इस्राइल और ब्रिटेन में बढ़ा तनाव, ब्रिटेन की दो सांसदों को इस्राइल ने एंट्री देने से किया इनकार

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि ‘यह बिल्कुल अस्वीकार्य और बेहद चिंताजनक है कि संसदीय प्रतिनिधिमंडलमें शामिल दो ब्रिटिश सांसदों को हिरासत में लिया गया. इस्राइली अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया.इस्राइल की सरकार ने ब्रिटेन की दोसांसदों को अपने देश में एंट्री देने से इनकार कर दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया. बाद में दोनों को निर्वासित कर दिया गया. ब्रिटेन के विदेश मंत्रीडेविड लैमी ने इसे अस्वीकार्य और बेहद चिंताजनक बताया है. इस घटना से दोनों देशों में तनाव पैदा हो गया है. हालांकि इस्राइल ने अभी तक सांसदोंको रोकने की वजह नहीं बताई है.इस्राइल ने जिन सांसदों को एंट्री देने से इनकार किया है उनमें युआन यांग और एब्तेसाम मोहम्मद का नाम शामिल है. दोनों सांसद सत्ताधारी लेबर पार्टी की सांसद हैं दोनों लंदन से इस्राइल पहुंचीं थीं लेकिन इस्राइल की सरकार ने उन्हें अपने देश में एंट्री नहीं दी औरदोनों को एयरपोर्ट से ही निर्वासित कर दिया गया. ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने जताई नाराजगीब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि ‘यह बिल्कुल अस्वीकार्य और बेहद चिंताजनक है कि संसदीय प्रतिनिधिमंडलमें शामिल दो ब्रिटिश सांसदों को हिरासत में लिया गया. इस्राइली अधिकारियों ने उन्हें प्रवेश देने से मना कर दिया. मैंने अपने इस्राइली समकक्ष सेसाफ कह दिया है कि ब्रिटिश सांसदों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए. हम दोनों सांसदों के संपर्क में हैं और उनका समर्थन कररहे हैं ब्रिटेन सरकार का फोकस युद्ध विराम कराने रक्तपात रोकने और बंधकों को मुक्त कराने पर है.ब्रिटेन के एक सांसद को बच्चों के यौन शोषण केआरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि सांसद पर शक है कि उन्होंने एक बच्ची का यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया. आरोप है किसांसद ने साल 2000 में बच्ची का यौन शोषण किया. अब जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है आरोपी सांसद सत्ताधारी लेबर पार्टी के नेता हैंऔर गिरफ्तारी के बाद सांसद को पार्टी ने निलंबित कर दिया है. आरोपी सांसद डैन नोरिस ब्रिटेन के नॉर्थ ईस्ट सोमरसेट से सांसद हैं.
बिहार विधानसभा को बाकी है करीब सात महीने,लालू यादव को लेकर संशकित है कांग्रेस

बिहार विधानसभा चुनाव में अभी करीब सात महीने का समय है लेकिन राजनीतिक आयोजन शुरू हो गए हैं. देश के गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टीके पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बिहार आकर लौट चुके हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने बिहार आ रहे हैं. लेकिन उससे पहले 7 मार्च कोलोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बिहार आने वाले हैं. कांग्रेस जिले-जिले तक राहुल गांधी के दौरे के लिए भीड़ जुटाने में जुटी हुई है. इस बीचशनिवार को बिहार कांग्रेस के नए प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने दिल्ली एम्स में जाकर राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से उनकाहालचाल लिया। वह भले भलमनसाहत लिए गए हों. लेकिन बिहार की राजनीति और लालू प्रसाद को ठीक से जानने वाले कांग्रेसी राजद अध्यक्ष कोलेकर बुरी तरह सशंकित हैं.राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में जनता दल यूनाईटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच ‘बड़ा भाई-छोटा भाई’ की लड़ाई कामजा लेने वाले महागठबंधन के दोनों प्रमुख दलों कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल को पता है कि यहां कौन बड़ा है. बीच में कांग्रेस ने तेवर दिखाने कीकोशिश की थी लेकिन फिर जगह पर आ गई। कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग तरह से बोलकर स्वीकार कर लिया कि बिहार में राजद ही बड़ा है. जनता दल युनाईटेड हुआ अलगखैर परेशानी यहां थी भी नहीं परेशानी यह है कि कांग्रेस के लिए तेजस्वी यादव छोटी परेशानी और लालू प्रसाद तो बाकायदा टेढ़ी खीर हैं. जब 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों का जुटान हुआ था. तब कांग्रेस को तत्कालीन महागठबंधन सरकार में दोऔर मंत्रीपद चाहिए था. तब महागठबंधन के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस को तेजस्वी यादव से डील करने के लिए छोड़ दिया. सरकार चली गईलेकिन कांग्रेस तेजस्वी यादव को मैनेज नहीं कर सकी. फिर लोकसभा चुनाव के पहले महागठबंधन से जनता दल यूनाईटेड अलग हो गया. लोकसभाचुनाव में नामांकन की तारीख आ गई.लेकिन कांग्रेस लालू प्रसाद यादव से डील नहीं कर सकी.कोर्ट में विचाराधीन कुछ मामलों में प्रगति के बीच लालूप्रसाद यादव को कंधे-हाथ पर जख्म, शुगर, बीपी आदि की परेशानी के साथ पटना से दिल्ली ले जाकर एम्स में भर्ती कराया गया है. बिहार के कांग्रसियों को याद आया चुनाववह अभी वहीं हैं क्रिटिकल केयर यूनिट में रहते हुए भी उनका सोशल मीडिया हैंडल एक्टिव रहा और वक्फ बिल को लेकर उनकी तीखी प्रतिक्रिया आईतो बिहार के कांग्रेसियों को लोकसभा चुनाव याद आ गया। यह ऐसा डर है. जिस पर अभी कोई खुलकर बात नहीं कर रहा. हालांकि दिल्ली में बिहारके 40 संगठन जिलो के अध्यक्ष-कार्यकारी अध्यक्ष की बैठक में राहुल गांधी के सामने यह डर इशारों जरूर सामने आया. कई जिलाध्यक्षों ने कहा किकांग्रेस जहां से चुनाव लड़ेगी उसकी जानकारी जल्दी दे दी जाए. दरअसल इस बात ने लोकसभा चुनाव की याद दिला दी जब कांग्रेस देखती रह गईऔर लालू ने अपने हिसाब से सीटों पर राजद प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने के लिए सिम्बल दे दिया था.
बीते दिन प्रधानमंत्री मोदी ने मछुआरों को लेकर उठाया था मुद्दा,श्री लंका ने 11 मछुआरों को किया रिहा

भारत ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई है. पीएम मोदी के मछुआरों के मुद्दे को मानवीय दृष्टिकोण से हल करने की वकालत करने के बाद श्रीलंकाने विवादित मसले का समाधान किया है. प्रधानमंत्री मोदी के भारत लौटने से पहले ही श्रीलंका ने जेल में बंद 11 भारतीय मछुआरों को रिहा करदिया.शनिवार को पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच बातचीत के दौरान मछुआरों का मुद्दा प्रमुखता से उठा था. इस मामले को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि हमने मछुआरों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की. हम इस बात पर सहमत हुए कि हमें इसमामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए. हमने मछुआरों और उनकी नावों की तत्काल रिहाई पर भी जोर दिया.इसके बाद श्रीलंका ने 11 मछुआरोंको रिहा कर दिया. मछआरों के मुद्दों को लेकर रहा विवाददरअसल श्रीलंका-भारत के बीच मछुआरों के मुद्दे को लेकर हमेशा विवाद रहा है. पहले कई बार श्रीलंकाई नौसेना पाक जलडमरूमध्य में भारतीयमछुआरों के खिलाफ बल प्रयोग कर चुकी है.शनिवार को मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि मछुआरों के मुद्दे पर दोनों पक्षोंके बीच काफी विस्तार से चर्चा हुई। इन मुद्दों पर सहयोग के लिए मानवीय और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया. येऐसे मुद्दे हैं जो खाड़ी के दोनों किनारों पर मछुआरों की आजीविका को प्रभावित करते हैं.मिस्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यहमछुआरों के लिए एक दैनिक मुद्दा है और हाल के दिनों में की गई कुछ कार्रवाइयों पर पुनर्विचार किया जा सकता है. विदेश सचिव ने कहा था किदोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर चर्चाओं को तेज करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. दोनों पक्ष श्रीलंका और भारत के बीच मछुआरों के संघ की वार्ताका अगला दौर आयोजित करने पर विचार कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने रामनाथस्वामी मंदिर में की पूजा अर्चना,देश को सौंपा पहला ‘पंबन’ सी ब्रिज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट समुद्री ब्रिज पंबन का उद्घाटन किया. इसके साथ ही उन्होंने राज्य मेंकई अन्य विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी की। समुद्र के ऊपर बना यह रेलवे ब्रिज अतीत और भविष्य को जोड़ता है. इसे राम नवमी के दिनजनता के सामने पेश किया गया. इस दौरान पीएम मोदी के वहां होने से रामेश्वरम में सुरक्षा बढ़ा दी गई.दोपहर करीब 1 बजे प्रधानमंत्री ने नए पंबनरेलवे पुल को जनता को समर्पित किया. उन्होंने रामेश्वरम से तांब्रम (चेन्नई) के बीच एक नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई. साथ ही उन्होंने एकतटरक्षक जहाज को भी रवाना किया. यहां से पीएम मोदी रामेश्वरम के प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चनाकी. उन्होंने 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे और सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया.इन परियोजनाओं मेंएनएच-40 के 28 किलोमीटर लंबे वालाजापेट-रानीपेट खंड को चार लेन का बनाने के कार्य का शिलान्यास और एनएच-332 के 29 किलोमीटर लंबेविलुप्पुरम-पुडुचेरी खंड को चार लेन का बनाने का काम, एनएच-32 का 57 किलोमीटर लंबा पूंडियनकुप्पम-सत्तनाथपुरम खंड और एनएच-36 का48 किलोमीटर लंबा चोलापुरम-तंजावुर खंड शामिल हैं. ये सड़कें तीर्थ स्थलों, पर्यटन स्थलों, शहरों, मेडिकल कॉलेजों और बंदरगाहों को बेहतर ढंग सेजोड़ेंगी. किसानों को बाजार तक पहुचनें में करेंगी मददये स्थानीय किसानों को बाजार तक पहुंचने में मदद करेंगी और चमड़ा व लघु उद्योगों को बढ़ावा देंगी.इस पंबन ब्रिज का सांस्कृतिक महत्व भी है. रामायण के अनुसार, भगवान राम की सेना ने राम सेतु का निर्माण रामेश्वरम के नजदीक धनुषकोडी से शुरू किया था. नया पंबन रेलवे ब्रिज रामेश्वरमद्वीप को भारत की मुख्य भूमि से जोड़ता है और यह वैश्विक मंच पर भारतीय इंजीनियरिंग की एक बड़ी उपलब्धि है. इसकी लागत 550 करोड़ रुपये सेअधिक है। यह ब्रिज 2.08 किलोमीटर लंबा है. इसमें 99 स्पैन (खंभों के बीच की दूरी) हैं और इसका लिफ्टिंग हिस्सा 72.5 मीटर लंबा है, जो 17 मीटर ऊंचाई तक उठ सकता है इससे बड़े जहाज आसानी से गुजर सकते हैं और ट्रेन सेवा भी बिना बाधा जारी रह सकती है.पहला पंबन ब्रिज 1914 मेंब्रिटिश इंजीनियरों ने बनाया था यह एक कैंटिलीवर डिजाइन का ब्रिज था. जहाजों को देता था रास्ताइसमें एक शेरजर रोलिंग लिफ्ट हिस्सा था. यह समुद्र में खुलकर जहाजों को रास्ता देता था एक सदी से अधिक वक्त तक यह ब्रिज तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों और व्यापारियों के लिए जीवनरेखा की तरह काम करता रहा. लेकिन समुद्री माहौल से नुकसान और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए सरकार नेफरवरी 2019 में नए तकनीकी और मजबूत पंबन ब्रिज के निर्माण की मंजूरी दी.नए पंबन ब्रिज का निर्माण रेल विकास निगम लिमिटेड(आरवीएनएल) ने किया है. यह रेल मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न कंपनी है. ब्रिज निर्माण के दौरान पर्यावरणीय प्रतिबंध, समुद्र की तेज लहरें, तेजहवाएं और खराब मौसम जैसी कई चुनौतियां आईं. यह इलाका चक्रवात और भूकंप के लिए संवेदनशील है. इसलिए इंजीनियरों ने बहुत सोच-समझकर मजबूत डिजाइन तैयार किया.
प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा, मित्रता, सहयोग और सम्मान का प्रतीक

त्रिंकोमाली बनेगा ऊर्जा केंद्रभारत और श्रीलंका के बीच त्रिंकोमाली को ऊर्जा हब के रूप में विकसित करने को लेकर आपसी सहमति बनी। इस पहल से दोनों देशों के ऊर्जा क्षेत्रमें सहयोग को मजबूती मिलेगी।रक्षा सहयोग पर हुआ समझौताप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता में रक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर एकमहत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। श्रीलंका को मिलेगी बहु-क्षेत्रीय अनुदान सहायताभारत ने श्रीलंका को विभिन्न क्षेत्रों में सहायता देने के लिए बहु-स्तरीय अनुदान की घोषणा की। इससे श्रीलंका की सामाजिक और आर्थिक संरचनाको मजबूती मिलने की उम्मीद है। सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदीश्रीलंका की ओर से पीएम मोदी को ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से सम्मानित किया गया, जो वहां का सर्वोच्च गैर-नागरिक सम्मान है। पीएम मोदी ने इसे140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बताया और श्रीलंका की सरकार तथा जनता को धन्यवाद दिया। क्या है श्रीलंका मित्र विभूषण?यह सम्मान विदेशी नेताओं को दिया जाता है जो श्रीलंका के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखते हैं। इस पुरस्कार में एक रजत पदक और प्रशस्ति पत्र शामिलहोता है। पदक पर श्रीलंका के सांस्कृतिक प्रतीक जैसे चंद्रमा, सूर्य, पृथ्वी और कमल की पंखुड़ियां बनी होती हैं। “पुन कलसा” नामक चावल से भराबर्तन समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। संपुर सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटनप्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके ने संयुक्त रूप से संपुर सौर ऊर्जा परियोजना का वर्चुअल उद्घाटन किया, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एकबड़ा कदम है। त्रिपक्षीय सहयोग को बढ़ावाभारत, श्रीलंका और संयुक्त अरब अमीरात के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता तीनों देशों के बीच सहयोग को नईऊंचाई देने का मार्ग प्रशस्त करेगा। इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर ऐतिहासिक स्वागतपीएम मोदी का इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर भव्य स्वागत किया गया। यह पहली बार है जब किसी विदेशी मेहमान का वहां इस प्रकार से सम्मान कियागया। यह स्थान श्रीलंका के राष्ट्रीय गौरव और ऐतिहासिक महत्व का प्रतीक है।
आईओएस सागर रवाना, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारवार से दी हरी झंडी, नौ देशों के नौसेनिक कर रहे हैं यात्रा में सहभागिता

नौसेना की परियोजनाओं का उद्घाटनकर्नाटक के कारवार नौसैनिक अड्डे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने हिंदमहासागर पोत आईओएस सागर को भी रवाना किया। इस पोत पर नौ देशों के 44 नौसेना कर्मी सवार हैं, जो क्षेत्रीय सहयोग और समन्वय को बढ़ावादेने के उद्देश्य से यात्रा पर निकले हैं। सागर पहल के 10 साल: सहयोग की मिसालराजनाथ सिंह ने आईओएस सागर की यात्रा के प्रारंभ पर सभी प्रतिभागी देशों और भारतीय नौसेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सागर(Security and Growth for All in the Region) पहल के दस साल पूरे होने के उपलक्ष्य में की जा रही है, जो भारत की हिंद महासागर क्षेत्र मेंस्थिरता और समृद्धि के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राष्ट्रीय समुद्री दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमिरक्षा मंत्री ने याद दिलाया कि 5 अप्रैल 1919 को भारत का पहला व्यापारी जहाज एसएस लॉयल्टी मुंबई से लंदन के लिए रवाना हुआ था। इसी कोध्यान में रखते हुए हर साल 5 अप्रैल को राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया जाता है। हिंद महासागर: भारत के हितों से सीधा संबंधउन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र केवल भारत की सुरक्षा से ही नहीं, बल्कि व्यापार, अर्थव्यवस्था, पर्यटन और संस्कृति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।भारतीय नौसेना यह सुनिश्चित करती है कि क्षेत्र में कोई देश आर्थिक या सैन्य शक्ति के बल पर दूसरों को दबा न सके। आपदा प्रबंधन में अग्रणी भूमिकाराजनाथ सिंह ने बताया कि भारतीय नौसेना संकट के समय सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति बनकर उभरी है। समुद्री लूटपाट या जहाजअपहरण जैसी घटनाओं में हमारी नौसेना ने त्वरित कार्रवाई की है। यही भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हम हिंद महासागर को मुक्त, शांतिपूर्णऔर स्थिर क्षेत्र बनाए रखें। महासागर पहल की ओर कदमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मॉरीशस यात्रा का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत अब सागर पहल से आगे बढ़ते हुए महासागरपहल की ओर अग्रसर है, जिससे क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी। यात्रा के लिए शुभकामनाएंअपने संबोधन के अंत में राजनाथ सिंह ने आईओएस सागर पर सवार सभी नौसैनिकों को सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं औरउम्मीद जताई कि यह मिशन क्षेत्रीय समन्वय और सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
गुजरात वडोदरा हादसा,गांजे के नशे में था आरोपी, FSL रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा

गुजरात के वडोदरा में 13 मार्च को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी रक्षित चौरसिया गांजे के नशे में कार चला रहा था, यहबात फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट में सामने आई है। हादसे में आठ लोग कार की चपेट में आए थे, जिनमें से एक महिला की मौके परही मौत हो गई थी और अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। वीडियो वायरल: टक्कर के बाद बोला ‘एक और राउंड’घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। वीडियो में रक्षित कार से उतरकर चिल्लाते हुए कहता दिख रहा है, “एक और राउंड।” कार में उस समय रक्षित के साथ उसका दोस्त प्रांशु चौहान भी मौजूद था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे थे। तीनों आरोपियों के खून में मिला गांजाFSL रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी रक्षित, प्रांशु और उनके तीसरे साथी सुरेश भरवाड़ ने घटना के दिन गांजा पीया था। पुलिस ने इस आधार परतीनों के खिलाफ ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट’ (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रक्षित पहले से पुलिसहिरासत में है, जबकि प्रांशु को अब NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। सुरेश भरवाड़ फिलहाल फरार है। CCTV से मिली सुराग, NDPS के तहत मामला दर्जपुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी घटना से पहले सुरेश के घर से निकले थे। CCTV फुटेज में यह पुष्टि हुई, जिससे सुरेश का भी खून का सैंपल लियागया। जांच में सभी के सैंपल में गांजा पाया गया, जिसके बाद NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।कार की रफ्तार और पुराने मामलेहादसे के बाद पुलिस ने बताया था कि रक्षित 120 किमी/घंटा की स्पीड से कार चला रहा था, जबकि आरोपी का दावा था कि कार की रफ्तार केवल50 किमी/घंटा थी। इसके अलावा रक्षित पहले भी विवादों में रहा है। फरवरी में उसने शराब के नशे में हंगामा किया था, जिस पर स्थानीय लोगों नेउसकी पिटाई की थी और पुलिस को बुलाया गया था। पुलिस की कार्रवाई जारीपुलिस का कहना है कि NDPS केस के साथ-साथ सड़क हादसे में भी प्रांशु को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं फरार आरोपी सुरेश की तलाश तेज करदी गई है।
काशी पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत, बाबा विश्वनाथ का किया अभिषेक

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत अपने दो दिवसीय प्रवास पर वाराणसी पहुंचे। शनिवार को उन्होंने बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर मेंपूजा-अर्चना कर अभिषेक किया और कालभैरव मंदिर में दर्शन किए। IIT-BHU में छात्रों के साथ संवाद, योग और वैदिक मंत्रों का आयोजनअपने प्रवास के दौरान शुक्रवार को मोहन भागवत आईआईटी बीएचयू के जिमखाना मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने 100 से अधिक छात्रों को योग करते हुएदेखा। इस आयोजन में वैदिक मंत्रोच्चारण भी शामिल था। छात्रों से बातचीत में उन्होंने पूछा, “क्या आप संघ को समझते हैं?” छात्रों ने उत्तर दिया किसंघ का उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, सभी धर्मों की मदद और युवा शक्ति को मार्गदर्शन देना है। “संघ का कार्य – हिंदू संस्कृति और मूल्यों की रक्षा”संघ प्रमुख ने बताया कि RSS का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और हिंदू सभ्यता के मूल्यों को सहेजना है। उन्होंने कहा कि “श्मशान, मंदिर और पानी – येसब हिंदुओं के लिए एक समान होने चाहिए।” उन्होंने जाति, पंथ और वर्ग से ऊपर उठकर हिंदू समाज की एकता की आवश्यकता पर बल दिया। संघ की शताब्दी की तैयारियों को लेकर मंथनभागवत का वाराणसी दौरा संघ की आगामी शताब्दी समारोह की तैयारियों के अंतर्गत हो रहा है। पूर्वांचल के 12 से अधिक जिलों के संघपदाधिकारियों के साथ वे लगातार बैठकें कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने निवेदिता शिक्षा सदन में रुककर संगठन के कार्यों की समीक्षा की। व्यापारियों, चिकित्सकों से भी होगा संवादशनिवार को संघ प्रमुख विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों—जैसे चिकित्सकों, व्यापारियों और उद्यमियों से मुलाकात कर विचार-विमर्श करेंगे। यह बैठकसंघ की विचारधारा को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाने की रणनीति का हिस्सा है।संघ प्रशिक्षण में किया गया बदलाव, नई व्यवस्था की घोषणाबीएचयू में युवाओं को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने संघ की ट्रेनिंग प्रणाली में किए गए बदलावों की जानकारी दी। अब प्रथम वर्ष काप्रशिक्षण वर्ग केवल 15 दिन का होगा, जिसे “कार्यकर्ता विकास वर्ग” नाम दिया गया है। लाजपत नगर शाखा में भी लेंगे हिस्सासंघ प्रमुख के प्रवास का समापन 6 अप्रैल को होगा, जब वे मलदहिया के लाजपत नगर में संघ की शाखा में भाग लेंगे और कार्यकर्ताओं से संवादकरेंगे।
अमित शाह का बड़ा ऐलान, 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करेंगे

दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़ | 5 अप्रैल 2025केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने दंतेवाड़ा में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। बस्तर के पंडुममहोत्सव के दौरान आयोजित जनसभा में उन्होंने घोषणा की कि आने वाले वर्ष तक भारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। 86 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, केंद्र सरकार का दावा मजबूतअमित शाह के बस्तर पहुंचने से पहले ही छत्तीसगढ़ में बड़ी सफलता सामने आई जब 86 नक्सलियों ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त नीति की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बस्तर पंडुम में हुआ भव्य स्वागतगृह मंत्री शाह बस्तर के पंडुम महोत्सव में शामिल हुए, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें पारंपरिक ‘गौर मुकुट’ पहनाकर सम्मानित किया। इसकेसाथ ही उन्हें कोंडागांव की प्रसिद्ध ढोकरा कला की मूर्ति भी भेंट की गई। दौरे की शुरुआत उन्होंने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना से की। डबल इंजन सरकार की दोहरी नीति: विकास और सुरक्षाअपने भाषण में शाह ने कहा कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार न केवल नक्सलवाद को खत्म करने में जुटी है, बल्कि बस्तर को विकास की नईऊँचाइयों पर ले जाने का काम भी कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने घोषणा की है कि जो गांव माओवादी मुक्त घोषित होंगे औरआत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें एक करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए दिए जाएंगे। बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की तैयारीअमित शाह ने यह भी कहा कि आने वाले वर्ष से बस्तर पंडुम महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा और प्रयास किया जाएगा कि इसे अंतरराष्ट्रीयस्तर तक पहुँचाया जाए। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील करने की बात कही कि वे इस महोत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल हों। शांति का संदेश: नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपीलगृह मंत्री ने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा, “किसी की मौत पर कोई खुश नहीं होता। हम चाहते हैंकि आप विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनें। बंदूक और हिंसा से कुछ नहीं होगा, अब बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएं चाहिए।” नक्सलियों के खिलाफ दोहरी रणनीति: आत्मसमर्पण या कार्रवाईशाह ने बताया कि 2025 के शुरुआती चार महीनों में अब तक 521 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 2024 में यह संख्या 881 रही। उन्होंनेस्पष्ट किया कि जो आत्मसमर्पण करेगा, उसका स्वागत है, लेकिन जो हथियार उठाए रखेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मणिपुर में शांति की पहल,केंद्र सरकार ने मैतेई-कुकी नेताओं संग की बैठक

नई दिल्ली: मणिपुर में लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को मैतेई और कुकीसमुदायों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य पारस्परिक समझ और विश्वास को बढ़ाकर शांति की दिशामें ठोस योजना बनाना था। विश्वास और सहयोग पर केंद्रित रही बैठकइस बैठक का मुख्य फोकस दोनों समुदायों के बीच विश्वास की बहाली और मणिपुर में सामान्य स्थिति लौटाने की रणनीति तैयार करना रहा। सरकार नेविशेष रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी समरसता को बढ़ावा देने पर बल दिया। प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारीमीटिंग में ऑल मणिपुर यूनाइटेड क्लब्स ऑर्गनाइजेशन (AMUCO) और फेडरेशन ऑफ सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन (FOCS) के प्रतिनिधियोंसहित 6 सदस्यीय मैतेई दल ने हिस्सा लिया। वहीं कुकी समुदाय की ओर से 9 प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए। केंद्र की ओर से पूर्व खुफिया ब्यूरोअधिकारी ए.के. मिश्रा भी मौजूद रहे। गृह मंत्री अमित शाह ने पहले दी थी संकेतगृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में संसद में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के दौरान जानकारी दी थी कि सरकार दोनों समुदायों के साथ अलग-अलग बैठकें कररही है और जल्द ही संयुक्त बैठक की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हिंसा का अंत कर शांति स्थापित करना है। शाह नेयह भी बताया कि बीते चार महीनों में कोई मृत्यु नहीं हुई है, लेकिन राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित लोगों की स्थिति को देखते हुए इसे पर्याप्त नहींमाना जा सकता। राष्ट्रपति शासन और राजनीतिक परिवर्तनमणिपुर में राजनीतिक अस्थिरता के चलते 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जो मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे केबाद आया। मणिपुर में मई 2023 से चली आ रही जातीय हिंसा में अब तक करीब 260 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों नागरिकों को अपनेघरों से विस्थापित होना पड़ा है। राज्यपाल की सक्रिय भूमिकापूर्व गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को मणिपुर का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने 3 जनवरी को पदभार संभालने के बाद से लगातार जनतासे संवाद किया और शांति की अपील की है। थानों से लूटे गए हथियारों को लौटाने की उनकी अपील के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं, जिससे प्रशासन को राहत मिली है।