर जस्टिस रोहित रंजनअग्रवाल की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई. बेंच ने मस्जिद कमेटी को लिखित तौर पर आपत्ति दाखिल करने को कहा. मस्जिद कमेटी को 4 मार्च कोअपनी आपत्ति दाखिल करनी होगी. हिंदू पक्ष ने भी इस मामले में अपना हलफनामा दाखिल करने को कहा है. हिंदू पक्ष की तरफ से यह भी कहा गयाहै. कि मरम्मत और पुताई होने से ढांचे को नुकसान हो सकता है.
राजेंद्र प्रसाद और कमला नेहरू की पुण्यतिथि पर कांग्रेस नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलि

लखनऊ: प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आज भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की धर्मपत्नीकमला नेहरू की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया तथा उत्तरप्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान उपाध्यक्ष दिनेश सिंह ने उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताश्रद्धांजलि सभा के दौरान पी.एल. पुनिया ने राजेंद्र प्रसाद के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राजेंद्र बाबू ने अपने करियरकी शुरुआत एक वकील के रूप में की थी, लेकिन जल्द ही वे चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े।गांधी जी से प्रभावित होकर उन्होंने 1928 में कोलकाता विश्वविद्यालय के सीनेटर पद से इस्तीफा दे दिया। महात्मा गांधी के विदेशी संस्थानों के बहिष्कार के आह्वान पर उन्होंने अपने पुत्र मृत्युंजय प्रसाद को बिहार विद्यापीठ में दाखिला दिलाया। वे न केवलस्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे, बल्कि ‘सर्चलाइट’ और ‘देश’ जैसी पत्रिकाओं में अपने लेखों के माध्यम से भी स्वतंत्रता संग्राम को मजबूत किया। कमला नेहरू: स्वतंत्रता संग्राम की प्रखर आवाजश्रद्धांजलि सभा में कमला नेहरू के योगदान को भी याद किया गया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही, वे गांधीवादी आंदोलनोंमें बढ़-चढ़कर भाग लेती थीं। उन्होंने महिलाओं को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कांग्रेस नेताओं ने अर्पित की श्रद्धांजलिइस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश सचिव अतुल सिंह, उ.प्र. कांग्रेस सोशल आउटरीच के प्रदेश संयोजक विक्रम पांडेय, बिजेंद्र सिंह, रुद्र दमन सिंह, रवींद्र पटेल, संजय शर्मा, शरद बंसल, कुलदीप आत्रेय सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने राजेंद्र प्रसाद और कमला नेहरू के विचारों और आदर्शों को अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई और उनके संघर्षों कोप्रेरणास्रोत बताया।
भगत सिंह की प्रतिमा पर भाजपा फैला रही झूठ, आम आदमी पार्टी ने किया खुलासा

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा द्वारा भगत सिंह की प्रतिमा को लेकर किए जा रहे दावों को झूठा करार दिया। वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती नेआरोप लगाया कि भाजपा पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालयों से भगत सिंह की तस्वीरें हटाकर उनका अपमान कर चुकी है और अबउनकी प्रतिमा को लेकर गलत जानकारी फैला रही है। भगत सिंह की प्रतिमा को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोपसोमनाथ भारती ने बताया कि जब भाजपा एमसीडी में सत्ता में थी, तब मालवीय नगर स्थित शहीद भगत सिंह पार्क में लगी उनकी प्रतिमा खंडित होगई थी। उस समय आम आदमी पार्टी ने भाजपा से नई प्रतिमा स्थापित करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब आम आदमी पार्टी नेएमसीडी में सत्ता संभाली, तब जनता के सहयोग से 23 मार्च 2024 को वहां नई प्रतिमा स्थापित की गई। इसके बावजूद भाजपा विधायक सतीशउपाध्याय ने विधानसभा में दावा किया कि तीन साल पहले प्रतिमा को बदला गया था, जो पूरी तरह गलत है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालयों से भगत सिंह की तस्वीरें हटाने का आरोपसोमनाथ भारती ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने न केवल भगत सिंह बल्कि बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीरें भी मुख्यमंत्री और मंत्रियोंके कार्यालयों से हटा दीं। उन्होंने कहा कि भाजपा को शहीदों और महापुरुषों के प्रति कोई सम्मान नहीं है। विधानसभा में झूठ बोलने का आरोपसोमनाथ भारती ने कहा कि भाजपा के पास भगत सिंह और बाबा साहब की तस्वीरें हटाने का कोई जवाब नहीं था, इसलिए भाजपा विधायक सतीशउपाध्याय ने झूठे दावे किए। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की नई प्रतिमा के अनावरण के दौरान सतीश उपाध्याय भी मौजूद थे, इसके बावजूद उन्होंनेविधानसभा में गलत जानकारी दी। भाजपा के पास कोई स्वतंत्रता सेनानी का नाम नहींसोमनाथ भारती ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मातृ संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने 50-52 साल तक अपने मुख्यालय परतिरंगा नहीं फहराया था। उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा अपने किसी नेता का नाम बताए जिसने देश के लिए कुर्बानी दी हो। सदन में गलत जानकारी देने पर विरोधआम आदमी पार्टी ने सदन में झूठी जानकारी देने के लिए भाजपा की कड़ी निंदा की है। सोमनाथ भारती ने कहा कि वे इस मामले को विधानसभाअध्यक्ष के संज्ञान में लाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कोई विधायक विधानसभा के अंदर प्रवेश करे, तो वह भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेवकी प्रतिमा देखकर उनके बलिदान को याद करे। मोदी सरकार ने बाबा साहब की तस्वीर हटाईसोमनाथ भारती ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाने के लिए बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर हटा दी। उन्होंनेसवाल किया कि क्या भाजपा यह मानती है कि नरेंद्र मोदी, बाबा साहब अंबेडकर से बड़े हैं?
हरियाणा बोर्ड परीक्षा में नकल और पेपर लीक का खुलासा, प्रशासन के दावों की पोल खुली

हरियाणा बोर्ड की परीक्षाओं के दौरान नकल और पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं। 28 फरवरी से शुरू हुई 10वीं कक्षा की परीक्षा में नकल कीघटनाएं देखने को मिलीं, जहां परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग छात्रों को नकल कराने के लिए दीवारों पर चढ़ते नजर आए। गोहाना में खुलेआम नकल, सीसीटीवी में कैद हुई घटनासोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र में स्थित एक परीक्षा केंद्र पर नकल कराने की होड़ मच गई। सेंटर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों मेंCaptured तस्वीरोंमें साफ दिखा कि छात्रों के परिजन या अन्य लोग परीक्षा केंद्र की दीवारें फांदकर नकल कराने की कोशिश कर रहे थे। प्रशासन और पुलिस नकल रोकने में विफलहरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा नकल मुक्त परीक्षा करवाने के दावों की पोल खुल गई। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा की सख्त व्यवस्था करने का दावा कियागया था, लेकिन हकीकत में नकल रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कई जगहों पर पुलिस बल की भी तैनाती नहीं दिखी, जिससेपरीक्षा केंद्रों पर अनुशासनहीनता बढ़ गई। हरियाणा बोर्ड 10वीं परीक्षा शेड्यूलहरियाणा बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 28 फरवरी से 19 मार्च 2025 तक सिंगल शिफ्ट में दोपहर 12:30 बजे से 03:00 बजे तक आयोजितकी जानी हैं। पहले ही दिन कई परीक्षा केंद्रों पर भीड़ इकट्ठी होकर नकल कराने की कोशिश करती दिखी, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवालउठने लगे हैं। हरियाणा बोर्ड 12वीं इंग्लिश का पेपर लीकइससे पहले 27 फरवरी को हरियाणा बोर्ड की 12वीं कक्षा के इंग्लिश पेपर लीक होने की घटना सामने आई थी। नूंह जिले के टपकन गांव में स्थितपरीक्षा केंद्र से पेपर लीक किया गया, जिसमें तीन परीक्षार्थियों और दो सुपरवाइजरों की मिलीभगत पाई गई। आरोप है कि इन लोगों ने मोबाइल सेपेपर की फोटो खींचकर उसे बाहर भेज दिया। मामले में सेंटर अधीक्षक की शिकायत पर नूंह सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नकल और पेपर लीक पर सवालिया निशानबार-बार सामने आ रहे नकल और पेपर लीक के मामलों ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षाप्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न हो।
उत्तराखंड के चमोली में बड़ा हिमस्खलन, BRO कैंप प्रभावित, 47 मजदूर फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को भारी हिमस्खलन हुआ, जिससे भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित माणा गांव में बॉर्डर रोड्सऑर्गनाइजेशन (BRO) का कैंप इसकी चपेट में आ गया। इस घटना में 47 मजदूर अब भी बर्फ में फंसे हुए हैं। 10 मजदूरों का रेस्क्यू, 4 की हालत गंभीरहिमस्खलन के समय कैंप में कुल 57 मजदूर मौजूद थे, जिनमें से अब तक 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बचाए गए मजदूरों को माणा गांवस्थित सेना कैंप में पहुंचाया गया है। इनमें से 4 मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन दुर्गम इलाका औरलगातार हो रही बर्फबारी के कारण टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे की वजह और घटनास्थल की स्थितियह हिमस्खलन शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे माणा और माणा पास के बीच हुआ, जब मजदूर सेना के मूवमेंट के लिए बर्फ हटाने का काम कर रहे थे।अचानक आए एवलांच ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर घुटनों तक बर्फ जमी हुई है और लगातार हिमपात जारी है, जिससे बचाव कार्यप्रभावित हो रहा है। बचाव अभियान जारी, हेलीकॉप्टर सेवाएं बाधितचमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोदसुमन ने बताया कि 65 सदस्यीय बचाव दल अभियान में जुटा हुआ है। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवाओं का उपयोग नहीं किया जा सकता, लेकिन मजदूरों को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। बचाए गए मजदूरों को आईटीबीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री का बयान, केंद्र सरकार से संपर्कउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ITBP, SDRF और अन्य एजेंसियां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं। खराब मौसम केकारण अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन पूरा प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम अलर्ट पर हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालयऔर गृह मंत्रालय इस मामले पर लगातार संपर्क में हैं। NDRF और SDRF की टीमें मौके परघटना की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर रवाना कर दी गईं। हालांकि, भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के चलते रेस्क्यूऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। हिमस्खलन की पहले से चेतावनी जारी थीगुरुवार को ही इस इलाके में हिमस्खलन की संभावना जताई गई थी। चंडीगढ़ स्थित डिफेंस जियोइन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) ने शाम5 बजे चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के 2,400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए हिमस्खलन की चेतावनीजारी की थी। इसके अलावा, देहरादून स्थित मौसम विभाग ने भी 3,500 मीटर से ऊंचे इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान लगायाथा। सतर्कता के बावजूद हादसाइन चेतावनियों के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया था, लेकिन फिर भी यहहादसा हो गया। प्रशासन अब राहत कार्यों में तेजी लाने के प्रयास में जुटा हुआ है।