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शिवराज सिंह चौहान ने एअर इंडिया की सेवा पर उठाए सवाल, सीट की खराब स्थिति पर जताई आपत्ति

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एअर इंडिया की सेवाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विमान में सीट की खराब स्थितिको लेकर शिकायत की और सोशल मीडिया पर इसे लेकर अपना अनुभव साझा किया। भोपाल से दिल्ली की यात्रा में टूटी सीट का सामनाशिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें भोपाल से दिल्ली की यात्रा के लिए एअर इंडिया फ्लाइट AI436 में सीट नंबर 8C आवंटित की गई थी। जबवे अपनी सीट पर पहुंचे, तो देखा कि सीट टूटी हुई थी और अंदर धंसी हुई थी, जिससे बैठना असहज हो गया। केंद्रीय मंत्री ने इस घटना को लेकरसोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और एअर इंडिया को टैग किया। विमानकर्मियों से शिकायत और यात्रियों की सहानुभूतिचौहान ने विमानकर्मियों से यह सवाल किया कि खराब सीट उन्हें क्यों दी गई, तो उन्होंने बताया कि प्रबंधन को पहले ही सूचित किया गया था कि यहसीट ठीक नहीं है और इसे टिकट के लिए उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। इसके बावजूद यह सीट उन्हें आवंटित कर दी गई थी। इस दौरान अन्यसहयात्रियों ने उनसे सीट बदलने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने किसी और यात्री को परेशानी में डालने के बजाय उसी सीट पर बैठकर यात्रा करने काफैसला किया।एअर इंडिया की सेवा पर सवाल उठाते हुए आपत्तिकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने माना था कि टाटा प्रबंधन के हाथ में जाने के बाद एअर इंडिया की सेवा में सुधार होगा, लेकिन यह उनका भ्रम साबितहुआ। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों से पूरा पैसा वसूलने के बाद उन्हें खराब सीटों पर बैठाना अनैतिक है और क्या यह यात्रियों के साथ धोखा नहींहै? उन्होंने सवाल उठाया कि एअर इंडिया प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाएगा ताकि भविष्य में ऐसे कष्टकारी अनुभव से यात्रियों को बचाया जासके। एअर इंडिया की प्रतिक्रियाएअर इंडिया ने शिवराज सिंह चौहान की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। एयरलाइन ने अपनेआधिकारिक X (Twitter) हैंडल से यह लिखा कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और मंत्री से बात करना चाहेंगे। उन्होंने चौहान से आग्रह कियाकि जब सुविधाजनक हो तो वह उन्हें DM करें।

तमिल अस्मिता पर छिड़ी बहस, NEP को लेकर कमल हासन की केंद्र को चेतावनी

सोशल मीडिया पर तमिल अस्मिता को लेकर दो पक्ष उभर रहे हैं। एक ओर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को समर्थन मिल रहा है, तो दूसरी ओर इसेतमिल पहचान के लिए खतरा बताया जा रहा है। इस बीच, अभिनेता से नेता बने मक्कल निधि मय्यम (MNM) पार्टी प्रमुख कमल हासन ने इस मुद्देपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तमिल भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार को परोक्ष रूप से चेतावनी दी। केंद्र और तमिलनाडु के बीच बढ़ता विवादतमिलनाडु सरकार और केंद्र के बीच समग्र शिक्षा अभियान (SSA) फंड को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और पीएम श्री स्कूल योजना से जोड़ने कोलेकर विवाद जारी है। तमिलनाडु सरकार का कहना है कि शिक्षा निधि केवल तभी दी जाएगी, जब राज्य NEP को पूरी तरह लागू करेगा और त्रिभाषानीति को अपनाएगा। इस मुद्दे को लेकर राज्य में विरोध बढ़ रहा है। कमल हासन का कड़ा संदेशकमल हासन ने इस विवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “तमिल भाषा के लिए लोगों ने अपनी जान दी है। इस मुद्दे से मत खेलो। तमिलनाडु केलोग खुद तय कर सकते हैं कि उन्हें कौन सी भाषा चाहिए।” उन्होंने पीएम मोदी का नाम लिए बिना केंद्र को इशारों में चेतावनी देते हुए कहा कि भाषाके मुद्दे को हल्के में लेना घातक हो सकता है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की आपत्तितमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पहले ही पीएम मोदी को पत्र लिखकर NEP पर आपत्ति जता चुके हैं। उन्होंने कहा था, “क्या यह उचित है कितमिलनाडु के छात्रों को शिक्षा के लिए धन तभी मिलेगा जब वे NEP 2020 और त्रिभाषा नीति को अपनाएंगे? क्या तमिल जनता की भावनाओं कीकोई कद्र नहीं?” उन्होंने केंद्र की इस नीति को अस्वीकार्य बताते हुए पुनर्विचार की मांग की थी। विवाद के बढ़ते राजनीतिक प्रभावएमके स्टालिन के बयान के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव बढ़ गया था। अब कमल हासन के कड़े बयान ने इस बहस को और तीखा करदिया है। इस मामले पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे यह देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।

कर्नाटक के बेलगावी में भाषा विवाद, बस चालक और कंडक्टर से मारपीट

कर्नाटक के बेलगावी जिले में भाषा विवाद को लेकर बस चालक और कंडक्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले मेंतीन लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे सुलेभवी इलाके में हुई। मुफ्त टिकट मांगने पर विवाद बढ़ाउत्तर पश्चिमी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम की एक बस में टिकट को लेकर विवाद शुरू हुआ। बस कंडक्टर महादेव हुक्केरी के अनुसार, एक महिलाऔर युवक बस में एक साथ यात्रा कर रहे थे। जब टिकट काटने की बारी आई, तो महिला ने दो मुफ्त टिकट की मांग की। कर्नाटक में महिलाओं केलिए बस यात्रा मुफ्त है, लेकिन पुरुषों के लिए नहीं। इस पर कंडक्टर ने उसे केवल एक टिकट दिया।मराठी न बोलने पर हुआ झगड़ाजब कंडक्टर ने महिला से दूसरा टिकट मांगने का कारण पूछा, तो उसने अपने साथ बैठे युवक की ओर इशारा किया। कंडक्टर ने समझाया कि कर्नाटकमें पुरुषों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके बाद महिला और उसके साथी ने कंडक्टर से मराठी में बात करने को कहा। कंडक्टर ने जवाबदिया कि उसे मराठी नहीं आती और उसने उनसे कन्नड़ में बात करने को कहा। इसी बात पर बस में सवार कुछ अन्य यात्रियों ने विवाद शुरू कर दियाऔर कंडक्टर और चालक पर हमला कर दिया। बस रुकते ही भीड़ ने की मारपीटबस के रुकने पर करीब 50 लोग और वहां पहुंच गए, जिन्होंने मिलकर चालक और कंडक्टर की पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके परपहुंची और जांच शुरू की। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत मेंपुलिस ने इस मामले में मारुति तुरुमुरी, राहुल नायडू और बालू गोजगेकर को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।बेलगावी के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहन जगदीश ने बीआईएमएस अस्पताल का दौरा कर घायल कंडक्टर से मुलाकात की और घटना कीजानकारी ली। 14 दिन की न्यायिक हिरासततीनों आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। डीसीपी ने आश्वासन दियाकि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तेलंगाना के नागरकुरनूल में SLBC टनल हादसा, 6 मजदूर फंसे

तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में शनिवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जब श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल परियोजना का एक हिस्सा ढहगया। इस दुर्घटना में 6 मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए, जबकि यह हादसा सुरंग के प्रवेश बिंदु से लगभग 14 किलोमीटर अंदर हुआ।टनल का हिस्सा गिरने से हुआ हादसासूत्रों के मुताबिक, टनल की छत का करीब तीन मीटर लंबा हिस्सा गिर गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। बताया जा रहा है कि इस परियोजना का कामकुछ समय से रुका हुआ था, लेकिन चार दिन पहले ही इसे दोबारा शुरू किया गया था। 43 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गयानागरकुरनूल जिले के एसपी, वैभव गायकवाड़ ने जानकारी दी कि हादसे के समय सुरंग में कुल 50 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से 43 मजदूर सुरक्षितबाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 6 मजदूर अभी भी अंदर फंसे रह गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सिंचाई विभाग की दो टीमों ने सुरंग में जाकरस्थिति का जायजा लिया और मजदूरों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने जताया शोकतेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त किया और अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। जिलाकलेक्टर, एसपी, अग्निशमन विभाग और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्यों की निगरानी की। बचाव कार्य में प्रशासन की तेजीकेंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी हादसे की जानकारी ली और फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द निकालने का आदेश दिया। इसके अलावा, सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार और उनके विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विशेष हेलिकॉप्टर से घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। प्रशासन ने टनल में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए बचाव कार्यों में तेजी लाई, और अधिकारियों ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।

पीएम से दिल्ली की नई सीएम ने की मुलाकात, आयुष्मान भारत और महिला सम्मान योजना पर भी लिया बड़ा फैसला

दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पदभार ग्रहण करते ही कई अहम मुद्दों पर सक्रियता दिखाई है। शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने केंद्र सरकार कीकई योजनाओं को लागू करने और दिल्ली के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री से मुलाकातशपथ ग्रहण के बाद रेखा गुप्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जनता से संवाद भी किया और उनके समर्थन केलिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनका हर एक दिन जनता की सेवा में समर्पित होगा। पहली कैबिनेट बैठक और आयुष्मान भारत योजनामुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उनकी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की, जिसमें केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली मेंलागू करने का निर्णय लिया गया। इससे पहले की सरकार इस योजना को मंजूरी नहीं दे रही थी, लेकिन रेखा गुप्ता ने इसे तुरंत लागू करने की पहलकी। सड़क और यातायात सुधार पर जोरदिल्ली की सड़कों की हालत सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने PWD अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में टूटी-फूटी सड़कों, खुदे हुए रास्तों औरयातायात की समस्याओं पर चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान निकालने के निर्देश दिए। महिला सम्मान योजना पर अहम फैसलामहिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर महिला सम्मान योजना पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। ऐसा माना जा रहाहै कि उन्होंने प्रधानमंत्री से इस योजना को लेकर चर्चा भी की है। इस योजना को लेकर विपक्षी पार्टी AAP लगातार सवाल उठा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा सरकार पर इस योजना को ठंडे बस्ते मेंडालने का आरोप लगाया है। ऐसे में देखना होगा कि दिल्ली सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ (SOUL) लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ (SOUL) लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन किया। इसमौके पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भी उनके साथ उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत को एक ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए हर भारतीय दिन-रात काम कर रहा है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए हमें हर क्षेत्र में और हर पहलू में उत्तम नेतृत्व की आवश्यकता है। राष्ट्र निर्माण के लिए बेहतरीन नागरिकों का विकास जरूरीप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ आयोजन होते हैं जो दिल के बहुत करीब होते हैं, और आज का कार्यक्रम भी ऐसा ही है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिएबेहतर नागरिकों के विकास को आवश्यक बताया और कहा कि ‘जन से जगत’ का सिद्धांत हमें प्रेरित करता है कि किसी भी ऊंचाई को प्राप्त करने केलिए हमें शुरुआत हमेशा जन से ही करनी चाहिए। स्वामी विवेकानंद का नेतृत्व पर विश्वासप्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद भारत को गुलामी से मुक्त करके उसे एक सशक्त राष्ट्रबनाना चाहते थे। उनका मानना था कि अगर उनके पास 100 अच्छे नेता होते, तो भारत को न केवल आजादी मिलती, बल्कि वह दुनिया का सबसेप्रमुख देश बन जाता। मोदी ने कहा कि हमें इसी मार्ग पर आगे बढ़ना होगा। भारत का वैश्विक प्रभाव और नेतृत्व का विकासप्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि आने वाले समय में भारत का प्रभाव और असर हर क्षेत्र में कई गुना बढ़ेगा। जब हम कूटनीति, टेक्नोलॉजी औरनवाचार में नए नेतृत्व को सामने लाएंगे, तो यह बदलाव और प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का भविष्य एक मजबूतनेतृत्व पीढ़ी पर निर्भर करेगा, जिसके लिए हमें वैश्विक सोच के साथ स्थानीय पालन-पोषण को जोड़कर आगे बढ़ना होगा। भूटान के प्रधानमंत्री का संबोधनसोमवार को उद्घाटन के बाद, मुख्य भाषण भूटान के प्रधानमंत्री दासो शेरिंग तोग्बे ने दिया। इस सम्मेलन में राजनीति, खेल, कला, मीडिया, आध्यात्म, लोकनीति, व्यापार और समाजिक क्षेत्र से जुड़ी हस्तियां अपनी सफलता की कहानियां साझा करेंगी। यह सम्मेलन दो दिन तक चलेगा।

पटियाला पुलिस ने टारगेट किलिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के दो गुर्गे गिरफ्तार

पटियाला पुलिस ने टारगेट किलिंग से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का खुलासा करते हुए गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिसमहानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने शुक्रवार को जानकारी दी कि ये आरोपी मोहाली और राजपुरा में टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे। उनकीगिरफ्तारी से इन दोनों स्थानों पर हुई दो पुरानी घटनाओं की गुत्थी सुलझाने में भी मदद मिली है। गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहासपुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही मौजूद है और उन पर कई मामले दर्ज हैं। वे गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के इशारे परआपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे। हथियार और गोला-बारूद बरामदगिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, जिनमें पाँच पिस्तौल और 15 कारतूस शामिल हैं। बरामद हथियारोंमें तीन .32 कैलिबर पिस्तौल, एक .30 कैलिबर पिस्तौल और एक देशी .315 बोर पिस्तौल शामिल हैं। पुलिस कर रही है गहन जांचपटियाला पुलिस अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके और भविष्य में किसी भीतरह की आपराधिक गतिविधि को रोका जा सके।

तेलंगाना के NMIMS में 80 से अधिक छात्र फूड पॉइजनिंग का शिकार, मैनेजमेंट पर लगे गंभीर आरोप

तेलंगाना के जाडचेरला स्थित नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) में 80 से अधिक छात्र फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए।भोजन करने के बाद छात्रों को उल्टी, मतली, पेट दर्द और बुखार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। मैनेजमेंट पर घटना दबाने का आरोपछात्रों ने आरोप लगाया कि संस्थान के प्रशासन ने बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट्स केअनुसार, बीमार छात्रों का इलाज यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी और कॉमन रूम के फर्श पर एक निजी डॉक्टर द्वारा किया गया। विधायक अनिरुद्ध रेड्डी ने प्रशासन को फटकार लगाईघटना की जानकारी मिलते ही जाडचेरला के विधायक पी. अनिरुद्ध रेड्डी संस्थान पहुंचे और छात्रों के प्रति प्रशासन के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की।उन्होंने डॉक्टरों की योग्यता और चिकित्सा सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाते हुए तत्काल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश दिया। छात्रों को एंबुलेंस तक नहीं मिलीछात्रों ने आरोप लगाया कि प्रशासन न केवल सुरक्षित और स्वच्छ भोजन देने में विफल रहा, बल्कि उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की भीव्यवस्था नहीं की गई। छात्रों के दबाव बनाने पर ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे संस्थान के प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई। भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी की गई थी शिकायतछात्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब मेस के भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। उन्होंने पहले भी विश्वविद्यालय प्रशासन से खाने कीगुणवत्ता, किराने की सामग्री, सब्जियों और खाना पकाने के तेल की खराब स्थिति को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए छात्रविधायक रेड्डी ने अधिकारियों से कहा, “आप सिर्फ विश्वविद्यालय को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बच्चों की जिंदगी की चिंता नहीं कर रहे।अगर उन्हें कुछ हो गया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” उनके हस्तक्षेप के बाद ही छात्रों को महबूबनगर और हैदराबाद के अस्पतालों में भर्ती करायागया। यह घटना विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है और छात्रों की सुरक्षा तथा भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठते सवालों कोऔर मजबूत करती है।

न्यूजीलैंड कोर्ट का बड़ा फैसला: बलतेज सिंह को 22 साल की सजा

न्यूजीलैंड की अदालत ने 32 वर्षीय बलतेज सिंह को 700 किलो मेथेमफेटामाइन (ड्रग) रखने के आरोप में दोषी पाते हुए 22 साल की सजा सुनाईहै। ऑकलैंड हाई कोर्ट ने 21 फरवरी को यह फैसला सुनाया। गोपनीय रखा गया नामबलतेज के वकीलों ने अदालत से उसका नाम गुप्त रखने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकृति भी मिल गई। हालांकि, इसके पीछे का कारण स्पष्ट नहींकिया गया है। परिवार ने फैसले को बताया ‘फेक न्यूज़’पंजाब में बलतेज के परिवार ने इस मामले को ‘फेक न्यूज़’ करार दिया है। उनका कहना है कि अब तक उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारीनहीं मिली है। ड्रग्स तस्करी में गिरफ्तारीऑकलैंड पुलिस ने 2023 में मनुकाउ स्थित एक छोटे गोडाउन पर छापा मारा था, जहाँ बीयर के कैन में छिपाकर रखी गई मेथ ड्रग्स बरामद हुई थी।इसी दौरान बलतेज को गिरफ्तार किया गया था। मौत के बाद हुई छापेमारीयह छापा 21 वर्षीय आइडेल सगला की संदिग्ध मौत के बाद मारा गया था। उसे कथित तौर पर बीयर के रूप में मेथेमफेटामाइन दी गई थी, जिससेउसकी जान चली गई। इस मामले में हिमतजीत “जिमी” सिंह को मैनस्लॉटर के आरोप में दोषी ठहराया गया। जिमी ने अदालत में दावा किया कि उसेएक व्यापारी दोस्त ने धोखा दिया था, जो असल में बलतेज सिंह था और ड्रग्स तस्करी का मास्टरमाइंड था। पैरोल नहीं मिलेगी, दस साल तक अनिवार्य सजाहालांकि बलतेज पर आइडेल सगला की मौत से जुड़े आरोप नहीं लगे, लेकिन उसे मेथ ड्रग सप्लाई रैकेट का मुख्य साजिशकर्ता माना गया। कोर्ट नेउसे 22 साल की सजा दी, जिसमें कम से कम 10 साल तक उसे पैरोल का अधिकार नहीं मिलेगा। भारत और पारिवारिक पृष्ठभूमिबलतेज सिंह के पिता सरवन सिंह अगवान, सतवंत सिंह (भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे) के भाई हैं। उनका परिवार 1980 के दशकमें न्यूजीलैंड जाकर बसा था और ऑकलैंड में एक किराना स्टोर चलाता था। बलतेज 2019 में अंतिम बार भारत आया था और करीब ढाई महीने तकयहां रुका था। खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़ावस्थानीय गुरुद्वारों में बलतेज को सतवंत सिंह के भतीजे के रूप में पहचाना जाता था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे खालिस्तान समर्थक गतिविधियों में भीशामिल माना जाता था, लेकिन ड्रग तस्करी और मेथ सप्लाई के कारण वह कानून की गिरफ्त में आ गया।

रेखा गुप्ता का नया फेरबदल, आतिशी के निजी स्टाफ की सेवाएं की खत्म”सारे अफसरों को भेजा मूल कैडर

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ा ऐलान किया है दरअसल दिल्ली की पूर्व सरकार ने पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरी जगहनियुक्त किया था. अब उन्हें वापस अपने मूल विभागों में रिपोर्ट करने को कहा है. कई अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर एक दूसरे बोर्डकॉरपोरेशन में भी भेजा गया था. अब दिल्ली में नई सरकार की गठन के साथ ही कई बड़े और बेहतरीन फैसले लिए गए हैं. जिससे दिल्ली सरकार केकई अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मूल विभागों में रिपोर्ट करने को कहा गया है. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों के व्यक्तिगत स्टाफ की भीसेवाओं को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. पूर्व सरकार ने किया था दूसरी जगह नियुक्तदरअसल दिल्ली की पूर्व सरकार ने जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को दूसरी जगह नियुक्त किया गया था. अब उन्हें तुरंत अपने मूल विभागों मेंरिपोर्ट करने को कहा गया है. इन कई अधिकारियों और कर्मचारी को प्रति नियुक्ति पर एक दूसरे बोर्ड कॉर्पोरेशन में भेजा गया था. अब लगभग एकहफ्ते भर पहले सभी विभागों से पूर्व सरकार की ओर से कॉन्ट्रैक्ट और व्यक्तिगत स्टाफ की जानकारी की मांग की गई थी. उन्हें कहा गया था की मूलविभागों में उनको लौटना है.जिसको लेकर आगे की प्रक्रिया चल रहीं है.