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बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना जाहिर की निराशा, कहा बांग्लादेश को विकास के मॅाडल के तौर पर जाता था देखा

शेख हसीना ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि एक समय बांग्लादेश को विकास के मॉडल के तौर पर देखा जाता था. लेकिन आज वह देश आतंकीदेश में बदल चुका है. हमारे नेताओं को जिस तरह से मारा गया. उसे बताया भी नहीं जा सकता.बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने कहा है किअल्लाह ने उन्हें किसी वजह से ही अब तक जिंदा रखा है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अवामी लीग के सदस्यों की हत्या की है उन्हें न्याय के कटघरे मेंलाया जाएगा. शेख हसीना ने बांग्लादेश में हिंसा में मारे गए अवामी लीग के नेताओं के परिजनों से वर्चुअली बात करते हुए ये बात कही। शेख हसीनाको हिंसा के चलते बीते साल अगस्त में पीएम पद के साथ ही देश भी छोड़ना पड़ा था.शेख हसीना ने इस दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार केमुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर निशाना साधा और कहा कि ‘मोहम्मद यूनुस ऐसे व्यक्ति हैं.जिन्होंने कभी भी लोगों से प्यार नहीं किया. पूर्व पीएम ने खोया था अपना परिवारउन्होंने लोगों को ऊंची ब्याज दर पर लोगों को थोड़े-थोड़े पैसे ब्याज पर दिए और उस पैसे से विदेश में आलीशान जिंदगी गुजारी. हम भी उनके दोहरेचरित्र को समझ नहीं सके और हमारी सरकार ने भी उनकी मदद की. लेकिन लोगों को इससे फायदा नहीं हुआ. मोहम्मद यूनुस ने सत्ता की भूख कीवजह से ही अब बांग्लादेश जल रहा है.शेख हसीना ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि ‘एक समय बांग्लादेश को विकास के मॉडल के तौर पर देखाजाता था. लेकिन आज वह देश आतंकी देश में बदल चुका है हमारे नेताओं को जिस तरह से मारा गया. उसे बताया भी नहीं जा सकता अवामी लीगके नेता, पुलिस, वकील पत्रकार और कलाकार सभी को निशाना बनाया जा रहा है. पूर्व पीएम ने कहा कि ‘मैंने अपने पिता, माता, भाई और परिवार केसभी सदस्यों को एक दिन खो दिया था. शेख हसीना ने दी जानकारीउस वक्त भी मुझे देश लौटने नहीं दिया गया था मैं किसी अपने को खोने के दर्द को समझती हूं. अल्लाह ने मुझे बचाया और वह मुझसे कुछ अच्छाकाम कराना चाहता है जो लोग अपराध कर रहे हैं, उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा। ये मेरा वादा है.शेख हसीना ने कहा कि ‘अल्लाह ने उन्हें किसीवजह से ही जिंदा रखा है और मैं जल्द वापस लौटूंगी. शेख हसीना का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है जब बांग्लादेश की सरकार शेख हसीना केप्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है और जब हाल ही में बिम्सटेक सम्मेलन से इतर पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की थाईलैंड में मुलाकात हुई थी. उसवक्त भी मोहम्मद यूनुस ने शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग उठाई थी. प्रधानमंत्री मोदी ने भी मोहम्मद यूनुस के सामने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकहिंदुओं के खिलाफ हमलों की घटनाओं पर चिंता जाहिर की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को रखा बरकरार,अतिरिक्त शिक्षक पदों की CBI जांच नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा था. जिसमें पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण नौकरियों की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया था. इसके बाद पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बीतेदिन एक याचिका दायर कर आदेश में संशोधन की मांग की थी.सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल कैबिनेट की ओर से अतिरिक्त पदों के सृजन के फैसले कीसीबीआई जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के एक हिस्से को खारिज कर दिया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति के अन्य पहलुओं के संबंध में सीबीआई जांच जारी रहेगी.दरअसल कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के उसहिस्से को खारिज किया गया है. जिसमें राज्य सरकार की ओर से संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में अतिरिक्त पदों के सृजन के पश्चिम बंगालकैबिनेट के फैसले की सीबीआई जांच का आदेश दिया गया था. सीबीआई जांच रहेगी जारीहालांकि शीर्ष कोर्ट ने साफ किया कि 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े अन्य पहलुओं की सीबीआई जांच जारी रहेगी.अतिरिक्तपद से मतलब ऐसे अस्थायी पद से है जो किसी ऐसे कर्मचारी को समायोजित करने के लिए सृजित किया गया हो.जो किसी ऐसे नियमित पद काहकदार हो जिसका वर्तमान में कोई वजूद नहीं है.अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट के खिलाफसीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट का निर्देश अनावश्यक था. इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश के उस हिस्से को रद्द कर दिया है. अब सीबीआई कैबिनेटके फैसले के लिए कैबिनेट सदस्यों के खिलाफ जांच नहीं कर सकती है. यह अन्य चीजों के लिए नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीबीआईजांच के निर्देश को छोड़कर अन्य सभी अदालती आदेश लागू रहेंगे.इससे पहले मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने 3 अप्रैल को 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति को अमान्य करार देते हुए पूरी चयन प्रक्रिया को भ्रष्ट और दागदार करार दिया था.

आसाराम की अंतरिम ज़मानत 1 जुलाई तक बढ़ी, हाई कोर्ट का आदेश

जमानत की शर्तों पर नहीं होंगे प्रवचनराजस्थान हाई कोर्ट ने रेप के मामले में दोषी स्वयंभू संत आसाराम की अंतरिम ज़मानत की अवधि को बढ़ाकर अब 1 जुलाई 2025 तक कर दिया है।कोर्ट की यह मंजूरी उसी शर्त पर दी गई है, जो पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई थीं—जिनमें प्रवचन करने और अनुयायियों की भीड़ इकट्ठा करने परपाबंदी शामिल है। 31 मार्च को पूरी हुई थी पहले की जमानतआसाराम की पिछली अंतरिम ज़मानत 31 मार्च को समाप्त हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने 1 अप्रैल की रात को जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पणकिया था। इसके बाद उन्हें एक निजी आयुर्वेदिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोर्ट में वीडियो सबूत पेश, हलफनामा मांगा गया2 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष के वकील पीसी सोलंकी ने आरोप लगाया कि आसाराम ने ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया है।उन्होंने दावा किया कि इंदौर स्थित आश्रम में प्रवचन आयोजित कर उन्होंने अनुचित गतिविधियों में भाग लिया। इस दावे को प्रमाणित करने के लिएअदालत में एक वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद अदालत ने आसाराम से हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हलफनामा स्वीकार कियाआसाराम के वकील निशांत बोरा ने सोमवार को हलफनामा पेश किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद कोर्ट ने 1 जुलाई तक अंतरिमज़मानत बढ़ाने के अनुरोध को मंजूरी दी। गुजरात हाई कोर्ट से भी मिली थी जमानतगौरतलब है कि आसाराम को सूरत में दर्ज एक अन्य रेप केस में गुजरात हाई कोर्ट से भी 28 मार्च को तीन महीने की अंतरिम ज़मानत मिली थी।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में छह साल की बच्ची के साथ दरिंदगी, कार की डिग्गी में मिला शव

रामनवमी के दिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ओम नगर उरला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कन्या पूजन के लिए अपनी सहेलियोंके साथ घर से निकली छह साल की मासूम बच्ची का शव रात में एक कार की डिग्गी में संदिग्ध अवस्था में पाया गया। शव पर चोट के गहरे निशान, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोपमासूम के शव को जब बरामद किया गया, तो उसके दोनों हाथ अकड़े हुए थे। चेहरे पर खरोंच के निशान, नाक और होठों से खून बह रहा था। परिजनोंका आरोप है कि बच्ची को सिगरेट से दागा गया, लाइटर से जलाया गया और इलेक्ट्रिक शॉक देकर उसकी हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टिपुलिस के मुताबिक, बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके साथ बलात्कार की पुष्टि हो चुकी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार परजांच आगे बढ़ाई जा रही है। मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। गुस्साई भीड़ ने आरोपी का घर जलायाघटना के बाद स्थानीय लोगों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों में से एक के घर में आग लगादी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। राजनीतिक बवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेराघटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने इसे कानून व्यवस्था की विफलता करार देते हुए दुर्ग एसपी और राज्य के गृह मंत्रीसे इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रही है। जांच जारी, परिजनों की मांग—दोषियों को मिले फांसीफिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है। इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़िता के परिजन और स्थानीय लोग आरोपियों को फांसी की सजादेने की मांग कर रहे हैं।

वाराणसी में इंटरमीडिएट छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, 6 आरोपी हिरासत में

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एक इंटरमीडिएट छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर लालपुरपांडेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। 29 मार्च से लापता थी छात्रा, परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगीपीड़िता वाराणसी के हुकुलगंज इलाके की रहने वाली है और एक स्पोर्ट्स कोर्स में दाखिले की तैयारी कर रही थी। वह नियमित रूप से यूपी कॉलेजरनिंग के लिए जाती थी। परिजनों के अनुसार, वह 29 मार्च से लापता थी। 4 अप्रैल को परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और गुमशुदगी दर्ज की गई, जिसके बाद उसे पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। हुक्काबार में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ, फिर होटलों में गैंगरेप का आरोपपीड़िता ने पुलिस को बताया कि 29 मार्च को एक परिचित युवक उसे पिशाच मोचन क्षेत्र के एक हुक्काबार ले गया था। वहां कुछ अन्य युवक भीमौजूद थे। उसे शक है कि कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश किया गया और फिर सिगरा क्षेत्र के कई होटलों में ले जाकर गैंगरेप कियागया। आरोपी निकले परिचित, इंस्टाग्राम दोस्त और क्लासमेटपीड़िता के अनुसार, आरोपियों में से कुछ उसके जानने वाले, कुछ इंस्टाग्राम फ्रेंड्स और कुछ पढ़ाई के साथी थे। पुलिस ने हुक्काबार में जाकरसीसीटीवी फुटेज की जांच की है और आरोपी युवकों की शिनाख्त की जा रही है। पुलिस ने दर्ज किया केस, एक आरोपी अब भी फरारवाराणसी के डीसीपी वरुणा, चंद्रकांत मीणा ने जानकारी दी कि मामला 29 मार्च से 4 अप्रैल के बीच का है। पहले दुष्कर्म की कोई शिकायत नहीं दीगई थी, लेकिन 6 अप्रैल को पीड़िता और उसके परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई। अभी तक 7 में से 6 आरोपी हिरासत में हैं, एक की तलाश जारी है। पीड़िता बालिग, नाबालिग होने की खबर गलतडीसीपी चंद्रकांत मीणा ने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़िता नाबालिग नहीं, बल्कि बालिग है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और सभीके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

राहुल गांधी के दौरे के बीच कांग्रेस नेताओं में भिड़ंत, वीडियो वायरल

राहुल गांधी के बिहार दौरे के दौरान पटना में कांग्रेस पार्टी के अंदर विवाद का नजारा देखने को मिला। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरलहो रहा है, जिसमें पूर्व कांग्रेस विधायक एक पार्टी कार्यकर्ता को दौड़ाते और पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। सदाकत आश्रम में हुई घटना, वायरल हुआ सीसीटीवी वीडियोयह घटना सोमवार को पटना स्थित सदाकत आश्रम में हुई, जहां राहुल गांधी का कार्यक्रम चल रहा था। वीडियो में रीगा विधानसभा क्षेत्र के पूर्वकांग्रेस विधायक अमित कुमार टुन्ना को एक कार्यकर्ता का पीछा करते और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। उस समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता औरपूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह भी गेट के बाहर मौजूद थे।जेब काटने का आरोप, कार्यकर्ता को माराप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहुल गांधी का भाषण चल रहा था और विधायक टुन्ना गंभीरता से उसे सुन रहे थे। तभी कार्यकर्ता रविरंजन की हरकतों नेउनका ध्यान भटका दिया। टुन्ना के अनुसार, रविरंजन जेब में हाथ डालकर कुछ चुराने की कोशिश कर रहा था। जब टोका गया, तो दोनों के बीच बहसहो गई। भाषण खत्म होने के बाद रविरंजन तेजी से बाहर निकला, तो टुन्ना ने उसका पीछा कर उसे पकड़ने की कोशिश की। सार्वजनिक रूप से हुई मारपीट, कई लोगों ने की हाथ साफभागते-भागते दोनों जमीन पर गिर गए, पर टुन्ना ने रविरंजन पर हमला जारी रखा। इस दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने भी युवक को पीटा।गाली-गलौज और मारपीट के बीच युवक किसी तरह भाग निकला। रविरंजन का कहना है कि उसकी पिटाई इसलिए की गई क्योंकि वह डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह का समर्थक है। पार्टी की छवि पर सवाल, वीडियो ने खोली अंदरूनी कलह की परतेंइस घटना ने बिहार कांग्रेस की आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है। राहुल गांधी की मौजूदगी में ऐसा विवाद होना पार्टी की छवि पर असर डालसकता है। अभी तक इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बेंगलुरु में दो लड़कियों से छेड़छाड़, CCTV में कैद हुई घटना

बेंगलुरु के भारती लेआउट में 4 अप्रैल की देर रात दो युवतियों के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि एकयुवक सड़क पर चल रही दो लड़कियों के पास आता है, उनमें से एक को जबरन दीवार की ओर धकेलता है और फिर वहां से भाग निकलता है। CCTV फुटेज में दिखी पूरी वारदातरात करीब 1:52 बजे हुई यह घटना सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में देखा गया कि आरोपी व्यक्ति सुनसान सड़क पर खड़ीदोपहिया गाड़ियों के पास से गुजरते हुए लड़कियों के पीछे जाता है और एक के साथ अनुचित व्यवहार करता है। इस भयावह घटना के बाद लड़कियांडर के मारे रोती और चिल्लाती नजर आईं। मंत्री का बयान बना विवाद का कारणजब इस घटना पर पत्रकारों ने कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर से सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “इस तरह की घटनाएं बड़े शहरों में आम होती हैं।कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और बीट पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।” उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखीप्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि मंत्री का यह रवैया गंभीर अपराध को हल्के में लेने जैसा है। विपक्ष का सरकार पर हमलाभाजपा ने इस मामले को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को घेरा है। विपक्ष ने कहा कि वायरल हुआ वीडियो यह दिखाता है कि बेंगलुरु की कानूनव्यवस्था चरमराई हुई है और यह शहर महिलाओं के लिए तेजी से असुरक्षित होता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थितिबेंगलुरु पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। हालांकि, अभी तक पीड़ित युवतियों की ओर से कोईऔपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बेंगलुरु में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधसरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में बेंगलुरु में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहर में कुल 3,260 मामलों में से1,135 केस छेड़छाड़ से जुड़े थे, जो महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय है।

पेट्रोल-डीजल पर 2 रुपये की एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा असर: केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने 7 अप्रैल 2025 को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यहनई दरें 8 अप्रैल से लागू होंगी। राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब पेट्रोल पर कुल उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर और डीजलपर 10 रुपये प्रति लीटर हो गया है। क्या खुदरा कीमतों पर पड़ेगा असर?सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि उत्पाद शुल्क में हुई इस बढ़ोतरी का प्रभाव खुदरा उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। पेट्रोलियम औरप्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णयलिया है। मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयानकेंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उत्पाद शुल्क में की गई यह वृद्धि उपभोक्ताओं पर भार नहीं डालेगी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीयबाजार में कच्चे तेल की कीमत में आई गिरावट के कारण कंपनियों के पास सस्ती दर पर स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि तेल कंपनियांस्वतंत्र बाजार व्यवस्था के तहत खुदरा मूल्य को वैश्विक कीमतों के अनुरूप समायोजित करती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत की उम्मीदपुरी ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर 60 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है। हालांकि, भारतीय तेल कंपनियोंके पास अभी 75 डॉलर प्रति बैरल की दर पर खरीदा गया स्टॉक मौजूद है। इसलिए आने वाले समय में कीमतों में राहत की संभावनाएं हैं।

आम जनता को महंगाई का झटका, एलपीजी सिलेंडर 50 रुपये महंगा

सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला 8 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा और यह वृद्धि उज्ज्वलायोजना सहित सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगी। उज्ज्वला योजना लाभार्थियों पर भी असरअब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाला सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 503 रुपये की बजाय 553 रुपये में मिलेगा। पहलेजहां उज्ज्वला लाभार्थी गैस सिलेंडर के लिए कम भुगतान करते थे, अब उन्हें भी यह महंगाई झेलनी होगी। आम उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी 853 रुपयेसामान्य उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 803 रुपये से बढ़कर अब 853 रुपये हो गई है। यह निर्णय देशभर में सभी गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगा। पेट्रोलियम मंत्री ने दी जानकारीकेंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि गैस की कीमतों में की गई यह बढ़ोतरी अस्थायी है और इसकी हर 2-3 सप्ताह में समीक्षा की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल-डीजल पर बढ़े उत्पाद शुल्क का असर आम जनता पर नहीं डाला जाएगा। वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमतों में राहतजहां एक ओर घरेलू सिलेंडर महंगा हुआ है, वहीं वाणिज्यिक उपयोग में आने वाले 19 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 41 रुपये की कटौती कीगई है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर 1,762 रुपये में उपलब्ध है।पेट्रोल-डीजल पर भी बढ़ा उत्पाद शुल्कसरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर और डीजलपर 10 रुपये प्रति लीटर हो गया है। हालांकि, खुदरा कीमतों में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है।

उत्तराखण्ड के सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लिया बड़ा फैसला,वरिष्ठ नौकरशाहों के प्रभारों में हो सकता है बदलाव

Uttrakhand Latest News: धामी सरकार में अब इसी माह प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है वरिष्ठ नौकरशाह आनंद बर्द्धन के मुख्य सचिवबनने के बाद उनके विभागों का आवंटन अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को दिया जा सकता है. तीन प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल फैनई और आर मीनाक्षीसुंदरम शासन में तैनात हैं.प्रशासनिक व्यवस्था के नए मुखिया की तैनाती के बाद अब धामी सरकार में प्रशासनिक फेरबदल की संभावना है. शासन मेंतैनात वरिष्ठ नौकरशाहों के प्रभारों में बदलाव हो सकता है. मुख्यमंत्री इसी महीने प्रशासनिक फेरबदल को अंजाम दे सकते हैं इस फेरबदल में कुछजिलाधिकारियों को भी इधर से उधर किया जा सकता है.नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही धामी सरकार अब प्रशासनिक फेरबदल को अंजामदेगी. वरिष्ठ नौकरशाह आनंद बर्द्धन के मुख्य सचिव बनने के बाद उनके विभागों का आवंटन अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों को दिया जा सकता है. तीन प्रमुखसचिव आरके सुधांशु, एल फैनई और आर मीनाक्षी सुंदरम शासन में तैनात हैं. दी जा सकती है नई जिम्मेदारीबर्धन के सीएस बनने से खाली हुए उनके प्रमुख प्रभारों का बंटवारा इन तीनों प्रमुख सचिवों के बीच हो सकता है. इनके अलावा शासन में तैनातसचिवों को भी नई जिम्मेदारी दी जा सकती है. अपर सचिव से सचिव पद पदोन्नत हुए उन नौकरशाहों को कुछ प्रमुख विभाग मिल सकते हैं. जो अभीएक या दो प्रभार देख रहे हैं.अपर सचिव स्तर पर भी कुछ अधिकारियों के प्रभार बदले जा सकते हैं. शासन के अलावा कुछ जिलों में जिलाधिकारियोंको बदले जाने की चर्चाएं गर्म हैं. माना जा रहा है कि गढ़वाल और कुमाऊं के दो-दो जिलों के जिलाधिकारियों को इधर से उधर किया जा सकता है. अगले महीने चूंकि पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है. इसलिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल पंचायत चुनाव से पहले इसी महीने होने की संभावनाहै.