यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के मौजूदा विधायकों की दावेदारी पर आ सकता है संकट, एजेंसियों ने गोपनीय तरीके से शुरु किया काम

UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा के मौजूदा विधायकों की दावेदारी पर संकट आ सकता है. टिकटबांटने से पहले सभी विधायकों को जनता की कसौटी पर कसा जाएगा. विधायकों की लोगों के बीच छवि परखने का काम शुरू भी कर दिया गया है. दरअसल, सरकार और भाजपा चुनावी मोड में जाने से पहले अपने विधायकों के बारे में पूरा ब्योरा जुटाना चाहती है. इसलिए उनके कामकाज काऑडिट कराया जा रहा है ताकि पता लगाया जा सके कि कौन विधायक जनता के बीच कितना सॉलिड है. भाजपा प्रदेश में लगातार दो बार सरकारबनाने के बाद अब हैट्रिक की रणनीति बना रही है। ऐसे में पार्टी टिकट बांटने में कोई गलती नहीं करना चाहती. सूत्रों के मुताबिक, विधायकों काऑडिट कराने की जिम्मा सरकार को सौंपा गया है. सरकार ने कुछ एजेंसियों को काम पर लगा दिया है एजेंसियों ने गोपनीय तरीके से काम शुरू भी करदिया है. विधायकों के कामकाज और जनता के बीच छवि का ऑडिटविधायकों के कामकाज और जनता के बीच छवि का ऑडिट कराने के साथ ही सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के सामाजिक व राजनीतिक समीकरणों केआधार पर सर्वे कराने का भी फैसला लिया गया है. विधानसभावार सर्वे करके एक डाटा तैयार किया जाएगा साफ है कि विधानसभा चुनाव 2027 मेंविधायकों को टिकट पाने के लिए अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ेगा. सर्वे में विधायकों की छवि का आकलन ए, बी और सी तीन श्रेणियों में कियाजाएगा. ऑडिट के बाद विधायकों को श्रेणीबद्ध करते हुए अंक दिए जाएंगे सर्वाधिक अंक पाने वाले विधायक को ए श्रेणी में रखा जएगा. इसी प्रकारअंक के आधार पर बी और सी श्रेणी में रखा जाएगा. सरकार के स्तर से पूरा डाटा तैयार करके पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी जाएगी. सर्वे मेंभाजपा के साथ ही मुख्य विपक्षी दलों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी. जातिवार समीकरण के लिहाज से भी रिपोर्ट बनेगी इसमें देखा जाएगाकि किस जाति व समाज में किस दल की पकड़ है. किस पार्टी को लेकर क्या अवधारणा है पार्टी की स्थिति के साथ ही मौजूदा विधायकों के बारे मेंरिपोर्ट तैयार की जाएगी.
विदेश मंत्री एस जयशंकर के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े बयान पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को किया गया खारिज, जानें क्या है पूरा मामला

विदेश मंत्री एस जयशंकर के ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े बयान पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने राहुल के बयान को “तथ्यों का पूरी तरह से गलत प्रस्तुतीकरण” बताया है. विदेश मंत्रालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर सेविदेश मंत्री एस जयशंकर के खिलाफ लगाए गए उन आरोपों का खंडन किया कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने से पहले “पाकिस्तान कोसूचित किया”. विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन के अनुसार, जयशंकर ने कहा था कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद शुरुआती चरण मेंही पाकिस्तान को चेतावनी दे दी थी. विदेश मंत्रालय के एक्सपी डिवीजन ने कहा, “विदेश मंत्री ने कहा था कि हमने पाकिस्तान को शुरुआत में हीचेतावनी दे दी थी, जो स्पष्ट रूप से ऑपरेशन सिंदूर के शुरू होने के बाद का प्रारंभिक चरण है. गलत तरीके से किया जा रहा प्रचारितइसे गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है तथ्यों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया राहुलगांधी की ओर से एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद आई है. जिसमें जयशंकर गुरुवार को दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के बादपत्रकारों से बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं. राहुल गांधी ने सरकार पर गलत काम करने का आरोप लगाया. एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा, “हमारेहमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध था. विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया. 1. इसे किसने अधिकृत किया? 2. इसके परिणामस्वरूप हमारी वायुसेना ने कितने विमान खो दिए? दिल्ली में होंडुरास दूतावास के उद्घाटन के बादगुरुवार को पत्रकारों से बात हुए जयशंकर ने कहा, “यह स्पष्ट है कि कौन गोलीबारी बंद करना चाहता था. आतंकवाद के ढांचे को किया नष्टहमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझेलगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरुआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हमआतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर, और सेना के पास यह विकल्प है कि वह खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे. उन्होंने कहा, “उन्होंने(पाकिस्तान ने) उस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया. उसके बाद 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा. सैटेलाइट तस्वीरों सेपता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया. यह स्पष्ट है कि गोलीबारी कौन बंद करना चाहता था.
ब्रिटेन ने भारत-पाकिस्तान तनाव पर जताई चिंता, संघर्ष विराम बनाए रखने और आतंकवाद से निपटने में मदद को बताया तैयार

ब्रिटिश संसद में उठा भारत-पाक मुद्दाब्रिटिश संसद में मंगलवार को भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव और पहलगाम हमले को लेकर गहन चर्चा हुई। इस दौरान ब्रिटेन के विदेशमंत्री डेविड लैमी ने दोनों देशों के बीच संपर्क बनाए रखने और कूटनीतिक स्तर पर संवाद को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि संघर्ष समाधानके लिए सैन्य के बजाय राजनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पूर्व मंत्री प्रीति पटेल का तीखा सवालब्रिटेन की पूर्व विदेश मंत्री प्रीति पटेल ने पाकिस्तान सरकार से सवाल किया कि वह अपने देश में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को समाप्त करने के लिएक्या प्रयास कर रही है और क्या इस पर ब्रिटेन की कोई भूमिका बनती है। इसके उत्तर में लैमी ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन भारत और पाकिस्तान दोनों केविदेश मंत्रियों से संवाद कर रहा है और उनका उद्देश्य दोनों देशों को संवाद और सहयोग की राह पर लाना है। ब्रिटेन ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा कीडेविड लैमी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि 26 निर्दोष लोगों की हत्याबेहद भयावह और अमानवीय कृत्य था। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन आतंकवाद के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करता रहेगाऔर इस दिशा में भारत-पाक को समर्थन देने के लिए तैयार है। भारत-पाकिस्तान संघर्ष और संघर्ष विराम22 अप्रैल के हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में स्थित आतंकी शिविरों को जिम्मेदार ठहराया और जवाबी कार्रवाई के तहत 6-7 मई की रात नौआतंकी ठिकानों पर सैन्य हमले किए। इन हमलों में कई आतंकियों के मारे जाने की खबर है। इससे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम परपहुंच गया था, लेकिन 10 मई को दोनों देशों ने संघर्ष विराम का ऐलान कर दिया।संघर्ष विराम बनाए रखने में ब्रिटेन की भूमिकाब्रिटिश विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम बनाए रखने के लिए दोनों देशों के साथमिलकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आतंकवाद से निपटने के लिए अमेरिका, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से भी चर्चा जारी है ताकिक्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। लैमी ने कहा कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मसला है, जिसे भारत और पाकिस्तान को आपसी बातचीत से सुलझानाचाहिए। संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उम्मीदसंयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत-पाक संघर्ष विराम का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि यह समझौता आगे भी बरकरार रहेगा।उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने हालिया संकट को जिस समझदारी से सुलझाया है, वही रुख अन्य लम्बे मुद्दों को सुलझाने में भी दिखाना चाहिए।
राहुल गांधी को दलित छात्रों से मिलने से रोका गया: कांग्रेस का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

15 मई 2025 को कांग्रेस के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल ‘जयहिंद’ और बिहार प्रभारी सुश्री रितु चौधरी ने दिल्ली स्थित एआईसीसीकार्यालय (24 अकबर रोड) में प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास में छात्रों से मिलने जा रहे थे, तब सरकार ने उन्हें रोकने की कोशिश की। डॉ. जयहिंद ने इसे संविधान का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की धज्जियां उड़ाने जैसा है।उनका कहना था कि सरकार जानबूझकर दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और आदिवासी छात्रों की शिक्षा को रोक रही है। स्कॉलरशिप बंद की जा रही है, सरकारी स्कूलों की हालत खराब की जा रही है और 11 साल से प्राइवेट संस्थानों में आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ही वह नेता हैं जो इन वंचित वर्गों के लिए लड़ रहे हैं। संसद में भी उन्होंने साफ कहा था कि इस कार्यकाल में जातिजनगणना करवाई जाएगी। सरकार ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर राहुल गांधी को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह पीछे के रास्ते से छात्रावास पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। डॉ. जयहिंद ने कहा – “अब मनुवादी ताकतों के दिन लद चुके हैं। राहुल गांधी सामाजिक न्याय के आंदोलन के नेता बन चुके हैं और इस सरकार कीकोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती।” इसके बाद रितु चौधरी ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे देश में इमरजेंसी लग गई हो। उन्होंने पूछा कि एक नेता विपक्ष अगर छात्रों से मिलने जाए तोक्या उसे इस तरह रोका जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार डरती है कि राहुल गांधी छात्रों की सच्चाई जान लेंगे और छात्रों की आवाज जनता तक पहुंचादेंगे। रितु चौधरी ने कहा कि छात्रावासों में दलित छात्रों को जाति के नाम पर अपमानित किया जाता है, उनकी स्कॉलरशिप और मेरिट रोकी जाती है। उन्होंनेयह भी कहा कि राहुल गांधी अब जननायक बन चुके हैं, और सरकार की कोई ताकत उन्हें रोक नहीं सकती।
सोफिया कुरैशी के खिलाफ विवादित बयान देने पर लगातार देश भर में लोग आक्रोशित हैं वही आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी की महिलाविंग ने बीजेपी के मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन किया

महिलाओं का कहना है कि सोफिया कुरेशी देश की सम्मान है और वह एक सम्मानित पद पर हैउनके खिलाफ विवादित बयान देना ना सिर्फ सोफिया कुरैशी का अपमान है पूरे देश का ही अपमान है पूरे देश की महिला का ही अपमान है
ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक, पेरिस ओलंपिक में सिल्वर के बाद तीसरे टूर्नामेंट की तैयारी में जुटे

भारतीय जैवलिन थ्रोअ (भाला फेंक खिलाड़ी) और डबल ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) में लेफ्टिनेंट कर्नलकी मानद रैंक प्रदान की गई है. साप्ताहिक सार्वजनिक पत्रिका और भारत सरकार के अधिकृत कानूनी दस्तावेज, द गजट ऑफ इंडिया के अनुसार नीरजचोपड़ा की नियुक्ति 16 अप्रैल 2025 से प्रभावी हुई. भारत सरकार के गजट में कहा गया है, ‘प्रादेशिक सेना विनियम 1948 के पैरा 31 के तहतप्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रपति जी को यह प्रसन्नता है कि वे पूर्व सूबेदार मेजर नीरज चोपड़ा, PVSM (परम विशिष्ट सेवा मेडल), पद्मश्री, VSM (विशिष्ट सेवा मेडल), ग्राम एवं डाकघर खांद्रा, पानीपत, हरियाणा को प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक प्रदान कर रही हैं. यह 16 अप्रैल, 2025 से प्रभावी है.’ बता दें कि नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक (2020) में गोल्ड मेडल जीता था. इसके साथ ही वो ओलंपिक केट्रैक एंड फील्ड इवेंट में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन गए थे. फिर नीरज ने पेरिस ओलंपिक (2024) में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. पेरिसओलंपिक में मेन्स जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल पाकिस्तान के अरशद नदीम ने जीता था. वहीं ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहेथे. 2021 में हुए सूबेदार के पद पर पदोन्नत2021 वो सूबेदार के पद पर पदोन्नत हुए 2022 में उनका फिर प्रमोशन हुआ और वे सूबेदार मेजर बने.नीरज चोपड़ा बेंगलुरू में अगले हफ्ते प्रस्तावितएनसी क्लासिक के स्थगित होने के बाद 23 मई को पोलैंड के चोरजोव में 71वें ओरलेन जानुस्ज कुसोसिन्सकी मेमोरियल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे. नीरज को एनसी क्लासिक में विश्व भर और भारत के कुछ अन्य स्टार खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेना था और उन्हें 24 मई को इस प्रतियोगिता कीमेजबानी भी करनी थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव के कारण इसे स्थगित कर दिया गया. पोलैंड में होने वाली यह प्रतियोगितानीरज के लिए सत्र का तीसरा टूर्नामेंट होगा. उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका में की और अब 16 मई को दोहा डाइमंड लीग मेंहिस्सा लेंगे जहां उन्होंने 2023 (88.67 मीटर) में खिताब जीता और 2024 (88.36 मीटर) में दूसरे स्थान पर रहे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया दावा, एप्पल के सीईओ से की उन्होनें बात “जानें क्या है पूरा मामला”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने एपल के सीईओ टिम कुक से बात की है और उनसे भारत में एपल के उत्पादन का विस्तार नकरने के लिए कहा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने दोहा में एक कार्यक्रम में टिम कुक से कहा कि हमेंआपके भारत में निर्माण करने में कोई दिलचस्पी नहीं है वे अपना ख्याल खुद रख सकते हैं. वे बहुत अच्छा कर रहे हैं. दोहा में एक कार्यक्रम में डोनाल्डट्रंप ने एपल सीईओ टिम कुक से कहा कि मुझे टिम कुक के साथ थोड़ी परेशानी थी. कल मैंने उनसे कहा कि टिम आप मेरे दोस्त हैं मुझे लगता है आपबहुत अच्छे हैं आप 500 बिलियन डॉलर लेकर यहां आ रहे हैं लेकिन अब मैंने सुना है कि आप भारत में निर्माण कर रहे हैं. मैं नहीं चाहता कि आपभारत में निर्माण करें यदि आप भारत का ख्याल रखना चाहते हैं तो आप भारत में निर्माण कर सकते हैं क्योंकि भारत दुनिया में सबसे अधिक टैरिफवाले देशों में से एक है इसलिए भारत में बिक्री करना बहुत मुश्किल है. भारत रख सकता है खुद का ख्याल-ट्रंपट्रंप बोले कि मैंने टिम से कहा कि हमने पाया है कि तुम वास्तव में अच्छे हो. हमने वर्षों तक चीन में तुम्हारे द्वारा बनाए गए सभी संयंत्रों को देखा अबतुम्हें हमारे लिए निर्माण करना है हमें भारत में तुम्हारे निर्माण में कोई दिलचस्पी नहीं है. भारत खुद का ख्याल रख सकता है हम चाहते हैं कि तुम यहांनिर्माण करो और वे संयुक्त राज्य अमेरिका में अपना उत्पादन बढ़ाने जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा है कि इस बातचीत के बाद एपलअमेरिका में अपना उत्पादन बढ़ाएगा. हालांकि उन्होंने चर्चा के परिणाम या भारत में एपल की योजनाओं में किसी भी बदलाव के बारे में और विवरणसाझा नहीं किया. ट्रंप की टिप्पणी भारत की ओर से अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने की चेतावनी के कुछ ही दिनों बाद आई है. भारत का यहप्रस्ताव अमेरिका की ओर से भारतीय स्टील और एल्युमीनियम निर्यात पर शुल्क बढ़ाने के जवाब में दिया गया था. दोहा में इसी कार्यकम में अपनेभाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं पर टैरिफ हटाने की पेशकश की है. भारत ने हमसे एक समझौता किया है हम भारत में शीर्ष30 में भी नहीं हैं क्योंकि टैरिफ काफी अधिक है। स्कॉट इस पर भी काम कर रहे थे कि कोई टैरिफ नहीं होगा. इस पर वार्ता जारी है फरवरी मेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस दौरे के बाद भारत और अमेरिका ने औपचारिक व्यापार वार्ता शुरू की थी. भारत के व्यापार मंत्री के अमेरिकीअधिकारियों के साथ और अधिक बैठकों के लिए 17 से 20 मई के बीच अमेरिका का दौरा करने की उम्मीद है.
आमिर खान और राजकुमार हिरानी ने दी दादा साहब फाल्के पर बायोपिक बनाने का अनाउंसमेंट, साउथ में बना चर्चा का विषय “जानें क्या है पूरा मामला”

गुरुवार को आमिर खान और राजकुमार हिरानी ने दादा साहब फाल्के पर बायोपिक बनाने की अनाउंसमेंट की है. इसी बीच साउथ में भी चर्चा है किराजामौली, जूनियर NTR के साथ दादा साहब फाल्के की बायोपिक बनाने जा रहे हैं. ऐसे में अमर उजाला से दादा साहब फाल्के के पोते चंद्रशेखरश्रीकृष्ण पुसालकर से खास बातचीत कर उनके दिल की बात जानी. चंद्रशेखर श्रीकृष्ण पुसालकर ने आमिर और हिरानी के प्रोजेक्ट को लेकर खुशीऔर राजामौली के अप्रोच न करने पर नाराजगी जताई. उन्होंने फाल्के की पत्नी के रोल के लिए एक एक्ट्रेस का नाम भी सुझाया. आमिर खान औरराजकुमार हिरानी का ये प्रोजेक्ट मेरे लिए भी सरप्राइज था. मुझे अभी-अभी पता चला कि उन्होंने टाई-अप किया है लेकिन उनके असिस्टेंट प्रोड्यूसरहिंदुकुश भारद्वाज, पिछले तीन सालों से मेरे टच में रहे हैं. वो बार-बार मुझसे मिलने आते थे, रिसर्च करते थे, डिटेल्स पूछते थे. मैंने उन्हें साफ कहा थाआप लोग ईमानदारी से मेहनत कर रहे हो, आप आगे बढ़िए मुझे कोई आपत्ति नहीं है.फैमिली से करनी चाहिए बातमैं राजामौली के प्रोजेक्ट पर भी चर्चा सुन रहा हूं पर उन्होंने कभी इसे लेकर मुझसे संपर्क नहीं किया. किसी ने भी राजामौली की तरफ से मुझसे बातनहीं की अगर कोई फाल्के जी पर फिल्म बना रहा है तो कम से कम फैमिली से तो बात करनी चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि फैमिली कोदरकिनार कर दिया जाए. फैमिली ही असली जानकार होती है, वही सही कहानियां बता सकती है. अगर आमिर खान यह रोल कर रहे हैं तो मुझे बहुतखुशी है क्योंकि आमिर खान बहुत सीरियस फेलो हैं. वो जिस काम में लगते हैं उसे पूरी ईमानदारी से निभाते हैं. उनके साथ राजकुमार हिरानी जैसेडायरेक्टर भी हैं, जिन्होंने पहले भी बेहतरीन काम किया है. तो मुझे पूरा भरोसा है कि ये टीम फाल्के जी की कहानी को सम्मान के साथ दिखाएगी. फाल्के जी की लाइफ में उनकी पत्नी का बहुत बड़ा योगदान रहा है इस बारे में मैंने भी रिक्वेस्ट की थी कि फिल्म में उनका किरदार भी सही तरीके सेदिखाया जाए। जहां तक एक्ट्रेस की बात आती है तो इसके लिए मेरी पहली पसंद विद्या बालन हैं. उनकी पर्सनैलिटी और एक्सप्रेशन्स इस रोल केसाथ न्याय कर सकते हैं. लेकिन ये फैसला फिल्म की टीम का होगा, मैं सिर्फ अपनी राय दे सकता हूं. राजकुमार हिरानी की टीम ने भरोसा हासिल करने के लिए की मेहनतमराठी भाषा में फाल्के जी पर जो फिल्म बनी थी, उसमें सिर्फ उनकी जिंदगी के शुरुआती दौर का स्ट्रगल दिखाया गया है. अब यह बायोपिक उनकीफुल लाइफ कवर करेगी – कैसे वो बनारस गए, किन मुश्किलों का सामना किया, फैमिली का क्या रोल था, सब कुछ डिटेल में दिखाया जाएगा. मैंनेभी भरद्वाज और उनकी टीम से यही कहा था कि फाल्के जी की नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अचीवमेंट्स को सही तरीके से दिखाना जरूरी है. येप्रोजेक्ट करीब तीन-चार साल से उनकी प्लानिंग में था. हिंदुकुश भरद्वाज और उनकी टीम ने मुझसे हर स्टेज पर बात की, जगह-जगह लेकर गए, स्पॉट्सदिखाए। उनका ये एफर्ट बहुत जरूरी था, क्योंकि आजकल लोग फैमिली से पूछना जरूरी नहीं समझते. लेकिन उन्होंने फैमिली को इनवॉल्व रखा, येअच्छी बात है. मैंने देखा है कि आमिर खान और राजकुमार हिरानी की टीम ने मेरे परिवार से भरोसा हासिल करने के लिए मेहनत की है. वो लगातारकंसल्ट करते रहे हैं इसलिए मैं कह सकता हूं कि ये प्रोजेक्ट सेफ हाथों में है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पहुंचे दरभंगा बिहार, NDA सरकार पर साधा जमकर निशाना सड़क पर खड़े लोगों से मिलाया हाथ

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी दरभंगा पर पहुंच चुके हैं. यहां पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत कियाराहुल गांधी अंबेडकर हॉस्टल के छात्रों के साथ संवाद करना चाह रहे थे. इसे लेकर वह अंबेडकर हॉस्टल की ओर बढ़ रहे थे लेकिन जिला प्रशासन नेरोक दिया कांग्रेस का कहना है कि इस कार्यक्रम की सारी तैयारी पहले ही की जा चुकी थी. लेकिन, अचानक प्रशासन ने अंबेडकर हॉस्टल में धारा144 लागू कर दिया दरभंगा जिला प्रशासन ने अंबेडकर हॉस्टल में राहुल गांधी के कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी. इतना ही नहीं हमारे नेताओं औरकार्यकर्ताओं को ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी परिसर से तीन किलोमीटर पहले ही रोक दिया इससे विवाद बढ़ गया. राहुल गांधी काफिले कोछोड़कर पैदल ही कार्यक्रम स्थल के लिए निकल पड़े गई.सड़क पर खड़े लोगों से मिलाया हाथराहुल गांधी पैदल जाते समय सड़क किनारे खड़े लोगों से हाथ मिलाते हुए लोगों को अभिवादन स्वीकार किया है. राहुल गांधी फिलहाल पैदल हीजिला प्रशासन के विरोध के बावजूद अंबेडकर छात्रावास पहुंच गए. कहा कि सरकार आपलोगों पर 24 घंटा अत्याचार कर रही है. आपको बोलने नहींदिया जा रहा है आपसे बात करना ही मेरा लक्ष्य है पिछड़ा वर्ग और अतिपिछड़ा वर्ग के खिलाफ हमेशा षड्यंत्र किया जाता है. हमने केंद्र की सरकार सेसही तरीके से जातिगत जनगणना करने की मांग की है इस देश में आपके लिए कोई जगह नहीं है लोग आपको रोकना चाहते हैं. देश की सरकार सिर्फपांच से 10 प्रतिशत लोगों के बीच जाती है आपको उल्टी सीधी बात बताई जाती है बिहार की पुलिस हमें आज रोक रही थी. लेकिन, आपकी शक्तिमेरे साथ थी इसलिए मुझे कोई रोक नहीं पाया देश के प्रधानमंत्री देश के 90 प्रतिशत गरीब लोगों के खिलाफ हैं वह सिर्फ पांच से 10 प्रतिशत लोगोके लिए काम करते हैं.नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजीइसके कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और नीतीश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमलोग हर हाल मेंअंबेडकर छात्रावास जाएंगे. हमारा कार्यक्रम अम्बेडकर छात्रावास में होना तय था हम वहीं अपना कार्यक्रम करेंगे दूसरी तरफ जिला प्रशासन अम्बेडकरछात्रावास में कार्यक्रम करने पर रोक लगाते हुए धारा 144 लागू कर दिया है. बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि हम हर हाल मेंअंबेडकर छात्रावास जाएंगे. सरकार के दबाव में ऐसा किया जा रहा है। सरकार डर गई है. इधर, जिला प्रशासन का कहना है कि अंबेडकर छात्रावास मेंकार्यक्रम की अनुमति नहीं है. जिला प्रशासन ने कांग्रेस को टाउन हॉल में कार्यक्रम की अनुमति दी गई है. लहेरियासराय थाना के सर्किल इंस्पेक्टरललन कुमार ने बताया कि पूरे इलाके में धारा 144 लागू किया गया है पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.
महिला सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी, एफ आई आर दर्ज करने के दिये थे आदेश

महिला सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह के विवादित बयान पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी. साथ हीएफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे. मंत्री विजय शाह के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जस्टिस अतुल श्रीधरन तथा जस्टिस अनुराधा शुक्लाकी युगलपीठ में गुरुवार को फिर सुनवाई हुई. हाईकोर्ट के आदेशानुसार मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किये जाने पर युगलपीठ नेनाराजगी व्यक्त की है. युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान अपने आदेश में कहा है कि एफआईआर ऐसे कंटेंट के साथ लिखी गयी है,जो चुनौती देने परनिरस्त हो जाये। युगलपीठ ने आदेश में उल्लेखित कंटेंट के बारे बताते हुए एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है. इसके अलावा एफआईआर मेंपुलिस विवेचना की मॉनिटरिंग हाईकोर्ट द्वारा की जायेगी. युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि यह उल्लेख करना आवश्यक है कि कर्नल सोफियाकुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ, मीडिया और राष्ट्र को पाकिस्तान के खिलाफ हमारे सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन “सिंदूर” कीप्रगति के बारे में जानकारी देने वाले सशस्त्र बलों का चेहरा थीं. कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की व्यंग्यात्मक टिप्पणीमंत्री ने कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी की, जो किसी और के लिए नहीं बल्कि उनके लिए ही हो सकती है. सार्वजनिकसमारोह में उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को पहलगाम में 26 निर्दोष भारतीयों की हत्या करने वाले आतंकवादियों की बहन बताया है. अखबारों कीरिपोर्ट और इंटरनेट पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री मे उपलब्ध मंत्री के भाषण उपलब्ध है. जिसमें उन्होंने कहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोआतंकवादियों की बहन को उन्हें सुलझाने के लिए भेजने की बात कही है. उनकी यह टिप्पणी संबंधित अधिकारी के लिए बल्कि सशस्त्र बलों के लिएभी अपमानजनक और खतरनाक है।बयान प्रथम दृष्टया मुस्लिम धर्म के सदस्यों और अन्य व्यक्तियों के बीच वैमनस्य और दुश्मनी या घृणा या दुर्भावनापैदा करने की प्रवृत्ति वाला है. युगलपीठ ने आदेश में कहा है कि बी.एन.एस. के विभिन्न प्रावधानों के अवलोकन के आधार पर प्रदेश के पुलिसमहानिदेशक को निर्देशित किया जाता है कि मंत्री विजय शाह के विरुद्ध गुरुवार शाम तक आवश्यक तौर पर आदेशानुसार एफआईआर दर्ज करें. अवमानना की कार्यवाही पर किया जा सकता है विचारआदेश का पालन नहीं होने पर उनके खिलाफ अवमानना के लिए कार्यवाही करने पर विचार किया जा सकता है. इसके पहले हाईकोर्ट ने संज्ञान लेतेहुए मंत्री के खिलाफ बीएनएस की धारा 152, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के अंतर्गत तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किये थे. आदेश ये भी कहा गया था कि प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने सोमवार को महू के अंबेडकर नगर के रायकुंडा गांव में एक सार्वजनिक समारोह मेंभारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है. सशस्त्र सेना देश में मौजूद आखिरी संस्था है, जो ईमानदारी, उद्योग, अनुशासन, त्याग, निःस्वार्थता, चरित्र, सम्मान और अदम्य साहस को दर्शाती है. देश का कोई भी नागरिक खुद उन्हें पहचान सकता है मंत्री विजय शाहने आमसभा में कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ गटर भाषा का इस्तेमाल किया है.