सुपरस्टार आमिर खान ने भारत को बताया फिल्मों से प्रेम करने वाला देश, बोले पहली बार किसी सरकार ने भारत को मनोरंजन में अगुआ बनानेकी ठानी

सुपरस्टार आमिर खान ने शुक्रवार को कहा कि भारत फिल्मों से प्रेम करने वाला देश है लेकिन यहां के अधिकांश लोगों की सिनेमा हॉल तक पहुंच नहींहै. जबकि अमेरिका और चीन जैसे देश स्क्रीन की संख्या के मामले में काफी आगे हैं आमिर ने कहा पिछले 35 साल में कई सरकारें रहीं लेकिन किसीहमारे बारे में नहीं सोचा. यह पहली बार है जब किसी सरकार ने ठाना कि मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के लिए कुछ किया जाए इंडिया को इसमें लीडरबनाया जाए.यहां पहले विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) के दूसरे दिन आमिर खान ने ‘भविष्य के स्टूडियो विश्व स्टूडियो मानचित्रपर भारत’ शीर्षक सत्र में भाग लिया. आमिर ने कहा कि मनोरंजन उद्योग के विकास को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे में निवेश की गंभीरआवश्यकता है. उन्होंने कहा भारत में और अधिक सिनेमाघरों की आवश्यकता है. देश में ऐसे जिले हैं जहां एक भी थिएटर नहीं है.उन्होंने कहा कि यहांतक कि ब्लॉकबस्टर फिल्में भी भारतीयों का एक छोटा हिस्सा ही उन्हें सिनेमाघरों में देख पाता है. केवल दो प्रतिशत आबादी ही सिनेमाघरों में हमारीसबसे बड़ी हिट फिल्में देखती है. बाकी 98 प्रतिशत लोग कहां फिल्म देखते हैं. निवेश को लेकर बोले आमिरअभिनेता ने कहा मेरे हिसाब से हमें इसमें निवेश करना चाहिए. भारत में अपार संभावनाएं हैं लेकिन इसका लाभ तभी उठाया जा सकता है जब देशभरमें अधिक स्क्रीन होंगी. अगर ऐसा नहीं होगा तो लोग फिल्में नहीं देखेंगे आमिर ने कहा कि सिनेमा स्क्रीन की संख्या के मामले में भारत अमेरिका औरचीन से काफी पीछे है.आमिर ने कहा देश के आकार और आबादी के हिसाब से हमारे पास बहुत कम सिनेमाघर हैं. मुझे लगता है कि हमारे पास करीब10,000 स्क्रीन हैं. अमेरिका जिसकी आबादी भारत की एक-तिहाई है 40,000 स्क्रीन हैं. इसलिए वे हमसे बहुत आगे हैं चीन में 90,000 स्क्रीन हैंउन्होंने कहा इन 10,000 में से भी आधे दक्षिण में हैं और बाकी आधे देश के बाकी हिस्सों में हैं. इसलिए एक हिंदी फिल्म के लिए आमतौर पर यहकरीब 5,000 स्क्रीन होती है.आमिर खान ने इस बात पर भी दुख जताया कि भारत के कई क्षेत्रों में जिनमें कोंकण जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं. फिल्मों के बारे में सुनेंगे और देखेंगे ऑनलाइन चर्चादरअसल वहां पर कोई सिनेमाघर नहीं हैं उन क्षेत्रों में लोग फिल्मों के बारे में सुनेंगे ऑनलाइन चर्चा देखेंगे. लेकिन उनके पास इन फिल्मों को देखने काकोई तरीका नहीं है यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. इसलिए पहली चीज जो हमें करने की जरूरत है वह यह है कि हमारे पास अधिक स्क्रीन होनीचाहिए.आमिर ने कहा कि किसी फिल्म के थियेटर में रिलीज होने और स्ट्रीमिंग पर आने के बीच का समय बहुत छोटा होता है. उन्होंने कहा आप अपनाखुद का व्यवसाय खत्म कर रहे हैं. पहले फिल्में थियेटर में आती थीं और एक साल बाद सैटेलाइट पर आती थीं. फिर यह सैटेलाइट पर आठ और छहमहीने बाद आने लगी. इसलिए एक दर्शक के रूप में मेरे पास एक विकल्प है कि मैं थिएटर में फिल्म देख सकता हूं या मैं छह महीने तक इंतजार करसकता हूं और सैटेलाइट पर देख सकता हूं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने की सुप्रीम कोर्ट से अपील,DOGE को सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों तक दें पहुंच

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से एक अपील की. जिसमें कहा गया है कि एलन मस्क के सरकारी दक्षताविभाग (DOGE) को अमेरिका के लाखों लोगों के निजी डेटा वाले सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों तक पहुंचने की अनुमति दी जाए. यह अपील मैरीलैंडके एक न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ की गई है जिसमें उन्होंने संघीय गोपनीयता कानूनों के तहत मस्क की टीम की सामाजिक सुरक्षा तक पहुंचको प्रतिबंधित कर दिया था.न्यायालय के दस्तावेजों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा अमेरिका में लगभग सभी लोगों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड रखती है. जिसमें स्कूल रिकॉर्ड, बैंक विवरण, वेतन, विकलांगता प्राप्तकर्ताओं के लिए चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवदेनशील दस्तावेज शामिल हैं.ट्रंप सरकार का कहना है कि DOGE टीम को सरकारी खर्चों और गड़बड़ियों की जांच करने के लिए इस डेटा की जरूरत है. एलन मस्क ने सामाजिक सुरक्षा को पोंजी स्कीम बताया है उन्होंनेदावा किया है कि सामाजिक सुरक्षा में कथित धोखाधड़ी और पैसे की बर्बादी होती है.DOGE टीम डाल रही है काम में बाधावह इसे रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉयर ने शुक्रवार को तर्क दिया कि सामाजिक सुरक्षा डेटा तक पहुंच में न्यायाधीशका प्रतिबंध DOGE टीम के महत्वपूर्ण कार्य में बाधा डाल रहा है. यह सरकार के फैसलों में अनुचित रूप से हस्तक्षेप है उन्होंने लिखा अप्रभावित रहनेपर यह प्रारंभिक निषेधाज्ञा केवल आंतरिक एजेंसी निर्णय लेने में न्यायिक हस्तक्षेप को आमंत्रित करेगी. सॉयर ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से कहाकि वे मैरिलैंड में यूएस डिस्ट्रिक्ट जज एलेन हॉलैंड के आदेश को रोक दें. क्योंकि मुकदमा चल रहा है एक अपील अदालत ने पहले DOGE कीसामाजिक सुरक्षा तक पहुंच पर रोक को तुरंत हटाने से इनकार कर दिया था हालांकि इस दौरान जजों के बीच वैचारिक मतभेद रहे. अल्पमत मेंरूढ़िवादी न्यायाधीशों ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि DOGE टीम ने कोई ‘लक्षित जासूसी’ की है या व्यक्तिगत जानकारी उजागर कीहै.सेवानिवृत्त लोगों के एक समूह द्वारा किया गया था मुकदमामुकदमा मूल रूप से डेमोक्रेसी फॉरवर्ड समूह द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए श्रमिक संघों और सेवानिवृत्त लोगों के एक समूह द्वारा दायर किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने उनसे 12 मई तक प्रशासन की अपील पर जवाब मांगा है.DOGE के काम को लेकर अब तक 24 से अधिक मुकदमे दायर किए जाचुके हैं. इनमें संघीय एजेंसियों में भारी कटौती और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी शामिल है. यूएस डिस्ट्रिक्ट जज हॉलैंड का कहना है किसामाजिक सुरक्षा में DOGE के प्रयास धोखाधड़ी के संदेह के आधार पर की जा रही एक बड़ी खोजबीन जैसी लगती है. हॉलैंड के आदेश सेDOGE कर्मियों को गुमनाम बनाए गए डेटा तक पहुंचने की अनुमति मिलती है लेकिन ट्रंप प्रशासन का कहना है कि DOGE उन प्रतिबंधों के साथप्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकता है.
We Faced a Challenge in Pahalgam, But We Have Modi” – Vice President Jagdeep Dhankhar

Vice President JagdeepDhankhar made a strong statement on Friday regarding the recent terrorist attack in Pahalgam, Jammu and Kashmir. He acknowledged the challenges faced in the region but emphasized that the country has the leadership of Prime Minister Narendra Modi, who is committed to ensuring the security and peace of the nation. Dhankhar’s statement came […]
प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे केरल के दौरे पर, विझिनजाम बंदरगाह का किया उद्घाटन “केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन समेत शशि थरुर भी रहे शामिल”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल दौरे पर हैं यहां उन्होंने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ मंच साझा किया. उन्होंनेविझिनजाम बंदरगाह के उद्घाटन समारोह में कहा मैं सीएम को बताना चाहता हूं कि आप INDIA गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं. शशि थरूर भी यहां बैठेहैं आज का कार्यक्रम कई लोगों की नींद में खलल डालने वाला है. हालांकि उनके भाषण को स्थानीय भाषा में दोहराने वाले व्यक्ति ने इसका ठीक सेअनुवाद नहीं किया. इससे प्रधानमंत्री को यह कहना पड़ा कि संदेश उन तक पहुंच गया है जिन्हें यह संदेश पहुंचाना था.इससे पहले उन्होंने केरल कीराजधानी तिरुवनंतपुरम में विझिनजम अंतरराष्ट्रीय गहरे पानी के बहुउद्देशीय बंदरगाह का उद्घाटन किया. पीएम मोदी ने कहा कि यहां दुनिया के बड़ेमालवाहक जहाज आसानी से आ सकेंगे. अभी तक भारत का 75% ट्रांसशिपमेंट देश के बाहर के पोर्ट्स पर होता था इससे बहुत बड़ा नुकसान होताआया है ये परिस्थिति अब बदलने जा रही है. देश का पैसा आएगा देश के कामदरअसल अब देश का पैसा देश के काम आएगा जो पैसा बाहर जाता था अब वो केरल और विझिनजम के लोगों के लिए नए अवसर लेकरआएगा.देश में विकास का ब्यौरा देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नाविकों की संख्या के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है. पिछले10 वर्षों में हमारे बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हो गई है। उनकी दक्षता में सुधार हुआ है. वहां टर्नअराउंड समय में 30 प्रतिशत की कमी आई है पीएममोदी ने आगे कहा कि बंदरगाह का निर्माण 8,800 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. निकट भविष्य में इसकी ट्रांसशिपमेंट हब क्षमता तीन गुनीहो जाएगी.उन्होंने कहा कि गुजरात के लोग अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी से निराश होंगे. केरल में बनाया गया बड़ा बंदरगाहजिन्होंने केरल में इतना बड़ा बंदरगाह बनाया है जबकि वे पश्चिमी भारतीय राज्य से आते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के बंदरगाह मंत्री वीएनवासवन की ओर से अदाणी समूह यानी एक कॉर्पोरेट इकाई को कम्युनिस्ट सरकार के भागीदार के रूप में स्वीकार करना देश में हो रहे बदलावों कोदिखाता है.तिरुवनंतपुरम जिले में स्थित बंदरगाह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और शिपिंग में भारत की भूमिका बदलने की उम्मीद है. गहरे पानी के बंदरगाहको भारत के सबसे बड़े बंदरगाह डेवलपर और अदाणी समूह के अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) की ओर सेसार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विकसित किया गया है. सफल परीक्षण के बाद बंदरगाह को पिछले साल 4 दिसंबर को अपना वाणिज्यिककमीशनिंग प्रमाणपत्र मिला था.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की बौखलाइट हुई जगजाहिर,पूर्व विदेश मंत्री ने कबूली पनाहगार होने की बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट जगजाहिर हो गई है आए दिन उसके नेता कोई न कोई बड़बोलापनदिखा रहे हैं. पहले उनके रक्षा मंत्री और अब उनके पूर्व विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के आतंक का पनाहगार होने की बात कबूल ली है. पहलगाम हमले मेंआतंकियों ने 26 लोगों की निर्मत हत्या कर दी थी पाकिस्तान की ओर से पोषित आतंकी समूह लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की साजिश रची थी.इसबीच पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने खुद कबूल कर लिया है कि उनके मुल्क के आतंकी समूहों के साथ संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा किपाकिस्तान का अतीत रहा है. यह किसी से छिपा नहीं है कि पाकिस्तान के दहशर्तगर्दों के साथ संबंध रहे हैं यह कबूलनामा उनके रक्षा मंत्री ख्वाजाआसिफ की आतंकवादी समूहों को समर्थन और वित्त पोषण में पाकिस्तान की संलिप्तता को स्वीकार करने के बाद सामने आया है.बिलावल नेआतंकवाद के साथ पाकिस्तान के इतिहास को स्वीकार करते हुए दावा किया कि इसका देश को नुकसान उठाना पड़ा है. हालांकि बाद से इसमें सुधारहुआ. गुरुवार को स्काई न्यूज से बातचीत में भुट्टो ने कहा जहां तक रक्षा मंत्री ने कहा है मुझे नहीं लगता कि यह कोई रहस्य है कि पाकिस्तान का अतीतरहा है. इसी वजह से हमने नुकसान उठाया है। पाकिस्तान ने काफी नुकसान सहा है. आतंकवाद अब चरम परहम चरमपंथ आतंकवाद की लहर से गुजरे हैं. हमने जो कुछ भी झेला है उससे सबक लिया है. इस समस्या को हल करने के लिए हमने आंतरिक सुधारोंको अपनाया है.भुट्टो ने आगे कहा जहां तक पाकिस्तान के इतिहास का सवाल है यह सच है यह ऐसा कुछ नहीं है. जिसमें हम आज हिस्सा ले रहे हैं यहसच है कि यह हमारे इतिहास का एक दुर्भाग्यपूर्ण हिस्सा है.इससे पहले गुरुवार को मीरपुर खास में एक रैली को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो नेएक बार फिर खोखली बयानबाजी की थी. उन्होंने गीदड़भभकी देते हुए दावा किया था कि पाकिस्तान शांति चाहता है लेकिन अगर भारत ने उन्हेंउकसाया तो वे युद्ध के लिए तैयार हैं. उन्होंने बड़बोलापन दिखाते हुए कहा पाकिस्तान एक शांतिपूर्ण देश है। इस्लाम एक शांतिपूर्ण धर्म है. हम युद्धनहीं चाहते हैं लेकिन अगर कोई हम पर हमला करता है तो उसे भी युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए. हम नहीं चाहते युद्ध का ढोल पीटनाहम युद्ध का ढोल नहीं पीटते हैं लेकिन अगर उकसाया गया तो एकजुट पाकिस्तान की दहाड़ कानफोड़ू होगी.कुछ दिन पहले वायरल हुए एक वीडियोक्लिप में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री स्काई न्यूज की यल्दा हकीम से बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने उनसे पूछा आप मानते हैं कि पाकिस्तान काआतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और वित्त पोषण करने का लंबा इतिहास रहा है. इस पर ख्वाजा आसिफ ने अपने जवाब में कहा हम करीबतीन दशकों से अमेरिका के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं. ब्रिटेन समेत पश्चिमी देशों के लिए ऐसा कर रहे हैं यह एक गलती थी हमें इसका खामियाजाभुगतना पड़ा. इसीलिए आप मुझसे यह कह रहे हैं अगर हम सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध में और बाद में 9/11 के बाद के युद्ध में शामिल नहीं होते तोपाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग होता.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्कों रुबियो ने की विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बातचीत, कहा मुश्किल वक्त में हम है भारत के साथ

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बुधवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकी हमले को लेकरअपनी संवेदना व्यक्त की अमेरिका के विदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका, भारत के साथ खड़ा है. उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी को हमारा पूरा समर्थन है साथ ही विदेश विभाग ने भारत और पाकिस्तान से मिलजुलकर तनाव कम करने की भीअपील की. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को पहलगाम आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के प्रति समर्थन जताया और कहा किउन्हें उम्मीद है कि भारत पहलगाम आतंकी हमले का जवाब इस तरह से देगा कि इससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं होगा. जेडी वेंस ने पाकिस्तान से भीअपील की कि वह पहलगाम हमले की जांच में भारत का सहयोग करे. ताकि हमले के जिम्मेदार दोषियों को सजा दी जा सके.अमेरिका के एकस्थानीय मीडिया चैनल के साथ पॉडकास्ट बातचीत में जेडी वेंस ने कहा कि ‘हम आशा करते हैं कि भारत इस आतंकवादी हमले का जवाब इस तरह सेदेगा कि उससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष न हो हम ये भी उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान इस हमले में जहां तक जिम्मेदार है. जेडी वेंस ने जताई संवेदनाएंदरअसल वहां तक भारत के साथ जांच में सहयोग करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों का पता लगाया जाए औरउनसे निपटा जाए. उल्लेखनीय है कि जब बीती 22 अप्रैल जब जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों को निशाना बनाया उसवक्त जेडी वेंस अपने परिवार के साथ भारत दौरे पर ही थे. जेडी वेंस ने बीते हफ्ते पीएम मोदी से फोन पर बात कर पहलगाम आतंकी हमले की कड़ीनिंदा भी की थी. जेडी वेंस ने पहलगाम हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि इस मुश्किल वक्त में अमेरिका भारत के साथ खड़ा है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी.अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भीबुधवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर अपनी संवेदना व्यक्त की. अमेरिका केविदेश विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका भारत के साथ खड़ा है. उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी कोहमारा पूरा समर्थन है. साथ ही विदेश विभाग ने भारत और पाकिस्तान से मिलजुलकर तनाव कम करने की भी अपील की.
निगेल फरेज की रिफोर्म यूके पार्टी को संसद में एक और सीट मिली जीत, अब बढ़ी स्थानीय चुनाव को लेकर उम्मीदें

ब्रिटेन में निगेल फरेज के नेतृत्व वाली कट्टर दक्षिणपंथी रिफॉर्म यूके ने संसद ने एक और सीट पर जीत हासिल कर ली है पार्टी की सारा पोचिन उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के रनकॉर्न और हेल्स्बी सीट पर छह वोटों से विजयी होकर संसद पहुंची हैं. उन्होंने इस सीट पर लेबर पार्टी के उम्मीदवार करेन शोर कोहराया. संसद में में अब रिफॉर्म यूके पार्टी के पास पांच सीटें हो गईं हैं अब पार्टी को उम्मीद है कि स्थानीय चुनाव में उसे बढ़त मिलेगी. ब्रिटेन के 650 सीटों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स में अभी लेबर पार्टी के पास सबसे ज्यादा सीटें हैं. इसके बाद दूसरे नंबर पर कंजर्वेटिव पार्टी की सीटें आती हैं अब यहांदक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके भी मुख्य राजनीतिक धारा में आ रही है. पिछले साल हुए चुनाव में रनकॉर्न और हेल्स्बी सीट पर लेबर पार्टी को जीतमिली थी. लेबर पार्टी के सांसद माइक एम्सबरी ने नशे में एक मतदाता को मुक्का मार दिया था इसके बाद एम्सबरी को पद छोड़ना पड़ा था. इसकेचलते इस सीट पर दोबारा चुनाव हुए रिफॉर्म को इस सीट पर ब्रिटिश इतिहास में सबसे कम अंतर से मिली है इसे लेकर फरेज ने कहा कि राजनीति केलिए यह वास्तव में एक बहुत बड़ा क्षण है.रनकॉर्न सीट पर जीत के बाद रिफॉर्म यूके को हाउस ऑफ कॉमन्स में पांच सीटें मिल गई है. राष्ट्रीय चुनाव में मिले थे करीब 14 फीसदी वोटदरअसल पार्टी को पिछले साल राष्ट्रीय चुनाव में करीब 14 फीसदी वोट मिले थे. राष्ट्रीय सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अब रिफॉर्म यूके के पास लेबरऔर कंजर्वेटिव के बराबर या उससे अधिक समर्थन है. ऐसे में पार्टी अब 2029 तक होने वाले अगले राष्ट्रीय चुनाव से पहले देश की मुख्य पार्टी के रूपमें कंजर्वेटिव को हटाने को लेकर सोच सकती है.इंग्लैंड के कई इलाकों में गुरुवार को हुए स्थानीय चुनाव हुए इसके परिणाम शुक्रवार को जारी होंगे. मतगणना रुझानों के मुताबिक फरेज की पार्टी पूर्वी-मध्य इंग्लैंड के ग्रेटर लिंकनशायर में मेयर पद को जीतने की ओर बढ़ रही है. जबकि लेबर पार्टी नेतीन अन्य मेयर पदों को बरकरार रखा रिफॉर्म यूके को उम्मीद है कि चुनावों में सैकड़ों नगरपालिका सीटों पर उसकी जीत होगी. जिन स्थानीय सीटों परचुनाव हो रहे हैं उनमें से अधिकांश पर कंजर्वेटिव पार्टी का कब्जा है यदि पार्टी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा तो उनके नेता केमी बेडेनोच को विद्रोह कासामना करना पड़ सकता है.लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में राजनीति के प्रोफेसर टिम बेल ने कहा कि कंजर्वेटिव और रिफॉर्म ब्रिटेन की राजनीति केदक्षिणपंथी धड़े की आत्मा के लिए लड़ाई में हैं. फरेज का लोकलुभावन कट्टरपंथी दक्षिणपंथी विद्रोह लेबर पार्टी के लिए भी खतरा है। यह अप्रवासनको रोकने रोजगार सृजन और सरकारी अपव्यय को कम करने के वादों के साथ कामकाजी वर्ग के मतदाताओं को निशाना बना रहा है. जबकि लेबरपार्टी भी अधिक समृद्ध सामाजिक रूप से मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में अपनी सफलता को आगे बढ़ाने की आशा रखती है.
सनराइजर्स हैदराबाद उतरेंगी करो या मरो के मुकाबले पर, गिल की फिटनेस पर होंगी नजरें

गुजरात की टीम फिलहाल अंक तालिका में चौथे स्थान पर है उसके नौ मैचों में छह जीत और तीन हार के साथ 12 अंक है. वहीं सनराइजर्स ने भी नौमैच खेले हैं जिसमें से तीन जीते हैं और छह मैच गंवाए हैं. सनराइजर्स हैदराबाद का सामना शुक्रवार को गुजरात टाइटंस से होगा सनराइजर्स के लिएयह मुकाबला करो या मरो की तरह होगा क्योंकि एक और हार उसके प्लेऑफ के दरवाजे पूरी तरह से बंद कर देगी. वहीं गुजरात की कोशिश शीर्ष चारपर अपना दबदबा मजबूत करने की होगी. गुजरात का प्रदर्शन इस सीजन शानदार रहा है और उसकी कोशिश इस लय को बरकरार रखने पर टिकीहोंगी.गुजरात की टीम फिलहाल अंक तालिका में चौथे स्थान पर है उसके नौ मैचों में छह जीत और तीन हार के साथ 12 अंक है. वहीं सनराइजर्स ने भीनौ मैच खेले हैं जिसमें से तीन जीते हैं और छह मैच गंवाए हैं. सनराइजर्स की टीम तालिका पर नौवें स्थान परसनराइजर्स की टीम तालिका में फिलहाल नौवें स्थान पर है. अगर सनराइजर्स गुजरात के खिलाफ मुकाबला गंवा बैठती है तो उसका सफरआधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा.हैदराबाद की टीम काफी हद तक अपने शीर्ष बल्लेबाजों पर निर्भर है पिछले सीजन टीम शानदार फॉर्म में दिखीथी और इस सीजन भी उसने दो मैचों में पुरानी झलक दिखाई थी. सनराइजर्स के लिए चिंता की बात यह है कि वह अपनी निरंतरता बरकरार नहीं रखपा रही है और शीर्ष तीन बल्लेबाज अगर सस्ते में आउट हो रहे हैं तो उसका मध्यक्रम प्रभाव नहीं छोड़ पा रहा है.गुजरात टाइटंस के नियमित कप्तानशुभमन गिल पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव से उबर रहे हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह सनराइजर्स के खिलाफ उपलब्ध रहते हैं या नहीं. हालांकि गुजरात के क्रिकेट निदेशक विक्रम सोलंकी को उम्मीद है कि गिल जल्द इस चोट से उबर जाएंगे. हैदराबाद के खिलाफ आईपीएल मैच सेपहले नेट पर गिल की फिटनेस का सावधानीपूर्वक आकलन किया जाएगा. गिल 28 अप्रैल को जयपुर में राजस्थान रॉयल्स की पारी के दौरानफील्डिंग करने नहीं आए थे और उनकी जगह तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को उतारा गया था. राशिद खान उस मैच में कप्तान थे.
Congress Seeks Timeline for Caste Census, Demands Constitutional Amendment on Reservation Cap

The Congress party on Wednesday intensified its demand for a clear timeline for conducting the caste-based census, shortly after the union government signaled its intent to undertake the long-pending exercise. The party also called for urgent constitutional amendments to eliminate the 50 percent cap on reservations for Scheduled Castes (SC), Scheduled Tribes (ST), and Other […]
अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियों ने भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से की फोन पर बातचीत, जानें बातचीत के दौरान क्या कुछ कहा

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बुधवार को अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलगफोन पर बात की. उन्होंने दोनों देशों से पहलगाम हमले के बाद जारी तनाव को कम करने की अपील की. हालांकि इस दौरान रुबियो ने आंतकवाद केखिलाफ भारत के साथ सहयोग के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि भी की.अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के अनुसार विदेश मंत्रीरुबियो ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया. इस दौरान रुबियो ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथसहयोग के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। साथ ही पाकिस्तान से हमले की निंदा करने और जांच में सहयोग करने को कहा. इसकेअलावा, रुबियो ने भारत से अपील की कि वह तनाव कम करने के साथ ही दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पाकिस्तान केसाथ मिलकर काम करे. भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा तनावरुबियो ने यही बात पाकिस्तानी पीएम शरीफ से भी कही.बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों कीजान चली गई थी. हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. इसके बाद से दोनों देशों ने व्यापार सिंधु जल संधि और शिमलासमझौते जैसे कई समझौतों को निलंबित कर दिया है.संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ औरभारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. गुटेरेस ने पहलगाम आतंकी हमले में न्याय और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया. इस दौरानउन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों पर चिंता व्यक्त की गुटेरेस ने चेतावनी दी कि अगर दोनों देशों के बीच कोई भी टकराव हुआ तो उसकेभयावह परिणाम हो सकते हैं. भारत और पाकिस्तान के नेताओं से की बातचीतUN महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने भारत-पाकिस्तान के नेताओं से फोन पर बात की और उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. महासचिव ने इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही तय करने के महत्व परजोर दिया. इस दौरान गुटेरेस ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव पर भी चिंता व्यक्त की दुजारिक ने कहा कि महासचिव ने तनाव कम करने के किसी भीप्रयास में अपने अच्छे अधिकारियों को सहयोग देने की पेशकश की.उधर, अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सेक्षेत्रीय हालात पर चर्चा की. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शहबाज शरीफ ने रुबियो को पाकिस्तान की स्थिति से अवगतकराया साथ ही भारत पर क्षेत्रीय तनाव को उकसाने का आरोप लगाया.बातचीत में पाकिस्तान ने अपनी चिंताएं और रुख स्पष्ट रूप से अमेरिकी पक्ष केसामने रखा.