मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होगें पीएम मोदी, मॉरीशस के पीएम नवीन रामगुलाम ने किया विशेष तौर पर आमंत्रित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने के लिए मॉरीशस की यात्रा करेंगे. दरअसलइस बात की घोषणा मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने कर दी है. जिन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के गहरे और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीकबताया है. मॉरीशस हर साल 12 मार्च को अपना राष्ट्रीय दिवस मनाता है. जो 1968 में ब्रिटिश शासन से मिली स्वतंत्रता की वर्षगांठ का प्रतीक है. यह दिन मॉरीशस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी दिन से देश की संप्रभुता की यात्रा शुरू की गई थी. इस समारोह में प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की उपस्थिति इस आयोजन को और भी विशेष बना देगी. भारत मॉरीशस के मजबूत संबंधों को और सशक्त कर देगी. नवीन रामगुलाम ने किया आभार व्यक्तदरअसल मॉरीशस की नेशनल असेंबली में मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा पर आभार व्यक्त किया है. मॉरीशस केलिए अत्यंत सम्मान की बात है. कि वैश्विक नेता जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यस्त कार्यक्रम में रहते हैं हमारे देश के महत्वपूर्ण अवसर पर वह भी मौजूदरहेंगे. राम गुलाम ने इस यात्रा को भारत और मॉरीशस के बीच मजबूत कूटनीति के आर्थिक और संस्कृत संबंधों का प्रमाण बताया है. उन्होंने कहा है किभारत वर्षों से मॉरीशस के विकास कार्यों बुनियादी ढांचे परियोजना और रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. पीएम मोदी की हाल ही में फ्रांसऔर अमेरिका यात्राओं का भी उल्लेख किया है. अंतराष्ट्रीय मुद्दों को मजबूत करते आए है मोदी जीनवीन रामगुलाम ने कहा कि मोदी जी लगातार वैश्विक नेताओं से मिलकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करते आए हैं. और कर रहे हैं इसके बावजूदउनका मॉरीशस द्वारा इस विषय के संबंध को दर्शाता है. जो दोनों देशों के बीच मौजूद है. दरअसल मॉरीशस हमेशा से ही विकास और साझेदारी काअहम भागीदार रहा है. मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य भारतीय नेताओं को अक्सर आमंत्रित किया जाता रहा है. इससे पहले 2023 मेंराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था जिसे भारत के बीच मजबूत कूटनीति की पुनः पुष्टिकी गई थी.
दिल्ली के नई सीएम रेखा गुप्ता ने किया कार्यालय में बड़ा बदलाव, लेकिन दिल्ली के पूर्व सीएम की निशानी को रखा गया कायम” जानें क्याहै ठोस बजह

दिल्ली में रेखा राज आने के बाद एक बड़ी खबर सामने आई है. अभी फिलहाल में ही दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने जैसे ही सीएम पद की शपथली. वैसे ही रेखा गुप्ता एक्शन मोड में आ गई. पहले ही बैठक में महिलाओं को 2500 की सम्मान राशि देने का ऐलान भी कर दिया. इसके साथ हीसीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पर्सनल स्टाफ की सेवाओं को भी खत्म कर दिया है. इससे पहले सीएम ऑफिस में केजरीवाल की एक निशानीआज भी कायम दिख रही है. जिसको लेकर आम आदमी पार्टी के नेता खुश नजर आ रहे है. दरअसल सीएम पद को संभालने के बाद रेखा गुप्ता ने कईबदलाव किए है ऐसे में कार्यालय में भी बहुत से बदलाव किए है. सीएम ने की प्रेसवार्तासीएम ने सचिवालय के दफ्तर में प्रवेशवार्ता की. इस दौरान पीछे दीवार पर बाबा साहब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर पहले की तरह ही लगीथी. जिस तरह तस्वीरों को दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल ने अपने कार्यकाल में लगवाया था. इस पर अरविंद केजरीवाल ने गणतंत्र दिवस परघोषणा करते हुए कहा था. कि दिल्ली सरकार के सभी कार्यालय में बाबा साहब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर लगाई जाएगी. जिसमें उन्होंनेकहा था कि हम किसी भी तरह के राजनीतिक नेता की फोटो नहीं लगाएंगे.पर ऐसा नहीं हुआ केजरीवाल दिल्ली के सीएम नहीं बन पाए. पासा पलटगया दिल्ली की नई सीएम के रूप में अब रेखा गुप्ता ने कार्यभार संभाल लिया है. और सीएम ऑफिस में बाबा साहब अंबेडकर और भगत सिंह कीतस्वीर को जिस तरह से लगाया गया था उसे अभी भी उसी तरीके से ही लगाकर रखा गया है. बाकी सीएम रेखा ने बहुत सी चीजों में बदलाव भी करदिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डेमोक्रेटिव गवर्नर से हुई तीखी बहस, जानें टकराव के पीछे की बजह

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक गवर्नर जेनेट मिल्स के बीच व्हाइट हाउस में एक मीटिंग के दौरान बहस हो गई. दरअसल दोनोंनेताओं के बीच यह ये बहस खेल में ट्रांसजेंडर महिलाओं को लेकर हुई थी. डोनाल्ड ट्रंप ने गवर्नर मिल को चेतावनी दी कि अगर वह उनके कार्यकारीआदेश का पालन नहीं करेगी. तो उन्हें कोई भी फेडरल फंडिंग नहीं मिलेगी. इस पर जवाब देते हुए मिल्स ने कहा हम आपसे कोर्ट में मिलेंगे अब हम जोभी करेंगे. वो सब कोर्ट में करेंगें. इस पर ट्रंप ने मिल्स से पूछा की क्या आप इसका पालन करने वाली है या नहीं. इस पर मिल्स ने कहा कि मैं स्टेट औरफेडरल कानून का पालन कर रही हूं. मिल्स को करना चाहिए फेडरल कानून का पालन- ट्रंपइस पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा अच्छा है हम फेडरल कानून है बेहतर है कि आप इसका पालन करें. क्योंकि अगर आपने इसका पालन नहीं किया तोआपको कोई भी फेडरल फंडिंग नहीं मिलने वाली है. आपकी आबादी यह नहीं चाहती की महिलाओं के खेल में पुरुष खेलें. भले ही कुछ हद तक यहलिबरल है. फिर भी मैं वहां काफी अच्छा प्रदर्शन किया इसीलिए सबसे अच्छा यही होगा कि आप उसका पालन करें. नहीं तो आपको फेडरल फंडिंगनहीं दी जाएगी. इस पर गवर्नर जनरल ने कहा इन सब मुद्दों की बातचीत कोर्ट में होगी इस पर ट्रंप ने कहा. कि अच्छा है मैं भी फिर आपसे कोर्ट में हीमिलूंगा. मैं भी इस पल का इंतजार कर रहा हूं. कोर्ट में करेंगें हम बातचीत- मिल्सवह वास्तविकता में काफी आसान होगा और गवर्नर बनने के लिए बाद अपने जीवन का मजा लीजिए. क्योंकि मुझे नहीं लगता उसके बाद आपचयनित राजनीति में रहेंगे.उसी दौरान व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और गवर्नर जेनरेट मिल्स की बहस का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मऐक्स पर पोस्ट कर दिया. एक्स पर पोस्ट करते हुए व्हाइट हाउस ने लिखा.कि राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेटिक गवर्नर जेनरेट मिल्स को कार्यकारी आदेश कापालन न करने की धमकी दी है. इसके साथ पोस्ट में ट्रंप के बयान को भी कोट किया गया है इसको लेकर अभी कार्यवाही चल रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर दी धमकी, भारत हो या चीन किसी को नहीं छोड़ेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जल्द ही भारत और चीन समेत दुनिया भर के देशों पर रिसिप्रोकल टैरिफ लगाने की धमकी दी है. ट्रंप ने इस बातका खुलकर ऐलान कर दिया है. कि अमेरिका इन देशों पर जैसे को तैसा की तर्ज पर टैरिफ लगाएगा. अभी फिलहाल ही पीएम मोदी ने अमेरिका कीदो दिवसीय यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने ट्रंप के साथ व्यापार, रक्षा समेत टैरिफ के मुद्दों पर खास बातचीत की थी. इस पर डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेसकांफ्रेंस के दौरान टिप्पणी की है. दरअसल शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भी वही शुल्क लगाएगा. जो यह देश अमेरिकी वस्तुओं परलगाते हैं. हम जल्द ही रिसिप्रोकल टैरिफ का ऐलान करेंगे. जो हम पर शुल्क लगते हैं हम उनके ऊपर भी शुल्क लगाएंगे. हम इस पर निष्पक्ष होनाचाहते हैं. जो जैसा करेगा वैसा ही हम करेंगें- ट्रंपअगर कोई भी कंपनी या देश जैसे कि भारत और चीन या फिर कोई अन्य देश जो भी शुल्क लगाते हैं. वैसे ही हम उन पर भी लगाएंगे. ट्रंप ने कहा किहमने कभी ऐसा नहीं किया. चाहे फिर बात करें कोविड महामारी की या फिर इससे पहले की. कोविड के बाद भी हमने इन मामलों पर कभी भी ऐसानहीं किया है. जैसा अन्य देशों ने हमारे साथ किया. पीएम मोदी के साथ वाशिंगटन में द्विपक्षीय बैठक से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की टैरिफ नीति कीजमकर आलोचना की. ट्रंप ने कहा कि दरअसल भारत में टैरिफ सबसे अधिक है. वहां पर व्यापार करना बहुत ही कठिन है इससे पहले भी ट्रंप कई औरमौको पर भी भारत को टैरिफ किंग कह चुके हैं. फ्रेंस काँन्फ्रेंस में दिया बयानडोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के साथ पीएम मोदी की मुलाकात के बारे में पूछा गया. इस परट्रंप ने बताया कि मुझे लगता है. कि एलन मस्क भी भारत में व्यापार करना चाहते हैं. मगर टैरिफ के कारण भारत में व्यापार करना बहुत ही मुश्किल हैवहां पर टैरिफ सबसे अधिक है डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि उन्होंने मुलाकात भी शायद इसीलिए ही की थी कि वह एक कंपनी को चलारहे हैं.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूला गुनाह

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी मिली है. इस बार धमकी दौसा जिले की श्यालावास जेल में बंद कैदी ने दी है. दरअसल पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आरोपी ने देर रात 2:00 बजे के करीब जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर सीएम को जान से मारने कीधमकी दी है. इससे पहले भी भजनलाल शर्मा को जान से मारने की धमकी मिली है. जिसको लेकर इस बार सख्ती के साथ जांच पड़ताल में जुटी हुईहै .दरअसल फोन करने के बाद उसने पुलिस कर्मियों को कहा कि वह राजस्थान के सीएम पुष्कर सिंह धामी को जान से मार देगा. राजस्थान पुलिस नेजब कॉल के आधार पर लोकेशन निकाली. तो वह दोषा जेल की निकली जिसको लेकर रात को ही दौसा पुलिस और जयपुर पुलिस की टीम ने सर्चकरना शुरू किया. दार्जिलिंग निवासी एक आरोपी को डिटेल किया गया. यह विशिष्ट केंद्रीय कारागार गृहमें पुलिस को 9 और मोबाइल मिले हैं जिसको लेकर पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है. कारागार में मिले 9 मोबाइलइस विशिष्ट केंद्रीय कारागार गृह में पुलिस को 9 और मोबाइल मिले हैं जिसको लेकर पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है.पुलिस का कहना है किआखिरकार जेल के अंदर फोन कैसे आ गए. यहां पर आरोपी ने फोन कर धमकी देने की बात को फिलहाल स्वीकार कर लिया है अब पुलिस जेल मेंही कैदी से पूछताछ कर रही है. और इसको लेकर आगे की प्रक्रिया जारी है. दरअसल पुलिस ने एक जानकारी में बताया कि कैदी को किसी दवा खानेके बाद उसे होश नहीं रहता. इस दवा को खाने के बाद उसने वह फोन कॉल किया था जिससे पुलिस उसके जवाब से संतुष्ट नहीं है. इसलिए उसे फिरसे पूछताछ कर रही है. आखिरकार इसके पीछे का मकसद क्या है उसको लेकर पुलिस जानकारी में जुटी हुई है. इससे पहले भी मिली थी मुख्यमंत्री को धमकीदरअसल इससे पहले भी मुख्यमंत्री को इसी तरह से धमकी मिली थी. जिसमें जयपुर की सेंट्रल जेल में 5 साल से बंद पोक्सो एक्ट के बंदी ने कंट्रोलरूम को फोन कर गोली मारने की धमकी दी थी और फिर फोन करने के बाद मोबाइल को स्विच ऑफ कर लिया था. इसके बाद से पुलिस टीम ने तुरंततकनीकी आधार पर जांच शुरू की और धमकी देने वाले आरोपी के पहचान कर ली थी. फिलहाल इस मामले को लेकर राजस्थान पुलिस जांचपड़ताल में जुटी हुई है.
अरविंदर सिंह लवली होंगे दिल्ली के विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर,”क्या होते है प्रोटेम स्पीकर के काम” जानें इससे जुड़ी जानकारी

Delhi News: अरविंदर सिंह लवली दिल्ली विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर की भूमिका को निभाएंगे. बीजेपी के विधायक और दिल्ली विधानसभा मेंपूर्व नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि अरविंद सिंह लवली सदन में प्रोटेम स्पीकर की भूमिका को निभाएंगे. दरअसल प्रोटेम स्पीकरअस्थाई विधानसभा अध्यक्ष होते हैं. जो पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुनाव तक सीमित समय के लिए सदन की कार्यवाही का संचालन भी करते हैं. विजेंद्रगुप्ता ने कहा दिल्ली की जनता के जोश और जुनून के अनुरूप हम कदम कदम आगे बढ़ रहे हैं. दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के साथ हमारी बैठक हुई है. जिसमें हम आगे की कार्यवाही कैसे आगे बढ़ाएंगे इस पर हमारी खास चर्चा हुई है. प्रोटेम स्पीकर के सवाल पर गुप्ता ने कहा कि सदन की कार्य सूचीशाम तक जारी कर दी जाएगी. और इस सूची को अरविंदर सिंह लवली जारी करेंगे. वरिष्ठ नेता को बनाया जाता है प्रोटेम अध्यक्षबीजेपी ने गुरुवार को 26 साल से अधिक समय के बाद दिल्ली में सरकार बनाई है. जिसमें रेखा गुप्ता ने नई मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण में 6 मंत्रियों ने शपथ ली है. राज्यपाल निर्वाचित सदन की बैठकों की अध्यक्षता करने के लिए प्रोटेम स्पीकरकी नियुक्ति करते हैं. आमतौर पर सदन की सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है. प्रोटेम स्पीकर लोकसभा या विधानसभा की पहलीबैठक के अध्यक्षता करता है. और नवनिर्वाचित सांसदों या विधायकों को पद की शपथ दिलाता है. इसके अलावा वह विधानसभा के अध्यक्ष औरउपाध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम को भी संचारित करता है. नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद प्रोटेम स्पीकर का पद समाप्त हो जाता है.
उत्तराखण्ड में नहीं खरीद पाएंगे बाहरी लोग जमीन, विधानसभा में सख्त भू कानून को किया गया पास

भू कानून के मुताबिक अब उत्तराखंड के बाहर के व्यक्तियों को राज्य में जमीन खरीदने से पहले सब रजिस्ट्रार को एक हलफनामा देना पड़ेगा. उसकेबाद उनके द्वारा यह पुष्टि की जाएगी. कि ना तो उन्होंने और ना ही उनके परिवार ने आवासीय उद्देश्यों के लिए राज्य में कहीं और किसी जगह 250 वर्गमीटर से अधिक जमीन खरीदी है. उत्तराखंड विधानसभा में शुक्रवार के दिन उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संशोधित भू कानून ध्वनिमस सेपारित हो गया .उत्तराखंड उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन और भूमि सुधार अधिनियम 1950 विधायक 2025 के पारित होने से राज्य के भूमि कानून कोकाफी ज्यादा मजबूती मिली है. बाहरी लोग नहीं खरीद पाएंगें उत्तराखण्ड में जमीनऐसे में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण को भी सुरक्षा के उद्देश्य से यह संशोधन विधयक को पारित किया गया है. जिसमें गैरनिवासियों के राज्य में कृषि भूमि पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. अब इसमें राज्य के बाहरी लोग उत्तराखंड की देवी भूमि में खेती और हॉर्टिकल्चरके लिए जमीनों को नहीं खरीद पाएंगे. दरअसल पिछले दशक में उत्तराखंड में खेती किसानों की जमीनों को तेजी के साथ अलग-अलग इस्तेमाल मेंलोग करने लगे थे. इसके बाद से लोगों ने भू कानून की मांग उठाई अब इस कानून के मुताबिक उत्तराखंड के बाहर के व्यक्तियों को राज्य में जमीनखरीदने से पहले सब रजिस्ट्रार को एक हलफनामा देना पड़ेगा. जमीन को खरीदने से पहले देना होगा हलफनामाजमीन खरीदने से पहले लोगों को एक हलफनामा देना होगा. जिसमें उनको यह पुष्टि करनी होगी. कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार के किसी भीव्यक्ति ने आवासीय उद्देश्यों के लिए राज्य में कहीं और 250 वर्ग मीटर से अधिक जमीन खरीदी है.अगर इस जमीन का उपयोग किसी भी तरह केउद्देश्य के लिए किया जाता है. या उचित प्राधिकरण को सूचित किए बिना बेची जाती है. यह किसी भी तरीके से उपहार में दी जाती है यह जमीन कोहस्तांतरित किया जाता है तो सरकार की तरफ से खरीददार के ऊपर विरुद्ध व उचित कार्रवाई की जाएगी.
आम आदमी पार्टी की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक, संगठन को और मजबूत बनाने की योजना

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय ने पार्टी मुख्यालय में सभी फ्रंटल संगठनों के प्रदेश पदाधिकारियों केसाथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में गोपाल राय ने बताया कि पार्टी अपने संगठन को और मजबूत करने के लिए सभी फ्रंटल संगठनों का पुनर्गठनकरेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दिल्ली चुनावों में लोकसभा, जिला, विधानसभा और वार्ड स्तर पर पदाधिकारियों की भूमिका का मूल्यांकन करने केलिए एक ऑडिट कराने का निर्णय लिया है, जो अगले एक सप्ताह में पूरा होगा। संगठन को मजबूत बनाने के लिए रणनीति तैयारगोपाल राय ने बैठक में बताया कि पार्टी के सभी फ्रंटल संगठनों को और मजबूत बनाने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्लीमें पार्टी के सभी विंग्स को सक्रिय किया जाएगा ताकि प्रत्येक क्षेत्र में पार्टी की उपस्थिति मजबूत हो। सदन के अंदर पार्टी के विधायक भाजपा सरकारके द्वारा किए गए वादों को उठाएंगे, जबकि पार्टी के सभी विंग्स अपने-अपने समाज के मुद्दों पर काम करेंगे, जिससे दिल्ली में एक मजबूत विपक्ष कीभूमिका बनाई जा सके। भ्रष्टाचार और वादों पर सरकार से सवालगोपाल राय ने भाजपा सरकार से महिलाओं के लिए 2500 रुपए मासिक भत्ता देने के वादे की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि भाजपा ने यह वादाकिया था कि वे अपनी पहली कैबिनेट बैठक में इसे पारित करेंगे, लेकिन यह वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। राय ने कहा कि भाजपा को अपनीजिम्मेदारी निभानी चाहिए और महिलाओं के लिए इस वादे को जल्द लागू करना चाहिए।नए नेता विपक्ष की घोषणा की जाएगीगोपाल राय ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने विधायक के शपथ ग्रहण के बाद जल्द ही नेता विपक्ष की घोषणा करेगी। इसके अलावा, पार्टी नेमुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है ताकि वे महिला भत्ते को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकें। भा.ज.पा. पर आरोप – काम करने में विफलसीएजी की रिपोर्ट पर बोलते हुए राय ने कहा कि भाजपा अब तक विपक्ष की भूमिका से बाहर नहीं निकल पाई है और वह केवल रिपोर्टों के आधार परचर्चाएं करना चाहती है। उन्होंने कहा कि अब भाजपा को अपने वादों को पूरा करना चाहिए, क्योंकि दिल्ली की जनता ने उन्हें काम करने का अवसरदिया है, न कि केवल रिपोर्ट पेश करने का।
कांग्रेस ने USAID फंडिंग विवाद में मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, मांगी स्पष्टता

कांग्रेस ने USAID फंडिंग विवाद को लेकर मोदी सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि भाजपा, उसके मंत्री, आर्थिकसलाहकार, आईटी सेल और समर्थित मीडिया ‘डीप स्टेट’ और ‘विदेशी हस्तक्षेप’ का झूठा नैरेटिव गढ़कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। इस विवाद कीशुरुआत तब हुई जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “21 मिलियन डॉलर भारत में मतदान के लिए प्रधानमंत्री मोदी को दिए जा रहेथे।” इस बयान के बाद मामला तूल पकड़ने लगा। भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स और वाशिंगटन पोस्ट की फैक्ट-चेकिंग में यह सामने आया कि भाजपाऔर मोदी सरकार के मंत्री द्वारा किए गए दावे गलत हैं। यह फंड भारत के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश के लिए था। हालांकि, भारत को भी USAID से सहायता राशि मिली थी, लेकिन वह चुनावों से संबंधित नहीं थी। वाशिंगटन पोस्ट की तथ्य-जांच में कहा गया कि भारत में मतदान के लिए 21 मिलियन डॉलर खर्च किए जाने का कोई प्रमाण नहीं है। कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर झूठे प्रचार अभियानों के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि भाजपाप्रवक्ताओं ने उन मीडिया संस्थानों और पत्रकारों पर हमला किया, जिन्होंने इस फंडिंग की सच्चाई उजागर की। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगरभाजपा को इस फंडिंग पर संदेह था, तो उसने खुद इसकी जांच क्यों नहीं की? कांग्रेस ने USAID से भारत को मिलने वाले फंड के आंकड़े भी पेशकिए, जिनके अनुसार 2001 से 2024 के बीच भारत को कुल 2.9 बिलियन डॉलर की सहायता मिली, जिसमें से 44.4% (1.3 बिलियन डॉलर) भाजपा शासन (2014-2024) के दौरान और 41.3% (1.2 बिलियन डॉलर) कांग्रेस शासन (2004-2013) के दौरान प्राप्त हुए। कांग्रेस ने यह भीदावा किया कि 2021 से 2024 के बीच मोदी सरकार को 650 मिलियन डॉलर की सहायता मिली, लेकिन इसका उद्देश्य स्पष्ट नहीं किया गया। कांग्रेस ने यह भी बताया कि जिस Consortium for Elections and Political Process Strengthening (CEPPS) कार्यक्रम के तहत21 मिलियन डॉलर की फंडिंग का दावा किया जा रहा है, उसका कोई रिकॉर्ड भारत में नहीं है क्योंकि यह फंडिंग भारत के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेशके लिए थी। इसके अलावा, कांग्रेस ने मोदी सरकार की USAID के साथ साझेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भाजपा को USAID परविदेशी हस्तक्षेप का संदेह है, तो उसने खुद स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया और कोविड-19 राहत कार्यों के लिए USAID से साझेदारी क्योंकी? कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सरकार से तीन प्रमुख मांगें की हैं। पहली, सरकार को विदेशी फंडिंग पर एक व्यापक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, जिसमेंयह स्पष्ट किया जाए कि राजनीतिक दलों, गैर सरकारी संगठनों और अन्य संस्थाओं को किस स्रोत से कितना फंड मिला। दूसरी, प्रधानमंत्री मोदी कोडोनाल्ड ट्रंप से बात कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि भारत में चुनावों के लिए कोई विदेशी फंडिंग नहीं हुई। तीसरी, भाजपा और आरएसएस के उननेताओं और संगठनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, जो इस मुद्दे पर झूठा प्रचार कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस ने मोदी सरकार सेइस पूरे मामले पर स्पष्टता की मांग की है और कहा कि यदि भाजपा के पास इस फंडिंग को लेकर कोई ठोस सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा झूठा प्रचार बंद किया जाए।
बिहार कांग्रेस का चुनावी बिगुल, डबल इंजन सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प

बिहार कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है। पिछली गलतियों से सीख लेते हुए इस बार पार्टी पहले से ही चुनावीमोड में आ चुकी है। पिछले एक सप्ताह से रणनीति तैयार करने के बाद अब उसका क्रियान्वयन शुरू हो गया है। इसी कड़ी में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने अपने समर्थकों के साथ चंपारण दौरे की शुरुआत कर दी है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा फिलहाल वैशाली में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर रही हैं, जबकि बिहार कांग्रेस के प्रभारी सचिवशाहनवाज आलम एक सप्ताह के दौरे पर अररिया, पूर्णिया और बेगूसराय रवाना हो चुके हैं। वहीं, मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए पार्टी कीविचारधारा के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, साथ ही वार रूम के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। बिहार कांग्रेस के नए प्रभारी कृष्णा अल्लावारू 24 फरवरी को पटना पहुंचेंगे और इसी दिन से सांगठनिक बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। 24 फरवरीको पटना जिले के पार्टी पदाधिकारियों, वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों, एआईसीसी सदस्यों, जिला अध्यक्षों और प्रखंड अध्यक्षों के साथ मैराथनबैठक होगी। 25 फरवरी को बेगूसराय, खगड़िया और समस्तीपुर, 26 फरवरी को भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर, जबकि 27 फरवरी कोमुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा और सीतामढ़ी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक होगी। चंपारण दौरे से पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस बार कांग्रेस का लक्ष्य डबल इंजनसरकार को सत्ता से बेदखल करना है। उन्होंने कहा, “हमने 50 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। यह चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन असंभव नहीं। बिहारकांग्रेस इस बार चौंकाने वाला प्रदर्शन करेगी और हम इसे हासिल करके रहेंगे।” बिहार कांग्रेस पूरी रणनीति के साथ चुनावी जंग में उतरने की तैयारी कर रही है। लगातार बैठकों और प्रदेशव्यापी दौरे के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं कोसंगठित किया जा रहा है। अब देखना होगा कि यह तैयारी आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितना फायदा पहुंचाती है।