महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद, शिवसेना UBT ने बीजेपी पर साधा निशाना

महाराष्ट्र में इन दिनों मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को लेकर गहमागहमी बनी हुई है। इसी बीच शिवसेना यूबीटी के मुखपत्र ‘सामना’ में बीजेपी परजोरदार हमला बोला गया है। सामना में लिखा गया है कि देवेंद्र फडणवीस को छत्रपति शिवाजी महाराज से ज्यादा औरंगजेब महत्वपूर्ण लगता है।शिवसेना ने आरोप लगाया कि फडणवीस सिर्फ भाषण देते हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं करते। नागपुर दंगों पर उठाए सवालसामना में नागपुर में हुए दंगों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। लेख में कहा गया है कि औरंगजेब की कब्र को लेकर नागपुर में हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस पर हमले और आगजनी की घटनाएं हुईं। सवाल किया गया कि अगर ये दंगाई बाहरी थे, तो पुलिस और खुफिया एजेंसियां क्या कररही थीं? बीड और परभणी में बढ़ते अपराधशिवसेना यूबीटी ने आगे कहा कि बीड में फिरौती और हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। परभणी में भी सांप्रदायिक तनाव देखागया। कोकण में होली के दौरान नवहिंदुत्ववादी तत्वों ने दंगे भड़काने की कोशिश की। छत्रपति शिवाजी से ज्यादा औरंगजेब को महत्वशिवसेना ने आरोप लगाया कि फडणवीस और बीजेपी को छत्रपति शिवाजी महाराज से ज्यादा औरंगजेब महत्वपूर्ण लगता है। लेख में कहा गया किछत्रपति शिवाजी महाराज का राज धर्म पर आधारित था और सबको साथ लेकर चलने का विचार था, जो बीजेपी की विचारधारा से मेल नहीं खाता। नवहिंदुत्ववादियों ने बिगाड़ा माहौलसामना में लिखा गया है कि ‘छावा’ फिल्म के प्रदर्शन के बाद से ही कुछ नवहिंदुत्ववादी तत्व औरंगजेब की कब्र के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं। इनलोगों ने महाराष्ट्र का माहौल खराब करने का काम किया। बाबरी मस्जिद से तुलना करना नौटंकीसामना में कहा गया कि औरंगजेब की कब्र को बाबरी मस्जिद से तुलना करना और उसे हटाने के लिए कारसेवा की घोषणा करना महज एक नौटंकीहै। केंद्र सरकार को कब्र की सुरक्षा हटाकर इस विवाद को खत्म करना चाहिए। बीजेपी ने दिया नया शिवाजी शिवसेना ने तंज कसा कि ओडिशा से बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिवाजी का अवतार बताकर एक नया शिवाजी पेशकर दिया है। इससे यह प्रतीत होता है कि बीजेपी मूल छत्रपति शिवाजी को खत्म कर एक नया प्रतीक खड़ा करना चाहती है। शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीतिसामना में लिखा गया कि बीजेपी की रणनीति छत्रपति शिवाजी और संभाजी महाराज के महत्व को कम करके औरंगजेब की कब्र को मुद्दा बनाकरधार्मिक ध्रुवीकरण करना है। शिवसेना ने आरोप लगाया कि बीजेपी असल में शिवाजी महाराज के सिद्धांतों को नहीं अपनाना चाहती। शिवाजी महाराज का अपमानलेख में कहा गया कि छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्मान तब ही हो सकता है जब उनके विचारों को अपनाया जाए, न कि सिर्फ उनके नाम काराजनीतिक लाभ उठाया जाए।
अंतरिक्ष से सुनीता विलियम्स और उनके साथियों की हुई वापसी,जानें कितना लगा समय क्या रही प्रक्रिया

नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में नौ महीने बिताने के बाद बुधवार को पृथ्वी पर वापस आगई. सुनीता विलियम्स के अलावा उनके सहयोगी बुच विल्मोर, निक हेग और अलेक्जेंडर गोरबुनोव भी उनके साथ स्पेसएक्स के क्रू ड्रैगन यान से वापसलौटे हैं. क्रू ड्रैगन कैप्सूल भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के 3:27 बजे फ्लोरिडा के तल्हासी के तट के पास समुद्र में सुरक्षित उतरा इसी के साथउनकी वापसी का इंतजार खत्म हो गया.59 वर्षीय सुनीता विलियम्स और 62 वर्षीय बुच विल्मोर जून 2024 से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर थे. उनके बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में तकनीकी खराबी आ गई थी जिससे लगभग एक हफ्ते का उनका छोटा परीक्षण मिशन नौ महीने तक खिंचगया. अब चिकित्सा मूल्यांकन से लेकर 45 दिनों के गहन पुनर्वास कार्यक्रम तक क्रू-9 से लौटे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए है.जैसे ही विलियम्स औरउनके साथी अंतरिक्ष वापस लौटे रिकवरी टीमों ने उन्हें स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन कैप्सूल से बाहर निकालने में मदद की. उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिएउन्हें प्रारंभिक चिकित्सा जांच के लिए स्ट्रेचर पर ले जाया गया. यह लंबी अवधि के मिशन से लौटने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक नियमितप्रक्रिया है क्योंकि उनके शरीर में सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में महत्वपूर्ण शारीरिक परिवर्तन होते हैं. गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के कारण मांसपेशियां हो जाती है कमजोरपृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव के बिना महीनों के बाद उनकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और हड्डियां का घनत्व कम हो जाता है जिससे वापसीपर सरल गतिविधियां भी चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं. उन्हें चक्कर आना अस्थिरता और थकान का भी अनुभव होता है क्योंकि उनका शरीर को अचानकपृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुकूल होना होता है.उन्हें ‘बेबी फीट’ का अनुभव होता है क्योंकि अंतरिक्ष में घर्षण की कमी के कारण अंतरिक्ष यात्रियों केतलवों पर कॉलस नरम होने लगते हैं और छिलने लगते हैं. यह उनके पैरों को वापसी पर एक नवजात शिशु की तरह अति संवेदनशील बनाता है.उन्हेंहृदय प्रणाली में भी बड़े बदलावों का सामना करना पड़ता है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण के बिना शरीर में तरल पदार्थ सिर की ओर ऊपर की ओर शिफ्ट होजाते हैं. इस तरल पुनर्वितरण के परिणामस्वरूप चेहरे पर सूजन, नाक के बंद होना, सिर के अंदर दबाव बढ़ना जैसी समस्याएं होती हैं. उसी समयनिचले शरीर में तरल पदार्थ की कमी का अनुभव होता है जिससे अंतरिक्ष यात्रियों के पैर पतले और कमजोर दिखाई देते हैं. इसे ‘पफी-हेड बर्ड-लेग्ससिंड्रोम’ कहा जाता है. कई दिन बिताएंगे पुनर्वास कार्यक्रम मेंदरअसल अपनी प्रारंभिक चिकित्सा जांच के बाद विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री ह्यूस्टन में नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में कई दिन पुनर्वासकार्यक्रम में बिताएंगे, जो उन्हें पृथ्वी पर जीवन के लिए फिर से अनुकूल होने में मदद करने के लिए डि़जाइन किए गए हैं.एस्ट्रोनॉट स्ट्रेंथ, कंडीशनिंग एंडरिहैबिलिटेशन (ASCR) टीम के विशेषज्ञ उनकी रिकवरी की देखरेख करेंगे. और उनकी रीकंडीशनिंग में मदद करेंगे. पुनर्वास लैंडिंग के तुरंत बाद शुरूहो जाता है और 45 दिनों तक जारी रहता है जिसमें सप्ताह के सातों दिन प्रतिदिन दो घंटे का सत्र होता है.रिकवरी प्रक्रिया को तीन चरणों में विभाजितकिया गया है. पहला चरण लैंडिंग के दिन शुरू होता है यह चलने, लचीलेपन और बुनियादी मांसपेशियों को मजबूत करने पर केंद्रित होता है. दूसराचरण संतुलन अभ्यास और हृदय संबंधी कंडीशनिंग पेश करता है जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को समन्वय हासिल करने में मदद मिलती है. तीसरा चरणसबसे लंबा होता है जो फंक्शन डेवलपमेंट के लिए समर्पित है यह सुनिश्चित करता है कि वे बिना किसी परेशानी के दैनिक गतिविधियां कर सकें.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की बैठक, चार मार्च को फिर से की जाएगी मीटिंग” केंद्र ने किया अधिकारी

किसानों की केंद्र के साथ बैठक खत्म तीसरी बार हुई है.दरअसल यह बैठक भी बेनतीजा रही इस बैठक में भी किसानों की मांगों को लेकर कोईसहमती नहीं बन पाई है. अब चार मई को केंद्र और किसानों के साथ फिर बैठक होगी. केंद्र ने एक सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी की नियुक्ति की है जोफसलों की एमएसपी को लेकर देश भर के किसानों के साथ लेकर सुझाव लेगा.केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों के साथअच्छे माहौल में बैठक हो गई. अब 4 मई को अगली बैठक करेंगे उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अनुसार किसानों की तरफ से सबमिट की गई रिपोर्टपर सभी हितधारकों की राय लेनी जरूरी है क्योंकि अगर एमएसपी को लेकर जो भी फैसला लिया जाएगा वो देश भर में लागू होगा.यह बैठक चंडीगढ़सेक्टर-26 के महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट में हुई पहले यह बैठक शाम 5 बजे होनी थी लेकिन अब इसके समय में बदलाव कर दिया गया है. बैठक मेंदोनों किसान संगठनों के 28 सदस्य भाग पहुंचे थे किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा है कि किसान बैठक में मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे औरउम्मीद है कि केंद्र सरकार उनके मुद्दों का समाधान करेगी.वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर पर फोर्स बढ़ाने पर कहा कि सरकारकी किसी भी तरह कार्रवाई की फिलहाल कोई प्लानिंग नहीं है. 23 फसलों पर एमएसपी तथ्य गए रखेंकिसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि तीन घंटे तक सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई.23 फसलों पर एमएसपी कानून के तथ्य रखे गए. विशेषज्ञों काआभार जताया. पहली बार इतनी देर तक एमएसपी पर चर्चा हुई.25-30 हजार करोड़ के बजट से कानून बन सकता है केंद्रीय मंत्रियों ने डेटा परविशेषज्ञों से चर्चा की बात कही.किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि 374 दिन से मोर्चा चल रहा है. केंद्र की नीतियों पर चर्चा हुई. किसानों कादर्द मंत्रियों के सामने रखा गया. एमएसपी कानून संभव है इसके तथ्य पेश किए गए एक हफ्ते में डेटा भेजा जाएगा.मंत्रियों ने कानून की संभावना सेइनकार नहीं किया.शहर में किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच छठे दौर की बैठक करीब ढाई घंटे तक चली.किसानों ने एमएसपी पर डेटा पेशकिया और इसकी कानूनी गारंटी की मांग पर अड़े रहे. अगली बैठक 9 मार्च को होगीअगली बैठक 19 मार्च को होगी 25 फरवरी को दिल्ली कूच का फैसला किसान 23 फरवरी को करेंगे.बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंहचौहान, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल समेत कई नेता मौजूद रहे.कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि किसान संगठनों के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई. पीएम मोदी सरकार किसान कल्याण को प्राथमिकता देती है.किसानों की बातें सुनी गईंऔर चर्चा आगे बढ़ेगी. हर्पाल चीमा ने बताया कि एमएसपी पर विस्तृत चर्चा हुई. किसानों ने डेटा पेश किया, जिस पर अगली बैठक में बात होगीउम्मीद है कि 19 मार्च को समाधान निकलेगा.किसानों ने फसलों की खरीद और एमएसपी पर डेटा रखा केंद्रीय मंत्रियों ने डेटा के स्रोत पूछे बैठक मेंकेवल एमएसपी पर चर्चा हुई और किसानों ने कानूनी गारंटी की मांग दोहराई.
आरएसएस के प्रमुख प्रचारक सुनील आंबेकर ने नागपुर हिंसा को लेकर की चर्चा, कहा औरंगजेब के नाम पर विवाद आज के दौर में प्रासंगिकनहीं

Nagpur Violence: नागपुर में हाल ही में भड़की हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ(आरएसएस) की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है. अखिलभारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा समाज के लिए ठीक नहीं हैं.शंभाजी नगर से औरंगजेब की कब्र कोहटाने की वीएचपी और अन्य संगठनों की मांगों के बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस ) के प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंनेबुधवार को कहा कि मुगल बादशाह आज के समय में “प्रासंगिक नहीं” हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी तरह की हिंसा को हतोत्साहित कियाजाना चाहिए.आंबेकर ने कहा” औरंगजेब आज प्रासंगिक नहीं हैं किसी भी तरह की हिंसा को प्रोत्साहित नहीं जाना चाहिए” आरएसएस का यह रुखऐसे समय में आया है. जब औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग और इससे जुड़ी विभिन्न अफवाहों को लेकर नागपुर में भड़की हिंसा के बाद तनावचरम पर है.अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा समाज के लिए ठीक नहीं हैं. आंबेकर ने यह बातबंगलूरू में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू होने के पहले कही.औरंगजेब विवाद से जुड़े को लेकर सवालउन्होंने कहा कि ऐसा कोई विवाद सही नहीं है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और जो भी जरूरी होगा पुलिस कार्रवाई करेगी. इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष पर होगी चर्चाआंबेकर ने ऐसा कतई प्रासंगिक नहीं है.आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 21-23 मार्च को बंगलूरू में होनी है. इस बैठक मेंसंघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी और पिछले वर्ष के कार्यों की समीक्षा की जाएगी.भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ की तीन दिवसीय बैठक (21-23 मार्च) को बंगलूरू में होनानिश्चित किया गया है. इस बैठक में संघ के सर्वोच्च पदाधिकारी मोहन भागवत,दत्तात्रेय होसबोले और सभी सहयोगी संस्थाओं के राष्ट्रीय अध्यक्ष औरमहामंत्री सहित 1480 कार्यकर्ता शामिल होंगे.विवादों का ताजा दौर फिल्म ‘छावा’ की रिलीज के बाद शुरू हुआ जिसमें मराठा राजा छत्रपति संभाजीमहाराज के इतिहास और औरंगजेब द्वारा उनकी हत्या को दिखाया गया है. विश्व हिंदू परिषद ने कब्र हटाने की थी मांगसोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन के दौरान औरंगजेब के पुतले को चादर सहित आग के हवाले कर दिया गया. हालांकि अफवाह फैली कि कुछ धार्मिक सामग्री जलाईगई है जिससे इलाके में तनाव फैल गया इसके कारण महल और हंसपुरी इलाकों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगजनी हुई. भीड़ ने निवासियों केघरों को भी निशाना बनाया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया.इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हिंसा की योजना बनाईगई थी. पेट्रोल बम तुरंत प्राप्त नहीं किए जा सकते. उन्हें पहले से तैयार किया गया था यह किसी उकसावे के कारण नहीं हुआ हमारा विरोध शांतिपूर्णथा.
इंदौर की रंगपंचमी गेर में हादसों की बाढ़, छवि पर पड़ा धब्बा

इंदौर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध रंगपंचमी गेर इस बार हादसों और हुड़दंग के कारण बदनाम हो गई है। गेर के दौरान कई अप्रिय घटनाओं ने इसकीछवि को धूमिल कर दिया है। गेर शुरू होते ही विभिन्न स्थानों पर हुड़दंगियों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। गेर में युवक की मौत से मची सनसनीगेर के प्रारंभ में ही एक दर्दनाक हादसे में 24 वर्षीय युवक संदीप मोरे की मौत हो गई। टोरी कॉर्नर पर पानी के एक ट्रैक्टर के नीचे आकर संदीप गंभीररूप से घायल हो गया। लोग गेर की मस्ती में डूबे हुए थे, तभी अचानक यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत एम्बुलेंस तक पहुंचाया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक को हिरासत में ले लिया है। मुख्यमंत्री ने की आर्थिक सहायता की घोषणामुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो गेर में शामिल होने इंदौर आए थे, ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्होंने मृतक केपरिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गेर में घबराहट और चोट के कई मामलेगेर के दौरान कई लोग घबराहट और अफरा-तफरी के कारण बेहोश हो गए। एमजी रोड पुलिस और प्रशासन ने कई घायलों को अस्पताल में भर्तीकराया। प्रमुख रूप से प्रवीण जोशी सहित आधा दर्जन लोग घायल या बीमार हुए। प्राथमिक उपचार के बाद अधिकतर घायलों को अस्पताल सेछुट्टी दे दी गई। महिलाओं और बच्चों को बनाया निशानागेर में हुड़दंगियों ने महिलाओं, युवतियों और बच्चों को भी नहीं छोड़ा। पानी के गुब्बारे और गुलाल के पैकेट तेज रफ्तार से फेंकने के कारण कई लोगोंकी आंखों में चोट आई। कुछ महिलाओं और बच्चियों को रोते हुए भी देखा गया। उत्पाती तत्वों से बदनाम हुई गेरगेर को अंतरराष्ट्रीय धरोहर बनाने के प्रयास में जुटे प्रशासन के सामने यह घटनाएं बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं। प्रशासन की ओर से विदेशी पर्यटकों औरएनआरआई को आकर्षित करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन कुछ हुड़दंगियों के कारण गेर की छवि पर बुरा प्रभाव पड़ा है। कलेक्टर ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यदि गेर को अंतरराष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दिलाना है, तो इसे सुरक्षित और शालीन बनाना होगा। उन्होंने कहा किमहिलाओं की सहभागिता को सुनिश्चित करते हुए सुरक्षित आयोजन करना हमारी प्राथमिकता है। कलेक्टर ने बताया कि गेर मार्ग पर सीसीटीवी कैमरोंऔर पुलिस बल की तैनाती के साथ एंबुलेंस और फायर फाइटर्स भी मुस्तैद थे। शहरवासियों की उम्मीदों पर फिरा पानीसरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं कि इंदौर की गेर को यूनेस्को की सूची में शामिल किया जाए। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों कोध्यान में रखते हुए आयोजन किया जा रहा है। लेकिन इस बार हुई घटनाओं ने शहरवासियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
केंदीय मंत्री नित्यानंद राय का बड़ा बयान, आतंकी घटनाओं में 71% की गिरावट, मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का बड़ा असर

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में आतंकवादी घटनाओं में 71 प्रतिशत की कमी आई है।उन्होंने कहा कि सरकार की “शून्य सहिष्णुता” (Zero Tolerance) की नीति का सीधा असर देखने को मिला है। मंत्री ने कहा, “आतंकवादी अब यातो जेल जाएंगे या फिर जहन्नुम जाएंगे।” आतंकवादियों के महिमामंडन पर लगी रोकनित्यानंद राय ने यह भी कहा कि पहले आतंकवादियों का महिमामंडन किया जाता था और उन्हें विशेष सुविधाएं दी जाती थीं। लेकिन मोदी सरकार केसत्तारूढ़ होने के बाद आतंकवाद के प्रति कड़ा रुख अपनाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब देश के भीतरी इलाकों में कोई आतंकी घटना नहींहो रही है। एनआईए का बचाव, शिकायतें बताई निराधारएनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के खिलाफ उठाई गई शिकायतों पर राय ने कहा कि ये सभी आरोप निराधार और मनगढ़ंत हैं। भाकपा सांसद संतोषकुमार द्वारा उठाए गए सवालों पर राय ने कहा कि जो लोग आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई से असहज हैं, वे ही इस तरह की शिकायतें कर रहे हैं। देशभर में विशेष अदालतें और कड़े कानूनगृह राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि आतंकवाद से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए देशभर में 23 विशेष अदालतें स्थापित की गई हैं। जम्मू और रांची मेंविशेष अदालतें भी काम कर रही हैं। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत कुल 157 मामलों में न्यायालय ने निर्णयसुनाया है। दिग्विजय सिंह पर तंजनित्यानंद राय ने कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन घटनाओं का जिक्र उन्होंने किया है, वे कांग्रेस सरकार केकार्यकाल में हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आतंकी घटनाओं पर काफी हद तक काबू पाया गया है। आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाईमंत्री ने बताया कि अब तक 57 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया गया है और 2014 से अब तक 9 संगठनों को आतंकवादी संगठन करार दियागया है। यूएपीए के तहत कुल 23 संगठनों को गैरकानूनी घोषित किया गया है। एनआईए संशोधन और उपलब्धियां2019 में एनआईए अधिनियम में संशोधन किया गया, जिससे एजेंसी को आतंक और साइबर अपराधों से निपटने में सशक्त बनाया गया। इसके तहतएनआईए को विदेशों में भी जांच का अधिकार मिला। एनआईए ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक 652 मामले दर्ज किए हैं और 4232 आरोपियोंको गिरफ्तार किया है। इनमें से 625 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है। आतंकी संपत्तियों पर शिकंजाएनआईए ने कुल 551 चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं, जिनकी कीमत 116.27 करोड़ रुपये आंकी गई है। मोदी सरकार की दृढ़ नीतियों औरएनआईए की कड़ी कार्रवाई के चलते आतंकवाद पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।
शशि थरूर ने मानी गलती, रूस-यूक्रेन विवाद पर भारत की तटस्थ नीति को बताया कूटनीतिक जीत

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारत की तटस्थ नीति पर अपनी पहले जताई गई आपत्ति को लेकर अब नई प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी पिछली आलोचना गलत साबित हुई और मौजूदा स्थिति में भारत की नीति सफल होती दिख रही है। रायसीनाडायलॉग 2025 के दौरान शशि थरूर ने कहा, “मैं अभी भी अपने चेहरे पर लगे दाग को मिटा रहा हूं, क्योंकि फरवरी 2022 में संसदीय बहस के दौरानमैं ही एकमात्र व्यक्ति था जिसने अंतरराष्ट्रीय चार्टर और सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर भारतीय स्थिति की आलोचना की थी।”कूटनीतिक संतुलन ने भारत को दिलाई मजबूत स्थितिथरूर ने माना कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की संतुलित कूटनीति ने देश को एक महत्वपूर्ण भूमिका दिलाई है। उन्होंने कहा कि भारत कीइस नीति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो सप्ताह के अंतराल में रूस और यूक्रेन दोनों के राष्ट्रपतियों से मिलने का अवसर प्रदान किया। यह संतुलन भारतको एक मजबूत कूटनीतिक स्थिति में लेकर आया है, जो वैश्विक शांति प्रक्रिया में अहम योगदान दे सकता है। पहले की थी आलोचना, अब की सराहनायुद्ध की शुरुआत में शशि थरूर ने भारत की रूस के प्रति कूटनीतिक तटस्थता और तेल खरीदने की नीति की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने इसे नैतिकरूप से गलत बताते हुए भारत से यूक्रेन पर हमले की निंदा करने की मांग की थी। हालांकि, अब जब भारत की नीति ने दोनों देशों के साथ मित्रवतसंबंध बनाए रखने में सफलता पाई है, तो थरूर ने अपनी आलोचना को गलत माना। कूटनीति पर मोदी की प्रशंसाथरूर ने यह भी कहा कि भारत का संतुलित रुख उसे वैश्विक शांति प्रक्रिया में एक अहम खिलाड़ी बना सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीकूटनीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की स्थिति ऐसी है कि यदि जरूरत पड़ी तो वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिकानिभा सकता है। केरल भाजपा ने की थरूर के रुख की सराहनाशशि थरूर के इस बदले रुख को लेकर केरल में भाजपा नेतृत्व ने उनकी ईमानदारी की प्रशंसा की। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कीकूटनीति की प्रशंसा करना थरूर की निष्पक्षता को दर्शाता है। थरूर ने कहा कि उन्होंने इस मामले में एक भारतीय के रूप में विचार व्यक्त किए औरइसे राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा।
पीएम मोदी के एक पोल खोलने पर बोखलाया पाकिस्तान,पाकिस्तान ने उगला जहर बोल पड़ा “भारतीय पीएम कर रहे दुनिया को गुमराह”

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्ट में पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और क्षेत्रीयशांति की कोशिशों को नाकाम करने के आरोप लगाए हैं. नरेंद्र मोदी के इस बयान पर पाकिस्तान की ओर से प्रतिक्रिया आई है. पाकिस्तान के विदेशमंत्रालय ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्रीय शांति पर दिए गए बयान को झूठा गुमराह करने वाला और एकतरफा बताया है. पाक विदेशमंत्रालय का कहना है कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता इस्लामाबाद नहीं बल्कि भारत के वर्चस्ववादी रवैये की वजह से खतरे में पड़ी है.नरेंद्रमोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर से बातचीत में कहा है कि भारत ने जब भी पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की.तब-तब उसे धोखामिला है. इस पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि भारतीय पीएम पीड़ित दिखने की झूठी कोशिश कर रहे हैं. उनको दूसरों पर आरोप लगानेके बजाय भारत की ओर से विदेशों में टारगेट किलिंग और आतंकवाद को बढ़ावा देने के अपने रिकॉर्ड पर विचार करना चाहिए.पाकिस्तान के विदेशकार्यालय ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता में बाधा भारत का खराब रवैया है. भारत की ओर से आने वाले पाकिस्तान विरोधी बयानद्विपक्षीय माहौल को खराब करते हैं. शांति और सहयोग की संभावनाओं को बनाता है मुश्किलसाथ ही शांति और सहयोग की संभावनाओं को मुश्किल बनाते हैं. पाकिस्तान की ओर से भारत पर कश्मीर में विरोध की आवाज को दबाने औरविदेशी धरती पर टारगेट किलिंग का आरोप भी लगाया गया है.लेक्स फ्रिडमैन ने पीएम नरेंद्र मोदी से सवाल किया था क्या उनको पाकिस्तान से दोस्तीऔर शांति की कोई राह दिख रही है. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का रास्ता नहीं चुना है. पाकिस्तान नेबार-बार भारत के साथ विवाद करने का फैसला किया। उन्होंने लगातार भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ा है. हमने शांति की कोशिश की लेकिनपाकिस्तान ने धोखा दिया.पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर आतंकवाद फैलाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से जुड़ी आतंकवादीगतिविधियों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है दुनिया में जहां भी आतंकवादी हमला होता है. उसका निशान किसी न किसी तरह पाकिस्तान की ओरजाता है. ये दुनिया लगातार देखती आ रही है. नरेंद्र मोदी के इस बयान पर अब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आपत्ति जताई है.
पाकिस्तानी आर्मी चीफ है या राजा शहबाज का हुआ खुलासा,इरम के है करीबा रिश्तेदार

पाकिस्तान में आर्मी का राजनीति और बिजनेस में दखल कोई नई बात नहीं रही है. पाकिस्तान में आर्मी को सबसे ताकतवर और दबदबे वाला संस्थानमाना जाता है लेकिन हालिया वर्षों में ये बहुत ज्यादा बढ़ा है. जनरल असीम मुनीर के आर्मी चीफ बनने के बाद से सेना ने नागरिक संस्थानों पर पकड़मजबूत की है. खासतौर से मुनीर के रिश्तेदारों और करीबियों को बिना योग्यता के ऊंचे पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी जा रही हैं. अहमद नूरानी नेफैक्ट फोकस के लिए की गई अपनी रिपोर्ट ये खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि मुनीर की पत्नी, मामा और दूसरे रिश्तेदार जमकर मनमानी कर रहेहैं। इससे पाक सेना में कुशासन बढ़ रहा है.पाकिस्तान में सेना प्रमुख के रिश्तेदारों को लगातार फायदा पहुंचाया जा रहा है. पाक क्रिकेट बोर्ड औरसंघीय जांच एजेंसी (FIA) में ऊंचे पदों पर सेना प्रमुख के करीबी बैठे हैं. यहां तक कि आर्मी चीफ के परिवार के सदस्यों को नियमों को ताक पररखकर डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं. आर्मी चीफ असीम मुनीर के मामा सैयद बाबर अली शाह तो तकरीबन इस्लामाबाद के राजा बनेहुए हैं. प्रमोशन को लेकर निभा रहे अहम भूमिकातमाम अहम नियुक्तियों और प्रमोशन में भूमिका निभा रहे हैं. इनमें पूर्व DG FIA अहमद इशाक जहांगीर की नियुक्ति भी शामिल है. जहांगीर परभ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.असीम मुनीर के करीबी रिश्तेदारों की कुछ बहुत बड़े बदों पर नियुक्ति की चर्चा फैक्ट फोकस ने की है. मुनीर की चचेरीबहन हाजरा सोहेल नवंबर 2022 में उनकी नियुक्ति के समय सरकारी संगठन पाकिस्तान एजुकेशन एंडोमेंट फंड (PEEF) में स्कॉलरशिप मैनेजर थीं. मुनीर के चीफ बनने के बाद जब शिक्षा मंत्रालय ने PEEF के CEO की नियुक्ति के लिए एक प्रक्रिया शुरू की तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे रोकदिया. इसके कुछ ही महीनों में ही वह उसी संगठन की CEO बन गई. इस तरह संगठन का पूरा नियंत्रण उनके हाथ में आ गया ये दिखाता है कितमाम नियमों को धता बताकर कैसे सीधे पीएम कार्यालय से उनका नाम आया.मोहसिन नकवी के पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और गृह मंत्रीबनने में भी असीम मुनीर का प्रभाव माना जा रहा है. मोहसन अमीस की पत्नी है इरम की करीबी रिश्तेदारमोहसिन असीम की पत्नी इरम के करीबी रिश्तेदार हैं मोहसिन नकवी को जनरल मुनीर के आर्मी चीफ बनने के 55 दिन बाद ही पंजाब का मुख्यमंत्रीबना दिया गया था. इसके बाद उनको पीसीबी हेड के पद तक भी पहुंचाया गया जो एक बहुत बड़ा पद माना जाता है. नकवी को जब पीसीबी काचेयरमैन बनाया गया तब वह पंजाब के मुख्यमंत्री थे. इसके बाद शहबाज शरीफ की सरकार में उनको गृहमंत्री जैसा पद मिला.असीम मुनीर के मामासैयद बाबर अली शाह उनके आर्मी चीफ बनने से पहले लंदन में रहते थे.अब वह इस्लामाबाद में हैं और देश के ताकतवर लोगों में गिने जाते हैं. बाबरशाह का प्रभाव इससे समझा जा सकता है कि नवंबर 2023 में खैबर पख्तूनख्वा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री आजम खान की मौत के बाद बाबर ने अपनेरिश्तेदार अरशद हुसैन शाह को नया कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनवा दिया. बाबर ने अहमद इशाक जहांगीर को FIA का डीजी नियुक्त करवाने में अहमभूमिका निभाई जो बहुत ताकतवर पद है. बाबर ने कई मंत्रालयों में भी अपने लोंगों की नियुक्तियां कराई हैं.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी पहुंती ईडी दफ्तर, तेज प्रताप यादव से भी होगी पूंछताछ

आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जमीन के बदले नौकरी के मामले में 19 मार्च कोपूछताछ के लिए तलब किया है. लालू के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेज प्रताप यादव को भी पूछताछ के लिए बुलाया गयाहै.इसी मामले में उनके परिवार के कुछ सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है. उनके बयान धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) केतहत दर्ज किए जाने हैं. हालांकि प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के एजेंसी के सामने पेश होने की उम्मीद नहीं है.ईडी की चार्जशीट के मुताबिकआरोपपत्र में नामित एक अन्य आरोपी हृदयानंद चौधरी राबड़ी देवी की गौशाला का पूर्व कर्मचारी है. जिसने एक उम्मीदवार से संपत्ति अर्जित की थीऔर बाद में उसे हेमा यादव को ट्रांसफर कर दिया था. ए के इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड और ए बी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियां”शेल” कंपनियां थीं. जिन्होंने प्रसाद के परिवार के सदस्यों के लिए अपराध की आय प्राप्त उक्त कंपनियों के नाम पर “फ्रंट मैन” द्वारा अचल संपत्तियांअर्जित की गईं.पिछले साल ईडी ने दिल्ली की एक अदालत में लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामले में आरोपपत्र दायर किया था. हेमा यादव के अलावा कुछ लोगों को बनाया गया था आरोपीजिसमें उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था.इससेपहले 11 मार्च तेज प्रताप और हेमा यादव को भी तलब किया था. जिसमें तेज प्रताप यादव और हेमा यादव को 50 हजार के निजी मुचलके परजमानत दे दी गई थी. अब अचानक लालू यादव को पूछताछ के लिए बुलाने से आरजेडी की टेंशन बढ़ गई है.जमीन बदले नौकरी के मामले मेंसीबीआई ने लालू समेत 78 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट के मुताबिक 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री के रूप में कामकरते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे की ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीन और संपत्ति लिखवाई थी.इस चार्जशीट में घोटाले के जोनके बारे में भी जानकारी दी गई थी. इनमें मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर समेत कई रेलवे जोन शामिल थे.इस मामले में लालूपरिवार के 5 सदस्यों को आरोपी बनाया गया जिनमें लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप, राबड़ी देवी, हेमा यादव और मीसा भारती शामिल हैं. अधिकारियों के खिलाफ दी थी केस चलाने की अनुमतिइससे पहले 30 जनवरी 2025 को अदालत ने सीबीआई को एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और उस समय रेलवे बोर्ड से सदस्य आरके महाजन सहितदो अधिकारियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति दी थी. जमीन के बदले नौकरी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके बड़े बेटेतेजप्रताप यादव से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज पूछताछ के लिए बुलाया. राबड़ी देवी ईडी के दफ्तर पहुंच गई हैं उनके साथ बेटी मीसा भारतीभी मौजूद हैं दोनों राबड़ी आवास से एक ही गाड़ी में सवार होकर ईडी दफ्तर पहुंची. हालांकि तेजप्रताप यादव अब तक नहीं पहुंचे हैं संभावना है कि वहदोपहर बाद पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर आएंगे. यह पहली बार है जब जमीन के बदले नौकरी मामले में तेजप्रताप यादव से पूछताछ की जाएगी इधरराबड़ी देवी और मीसा भारती के पहुंचते ही ईडी दफ्तर के बाहर राजद समर्थकों की भीड़ जुट गई है. जो केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.