लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला ‘फुले’ फिल्म का रिव्यू ले रहे पत्रकार पर PVR कर्मियों ने की मारपीट, साथी को भी बनाया बंधक

Prayagraj Latest News: प्रयागराज में 29 अप्रैल को “फुले” फिल्म का दर्शकों से रिव्यू लेने पहुंचे पत्रकार के साथ PVR के कर्मियों द्वारामारपीट करने का मामला सामने आया है. इसको लेकर दलित पत्रकार ने आरोप लगाया कि फिल्म लगने के बावजूद फिल्म से सम्बंधित पोस्टर वउसके विज्ञापन पीवीआर में नहीं दिख रहे थे. इसके अलावा फिल्म देखने आए दर्शकों से जब बात करने की कोशिश की तो PVR में मौजूदकर्मचारियों और बाउंसरों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी.आगे पत्रकार ने बताया कि मैं उत्सुकता से वह वहां आने वाले दर्शकों से बात कर रहे थेतभी PVR के कर्मचारी उन्हें रोकने लगते हैं.लेकिन लोगों का ओपिनियन लेना नहीं बंद करने पर वह पत्रकार के साथ मारपीट पर उतारू हो गए. उन्होनें कहा कि मैं यहां फुले मूवी का रिव्यू लेने आया था.जो लोग फिल्म देखकर लौट रहे थे उनसे मैं बातचीत कर रहा था. फिल्म का रिव्यू ले ही रहा था कि अचानक मुझे रोक दिया गया.हम दो लोग वहां थे एक मैं और एक मेरा साथी जब PVR कर्मियों ने मेरे साथी को पकड़ लिया तो मैं चिल्लाने लगा कि तुम लोग क्यों उसे पकड़ रहे हो जब मैंने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो […]
दुनिया के सामने आतंक की पोल खोल रहा पाकिस्तान,पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार बोले UNSC के बयान से TRF का नाम हमने हटवाया

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान खुद आतंकवादी संगठनों के साथ अपने साठगांठ की पोल दुनिया के सामने खोल रहा है. पाकिस्तानीविदेश मंत्री इशाक डार ने सीनेट में दिए गए बयान में कहा कि यह पाकिस्तान का दबाव ही था कि लश्कर-ए-ताइबा के मुखौटा संगठन संगठन दरेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का नाम पहलगाम आतंकी हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के बयान से हटाया गया. टीआरएफ ने हीपहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी हालांकि बाद में अपने बयान से मुकर भी गया था.पाकिस्तान मौजूदा समय में सुरक्षा परिषद काअस्थायी सदस्य है सुरक्षा परिषद के निंदा प्रस्ताव के लिए सभी सदस्यों की सहमति जरूरी है डार ने बताया कि अमेरिका ने पहलगाम हमले की निंदाकरने के लिए प्रस्ताव रखा था. जब उन्हें प्रस्ताव की प्रति मिली तो उस पर पहलगाम लिखा था और हमले के लिए द रेजिस्टेंस फ्रंट का नाम लियागया था. उन्होंने कहा कि हमने इस पर विरोध जताया और कहा कि पाकिस्तान तब तक इस पर हस्ताक्षर नहीं करेगा जब तक पहलगाम के साथ जम्मू-कश्मीर का भी जिक्र नहीं किया जाता और टीआरएफ का नाम हटाया नहीं जाता. डार ने कहा कि उन्होंने 2 दिन तक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए. उन्हें दुनियाभर के नेता यह कहते रहे कि निंदा प्रस्ताव न आने से पाकिस्तान के ऊपर आरोप आएगा.पाकिस्तान के प्रस्ताव में आया बदलावइसके बावजूद वह अपने दावे पर अड़े रहे आखिरकार पाकिस्तान के दबाव में प्रस्ताव में बदलाव किया गया और फिर यूएनएससी ने 25 अप्रैल कोबयान जारी किया लेकिन बयान में टीआरएफ का जिक्र नहीं किया गया था.इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आतंकियों कोसमर्थन और प्रशिक्षण देने की बात कबूल की थी. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा था कि पिछले तीन दशक से पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थनऔर प्रशिक्षण दे रहा है। हालांकि उन्होंने इसका दोष अमेरिका और पश्चिमी देशों पर मढ़ दिया. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हम तीन दशकोंसे अमेरिका और ब्रिटेन सहित पश्चिम के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं. यह एक गलती थी और पाकिस्तान को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. अगरहम सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं होते और 9/11 के हमले नहीं होते तो पाकिस्तान का रिकॉर्ड बेदाग होता.गौरतलब है कि बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित लश्कर ए तैयबा के संगठन टीआरएफ के आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की गोलीमारकर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल समझौता स्थगित कर दिया. साथ ही भारत ने इस घटनाके मद्देनजर पाकिस्तान पर एक के बाद राजनयिक और कूटनीतिक कार्रवाई जारी रखी हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जाएंगें दो तीन दौरे पर, 68,000 करोड़ की परियोजनोओं की देंगें सौगात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज से तीन राज्यों के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे इस दौरे के क्रम में वे महाराष्ट्र, केरल और आंध्र प्रदेश जाएंगे. वे 1 मई को मुंबईजाएंगे और सुबह करीब 10:30 बजे विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन (WAVES) का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद वह केरलजाएंगे और 2 मई को सुबह करीब 10:30 बजे विझिनजाम इंटरनेशनल डीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इस अवसर पर वहउपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह आंध्र प्रदेश जाएंगे और दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अमरावती में 58,000 करोड़ रुपयेसे अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह एक सार्वजनिक समारोह को भीसंबोधित करेंगे.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को मुंबई में ‘विश्व दृश्य-श्रव्य एवं मनोरंजन शिखर सम्मेलन’ (वेव्स) का उद्घाट्न करने के साथ ही यहांजुटे एक हजार से अधिक क्रिएटर्स का उत्साह बढ़ाएंगे. वेव्स 2025 चार दिवसीय कार्यक्रम मीडिया और मनोरंजन जगत को साथ लाएगा. वेव्स2025 की टैगलाइन है ‘कनेक्टिंग क्रिएटर्स, कनेक्टिंग कंट्रीज’ । इसमें 90 से अधिक देशों की भागीदारी होगी. दुनियाभर के रचनाकारों से करेंगें बातजिसमें 10,000 से अधिक प्रतिनिधि, 1,000 क्रिएटर्स, 300 से अधिक कंपनियां और 350 से अधिक स्टार्टअप शामिल होंगे. प्रधानमंत्री‘क्रिएटोस्फियर’ सत्र में दुनियाभर के युवा रचनाकारों से भी बातचीत करेंगे. जिन्होंने 31 अलग-अलग ‘क्रिएट इन इंडिया’ चुनौतियों में भाग लिया है. मोदी विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान करेंगे.वहीं, प्रधानमंत्री मोदी केरल में 8,900 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विझिनजाम इंटरनेशनलडीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट राष्ट्र को समर्पित करेंगे. यह देश का पहला समर्पित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह है जो विकसित भारत के एकीकृतदृष्टिकोण के तहत भारत के समुद्री क्षेत्र में किए जा रहे परिवर्तनकारी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है. यह वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति कोमजबूत करने रसद दक्षता को बढ़ाने और कार्गो ट्रांसशिपमेंट के लिए विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता को कम करने में योगदान देगा.पीएम मोदी अमरावतीमें 58,000 करोड़ की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश में 7 राष्ट्रीय राजमार्गपरियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे.विभिन्न मार्गों का होगा चौड़ीकरणइन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न खंडों का चौड़ीकरण, सड़क ओवर ब्रिज और सबवे का निर्माण आदि शामिल हैं. साथ ही प्रधानमंत्रीमोदी राष्ट्र को रेलवे परियोजनाएं भी समर्पित करेंगे जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी और क्षमता को बढ़ाना है. इन परियोजनाओं में बुग्गनपल्ले सीमेंट नगरऔर पन्यम स्टेशनों के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण, रायलसीमा और अमरावती के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना और न्यू वेस्ट ब्लॉक हट केबिन औरविजयवाड़ा स्टेशनों के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण शामिल है.वहीं पीएम आंध्र प्रदेश के नागयालंका में करीब 1,460 करोड़ रुपये की लागतवाली मिसाइल परीक्षण रेंज की आधारशिला भी रखेंगे. इसमें एक प्रक्षेपण केंद्र, तकनीकी उपकरण सुविधाएं, स्वदेशी रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम शामिल होंगे जो देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाएंगे.
पाकिस्तान के नेटवर्क का हमेशा होता रहा खुलासा,इस सरजमीं पर अभी भी है आतंक के स्कूल

पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद को प्रायोजित करने, आतंकियों को पनाह देने और उन्हें दुनियाभर में भेजने में पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्डफिर से दुनिया के सामने आ गया है. दशकों से पाकिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल सीमापार आतंकवाद, चरमपंथी विचारधारा के लिए लॉन्चपैड केलिए किया जाता रहा है. कश्मीर से काबुल, मॉस्को से लंदन तक आतंकी हमलों में पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क का खुलासा होता रहा है. भारत कीओर तैयार किए डोजियर में दुनियाभर की आतंकी हमलों का जिक्र किया गया है. इसमें पाकिस्तानी नेताओं के बयानों को भी शामिल किया गयाहै.2018 में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संकेतों में कहा था कि 2008 के मुंबई हमलों में पाकिस्तान सरकार की भी भूमिका होसकती है. लश्कर-ए-ताइबा के आतंकियों की ओर से अंजाम दिए गए इस हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया था. अजमल कसाब जिंदा नपकड़ा जाता तो शायद पाकिस्तान इसे भी झुठला देता पूर्व पाकिस्तानी सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने भी स्वीकार किया था कि सेना ने जम्मू-कश्मीर मेंभारत से लड़ने के लिए आतंकवादी समूहों को प्रशिक्षण दिया. उन्होंने माना था कि सरकार ने जानबूझकर इसकी अनदेखी की ताकि भारत को वार्ता केलिए मजबूर किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर मुद्दा उठाया जा सके.पाकिस्तान करता है आतंकवाद का समर्थनअभी हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने माना कि देश ने तीन दशकों से अधिक समय तक आतंकवादी समूहों का समर्थनकिया. जिसे उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व वाले विदेश नीति निर्णयों से जुड़ी एक गलती बताया.अफगानिस्तान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसीआईएसआई अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क को वित्तीय सहायता प्रशिक्षण और सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करती रही है. इन समूहों ने अफगाननागरिकों, सरकारी संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय बलों पर कई घातक हमले किए हैं. इनमें 2008 में काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर हमला और 2011 में अमेरिकी दूतावास पर हमला शामिल हैं. वरिष्ठ पत्रकार कार्लोटा गॉल ने अपनी किताब में लिखा कि दूतावास पर बमबारी आईएसआई एजेंट कीकार्रवाई नहीं थी. बल्कि यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अनुमोदित और नियंत्रित की गई कार्रवाई थी. पाकिस्तान का संबंध आया सामनेरूस की राजधानी मॉस्को में 2024 में हुए कॉन्सर्ट हॅाल हमले की जांच में भी पाकिस्तान का संबंध सामने आया है. रूसी अधिकारियों ने मास्टरमाइंडकी पहचान ताजिक नागरिक के रूप में की और उसके पाकिस्तानी नेटवर्क से संभावित जुड़ाव की जांच कर रहे हैं. शुरुआती जांच के अनुसार हमलावरोंको रसद या वैचारिक समर्थन पाकिस्तान से मिलने की बात कही जा रही है.पाकिस्तान स्थित सुन्नी आतंकी संगठन जैश-उल-अदल ने कई बार ईरानीसुरक्षाबलों पर हमला किया है. 16 जनवरी 2024 को ईरान ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में ड्रोन और मिसाइल हमले किए. उसका निशानाजैश-उल-अदल के ठिकाने थे। ईरान अकसर पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वह इन सुन्नी आतंकियों को शरण देता है और उनके खिलाफकार्रवाई नहीं करता.
ભારત પાકિસ્તાન તણાવ વચ્ચે વડાપ્રધાન નરેન્દ્રમોદી ના નિવા સ્થાને બેઠક, સૈન્ય ને ટાર્ગેટ નક્કી કરીને જવાબ આપવાની છૂટ.

પહેલગામમાં 22 એપ્રિલે થયેલા આતંકવાદી હુમલા બાદ આજે (બુધવાર, 30 એપ્રિલ) કેન્દ્રીય મંત્રીમંડળની પહેલી બેઠક યોજાશે. પહેલગામ આતંકવાદી હુમલામાં 26 લોકો માર્યા ગયા હતા, જેમાં મોટાભાગના પ્રવાસીઓ હતા. આજે સવારે 11 વાગ્યે પ્રધાનમંત્રી નરેન્દ્રમોદીની અધ્યક્ષતામાં એક બેઠક બોલાવવામાં આવી છે. આ સાથે, આજે સુરક્ષા બાબતો સમિતિ CCS ની બેઠક પણ યોજાશે.પીએમ મોદીએ સેનાને આપી ખુલ્લી છૂટ ગઈકાલે એટલે કે મંગળવારે (29 એપ્રિલ) વડા પ્રધાન નરેન્દ્ર મોદીએ એક ઉચ્ચ-સ્તરીય બેઠકની અધ્યક્ષતા કરી. તેમણે આતંકવાદ સામે’જોરદાર પ્રહાર’ કરવા માટે સેનાને ખુલ્લી છૂટ આપી દીધી છે. આ બેઠકમાં રક્ષા મંત્રી રાજનાથ સિંહ, રાષ્ટ્રીય સુરક્ષા સલાહકાર અજિતડોભાલ, ચીફ ઓફ ડિફેન્સ સ્ટાફ જનરલ અનિલ ચૌહાણ તેમજ સેના, નૌકાદળ અને વાયુસેનાના વડાઓ પણ હાજર રહ્યા હતા.
Deven Bharti Appointed as New Mumbai Police Commissioner, A Look at His Journey

In a major administrative move, the Maharashtra government has appointed 1994-batch IPS officer Deven Bharti as the new Commissioner of Mumbai Police. Bharti, who previously served as the Special Commissioner of Police, replaces Vivek Phansalkar, who retired on April 30 after completing his three-year tenure. A Trusted Aide of CM FadnavisKnown for his sharp administrative […]
आज अक्षय तृतीया के शुभ अवसर से होगी चारधाम यात्रा की शुरुआत,खुलेंगें गंगोत्री और युमुनोत्री के कपाट

आज अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा. मां गंगा की भोगमूर्तिविग्रह डोली मुखबा गांव से मंगलवार पूर्वाह्न 11:57 बजे अभिजीत मुहूर्त में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई. मां गंगा की विग्रह डोली रात को भैरो घाटीमें विश्राम करेगी. बुधवार सुबह अक्षय तृतीया पर मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी जहां विधिविधान के साथ सुबह 10:30 बजे मंदिर के कपाटखोल दिए जाएंगे. वहीं यमुनोत्री धाम में मां यमुना के आगमन और मां यमुना के मायके खरसाली गांव में यमुना जी की विदाई की तैयारियां जोरों परहैं. अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर मां यमुना की डोली सुबह 8:30 बजे शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी औरधाम में पहुंचकर स्नान आदि के बाद 11.55 पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे.चारधाम यात्रा मार्ग को 15 सुपर जोन, 41 जोनऔर 217 सेक्टरों में बांटा गया है पुलिस ने यात्रा मार्ग पर इस बार कुल 624 सीसीटीवी कैमरों को भी सक्रिय किया है. यात्रा मार्ग पर नौ एएसपी औरडीएसपी स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं. अर्द्धसैनिक बलों की गई मांगइसके साथ ही इस साल पहली बार 10 कंपनी अर्द्धसैनिक बलों की मांग भी केंद्र सरकार से की गई है सबसे महत्वपूर्ण यातायात प्लान को लेकर बारबड़ी तैयारियों का दावा किया गया है. इस साल पहले से ही प्लान ए बी और सी के आधार पर यातायात प्रबंधन किया जाएगा. इसके तहत विभिन्नमार्गों पर भीड़ और अत्यधिक भीड़ होने पर वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित किया गया है. इन पर अधिकारियों और कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है. केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, गौरीकुंड, भीमबली, लिचौंली और रुद्र प्वाइंट में पांच प्रीपेड बुकिंग काउंटर बनाए गए हैं. इसी तरह यमुनोत्री के लिएजानकीचट्टी में जिला पंचायत की ओर से प्रीपेड काउंटर स्थापित किया गया है यमुनोत्री के लिए घोड़े -खच्चर संचालकों को नंबर युक्त जैकेट प्रदानकी जा रही है और एक दिन में केवल एक ही बार धाम तक आवागमन की अनुमति होगी.श्रद्धालुओं की यात्रा, सुखद और आरामदायक हो. इसके लिए सड़क परिवहन से लेकर हेली और घोड़े खच्चरों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. पशुपालन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं पूरी तरह स्वस्थ घोड़े खच्चरों को ही यात्रा में भेजा जाए साथ ही यात्रा मार्ग पर भी घोड़े खच्चरों कास्वास्थ्य परीक्षण किया जाए.
भारत बना रहा सैन्य कार्यवाही की योजना, पाकिस्तान का डर से हुआ बुरा हाल

पाकिस्तान ने बुधवार को दावा किया कि उसके पास “विश्वसनीय खुफिया जानकारी” है कि भारत अगले 24-36 घंटों में उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाईकी योजना बना रहा है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार का यह बयान पीएम मोदी द्वारा शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक के बादआया है. इस बैठक में पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता पर भरोसा जताया और कहा कि उन्हें कार्रवाई के तरीके लक्ष्य और समय तय करनेकी पूरी छूट दी गई है.जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि भारत सरकार पहलगाम में हाल ही में हुएआतंकवादी हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता के बारे में निराधार आरोपों के आधार पर पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की तैयारी कर रहीहै. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का शिकार रहा है और उसने हमेशा इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की है. मंत्रियों की हुई बैठकउन्होंने कहा कि इस्लामाबाद ने विशेषज्ञों के एक तटस्थ आयोग द्वारा “विश्वसनीय, पारदर्शी और स्वतंत्र” जांच की पेशकश की है.जिससे पहलगाम हमले की हकीकत का पता लगाया जा सके.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी इस बैठक का हिस्सा थे. बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली. सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवादपर करारी चोट करना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है. पीएम मोदी ने सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं पर पूरा विश्वास और भरोसा जताया. प्रधानमंत्री ने कहाउन्हें (सशस्त्र बलों को) हमारी प्रतिक्रिया के तरीके लक्ष्य और समय तय करने की पूरी स्वतंत्रता है. भारत-पाकिस्तान का तनाव चरम सीमा परबीते सप्ताह पहलगाम में आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. इस हमले के बाद पीएम मोदी ने कहा था किभारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों की पहचान कर उनका पता लगाकर उन्हें दंडित करेगा. पीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए यह भी कहाथा कि भारत पृथ्वी के आखिरी छोर तक आतंकियों को खदेड़ देगा. इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक हमले को तेज करदिए है.हमले के अगले दिन कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक भी हुई थी. इस बैठक में बताया गया कि इस आतंकी हमले के तार सीमा पारसे जुड़े हुए हैं साथ ही यह भी कहा गया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं और राज्य धीरे-धीरेआर्थिक प्रगति की ओर बढ़ रहा है.
दिसंबर से गैर कश्मीरियों को बना रहे थे आतंकी निशाना, आतंकियों की हमला करने की बहुत पहले से थी साजिश “जानें क्या है मामला”

खुफिया एजेंसियों की जांच के दौरान पहलगाम हमले में दो पाकिस्तानी आतंकियों हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान और अली भाई के शामिल होने कीजानकारी सामने आई है. इनमें से हाशिम मूसा पाकिस्तानी फौज की स्पेशल फोर्स का पैरा कमांडो रहा है और अब प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा का सदस्य है. वह पिछले साल अक्तूबर में गंदरबल और बारामूला हमले में भी शामिल था. खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि वहदिसंबर से कश्मीर में गैर-कश्मीरियों पर किसी बड़े हमले की फिराक में था. हमलावरों में शामिल हाशिम मूसा का कनेक्शन सीधे तौर पर पाकिस्तानीसुरक्षा बलों से रहा है. पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) ने पैरा-कमांडो रहे मूसा को भारत पर हमले में मदद करने के इरादे से हीलश्कर में शामिल कराया था. हाशिम मूसा अक्तूबर 2024 में गांदरबल के गगनगिर और बारामूला के बूटा पथरी में हुए आतंकी हमलों में भी हाशिममूसा शामिल रहा है. दहशतगर्दों ने बनाया था निशानागगनगिर में छह गैर-स्थानीय लोग और एक डॉक्टर दहशतगर्दों का निशाना बने थे और बूटा पथरी में दो भारतीय सैन्यकर्मी बलिदान हो गए और दोपोर्टर को भी अपनी जान गंवानी पड़ी थी. इन घटनाओं में पाकिस्तान में प्रशिक्षित दो स्थानीय आतंकियों जुनैद अहमद और अरबाज मीर का नाम सामनेआया था जिन्हें नवंबर और दिसंबर 2024 में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया था. इसके बाद से ही मूसा कश्मीर घाटी में बड़े हमलेकी तैयारी में जुट गया था.मूसा के पाकिस्तानी सेना से जुड़े होने की जानकारी पहलगाम हमले के बाद हिरासत में लिए गए संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स(ओजीडब्ल्यू) यानी आतंकियों के स्थानीय सहयोगियों से पूछताछ के दौरान सामने आई है। इस तथ्य ने एक बार फिर पाकिस्तान का नापाक चेहराउजागर कर दिया है. इन्हीं कश्मीरी ओवरग्राउंड वर्कर्स ने उन आतंकियों की रसद की व्यवस्था करके और टोही में मदद की थी पहलगाम आतंकी हमलेमें आईएसआई की भूमिका के साथ-साथ कश्मीर में पहले हुए कई हमलों में भी मूसा की भूमिका रही है. कश्मीर में पहले का आतंकी हमलाकश्मीर में अक्टूबर 2024 में गांदरबल के गागनगीर में हुए हमले में शामिल था. इसमें छह गैर-स्थानीय लोग और एक डॉक्टर मारे गए थे इसके अलावाबारामूला के बुटा पथरी में हुए हमले में दो सेना के जवान और दो सेना के पोर्टर मारे गए थे इस हमले में मूसा की भूमिका रही है.भारतीय सुरक्षाएजेंसियों का मानना है कि मूसा का सैन्य अतीत पहलगाम हमले में पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की संलिप्तता का स्पष्ट सबूत है. यह पहलामौका नहीं जब किसी पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो की इस तरह की घटना में संलिप्तता सामने आई है. एसएसजी पैरा-कमांडो को गैर-परंपरागत युद्धका कड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है. उन्हें ऐसे हमलों के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार किया जाता है और ये अत्याधुनिक हथियार चलाने मेंभी सक्षम होते हैं.मूसा तीनों हमलों में एक आम अपराधी के रूप में उभरा है पाकिस्तान में प्रशिक्षित दो अन्य स्थानीय आतंकवादी जुनैद अहमद भट औरअरबाज मीर भी गगनगीर और बूटा पथरी हमलों में शामिल थे. लेकिन नवंबर और दिसंबर 2024 में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में उन्हेंमार गिराया गया था. इन दोनों आतंकियों को मारे जाने से बाद से मूसा कश्मीर में बाहरी लोगों को निशाना बनाने के आतंकी मिशन को आगे बढ़ाने काकाम कर रहा है.
पहलगाम हमले को लेकर UNSC में हो सकती है चर्चा, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की नौ देशों के विदेश मंत्रियों से खास बातचीत

पहलगाम हमले को लेकर दुनियाभर से भारत को मिल रहे समर्थन के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को नौ घंटे में नौ देशों के विदेशमंत्रियों के साथ फोन पर बात की. विदेश मंत्री ने उन्हें आतंकवाद के प्रति भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति से अवगत कराया.जयशंकर कीअल्जीरिया, ग्रीस, गुयाना, पनामा, स्लोवानिया, सिएरा लियोन और सोमालिया के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बातचीत ऐसे समय पर हुई. जबयूएनएससी ने 25 अप्रैल को एक बयान जारी करके पहलगाम हमले की कड़ी आलोचना की थी हालांकि इस बयान को पर्याप्त नहीं माना गया. समझा जाता कि सुरक्षा परिषद में एक बार फिर पहलगाम हमले के मुद्दे पर चर्चा की जा सकती है.विदेश मंत्री ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट मेंबताया कि गुयाना के विदेश मंत्री ह्यूग हिल्टन टॉड, स्लोवानियाई विदेश मंत्री तंजा फाजोन, सियरा लियोन के विदेश मंत्री टिम कब्बा और पनामा केविदेश मंत्री जेवियर मार्टिनेट के साथ फोन पर बातचीत हुई. इस दौरान आतंकवाद से सख्ती से निपटने की जरूरत पर बात हुई उन्होंने हमले कीआलोचना करने और भारत के साथ एकजुटता दिखाने के लिए उनका आभार भी जताया.जयशंकर ने बताया कि अल्जीरियाई विदेश मंत्री अहमदअत्ताफ के साथ द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने पर भी चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि भारत जल्द ही उनका स्वागत करने के लिए तत्पर है. जॉर्ज गेरापेट्राइटिस से हुई फोन पर बातचीतदरअसल इससे पहले उनकी ग्रीस के अपने समकक्ष जॉर्ज गेरापेट्राइटिस से भी फोन पर बात हुई. इन सात देशों के अलावा डेनमार्क पाकिस्तान औरकोरिया गणराज्य यूएनएससी के अस्थायी सदस्य है.वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि कानूनी तरीकों से इन हमलों के लिए जवाबदेही सुनिश्चितकरना जरूरी है उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई.गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मंगलवार को नियमितसंवाददाता सम्मेलन में कहा मैं आज सुबह महासचिव की कुछ फोन कॉल की जानकारी देना चाहता हूं. गुटेरेस ने विदेश मंत्री जयशंकर और पाकिस्तानके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग फोन पर बात की. महासचिव ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की दोबारा कड़ीनिंदा की. उन्होंने कहा कि इन हमलों के लिए कानूनी तरीकों से न्याय और जवाबदेही तय की जानी चाहिए. भारत और पाकिस्तान के बढ़ते तनाव को लेकर जताई चिंताउन्होंने कहा गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई और जोर दिया कि किसी भी तरह के टकराव की स्थिति सेबचना जरूरी है. क्योंकि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। जारिक ने कहा महासचिव ने तनाव कम करने के किसी भी प्रयास में मदद देने की इच्छाजताई.गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. इस घटना में पाकिस्तान काहाथ होने की बात सामने आई है. भारत ने कुल चार आतंकियों में से दो के पाकिस्तानी होने का खुलासा किया है. भारत ने इस घटना के मद्देनजरपाकिस्तान पर एक के बाद एक कार्रवाई जारी रखी है और सिंधु जल समझौता तोड़ने के बाद सोमवार को पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स से जुड़ी सामग्रीको भी बैन करने का फैसला किया है.