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महाराष्ट्र में देरी से बने जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार अमान्य, अगस्त 2023 के बाद जारी प्रमाण पत्र रद्द

महाराष्ट्र सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा है कि राज्य में देरी से बनने वाले जन्म प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड को दस्तावेज नहीं माना जाएगा।साथ ही सरकार ने अगस्त 2023 के बाद से सिर्फ आधार कार्ड के जरिए बने सभी जन्म प्रमाण पत्र को भी रद्द करने का निर्देश दिया है। दरअसलसरकार ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र बनने से रोकने के लिए यह आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि अवैध कामों में इनफर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल हो रहा है। बावनकुले ने सभी संदिग्ध दस्तावेजों को भी रद्द करने का आदेशमहाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सभी संदिग्ध दस्तावेजों को भी रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन अधिकारियों केखिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज जारी किए। राजस्व विभाग ने राज्य के सभी तहसीलदार, एसडीओ और जिलाआयुक्तों और मंडल आयुक्तों को भी 16 बिंदुओं में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आधार कार्ड को जन्म प्रमाणपत्र के लिए सबूत नहीं माना जा सकता। राजस्व मंत्री बावनकुले ने ये भी कहा कि आवेदक की जानकारी और आधार कार्ड की तारीख में कोई भीगड़बड़ी पाई गई तो पुलिस केस दर्ज किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति असल दस्तावेज पेश नहीं कर पाता है तो उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्जकी जाएगी। आदेश ऐसे समय आयागौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब राज्य सरकार ने बीते दिनों 42 हजार से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रद्द किएहैं, जो कथित तौर पर भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों ने बनवा लिए थे। एक विशेष अभियान चलाकर महाराष्ट्र सरकार अवैध बांग्लादेशियोंकी पहचान कर रही है। ऐसे में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र आगे न बन पाएं, यही वजह है कि सरकार इसके नियम और प्रक्रिया को सख्त करने जा रही है।उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से भी निर्देश जारी किया गया है कि आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र या जन्म की तारीख के सबूत के तौर पर दस्तावेजनहीं माना जाएगा। उत्तर प्रदेश के योजना विभाग द्वारा अन्य सभी विभागों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

लखनऊ में राष्ट्रीय जंबूरी का समापन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 15 हजार स्काउट-गाइड्स की सलामी

भारत स्काउट एंड गाइड की संरक्षक व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को लखनऊ में होंगी। वृंदावन स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में आयोजित 19वींराष्ट्रीय जंबूरी के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति करीब 90 मिनट तक स्काउट्स गाइड्स के बीच रहेंगी। इस दौरान अलग-अलग प्रांत, राज्य वविदेश के 15 हजार प्रतिभागी उन्हें सलामी देंगे। भारत स्काउट एंड गाइड यूपी के मुख्यायुक्त प्रभात कुमार ने बताया कि प्रस्तावित कार्यक्रम केअनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू दोपहर 3:30 मिनट पर राष्ट्रीय जंबूरी में शिरकत करेंगी। उनके स्वागत में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ भी शामिल होंगे। राष्ट्रपति प्रोटोकॉल के अनुसार, कार्यक्रम करीब 1:30 घंटे तक चलेगा। अपने-अपने परिधान में संस्कृतिमुख्य आयुक्त के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान यूपी सहित देश सभी राज्यों, सेंट्रल रेलवे और विदेशी स्काउट गाइड अपने-अपने परिधान में संस्कृतिप्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की ओर से मार्च पास्ट और कलर पार्टी भी होगी। परेड में सभी स्काउट गाइड अपने-अपने ड्रेस और बैंडबाजा के साथ जंबूरी के राष्ट्रीय संगीत पर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कल राष्ट्रीय जंबूरी के समापन पर लखनऊ आएंगी। स्काउटगाइड के बीच वह 90 मिनट रहेंगी। उन्हें 15 हजार युवा सलामी देंगे। इसमें राज्यपाल और सीएम भी शामिल होंगे।

31 दिसंबर से उड़ान भरेगा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, सुरक्षा मानकों के लिए सीएम योगी ने दिए कड़े निर्देश

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 31 दिसंबर से वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो जाएंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बृहस्पतिवार को एनआईए, ब्यूरो ऑफ सिविल एविशन सिक्योरिटी, यमुना प्राधिकरण, नागर विमानन महानिदेशालय के अफसरों केसाथ समीक्षा बैठक की। इसमें सीएम योगी ने 31 दिसंबर की डेडलाइन दी। अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के निरीक्षण के बाद सीएम योगी ने समीक्षा बैठकमें कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सबसे पहले सुरक्षा जांच के बाद एयरोड्रम लाइसेंस की प्रक्रिया कीजाएगी। 4 दिसंबर तक डीजीसीए से लाइसेंस जारी हो जाएगा। 15 दिसंबर को उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय लिया जा रहा है।निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के बोर्डरूम में मंत्री नगर विमानन मंत्रालय, सचिव नगर विमानन मंत्रालय, अपर मुख्य सचिव नागरिकउड्डयन,निदेशक नागरिक उड्डयन, डीजी डीजीसीए, डीजी नगर विमानन सुरक्षा, डीआईजीसीआईएसएफ, एयरपोर्ट एथोरिटी ऑफ इंडिया, नोएडाइंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ और नोडल ऑफिसर, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथउच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर विस्तृत पावरप्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की गई। परियोजना की प्रगति पर समीक्षा,एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रमपरियोजना की प्रगति पर समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने पाया कि एयरपोर्ट को अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर उन्होंनेनिर्देश देते हुए कहा कि ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी और सीआईएसएफ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर सभी सुरक्षा मानकों कोतत्काल पूर्ण किया जाए और शीघ्रातिशीघ्र सिक्योरिटी क्लीयरेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “एयरपोर्ट प्रदेश कीमहत्वाकांक्षी परियोजना है, इसलिए जहां भी सुरक्षा या अन्य कार्य शेष हैं, उन्हें तेज गति और सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।” माननीयमुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के विकास और वैश्विक निवेश की नई पहचान बनने जा रहा है। इसलिए निर्माण कार्योंकी गुणवत्ता, समयबद्धता और विभागीय समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता पर होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए किउद्घाटन समारोह की तैयारियों को पूर्ण करे। वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा, जिसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ होगी। पूरी क्षमता पर विकसित होनेपर जेवर एयरपोर्ट में कुल 5 रनवे होंगे, इसका विस्तार 11,750 एकड़ तक होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा जोइसे विश्व के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल कर देगा। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री बृजेश सिंह, विधायक जेवर धीरेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर, अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश दीपक कुमार, मण्डलायुक्त मेरठ मण्डल मेरठ भानू चंद्र गोस्वामी, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम सहित शासन, प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थ्ति रहे।

दीप्ति शर्मा बनी सबसे महंगी खिलाड़ी, यूपी वारियर्स ने मेगा नीलामी में दिखाई आक्रामक रणनीति

महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 सीजन के लिए मेगा नीलामी गुरुवार को संपन्न हुई। इस नीलामी में कुल 277 खिलाड़ी शामिल हुए थे, जिनमें से 67 खिलाड़ियों पर बोली लगी। पांचों फ्रेंचाइजी के पास कुल 73 रिक्त स्थान थे, लेकिन नीलामी में टीमों ने मिलकर 67 खिलाड़ियों कोखरीदा, जिनमें 23 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। इस नीलामी में सबसे महंगी खिलाड़ी भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्हें यूपी वारियर्स नेआरटीएम का इस्तेमाल करते हुए 3.2 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा। सभी फ्रेंचाइज़ी ने मिलकर कुल 40.8 करोड़ रुपये खर्च किए। डब्ल्यूपीएल2026 सीजन की शुरुआत 9 जनवरी से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 5 फरवरी को खेला जाएगा. यूपी आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथने मेगा नीलामी में सबसे आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ते हुए कई बड़े फैसले लिए। टीम ने पहले ही राउंड में यह साफ कर दिया किवे दीप्ति शर्मा को किसी भी कीमत पर जाने नहीं देंगे। दीप्ति पर कई टीमों ने बोली लगाई, लेकिन अंत में यूपी ने आरटीएम कार्ड का इस्तेमाल करतेहुए 3.20 करोड़ में उन्हें अपनी टीम में बरकरार रखा। यह न सिर्फ नीलामी की सबसे महंगी बोली थी, बल्कि यह इस बात का भी संकेत था किफ्रेंचाइजी उनके ऑलराउंड कौशल पर कितना भरोसा करती है। दीप्ति हाल ही में 2025 वनडे विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहीं, जहां उन्होंने215 रन और 22 विकेट लेकर भारत की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महान कप्तान मेग लैनिंगयूपी ने नीलामी में एक और बड़ा धमाका करते हुए ऑस्ट्रेलिया की महान कप्तान मेग लैनिंग को 1.90 करोड़ में अपनी टीम से जोड़ा। लैनिंग पिछलेतीन सीजन से दिल्ली कैपिटल्स को लगातार फाइनल में ले जाने का अनुभव रखती हैं, ऐसे में यूपी वॉरियर्स को अब एक मजबूत नेतृत्व का विकल्प भीमिल गया है। इसके अलावा टीम ने अपना दूसरा आरटीएम इस्तेमाल करते हुए दुनिया की नंबर-1 टी20 स्पिनर सोफी एक्सलस्टोन को भी वापसबुलाया, जबकि भारत की युवा पेसर क्रांति गौड़ को भी आरटीएम से ही टीम में शामिल रखा गया। इसके बाद यूपी ने स्क्वॉड को बैलेंस करने के लिएफीबी लिचफील्ड, शिखा पांडे, क्लो ट्रॉयन, आशा शोभना, प्रतिका रावल और अन्य युवा खिलाड़ियों को जोड़ा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही किऑस्ट्रेलिया की कप्तान और डब्ल्यूपीएल की सबसे चमकदार चेहरों में से एक एलिसा हीली अनसोल्ड रह गईं।

दिल्ली की बदहाल हक़ीक़त और बदलाव की पुकार – देवेन्द्र यादव का बड़ा बयान

कांग्रेस का संदेश दिल्ली को झूठ और भ्रष्टाचार की राजनीति से मुक्ति दिलानी होगीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कंस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 30 नवम्बर को होने वालेनिगम उपचुनाव दिल्ली के लिए बेहद निर्णायक हैं। उन्होंने अपील की कि दिल्ली के लोग यह चुनाव सिर्फ एक प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे अपनीआने वाली पीढ़ियों के भविष्य के रूप में देखें। देवेन्द्र यादव के अनुसार भाजपा और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को झूठे वादों, फरेबी योजनाओं औरखोखली राजनीति में उलझाकर रखा है। आम आदमी पार्टी ने 2500 रुपये मासिक, 500 रुपये में सिलेंडर और त्योहारों पर मुफ्त गैस का वादा किया, पर सच में जनता को सिर्फ धोखा मिला। BJP ने भी दिल्ली के मुद्दों को हल करने के बजाय सत्ता, बयानबाज़ी और दिखावे में समय बिताया। आजजब दिल्ली प्रदूषण, गंदगी, टूटी सड़कों, अव्यवस्थित परिवहन और बिगड़ी कानून व्यवस्था से जूझ रही है, तब कांग्रेस ही एकमात्र विकल्प बनकर खड़ीहै। शीला दीक्षित का स्वर्णिम शासन दिल्ली को विश्वस्तरीय पहचान मिली थीदेवेन्द्र यादव ने कांग्रेस के 15 वर्ष के कामकाज को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित सरकार का शासन दिल्ली के इतिहास का सबसेसुनहरा दौर था। उस समय दिल्ली को हर मायने में विकसित किया गया—सड़कों की गुणवत्ता, परिवहन व्यवस्था, बिजली-पानी, ग्रीन कवर, शिक्षाऔर स्वास्थ्य हर दिशा में उल्लेखनीय सुधार हुआ। दिल्ली में मेट्रो का विस्तार समय पर पूरा हुआ, CNG आधारित DTC बसें लाई गईं, 24 घंटेबिजली उपलब्ध कराई गई, और गरीब व मध्यम वर्ग के लिए योजनाएँ बिना भेदभाव के लागू की गईं। 56,000 मकान बनाकर गरीबों कोसम्मानजनक आवास दिया गया। लोग उस समय दिल्ली को स्वर्ग जैसी दिल्ली कहते थे, जहाँ विकास दिखाई देता था और व्यवस्थाएँ मज़बूत थीं। AAP और BJP का शासन स्वर्ग जैसी दिल्ली को नर्क में बदल दियादेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में AAP और BJP ने मिलकर दिल्ली की हालत बुरी तरह से बिगाड़ दी है। प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँचचुका है, सड़कों की हालत रोज़ाना दुर्घटनाओं को दावत देती है, परिवहन व्यवस्था टूट चुकी है और कानून व्यवस्था दिन-ब-दिन कमज़ोर हो रही है।राजधानी में कूड़े के पहाड़ बढ़ गए हैं, पेंशन योजनाएँ ठप हैं, और स्वास्थ्य सेवाएँ अव्यवस्थित। दिल्ली आज अपराध की राजधानी बनकर रह गई है, जहाँ महिलाएँ असुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि लगातार AQI 400 से ऊपर रहने के कारण प्रदूषण से एक वर्ष में 17,188 लोगों कीमौत होना बेहद दुखद है। सरकारें सिर्फ बयान दे रही हैं, लेकिन समाधान की दिशा में कुछ नहीं कर रहीं। वोट चोरी का आरोप लोकतंत्र पर चोटसंवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस ने अशोक विहार वार्ड में वोट चोरी का मामला भी उजागर किया। वोटर लिस्ट में एक ही चेहरे को 91 बार दोहराए जानेका उदाहरण दिखाकर देवेन्द्र यादव ने चुनाव आयोग और भाजपा की सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्य पर सीधीचोट है और भाजपा यही तरीका अपना कर सत्ता में बने रहना चाहती है। महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल अल्का लांबा का बयानसंवाददाता सम्मेलन में अल्का लांबा ने कहा कि दिल्ली आज अपराध की राजधानी बन गई है। महिलाओं, छात्राओं और युवतियों के साथ होने वालीछेड़छाड़, यौन शोषण और झपटमारी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने बताया कि अमेरिका तक ने अपनी एडवायज़री मेंकहा है कि दिल्ली जाने पर महिलाएँ खुद अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें यह राजधानी के लिए शर्मनाक स्थिति है। शिक्षा के नाम पर छल राजेन्द्र पाल गौतम का आरोपराजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि AAP और BJP ने मिलकर गरीब, दलित और वंचित वर्ग के बच्चों के साथ भेदभाव किया है। प्रतिभा विकासविद्यालयों का नाम बदलकर सीटें प्राइवेट स्कूलों के लिए आरक्षित कर दी गईं, जिससे गरीब छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया। उन्होंने कहा किशिक्षा को महंगा बनाकर आम आदमी पार्टी ने गरीबों से पढ़ाई का अधिकार छीन लिया है, जबकि कांग्रेस ने इन बच्चों के लिए समान अवसर पैदाकिए थे। दिल्ली का भविष्य कांग्रेस ही विकल्प काजी निजामुद्दीनकाजी निजामुद्दीन ने कहा कि आम आदमी पार्टी और भाजपा ने मिलकर दिल्ली को बेरोज़गारी, अव्यवस्था और प्रदूषण की राजधानी बना दिया है।रोजगार खत्म होते गए और झुग्गियों को उजाड़कर गरीबों को बेघर किया गया। उन्होंने कहा कि निगम उपचुनाव सत्ता नहीं बदलेंगे, लेकिन यह बताएंगेकि दिल्ली अब किस दिशा में जाना चाहती है। दिल्ली के पास अब सिर्फ एक विकल्प है कांग्रेस दिल्ली को बचाना है, सच को चुनना हैदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्लीवासी अगर आज बदलाव नहीं चुनेंगे, तो आने वाले साल और भी कठिन होंगे। दिल्ली को फिर से विकसित, स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाना है, जैसा कि शीला दीक्षित के समय था। उन्होंने अपील की कि 30 नवम्बर को सभी 12 वार्डों में कांग्रेस कोसमर्थन देकर दिल्ली को झूठ, फरेब और भ्रष्टाचार की राजनीति से मुक्त कराएं।

दिल्ली की सियासत में लंबी जबान बनाम जनता की समस्याएँ कांग्रेस का बड़ा हमला

मुख्यमंत्री के बयानों पर कांग्रेस का तीखा प्रहारदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बड़बोलेपन और उनके उलझे हुए बयानों को एक अनोखे प्रतीकात्मकप्रदर्शन के माध्यम से उजागर किया। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में रेखा गुप्ता के कटआउट के साथ 100 मीटर लंबी जबान प्रदर्शितकी गई, ताकि जनता को यह दिखाया जा सके कि मुख्यमंत्री के शब्दों और उनके कामों में कितना बड़ा अंतर है। कार्यक्रम में एक वीडियो भी दिखायागया, जिसमें मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान किए गए वादों पर पूछे गए सवालों पर पूरी तरह चुप दिखाई दीं। चाहे महिलाओं को 2500 रुपये देने कावादा हो, होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर का आश्वासन, यमुना की सफाई, बसों की किल्लत, बुजुर्गों की पेंशन—हर मुद्दे पर मुख्यमंत्री की चुप्पी नेउनकी नीयत पर सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री सिर्फ बोलती हैं, काम कुछ नहीं करतींदेवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के बड़बोलेपन की हद इस कदर बढ़ चुकी है कि कभी वह दिल्ली का AQI यानी दिल्ली का IQ जैसे अजीबोगरीबबयान देती हैं, तो कभी जहां फाइल पर कहोगे, मैं अंगूठा लगा दूंगी जैसे गैर जिम्मेदार वक्तव्य। उन्होंने कहा कि इन बयानों से साफ है कि रेखा गुप्ता नदिल्ली को समझती हैं और न ही जनता की तकलीफ़ों के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले जनता को सपने दिखाना और जीत केबाद चुप्पी साध लेना, भाजपा सरकार की पुरानी आदत बन चुकी है। प्रदूषण, टूटे रास्ते, गंदगी, कूड़े के पहाड़, बदहाल बस व्यवस्था—हर मुद्दे परसरकार सिर्फ बयान देती रही, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया गया। कूड़े को कहो तुम्हें जाना होगा कांग्रेस की नई जन जागरूकता मुहिमदेवेन्द्र यादव ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मुख्यमंत्री के कूड़े के पहाड़ से बोलना तुम्हें जाना होगा वाले बयान की तर्ज पर एक अभियानचलाएं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने गली-मोहल्लों में जाकर कूड़े, प्रदूषण, टूटी सड़कों और गंदगी को प्रतीकात्मक रूप से कहें कि तुम्हें जानाहोगा। उनका कहना था कि सिर्फ बोलने से दिल्ली की समस्याएँ हल नहीं होंगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से ही बदलाव आएगा। यह मुहिमजनता के बीच जागरूकता बढ़ाने और सरकार की लापरवाही उजागर करने के लिए शुरू की जा रही है। काज़ी निज़ामुद्दीन का बयान मुख्यमंत्री ने पद की गरिमा खो दी हैअखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि रेखा गुप्ता अपनी लम्बी जबान के कारण न सिर्फ अपने पद की गरिमाको ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि दिल्ली की जनता की सेवा करने की जिम्मेदारी भी निभाने में विफल साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि जनता लगातार पानी, प्रदूषण, बसों की कमी, सड़कों की हालत जैसी समस्याओं से जूझ रही है। लेकिन मुख्यमंत्री इन समस्याओं का समाधान ढूंढने के बजाय, सिर्फबयानबाज़ी में लगी रहती हैं। यही कारण है कि दिल्ली में हर दिन जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस की परमिशन रद्द करने से भाजपा की घबराहट उजागरदेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्यक्रमों की परमिशन लगातार रद्द की गई है। यह साफ संकेत है किभाजपा सरकार अपनी नाकामियों को उजागर होते नहीं देखना चाहती। विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें भाजपा की घबराहट और लोकतंत्रके प्रति उनकी सोच को उजागर करती हैं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बढ़ती परेशानियाँदेवेन्द्र यादव ने कहा कि महिलाएं 2500 रुपये की मासिक सहायता और 500 रुपये में सिलेंडर के वादे पर भरोसा करके भाजपा को सत्ता में लाई थीं।लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा ने अपने लगभग सभी वादों पर चुप्पी साध ली। इसके साथ ही दिल्ली की यमुना दिन-ब-दिन जहरीली होती जारही है, प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पहले से भी बदतर हो चुकी है। शहर में जगह-जगह कूड़े के पहाड़ और गंदगीफैली है। इन समस्याओं के लिए भाजपा जितनी जिम्मेदार है, उतनी ही आम आदमी पार्टी भी है। निगम उपचुनावों पर नज़र—जनता देगी असली जवाबकाज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि 12 वार्डों के इन उपचुनावों में भले ही सरकार न बदले, लेकिन जनता यह जरूर दिखा सकती है कि वह भाजपा और आमआदमी पार्टी की नाकामियों से तंग आ चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर जनता कांग्रेस को जीत दिलाती है, तो पूरे शहर में एक संदेश जाएगा कि अबजनता दोनों पार्टियों से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है। कांग्रेस ने खोला भाजपा के झूठे वादों का पर्दाफाशइस पूरे कार्यक्रम और बयानों के माध्यम से कांग्रेस ने साफ किया कि दिल्ली में भाजपा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सिर्फ बयान देती हैं, लेकिन जनताकी तकलीफों पर कोई काम नहीं करतीं। बढ़ता प्रदूषण, कूड़े के पहाड़, टूटी सड़कें, महिलाओं और बुजुर्गों की समस्याएँ इन सभी को लेकर कांग्रेस अबजनता के साथ संघर्ष करेगी।

क्या 26 BLO की मौत सिर्फ संयोग है या लोकतंत्र पर संगीन हमला? – सुप्रिया श्रीनेत

प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोपकांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगातार हो रही मौतों को बेहद गंभीर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ताको सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी का कहना है कि एसआईआर जिस तेज़ी और दबाव में करवाई जा रही है, उसने देशभर के बीएलओ कोजानलेवा परिस्थितियों में धकेल दिया है। ये हादसे नहीं, दिनदहाड़े हत्याएं हैंसुप्रिया श्रीनेत ने बताया कि पिछले 20 दिनों में 26 बीएलओ की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक गलती नहीं, बल्किएक ऐसा माहौल है जहाँ बीएलओ पर इतना दबाव बनाया जा रहा है कि वे हताशा में अपनी जान देने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने गोंडा के बीएलओविपिन यादव का उदाहरण दिया, जिनके परिवार ने आरोप लगाया कि उन पर ओबीसी वोटरों के नाम काटने का दबाव था। एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल 20 साल की सरकार में 93% स्ट्राइक रेट कैसे?कांग्रेस ने चुनावी आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि किसी राज्य में 20 साल सरकार चलाने के बाद 93 प्रतिशत स्ट्राइक रेटआना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक समझ रहा है कि एसआईआर के नाम पर वोटों में गड़बड़ी की जा रही है। महाराष्ट्र के स्थानीयनिकाय चुनावों में सामने आए उदाहरणों को भी उन्होंने गंभीर बताया जहाँ कोचिंग सेंटरों में सैकड़ों लोग पंजीकृत दिखाए गए, जबकि वहां कोई रहताही नहीं, और हजारों वोटरों के पते गायब मिले। चीन का दावा और प्रधानमंत्री की चुप्पीसुप्रिया श्रीनेत ने चीन के अरुणाचल प्रदेश पर लगातार दावों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि जब देश को बाहरी खतरा महसूस हो रहा है, तबप्रधानमंत्री की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, चीन की आक्रामकता और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर लोग सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान भटकाने में जुटी है। लोकेशन विवाद BJP का बनाया हुआ फर्जी मुद्दाBJP द्वारा X (पूर्व ट्विटर) पर कुछ अकाउंट्स की लोकेशन को लेकर उठाए गए सवालों को भी सुप्रिया श्रीनेत ने फर्जी मुद्दा बताया। उन्होंने X कंपनीके आधिकारिक बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि लोकेशन कई तकनीकी कारणों से गलत दिख सकती है और यह डेटा सटीक नहींहोता। उन्होंने यह भी कहा कि BJP यह बताने से बच रही है कि उसके अपनी पार्टी के कई आधिकारिक अकाउंट विदेशों से क्यों दिखाई देते हैं, जबकि कांग्रेस के हैंडल्स पर सवाल उठाए जा रहे हैं। देश को खतरा कांग्रेस से नहीं, BJP से हैवक्तव्य के अंत में सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि आज लोकतंत्र के सामने जो असली संकट है, वह भाजपा सरकार की नीतियों और उसके तरीके से पैदाहुआ है। उन्होंने कहा कि देश को कांग्रेस से नहीं बल्कि BJP की उन हरकतों से खतरा है, जो युवाओं का भविष्य नष्ट कर रही हैं और जनता के वोट देनेके अधिकार को कमजोर कर रही हैं। जवाबदेही से भाग नहीं सकती सरकार26 बीएलओ की मौत आज पूरे देश में चिंता का विषय है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिकअधिकारों पर हमला है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सरकार चाहे जितना ध्यान भटकाने की कोशिश करे, लेकिन देश इन मौतों, एसआईआर की प्रक्रियाऔर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर ठोस जवाब चाहता है।

सिद्धारमैया या कोई और? कर्नाटक में नेतृत्व पर कांग्रेस हाईकमान का अंतिम फैसला “हाईकमान की बैठक में होगा अंतिम निर्णय”

कर्नाटक में अब मुख्यमंत्री की कुर्सी किसे मिलेगी? इस सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रतिक्रिया दी है। खरगे ने बंगलूरू में पत्रकारोंसे बातचीत में कहा, ‘मैं सबको बुलाकर चर्चा करूंगा। उस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। पूरीहाईकमान टीम मिलकर निर्णय लेगी।’ कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा सफर पूरा किया है। इसीके बाद सत्ता परिवर्तन की चर्चा फिर तेज हो गई है क्योंकि चुनाव से पहले यह संकेत मिले थे कि ढाई-ढाई साल सत्ता साझा होगी, हालांकि पार्टी नेकभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसेराजनीतिक हलकों में कांग्रेस नेतृत्व के लिए संकेत माना जा रहा है। उन्होंने लिखा, ‘वचन की ताकत ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है। जो कहा है, उस पर चलना चाहिए- चाहे वह जज हो, राष्ट्रपति हो या मैं खुद ही क्यों न रहूं।’ उनका पोस्ट ऐसे समय पर आया है जब खुद शिवकुमार ने 29 नवंबरको सोनिया गांधी से मुलाकात का समय मांगा है। बल्कि सामूहिक रूप से लिया जाएगाइसी बीच कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री केएन राजन्ना ने कहा कि अगर पार्टी में नेतृत्व को लेकर विवाद है तो विधानसभा भंग कर दोबारा चुनावकराया जाए। उन्होंने कहा, ‘जब सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री चुना गया था तो वह कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का फैसला था। ऐसे में अगलाफैसला भी सीएलपी को ही करना चाहिए।’ हालांकि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सिद्धारमैया को पूरा कार्यकाल देने का समर्थन किया और दूसरे विकल्पके तौर पर गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर का नाम भी सामने रखा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस पूरी चर्चा को ‘अनावश्यक बहस’ बताया है। वहीं डीकेशिवकुमार ने कहा कि वह कांग्रेस के साथ हैं और उनके इस्तीफे की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान आने वाले कुछ दिनोंमें फैसला कर सकता है। अब सभी की निगाहें आगामी बैठक और दिल्ली में होने वाली अहम बातचीत पर टिकी हुई हैं। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद कोलेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर फैसला बातचीत के बाद ही किया जाएगा।उन्होंने साफ कहा कि यह निर्णय अकेले नहीं बल्कि सामूहिक रूप से लिया जाएगा। उन्होंने बंगलूरू में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा किइस पर पूरा हाईकमान फैसला करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नैनीताल मॉर्निंग वॉक, जनता से संवाद और विकास कार्यों का निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान आम नागरिकों, पर्यटकों एवं स्कूली बच्चों से मुलाकात की। इस दौरानउन्होंने अधिकारियों के साथ पंत पार्क में बन रहे नयना देवी मंदिर के गेट का निरीक्षण भी किया। साथ ही लोगों के साथ चाय पीकर लोगों से वार्ताकी। बुधवार को नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार की सुबह सात बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले। वह सुबह एटीआई से पंतपार्क कपैदल टहले। इस दौरान उन्होंने रास्ते पर पैदल चल रहे लोगों से उनके हाल चाल जाने साथ ही ड्यूटी पर पुलिसकर्मियों से वार्ता कर उनकी दिक्कतेंजानी। वहीं पंत पार्क पहुंचने के बाद उन्होंने नव निर्मित नयना देवी मंदिर के गेट का काम देखा और उसको जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होंने मानसखंड मिशन के अंतर्गत नयना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि मंदिर को और अधिक भव्यव आकर्षक स्वरूप देने के लिए 11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिएइसके साथ ही उन्होंने मिशन के अन्य विकास कार्यों डीएसए मैदान के सुधार, बलिया नाला व ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा कार्यों की भी जानकारीअधिकारियों से ली और संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। जिसके बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों से वार्ता करतेहुए फड़ में चाय बनाई। चाय पीने के दौरान स्थानीय लोगों से वार्ता की । पत्रकारों से वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि ठंड तेजी से बढ़ रही है ऐसे मेंअधिकारियों को सभी रैन बसेरों में व्यवस्थाए दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान उनके साथ सीएससी चन्द्र शेखर रावत, जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह बिष्ट, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजुनाथ टीसी, एसडीएम नवाजिश खलिख, लोनिवि ईई रत्नेश सक्सेना, ईओ रोहिताश शर्मा, तहसीलदार अक्षय भट्ट, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, मनोज जोशी, दया किशन पोखरिया, हरीश राणा व मोहित लाल साह मौजूद थे।

सुनील गावस्कर ने गौतम गंभीर का बचाव किया, कहा कोच का काम टीम बनाना है, प्रदर्शन खिलाड़ियों का

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर मुख्य कोच गौतम गंभीर के समर्थन में उतरे हैं। गावस्कर का कहना है कि कोच का काम टीम बनाना होताहै, लेकिन मैदान पर उतरकर प्रदर्शन करना खिलाड़ियों का काम है। भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार कासामना करना पड़ा जिसके बाद गंभीर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। कुछ फैंस ने तो सोशल मीडिया पर गंभीर को पद से हटाने की मांग तक कर दीहै। गावस्कर ने कहा, ‘गंभीर एक कोच हैं और उनका काम टीम तैयार करना है। कोच अपने अनुभव से आपको बता सकता है, लेकिन मैदान परखिलाड़ियों को ही प्रदर्शन करना होता है।’ गावस्कर ने साथ ही कहा कि गंभीर वही कोच हैं जिन्होंने भारत को चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप कीट्रॉफी दिलाने में मदद की, लेकिन अब घरेलू सीरीज हारने पर उनकी आलोचना की जा रही है। हम अक्सर किसी पर अंगुली तभी उठातेगावस्कर ने कहा, अब जो लोग पूछ रहे हैं कि उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए, उनसे मेरा सवाल है कि जब भारत ने गंभीर के नेतृत्व में चैंपियंस ट्रॉफी जीतीथी, तब आपने क्या किया था? जब भारत ने उनके नेतृत्व में एशिया कप जीता था, तब आपने क्या किया था? क्या आपने तब कहा था कि आपबर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं? क्या आपने तब कहा था कि उन्हें एक विस्तारित अनुबंध दिया जाना चाहिए, वनडे और टी20 क्रिकेट के लिए आजीवनअनुबंध? आपने ऐसा नहीं कहा था। जब कोई टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तभी आप कोच पर नजर डालते हैं। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के पूर्वबल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम का उदाहरण दिया जो इंग्लैंड के सभी प्रारूप के कोच हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलतनहीं है। गावस्कर ने कहा, आपके पास कोच हैं, उदाहरण के लिए ब्रेंडन मैकुलम इंग्लैंड के तीनों प्रारूप के कोच हैं। कई देशों में ऐसे कोच होते हैं जोसभी प्रारूप के लिए मौजूद होते हैं। लेकिन हम अक्सर किसी पर अंगुली तभी उठाते हैं जब टीम हार जाती है। गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलत नहींउन्होंने कहा, आप गंभीर को श्रेय देने को तैयार नहीं हैं। अगर आप उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीत का श्रेय देने को तैयार नहीं हैं, तो कृपयामुझे बताइए कि आप टीम के खराब प्रदर्शन के लिए उन्हें क्यों दोष देना चाहते हैं। आप गंभीर को दोष क्यों दे रहे हैं? पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनररविचंद्रन अश्विन ने भी गंभीर का बचाव करते हुए कहा है कि ऐसे समय में उन्हें बर्खास्त करने की मांग करना सही नहीं है जब खिलाड़ियों ने पर्याप्तजिम्मेदारी नहीं उठाई है। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के पूर्व बल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम का उदाहरण दिया जो इंग्लैंड के सभी प्रारूप के कोच हैं। उन्होंने कहाकि गंभीर को सभी प्रारूप का कोच बनाने में कुछ गलत नहीं है।