सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक को दी गई चुनौती, अमानतुल्लाह खान ने दायर की याचिका

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और ओखला क्षेत्र से विधायक अमानतुल्लाह खान ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 केखिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने इस विधेयक को मुस्लिम समुदाय के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों पर प्रत्यक्ष हमलाबताया है। विधेयक को बताया धार्मिक स्वतंत्रता के विरुद्धअमानतुल्लाह खान ने अपनी याचिका में कहा कि नया संशोधन मुसलमानों की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वायत्तता को सीमित करता है। उनके अनुसार, इससे कार्यपालिका को धार्मिक संस्थानों में हस्तक्षेप करने का अधिकार मिल जाता है, जो अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता और धर्मार्थ कार्यों परनकारात्मक प्रभाव डालेगा। सरकार की भूमिका पर सवालखान का मानना है कि वक्फ संपत्तियों और धार्मिक संस्थाओं का संचालन समुदाय की आस्था से जुड़ा हुआ है और इसमें प्रशासनिक दखल अनुचितहै। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। पहले भी उठी हैं आपत्तियांगौरतलब है कि इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद भी इसी विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट मेंयाचिका दाखिल कर चुके हैं। इन सभी ने इसे अल्पसंख्यक विरोधी और असंवैधानिक करार देते हुए रद्द करने की मांग की है। विधानसभा और राज्यसभा में पारित हुआ विधेयकयह विधेयक 4 अप्रैल को राज्यसभा में 128 बनाम 95 वोटों से पारित हुआ, जबकि इससे एक दिन पहले लोकसभा में इसे 288 बनाम 232 मतों सेमंजूरी मिली थी। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद कानून का रूप ले सकता है। क्या है वक्फ संशोधन विधेयक 2025?वक्फ संशोधन विधेयक 2025, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करता है। इसके तहत वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन की प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और अधिक सहभागी बनाने का प्रस्ताव है। सरकार का दावा है कि इससे वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और संपत्तियों काबेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। समाज और राजनीति में व्यापक प्रभावयह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील बन चुका है। अब यह देखना अहम होगा कि सुप्रीम कोर्टइस याचिका पर क्या रुख अपनाता है।
दिल्ली भाजपा का स्थापना दिवस समारोह,सभी 14 जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थापना दिवस को भव्य रूप से मनाने के लिए दिल्ली भाजपा ने व्यापक तैयारियां की हैं। 6 अप्रैल कोपार्टी के प्रदेश कार्यालय सहित सभी 14 संगठनात्मक जिलों में ध्वजारोहण और पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष करेंगे ध्वजारोहणप्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा सुबह 9 बजे पार्टी के प्रदेश कार्यालय में भाजपा सांसदों और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ पार्टी का ध्वजफहराएंगे। इसके बाद पुष्पांजलि अर्पित करने और मिठाई वितरण का कार्यक्रम होगा। प्रमुख नेताओं की जिलों में भागीदारीप्रदेश सह-प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर पश्चिमी दिल्ली में, प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा शाहदरा में, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा मयूर विहार में, संगठनमहामंत्री पवन राणा नवीन शाहदरा में, सांसद मनोज तिवारी उत्तर-पूर्वी जिले में, सांसद योगेंद्र चंदोलिया उत्तर-पश्चिम जिले में, सांसद कमलजीतसहरावत नजफगढ़ में, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली में, सांसद बांसुरी स्वराज करोल बाग में, प्रवीन खंडेलवाल चांदनी चौक में, प्रदेशमहामंत्री विष्णु मित्तल केशवपुरम में, दिनेश प्रताप सिंह नई दिल्ली जिले में, सारिका जैन महरौली में और नरेश वशिष्ठ बाहरी दिल्ली जिले मेंआयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। भाजपा सिर्फ राजनीतिक दल नहीं, एक आंदोलन” – वीरेंद्र सचदेवादिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रवादी आंदोलन है, जो पिछले 45 वर्षों सेदेश के विकास और राष्ट्रविरोधी ताकतों से लड़ने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है औरभाजपा इसी दिशा में काम कर रही है।
मुंबई के खिलाफ लखनऊ ने जीते 83% मैच, मार्श -पूरन को रोकने की चुनौती

रोहित शर्मा की खराब फॉर्म को लेकर मुंबई का खेमा भी चिंतित होगा दूसरी ओर लखनऊ के पास घरेलू मैदान में इस मुकाबले को जीतकर वापसीकरने का मौका है.लेकिन इसके लिए टीम के कप्तान ऋषभ पंत को अपने बल्ले की खामोशी तोड़नी होगी. वहीं गेंदबाजों को भी अपने खराब प्रदर्शनका क्रम तोड़ना होगा.अब तक मुंबई इंडियंस के खिलाफ हुए मुकाबलों में भले ही लखनऊ सुपर जाएंट्स का पलड़ा भारी रहा है पर पांच बार केचैंपियन मुंबई की चुनौती इस बार लखनऊ के लिए किसी भी हाल में आसान नहीं होने वाली है. मेजबानों के लिए कप्तान ऋषभ पंत की खराब फॉर्मऔर गेंदबाजी विभाग का लचर प्रदर्शन परेशानी का सबब बना है. ऐसे में कोलकाता को करारी मात देकर आ रही टी-20 प्रारूप के स्टार खिलाड़ियों सेसजी मुंबई इंडियंस की टीम लखनऊ पर भी जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी. हालांकि रोहित शर्मा की खराब फॉर्म को लेकर मुंबई का खेमा भीचिंतित होगा. ऋषभ पंत को तोड़नी होगी बल्ले की खामोशीदूसरी ओर लखनऊ के पास घरेलू मैदान में इस मुकाबले को जीतकर वापसी करने का मौका है लेकिन इसके लिए टीम के कप्तान ऋषभ पंत को अपनेबल्ले की खामोशी तोड़नी होगी. वहीं गेंदबाजों को भी अपने खराब प्रदर्शन का क्रम तोड़ना होगा.पहले तीन मैचों में महज 21 रन बनाने वाले हिटमैनरोहित शर्मा अब तक चमक नहीं बिखेर सके हैं लखनऊ में उनका शानदार रिकॉर्ड रहा है. इसके अलावा सूर्य कुमार, तिलक वर्मा, रिकेल्टन बड़ी पारीखेलने में सक्षम हैं. गेंदबाजी में ट्रेंट बोल्ट, दीपक चाहर के अलावा युवा अश्विनी कुमार हैं.गेंदबाजी विभाग में लचर प्रदर्शन को देखते हुए तेज गेंदबाजआकाशदीप का खबर है. भारतीय टेस्ट टीम में शामिल इस गेंदबाज ने आईपीएल-2022 में बंगलूरू के लिए पदार्पण किया था. आकाशदीप को तीनसीजन में आरसीबी की ओर से 8 मैच खेलने का मौका मिला जिसमें सात विकेट लेने में कामयाब रहे. आकाशदीप को मेगा बोली में लखनऊ ने 8 करोड़ रुपये में खरीदा था अनफिट होने की वजह से वह अब तक मैदान पर नहीं उतर सके लेकिन एनसीए की हरी झंडी मिलने के बाद वह खेलने केलिए तैयार हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मस्क के सरकारी दक्षता विभाग से हटने के संकेत, बोले वह जल्द ही छोड़ेंगे प्रशासन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में बनाए गए सरकारी दक्षता विभाग से एलन मस्क जल्द ही हट सकते हैं राष्ट्रपति ट्रंप ने ही इसका संकेत दियाहै. उन्होंने कहा कि एलन मस्क कुछ महीनों में उनके प्रशासन को छोड़ देंगे. एलन शानदार हैं लेकिन उनके पास कई कंपनियां चलाने के लिए हैं. मैंचाहता हूं कि वे लंबे समय तक बने रहें। मगर एक समय ऐसा आएगा जब उन्हें छोड़ना पड़ेगा. ट्रंप ने कहा कि विभिन्न एजेंसियों के भीतर काम जारीरहेगा.ट्रंप ने कहा कि मैं उन्हें तब तक रखूंगा जब तक मैं उन्हें रख सकता हूं मस्क बहुत प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं. मैं चाहता हूं कि एलन यथासंभव लंबेसमय तक रहें. नंबर एक, मुझे वह पसंद है, नंबर दो, वह बहुत अच्छा काम कर रहा है. नंबर तीन वह एक देशभक्त है इसलिए वह ऐसा कर रहा है. मस्क के जाने के बाद सचिव पूरी तरह से कार्यभार संभाल लेंगे वहीं सरकारी दक्षता विभाग भी सक्रिय रहेगा. उन्होंने कहा कि कैबिनेट अधिकारियों नेमस्क के साथ मिलकर काम किया है और वे अपनी एजेंसियों में सरकारी दक्षता विभाग के कुछ लोगों को रख सकते हैं. रणनीति कर रही नए चरण में प्रवेशपिछले हफ्ते ट्रंप ने कहा था कि हमें लगता है कि अगले दो-तीन महीनों में हम उन लोगों से काफी संतुष्ट होंगे जो मेहनत कर रहे हैं और प्रशासन काहिस्सा बनना चाहते हैं. सरकारी दक्षता विभाग के खत्म होने का मतलब यह नहीं होगा कि ट्रंप वॉशिंगटन में बदलाव लाने से रुक जाएंगे. ट्रंप प्रशासनकी रणनीति अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है जहां मस्क की भूमिका कम होगी. मस्क का आक्रामक रुख उन्हें प्रशासन में एक विवादित शख्सबना चुका है.मंगलवार को विस्कॉन्सिन में मस्क को झटका लगा विस्कॉन्सिन के मतदतादाओं ने सुप्रीम कोर्ट के लिए उनके उम्मीदवार को खारिज करदिया. मस्क ने उम्मीदवार को समर्थन करने के लिए 21 मिलियन डॉलर का दान दिया था और साप्ताहांत में प्रचार भी किया था. अमेरिका के कुछराज्यों में सुप्रीम कोर्ट के जजों का चुनाव होता है इसके अलावा उनकी इलेक्ट्रिक कंपनी टेस्ला को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिसकीबिक्री साल के पहले तीन महीनों में 13 फीसदी गिर गई. स्वतंत्र समिति के रुप में किया गया स्थापितसरकारी दक्षता विभाग को शुरू में एक स्वतंत्र सलाहकार समिति के रूप में स्थापित किया गया था. जिसमें मस्क के साथ उद्यमी विवेक रामास्वामी भीनेतृत्व साझा कर रहे थे लेकिन रामास्वामी ने खुद को इससे अलग कर दिया और अब ओहायो के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. इसके बाद इसविभाग को औपचारिक रूप से सरकार का हिस्सा बना दिया गया. सरकारी दक्षता विभाग में मस्क के सहयोगियों को रखा गया था जिन्हें सरकारी तंत्र मेंविभिन्न स्थानों पर भेजा गया. ताकि वे अनुबंध रद्द कर सकें संवेदनशील डाटा तक पहुंच बना सकें और खर्चों में कटौती कर सकें. मस्क के कार्यकालकी एक तय समय-सीमा है. उन्हें एक विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया गया था. जिसका मतलब है कि वह 365 दिनों में केवल 130 दिन ही काम कर सकते हैं 30 मई को ट्रंप को सरकार की जिम्मेदारी संभाले 130 दिन हो जाएंगे.
प्रधानमंत्री मोदी और बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की बैंकॅाक में मुलाकात,कहा माहौल खराब करने वाले बयानों से बचें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की शुक्रवार को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में मुलाकातहुई. शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी दोनों नेता बिम्सटेक सम्मेलन से इतर मिले. इसदौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद रहे दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट बातचीत हुई.पीएममोदी की मोहम्मद यूनुस से मुलाकात को लेकर भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि ‘पीएम मोदी ने एक बार फिर लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति समर्थन जताया. उन्होंने प्रोफेसर यूनुस के भारत के साथ सकारात्मक संबंधों की इच्छा को भीरेखांकित किया. प्रधानमंत्री ने अपील की कि माहौल खराब करने वाली बयानबाजी से बचा जाए. सीमा पर सख्ती से अवैध घुसपैठ को रोका जासकता है और सीमा सुरक्षा को कायम रखा जा सकता है. प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिरकी.बीते साल अगस्त में बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था. उसके बाद से मोहम्मद यूनुस ही बांग्लादेश की अंतरिमसरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. मोहम्मद यूनुस का कार्यकाल घिरा है विवादों मेंहालांकि मोहम्मद यूनुस का कार्यकाल विवादों में घिरा रहा है और उनके कार्यकाल में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर अत्याचार कीघटनाएं बढ़ीं. इसके चलते भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में भी खटास आई है बीते हफ्ते ही चीन के दौरे पर मोहम्मद यूनुस ने भारत के उत्तर पूर्वीराज्यों को लेकर विवादित बयान दिया था. जिसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी आई है.दरअसल मोहम्मद यूनुस ने चीन दौरे पर चीन कीसरकार से बांग्लादेश में निवेश बढ़ाने की अपील की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत के उत्तर पूर्वी राज्य चारों तरफ जमीन से घिरे हैं और उनकेपास समुद्र तक पहुंच नहीं है. ऐसे में ये चीन के लिए अवसर हो सकता है. मोहम्मद यूनुस ने कहा कि क्षेत्र में बांग्लादेश ही ऐसी ताकत है. जिसके पाससमुद्री पहुंच है हालांकि मोहम्मद यूनुस का यह बयान भारत को नाराज कर गया और इसे लेकर आधिकारिक चैनल से भारत ने नाराजगी भी जाहिर कीहै.प्रधानमंत्री मोदी बिम्सटेक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए थाईलैंड दौरे पर हैं. पीएम मोदी म्यांमार के सैन्य शासक मिन आंग ह्लेइंग से भी मुलाकातकी और उन्हें भूकंप से राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव मदद देने की पेशकश की.
मनोज कुमार ने शाखरुख खान को आज तक नहीं किया था माफ, आखिरी मुलाकात के दौरान बोले थे ‘दृश्यम 2’ मत भूलना जानें क्या थामामला

दरअसल ये बात बस दो साल पहले की है पूरे देश में शाहरुख खान की ताजा ताजा रिलीज फिल्म ‘पठान’ का हल्ला मचा हुआ था. फिल्म की रिलीजको अभी हफ्ता भर भी नही हुआ था और इसी बीच उन्हें पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का न्यौता देने महाराष्ट्र के तत्कालीन सांस्कृतिक मंत्री सुधीरमुनगंटीवार पहुंच गए साथ में मीडिया के कुछ गिनती के लोग भी गए और इसी मौके पर उनका शायद आखिरी फोटो भी प्रेस के लोग खींच सके. इसदौरान उनसे मौजूदा दौर की फिल्मों पर बात चली. बात शाहरुख की फिल्म ‘पठान’ तक पहुंची तो वह तुरंत बोले, “मत भूलिए, अजय देवगन कीफिल्म ‘दृश्यम 2’ भी तो हिट हुई है.कम लोग ही जानते होंगे कि अजय देवगन के पिता वीरू देवगन को स्टंट निर्देशक बनाने में मनोज कुमार का बड़ाहाथ रहा है. फिल्म ‘रोटी कपड़ा और मकान’ में मनोज कुमार ने वीरू देवगन को बतौर स्टंट निर्देशक लॉन्च किया. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के एकहाथ से मोटरसाइकिल चलाने वाले सीन में अमिताभ के डुप्लीकेट का काम वीरू देवगन ने ही किया है. भारत सरकार की तरफ से मिलने वाले सिनेमाके सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हो चुके अभिनेता, लेखक, निर्माता, निर्देशक मनोज कुमार आखिर तक शाहरुखखान को माफ नहीं कर सके.उस दिन भी उनकी बातों से लगा कि फिल्म ‘ओम शांति ओम’ में उड़ाए गए अपने मजाक को वह भूले नहीं है. 85 साल की उम्र में याददाश्त थी जबरदस्त85 साल की उम्र में भी उनकी याददाश्त तब तक ठीक ही थी बातचीत के दौरान जैसे ही शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ की रिकॉर्डतोड़ कामयाबीका जिक्र चला, वह अजय देवगन का नाम बाचतीत ले आए. जब उनके ये पूछा गया कि आखिरी फिल्म उन्होंने सिनेमाघर में कौन सी देखी तो वहबोले “मैंने आखिरी बार आमिर खान की फिल्म ‘थ्री इडियट’ ही सिनेमाघर में देखी थी.आज के दौर की फिल्मों के बारे में मनोज कुमार का कहना थाआज की फिल्में ठीक वैसी बन रही हैं जिस तरह से गुलाब जामुन के नाम में तो जामुन होता है लेकिन उसमें जामुन का स्वाद नहीं मिलता 21वें पुणेइंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में मनोज कुमार को सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया जाना था लेकिन स्वास्थ्य कारणों की वजहसे मनोज कुमार वह इस कार्यक्रम में जाने की हालत में नहीं थे. इसीलिए महाराष्ट्र के तत्कालीन सांस्कृतिक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने 31 जनवरी कोउन्हें उनके घर पहुंचकर ही सम्मानित कर दिया. रोज पढ़ते थे अखबारमनोज कुमार को जब तक होश रहा वह अखबार रोज पढ़ते रहे. टेलीविजन देखना उन्होंने कई साल पहले ही पूरी तरह बंद कर दिया था अखबार में भीवह राजनीति से जुड़ी खबरें ही पढ़ते रहे. उस दिन बातों बातों में अभिनेता धर्मेंद्र का किस्सा भी निकल आया उनका नाम सुनते ही मनोज जोर से ठहाकालगाकर हंसने की कोशिश करने लगे. कम लोगों को ही पता है कि जब फिल्मों में अपना काम न बनते देख धर्मेंद्र ने एक बार बंबई (अब मुंबई) छोड़नेकी तैयारी कर ली थी. पंजाब वापस जाने का टिकट ले लिया था और ट्रेन पकड़ने के लिए वह निकल भी चुके थे कि मनोज कुमार को इसका पताचल गया. मनोज कुमार ही धर्मेंद्र को ट्रेन से उतारकर वापस ले आए थे इस किस्से का जिक्र चला तो मनोज कुमार के चेहरे का नूर देखने लायक था.
अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में हुआ निधन, देशभक्ति फिल्मों के नाम से थी पहचान

रोटी, कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ जैसी बेहतरीन फिल्में देने वाले दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया. ‘पूरब और पश्चिम’ फिल्म का गीत ‘भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं. आज भी सभी की जुबां पर हैं. उन्हें ‘दो बदन’, ‘हरियाली औररास्ता’ और ‘गुमनाम’ जैसी हिट फिल्मों के लिए भी जाना जाता था.भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार का शुक्रवार सुबह निधन होगया. वे 87 साल के थे उन्हें अपनी देशभक्ति फिल्मों के लिए जाना जाता था. उनकी देश प्रेम वाली फिल्मों के लिए उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से भीजाना जाता था. उन्होंने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली इस खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर है. दोपहर बाद विशालटॉवर, जुहू में उनके अंतिम दर्शन किए जा सकेंगे कल सुबह पवन हंस श्मशान घाट, जुहू में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.भारत कुमार’ के नाम सेमशहूर अभिनेता ने सुबह 3:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की वजह दिल का दौरा बताई गई. यह भी पुष्टि की गई कि मनोज कुमार पिछलेकुछ महीनों से डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे. उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 21 फरवरी, 2025 को अस्पताल में भर्ती कराया गयाथा. योगदान को हमेशा रखेगा याद भारतीय सिनेंमाभारतीय सिनेमा में मनोज कुमार के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. उनके नाम एकराष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और अलग-अलग श्रेणियों में सात फिल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं. भारतीय कला में उनके अपार योगदान के सम्मान में सरकारने उन्हें 1992 में पद्म श्री से सम्मानित किया. उन्हें 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. मनोज कुमार के निधन पर फिल्मनिर्माता अशोक पंडित ने कहा महान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित हमारे प्रेरणास्रोत और भारतीय फिल्म उद्योग के ‘शेर’ मनोज कुमार जीअब हमारे बीच नहीं रहे. यह फिल्म उद्योग के लिए बहुत बड़ी क्षति है और पूरी इंडस्ट्री उन्हें याद करेगी.हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंनेइस चकाचौंध भरी दुनिया में कदम रखने के साथ ही अपना नाम बदला था. उसी नए नाम से आज तक फैंस उन्हें जानते हैं बॉलीवुड के दिग्गजकलाकार मनोज कुमार भी उनसे से एक था जिन्होंने सिनेमा से प्रभावित होकर अपना नाम बदल लिया था. लेकिन फैंस उन्हें प्यार से ‘भारत कुमार’ कहते थे. वैसे मनोज कुमार का असली नाम शायद ही आप जानते हों. मनोज कुमार का असली नाम था हरिकिशनमनोज कुमार का असली नाम था हरिकिशन गिरि गोस्वामी उन्होंने देशभक्ति से लबरेज कई शानदार फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों कोजीता.24 जुलाई 1937 को हरिकिशन गिरि गोस्वामी (मनोज कुमार) का जन्म ऐबटाबाद में हुआ. जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान का हिस्सा बना।मनोज कुमार के माता-पिता ने उन दिनों भारत को चुना और दिल्ली आ गए। मनोज कुमार ने बंटवारे के दर्द को अपनी आंखों से देखा है. बचपन से हीउन्हें एक्टिंग का काफी शौक रहा वह अशोक कुमार दिलीप कुमार और कामिनी कौशल के बहुत बड़े फैन थे. उनकी हर फिल्म देखना वह काफी पसंदकरते थे और उनकी फिल्मों से प्रभावित होकर ही उन्होंने अपना नाम हरिकिशन से बदलकर मनोज कुमार कर लिया था. वह हर जगह अपना नाम मनोजकुमार ही बताते थे जिससे धीरे-धीरे सब उन्हें मनोज कुमार के नाम से ही जानने लगे.
दिल्ली भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने वक्फ संशोधन बिल के पारित होने पर किया स्वागत, मोदी सरकार को जताया आभार

नई दिल्ली: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में अल्पसंख्यक मोर्चा ने वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने और पारित होने कास्वागत किया। रेल भवन चौराहे सहित छह प्रमुख स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने प्ले कार्ड लेकर बिल की घोषणा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारप्रकट किया तथा शाम को पारिति के उपलक्ष्य में मिठाइयाँ वितरित कीं। वक्फ बिल के नए आयामवीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि नए वक्फ बोर्ड बिल के सहारे न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश के मुसलमानों के विकास के लिए एक नया रास्ता खुलेगा।उन्होंने विरोधियों को चुनौती देते हुए बताया, “वक्फ अमेंडमेंट बिल की जगह वक्फ इंप्रूवमेंट बिल कहना अधिक उपयुक्त है।” सचदेवा ने यह भीरेखांकित किया कि एक विशेष मुस्लिम वर्ग ने हमेशा वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का लाभ अपने स्वार्थ के लिए किया, जिससे आम मुसलमानों कोहाशिए पर रखा गया। सामाजिक न्याय की दिशा में कदमवीरेंद्र सचदेवा ने आगे कहा, “जो लोग आज इस बिल का विरोध कर रहे हैं, उन्हें समझना होगा कि आखिर क्यों वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कोईअस्पताल या स्कूल नहीं बनता, जबकि जमीनें अटपटे दामों में बिक जाती हैं।” उन्होंने इस बिल के पक्ष में यह भी जोर दिया कि यह उन महिलाओं औरबच्चों के अधिकारों को बहाल करने का महत्वपूर्ण कदम है, जिनके हक 75 सालों से छीने जा रहे थे। बीजेपी की नीतिगत उपलब्धिअनीस अब्बासी ने कहा कि आजादी के लगभग 8 दशक बाद श्री नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने कुछ लोगों द्वारा वक्फ बोर्ड पर कब्ज़ा जमाएरखने की परंपरा को तोड़कर वक्फ को आम मुसलमान तक सौंपने का निर्णय लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जेपीसी को मिले 97 लाख सुझावोंके बाद यह बिल तैयार किया गया है, अतः इस पर राजनीति करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए। आम मुसलमानों के लिए विकास की राहअल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख कार्यकर्ताओं, जिनमें नईम सैफी, फैसल मंसूरी, शबाना रहमान, इरफान सलमानी, जुल्फिकार अली, इमातियाज अहमद, मुर्शिदा खातून एवं खालिद चौधरी शामिल थे, ने देश के निचले और दबे तबके के मुसलमान भाइयों-बहनों को इस जनकल्याणकारी बिल के पारितहोने पर बधाई दी और प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना,कहा केजरीवाल सरकार के खोदे गड्डे भर रही है दिल्ली बीजेपी सरकार

Delhi News: दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि जनता द्वारा राजनीतिक रूप से बेरोज़गार किये गये अरविंद केजरीवाल एवंअन्य नेता अपनी झूठ एवं भ्रम फैलाने के उसी राजनीति पर लौट आयें. जिसे करके उन्होने 2013 से पहले तत्कालीन शासन को किया था पर वह यादरखें की आज उनका मुकाबला संगठन आधारित भाजपा सरकार से है. भाजपा के कार्यकर्ता सोशल मीडिया, मीडिया एवं सड़क तीनों स्तर पर आमआदमी पार्टी के दिल्ली में झूठे बिजली,पानी कटौती के प्रपंच को खोलने के लिए काम करेंगे. श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि श्रीमती रेखा गुप्तासरकार अभी विकास एवं उचित रखरखाव की राहों में केजरीवाल सरकार के खोदे गड्ढे भर रही है और शीघ्र हम दिल्ली में विश्वस्तरीय विकास एवंरखरखाव देखेंगे. दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को याद रखना होगा की कांठ की हांडी बार बार नहीचढ़ती और जिन प्रपंचों से वह 2013 में सफल हुए थे. वह अब उनसे दिल्ली वालों को फिर गुमराह नही कर सकेंगे. सचदेवा ने कहा है जेल से लौटनेके बाद से अरविंद केजरीवाल पर बहुत से दबाव हैं जिनके चलते उनके लिए “आप” संयोजक का पद बचाना दूर्लभ हो रहा है. पिछली सरकार की असलियत जानती है दिल्ली की जनतासचदेवा ने आगे कहा कि इसीलिए 10 साल जिस झूठ प्रपंच से उन्होने भाजपा की केन्द्र सरकार पर झूठे आरोप लगाये वही प्रपंच वह अब दिल्ली कीसरकार के विरूद्ध चलाना चाह रहे हैं. उन्होनें कहा है कि अरविंद केजरीवाल कितने भी भ्रम फैला लें की दिल्ली में बिजली पानी की किल्लत है पर वहयह समझ लें उनकी असलियत दिल्ली का हर नागरिक जानता है क्योंकि अब बीजेपी सरकार में दिल्ली के किसी भी घर में दुकान में कोई बिजलीकटौती नही हो रही. अब हमारी सरकार ने एक फैसला लिया है कि भाजपा के कार्यकर्ता तीनों स्तर पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली के झूठे प्रपंचों कोखोलने के लिए काम करेंगे .इसको लेकर दिल्ली बीजेपी सरकार अभी विकास एवं उचित रखरखाव की राहों में काम कर रही है. और हमें पूरा विश्वासहै कि हमारा ये प्रयास पूरा होगा. इसके बाद उन्होनें कहा कि समझ लें उनके झूठ की असलियत दिल्ली का हर नागरिक जानता है क्योंकि दिल्ली केकिसी भी घर में दुकान में कोई बिजली कटौती नही हो रही है.
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस-लखनऊ द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन “आगे भी रहेगा जारी” , कहा भाजपा सरकार ने महिला आरक्षण बिलकिया पास पर नहीं दी मंजूरी

10 मार्च 2025 को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस-लखनऊ द्वारा नई दिल्ली के जंतर मंतर पर महिला आरक्षण विधेयक एवं महिला सुरक्षा सम्बन्धीमुद्दे पर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया गया. और इसी तरह के विरोध प्रदर्शन इस महीने के दौरान सभी राज्यों और जिलों में महिला कांग्रेस द्वाराआयोजित करने के लिए निर्देशित किया गया है. उसी के अनुक्रम में आज दिनांक 03 अप्रैल 2025 को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश महिलाकांग्रेस की निवर्तमान अध्यक्षगण श्रीमती शहला अहरारी (पूर्वी), श्रीमती ममता चौधरी (मध्य) एवं श्रीमती करिश्मा ठाकुर (बुंदेलखण्ड) जोन के संयुक्तनेतृत्व में महिला कांग्रेस अपना विरोध दर्ज कराया.12:00 बजे महिला कांग्रेस कार्याकर्ता प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से तख्तियों, बैनरों एवं झण्डों केसाथ विधानसभा की ओर कूच किया. महिला आरक्षण को लागू करने, महिलाओं की अस्मिता और सुरक्षा सनिश्चित करने एवं महिलाओं की बेहतरी केलिए कार्यक्रम लागू करने के नारों को बुलंद करते हुए यह दल आगे बढ़ा. योगी सरकार की डरी हुई पुलिस अब लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके सेभी विरोध नहीं दर्ज करने देना चाहती. संवैधानिक तरीके के अपनी मांग उठा रही महिलाओं को जबरन पुलिस द्वारा ऊँचे- ऊँचे बैरिकेड लगाकरबलपूर्वक रोके जाने पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की भी की गई. महिला आरक्षण पर बोलीं महिला कार्यकर्ताजिस दौरान मध्य जोन की अध्यक्ष ममता चौधरी जी गिर गई जिन्हें इलाज हेतु लखनऊ स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जायागया.इस अवसर पर मीडिया को सम्बोधित करते हुए पूर्वी जोन की निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमती शहला अहरारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने 10 सालबाद महिला आरक्षण बिल पास तो कर दिया मगर उसे लागू करने पर मौन है. यह इनकी महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है श्रीमती अहरारी नेकहा कि कांग्रेस हमेशा से ही महिला हितों की पक्षधर रही है. हमने 1992 में संविधान के 73 और 74 वें संशोधन द्वारा नगर निकायों और पंचायतों मेंमहिला आरक्षण लागू कर हर जिले में गांव में हर कस्बे में महिला नेतृत्व सुनिश्चित किया था.इस मौके मध्य जोन की निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमती ममताचौधरी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ते जा रहे हैं और अब बहन बेटियों का घर से निकलना भी दूभर हो गया है. उत्तर प्रदेश की अगर बात करें तो यहां हर दिन महिलाओं के प्रति जघन्य अपराध हो रहे हैं और पुलिस प्रशासन एकदम असहाय हो गया है.आज केप्रदर्शन में अनामिका यादव, समेत कई लोग भारी संख्या में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता मौजूद रही.