कानपुर की खुशी गुप्ता की मेहनत रंग लाई, सीएम योगी ने दिया शिक्षा और आवास का भरोसा

गरीबी व खामोशी से जूझ रही कानपुर की 20 वर्षीय खुशी गुप्ता के जीवन में बुधवार को नया सवेरा आया। अपने हाथों से बनाए चित्रों के माध्यम सेसीएम योगी आदित्यनाथ तक अपना दर्द पहुंचाने की उसकी कोशिश रंग लाई। खुद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए खुशी और उसके परिवार को अपनेसरकारी आवास पर बुलाया, जहां न केवल उसके भविष्य को संवारने का वचन दिया गया, बल्कि परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आवासऔर शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाई। बुधवार को कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी खुशी अपने पिता कल्लू गुप्ता, माता गीता गुप्ता और भाईजगत गुप्ता के साथ मुख्यमंत्री आवास आई थी। आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे इस परिवार से योगी ने स्नेहपूर्वक बात की।खुशी के पिता पहले संविदा पर गार्ड की नौकरी करते थे, जो अब छूट चुकी है। मां गीता गुप्ता घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाती हैं। खुशीअपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों को ध्यान से देखा। मुलाकात के बाद परिजनोंने कहा कि यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आईखुशी की कहानी दृढ़ संकल्प की है। 22 नवंबर को वह बिना बताए अपने घर से अकेली निकल पड़ी थी। उसका एकमात्र उद्देश्य मुख्यमंत्री को अपनेहाथ से बनाया चित्र देना था। राजधानी पहुंचने के बाद वह रास्ता भटक गई और लोकभवन के बाहर बैठकर रोने लगी। हजरतगंज पुलिस ने उसेसंभाला और उसके परिवार को सूचना दी। खुशी पढ़ी-लिखी नहीं है, लेकिन अपने पिता का नाम और मुख्यमंत्री का नाम लिखना जानती थी। सीएम नेखुद बुलाया खुशी के बारे में पता चलने पर योगी ने तुरंत उसके परिवार को अपने आवास पर बुलाया। सीएम ने उसके लिए कानपुर स्थित मूकबधिरकॉलेज में शिक्षा की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट के लिए मोबाइल और टैबलेट भी दिया। सरकार उसके कान केइलाज की भी व्यवस्था कर रही है। परिवार को आवास भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुशी और उसके परिवार से मुलाकात कीऔर उसे मदद का आश्वासन दिया। वो अपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों कोध्यान से देखा।
शेख हसीना और उनके परिवार को प्लॉट घोटाले में जेल, भारत से प्रत्यर्पण प्रक्रिया जारी

बांग्लादेश की एक कोर्ट ने गुरुवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन मामलों में 21 साल जेल की सजा सुनाई। बांग्लादेश कीसरकारी न्यूज एजेंसी बीएसएस ने बताया कि ये तीनों मामले पुरबाचोल में राजुक न्यू टाउन प्रोजेक्ट में प्लॉट बांटने में कथित गड़बड़ियों को लेकर दर्जकिए गए थे। जज ने दोषी की गैरमौजूदगी में यह फैसला सुनाया क्योंकि उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और उसकी गैरमौजूदगी में ही उस परमुकदमा चलाया गया था। बता दें कि शेख हसीना को हर मामले में सात साल की सजा सुनाई गई, यानी कुल 21 साल जेल। कोर्ट ने अपने फैसले मेंकहा, ‘शेख हसीना को प्लॉट बिना किसी अर्जी के और कानूनी तौर पर तय अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दिया गया था।बांग्लादेश एंटी-करप्शन कमीशन (एसीसी) ने इस साल जनवरी में शेख हसीना और उनके परिवार के खिलाफ छह अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।आरोप था कि उन्होंने ढाका के पूर्वाचल इलाके में सरकारी प्लॉटों का अवैध रूप से आवंटन किया। आज जिन तीन मामलों में फैसला आया है, बाकीतीन मामलों का फैसला 1 दिसंबर को सुनाया जाएगा।ढाका की एक अदालत ने गुरुवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के मामलों में 21 साल की सजा सुनाई है। यह सजा तीनप्लॉट घोटाले के मामलों में दी गई है, जिसमें प्रत्येक मामले में सात-सात साल की कैद शामिल है। यह फैसला ढाका के स्पेशल जज-पांच मोहम्मदअब्दुल्ला अल मामून ने सुनाया। सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगावहीं इस मामले में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय को पांच साल की कैद और एक लाख टका जुर्माना और उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल कोभी पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। शेख हसीना और उनके परिवार की ओर से किसी भी मामले में कोई वकील मौजूद नहीं था, क्योंकि वे लंबेसमय से फरार हैं। हालांकि, वे कई बयानों में भ्रष्टाचार के सभी आरोपों को झूठा और राजनीतिक साजिश बताते रहे हैं। इससे पहले ह बांग्लादेश कीराजधानी ढाका में मौजूद अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने शेख हसीना को मानवता विरोधी अपराधों के आरोप में फांसी की सजासुनाई थी। यह आरोप जुलाई 2024 में सरकार विरोधी आंदोलनों को दबाने के दौरान हुई हिंसा से जुड़े हैं। इसी बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार नेभारत से शेख हसीना को वापस भेजने का अनुरोध किया है। भारत ने बताया कि यह अनुरोध मिल चुका है और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत जांचकिया जा रहा है। इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत बांग्लादेश के लोगों की शांति, लोकतंत्र औरस्थिरता के हितों के अनुसार इस पूरे मामले पर विचार कर रहा है और सभी पक्षों से बातचीत जारी रखेगा।’ जुलाई 2024 में बांग्लादेश में छात्रों ने बड़ेपैमाने पर सरकार विरोधी आंदोलन शुरू किया था। स्थिति बिगड़ने पर शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को देश छोड़ दिया और भारत में शरण ली।इसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाई गई।
दिल्ली विधानसभा में ऐतिहासिक क्षण उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कॉफी टेबल बुक का किया भव्य विमोचन

विधानसभा के शताब्दी सम्मान समारोह में उपराष्ट्रपति की प्रशंसादिल्ली विधानसभा सचिवालय में संविधान स्वीकृति दिवस के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत केउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पहली बार तैयार की गई विशेष कॉफी टेबल बुक दिल्ली विधानसभा की प्रस्तुति शताब्दी–यात्रा, वीर विट्ठलभाईपटेल का विमोचन किया। यह पुस्तक 1925 में केंद्रीय विधान सभा के प्रथम भारतीय निर्वाचित अध्यक्ष बने वीर विट्ठलभाई पटेल के 100 वर्ष पूर्णहोने पर तैयार की गई है। कार्यक्रम में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता तथा कईवरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह अवसर न केवल संविधान दिवस का उत्सव था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा के सौ वर्षों कोसमर्पित एक ऐतिहासिक क्षण भी था। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का संदेश दिल्ली को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी बनना चाहिएकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने दिल्ली के महत्व और उसकी वैश्विक पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को किसी औरशहर जैसा बनने की नहीं, बल्कि अपनी विशिष्टता के साथ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी के रूप में उभरने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधानदिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और नागरिक अधिकारों का स्मरण है। यह वह दिन है जब नागरिक स्वयं को संविधानके मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व से जोड़ते हैं। उपराष्ट्रपति ने यह भी बताया कि यह विधानसभा भवन इतिहास का जीवंत हिस्सा है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक बहसों को करीब से देखा है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कियह आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र के विकास की यात्रा से अवगत कराएगी। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने की पहल की सराहनाकार्यक्रम में उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आठवीं विधानसभा के प्रारंभ में उन्होंने इस पुस्तक कीपरिकल्पना प्रस्तावित की थी, और आज इसका साकार होना पूरे दिल्ली के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस हमें याद दिलाताहै कि भारत की लोकतांत्रिक नींव कितनी मजबूत और दूरदर्शी है। यह संविधान ही है जो विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों वाले भारत को एकसूत्र में पिरोता है। उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा संविधान भारत की आत्मा हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यह कॉफी टेबल बुकभारत की संवैधानिक यात्रा का दर्पण है, जिसे देखकर हर भारतीय गर्व महसूस करेगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रकाशन को दिल्ली विधानसभा की ओर से देशको दिया गया एक महत्वपूर्ण उपहार बताया।विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता संविधान पालन करना ही सच्चा सम्मानदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान स्वीकृति दिवस का आयोजन इस ऐतिहासिक भवन में होना एक भावुकऔर गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह भवन स्वतंत्रता, लोकतंत्र और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण बहसों का केंद्र रहा है और आज भी यही परंपराआगे बढ़ रही है। अध्यक्ष ने कॉफी टेबल बुक के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें दुर्लभ ऐतिहासिक छवियों के माध्यम से भारत की 100 वर्ष कीलोकतांत्रिक यात्रा को सुंदर रूप से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बन गई है जो100% सौर ऊर्जा से संचालित हो रही है। इससे हर वर्ष लगभग ₹1.75 करोड़ की बचत होगी, जिसका उपयोग जनसेवा में किया जाएगा। इतिहास, विरासत और लोकतंत्र का संगम विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभाकार्यक्रम में असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक तथा पार्षदगण भी उपस्थितरहे। सभी अतिथियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर और वीर विट्ठलभाई पटेल की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही, संविधानस्वीकृति दिवस के अवसर पर तीन मिनट की विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने संविधान की यात्रा को सरल और रोचक रूप मेंप्रस्तुत किया। लोकतंत्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदमयह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक विरासत, संवैधानिक मूल्यों और दिल्ली की ऐतिहासिक भूमिकाको गर्वपूर्वक प्रदर्शित करने वाला अवसर था।उपराष्ट्रपति, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के विचारों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली न सिर्फ भारत की राजधानी है बल्कि लोकतंत्र कीधड़कन भी है। कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन दिल्ली विधानसभा की उस सतत यात्रा का प्रतीक है, जो इतिहास को सहेजते हुए भविष्य के लिए मार्गप्रशस्त करती है।
देवेन्द्र यादव का आरोप – दिल्ली गैस चैंबर बनी, सरकार तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करे

दिल्ली में बढ़ते दमघोटू प्रदूषण और लगातार 400 से ऊपर पहुँच रहे एक्यूआई के बीच आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव नेभाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राजधानी की बिगड़ती हवा को गैस चैंबर जैसा बताते हुए कहा कि दिल्ली की हर सांसपर संकट मंडरा रहा है और मुख्यमंत्री को तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना चाहिए।कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर सौंपा ज्ञापनदिल्ली में खतरनाक प्रदूषण की स्थितियों को देखते हुए आज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लगाकर दिल्ली सचिवालयपहुँचा। प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम एक विस्तृत ज्ञापन दिल्ली सरकार के पर्यावरण सचिव को सौंपा गया।ज्ञापन के साथ कांग्रेस ने यह संदेश दिया कि दिल्ली की हवा आम लोगों के लिए जानलेवा बन चुकी है और सरकार को अब प्रतीकात्मक बयानबाजीनहीं, बल्कि तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। दिल्ली की हर सांस संकट में, पर मुख्यमंत्री सिर्फ बयान देती हैंदेवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी का लगभग हर इलाका दमघोटू धुंध की चपेट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरे हालात कोहल्के में लेते हुए यह कह रही हैं कि प्रदूषण उन्हें दहेज में मिला है। देवेन्द्र यादव के अनुसार इस तरह के बयान सरकार की संवेदनहीनता को दिखाते हैं, जबकि दिल्ली के गरीब मजदूर, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित – कांग्रेस की चिंतादेवेन्द्र यादव ने कहा कि अमीर परिवार एयर प्यूरीफायर, एयर-कंडीशंड कमरों और रेस्पिरेटर के सहारे खुद को बचा सकते हैं, लेकिन दिल्ली की 90 प्रतिशत आबादी के पास ऐसा कोई साधन नहीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का काम बंद होने पर उनकी दिहाड़ी रुक जाती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट केनिर्देशों के बाद भी रेखा सरकार ने मजदूरों के लिए राहत की कोई नीति नहीं बनाई। सरकार सिर्फ घोषणाओं में व्यस्त, प्रदूषण नियंत्रण में विफलकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 9 महीनों से भाजपा सरकार प्रदूषण रोकने की बजाय सिर्फ घोषणाएँ कर रही है। ग्रेप-3 लागू करने में भी सरकार नेआधे-अधूरे कदम उठाए दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति और प्राथमिक स्कूल बंद किए गए, पर बड़े बच्चों को प्रदूषण से बचाने की कोई योजना नहींबनाई गई। डॉक्टर भी स्वास्थ्य आपातकाल की सलाह दे रहे हैं, लेकिन सरकार टालमटोल कर रही है। पराली, धूल और वाहनों के धुएं पर कोई नियंत्रण नहींदेवेन्द्र यादव ने कहा कि अगर सरकार गंभीर होती तो पड़ोसी राज्यों में पराली रोकने के लिए संवाद करती। इसके अलावा टूटी सड़कों, गड्ढों, उड़ती धूलऔर वाहनों के धुएं पर नियंत्रण करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। राजधानी के कई इलाकों में सड़कों की मरम्मत महीनों से रुकी है, जिससे धूलप्रदूषण कई गुना बढ़ा है। डीटीसी बेड़े में भारी कमी, ग्रीन कवर में कोई सुधार नहींकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले आठ महीनों में दिल्ली की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। डीटीसी से 2000 बसें हट चुकी हैं और दिसंबर तक1032 और बसें हटने वाली हैं। ग्रीन कवर बढ़ाने के नाम पर भी सरकार ने कोई बड़ा काम नहीं किया।उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण की बजाय सरकार ए़क्यूआई डेटा में हेरफेर कर लोगों को गलत जानकारी दे रही है, जो लोगों की सेहत के साथखिलवाड़ है। शीला दीक्षित सरकार के सुधारों का उल्लेखदेवेन्द्र यादव ने कहा कि जब 1998 में कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार सत्ता में आई, तब दिल्ली में सिर्फ 1% ग्रीन कवर था। 15 वर्षों में इसेबढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया, पूरी परिवहन व्यवस्था को सीएनजी पर लाया गया, मेट्रो के दो फेज पूरे किए गए और दिल्ली को किरोसीन मुक्तबनाकर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े सुधारों की तुलना में मौजूदा भाजपा और पूर्व AAP सरकारों ने 11 वर्षोंतक कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया। भाजपा और आप दोनों जिम्मेदार, दिल्ली का दम घुट रहा हैदेवेन्द्र यादव ने कहा कि आज दिल्ली की जनता जिस गंभीर प्रदूषण संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार और उससेपहले की AAP सरकार, दोनों बराबर जिम्मेदार हैं। 11 वर्षों तक दिल्ली की सड़कों, बसों, पार्कों और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी की गई। सिर्फराजनीति और प्रचार किया गया। तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल और सर्वदलीय बैठकदेवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदूषण से जूझ रहे दिल्लीवासियों के लिए अब एक ही रास्ता हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें और सभी दलों को बुलाकर सर्वदलीय बैठक करें। उन्होंने कहा कि बैठक में मिले सुझावोंको लागू कर सरकार को स्थायी और स्पष्ट प्रदूषण नियंत्रण नीति बनानी चाहिए, ताकि दिल्ली के लोग राहत की सांस ले सकें।
गुजरात में नशा और शराब तस्करी का बड़ा खेल, कांग्रेस ने राज्य सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

सरकार की नज़र के सामने फैल रहा नशे का जाल – लालजी देसाई का आरोपकांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक लालजी देसाई ने गुजरात सरकार पर बेहद गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों यानी 2021 से2024 के बीच गुजरात में लगभग 16,000 करोड़ रुपये के नशे की खेप पकड़ी गई। इतनी बड़ी मात्रा में नशा मिलना अपने आप में चौंकाने वाला है, लेकिन उससे भी ज़्यादा हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी भी आरोपी को सज़ा नहीं मिली। देसाई का कहना है कि यह स्थिति साफ दिखाती हैकि सरकार या तो इस मामले को लेकर बेहद लापरवाह है या फिर वह इस पूरे नेटवर्क को बचाने का काम कर रही है। सूखे राज्य में शराब की धड़ल्ले से तस्करीगुजरात शुरुआत से ही शराबबंदी वाला राज्य रहा है, लेकिन लालजी देसाई के अनुसार शराब की तस्करी वहां खुलेआम चल रही है। राजस्थान औरमहाराष्ट्र से रोज़ाना बड़ी मात्रा में शराब गुजरात में लाई जा रही है। इस तस्करी को रोकने की बजाय, कई जगहों पर पुलिस ही तस्करों को संरक्षण देरही है। देसाई का दावा है कि पुलिस को हर सप्ताह लगभग पैंतालीस लाख रुपये का संरक्षण शुल्क दिया जाता है, जिससे साफ है कि बिना सरकारीसहयोग के इतना बड़ा नेटवर्क चल ही नहीं सकता। टोकन प्रणाली का खुलासा रिश्वत देकर गाड़ी पूरे राज्य में सुरक्षितदेसाई ने यह भी बताया कि शराब की तस्करी के लिए गुजरात में एक संगठित टोकन प्रणाली बनाई गई है। तस्कर एक जगह रिश्वत देते हैं और बदलेमें एक टोकन दिया जाता है। यह टोकन पूरे राज्य में मान्य होता है, जिसका मतलब है कि उसके बाद पुलिस कहीं भी गाड़ी को नहीं रोकती। यहप्रणाली इस बात का प्रमाण है कि राज्यभर में तस्करी को सुरक्षा देने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें पुलिस और तस्कर दोनों कीसाझा भूमिका है। कुछ गाड़ियों को पकड़ना सिर्फ दिखावालालजी देसाई ने बताया कि तस्कर अक्सर कुछ गाड़ियों को जानबूझकर पुलिस से पकड़वा देते हैं। इससे ऐसा दिखाया जाता है कि पुलिस शराबबंदीके कानून को सख्ती से लागू कर रही है। लेकिन असलियत यह है कि अधिकांश बड़ी गाड़ियाँ बिना किसी रोक-टोक के आगे भेज दी जाती हैं। यह पूराखेल जनता को भ्रमित करने और असली तस्करी को छिपाने के लिए किया जाता है। जिग्नेश मेवाणी का विरोध इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने सच उजागर कियाकांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी ने जनता के साथ मिलकर कई जगहों पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने पुलिस और तस्करोंकी मिलीभगत को सामने लाने का काम भी किया।लेकिन इसके बाद राज्य सरकार की मिलीभगत से पुलिसकर्मियों के परिवारों को उनके खिलाफ खड़ा किया गया। इससे यह संदेश देने की कोशिशकी गई कि पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि असलियत में मेवाणी केवल तस्करी के नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रहे थे। देसाईने कहा कि राज्य के गृह मंत्री, जो उपमुख्यमंत्री भी हैं, ने पुलिस को इस नेटवर्क के खिलाफ कोई भी कार्रवाई न करने का मौन समर्थन दिया। मुँद्रा बंदरगाह से पकड़ी जा रही है सबसे अधिक नशीली सामग्रीलालजी देसाई ने मुँद्रा बंदरगाह पर भी गंभीर सवाल उठाए, जो एक निजी औद्योगिक समूह के नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक नशीलीसामग्री इसी बंदरगाह से पकड़ी गई है। उन्होंने पूछा कि क्यों नशे की अधिकतर खेपें इसी बंदरगाह से आती हैं और क्यों इन खेपों के भेजने वालों केनाम सार्वजनिक नहीं किए जाते। यह स्थिति खुद ही कई संदेह पैदा करती है, जिनका जवाब सरकार को देना चाहिए। कांग्रेस का बड़ा सवाल क्या सरकार तस्करों को बचा रही है?पूरा मामला इस बात की तरफ इशारा करता है कि गुजरात में नशा और शराब का यह बड़ा व्यापार बिना सरकारी संरक्षण के संभव नहीं हो सकता।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अगर सरकार सचमुच ईमानदारी से कार्रवाई करना चाहे, तो न तो इतने बड़े स्तर पर नशा देश में प्रवेश करेगा और न हीशराब की तस्करी इतनी संगठित तरीके से चल पाएगी। राज्य सरकार पर लगे ये आरोप बेहद गंभीर हैं और यह देखना ज़रूरी होगा कि इन सवालों काजवाब देने के लिए सरकार आगे आती है या नहीं।
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की नई उड़ान कपिल मिश्रा ने शाहदरा में नए आरोग्य मंदिर का किया उद्घाटन

दिल्ली में एक साथ 70 नए आरोग्य मंदिरों की शुरुआतदिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मोहल्ला स्तर तक पहुँचाने के अपने वादे की दिशा में आज एक और बड़ा कदम उठाया। पूरे दिल्ली में एक साथ70 नए आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया गया, जिससे नागरिकों को निःशुल्क और सहज स्वास्थ्य सुविधाएँ और तेज़ी से उपलब्ध होंगी। इसी क्रम मेंश्रम एवं विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने शाहदरा क्षेत्र के सराय मोहल्ला स्थित आरोग्य मंदिर का भव्य उद्घाटन किया। कपिल मिश्रा ने किया जनता के लिए आरोग्य मंदिर का शुभारंभशाहदरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, क्षेत्रीय पदाधिकारी, RWA प्रतिनिधि, निगम पार्षद भरतगौतम, और स्थानीय विधायक संजय गोयल भी उपस्थित रहे। उद्घाटन के दौरान कपिल मिश्रा ने कहा कि सिर्फ शाहदरा में ही आज चार नए आरोग्यमंदिर शुरू किए गए हैं और पूरे दिल्ली में प्रतिदिन 3 से 4 नए केंद्र खोले जा रहे हैं। यह साबित करता है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार कोसर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे में तेजी से सुधारअपने संबोधन में कपिल मिश्रा ने बताया कि सरकार के गठन के समय दिल्ली की स्थिति बेहद दयनीय थी कार्यालयों में धूल, जाले, टूटी व्यवस्था औरयोजनाओं का अभाव था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। दिल्ली में ई-बस सेवा, अस्पतालों का विस्तार, नई सड़कों का निर्माण, पानी और सीवरव्यवस्था—हर क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली केवल विज्ञापनों के भरोसे चल रही थी, जहाँ विज्ञापनों पर करोड़ों रुपयेखर्च होते थे, जबकि जनता की योजनाओं पर एक रुपये का भी निवेश नहीं किया जाता था। नई सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदलते हुए शहरको सही मायने में विकास की राह पर ला खड़ा किया है। 2026 तक 1100 से अधिक आरोग्य मंदिरों का लक्ष्यदिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि मार्च 2026 तक पूरे शहर में 1100 से अधिक आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। आरोग्य मंदिर लोगों को उनकेमोहल्ले में ही निःशुल्क इलाज, दवाइयाँ और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराते हैं। कपिल मिश्रा ने कहा कि यदि किसी भी इलाके में आरोग्य मंदिरके लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो, तो स्थानीय विधायक को जानकारी दें सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी और नया आरोग्य मंदिर स्थापित कर देगी। प्रधानमंत्री मोदी के विज़न से प्रेरित कार्ययोजनाकपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत विकसित दिल्ली का संकल्प दिल्ली की विकास योजनाओं के लिए मार्गदर्शक है।आज दिल्ली सिर्फ राजधानी नहीं, बल्कि देश भर में सुशासन और तेज़ विकास का प्रतीक बन रही है। आरोग्य मंदिर भी इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्साहैं। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों का स्मरणउद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कपिल मिश्रा ने इतिहास और संस्कृति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में राम मंदिरपर धर्मध्वजा फहराई जा रही है यह वह स्वप्न है जिसे वर्षों तक दबाने की कोशिश की गई। मंदिर तोड़ने वालों ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि एकदिन यहाँ भव्य और दिव्य मंदिर खड़ा होगा जिसकी पताका दूर से ही चमकती दिखाई देगी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि गुरुतेग बहादुर जी कीशहादत इसी पावन दिल्ली में इसी दिन हुई थी। यह सिर्फ एक धार्मिक स्मृति नहीं, बल्कि साहस, त्याग और मानवता की शिक्षा देने वाला ऐतिहासिकक्षण है। समय का पहिया ऐसा घूमा कपिल मिश्रा का भावनात्मक संदेशअपने संबोधन में उन्होंने एक अत्यंत प्रभावशाली पंक्ति कही समय का पहिया ऐसा घूमा कि आज औरंगज़ेब की क़ब्र पर दीया जलाने वाला भी नहींबचा, जबकि शीशगंज गुरुद्वारा आज प्रकाश से जगमगा रहा है। यह बात उन्होंने दिल्ली के बदलते स्वरूप, जनता की जागरूकता और देश में बढ़तीसांस्कृतिक चेतना को रेखांकित करने के लिए कही। उन्होंने कहा कि समय ने सब कुछ बदल दिया है—अब सत्य, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की हीविजय होती है। बदलती दिल्ली, मजबूत होती स्वास्थ्य सेवाएँकपिल मिश्रा के नेतृत्व में आज शुरू हुआ यह आरोग्य मंदिर न केवल मोहल्ले की जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि दिल्ली अब तेजी सेबदल रही है। स्वास्थ्य सुविधाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचाना, सड़कों और सेवाओं में सुधार करना, और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना ये सबमिलकर नई दिल्ली का निर्माण कर रहे हैं। सरकार का वादा स्पष्ट है एक स्वस्थ, सुरक्षित और विकसित दिल्ली का निर्माण, जहाँ हर नागरिक कोसम्मान के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ मिले।
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं का नया अध्याय शिव विहार में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का शुभारंभ – डॉ. पंकज कुमार सिंह

स्वास्थ्य सुविधाओं को घर–घर तक पहुँचाने की दिशा में बड़ा कदमदिल्ली सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने शिव विहार, विकासपुरी विधानसभा में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया। यह केंद्र दिल्ली के उन नागरिकों कोबड़ी राहत देगा जिन्हें नजदीक में गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती थी। डॉ. सिंह ने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य हरनागरिक को सम्मानजनक, आसान और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है, और यह केंद्र उसी मिशन का अहम हिस्सा है। दिल्लीभर में 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की शुरुआतआज पूरे दिल्ली में एक साथ 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे इस व्यापकअभियान ने दिल्ली के स्वास्थ्य ढाँचे में तेजी से सुधार लाया है। यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के विज़न को आगे बढ़ाते हुए नागरिकों को आसान और निःशुल्कस्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराने के लिए किया जा रहा है। दिल्ली अब 1100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की दिशा में आगे बढ़रही है। फिलहाल 238 केंद्र पहले से संचालित हैं और आने वाले दिनों में कई और केंद्र जनता के लिए खोले जाएंगे। इससे नागरिकों की स्वास्थ्यसेवाओं तक पहुंच और अधिक सुलभ बनेगी। आयुष्मान हेल्थ कार्ड जारी होने में उल्लेखनीय वृद्धिदिल्ली में अब तक 5.49 लाख से अधिक आयुष्मान हेल्थ कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए जारी किए गएलगभग ढाई लाख VVY कार्ड भी शामिल हैं। ये कार्ड न केवल नागरिकों को मुफ्त इलाज का लाभ देते हैं, बल्कि इलाज के खर्च को लेकर पैदा होनेवाली चिंता भी दूर करते हैं। वर्तमान में 177 अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं सरकारी, निजी और केंद्र सरकार के अस्पताल जहाँ मुफ्त औरकैशलेस इलाज मिल रहा है। अब तक लगभग 13 हजार मरीज योजना के तहत अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं और 21 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेमका निपटान किया जा चुका है। यह साबित करता है कि योजना आम नागरिकों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध हो रही है। शिव विहार केंद्र में उपलब्ध सेवाएँशिव विहार में खोला गया नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थानीय नागरिकों को रोजमर्रा की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ देगा। यहाँ सामान्य बीमारियों कीजांच, परामर्श और जरूरी दवाइयाँ मुफ्त उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण, गर्भावस्था संबंधी जांच, पोषण सलाहऔर शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। केंद्र में लगभग 90 प्रकार की प्रयोगशाला जांचें उपलब्ध होंगी, जिनमें मधुमेह, रक्तचापऔर कैंसर की शुरुआती जांच शामिल है। जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और नशा मुक्ति सेवाएँ भी इस केंद्रका हिस्सा होंगी। स्थानीय समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। यह केंद्र सोमवार सेशनिवार सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक संचालित रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री का नागरिकों के प्रति आभार और वचनलोकार्पण के दौरान डॉ. पंकज कुमार सिंह ने नागरिकों के समर्थन और भरोसे के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोगों की उम्मीदें उन्हेंऔर अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पतालों में लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना सरकार का प्रमुख उद्देश्यहै, ताकि महिलाओं और बुजुर्गों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी नागरिक दूरी, खर्च या सुविधाओं की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएँ अब लोगों के घर के पास पहुँचरही हैं और यह सरकार के वादों को पूरा करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। दिल्ली के स्वास्थ्य ढाँचे में निरंतर सुधारडॉ. सिंह ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरे दिल्ली में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता के साथ कर रही है। आज एक ही दिन में 70 नएकेंद्रों का शुभारंभ यह साबित करता है कि सरकार स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत बनाने में कितनी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि बीमारियों से संबंधित किसी भीशिकायत की तत्काल जाँच की जाएगी और नागरिकों को समय पर इलाज देने में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है एकस्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त दिल्ली, जहाँ हर व्यक्ति का इलाज समय पर, निःशुल्क और सम्मान के साथ हो सके।
गुरु की शहादत को नमन – केजरीवाल और भगवंत मान ने पंजाब की तरक्की के लिए की विशेष अरदास

गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलिगुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के पावन अवसर पर आयोजित अखंड पाठ साहिब के भोग समारोह में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीयसंयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भावपूर्ण रूप से संगत के साथ अरदास में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रमगुरुद्वारा बाबा बुढ़ा दल छावनी में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में संगत मौजूद थी। पंजाब की शांति, विकास और खुशहाली के लिए प्रार्थनाअखंड पाठ साहिब के भोग के बाद दोनों नेताओं ने संगत के साथ मिलकर पंजाब की तरक्की, जनता की खुशहाली, प्रदेश में भाईचारा और शांति केलिए अरदास की। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने कहा कि इस पवित्र अवसर पर संगत के बीच सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए बहुतसौभाग्य की बात है। गुरु ग्रंथ साहिब जी मानवता और समानता का आधारअरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख धर्म ने हमेशा दुनिया को समानता, भाईचारे, दया और मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने कहाकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर इंसान को धर्मनिरपेक्षता, ईमानदारी और समाजवाद की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की आध्यात्मिक विरासत नसिर्फ प्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सरकार ने श्रद्धालुओं की उम्मीदों के अनुसार आयोजन को बनाया यादगार – भगवंत मानभगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अवसर को बेहद सम्मान और भावनाओं के साथ देखते हैं। सरकार नेहर संभव कोशिश की है कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत से जुड़े आयोजन यादगार और भव्य हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का यहकर्तव्य है कि वह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखे और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाए। सिख गुरुओं की कुर्बानियां पूरी मानवता के लिए प्रेरणाकार्यक्रम के दौरान अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने महान सिख गुरुओं और शहीदों भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जीको भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की कुर्बानियों ने दुनिया को न्याय, सत्य और धर्म की रक्षा का मार्ग दिखाया है। दोनों नेताओं नेकहा कि पंजाब की धरती हमेशा बहादुरी, निडरता और देशप्रेम का प्रतीक रही है और इसी विरासत पर प्रदेश के लोग गर्व करते हैं। पवित्र विरासत को सहेजने का संकल्पअरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से और भी मजबूतबनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य सिर्फ स्मरण करना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने महान गुरुओं कीसीख और त्याग से जोड़े रखना भी है। दोनों नेताओं ने कहा कि इस पवित्र समारोह का हिस्सा बनना उनकी जिंदगी के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण औरप्रेरणादायक क्षण है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हिंद की चादर ध्वज यात्रा को दिया ऐतिहासिक शुभारंभ

शहीदी दिवस पर गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को नमनदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित पवित्र और भव्य हिंद की चादर ध्वज यात्रा कोगुरुद्वारा सीसगंज साहिब से रवाना किया। यह ध्वज यात्रा दिल्ली से प्रारंभ होकर पंजाब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब तक पहुंचेगी। यात्रामें शामिल श्रद्धालु गुरु जी की शिक्षाओं और उनके असाधारण बलिदान को याद करते हुए आगे बढ़ेंगे। गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों को जन-जन तक ले जाने का संकल्पमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ध्वज यात्रा को रवाना करते समय कहा कि यह कार्यक्रम गुरु जी के अद्वितीय साहस और सत्य के प्रति उनकी निष्ठा का प्रतीकहै। उन्होंने कहा कि हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक स्वतंत्रता एवं मानवता की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया, और उनकाबलिदान हमेशा देश को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने उपस्थित संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु जी की शिक्षाएँ समानता, शांति, धर्म संरक्षणऔर मानवता आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी तीन सदियों पहले थीं। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का आशीर्वाद लिया और यात्रा की सफल वसुरक्षित पूर्णता की कामना की।धर्म, शांति और भाईचारे का संदेश ले कर आगे बढ़ी यात्रायात्रा के प्रारंभ से पूर्व मुख्यमंत्री ने गुरु साहब को नमन किया और सभी यात्रियों को शुभकामनाएँ दीं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरु जी के आदर्शों कोअपनाने, समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने का संदेश फैलाएँगे। मुख्यमंत्री ने अपील की कि समाज में बढ़ती कटुता और विभाजन के समय गुरुतेग बहादुर जी के संदेश समानता, साहस और भाईचारे को जीवन में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुरु जी की कृपा से हर जीवन सुख, समृद्धिऔर शांति से भरा रहे। गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को समर्पित भावपूर्ण श्रद्धांजलिकार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह के जयकारों के बीच यात्रा को आगे बढ़ाया। यह यात्रा सिर्फधार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ताके नेतृत्व में आयोजित इस ऐतिहासिक ध्वज यात्रा ने दिल्ली से पंजाब तक गुरु जी के अमर संदेशों को फिर से जीवित कर दिया है।
रेखा गुप्ता ने तोड़ा भरोसा, दिल्ली की महिलाएँ अब भी 2500 रुपये की इंतज़ार में – देवेन्द्र यादव का आरोप

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने आज भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर महिलाओं से किए गए वादों को तोड़ने कागंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाएँ पिछले नौ महीनों से 2500 रुपये का इंतजार कर रही हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोईकदम नहीं उठाया। रेखा का धोखा कांग्रेस ने उठाई आवाजसंवाददाता सम्मेलन के दौरान देवेन्द्र यादव ने रेखा गुप्ता की तस्वीर वाला 2500 रुपये का डमी चेक जारी कर भाजपा के चुनावी वादों को याददिलाया। उन्होंने कहा कि यह चेक भाजपा की टूटे वादों की निशानी है। कांग्रेस इस डमी चेक और पम्पलेट को दिल्ली के हर विधानसभा क्षेत्र में, हरघर तक पहुँचाकर बताएगी कि भाजपा ने महिलाओं को कैसे धोखा दिया है। भाजपा का अधूरा वादा और महिलाओं की निराशादेवेन्द्र यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने दिल्ली की प्रत्येक महिला को हर महीने 2500 रुपये देने का वादा किया था। प्रधानमंत्री द्वारा भीइसे सार्वजनिक मंच पर घोषित किया गया था। इसके बावजूद न कोई कमेटी बनाई गई, न कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ, और न ही यह बताया गयाकि महिलाओं को पैसा कब मिलेगा। बजट में 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान होने के बावजूद सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। महिलाओं की आर्थिक स्थिति और सरकार की उदासीनतामहँगाई और बेरोजगारी के बढ़ते बोझ ने दिल्ली के घरों में आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि महिलाओं की रसोई पर महँगाईका सीधा प्रहार हो रहा है, लेकिन सरकार इस संकट को अनदेखा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता महिला होते हुए भीदिल्ली की महिलाओं की समस्याओं को समझने की कोशिश नहीं कर रहीं। AAP और BJP दोनों पर तीखा हमलादेवेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ने दिल्ली की महिलाओं को केवल वादों से छलने का काम किया है। AAP नेतीन बार सरकार में रहते हुए 2100 रुपये देने का वादा किया था, जबकि भाजपा ने 2500 रुपये देने की बात कही थी। लेकिन दोनों ही दलों ने अपनेकिसी भी वादे को पूरा नहीं किया। आज दिल्ली की महिलाएँ इन वादों की सच्चाई समझ चुकी हैं। हर विधानसभा तक पहुँचेगा अभियानकांग्रेस ने रेखा का धोखा अभियान के तहत हर विधानसभा में 2500 रुपये का डमी चेक और सिलेंडर के वादे का पम्पलेट पहुँचाने की शुरुआत की है।निगम उपचुनाव के सभी 12 वार्डों में पहला चरण शुरू किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 25,000 पम्पलेट छपवाए गए हैं। शुरुआतशालीमार बाग से की गई है, क्योंकि यह रेखा गुप्ता का क्षेत्र है और वहाँ की महिलाएँ अभी भी वादों के पूरे होने की प्रतीक्षा कर रही हैं। कांग्रेस नेतृत्व की मजबूत मौजूदगीइस संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, पूर्व विधायक दानिश अबरार, सुखविंदर सिंह डैनी, अनिल भारद्वाज, महिला कांग्रेस कीनीतू वर्मा और दिल्ली महिला अध्यक्ष पुष्पा सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह दर्शाता है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी मजबूती से लड़ने काइरादा रखती है। भाजपा के वादों पर उठे सवालदिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान झूठे वादों का सहारा लेकर वोट हासिल किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद वेसभी वादे हवा हो गए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की महिलाएँ 2500 रुपये और पंजाब की महिलाएँ 1000 रुपये का इंतजार कर रही हैं, लेकिनभाजपा और AAP दोनों ने जनता से किए वादों को भुला दिया है। कांग्रेस का संकल्प हर घर तक सच पहुँचाएंगेअंत में देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस भाजपा के झूठे वादों को जनता के सामने लाने का काम हर घर तक पहुँचा कर करेगी। उनका कहना है किदिल्ली की महिलाओं को न्याय दिलाने और झूठे वादों के खिलाफ आवाज उठाने का संघर्ष जारी रहेगा।