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नेशनल हेराल्ड में नया मोड़, ईडी की शिकायत पर सोनिया-राहुल के खिलाफ आपराधिक FIR

कांग्रेस की वरिष्ठ सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रथमसूचना रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर की गई है, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहीहै। आरोप है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने पद का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ उठाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस केआर्थिक अपराध शाखा ने तीन अक्तूबर को गांधी परिवार और सात अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज की। एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा120B (आपराधिक साजिश), 403 (बेईमानी से संपत्ति का गबन), 406 (आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा) और 420 (धोखाधड़ी) के तहतआरोप लगाए गए हैं। पंजीकरण के लिए सबूत साझा करने की अनुमति देतीएफआईआर में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा के साथ-साथ यंग इंडियन (वाईआई), डॉटैक्स मर्चेंडाइज लिमिटेडडॉटैक्स प्रमोटर सुनील भंडारी और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) तथा अज्ञात अन्य को आरोपी बनाया गया है। ईडी सूत्रों के अनुसार, संघीयएजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत उपलब्ध शक्तियों का उपयोग करके पुलिस FIR दर्ज कराई। यहधारा केंद्रीय एजेंसी को कानून प्रवर्तन एजेंसी द्वारा आपराधिक पूर्ववर्ती अपराध के पंजीकरण के लिए सबूत साझा करने की अनुमति देती है, ताकिबाद में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया जा सके और जांच को आगे बढ़ाया जा सके। यह एफआईआर ईडी के मामले को मजबूत करेगी, जिसकाआरोप पत्र एक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, दिल्ली के आदेश से उत्पन्न हुआ है। यह आदेश भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा 26 जून, 2014 कोएजेएल की संपत्तियों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में दायर एक निजी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिया गया था। कुछ साल पहले ईडी ने इस मामले में दोनों से घंटों पूछताछएफआईआर में ईडी द्वारा 4 सितंबर को ईओडब्ल्यू को भेजे गए एक पत्र में लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया गया है। ईडी के इस संचार की सामग्रीवही है जो केंद्रीय एजेंसी ने अपने आरोप पत्र में बताई है। ईडी ने अपने आरोप पत्र में आरोप लगाया था कि एक “आपराधिक साजिश” कांग्रेस पार्टीके पहले परिवार के नेतृत्व में, जिसमें सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी, दिवंगत कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस, साथ ही दुबे, पित्रोदा और एक निजी कंपनी यंग इंडियन शामिल हैं। एजेएल की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों के धोखाधड़ी वाले अधिग्रहण सेसंबंधित मनी लॉन्ड्रिंग योजना में शामिल थे। एजेएल नेशनल हेराल्ड समाचार मंच (समाचार पत्र और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका स्वामित्वयंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी यंग इंडियन के बहुसंख्यक शेयरधारक हैं, जिनमें से प्रत्येक के पास 38 प्रतिशत शेयर हैं। कुछ साल पहले ईडी ने इस मामले में दोनों से घंटों पूछताछ भी की थी।

यूपी में SIR की डेडलाइन बढ़ी, बीएलओ पर बढ़ते दबाव और मौतों के बाद चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

यूपी में चुनाव आयोग द्वारा करवाए जा रहे एसआईआर अर्थात मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ पर पड़ रहे दबाव को देखते हुएएसआईआर कराने की अंतिम तारीख को एक सप्ताह बढ़ा दिया गया है। अब एसआईआर फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर हो गई है।एसआईआर की डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाए जाने के बाद अब मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन 9 दिसंबर के बजाय 16 दिसंबर को होगाऔर अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी की जगह 14 फरवरी को आएगी। बता दें कि कई जिलों के बीएलओ ने काम के दबाव की शिकायत की थी औरकई कर्मचारियों की मौत भी हो गई थी। एसआईआर अर्थात मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियानइसके पहले यूपी के मुरादाबाद में 46 वर्षीय सर्वेश सिंह ने आत्महत्या कर ली। पुलिस और परिजनों को मौके से सुसाइड नोट मिला है। सर्वेश सिंहभगतपुर टांडा ब्लॉक के जाहिदपुर सीकमपुर गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। उन्होंने शिक्षा विभाग केअधिकारियों को भी पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने बताया कि सात अक्तूबर को उन्हें बीएलओ बनाया गया था। कहा कि एसआईआर का टार्गेट पूरा नहोने से बहुत तनाव में हूं। इसलिए आत्महत्या करने के लिए मजबूर हूं। रविवार की सुबह उनका शव घर में ही फंदे पर लटका मिला है। एसपी देहातकुंवर आकाश सिंह ने मामले की जांच की जा रही है। यूपी में चुनाव आयोग द्वारा करवाए जा रहे एसआईआर अर्थात मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षणअभियान में बीएलओ पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए एसआईआर कराने की अंतिम तारीख को एक सप्ताह बढ़ा दिया गया है।

हिमाचल कांग्रेस को नया कप्तान, विनय कुमार ने संभाली कमान, सुक्खू बोले ‘भाजपा को हराना बड़ी बात नहीं’

रविवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी नए अध्यक्ष विनय कुमार ने पदभार ग्रहण किया। समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व उपमुख्यमंत्रीमुकेश अग्निहोत्री समेत मंत्री, कांग्रेसी विधायक व अन्य नेता मौजूद रहे। निवर्तमान अध्यक्ष प्रतिभा सिंह उन्हें औपचारिक रूप से प्रदेश कांग्रेस कीकमान सौंपी। वहीं, प्रतिभा सिंह ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि विनय कुमार संगठन की मजबूती के लिए दिन-रात काम करेंगे। वह कड़ी मेहनतकर संगठन को मजबूत करेंगे, जिससे आगामी चुनाव में सरकार बनाने में मदद होगी। इसके साथ ही उन्होंने संगठन में देरी के सवाल पर कहा कि संगठनकी देरी हमारी वजह से नहीं हुई। कई बार हमने यह बात हाईकमान तक पहुंचाई। हाईकमान ने ही इसमें विलंब किया। कांग्रेस को एकजुट रखाविनय कुमार ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री काधन्यवाद करते हुए कहा कि आपकी वजह से जिम्मेदारी मिली है। इस जिम्मेदारी को ईमानदारी से संभालेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा किडॉ. वाईएस परमार के बाद पहली बार कांग्रेस ने सिरमौर जिले को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष दिया है। पार्टी की एक प्रथा है कि तीन साल का कार्यकाल पूराहो जाए तो नए अध्यक्ष को बनाया जाता है। जिस तरह से प्रतिभा सिंह ने कांग्रेस को एकजुट रखा, उसके लिए वह उन्हें मुबारक देते हैं। भाजपा को हराना कोई बड़ी बात नहींसुक्खू ने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का वह धन्यवाद करते हैं कि रात्रि में ही उन्होंने विनय कुमार का बतौर विधानसभाअध्यक्ष इस्तीफा स्वीकार किया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि छह नेताओं को शॉर्ट लिस्ट किया गया। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे साथ चर्चाकी। उसके बाद विनय कुमार को कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बनाया है। सुक्खू ने कहा कि हाईकमान जल्दी ही कार्यकारिणी का गठन होगा। कांग्रेसदोबारा से सत्ता में आएगी। युवा कांग्रेस के साथियों को धैर्य रखना चाहिए। 11 दिसंबर को कांग्रेस पार्टी की लड़ाई जल्दी ही युद्ध में परिवर्तित होगी।आने वाली में जिस लड़ाई को लड़ने जा रहे हैं, वह विनय कुमार की अध्यक्षता में होगी। वह एक बात कहना चाहते हैं कि भाजपा को हराना कोई बड़ीबात नहीं है। हर महीने कोई न कोई पत्र आ जाता है कि राज्य सरकार यूपीएस की ओर जाए। सरकार ओपीएस को बंद नहीं करेगी।

अमेरिका ने तीसरी दुनिया के देशों के प्रवासियों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया, ट्रंप प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता बताया

अमेरिका के वॉशिंगटन में हुए आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से आने वाले लोगों के प्रवासन पर रोक लगा दी थी। संयुक्त राष्ट्र(यूएन) की कई एजेंसियों ने अमेरिकी प्रशासन से शरणार्थियों को देश में आने की अनुमति जारी रखने की अपील की थी, जिसे ठुकरा दिया गया है।राष्ट्रपति ट्रंप ‘सभी तीसरी दुनिया के देशों से प्रवासन को स्थायी रूप से रोकने’ के अपने रुख पर अड़े हुए हैं। तीसरी दुनिया के देशों में खासतौर सेयुद्धग्रस्त या आर्थिक रूप से कमजोर देश शामिल हैं। इन देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश पर ट्रंप ने रोक लगा दी है। अपने हालिया एकपोस्ट में ट्रंप ने प्रवासन पर रोक लगाने के अपने कदम को सही ठहराने के लिए आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम (आईएनए) की धारा 212 (एफ) काहवाला दिया। विदेशियों के प्रवेश पर कोई भी प्रतिबंध लगा सकतेआईएनए की धारा 212 (एफ) अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी भी आवेदक या आवेदकों के किसी भी वर्ग के प्रवेश को निलंबित करने का अधिकार देतीहै। इस धारा से राष्ट्रपति को यह भी अधिकार मिलता है कि वह आवेदकों के प्रवेश पर कोई भी प्रतिबंध लगा सकते हैं, जिसे वह उचित समझें। यहप्रतिबंध उस अवधि के लिए लागू किया जा सकता है, जब वह यह निर्धारित करने पर आवश्यक समझें कि उनका प्रवेश संयुक्त राज्य अमेरिका केहितों के लिए नुकसानदायक होगा। ट्रंप ने आईएनए की धारा 212 (एफ) का हवाला देते हुए कहा, “जब भी राष्ट्रपति को लगता है कि किसी विदेशीया किसी वर्ग के विदेशी का संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश संयुक्त राज्य अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक होगा, तो वह घोषणा करके, औरआवश्यक समझे जाने वाली अवधि के लिए, सभी विदेशी या किसी वर्ग के विदेशी अप्रवासी या गैर-अप्रवासी के रूप में प्रवेश निलंबित कर सकते हैं, या विदेशियों के प्रवेश पर कोई भी प्रतिबंध लगा सकते हैं, जिसे वह उचित समझें। नेशनल गार्ड सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गएट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को आव्रजन प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया और विदेश विभाग के निर्देश के बाद सुरक्षा उपायों की एक श्रृंखला लागू की, जिसके तहत अफगान पासपोर्ट रखने वाले सभी यात्रियों के लिए वीजा जारी करने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्कोरुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस फैसले का एलान करते हुए कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप के विदेश विभाग ने अफगान पासपोर्टपर यात्रा करने वाले सभी व्यक्तियों के लिए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है।’ उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए अपने राष्ट्र और अपनेलोगों की सुरक्षा से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं है।’ अधिकारियों ने इस निर्णय को व्हाइट हाउस के निकट बुधवार को हुई गोलीबारी की व्यापकप्रतिक्रिया का हिस्सा बताया, जिसमें दो नेशनल गार्ड सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

WPL 2026: 9 जनवरी से शुरू होगी लीग, मुंबई और बेंगलुरु के बीच होगा उद्घाटन मुकाबला

महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 की शुरुआत नौ जनवरी से होगी और पहला मैच मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच नवी मुंबईके डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस बात की घोषणा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शनिवार, 29 नवंबर को की। इससेपहले 27 नवंबर को दिल्ली में हुए महिला प्रीमियर लीग के मेगा ऑक्शन के दौरान लीग के चेयरमैन जयेश जॉर्ज ने टूर्नामेंट की तारीखें और स्थान कीजानकारी दी थी। महिला प्रीमियर लीग का पहला चरण नौ जनवरी से 17 जनवरी तक नवी मुंबई में खेला जाएगा। वहीं दूसरा चरण 19 जनवरी सेपांच फरवरी तक वडोदरा (बारोडा) में आयोजित होगा। फाइनल मुकाबला भी वडोदरा में खेला जाएगा। लीग स्टेज में कुल 20 मुकाबले खेले जाएंगे।इसके बाद तीन फरवरी को एलिमिनेटर और दो दिन बाद यानी पांच फरवरी को फाइनल खेला जाएगा। शेड्यूल में सिर्फ दो डबल हेडर मुकाबले हैं। ऑक्शन में कुल 277 खिलाड़ीमहिला प्रीमियर लीग 2026 के लिए ऑक्शन में कुल 277 खिलाड़ी उपलब्ध थे, जिनमें 194 भारतीय और 83 विदेशी खिलाड़ी शामिल थे। इनमेंसे सिर्फ 67 खिलाड़ियों को ही टीमों ने खरीदा और इनमें से 23 खिलाड़ी विदेशी थीं। फ्रेंचाइजियों ने खिलाड़ियों पर कुल ₹40.8 करोड़ खर्च किए।मुंबई इंडियंस ने 2023 में खिताब जीता था, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2024 में चैंपियनशिप जीती थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि2026 में कौन सी टीम ट्रॉफी पर कब्जा जमाती है। अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थानपर रहने वाली टीम को एलिमिनेटर खेलना होगा.

जजों के लिए ज़रूरी है मनोरंजन सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, तनावमुक्त रहने को अपनाएं रिक्रिएशनल एक्टिविटीज़

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए ताकि वे खुद को रिचार्ज कर सकें।सीजेआई ने कहा कि जजों के काम के घंटे लंबे होते हैं और उनका काम बेहद तनावपूर्ण होता है। उनके काम की प्रकृति को देखते हुए उन्हें मनोरंजकगतिविधियां करनी चाहिए। मनोरंजक गतिविधियों में वे गतिविधियां शामिल की जाती हैं, जिन्हें लोग अपने शरीर और दिमाग को तरोताजा करने केलिए करते हैं। इनमें खेलकूद, योग-ध्यान, तैराकी या पैदल चलना आदि कुछ भी हो सकता है। सीजेआई ने ऑल इंडिया जज बैडमिंटन चैंपियनशिपके उद्घाटन कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जजों को अपनी उम्र के हिसाब से किसी मनोरंजक गतिविधि में शामिल होना चाहिए।सीजेआई ने कहा ‘जजों के काम के घंटे ज्यादा हैं और उनका काम की प्रकृति भी तनावपूर्ण है। उन्हें कई घटों तक बैठकर काम करना होता है। ऐसे मेंसभी जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए और इसे अपनी आदत में शुमार करना चाहिए। जजों को रिचार्ज करने के लिए ये जरूरीहै।’ न्यायालयों के जज बड़ी संख्याजस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ‘उच्च न्यायालयों के जज बड़ी संख्या में इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं, इससे पता चलता है कि वे अपनी सेहत कोलेकर जागरूक हैं।’ इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। यह दो दिवसीय खेलआयोजन दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में आयोजित किया जा रहा है। समापन समारोह और इनाम वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वसीजेआई जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अबंतिका डेका द्वाराकिया जा रहा है.जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ‘उच्च न्यायालयों के जज बड़ी संख्या में इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं, इससे पता चलता है कि वेअपनी सेहत को लेकर जागरूक हैं।’ इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे

ठाणे में आवारा जानवरों के अंग निकालने का रैकेट, शिवसेना सांसद ने जांच की मांग की

शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के ठाणे में आवारा जानवरों के अंगो को निकालने वाला रैकेट संचालित हो रहा है। उन्होंनेइसकी जांच की मांग की। शुक्रवार को ठाणे नगर निगम के एक कार्यक्रम में म्हास्के ने इस अवैध गतिविधि पर चिंता जाहिर की। ठाणे सांसद ने दावाकिया कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक गैंग शहर में आवारा कुत्तों और बिल्लियों को पकड़ता है, और स्थानीय पालतू जानवरों के सेंटर और डॉक्टरोंकी मदद से उनके अंग निकाल लेता है। उन्होंने कहा, ‘कुछ निजी अस्पताल हैं जिनके जरिए कुछ लोग ठाणे आते हैं और आवारा जानवरों को ले जातेहैं। उन्हें पड़ोसी मुंबई के देवनार में पांच से 10 दिनों के लिए रखा जाता है, और फिर उनके अंग गैर-कानूनी तरीके से निकाल लिए जाते हैं।’ उन्होंनेस्वास्थ्य और वेटेरिनरी विभाग को इस घटना के बारे में अलर्ट किया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को इस रैकेट की जांच करने और शहर मेंआवारा जानवरों की सुरक्षा पक्का करने का निर्देश दिया. नगर निगम को निर्देशित कियाशिवसेना सांसद ने ये भी कहा कि उन्होंने नगर निगम को निर्देशित किया है अतिरिक्त कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को नियुक्त कर जानवरों की नसबंदी औरवैक्सीनेशन के काम को पूरा किया जाए। म्हस्के ने ये भी कहा कि पालतू जानवरों और बिल्लियों के पंजीकरण के लिए सॉफ्टवेयर भी लॉन्च कियागया है, जिससे जानवरों की सेहत, वैक्सीनेशन आदि का डिजिटल डाटा रखना आसान होगा। सांसद ने कहा कि, ‘कुछ निजी अस्पताल हैं जिनके जरिएकुछ लोग ठाणे आते हैं और आवारा जानवरों को ले जाते हैं। उन्हें पड़ोसी मुंबई के देवनार में पांच से 10 दिनों के लिए रखा जाता है, और फिर उनकेअंग गैर-कानूनी तरीके से निकाल लिए जाते हैं।’

सबरीमाला सोना चोरी विवाद, कांग्रेस नेता ने पिनाराई विजयन पर लगाया आरोप, कहा सरकार ही सबसे बड़ी आरोपी

सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी होने के मामले को लेकर केरल में राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने केरल के मुख्यमंत्रीपिनाराई विजयन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, इस मामले में आरोपी लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। चेन्निथला नेकहा कि यह घटना केवल चोरी नहीं, बल्कि लाखों अयप्पा भक्तों की भावनाओं पर चोट है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में ‘सबसे बड़ी आरोपी’ है, क्योंकि यह घटना सरकारी निगरानी वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) में हुई।इस मामले में टीडीबी के दो पूर्व अध्यक्ष, ए. पद्मकुमार औरएन. वासु, को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पहले ही गिरफ्तार किया है। लेकिन चेन्निथला का दावा है कि वे अकेले यह काम नहीं कर सकते थे।उन्होंने कहा, ‘अगर ये आरोपियों ने सोना गायब किया है, तो उनके पीछे राजनीतिक समर्थन था। रमेश चेन्निथला ने एक विवादित बयान का जिक्रकिया जिसमें पद्मकुमार ने कहा था कि इस मामले में एक ‘भगवान जैसा व्यक्ति’ शामिल है। इस पर टिप्पणी करते हुए चेन्निथला ने कहा कि’मार्क्सवादी पार्टी में ‘भगवान जैसा’ व्यक्ति कौन है? पिनाराई विजयन के अलावा कोई नहीं।’ निचले अधिकारियों तक सीमितउन्होंने आरोप लगाया कि जांच केवल निचले अधिकारियों तक सीमित है और मंत्रियों तक नहीं पहुंच रही क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण मिलाहुआ है। चेन्निथला ने यह भी कहा कि राज्य में आम लोगों में काफी चिंता है। कई भक्तों ने सोना, चांदी और कीमती सामग्री श्रद्धा से मंदिर में चढ़ाईहै, लेकिन अब उन्हें भरोसा नहीं कि वह सुरक्षित है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि उनके क्षेत्र के एक भक्त को चिंता है कि उनके द्वारा चढ़ाएगए सोने के बर्तन मंदिर में अब भी हैं या चोरी हो चुके हैं। सबरीमाला मंदिर में सोना गायब होने का मामला पिछले काफी समय से विवाद में है।एसआईटी जांच कर रही है और कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन मामला अभी भी राजनीतिक तकरार और सवालों के घेरे में है।

ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने कार्यकाल के दौरान की शादी, जोड़ी हेडन संग द लॉज में निजी समारोह

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने शनिवार को अपनी लंबे समय से साथी रहीं जोडी हेडन से शादी कर ली। इसके साथ ही वे देश केइतिहास में ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए, जिन्होंने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान शादी किया। 62 वर्षीय अल्बनीज और 46 वर्षीय हेडन ने राजधानीकैनबरा स्थित प्रधानमंत्री आवास द लॉज के बगीचे में एक निजी समारोह में शादी की। इस समारोह में सिर्फ परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्तशामिल थे। शादी के बाद जारी बयान में अल्बनीज ने कहा, ‘हम बहुत खुश हैं। अपने परिवार और करीबी लोगों की मौजूदगी में हमने साथ रहने कावादा किया है. सोशल मीडिया एक्स पर सिर्फ एक शब्द- विवाहितऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज ने सोशल मीडिया एक्स पर सिर्फ एक शब्द- विवाहित – लिखकर अपनी शादी की झलक साझा की। वीडियो में वे बो-टाई सूट में दिखाई दिए, जबकि हेडन सफेद शादी के गाउन में मुस्कुराती नजर आईं। जैसे ही दोनों ने हाथ पकड़ा, उन पर कंफेटी बरसी। प्रधानमंत्रीकार्यालय की ओर से बताया गया कि दंपति सोमवार से शुक्रवार तक ऑस्ट्रेलिया में ही हनीमून मनाएंगे और इस दौरान होने वाले सभी खर्चे वे खुदवहन करेंगे। एंथनी अल्बनीज की यह दूसरी शादी है। वे 2019 में अपनी पहली पत्नी से अलग हुए थे और उनके बेटे का नाम नाथन है। उन्होंने जोडीहेडन से लगभग पांच साल पहले मेलबर्न में एक व्यावसायिक कार्यक्रम के दौरान मुलाकात की थी।

18 पुरानी विधानसभा सीटें गायब, 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने में परेशानी

चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए उत्तराखंड की वर्ष 2003 की मतदाता सूची तो जारी हो गई लेकिन इसमें नाम खोजनाआसान नहीं है। प्रदेशभर में उस वक्त 18 विधानसभा सीटें ऐसी थीं, जो आज अस्तित्व में ही नहीं हैं। परिसीमन के बाद इनके नाम और क्षेत्र बदल गएथे। एसआईआर के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जाना है। आपका वोट 2003 में था या नहीं, इसके लिए मुख्य निर्वाचनअधिकारी देहरादून कार्यालय ने वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची जारी कर दी है। नई पीढ़ी के मतदाता जब यहां देहरादूनकी धर्मपुर व रायपुर, चमोली की थराली, पौड़ी की चौबट्टाखाल, नैनीताल की लालकुआं व भीमताल, ऊधमसिंह नगर की कालाढूंगी सीट की तलाशकरेंगे तो उन्हें नहीं मिलेगी। वर्ष 2003 में ये विधानसभा सीटें थी ही नहीं। वर्ष 2002 में हुआराज्य गठन के बाद पहला परिसीमन वर्ष 2002 में हुआ था, जिसमें राज्य में विधानसभा की 70 और लोकसभा की पांच सीटें तय हुई थीं। 2003 कीमतदाता सूची में भी इन्हीं सीटों का जिक्र है। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर जब वर्ष 2008 में परिसीमन हुआ तो उत्तराखंड की विधानसभा, लोकसभासीटों की संख्या तो नहीं बदली लेकिन 18 सीटों का वजूद खत्म हो गया था। इसके बजाय नए नाम से सीटें आ गई थीं। वर्तमान मतदाता जब नएनाम को सर्च करेंगे तो उन्हें 2003 की मतदाता सूची में इन 18 सीटों के नाम नहीं मिलेंगे। नाम से विस सीटचमोली जिले में नंद्रप्रयाग व पिंडर के नाम से विस सीट थीं, जिनकी जगह अब थराली नाम से सीट है। देहरादून जिले में लक्ष्मणचौक व देहरादून केनाम से सीट थी, अब धर्मपुर, रायपुर व देहरादून कैंट के नाम से है। हरिद्वार जिले में इकबालपुर, लंढौरा, बहादराबाद, लालढांग के नाम से सीट थीं, अब इनकी जगह भेल रानीपुर, ज्वालापुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, खानपुर व हरिद्वार ग्रामीण के नाम से है। पौड़ी जिले में धूमाकोट, बीरोंखाल, थलीसैंण के नाम से सीट थीं, अब इनकी जगह चौबट्टाखाल नाम से है। पिथौरागढ़ में कनालीछीना और अल्मोड़ा में भिकियासैंण के नाम से सीट थीं, जो अब नहीं हैं। नैनीताल में मुकतेश्वर व धारी के नाम से सीट थीं, अब लालकुआं, भीमताल व कालाढूंगी के नाम से हैं। यूएसनगर में पंतनगर-गदरपुर, रुद्रपुर-किच्छा के नाम से सीट थीं, जो खत्म हो गईं और इनकी जगह गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा व नानकमत्ता के नाम से सीट है।