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नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ पहली नजर, ईडी ने किया दावा

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथाअन्य के खिलाफ पहली नजर में धन शोधन का ‘प्रथम मामला बनता है, ईडी ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के समक्ष मामले का संज्ञान लेने केसंबंध में प्रारंभिक दलीलें पेश कीं. इस बीच, न्यायाधीश ने ईडी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में अपने आरोपपत्र की एक प्रति भाजपा नेतासुब्रमण्यम स्वामी को उपलब्ध कराए, जिनकी निजी शिकायत के आधार पर ईडी ने वर्तमान मामला दर्ज किया था। इस मामले में बहस अभी चल रहीहै। धन संसोधन का प्रथम मामलाप्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथाअन्य के खिलाफ पहली नजर में धन शोधन का ‘प्रथम मामला बनता है. ईडी ने विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के समक्ष मामले का संज्ञान लेने केसंबंध में प्रारंभिक दलीलें पेश कीं. इस बीच, न्यायाधीश ने ईडी को निर्देश दिया कि वह इस मामले में अपने आरोपपत्र की एक प्रति भाजपा नेतासुब्रमण्यम स्वामी को उपलब्ध कराए, जिनकी निजी शिकायत के आधार पर ईडी ने वर्तमान मामला दर्ज किया था इस मामले में बहस अभी चल रहीहै. हाल ही में आरोपपत्र दाखिल करने वाली ईडी ने 2021 में अपनी जांच शुरू की थी. जब एक मजिस्ट्रेट अदालत ने 26 जून 2014 को स्वामी कीओर से दायर एक निजी शिकायत पर संज्ञान लिया था. नेशनल हेराल्ड धन शोधन मामले में संघीय एजेंसी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्तसॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि आरोपी तब तक “अपराध की आय का आनंद ले रहे थे. जब तक कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नवंबर2023 में नेशनल हेराल्ड से जुड़ी 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त नहीं कर ली. ईडी ने किया दावाईडी ने आगे दावा किया कि गांधी परिवार ने न केवल अपराध से प्राप्त धन को अर्जित करके धन शोधन किया, बल्कि उस पेसे को अपने पास भीरखा. ईडी ने बताया कि नेशनल हेराल्ड के संबंध में सोनिया गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और अन्य के खिलाफ प्रथम दृष्टया धन शोधन का मामलासामने आया है. इस बीच, न्यायाधीश ने संघीय एजेंसी को शिकायतकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी को एक प्रति उपलब्ध कराने का आदेश दिया. ईडी ने2021 में अपनी जांच शुरू करने के बाद हाल ही में अपना आरोपपत्र दाखिल किया. शनल हेराल्ड मामले में पहली शिकायत 2012 में दर्ज की गईथी. हालांकि, ईडी ने 2014 में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले की जांच शुरू की. यह तब हुआ जब एक ट्रायल कोर्ट ने2012 में स्वामी की ओर से दायर एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर अनियमितताओं की आयकर जांच का संज्ञान लिया था. आरोपों केअनुसार 2010 में, नेशनल हेराल्ड प्रकाशित करने वाली एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) में 1,057 शेयरधारक थे. नेशनल हेराल्ड का किया प्रकाशन बंदशिकायत के अनुसार, गांधी परिवार ने धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और विश्वासघात के जरिए यंग इंडियन लिमिटेड (वाईआईएल) का इस्तेमाल करएजेएल का अधिग्रहण किया. 2008 में भारी कर्ज के बोझ तले दबी एजेएल ने वित्तीय तंगी का हवाला देते हुए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन बंद करदिया. दो साल बाद वाईआईएल बना सोनिया और राहुल गांधी के पास इसके 38-38 फीसदी शेयर थे, जो संयुक्त रूप से 78 फीसदी था. चूंकिएजेएल पर कांग्रेस का 90.25 करोड़ रुपए बकाया था इसलिए पार्टी ने 50 लाख रुपए में इस लोन को वाईआईएल को हस्तांतरित कर दिया. इसहस्तांतरण के साथ ही एजेएल का नियंत्रण वाईआईएल को हस्तांतरित हो गया. अब इस पर अब एजेएल का 99 प्रतिशत स्वामित्व है. ये सारेबदलाव राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) या किसी अन्य नियामक संस्था की निगरानी के बगैर किया गया। जिससे इस लेनदेन परसवाल उठने लगे.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन हुए प्रोटेस्ट कैंसर से पीड़ित, जाखिम को कम करने के लिए कई प्रयास

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं बाइडन के दफ्तर की तरफ से जारी हालिया बयान के मुताबिक, बाइडन को पिछलेहफ्ते ‘आक्रामक तरह’ के प्रोस्टेट कैंसर का पता चला. जो कि उनकी हड्डियों तक फैल चुका है वहीं अब एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आईहै पूर्व राष्ट्रपति के कार्यालय ने बताया है कि बीते सप्ताह से पहले आखिरी बार प्रोस्टेट कैंसर की जांच 2014 में हुई थी. इतना ही नहीं, बीते सप्ताह सेपहले कभी उन्हें इस बीमारी के बारे में पता नहीं चला था. बाइडन के कार्यालय द्वारा जारी बयान में उनके 2014 के पीएसए ब्लड टेस्ट के नतीजे नहींबताए गए हैं. बाइडन के सहयोगियों ने उनके उपचार के बारे में जानकारी दी है वहीं, दावा यह भी किया जा रहा है कि बाइडन के राष्ट्रपति पद पर रहनेके दौरान भी उनके स्वास्थ्य की गहन जांच की गई थी और उस समय प्रोस्टेट कैंसर का संदेह भी जताया गया था. वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भीयह दावा किया है. व्हाइट हाउस में रहने के दौरान छुपाई बीमारीउन्होंने भी कहा कि पूर्व राष्ट्रपति और उनके सहयोगियों ने व्हाइट हाउस में रहने के दौरान इस बीमारी को छुपाया. अप्रैल में व्हाइट हाउस के चिकित्सकद्वारा जब ट्रंप का सालाना शारीरिक परीक्षण किया गया था तब पीएसए सामान्य बताया गया था हालांकि अंतिम पीएसए परिणाम तब भी जारी नहींकिए गए थे. प्रोस्टेट नोड्यूल की खोज के बाद बाइडन के कई मेडिकल परीक्षण किए गए. परीक्षणों के दौरान ग्लीसन स्कोर 9 (ग्रेड ग्रुप 5) पायागया. इससे बाइडन को उच्च श्रेणी का कैंसर होने की पुष्टि हुई यह हड्डी में मेटास्टेसिस का संकेत देता है. उनका परिवार इलाज के तरीकों पर डॉक्टरों सेपरामर्श कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन की सेहत से जुड़ी सूचना मिलने पर ट्रुथ सोशल पर लिखा, मेलानिया और मैं जो बाइडनकी मेडिकल जांच के बारे में सुनकर दुखी हैं. हमारी संवेदनाएं जिल और पूरे परिवार के साथ हैं ट्रंप ने बाइडन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन के डॉक्टर केविन ओ’कॉनर पहले ही आगाह कर चुके हैं कि गिरने से उनकी रिकवरी मुश्किल हो सकती है. व्हीलचेयर का करना पड़ सकता है इस्तेमालहालात अधिक बिगड़ने पर उन्हें व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना पड़ सकता है. जोखिम को कम करने के लिए, कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को कमकरने के कई प्रयास किए. मसलन उनके पैदल चलने के रास्ते को छोटा किया गया. सहारे के लिए रेलिंग बनाई गई. हवाई यात्रा के लिए एयरफोर्सवन विमान में छोटी सीढ़ियों का इस्तेमाल किया गया. खबरों के मुताबिक शारीरिक सेहत के कारण ही बाइडन ने बीते साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपतिचुनाव की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार साल 2022 में करीब 37,948 भारतीयपुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की पहचान की गई. यह इस वर्ष देश में दर्ज किए गए कैंसर के 14 लाख नए मामलों का लगभग तीन प्रतिशत है. अमेरिका मेंप्रोस्टेट कैंसर के 80 प्रतिशत रोगियों में बीमारी का पता शीघ्र चल जाता है जबकि यहां देर से निदान के मामले 20 प्रतिशत ही हैं.

छत्तीसगढ़ के नारायणुर जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, 27 नक्सलियों को मारे जाने की खबर

Chhattisgarh Latest News: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. सूत्रों से मिलीजानकारी के मुताबिक, अबूझमाड़ इलाके में हो रही इस मुठभड़े में अब तक 27 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि मारे गएनक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है कई नक्सलियों के शव और भारी संख्या में हथियार बरामद होने की खबर है. मुठभेड़ में एक जवान केबलिदान होने और एक जवान घायल होने की भी खबर है. नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़जारी है. माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है बताया जा रहा है कि डीआरजी के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है. डीआरजी केजावानों ने नक्सलियों के बड़े कमांडरों को घेर रखा है दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है. 27 नक्सलियों के मारे जाने की खबरकरीब 27 नक्सलियों के मारे जाने खबर सामने आ रही है, मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ भी सकती है. खबर मिल रही है कि इस मुठभेड़ में एककरोड़ का इनामी शीर्ष नक्सली बसव राजू भी मारा गया है कई अन्य बड़े नक्सली नेताओं के भी मारे जाने की खबर है. मारे गए नक्सलियों की संख्याबढ़ने की संभावना है. माड़ के दुर्गम इलाके में बुधवार सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण गोलीबारी जारी थी . इस अभियान कोएक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर अबूझमाड़ जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जहां उनका मजबूत गढ़ माना जाता है। इस सफलतासे क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है . नारायणपुर में चल रहे ऑपरेशन में मारे गए 26 नक्सलियों पर छत्तीसगढ़ विधानसभाअध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं इस बड़े ऑपरेशन के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं. इस ऑपरेशन में एकपुलिसकर्मी के घायल होने के अलावा किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. मैं केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्यमंत्री और विजय शर्मा जी को भी बधाई देता हूं.

ऑपरेशन सिंदूर’ के सिलसिले में संसदीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव करेगें पार्टी का प्रतिनिधित्व, वैश्विक मंच परभारत की सामूहिक आवाज को करेंगें मजबूत

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सिलसिले में संसदीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पार्टी काप्रतिनिधित्व करेंगे. टीएमसी ने ‘X’ पर लिखा, ‘हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत कीवैश्विक पहुंच के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नामित कियाहै. तृणमूल ने आगे कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया को आतंकवाद के बढ़ते खतरे का सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए, अभिषेक बनर्जी काप्रतिनिधिमंडल से जुड़ना दृढ़ विश्वास और स्पष्टता दोनों लाता है. उनकी उपस्थिति न केवल आतंकवाद के खिलाफ बंगाल के दृढ़ रुख को दर्शाएगी. बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की सामूहिक आवाज को भी मजबूत करेगी. आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक संकल्प को है दर्शाताबैजयंत पांडा (भाजपा), रविशंकर प्रसाद (भाजपा), संजय कुमार झा (जदयू), श्रीकांत शिंदे (शिवसेना), शशि थरूर (कांग्रेस), कनिमोझी (डीएमके) और सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कुल 32 देशों और बेल्जियम के ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के मुख्यालय का दौरा करेंगे. प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में छह से आठ राजनेता शामिल हैं. उनकी मदद के लिए एक पूर्व राजनयिक भी साथ होंगे. 51 राजनेताओं में से 31 सत्तारूढ़एनडीए का हिस्सा हैं, जबकि शेष 20 गैर-एनडीए दलों से हैं. सभी सात प्रतिनिधिमंडलों में कम से कम एक मुस्लिम प्रतिनिधि है जो या तो राजनेता याराजनयिक हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘एक मिशन एक संदेश. एक भारत सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलजल्द ही ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रमुख देशों से मिलेंगे, जो आतंकवाद के खिलाफ हमारे सामूहिक संकल्प को दर्शाता है. प्रतिनिधिमंडल में पूर्वकेंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, एम जे अकबर, आनंद शर्मा, वी मुरलीधरन, सलमान खुर्शीद और एसएस अहलूवालिया शामिल भी हैं, जो वर्तमान मेंसंसद के सदस्य नहीं हैं.

भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश को लेकर लिया एक बड़ा फैसला, बंदरगाहों के जरिए आयात को नियंत्रित करने का किया एलान

भारत ने अपने पड़ोसी बांग्लादेश से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के जरिए आयात को नियंत्रित करने काएलान किया है सरकार के इस फैसले पर पूरे बाजार की नजर है कारोबार जगत के जानकार यह मानते हैं कि भारत का यह फैसला पड़ोसी देश कोभड़काने के लिए नहीं है. बांग्लादेश की ओर से भारतीय उत्पादों पर लग रही पाबंदियों के बीच सरकार ने यह कदम सोच समझ कर उठाया गयाहै.ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अजय श्रीवास्तव के अनुसार बांग्लादेश की प्रतिबंधात्मक व्यापार नीतियां न केवल दोनों देशों केबीच व्यापार को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि उसके खुद के आर्थिक हितों को भी नुकसान पहुंचा रही है. श्रीवास्तव के अनुसार भारत ने इस मामले मेंकार्रवाई कर केवल अपने शुरुआती संकेत जाहिर किए हैं, और कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है. आयात पर पड़ेगा असरबांग्लादेश की ओर से सूत और चावल जैसे भारतीय उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगाने और अपनी सीमाओं पर निरीक्षण बढ़ाने का जिक्र करते हुएश्रीवास्तव ने कहा, “बांग्लादेश खुद को नुकसान पहुंचा रहा है वे भारत का कुछ नहीं बिगाड़ सकते. बांग्लादेश से कारोबार पर भारत के फैसले से 77 करोड़ डॉलर से अधिक के आयात पर असर पड़ेगा. यह बांग्लादेश से भेजे जाने वाले सभी सामानों का लगभग 42% है. पिछले साल अकेले रेडीमेडगारमेंट्स का आयात 66 करोड़ डॉलर का था. अब उन्हें सिर्फ कोलकाता और न्हावा शेवा बंदरगाहों के जरिए ही भारत में उत्पाद भेजने की अनुमतिहोगी, जिससे पूर्वोत्तर के जमीनी रास्ते बंद हो जाएंगे. श्रीवास्तव ने कहा, “ये बड़े ब्रांड हैं- एचएंडएम, जारा वे बांग्लादेश में उत्पाद बनाते हैं और दुनियाभर में निर्यात करते हैं. अब वे भारतीय भूमि बंदरगाहों का उपयोग नहीं कर सकते हर चीज समुद्र के रास्ते लानी पड़ेगी. व्यापारिक स्थिति के पीछे है राजनीतिक उद्देश्यहालांकि, श्रीवास्तव ने कहा कि बांग्लादेश की बढ़ती शत्रुतापूर्ण व्यापारिक स्थिति के पीछे आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्य हैं. उन्होंने कहा, “बांग्लादेश कपड़ों से आगे बढ़कर चमड़े जैसे क्षेत्रों में भी विविधता ला रहा था. लेकिन पिछले साल देश में सत्ता परिवर्तन के बाद से कट्टरपंथियों ने इसपर कब्जा कर लिया है. उन्होंने भारत के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है बिना किसी उकसावे के उन्होंने भारतीय वस्तुओं- चावल, धागा, यहां तक किएफएमसीजी को भी रोकना शुरू कर दिया. भारत ने पड़ोसी के प्रतिबंधों पर जवाबी कार्रवाई करने के बजाय, एक नरम संकेत देने का विकल्प चुना. किसी भी चीज का आयात बंद नहीं किया गया है, लेकिन प्रमुख श्रेणियों के उत्पादों को अब अधिक महंगे और धीमे समुद्री मार्गों का उपयोग करनाहोगा. श्रीवास्तव ने कहा, “यह टीजर है. हमने उनके सामान को अवरुद्ध नहीं किया है। हमने केवल प्रवेश बिंदु बदल दिया है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज में 724 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात, बोले डबल इंजन की सरकार कर रही है विकास

Uttar Pradesh Latest News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कासगंज पहुंच चुके हैं. वे करीब 11.27 बजे पुलिस लाइन पहुंचेयहां पर उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप जलाकर और माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम योगी को रुद्राक्ष कापौधा भेंट किया गया. इसके बाद उन्होंने पुलिस लाइन सहित अन्य विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया करीब पौने तीन घंटे तकसीएम जिले में रहेंगे. इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश नया उत्तर प्रदेश बन रहा है. एक बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदेश मेंविकसित हो रहा है. कासगंज के लिए आज का दिन इतिहास का दिन है. विकास की योजनाओं को मिला मूर्त रुप724 करोड़ की विकास योजनाओं को मूर्त रूप मिल रहा है. सीएम योगी ने कहा कि सोरों का विकास अयोध्या की तर्ज पर होगा उन्होंने जिले मेंम्यूजियम बनाने, दरियागंज झील और नदरई पुल के के सौंदर्यीकरण की परियोजना को भी मंजूरी दी है. सीएम योगी ने 724 करोड़ की विकासपरियोजना का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह सौभाग्य है कि भगवान बाराह की जन्म स्थली पर आने का मौका मिला है. उन्होंने कहा कि यहां कीधरा को नमन करता हूं. आगे कहा कि डबल इंजन की सरकार विकास कर रही है. ऑपरेशन सिंदूर पर कहा कि भारत की सेना ने ऐसा सबक दुश्मन कोसिखाया है, जो वो याद रखेगा. भारत ने बता दिया है कि हमारे एक भी नागरिक की जान जाएगी, तो दुश्मन को उसके घर में घुस कर मारेंगे.

खराब फॅार्म से जूझ रहे पंत को मिला आकाश चोपड़ा का समर्थन,बोले असफलता बदल देती है मानसिकता

भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि ऋषभ पंत को टी20 क्रिकेट में अपने दृष्टिकोण का पुन आकलन करने की जरूरत होगी क्योंकिआईपीएल में बुरे सपने जैसे सत्र के साथ उन्होंने भारत की टी20 टीम में जगह पक्की करने का महत्वपूर्ण अवसर गंवा दिया है. पंत भारत की टी20 टीमके नियमित सदस्य नहीं हैं और मौजूदा आईपीएल सत्र में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी. हालांकि लखनऊ सुपरजाइंट्स के कप्तान ने 27 करोड़रुपये की भारी भरकम रकम में टीम से जुड़ने के बाद 12 मैच में केवल 135 रन बनाए. सोमवार रात सनराइजर्स हैदराबाद से हार के बाद सुपरजाइंट्सकी टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई. भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने कहा, ‘सफलता आपको कुछ चीजें सिखा सकती है. हालांकि असफलताएं वास्तव में आपकी मानसिकता बदल देती हैं और अक्सर अच्छे के लिए ऐसा होता है. सत्र था महत्वपूर्णवह भारतीय टी20 टीम के नियमित सदस्य नहीं हैं इसलिए यह सत्र महत्वपूर्ण था. अपनी छाप छोड़ने और एक मजबूत टीम बनाने का मौका. उन्होंनेकहा, ‘ऐसा नहीं हुआ. उनके खुद के फॉर्म में निरंतरता की कमी रही यह अपने आप में एक और सबक है। क्या वह टी20 में भी इसी रवैय पर टिके रहेंगेया सामंजस्य बैठाएंगे?’ आकाश ने कहा, ‘जब आप खराब दौर से गुजर रहे होते हैं तो ऐसा लगता है कि कुछ भी काम नहीं कर रहा है. रातें लंबी लगतीहैं, दिन और भी लंबे। तब आप सीखते हैं -और वापसी करते है. यह एक बुरा सपना रहा है बुरे सपनों की अच्छी बात यह है कि आप अंततः जाग जातेहैं. पंत ने इस सीजन में अब तक 11 पारियों में 12.27 की औसत और 100 के स्ट्राइक रेट से 135 रन बनाए हैं. इसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिलहै बाकी की 10 पारियों में उनका उच्चतम स्कोर 21 रन रहा है। पंत इस सीजन अपने शॉट्स में 59.3 प्रतिशत कंट्रोल में दिखे हैं. उन्होंने इस सीजन- 0, 15, 2, 2, 21, 63, 3, 0, 4, 18 और 7 रन की पारियां खेली हैं.

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, बोले ऑपरेशन सिंदूर था छोटा सा युद्ध

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को छोटा सा युद्ध बताया. कर्नाटक में कांग्रेस की समर्पण-संकल्प रैली को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पहलगाम में 26 लोग इसलिए मारे गए क्योंकिमोदी सरकार ने वहां पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई. मोदी कश्मीर नहीं गए क्योंकि खुफिया एजेंसियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था. केंद्रसरकार ने पर्यटकों से पहलगाम न जाने के लिए क्यों नहीं कहा? अगर उन्हें बताया गया होता, तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी ऑपरेशनसिंदूर तो छोटा सा युद्ध है. इससे पहले विजयनगर हवाई अड्डे पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेसअध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का स्वागत किया. रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘मुझे यहजानकारी मिली कि कर्नाटक में बहुत से लोग जमीन के मालिक हैं, लेकिन उनके पास जमीन के मालिकाना हक नहीं हैं. सरकार से नहीं मिल रही थी कोई सुविधाइसमें सभी समुदायों के लोग शामिल थे. उन्होंने कहा कि उनके पास संपत्ति या मालिकाना हक नहीं था, और न ही उन्हें सरकार से कोई सुविधाएं मिलरही थीं. मैंने इस मुद्दे को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने उठाया और कहा कि जो भी कर्नाटक में जमीन के मालिक हैं, उन्हें मालिकाना हक मिलनाचाहिए. आज, कर्नाटक सरकार 1 लाख परिवारों को मालिकाना हक देने जा रही है. भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों के ठिकानोंपर सटीक हमले किए। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की, जिनका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया. इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के कईसैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें एयर बेस, रडार साइट्स, और कमांड सेंटर शामिल हैं.

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, पाकिस्तानी इंटेलिजेंस से जुड़े होने की आशंका

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यू-ट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के संपर्कों में रहे लोगों से भी पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है. हिसार पुलिस के इनपुट परओडिशा के पुरी में यू-ट्यूबर प्रियंका सेनापति से शनिवार को पूछताछ की गई. बताया जा रहा है कि प्रियंका ज्योति की सहेली है और वह भीपाकिस्तान जा चुकी है. ओडिशा पुलिस ने प्रियंका और ज्योति के बीच कथित संबंधों की जांच शुरू कर दी है. इसके अलावा ज्योति के संपर्क में रहेकुरुक्षेत्र निवासी हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीएमसी) के एक कर्मचारी से हिसार सीआईए ने पूछताछ की. एचएसजीएमसीकर्मचारी को करीब 10-12 घंटे पूछताछ के बाद रविवार दोपहर छोड़ दिया गया. ज्योति पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) से जुड़े कईलोगों के संपर्क में थी. पाकिस्तानी दूतावास में आयोजित इफ्तार पार्टी में हुई थी शामिलज्योति पाकिस्तानी दूतावास में आयोजित इफ्तार पार्टी में भी शामिल हुई. इस पार्टी का वीडियो उसने अपने चैनल पर अपलोड किया था. वीडियो मेंज्योति दानिश और उसकी पत्नी के साथ बात करती दिख रही है. भारत सरकार ने इसी दानिश को गत 13 मई को जासूसी के आरोप में वापसपाकिस्तान भेज दिया था पहलगाम हमले से पहले वह पाकिस्तान और चीन गई थी. बार-बार पाकिस्तान जाने, वहां की इंटेलिजेंस से जुड़े लोगों सेमिलने के कारण ज्योति एजेंसियों के रडार पर थी. इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है. ज्योति किन-किन देशों में और किस मकसद से गई, इसकी जांच की जा रही है सोशल मीडिया पर अपलोड उसके वीडियो से भी मदद ले रहे हैं. कुछ लीड भी मिली है दो-तीन दिन में उससे काफीजानकारियां हासिल कर लेंगे.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर जारी किया अपना बयान, बोले “खाली बैठे लोग बढाते है बातों को काम करने वाले बढ़ते है आगे” जानें क्या है पूरा मामला

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डीएनए के मुद्दे पर वार-पलटवार के बीच सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपना बयान जारी किया है. उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को भाजपा में बाहरी बताया है. उन्होंने कहा कि खाली बैठे लोग बात आगे बढ़ाते हैं‘काम करनेवाले’ आगे बढ़ जाते हैं.चलो हमसब पीडीए मिलकर सकारात्मक राजनीति के मार्ग पर आगे बढ़कर संकल्प उठाएं कि अपनी पीडीए सरकार बनाएंगे, सामाजिक न्याय का राजलाएंगे.जो लोग अपने दलों में पूछे नहीं जाते हैं, अपने मंत्रालय को नाकामी का तमगा पहनाते हैं, निरर्थक बातों में, चाटुकारिता में अपना दिन औरसमय बिताते हैं, उनसे पुनः आग्रह है कि कुछ सार्थक भूमिका निभाइए और जिस समाज का आप सामाजिक प्रतिनिधित्व करते हैं. बोलकर कुछ कहने का नहीं है साहसउप्र भाजपा सरकार के राज में उस समाज पर कितना अत्याचार और अन्याय हो रहा है, उस पर यदि बोलकर कुछ कहने का साहस नहीं है तो कम सेकम इशारे से ही कुछ कह दीजिए. परिपक्व बनिए, सौम्य, शिष्टाचारी और मृदु भाषी भी. उन पर विश्वास मत कीजिए जो अपनों के सगे नहीं हैं, औरवैसे भी आप तो मूल रूप से उनके हैं भी नहीं, बाहर से आकर; भाजपाइयों जैसा बोलकर, भाजपाइयों जैसा बनकर यहां घुलने-मिलने की कोशिश कररहे हैं। अपना राजनीतिक शोषण मत होने दीजिए. अगर आपको इन पर कुछ ज़्यादा ही विश्वास है तो उनके बारे में एक बार ज़रूर सोच लीजिए, जोआज से पहले अपने को भाजपा में महत्वपूर्ण समझते थे और जो मूल रूप से भाजपाई थे, आप की तरह बाहरी भी नहीं थे. आज हैं वो वहां कल आप होंगे जहां. आशा है आप अपने दल में ‘राजनीतिक स्वास्थ्य’ को सुधारने का काम करेंगे. अगर कभी संकट में हों तो हमआपके साथ खड़े रहेंगे। हम जानते हैं वो समय दूर भी नहीं है क्योंकि न तो आप, न ही आपका समाज आज के सत्ताधीश को “भाता है या लुभाता है. आपका समाज उनकी निगाह में दोयम क्या, कभी तियम भी न था और न होगा. आप तो अपनी चहारदीवारी बचाइए और नैतिक बुनियाद भी, वोबचेगी तो आप भी बचे रहेंगे. इस कड़ी का अंतिम पत्र क्योंकि हमें तो जनहित के लिए काम पर निकलना है. बता दें कि इसके पहले भी इस विवाद मेंअखिलेश यादव और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कई टिप्पणी कर चुके हैं और विवाद बढ़ता गया.