संचार साथी एप अनिवार्य नहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान, जासूसी विवाद पर लगी मुहर

दूरसंचार विभाग (DoT) के जरिए 28 नवंबर को जारी एक दिशा-निर्देश के अनुसार, अब हर एक स्मार्टफोन्स में ‘संचार साथी’ एप का प्री-इंस्टॉलेशनजरूरी होगा। यानी सभी मोबाइल कंपनियों को ये आश्वस्त करना होगा कि वे अपने स्मार्टफोन्स में ‘संचार साथी’ एप अनिवार्य रूप से रखें। कंपनियों कोइस नियम को लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। विपक्ष इसे ‘निगरानी एप’ बताकर विरोध कर रही थी पर अब इस पर केंद्रीय संचारमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा और राहत देने वाला बयान आया है। विवादों को लेकर मंत्री ने स्पष्ट किया कि संचार साथी एप किसी भी तरह कीजासूसी या कॉल मॉनिटरिंग नहीं करता। उन्होंने कहा, “यह एप पूरी तरह वैकल्पिक है। इसे आप अपनी इच्छा से एक्टिवेट या डीएक्टिवेट कर सकतेहैं। अगर नहीं चाहिए, तो इसे किसी भी अन्य एप की तरह डिलीट किया जा सकता है। हमारी कोशिश सिर्फ उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने की है” सिंधिया के मुताबिक, सरकार की जिम्मेदारी है कि इस एप की सुविधा हर उपभोक्ता तक पहुंचे, लेकिन फोन में रखना या न रखना पूरी तरहउपयोगकर्ता की पसंद पर निर्भर है। अधिक मोबाइल उनके मालिकों को वापस किए गएसंचार साथी एप को लेकर जारी बहस पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विपक्ष की आलोचनाओं को सख्ती से खारिज किया। मंत्री नेकहा कि जब विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होते, तो वे जबरदस्ती विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्यउद्देश्य केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सिंधिया ने बताया कि संचार साथी पोर्टल को अब तक 20 करोड़ से ज्यादा लोग इस्तेमालकर चुके हैं, जबकि एप के 1.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। उनके मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म की मदद से करीब 1.75 करोड़ फर्जी मोबाइलकनेक्शन बंद किए गए हैं। साथ ही, 20 लाख चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए गए और 7.5 लाख से अधिक मोबाइल उनके मालिकों को वापसकिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत, बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ पोक्सो ट्रायल पर रोक “जानें क्या है पूरा मामला”

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रहे पोक्सो मामले मेंसुनवाई पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा की याचिका पर राज्य सरकार को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीशसूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने येदियुरप्पा की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया, जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट के मामले को रद्द करने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी गई है।सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘नोटिस जारी करें। इस बीच, ट्रायल पर रोक रहेगी।’ पीठ ने कहा कि नोटिस मुख्य रूप से मामले को हाई कोर्ट कोवापस भेजने पर विचार करने के लिए जारी किया जा रहा है। येदियुरप्पा का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि हाई कोर्ट नेमहत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और उन बयानों पर विचार नहीं किया, जिनसे पता चलता है कि कथित घटना के दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ।लूथरा ने कहा, ‘कुछ बयान ऐसे होते हैं जिन्हें अभियोजन पक्ष दबा देता है। उच्च न्यायालय ने तथ्यों को नजरअंदाज किया। वह चार बार मुख्यमंत्री रहचुके हैं।’ पूर्व सीएम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कियापोक्सो कानून के तहत 14 मार्च, 2024 को एक महिला की शिकायत पर पूर्व सीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता महिलाकी अब मौत हो चुकी है। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि जब वे येदियुरप्पा से मदद मांगने के लिए उनके घर गईं तो पूर्व सीएम नेउसकी 17 साल की बेटी के साथ छेड़छाड़ की। उसने आगे आरोप लगाया कि पूर्व सीएम ने पैसे देकर घटना को दबाने की कोशिश की। उसकीशिकायत के आधार पर, पुलिस ने पोक्सो कानून के अलग-अलग प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। 4 जुलाई, 2024 को, एक ट्रायलकोर्ट ने न केवल येदियुरप्पा के खिलाफ, बल्कि तीन अन्य लोगों के खिलाफ भी सबूत नष्ट करने और मामले को दबाने की कोशिशों के आरोप मेंअपराधों का संज्ञान लिया। इसके बाद कर्नाटक उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को इस पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया। इसके बाद, 28 फरवरी को, फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने एक नया आदेश जारी किया और येदियुरप्पा और दूसरे आरोपियों को 15 मार्च को पेश होने के लिए बुलाया।येदियुरप्पा ने 28 फरवरी के आदेश और शिकायत को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। पूर्व सीएम ने कहा कि उन पर लगे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।हालांकि, हाई कोर्ट ने पिछले महीने मामले को रद्द करने से मना कर दिया, जिसके बाद पूर्व सीएम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
दिल्ली विधानसभा का डिजिटल सफर – अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता का बड़ा कदम

सरिता साहनी02,दिसंबर 2025, नई दिल्ली डिजिटल दस्तावेज़ों के साथ पर्यावरण संरक्षण की पहलदिल्ली विधानसभा में इस बार एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक परिवर्तन शुरू किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अबविधानसभा में तैयार होने वाला हर डिजिटल दस्तावेज़ पर्यावरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक होगा। उनका कहना है कि जब सरकारी संस्थाएँखुद पेपरलेस होंगी, तभी समाज में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इसी सोच के साथ विधानसभा ने अपने सभी दस्तावेज़ों, प्रक्रियाओं और कार्यों को डिजिटल रूप में बदलने का फैसला लिया है। शीतकालीन सत्र से पूरी तरह डिजिटल कार्यप्रणालीआगामी शीतकालीन सत्र में दिल्ली विधानसभा में अब कोई भी कागज़ी दस्तावेज़ उपयोग में नहीं आएगा। चाहे प्रश्न हों, विधेयक हों, प्रस्तुत पत्र होंया अन्य सभी विधायी कार्य सब कुछ डिजिटल प्रणाली के माध्यम से होगा। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि समय की मांग है।अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि डिजिटल कामकाज से विधानसभा की गति बढ़ेगी, पारदर्शिता आएगी और दस्तावेज़ों का प्रबंधन अधिक सरलऔर सुरक्षित होगा। अधिकारियों को नेवा (NEVA) पर डिजिटल प्रशिक्षणइस बदलाव को सफल बनाने के लिए दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिल्ली विधानसभा में नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन(NEVA) पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। IT विभाग के विशेषज्ञों ने अधिकारियों को यह सिखाया कि विधानसभा के सभी दस्तावेज़ कैसेऑनलाइन तैयार किए जाएँगे, कैसे भेजे जाएँगे और किस प्रकार डिजिटल मॉड्यूल के माध्यम से विधानसभा से समन्वय स्थापित किया जाएगा।सामाजिक कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, सहकारी विभाग, श्रम, रोजगार, विधि, न्याय, चुनाव, विकास, संस्कृति, भाषा, पर्यटन, उद्योग, खाद्य–आपूर्ति और पर्यावरण एवं वन विभाग के अधिकारी इस प्रशिक्षण में शामिल हुए। शेष विभागों को अगले दिन प्रशिक्षण दिया जाएगाताकि सभी विभाग पूरी तरह डिजिटल रूप में काम करने के लिए सक्षम हो सकें। पेपरलेस विधानसभा की दिशा में बड़ा कदमविधानसभा अध्यक्ष ने इस कार्यक्रम में विश्वास जताया कि डिजिटल प्रणाली अपनाने से कागज़ की भारी मात्रा की बचत होगी। उन्होंने कहा कि जबसभी दस्तावेज़ डिजिटल होंगे, तो विभागों और विधानसभा के बीच संवाद तेज बनेगा। उत्तर भेजने की प्रक्रिया में देरी नहीं होगी और पूरा काम समयबद्धतरीके से पूरा होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कागज़ रहित व्यवस्था न केवल पर्यावरण हितैषी है, बल्कि विधानसभा को और अधिकआधुनिक, संवेदनशील और सक्षम बनाती है। यह बदलाव सुशासन में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक मजबूत बनाने की पहलविजेंद्र गुप्ता ने कहा कि डिजिटल प्रणाली से विधानसभा की प्रक्रियाएँ और अधिक पारदर्शी बनेंगी। अब दस्तावेज़ों के खोने, गड़बड़ी होने या देरी सेपहुँचने की समस्या नहीं रहेगी। हर जानकारी सुरक्षित रहेगी और आसानी से खोजी जा सकेगी। इससे विधानसभा का कामकाज अधिक व्यवस्थित होगाऔर जनता के प्रति जवाबदेही भी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल व्यवस्था अपनाने से विधायी प्रक्रिया का स्तर बढ़ेगा और यह सुधार देश कीअन्य विधानसभाओं के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बन सकता है। भविष्य की ओर बढ़ता दिल्ली विधानसभा सचिवालयदिल्ली विधानसभा ने स्पष्ट किया है कि वह एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रही है जहाँ हर दस्तावेज़ डिजिटल होगा, हर प्रक्रिया समयबद्ध होगी और हरकदम पर पारदर्शिता का पालन होगा। विधानसभा सचिवालय ने यह संकल्प दोहराया कि वह पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार के साथ-साथलोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विभागों की सक्रिय भागीदारी के साथ दिल्लीविधानसभा पूरी दृढ़ता के साथ एक पेपरलेस व्यवस्था की ओर आगे बढ़ रही है, जो आने वाले वर्षों में पूरे देश के लिए आदर्श बन सकती है।
ठंड से बचाने के लिए दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

सरिता साहनी02,दिसंबर 2025, नई दिल्ली सर्दी से बेघरों को बचाने के लिए सरकार का मजबूत इंतजामदिल्ली में सर्दी धीरे-धीरे बढ़ रही है और हर साल की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा कठिनाई बेघर और गरीब लोगों को होती है। इसी चुनौती कोध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐलान किया है कि दिल्ली सरकार ने इस बार पहले से ज्यादा मजबूत और व्यापक विंटर एक्शन प्लान तैयारकिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई भी व्यक्ति ठंडी रात में खुले आसमान के नीचे न सोए और हर गरीब को सुरक्षितजगह मिले। रैन बसेरों में सभी जरूरी सुविधाएँ उपलब्धमुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्हें बताया गया कि राजधानी में कुल 197 स्थायी रैन बसेरे कामकर रहे हैं। इन रैन बसेरों में लगभग अठारह हजार लोगों के रहने की सुविधा है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर बेघरों को रखने के लिए बनाए जानेवाले अस्थायी रैन बसेरों की तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार द्वारा बनाए गए 250 अस्थायी रैन बसेरों में से 204 अब पूरी तरह से तैयार हैं।इन रैन बसेरों में लोगों के लिए बिस्तर, गद्दे, साफ चादरें, तकिए, गर्म कंबल, बिजली की व्यवस्था, मच्छर भगाने वाले उपकरण, पीने के लिए पानीऔर महिलाओं के लिए सीसीटीवी तथा सुरक्षा गार्ड जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था सिर्फ एक छत देने केलिए नहीं, बल्कि बेघरों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। लगातार निगरानी और रैन बसेरा ऐप की सुविधामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को अधिकारियों ने यह भी बताया कि सभी रैन बसेरों की निगरानी 15 मार्च तक लगातार की जाएगी। किसी भी रैन बसेरे में भीड़न बढ़े और किसी को असुविधा न हो, इसके लिए प्रत्येक शेल्टर की रिपोर्ट नियमित रूप से ली जाएगी। इसके साथ ही सरकार का रैन बसेरा ऐप भीकाम कर रहा है, जिसकी मदद से बेघरों को नजदीकी रैन बसेरे की जानकारी आसानी से मिल जाती है। यह ऐप यह भी बताता है कि कहाँ कितनीजगह खाली है और किन जगहों पर ज्यादा जरूरत है। इससे बेघरों और प्रशासन दोनों को सुविधा होती है। अस्पतालों में सर्दी से बचाव के लिए विशेष ध्यानमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि सिर्फ बेघरों को ही नहीं, बल्कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी ठंड से बचाना जरूरी है। इसी कारण उन्होंनेस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया है कि दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में कंबल, रजाइयाँ और गर्म कपड़े उपलब्धरहें। किसी भी अस्पताल में मरीज को ठंड की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्कूली बच्चों को ठंड से बचाने की तैयारीमुख्यमंत्री ने बैठक में स्कूलों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सर्दियों में खासकर छोटे बच्चों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसउम्र में ठंड का असर उनके स्वास्थ्य पर जल्दी पड़ता है। इसलिए शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में बच्चों के लिए गर्म माहौल बनानेकी योजना तैयार की जाए। सरकार की यह भी तैयारी है कि यदि जरूरत पड़े तो कंपनियों की सीएसआर मदद से बच्चों के लिए गर्म जैकेट, स्वेटर, मफलर और अन्य सामान उपलब्ध कराया जाए, ताकि ठंड की वजह से उनकी पढ़ाई बाधित न हो। आंगनवाड़ी और पालना केंद्रों के लिए विशेष इंतजाममुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आंगनवाड़ी और पालना केंद्रों पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि इन केंद्रों में छोटे बच्चों औरमहिलाओं को ठंड से बचाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त रहें। छोटे बच्चों को ठंड से जल्दी नुकसान होता है, इसलिए इन केंद्रों में गर्मकपड़ों, हीटर, साफ बिस्तर और गर्म पानी जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। सरकारी इमारतों में गार्डों के लिए हीटर लगाने के निर्देशमुख्यमंत्री ने इस बार एक नया आदेश भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी इमारतों में रात-दिन ड्यूटी करने वाले सुरक्षा गार्डों को भी ठंड सेबचाने की जरूरत होती है। इसलिए सभी सरकारी भवनों में गार्डों के लिए हीटर लगाने और उन्हें गर्म कपड़े उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। कोई भी नागरिक ठंड में बिना छत के न रहे सरकार का संकल्पबैठक के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का संकल्प स्पष्ट है बेघर, गरीब, बच्चे, मरीज, महिलाएँ कोई भी ठंड से परेशान न हो।सरकार ने इस बार पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा बड़ा और संवेदनशील प्लान बनाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के रैन बसेरे सिर्फ आश्रय स्थल नहींहैं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और मानवीय संवेदना के प्रतीक हैं। सरकार हर संभव कोशिश करेगी कि सर्दियों के पूरे मौसम में हर नागरिक सुरक्षित रहे।
अभिषेक मनु सिंघवी ने नेशनल हेराल्ड मामले में भाजपा की कार्रवाई पर उठाया सवाल

सरिता साहनी01 दिसंबर 2025, नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नई एफआईआर पर अपनीराय दी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मोदी सरकार द्वारा जनता का ध्यान देश की बड़ी समस्याओं से हटाने की रणनीति है। ईडी की कार्रवाई पर सवालडॉ. सिंघवी ने बताया कि इस मामले में कोई अपराध हुआ ही नहीं, फिर भी सरकार ने बड़ी जल्दी में एफआईआर दर्ज करवाई। उन्होंने कहा कि यहतरीका लोगों का ध्यान देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और विदेश नीति में हुई असफलताओं से हटाने के लिए इस्तेमाल किया जारहा है। नेशनल हेराल्ड और एजेएल का इतिहाससिंघवी ने कहा कि नेशनल हेराल्ड को प्रकाशित करने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) ब्रिटिश काल में अंग्रेजों के खिलाफ खड़ीथी। कई बार देखा गया है कि आदर्शों पर आधारित संस्थाएं आर्थिक रूप से कमजोर हो जाती हैं। एजेएल के साथ भी ऐसा हुआ और इसे बचाने केलिए कांग्रेस ने समय-समय पर 90 करोड़ रुपये तक ऋण दिया। यंग इंडियन कंपनी का गठनडॉ. सिंघवी ने बताया कि इस ऋण को इक्विटी में बदलने के लिए यंग इंडियन नामक नॉन-प्रॉफिट कंपनी बनाई गई। इसमें सोनिया गांधी, राहुलगांधी, मोतीलाल वोरा, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और ऑस्कर फर्नांडिस शामिल थे। यह कंपनी न तो लाभ कमा सकती है और न ही निदेशकों को वेतनमिलता है। मनी लॉन्ड्रिंग का सवाल ही नहींसिंघवी ने साफ कहा कि इस मामले में न तो कोई पैसा लिया गया, न कोई संपत्ति बदली गई और न ही कोई लाभ कमाया गया। इसलिए मनीलॉन्ड्रिंग का सवाल ही नहीं उठता। कोर्ट और निजी शिकायतडॉ. सिंघवी ने बताया कि यह मामला निजी शिकायत पर शुरू हुआ था। बाद में शिकायतकर्ता ने खुद हाईकोर्ट से इस मामले में स्टे ले लिया। कोईसरकारी शिकायत इस मामले में कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि अब नई एफआईआर जल्दबाजी में दर्ज की गई। भाजपा की राजनीति पर टिप्पणीसिंघवी ने कहा कि भाजपा की राजनीति विपक्ष को थकाने, झूठ फैलाने और एजेंसियों को अपने हिसाब से चलाने की है। उनका नया नारा है ना सबूत, ना तर्क, सिर्फ निशाना बनाना। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई केवल जनता का ध्यान असली समस्याओं से हटाने के लिए की गई है। समापन और संदेशडॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक प्रतिशोध है और इसका कोई वास्तविक कानूनी परिणाम नहीं होगा। उन्होंने जनतासे अपील की कि वे इस तरह की राजनीति से भ्रमित न हों और सच्चाई को समझें।
आशीष सूद ने जनकपुरी में सीवर सफाई और कचरा प्रबंधन का काम शुरू किया

सरिता साहनी01 दिसंबर 2025, नई दिल्ली दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने आज जेल रोड से केशोपुर तक जाने वाली 6.85 किलोमीटर लंबी मुख्य ट्रंक सीवर लाइन की सफाई काकाम शुरू किया। यह काम कई सालों के बाद हो रहा है। मंत्री ने कहा कि इस सफाई से वीरेंद्र नगर, शिव नगर, हरिनगर और जनकपुरी के कई इलाकोंमें गंदे पानी और सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर होगी। सीवर लाइन की हालत और सफाई की जरूरतसूद ने बताया कि यह सीवर लाइन लगभग 1.5 मीटर चौड़ी है और पिछले कई सालों से इसमें करीब 65% सिल्ट जमा हो चुकी थी। इसी वजह सेइलाके में सीवर का पानी बाहर निकलता रहता था और लोगों को परेशानी होती थी। सफाई के लिए 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साफ सफाई कैसे होगीमंत्री ने बताया कि सफाई के लिए दो मैनहोल के बीच सीवर फ्लो को अस्थायी रूप से रोका जाएगा और बाईपास लाइन से पानी आगे भेजा जाएगा।पाइपलाइन में जमा सारी सिल्ट को आधुनिक मशीनों से निकाला जाएगा। इस काम के पूरा होने से लोगों को राहत मिलेगी और इलाके का पानीसाफ रहेगा। जनकपुरी वार्ड 104 का निरीक्षणसूद ने वार्ड 104 के कई ब्लॉक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि कुछ जगह कूड़ा ठीक से नहीं निपटा है और फुटपाथ टूटी हुई हैं। C-4/A ब्लॉक के निवासियों ने बताया कि कूड़ा ढेर में पड़ा रहता है। मंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कूड़ा घरों को रिहायशी इलाके सेहटाकर कमर्शियल जगह पर ले जाएँ। अन्य सुधार कार्यC-4/E ब्लॉक के निवासियों ने ओवरहेड तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए मंत्री का धन्यवाद किया। मंत्री ने कहा कि पूरे जनकपुरी क्षेत्र में बिजली केओवरहेड तार अंडरग्राउंड किए जाएंगे। उन्होंने पार्कों की सफाई, पेड़ों की देखभाल, टॉयलेट की सफाई और सड़कों के निर्माण के लिए भी कड़े निर्देशदिए। सरकार की प्रतिबद्धताआशीष सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार सभी इलाकों में साफ-सफाई औरनागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता को सुरक्षित, आधुनिक और स्वच्छ बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना सरकारकी जिम्मेदारी है। समाज की जिम्मेदारी भी जरूरीमंत्री ने यह भी कहा कि सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोग भी मिलकर इलाके को स्वच्छ और सुंदर बना सकते हैं। सभी की भागीदारी से हीशहर सच में साफ और व्यवस्थित बन पाएगा। भविष्य की योजनासूद ने कहा कि अगले छह महीनों में सीवर की समस्या काफी कम हो जाएगी। टूटी या पुरानी सीवर लाइन को तुरंत बदला जाएगा और सभी कार्यसमय पर पूरे किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे दस दिन बाद फिर से निरीक्षण करेंगे ताकि सभी काम सही तरीके से पूरे हो रहे हों।
प्रधानमंत्री का बयान दिल्लीवालों पर मजाक जैसा, असंवेदनशील – देवेन्द्र यादव

सरिता साहनी01 दिसंबर 2025, नई दिल्ली दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान आप भी मौसम का मजा लीजिए पर अपनी प्रतिक्रियादी। उन्होंने कहा कि यह बयान ऐसे समय में बिल्कुल अनुचित और मजाक जैसा है, जब दिल्लीवासी खतरनाक प्रदूषण के कारण अपनी सांसों केलिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का बयान – मजाक या संवेदनशीलता?देवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान दिल्लीवासियों की जिंदगी का मजाक उड़ाने जैसा है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे वातानुकूलित कमरों मेंरहने वाले प्रधानमंत्री शायद यह महसूस ही नहीं कर सकते कि दिल्ली में लोग धुंध, धूल और जहरीली हवा में जीवन यापन करने के लिए कितनीकठिनाई झेलते हैं। ऐसे समय में मौसम का मजा लीजिए कहना लोगों की परेशानियों को हल्का दिखाने जैसा है। दिल्ली की हवा – गैस चेंबर जैसीदेवेन्द्र यादव ने बताया कि दिल्ली की हवा अब 24 घंटे खतरनाक प्रदूषण के कणों से भरी हुई है। लोग हर सांस में धीरे-धीरे जहरीली गैस ले रहे हैं।हाल के हफ्तों में पीएम 2.5 और पीएम 10 की सांद्रता 440-500 तक पहुँच गई, जो खतरनाक स्तर है। ऐसे माहौल में आनंद लेने या मौसम कामजा लेने की कल्पना करना मुश्किल है। दिल्ली सरकार की मेहनत और दिखावाउन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए कई प्रयास कर रही है। 271 स्प्रिंकलर, 386 एंटी स्मॉग गन, 76 मैकेनिकल स्वीपर, कंस्ट्रक्शन साइट पर 608 एंटी स्मॉग गन, 300 मिस्ट स्प्रे सिस्टम और रोजाना 25,000 मीट्रिक टन कचरे की बायोमाइनिंग जैसी व्यवस्थाएँ की जारही हैं। 2088 प्रवर्तन टीमें काम कर रही हैं। लेकिन इन सभी प्रयासों के बावजूद प्रदूषण इतना है कि जनता असली बदलाव महसूस नहीं कर रही है। प्रदूषण के असली कारणदेवेन्द्र यादव ने मजाकिया अंदाज में कहा कि प्रदूषण के लिए सिर्फ धुंध या धुआँ जिम्मेदार नहीं है। पराली जलाना, वाहनों का धुआँ, निर्माण धूल, टूटी सड़कों से उठती धूल, सड़क किनारे कूड़े के ढेर, औद्योगिक इकाइयाँ और अवैध फैक्ट्रियाँ भी योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इनकारणों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है। भाजपा और मुख्यमंत्री पर कटाक्षदेवेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेता केवल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने मजेदार अंदाज में कहा कि दिल्लीवालों कोप्रदूषण के ढेर में पिसने दिया जा रहा है, और नेता कैमरे के सामने फोटो खिंचवाकर खुश हैं। जनता असली काम चाहती है, सिर्फ दिखावा नहीं। दिल्लीवालों की सांसों का सम्मान जरूरीदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली के लोग हर दिन प्रदूषण झेल रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का बयान और नेताओं की बयानबाजी असंवेदनशीलऔर मजाक जैसा लगता है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि सरकार अपने काम से दिखाए कि वह जनता के स्वास्थ्य और जीवन की चिंता करती है।
रेखा गुप्ता ने इंडियन पिकलबॉल लीग का किया शुभारंभ

सरिता साहनी01 दिसंबर 2025, नई दिल्ली उद्घाटन समारोह का सरल और विस्तृत परिचयइंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंडियन पिकलबॉल लीग (IPBL) का भव्य उद्घाटन किया। यह लीग देश में नएखेलों को लोकप्रिय बनाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। बड़े स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों, कोचों, खेल अधिकारियों और दर्शकों ने उत्साह से भाग लिया। इस लीग का उद्देश्य खिलाड़ियों को नए अवसर देना और खेलों को आधुनिक रूप से आगेबढ़ाना है। मुख्यमंत्री का युवाओं को प्रेरित करने वाला संबोधनअपने भाषण में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह लीग भारत के खेल इकोसिस्टम को सशक्त करेगी। उन्होंने बताया कि पिकलबॉल एक ऐसा खेलहै जिसमें किसी भी उम्र का व्यक्ति आसानी से हिस्सा ले सकता है। इस कारण यह खेल युवाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी उपयुक्त है।मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन खेलों को नई पहचान देते हैं और खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि पिकलबॉल जैसेनए खेल भारत की युवा शक्ति को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहनामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत में खेलों को नईसंस्कृति के रूप में अपनाया गया है। खेलों के प्रति बढ़ती रुचि, खिलाड़ियों के लिए नई योजनाएँ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती पहचानप्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की पहल ने खेलों को सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवन कामहत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है। दिल्ली सरकार की नई योजनाएँ और पहलेंमुख्यमंत्री ने यह घोषणा भी की कि दिल्ली सरकार इस लीग को स्कूलों, कॉलेजों और युवा कार्यक्रमों से जोड़ेगी। सरकार चाहती है कि पिकलबॉलको दिल्ली के बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए। इससे बच्चों में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना का विकास होगा। उन्होंनेबताया कि स्कूलों में पिकलबॉल कोर्ट बनाए जाएँगे और शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि यह खेल आसानी से सभी तक पहुँच सके। पिकलबॉल खेल का बेहद आसान परिचयपिकलबॉल एक ऐसा खेल है जो बहुत सरल तरीके से खेला जाता है। यह खेल टेनिस, बैडमिंटन और पिंग-पोंग के मिश्रण से बना है। कोर्ट छोटा होताहै, इसलिए खिलाड़ी को ज्यादा दौड़ना नहीं पड़ता। प्लास्टिक की हल्की गेंद और पैडल का इस्तेमाल होता है, जिसे पकड़ना और चलाना आसान होताहै।यह खेल 1965 में अमेरिका में शुरू हुआ और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है।भारत में भी यह खेल तेजी से पसंद किया जा रहा है क्योंकि यह खेलने में सरल और रोमांचक दोनों है। युवा खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसरमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लीग में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि इस मंच के माध्यम से कई नए खिलाड़ी सामने आएँगे, जिन्हें भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह लीग भारत में खेलों के भविष्य को मजबूत करेगी और खेलोंको नए युग में प्रवेश कराएगी। खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने की पहलसमारोह के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इंडियन पिकलबॉल लीग देशभर के युवाओं को प्रेरित करेगी और उन्हें खेलों में नए लक्ष्यहासिल करने की दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह आयोजन सिर्फ एक खेल का प्रारंभ नहीं, बल्कि भारत की नई खेल संस्कृति की शुरुआत है।
सौरभ भारद्वाज ने बिहार के वोटरों का अपमान किया – वीरेन्द्र सचदेवा

सरिता साहनी01 दिसंबर 2025, नई दिल्ली दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आज सौरभ भारद्वाज के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सौरभ भारद्वाज ने यह कहकर किभाजपा ने बिहार के लोगों के लिए स्पेशल ट्रेन चलवाकर उन्हें फ्री टिकट और पैसे दिए, बिहार के मेहनती लोगों को गलत तरीके से मुफ्तखोर दिखानेकी कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह बात न केवल गलत है, बल्कि बिहार के सम्मानित वोटरों का अपमान भी है। बिहार के मतदाताओं का सम्मान जरूरीवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि बिहार के लोग पूरे देश में अपनी मेहनत, ईमानदारी और संघर्षशीलता के लिए जाने जाते हैं। ऐसे लोगों पर किसी भी प्रकारका आरोप लगाना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अपने वोट अपने विवेक से देते हैं, किसी लालच में नहीं। इसलिए उन्हें फ्री टिकटलेकर वोट देने वाला बताना बिल्कुल ठीक नहीं है। आप नेताओं की राजनीति पर सवालअपने बयान में सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता बिहार का नाम लेकर केवल राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि असल में आपनेता बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी का एस.आई.आर. विरोधी एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग की जांचप्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिश कर रही है, ताकि लोगों में भ्रम फैले। अवैध वोटर हटने का डरसचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी इसलिए भी परेशान है क्योंकि दिल्ली की वोटर लिस्ट से रोहिंग्या, बांग्लादेशी और अवैध वोटरों के नाम हटाएजा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप को डर है कि अवैध वोट हटने से उनका राजनीतिक फायदा कम हो जाएगा। इसलिए वे यह मुद्दा बदलने और लोगों मेंगलतफहमी पैदा करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। चुनाव आयोग पर अनावश्यक आरोपदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि अब आम आदमी पार्टी भी उन दलों की तरह हो गई है जो चुनाव आयोग पर बिना कारण आरोप लगाते हैं। उन्होंनेकहा कि चुनाव आयोग देश की एक निष्पक्ष और सम्मानित संस्था है, और इसे गलत बातें कहकर बदनाम करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोरकरने जैसा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी दलों और नेताओं को आयोग का सम्मान करना चाहिए। भारत के हर मतदाता का सम्मान होना चाहिएवीरेन्द्र सचदेवा ने अपने बयान के अंत में कहा कि भारत में हर मतदाता का सम्मान जरूरी है, चाहे वह किसी भी राज्य, किसी भी पृष्ठभूमि या किसी भीवर्ग से आता हो। उन्होंने कहा कि सौरभ भारद्वाज का बयान बहुत से बिहारवासियों की भावनाओं को आहत करता है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आमआदमी पार्टी को इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए और मतदाताओं के सम्मान को प्राथमिकता देनी चाहिए। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि राजनीति मेंमतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी राज्य के लोगों का अपमान करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और मतदाताओं के सम्मानके लिए हमेशा खड़ी रहेगी।
भारतीय भाषाओं के घटते इस्तेमाल पर मोहन भागवत की चिंता, ‘अपनी ही भाषा नहीं जानते भारतीय, घरों में मातृभाषा बोलने से बचते लोग’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को भारतीय भाषाओं और मातृभाषाओं के घटते इस्तेमाल पर चिंता जताई। मोहनभागवत ने कहा कि हालात ऐसी स्थिति पर पहुंच गए हैं कि कुछ भारतीय लोग हमारी अपनी भाषाएं नहीं जानते हैं। संत ज्ञानेश्वर की मूल रूप से मराठीमें लिखी गई पुस्तक ‘श्री ज्ञानेश्वरी’ के अंग्रेजी संस्करण के विमोचन के अवसर पर नागपुर में बोलते हुए भागवत ने समाज से भाषाई विरासत के धीरे-धीरे कम होने पर आत्मचिंतन करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘एक समय था जब सारा संचार, लेन-देन, रोजमर्रा के काम संस्कृत में होते थे। अब, कुछ अमेरिकी प्रोफेसर हमें संस्कृत पढ़ाते हैं, जबकि वास्तव में हमें इसे दुनिया को सिखाना चाहिए था। आज बहुत से बच्चे कुछ बुनियादी और सरलशब्द भी नहीं जानते हैं और अक्सर घर पर अपनी मातृभाषा और अंग्रेजी के मिश्रण में बात करते हैं।’ अग्रेजी शब्दों की आवश्यकता होतीआरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि कुछ भारतीय लोग हमारी अपनी भारतीय भाषाएं नहीं जानते हैं।’ उन्होंने कहा कि अंग्रेजीमाध्यम की शिक्षा इसके लिए जिम्मेदार नहीं है, बल्कि घर पर भारतीय भाषाएं बोलने की अनिच्छा के कारण स्थिति और बिगड़ रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम अपने घर में अपनी भाषा ठीक से बोलें, तो चीजें बेहतर होंगी। लेकिन हम ऐसा नहीं करते।’ भागवत ने कहा कि अब संत भी अंग्रेजी में बातकरते हैं, जो समझ में आता है, लेकिन यह अभी भी बदलती भाषाई प्राथमिकताओं का संकेत है। संत ज्ञानेश्वर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा किसंत ने समाज की बेहतर समझ के लिए भगवद् गीता के ज्ञान को मराठी में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, ‘अब समस्या यह है कि अंग्रेजी भाषा में पर्याप्तशब्द नहीं हैं जो हमारी भाषाओं में व्यक्त विचारों या अवधारणाओं के सार और गहराई को व्यक्त कर सकें। ज्ञानेश्वर द्वारा प्रयुक्त एक शब्द के लिएअक्सर कई अंग्रेजी शब्दों की आवश्यकता होती है, लेकिन वह पूरी तरह से इच्छित अर्थ नहीं बता पाता।’ अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा इसके लिए जिम्मेदार नहींएक उदाहरण देते हुए उन्होंने भारतीय परंपरा में बताए गए कल्पवृक्ष का उल्लेख किया। सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अवधारणाओं का विदेशी भाषा मेंअनुवाद करने की सीमाओं पर जोर देते हुए भागवत ने पूछा, ‘आप कल्पवृक्ष का अंग्रेजी में अनुवाद कैसे करेंगे?’ उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण इस बातपर जोर देते हैं कि भारतीय भाषाओं को संरक्षित और मजबूत क्यों किया जाना चाहिए। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय भाषाओं औरमातृभाषाओं के घटते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा इसके लिए जिम्मेदार नहीं है, बल्कि घर पर भारतीय भाषाएंबोलने की अनिच्छा के कारण स्थिति और बिगड़ रही है।