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राहुल गांधी ने जाति जनगणना की आवश्यकता पर जोर दिया, भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप

नई दिल्ली, 5 फरवरी – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में जाति जनगणना करवाने की अपनी प्रतिबद्धतादोहराते हुए कहा कि इससे देश में एक नया प्रकार की राजनीति और विकास संभव होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीयजनता पार्टी (भा.ज.पा.) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जाति जनगणना करवाने का विरोध कर रहे हैं और वे नहीं चाहते कि देश कीवास्तविक सामाजिक स्थिति सामने आए। दलितों और पिछड़ों को हक नहीं मिल रहा: राहुल गांधीराहुल गांधी ने बिहार के पटना में स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियोंको अभी भी उनका हक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश के बड़े संस्थानों और कंपनियों के मालिकों की सूची में इन वर्गों का नाम कहीं नहींदिखाई देता। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि आज देश में एक विचारधारा की लड़ाई चल रही है। एक ओर आरएसएस-भा.ज.पा. है, वहीं दूसरीओर महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और जगलाल चौधरी जैसी महान हस्तियाँ हैं, जिन्होंने दलितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्षकिया। सत्ता में भागीदारी के बिना प्रतिनिधित्व का कोई मतलब नहींराहुल गांधी ने कहा कि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को प्रतिनिधित्व तो मिला, लेकिन सत्ता में भागीदारी के बिना उनका प्रतिनिधित्व बेमानी है।उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी में वंचित समुदायों के कई विधायक और सांसद हैं, लेकिन उनकी शक्ति छीन ली गई है।कमजोर वर्गों के लोग मंत्री तो बने, लेकिन असली नियंत्रण आरएसएस के हाथों में है। प्रधानमंत्री ने जाति जनगणना पर क्यों नहीं बोला?राहुल गांधी ने बताया कि सोमवार को संसद में अपने भाषण में उन्होंने जाति जनगणना का मुद्दा उठाया, लेकिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेसंसद में अपने भाषण में इस पर एक शब्द भी नहीं कहा। राहुल गांधी ने इसका कारण यह बताया कि प्रधानमंत्री और भाजपा-आरएसएस जातिजनगणना नहीं करवाना चाहते क्योंकि वे नहीं चाहते कि देश की सच्चाई सामने आए। जाति जनगणना से बदलाव की उम्मीदराहुल गांधी ने कहा कि जातिगत जनगणना पहला कदम होगा जिससे यह पता चलेगा कि देश में दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक औरसामान्य वर्ग के लोग कितने हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जाति जनगणना बिहार की तरह नहीं, बल्कि तेलंगाना की तरह की जाएगी, जिससे इनवर्गों की संस्थाओं में कितनी भागीदारी है, यह भी पता चलेगा। मोदी सरकार द्वारा अमीरों को लाभ और गरीबों की स्थितिराहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे अमीर 25 लोगों का 16 लाख करोड़ रुपये माफ कर दिए हैं, जबकि इन अमीरों की सूची में कोई दलित, पिछड़ा या आदिवासी व्यक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि आज भारत में जनता के टैक्स का पैसा निकालकरअरबपतियों की जेब में डाला जा रहा है। संविधान पर हमला और भाजपा-आरएसएस की रणनीतिराहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा-आरएसएस के नेता आजकल अंबेडकर जी के सामने हाथ जोड़ते हैं, लेकिन वे वही लोग हैं जो अंबेडकरजी द्वारा वंचित वर्गों के लिए लड़े गए अधिकारों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस जानते हैं कि जब तक संविधान है, तब तकहिंदुस्तान के गरीबों, दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को दबाया नहीं जा सकता, और यही कारण है कि वे संविधान को खत्म करने की कोशिश कररहे हैं। दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के नेतृत्व की आवश्यकताराहुल गांधी ने अपने लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि वह ऐसा दिन देखना चाहते हैं जब भारत में दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का नेतृत्व होऔर देश की शीर्ष कंपनियों में इन वर्गों के लोग मालिक बनें। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस लक्ष्य के लिए संघर्ष करेंगे और लड़ते रहेंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल: भाजपा को प्रचंड बहुमत, AAP और कांग्रेस को सीमित सीटें मिलने का अनुमान

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को संपन्न हो चुका है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए कुल 60 फीसदी से अधिकमतदान हुआ। अब सभी की नजर 8 फरवरी को घोषित होने वाले चुनाव परिणामों पर है। इस बीच, एक्सिस माय इंडिया और CNX ने दिल्लीविधानसभा चुनाव के लिए अपने एग्जिट पोल जारी कर दिए हैं, जिनमें भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने की उम्मीद जताई गई है। आइए जानते हैं किएग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी (AAP), भाजपा और कांग्रेस को कितनी सीटें मिल सकती हैं। वोट प्रतिशत का अनुमानएक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक, भाजपा को पुरुषों के 50 फीसदी और महिलाओं के 46 फीसदी वोट मिल रहे हैं, जबकि आमआदमी पार्टी को पुरुषों से 40 फीसदी और महिलाओं से 44 फीसदी वोट मिल रहे हैं। कांग्रेस को दोनों वर्गों से 3-3 फीसदी वोट मिलने का अनुमानहै। कुल वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को 48 फीसदी, आम आदमी पार्टी को 42 फीसदी, कांग्रेस को 7 फीसदी और अन्य दलों को 3 फीसदीवोट मिलने का अनुमान है। भा.ज.पा को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमानएक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में भाजपा और उसके सहयोगियों को 45 से 55 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, आम आदमी पार्टी को 15 से25 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस को केवल 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है। अन्य दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने का अनुमानहै। CNX एग्जिट पोल का अनुमानदूसरी तरफ, CNX के एग्जिट पोल में भी भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान है। इसके अनुसार, भाजपा को 49 से 61 सीटें, आम आदमीपार्टी को 10 से 19 सीटें, कांग्रेस को 0 से 1 सीट और अन्य दलों को कोई सीट नहीं मिल सकती है। इस पोल में भाजपा को 49.05 फीसदी वोट, आम आदमी पार्टी को 41.52 फीसदी वोट, कांग्रेस को 5.37 फीसदी वोट और अन्य दलों को 4.06 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है।

टीटीडी ने 18 गैर-हिंदू कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की, ओवैसी ने उठाए सवाल

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने हाल ही में 18 गैर-हिंदू कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन कर्मचारियों को या तो ट्रांसफर काविकल्प दिया गया है या फिर उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने की सलाह दी गई है। इस कदम पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीनओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “तेलुगू देशम पार्टी के नेता नारा चंद्रबाबू नायडू को इस पर विचार करना चाहिए। उनकी पार्टी ज्वाइंटवर्किंग कमेटी में भाजपा द्वारा पेश किए गए बिल का समर्थन करती है, जिसके तहत राज्य वक्फ बोर्ड में कम से कम दो गैर-मुस्लिम सदस्य रखने कीबात की गई है।” ओवैसी ने सवाल उठाया कि जब टीटीडी में गैर-हिंदू कर्मचारी नहीं रह सकते, तो राज्य वक्फ बोर्ड में गैर-मुसलमानों का होना भाजपा की नीति को क्योंसमर्थन मिल रहा है। उनका कहना था कि अगर टीटीडी में गैर-हिंदू का रहना गलत है, तो फिर वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को रखने का निर्णय दोहरेमानकों को दर्शाता है। टीटीडी द्वारा 18 गैर–हिंदू कर्मचारियों पर कार्रवाईटीटीडी के एक बयान में कहा गया, “टीटीडी के अध्यक्ष बीआर नायडू के निर्देशों के तहत, संस्थान ने उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है जोधार्मिक रूप से गैर-हिंदू प्रथाओं का पालन कर रहे हैं। इन कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, जो टीटीडी के धार्मिकअनुष्ठानों में भाग लेते हुए गैर-हिंदू धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो रहे थे।” स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या ट्रांसफर का विकल्पबयान में यह भी उल्लेख किया गया कि इन कर्मचारियों को सरकारी विभागों में स्थानांतरित किया जाएगा या उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने काप्रस्ताव दिया जाएगा। टीटीडी ने कहा, “यह कदम टीटीडी की आध्यात्मिक पवित्रता बनाए रखने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।” नवंबर 2024 मेंटीटीडी ने एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसके अनुसार टीटीडी द्वारा नियुक्त गैर-हिंदू कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने या अन्य सरकारीविभागों में स्थानांतरित होने का विकल्प दिया गया था।

संजय सिंह के बयान पर अनिल वाल्मीकि का पलटवार: कहा, ‘केजरीवाल हार रहे हैं चुनाव’

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर मतदान की प्रक्रिया जारी है। इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने वाल्मीकिसमुदाय के लोगों के खिलाफ हो रही कथित गिरफ्तारीयों पर चिंता जताते हुए बीजेपी और अमित शाह से सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया किदिल्ली में वाल्मीकि समुदाय के लोग निशाना बन रहे हैं और उनके खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई की जा रही है। संजय सिंह ने वाल्मीकि समुदाय सेअपील की कि वे अपनी वोट की ताकत से इन गिरफ्तारियों का जवाब दें। संजय सिंह ने बताया कि वाल्मीकि चौपाल के प्रधान उदयगिर को मंदिर मार्ग थाने में और हरीश जी को साउथ एवेन्यू थाने में गिरफ्तार किया गया।उनका कहना था कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय के खिलाफ की जा रही है। अनिल वाल्मीकि ने संजय सिंह के बयान को बताया राजनीति से प्रेरितसंजय सिंह के इन आरोपों का जवाब देते हुए, एनडीएमसी सदस्य अनिल वाल्मीकि ने कहा कि उनका बयान पूरी तरह से राजनीतिक था और यहइसलिए क्योंकि AAP जानती है कि वह दिल्ली में हार रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी ने वाल्मीकि समुदाय का जो सम्मानदिया है, उससे AAP घबराई हुई है। अनिल वाल्मीकि ने आगे कहा, “सभी 70 विधानसभा सीटों पर वाल्मीकि और दलित समुदाय बीजेपी को वोट दे रहे हैं।” उन्होंने दावा किया किअरविंद केजरीवाल अपनी सीट हारने वाले हैं, खासकर नई दिल्ली विधानसभा सीट से, जहां बीजेपी की जीत सुनिश्चित है। वाल्मीकि समाज का बीजेपी के साथ समर्थन: अनिल वाल्मीकीअनिल वाल्मीकि ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल और उनकी पार्टी ने पहले वाल्मीकि समाज के नौजवानों को गुंडा बताया था, जिन्होंने नौकरीकी मांग की थी और उन पर गलत आरोप लगाए गए थे। उनके अनुसार, अब पूरा वाल्मीकि समाज बीजेपी के साथ खड़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिलेगी और केजरीवाल तीसरे स्थान पर रहेंगे।

सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश: जयराम रमेश ने बीजेपी पर वन अधिनियम थोपने का आरोप लगाया

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने वन (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2023 के खिलाफ विभिन्न जनहित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 3 फरवरी 2025 को जारी किए गए अंतरिम आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अधिनियम सरकार ने जबरदस्ती संसद के माध्यम से लागू कियाथा, जिससे प्राकृतिक वनों को खतरा उत्पन्न हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और राज्यों को दिए निर्देशसुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 4 मार्च 2025 निर्धारित की है और इस दौरान उसने भारत सरकार और राज्य सरकारों को कोईभी ऐसा कदम उठाने से रोका है, जिससे वन भूमि में कमी आए। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जब तक किसी अन्य स्थान पर वनीकरण (वन तैयार करने) के लिए भूमि प्रदान नहीं की जाती, तब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। जयराम रमेश का बयान: वनीकरण प्राकृतिक वनों के नुकसान का विकल्प नहींजयराम रमेश ने इस मुद्दे को और भी बुनियादी बताया। उनका कहना था कि वनीकरण केवल एक अस्थायी समाधान है और जैव विविधता से भरेप्राकृतिक वनों के नुकसान का कोई स्थायी विकल्प नहीं है। उन्होंने इसे “आसान रास्ता” करार दिया, लेकिन कहा कि इसे केवल आखिरी उपाय के रूपमें ही अपनाया जाना चाहिए। रमेश का मानना था कि प्राकृतिक वनों की रक्षा करना और उनका संरक्षण करना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। 7 अगस्त 2023 का जयराम रमेश का बयानजयराम रमेश ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने 7 अगस्त 2023 को इसी तरह के एक बयान में इस अधिनियम की जबरदस्ती को विनाशकारी बतायाथा। उनका कहना था कि सरकार ने यह अधिनियम लागू कर प्राकृतिक वनों के संरक्षण को खतरे में डाल दिया है, और उनका मानना है कि इसकादूरगामी प्रभाव पर्यावरण और जैव विविधता पर पड़ेगा।

PM मोदी ने पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई, गंगा पूजन किया, श्रद्धालुओं का उमड़ा हुजूम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज प्रयागराज महाकुंभ मेला क्षेत्र पहुंचे और पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। भगवा रंग के वस्त्र में सजेप्रधानमंत्री मोदी ने स्नान करने के बाद गंगा नदी को प्रणाम किया और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया। इसके बाद, उन्होंने संगम तट पर गंगा की पूजाकर देशवासियों की समृद्धि और कुशलता की कामना की। पीएम मोदी ने प्रयागराज एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हेलिकॉप्टर से डीपीएस स्कूल के ग्राउंडपर पहुंचने और फिर अरैल घाट से नाव द्वारा संगम नोज पर अपनी यात्रा पूरी की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस दौरान उनके साथमौजूद रहे। 38 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लिया संगम में स्नानप्रधानमंत्री मोदी का संगम दौरा करीब दो घंटे का था, जो सुबह 11 बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक चला। महाकुंभ में प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर विशेषसुरक्षा व्यवस्था पहले से ही लागू की गई थी। संगम घाट से लेकर प्रयागराज की सड़कों तक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। महाकुंभ मेंश्रद्धालुओं की भीड़ अभी भी जारी है, और अब तक 38 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं। पीएम मोदी ने क्यों चुनी यह तिथि?प्रधानमंत्री मोदी ने आज माघ महीने की अष्टमी तिथि पर पुण्य काल में त्रिवेणी संगम में स्नान किया। हिंदू पंचांग के अनुसार, 5 फरवरी माघ मास कीगुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि है, जिसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन तप, ध्यान और स्नान को अत्यंत फलदायी माना गया है। धार्मिकमान्यता के अनुसार, इस दिन जो लोग तप करते हैं, उनका जीवन सुखमय और सफल होता है। इसे भीष्माष्टमी भी कहा जाता है, क्योंकि महाभारत मेंइस दिन भीष्म पितामह ने श्री कृष्ण की उपस्थिति में अपने प्राण त्यागे थे और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। महाकुंभ 2025 के आयोजन की जानकारीमहाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू हुआ था और यह 26 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय(PMO) ने बताया कि महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो दुनियाभर के भक्तों को आकर्षित करता है।पीएमओ ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीर्थ स्थलों पर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं, जिससे भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और बढ़ावा मिल सके। गंगा आरती और विकास कार्यों की शुरुआतमहाकुंभ के आयोजन से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 13 दिसंबर 2024 को संगम तट पर गंगा की आरती और पूजा की थी, ताकि इस महाकुंभ केसकुशल संपन्न होने की मंगलकामना की जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने 5,500 करोड़ रुपये की 167 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी कियाथा, जिससे आम जनता के लिए संपर्क, सुविधाओं और सेवाओं में सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने पहले भी वर्ष 2019 के कुंभ के दौरान प्रयागराज कादौरा किया था।

मिल्कीपुर उपचुनाव में धांधली का आरोप, अखिलेश यादव ने शेयर किया ऑडियो

उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर में उपचुनाव के दौरान मतदान जारी है, इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों परगंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक ऑडियो क्लिप को शेयर करते हुए अधिकारियों पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। इस ऑडियो को सोशलमीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, “यह पीठासीन अधिकारियों की सच्चाई का स्टिंग ऑपरेशन है, जोसत्ताधारी पार्टी के लिए फर्जी मतदान का लक्ष्य पूरा कर रहे हैं। इन बूथों पर तुरंत चुनाव रद्द किया जाए और इन्हें प्रथमदृष्ट्या ऑडियो के आधार परनिलंबित किया जाए, फिर उचित न्यायिक कार्रवाई के बाद बर्खास्त भी किया जाए।” अखिलेश यादव ने कहा कि चुनावी धांधली और हेराफेरी के और भी ऑडियो-वीडियो सामने आ रहे हैं, और जब इन अधिकारियों की नौकरी चलीजाएगी और वे समाज में अपमानित होंगे, तब शायद उनका ईमान जागेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही हैऔर बाद में उनसे किनारा कर लेगी। उन्होंने कहा, “जब ये जेल जाएंगे और अपने समाज, परिवार और बच्चों के सामने अपमानित होंगे, तब शायदइनका ज़मीर जागेगा।” ईमानदार अधिकारियों की सराहनाअखिलेश यादव ने उन अधिकारियों की सराहना की, जिन्होंने भाजपा के ‘फर्जी मतदान के टार्गेट’ को मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने सर्वोच्चन्यायालय और निर्वाचन आयोग से अपील की कि वे लोकतंत्र के दुश्मनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। मतदान को प्रभावित करने का आरोपइससे पहले, अखिलेश यादव ने प्रशासन पर आरोप लगाया था कि वे मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंनेएक ट्वीट में आरोप लगाया कि मिल्कीपुर में पुलिस मतदाताओं के पहचान पत्र चेक कर रही है। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को इस खबर से जुड़ीतस्वीरों का संज्ञान लेना चाहिए, जिसमें अयोध्या की पुलिस मिल्कीपुर में मतदाताओं के आईडी कार्ड चेक कर रही है। इसमें पुलिस के उच्च अधिकारीभी शामिल हैं। यह अप्रत्यक्ष रूप से मतदाताओं में भय उत्पन्न कर लोकतांत्रिक अपराध है। ऐसे अधिकारियों को तुरंत हटाया जाए और उनके खिलाफदंडात्मक कार्रवाई की जाए।” पुलिस ने आरोपों का खंडन कियाअखिलेश यादव के आरोपों का अयोध्या पुलिस ने खंडन किया है। अयोध्या के एसएसपी राजकरन नय्यर ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि कुछराजनीतिक दलों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि अयोध्या पुलिस मिल्कीपुर में मतदाताओं के आईडी कार्ड चेक कर रही है, जो गलत है। उन्होंनेकहा कि पुलिस इन आरोपों को नकारती है।

अरविंद केजरीवाल के खिलाफ हरियाणा में केस दर्ज, ‘यमुना के पानी में जहर मिलाने’ के बयान पर विवाद

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र 5 फरवरी को मतदान हो रहा है, जिसमें आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), औरकांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। इस चुनाव से ठीक पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजकअरविंद केजरीवाल के खिलाफ हरियाणा में एक गंभीर मामला दर्ज हुआ है। यह मामला उनके उस विवादास्पद बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने यमुनानदी के पानी में ‘जहर मिलाने’ का आरोप लगाया था। केजरीवाल के खिलाफ हरियाणा में एफआईआरअरविंद केजरीवाल के खिलाफ यह एफआईआर हरियाणा के शाहबाद पुलिस थाने में दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने यमुना नदी के पानीमें जहर मिलाने का बयान दिया था। इस पर हरियाणा सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया। यह एफआईआर एक व्यक्ति, जगमोहन मनचंदा की शिकायत पर की गई है। केजरीवाल के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिनमें भारतीय दंड संहिता की धारा192, 196(1), 197(1), 248(a), और 299 शामिल हैं। केजरीवाल का विवादित बयानअरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि भाजपा के लोग “गंदी राजनीति” कर रहे हैं और दिल्ली में पानी की कमी पैदा करने के लिए हरियाणा मेंयमुना नदी के पानी में जहर मिला रहे हैं। उनका कहना था, “हरियाणा में भाजपा के लोग पानी में जहर मिला रहे हैं और इसे दिल्ली भेज रहे हैं। अगरदिल्ली के लोग यह पानी पीएंगे तो कई लोग मर जाएंगे। क्या इससे ज्यादा घिनौना कुछ हो सकता है?” इस बयान के बाद विवाद उभरा और यहबयान चुनावी माहौल में तेज़ी से फैल गया। हरियाणा सरकार का विरोधकेजरीवाल के बयान के बाद हरियाणा सरकार ने विरोध जताया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्णय लिया। राज्य सरकार का कहना हैकि इस बयान से हरियाणा की छवि को नुकसान पहुंचा है और इससे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। इसके साथ ही, हरियाणा सरकार ने चुनावीप्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोपों को भी नकारा है। निर्वाचन आयोग की कार्रवाईनिर्वाचन आयोग भी इस विवाद में सक्रिय हो गया है। आयोग ने केजरीवाल से कहा है कि वह अपने आरोपों को साबित करने के लिए ठोस प्रमाण पेशकरें। आयोग ने यह चेतावनी दी है कि यदि केजरीवाल अपने आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं प्रस्तुत कर पाते हैं, तो उनकेखिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। चुनाव के दौरान राजनीतिक माहौलदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में अरविंद केजरीवाल का यह बयान और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा राजनीतिक माहौल को और भी गरमा सकताहै। इस तरह की बयानबाजी से दोनों पक्षों को लाभ और हानि हो सकती है। केजरीवाल के खिलाफ यह मामला उनकी पार्टी के लिए एक नई चुनौतीबन सकता है, खासकर तब जब वह खुद को दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही ने इस बयान पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। चुनाव का महत्व और शेड्यूलदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है। अब आज 70 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान हो रहा है ।दिल्ली की राजनीति के लिए यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ीप्रतिस्पर्धा है। चुनाव परिणाम 8 फरवरी 2025 को घोषित किए जाएंगे, जो दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। चुनावी प्रभाव और प्रतिक्रियाएंअरविंद केजरीवाल के बयान का चुनावी परिणामों पर असर हो सकता है, क्योंकि चुनावी माहौल में विवादित बयानबाजी का सीधा असर मतदाताओंपर पड़ सकता है। इसके अलावा, हरियाणा में उनके खिलाफ दर्ज हुआ केस उनके लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है, खासकर जबउनके आरोप बिना ठोस प्रमाण के थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस ने इस बयान पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। भाजपा का कहना है कि यह बयान केवल राजनीति काहिस्सा है और इसे दिल्ली चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया गया है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि केजरीवाल को बिना प्रमाण के इस तरह केबयान से बचना चाहिए।

मिगसन ग्रुप में फ्लैट बुक के बाद हिडन चार्ज में हुई जीएसटी चोरी, हार्ड डिस्क उगलेगी राज

राज्यकर विभाग की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) ने गाजियाबाद, नोएडा और लखनऊ में एक साथ छापेमारी कर मिगसन ग्रुप की 15 फर्मों की41 ब्रांचों पर कार्रवाई की। यह छापेमारी ग्राहकों द्वारा दी गई शिकायतों के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप था कि मिगसन ग्रुप ने फ्लैट बुककराने के बाद बायर्स से लाखों रुपये छिपे हुए चार्जेज़ के रूप में वसूले थे। इन चार्जेज़ में मेंटिनेंस, पार्किंग और विद्युत मीटर पर लोड बढ़ाने के नाम परपैसा लिया गया था, जबकि इस पर जीएसटी जमा नहीं कराया गया था। इसके बाद राज्य कर विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जीएसटी चोरी का मामला सामने आयाछापेमारी के दौरान राज्यकर विभाग की टीम ने मिगसन ग्रुप के ऑफिस से कंप्यूटर हार्डडिस्क, लैपटॉप और अन्य जरूरी कागजात जब्त किए।अधिकारियों के अनुसार, मिगसन ग्रुप के खिलाफ जीएसटी चोरी का मामला पाया गया, जिसमें 10 करोड़ रुपये से अधिक की चोरी का आरोप है।जांच टीम ने जब्त किए गए दस्तावेज़ों की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की है, और इसके बाद ऑडिट कार्यवाही तथा समन जारी किए जाएंगे। इस दौरानमिगसन ग्रुप को अपनी शाखाओं में 10 करोड़ रुपये जमा कराने पड़े। बड़ी कार्रवाई की उम्मीदसूत्रों के अनुसार, एसआईबी टीम ने जिले में अन्य रियल एस्टेट कंपनियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के दावों की भी जांच शुरू कर दी है। इसमेंबिल्डरों द्वारा धोखाधड़ी किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले के बाद, अन्य बिल्डरों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई कीसंभावना जताई जा रही है। इस जांच के जरिए यह भी पता चलेगा कि अन्य कंपनियों ने जीएसटी चोरी की है या नहीं। मिगसन कियाना प्रोजेक्ट पर बकायागाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-14 में मिगसन ग्रुप द्वारा चलाए जा रहे कियाना प्रोजेक्ट पर आवास विकास का 50 करोड़ रुपये से अधिक का बकायाहै। आवास विकास ने नोटिस जारी करके यह चेतावनी दी है कि इस प्रोजेक्ट में बिल्डर ने अभी तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं किया है। इसकेकारण फ्लैट्स की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। यदि रजिस्ट्री होती भी है, तो वह अवैध मानी जाएगी। आवास विकास ने बिल्डर को यह निर्देश दिए हैं किवह कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद ही फ्लैट्स की रजिस्ट्री करे। इस प्रोजेक्ट में कई आवंटी ऐसे हैं जिन्होंने बिना रजिस्ट्री किए फ्लैट्स मेंरहना शुरू कर दिया है, जिसके खिलाफ आवास विकास के पास शिकायतें आई हैं। अवैध फ्लैट्स की संख्या में वृद्धिमिगसन कियाना प्रोजेक्ट में कुल 350 से अधिक फ्लैट्स हैं और इनमें से कई फ्लैट्स बिना रजिस्ट्री के हैं। इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में नीचे कीमंजिलों पर दुकानें भी बनाई गई हैं। आवास विकास द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी बिल्डर ने जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया है। आवंटीलगातार शिकायत कर रहे हैं, और उन्हें बताया गया है कि जब तक बिल्डर कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं करता, तब तक फ्लैट्स की रजिस्ट्री नहींकी जाएगी। अगर कोई रजिस्ट्री होती है, तो वह अवैध मानी जाएगी। बिल्डरों की धोखाधड़ी पर कार्रवाईरियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) के आदेशों के बावजूद कई बिल्डर धोखाधड़ी कर रहे हैं। मिगसन ग्रुप भी इस धोखाधड़ी में शामिल है।मिगसन ग्रुप के एक प्रोजेक्ट में 2016 में फ्लैट बुक कराने वाले ग्राहकों को 9 साल बाद भी फ्लैट नहीं मिला है। मिगसन बिल्डर के खिलाफगाजियाबाद और नोएडा में कई मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यूपी रेरा के अधिकारियों का कहना है कि इन बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगीताकि खरीदारों के हितों की रक्षा की जा सके। आठ अन्य बिल्डरों पर भी कार्रवाई की योजनाराज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1, भूपेंद्र शुक्ला ने बताया कि एसआईबी की टीम आठ अन्य बिल्डरों पर भी कार्रवाई की योजना बना रही है।इन बिल्डरों पर अधिक इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने का शक है। विभाग इन बिल्डरों द्वारा दाखिल किए गए जीएसटी आर-1 औरजीएसटी आर-3 बी के मिलान की जांच कर रहा है। इन बिल्डरों के कई प्रोजेक्ट गाजियाबाद में चल रहे हैं, जिनमें मोरटा, लोनी, इंदिरापुरम एनएच-9 और मोदीनगर शामिल हैं। समग्र प्रभावयह कार्रवाई केवल मिगसन ग्रुप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे रियल एस्टेट सेक्टर में धोखाधड़ी के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है। जीएसटीचोरी और अन्य धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ते मामलों को देखकर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि राज्य सरकार आने वाले समय में रियल एस्टेटकंपनियों के खिलाफ और भी कड़ी जांच करेगी। इस प्रकार की कार्रवाई से बिल्डर्स को चेतावनी मिल रही है कि वे ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी करने सेपहले अपनी कानूनी जिम्मेदारियों का पालन करें और कोई भी शॉर्टकट लेने से बचें।

प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए केजरीवाल पर साधा निशाना, कहा ‘हमने शीशमहल नहीं, देश को बनाया है’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान उन्होंनेबिना नाम लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर एक तीखा हमला किया। पीएम मोदी ने कहाकि केंद्र सरकार ने लाखों करोड़ रुपये की बचत की है, लेकिन इस राशि का इस्तेमाल ‘शीशमहल’ बनाने में नहीं, बल्कि देश के निर्माण में किया गयाहै। ‘शीशमहल’ का मुद्दा उठाते हुए पीएम मोदी का बयानप्रधानमंत्री ने इस बयान में खास तौर पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ‘शीशमहल’ का जिक्र किया, जो अरविंद केजरीवाल का पूर्वआधिकारिक आवास है। बीजेपी और कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री रहते अपने आधिकारिक निवास के नवीनीकरण परकरोड़ों रुपये खर्च किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार में कोई घोटाले नहीं हुए, जिसके परिणामस्वरूप सरकार ने लाखों करोड़ रुपये कीबचत की। ‘हमने देश बनाने में खर्च किया, न कि शीशमहल बनाने में’प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि बचाए गए पैसों का इस्तेमाल ‘शीशमहल’ बनाने के बजाय देश की प्रगति के लिए किया गया। उन्होंने कहा, “हमनेजो विभिन्न कदम उठाए, उनसे लाखों-करोड़ रुपये की बचत हुई, लेकिन उन पैसों का उपयोग हमने ‘शीशमहल’ बनाने के लिए नहीं किया। हमनेउनका उपयोग देश बनाने के लिए किया।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “कुछ नेताओं का ध्यान स्टाइलिश शावर और जकूजी पर है, लेकिन हमारा ध्यानहर घर जल पहुंचाने पर है।” राहुल गांधी पर भी मोदी का हमलाप्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने 31 जनवरी को संसद परिसर में राहुल गांधी द्वारा की गई एक टिप्पणी कासंदर्भ लिया और कहा, “जो लोग गरीबों की झोपड़ियों में फोटो सेशन कर अपना मनोरंजन करते हैं, उन्हें गरीबों की बात संसद में बोरिंग लगती है।” उन्होंने यह भी कहा कि 25 करोड़ लोगों ने गरीबी को परास्त किया है, और यह संभव तब हुआ जब लोग अपनी मेहनत और संघर्ष से आगे बढ़े। ‘हमने सच्चे विकास की दिशा में कदम उठाए’प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमने गरीबों के लिए झूठे नारे नहीं दिए, बल्कि सच्चे विकास की दिशा में कदम उठाए। अब गरीबों को चार करोड़ नए घरमिले हैं।” उन्होंने सरकार की योजनाओं के तहत किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।