બાબાસાહેબનાજન્મદિવસેજંબુસરનાઉચ્છદગામમાંમહારેલીનુંઆયોજનકરવામાંઆવ્યું.

બાબા સાહેબ જે સંવિધાન ના રચયિતા અને મહા માનવ, નારી મુક્તિ દાતા, મહાન સમાજ સુધારક , વિશ્વ વિભૂતિ, સિમ્બોલ ઑફ નોલેજ, ભારત રત્ન, આધુનિક ભારત ના શિલ્પી, ની 134 મી જન્મ જયંતિ ની સલામી યાત્રા ઉચ્છદ ગામ ખાતે શાંતિ પૂર્ણ માહોલ માં કરવામાંઆવી.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने बाबासाहेब अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि, संविधान की रक्षा का किया आह्वान

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज संविधान निर्माता, भारत के पहले कानून मंत्री और सामाजिक न्याय केप्रतीक ‘भारत रत्न’ डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब का जीवन संघर्ष, न्याय और समता केलिए समर्पित था, और आज उनके द्वारा रचित संविधान पर आए संकट के समय में हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम उसके मूल्यों की रक्षा करें। प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने संदेश में कहा, “बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर के अथक प्रयासों और दूरदर्शिता के कारण ही हमें एक ऐसा संविधान प्राप्त हुआजिसने हर भारतीय को समान अधिकार, सामाजिक न्याय, बंधुत्व और स्वतंत्रता की गारंटी दी। यह संविधान हर नागरिक का सुरक्षा कवच है जो उसेकिसी भी प्रकार के भेदभाव और अन्याय से संरक्षण प्रदान करता है।” उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आज देश में संविधान की मूल भावना को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं। “सत्ता के दुरुपयोग से संविधान के सिद्धांतों कोकुचला जा रहा है। सामाजिक न्याय की अवधारणा को दरकिनार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। यह स्थितिदेश के लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है,” उन्होंने कहा। प्रियंका गांधी वाड्रा ने आह्वान किया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा रचित संविधान कीमूल आत्मा को बनाए रखने और उसके सिद्धांतों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे। “आज जब समाज में विभाजन और असमानता को बढ़ावादेने वाली ताकतें सक्रिय हैं, ऐसे में हम सभी भारतीयों को एकजुट होकर संविधान की रक्षा के लिए खड़ा होना होगा। यही बाबासाहेब को सच्चीश्रद्धांजलि होगी,” उन्होंने कहा। डॉ. अंबेडकर की जयंती देशभर में सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस अवसर पर कई स्थानों परकार्यक्रम आयोजित कर उनके योगदान को याद किया और संविधान की रक्षा का संकल्प लिया।
आम आदमी पार्टी ने बिजली संकट पर भाजपा सरकार को घेरा, नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने विश्वास नगर में किया दौरा

भाजपा की डबल इंजन सरकार राजधानी को अंधेरे में धकेल रही है – आतिशीदिल्ली में बढ़ती बिजली कटौती को लेकर आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष आतिशी नेविश्वास नगर विधानसभा के मधु विहार क्षेत्र का दौरा कर वहां के नागरिकों से मुलाकात की और बिजली संकट के कारण हो रही परेशानियों को लेकरबातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कभी 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति वाला दिल्ली शहर अब भाजपा की डबल इंजन सरकार में घंटों बिजलीकटौती का शिकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का दावा है कि बिजली संकट नहीं है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करतीहै। लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी प्रभावित, व्यापार और पढ़ाई पर असरनेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बताया कि विश्वास नगर के कई इलाकों में लगातार बिजली की आवाजाही हो रही है, जिससे दुकानों का कामकाज प्रभावितहो रहा है और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भीषण गर्मी में बिजली न होने से बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसेज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। जनता का फूटा ग़ुस्सा, उठाए सवाल – “क्या ऐसे दिन दिखाने के लिए वोट दिया था?”स्थानीय नागरिकों ने अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि पहले जहां शायद ही कभी बिजली जाती थी, अब दिन में कई बार कटौती हो रही है।एक दुकानदार ने बताया कि बिजली न होने के कारण उनका काम पूरी तरह रुक जाता है, जिससे परिवार पालना मुश्किल हो गया है। लोगों ने कहाकि भाजपा ने व्यवस्थाएं सुधारने के बजाय उन्हें बिगाड़ दिया है। फिर से इन्वर्टर खरीदने को मजबूर हुए लोगस्थानीय निवासियों ने बताया कि ‘आप’ सरकार के समय जब बिजली कटौती लगभग समाप्त हो गई थी, तब उन्होंने अपने घरों से इन्वर्टर हटा दिए थे।लेकिन अब बिजली की लगातार कटौती के कारण उन्हें दोबारा इन्वर्टर खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असरबिजली संकट का सबसे बड़ा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। अभिभावकों ने आतिशी को बताया कि अंधेरे और गर्मी में बच्चे न तो ठीक से पढ़पा रहे हैं, न ही उनका मन लग रहा है। इससे उनकी पढ़ाई का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। भीषण गर्मी में हालात और बिगड़ने की आशंकानेता प्रतिपक्ष ने चिंता जताई कि अभी तो गर्मियों की शुरुआत है, लेकिन अगर यही हालात रहे तो मई-जून में स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंनेकहा कि भाजपा सरकार को लोगों की परेशानियों को गंभीरता से लेना चाहिए और दिल्लीवासियों को फिर से स्थायी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनीचाहिए।
केजरीवाल सरकार ने डॉ. अम्बेडकर के नाम पर केवल राजनीति की, योजनाएं रह गईं अधूरी बोले वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि पिछले 78 वर्षों में यदि किसी सरकार ने डॉ. अम्बेडकर के विचारों और उनके सपनों की सबसे अधिक अवहेलना की है, तो वह अरविंदकेजरीवाल की सरकार है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सचिवालय के कमरों में डॉ. अम्बेडकर की तस्वीरें लगाकर उनकी विरासत को सम्मान देने कादिखावा किया गया, लेकिन उनके आदर्शों पर आधारित योजनाओं को ज़मीन पर उतारने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपने दस वर्षों के शासन में दलितों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए बनाई गईशैक्षणिक योजनाओं को लागू करने में पूरी तरह से लापरवाही बरती। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच दलित बस्तियों के विकासके लिए 260 करोड़ रुपये का बजट तो स्वीकृत किया गया, लेकिन केवल 121 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। इसी दौरान, उन्होंने आरोप लगाया किकेजरीवाल सरकार ने लगभग इतना ही बजट सचिवालय में मंत्रियों के कार्यालयों की साज-सज्जा पर खर्च कर दिया। उन्होंने बताया कि तीन प्रमुख योजनाएं—जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना (अनुसूचित जाति छात्रों के लिए), जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभाविकास योजना (अल्पसंख्यक, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए) और मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रतिभा योजना—के लिए कुल 891 करोड़रुपये का बजट आवंटित किया गया था, लेकिन इन योजनाओं पर महज 40.80 करोड़ रुपये यानी कुल बजट का केवल 5% ही खर्च किया गया। सचदेवा ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि बाबा साहेब केनाम पर बनी इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद वर्गों तक क्यों नहीं पहुंच पाया, और क्यों शैक्षणिक उत्थान की दिशा में घोषित राशि का अधिकांशहिस्सा खर्च नहीं किया गया।
वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल चपेट में, भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने लिखा गृह मंत्री को पत्र लिखा कहा “हालात बेहदचिंताजनक”

वक्फ कानून के विरोध में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते पश्चिम बंगाल हिंसा की चपेट में है. इस बीच भाजपा सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहको पत्र लिखकर बंगाल के सीमावर्ती जिलों में अफस्पा कानून लागू करने की मांग कर दी है. भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने यह मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि बंगाल के सीमावर्ती जिलों को अफस्पा कानून के तहत अशांत इलाके घोषित कर देना चाहिए क्योंकि इन जिलों में हिंदुओंपर बार-बार हमले हो रहे हैं.पश्चिम बंगाल की पुरुलिया लोकसभा सीट से सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने गृह मंत्री को भेजे पत्र में लिखा कि ‘बंगाल केकई जिलों में, खासकर मुर्शिदाबाद में हालात बेहद चिंताजनक हैं. कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है. तुष्टिकरण की राजनीति के चलते टीएमसी सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है सांसद ने दावा किया कि ‘मुर्शिदाबाद जिले में ही हिंदू समुदाय की 86 से ज्यादा दुकानों और मकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ हुई है. ऐसी ही घटनाएं माल्दा, नादिया और दक्षिण 24 परगना में हुई हैं.बार-बार हो रहे है सांप्रदायिक दंगेयहां बार-बार सांप्रदायिक दंगे हो रहे हैं विपक्षी नेताओं को हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने नहीं दिया जा रहा. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने दखल दियाहै और उसके बाद हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती हो सकी है. इससे राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति का सहज अंदाजा लगायाजा सकता है.सांसद ने लिखा कि ‘बंगाली हिंदू वैसा ही डर और हिंसा झेल रहे हैं जैसी 1990 में कश्मीरी पंडितों ने झेली थी. अगर हमने अभी कदमनहीं उठाए तो इतिहास फिर से दोहराया जा सकता है लेकिन इस बार ये घाटी में नहीं बल्कि बंगाल में होगा. सांसद ने राज्य के सीमावर्ती जिलोंखासकर मुर्शिदाबाद, माल्दा, नादिया और दक्षिण 24 परगना में अफस्पा कानून 1958 को लागू करने की मांग की.AFSPA कानून के तहत सशस्त्रबलों की अशांत क्षेत्रों में तैनाती होती है. इस कानून के तहत सशस्त्र बलों को कानून के उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को मारने, गिरफ्तारीकरने और वॉरंट के बिना किसी भी परिसर की तलाशी लेने के अधिकार मिल जाते हैं. और साथ ही केंद्र सरकार की स्वीकृति के बिना अभियोजन एवंकानूनी मुकदमों से सुरक्षा सुनिश्चित करता है.
हनुमान जयंती को लेकर नेपाल के बीरगंज में की गई हिंसा,पत्थरबाजी- आगजनी के बाद लगाना पड़ा था कर्फ्यू

नेपाल में बीते दिन हुए बवाल के बाद रविवार को हालात तनावपूर्ण हैं हिंसाग्रस्त इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं. लोगों सेअफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है. इस बीच पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान करनाशुरू कर दिया है. इससे पहले हिमालयी राष्ट्र के बीरगंज में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इसदौरान बीरगंज के छपैया इलाके में तनाव फैल गया था उपद्रवियों ने इलाके में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की थी. हालात पर काबू करने के लिएपुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे. स्थिति बेकाबू होता देख कर्फ्यू का आदेश जारी करना पड़ा था.दरअसल बीते दिन हनुमान जयंती के जुलूस केदौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद शनिवार को नेपाल के पारसा जिले के बीरगंज नगर पालिका में कर्फ्यू लगा दिया गया था. घटना में कई पुलिसकर्मीऔर स्थानीय लोग घायल हुए थे. कथित तौर पर किया गया था पथरावजुलूस के दौरान जगह-जगह पर धार्मिक सभाओं का आयोजन किया गया था. जिन पर कथित तौर पर पथराव किया गया इस वजह से लोगों के बीचटकराव शुरू हो गया.जिला प्रशासन कार्यालय ने भारतीय सीमावर्ती शहर रक्सौल के पास स्थित बीरगंज के मध्य भाग में शनिवार शाम 6.30 बजे सेरविवार दोपहर तक कर्फ्यू लगा दिया. जिला प्रशासन कार्यालय ने एक नोटिस में कहा हनुमान जन्मोत्सव समारोह के दौरान तनाव बढ़ने के कारणबीरगंज महानगर के वार्ड नंबर 14, 15, 16 और 25 में शनिवार शाम 6.30 बजे से रविवार दोपहर 12 बजे तक कर्फ्यू आदेश जारी किया गयाहै.पुलिस ने कहा, ‘जुलूस के घंटाघर इलाके से महानगर के अन्य प्रमुख हिस्सों की ओर बढ़ने के दौरान हुए विवाद के दौरान कुछ पुलिसकर्मी औरस्थानीय लोग घायल हो गए. पुलिस ने व्यवस्था बहाल करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. तनाव बढ़ने के साथ ही बीरगंज में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कर्फ्यू आदेश के तहत मध्य बीरगंज में लोगों की आवाजाही, रैलियां, बैठकें, विरोध प्रदर्शन और सभाएं आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इस्राइल ने किया गाजा के अस्तपाल पर हमला, एक मरीज की हुई मौत अपातकालीन कक्ष समेत फार्मेसी जैसी अन्य इमारतें हुई क्षतिग्रस्त

हमास के साथ जारी जंग के बीच इस्राइल ने एक बार फिर रविवार को गाजा के एक अस्पताल पर जोरदार हमला किया. इस्राइल द्वारा किए गए इसहमले से मरीजों को अस्पताल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. यह हमला गाजा शहर के अल-अहली अस्पताल पर किया गया जिसे इजरायली सेना नेहमास का ठिकाना बताया है. इस हमले को लेकर जानकारी देते हुए गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अस्पताल पर हमला सुबह होने से पहलेहुआ. जिसके बाद तुरंत वहां से मरीजों और स्टाफ को निकाला गया. इस निकासी के दौरान एक मरीज की मौत हो गई क्योंकि डॉक्टर समय पर इलाजनहीं कर पाए.वहीं अल-अहली अस्पताल के निदेशक डॉ. फडेल नैम ने बताया कि उन्हें पहले ही हमले की चेतावनी मिल गई थी. उन्होंने सोशलमीडिया पर बताया कि आपातकालीन कक्ष, फार्मेसी और अन्य इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं.सटीक हथियारों और हवाई निगरानी का किया इस्तेमालइससे 100 से ज्यादा मरीज और दर्जनों मेडिकल कर्मचारी प्रभावित हुए हैं साथ ही इस्राइल ने हमले को लेकर बयान जारी कर बताया कि उसने हमलेसे पहले लोगों को सावधान किया था और नुकसान कम करने के लिए सटीक हथियारों और हवाई निगरानी का इस्तेमाल किया.दूसरी ओर हमले केकुछ घंटों बाद मध्य गाजा के देयर अल-बला इलाके में एक कार पर अलग हमले में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. इसको लेकर इस्राइल नेदावा किया कि अस्पताल में हमास का कमांड सेंटर था. जिससे इस्राइली नागरिकों और सैनिकों पर हमले की योजना बनाई जा रही थी. बता दें किइसस पहले इस्राइली रक्षा मंत्री ने पहले ही कहा था कि गाजा में सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी और लोगों को लड़ाई वाले इलाकों से निकलनेकी सलाह दी गई थी. गाजा में करेगा तेज कार्यवाहीदरअसल इसके साथ ही इस्राइल द्वारा जारी बयान में ये भी बताया गया कि हमने गाजा के दक्षिणी हिस्से राफा को बाकी गाजा से काटने वाला मोरागकॉरिडोर पूरा कर लिया है और अब वह पूरे गाजा में अपनी कार्रवाई तेज करेगा.इस्राइल लगातार हमले से हमास पर बाकी बंधकों को छोड़ने का दबावबना रहा है। माना जा रहा है कि हमास के पास अभी 59 बंधक हैं, जिनमें से 24 के जीवित होने की उम्मीद है. गौरतलब है कि यह युद्ध 7 अक्टूबर2023 को तब शुरू हुआ था जब हमास के हमले में 1,200 इजरायली मारे गए और 250 को बंधक बना लिया गया था. जवाबी कार्रवाई में अब तकगाजा में 50,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
अमेरिका ने लगाया टैरिफ तो पड़ेगा हिमाचल के फार्मा उघोग पर प्रभाव, बड़ी कंपनियों पर पड़ेगा सीधी असर

अमेरिका की ओर से फार्मा उद्योग पर टैरिफ लगाने की स्थिति में हिमाचल की करीब 270 कंपनियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा. हिमाचल में करीब 650 फार्मा कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें से 270 कंपनियां अपने उत्पाद निर्यात करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन में गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस(जीएमपी) प्रमाणित हैं. हिमाचल से सालाना करीब 10,000 करोड़ की दवाएं निर्यात होती हैं. इस समय भारत से अमेरिका निर्यात होने वाली दवाओंपर कोई टैरिफ नहीं लगता.हालांकि अमेरिका से आयात होने वाली दवाओं पर भारत 10 फीसदी टैरिफ लगाता है. बद्दी में घरेलू और बहुराष्ट्रीयकंपनियों की निर्माण इकाइयां हैं. देश में कुल दवा निर्माण का करीब 35 फीसदी हिमाचल में तैयार होता है. शुरूआत में राष्ट्रपति ट्रंप ने जबरेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की तो फार्मास्यूटिकल्स, कॉपर, सेमीकंडक्टर, लकड़ी, बुलियन, एनर्जी और कुछ मिनरल को टैरिफ से छूट दी, क्योंकियह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं. रेसिप्रोकल टैरिफ में फार्मास्यूटिकल्स को राहत इसलिए मिली क्योंकि आयातित दवाएं, विशेष रूप सेभारत से आने वाली जेनेरिक दवाएं, अमेरिकी हेल्थ सिस्टम की लागत को कम रखने में मदद करती हैं. हिमाचल के फार्मा उद्योग संचालक अमेरिका केरुख पर नजर बनाए हैं. फार्मास्युटिकल्स को रेसिप्रोकल टैरिफ से दी गई छूट जल्द होगी समाप्तदरअसस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 अप्रैल को कहा था कि फार्मास्युटिकल्स को रेसिप्रोकल टैरिफ से दी गई छूट जल्द समाप्त होगी. मंगलवाररात उन्होंने कहा कि हम बहुत जल्द ही फार्मास्युटिकल्स पर एक बड़ा टैरिफ लगाने की घोषणा करने जा रहे हैं. हालांकि किस देश पर कितना टैरिफलगेगा इसे लेकर ट्रंप ने स्थिति साफ नहीं की है भारत अमेरिका को बड़ी मात्रा में फार्मास्युटिकल्स का निर्यात करता है. अमेरिका ने भारत पर 27 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का 2 अप्रैल को एलान किया था. लेकिन बाद में इसे 90 दिनों के लिए 9 जुलाई तक टाल दिया.अगले 90 दिनोंके लिए अमेरिका ने सभी टैरिफ टाल दिए हैं. देखना होगा अमेरिका कितना टैरिफ घोषित करता है जरूरत पड़ी तो केंद्र सरकार से भी मामला उठायाजाएगा.हिमाचल के दवा उत्पादक अमेरिकी टैरिफ को लेकर अमेरिका के रुख पर नजर बनाए हैं. भारत की दवाओं पर अमेरिका में कोई टैरिफ नहीं था.
NIA को जाना पड़ सकता है कोर्ट, दुबई के लिंक के बाद अब तहव्वुर राणा का वॅायस सैंपल लेने की तैयारी

मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा से एनआईए की पूछताछ जारी है इस पूछताछ में पहले दिन तहव्वुर राणा ने कई अहम जानकारी दीं. अबएनआईए राणा से दुबई लिंक को लेकर पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तहव्वुर राणा ने साल 2008 में दुबई मेंकिस व्यक्ति से मुलाकात की थी. एनआईए को शक है कि दुबई के उस व्यक्ति को भी मुंबई हमले की जानकारी हो सकती है.साथ ही एनआईएतहव्वुर राणा के वॉइस सैंपल लेने की भी तैयार कर रही है ताकि उन वॉइस सैंपल से यह पता चल सके कि मुंबई हमले के वक्त तहव्वुर राणा तोआतंकियों के संपर्क में नहीं था. मुंबई हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि वॉइस सैंपल लेने के लिए तहव्वुर राणा का सहमति जरूरीहै. अगर राणा सैंपल देने से इनकार कर देता है तो एनआईए को सैंपल लेने के लिए अदालत की मंजूरी लेनी होगी. हालांकि एनआईए चार्जशीट मेंअगर तहव्वुर राणा के वॉइस सैंपल नहीं देने की बात को भी दर्ज करेगी तो इससे बाद में तहव्वुर राणा की मुश्किलें बढ़ जाएंगी.तहव्वुर राणा को सेनाकी नौकरी से बेहद प्यार था. लश्कर ए तैयबा संगठन से जुड़ा है राणादरअसल इसी दौरान वह आईएसआई के संपर्क में आया और फिर लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठन से जुड़ा. जब आईएसआई और लश्कर एतैयबा के प्रतिनिधियों की बैठक होती थी तो तहव्वुर राणा अक्सर उनमें सेना की वर्दी पहनकर पहुंचता था. तहव्वुर राणा ने बताया कि वह अक्सरआतंकी संगठनों के कैंपों का दौरा करता था. मुंबई हमले के एक और मुख्य साजिशकर्ता साजिद मीर के संपर्क में भी तहव्वुर राणा था. दरअसलरिपोर्ट्स के अनुसार राणा के लश्कर ए तैयबा के साथ ही हरकत उल जिहाद अल इस्लामी आतंकी संगठन के साथ भी संबंध थे.तहव्वुर राणा नेमेडिकल की डिग्री हासिल की है और पाकिस्तानी सेना की मेडिकल कोर में नौकरी कर चुका है. सेना छोड़ने के बाद साल 1997 में वह कनाडा में बसगया. तहव्वुर राणा की पत्नी भी एक डॉक्टर है जिसका नाम समराज राना अख्तर है। कनाडा में तहव्वुर राणा ने इमीग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म की शुरुआतकी. इमीग्रेशन फर्म के जरिए ही तहव्वुर राणा ने डेविड हेडली को भारत का वीजा दिलाने में मदद की थी.
हनुमान जयंती के मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने किए कनाट प्लेस के प्राचीन हनुमान मंदिर के दर्शन,कहा दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में आज दर्शनकरने जाउंगी

आज हनुमान जयंती का पवित्र पर्व मनाया जा रहा है. इस मौके पर भक्त हनुमान मंदिर पहुंच रहे हैं और बजरंगबली का आशीर्वाद ले रहे हैं. ये पर्वभगवान हनुमान के जन्म की खुशी में मनाया जाता है. यह दिन विशेष रूप से भगवान राम के परम भक्त और भगवान शिव के अवतार हनुमान जी कीपूजा और आराधना का है.राजधानी दिल्ली में आज हनुमान जयंती मनाई जा रही है इस खास अवसर पर हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के लिएजगह- जगह पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और सड़क पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं. जन्मोत्सव पर शोभायात्रा नहीं निकालने पर लोग नाराज हो गए हैं. हनुमानजयंती के अवसर पर दिल्ली के कनाट प्लेस स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में जा कर दिल्ली की मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने पूजाअर्चना की और दिल्ली वालों के लिए सुख समृद्धि की कामना की. शालीमार बाग मंदिर में रोटी बनाने वाली मशीन का किया उद्घाटनपूजा अर्चना के बाद उन्होंने दूसरी तरफ शालीमार बाग के ए.डी. ब्लॉक में एक मंदिर में रोटी बनाने वाली मशीन का उद्घाटन किया. इस मौके परदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज समाज द्वारा बड़े-बड़े आयोजन किए जा रहे हैं. यह मेरा सौभाग्य है कि मैं दिल्ली की मुख्यमंत्री के नातेहनुमान जयंती के अनेक अवसरों में सम्मलित होने वाली हूं. मैं आपके(दिल्लीवासी) सुख-दुख में खड़ी हूं. हमें मिलकर दिल्ली को बेहतर बनाना है आजमैंने यही कामना की है कि हम दिल्ली की जनता की आशाओं को पूरा करें.इस मौके पर उन्होनें कहा कि आज बाबा की जयंती है और बाबा मेरे इष्टदेव हैं उनके आशीर्वाद से मैंने हमेशा प्रगति की है और जन सेवा के लिए प्रतिबद्ध रही हूं. आज मैं दर्शन के लिए दिल्ली के जितने भी प्रमुख मंदिर जासकती हूं वहां जाने की कोशिश करूंगी.