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Union Budget 2025: स्मार्टफोन, टीवी, कपड़े होंगे सस्ते, जानें क्या होंगे अन्य अहम बदलाव

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को भारत का वार्षिक बजट पेश किया, जिसमें देश के विभिन्न वर्गों के लिए कई महत्वपूर्णघोषणाएं की गईं। बजट का फोकस खासतौर पर महंगाई को काबू करने, टैक्स में राहत देने और उपभोक्ताओं को राहत देने पर था। सरकार ने इस बारकई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे आम आदमी, खासकर युवाओं, महिलाओं, किसानों और मध्य वर्ग को सस्ती और बेहतर जिंदगी जीने का मौकामिलेगा। इस बजट में प्रमुख क्षेत्रों में राहत की घोषणा की गई है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों, कपड़ों, खाद्य पदार्थों और ऊर्जा के स्रोतों की कीमतों में कमी कीउम्मीद जताई जा रही है। मोबाइल, स्मार्ट टीवी और इलेक्ट्रिक वाहन होंगे सस्तेबजट में कई ऐसे उत्पादों की कीमतों में कमी की उम्मीद जताई गई है, जिनका आम आदमी से सीधा संबंध है। सरकार ने मोबाइल, स्मार्ट टीवी, औरइलेक्ट्रिक वाहनों के दामों में कमी लाने की दिशा में कदम उठाए हैं। खासकर मोबाइल फोन, एलईडी टीवी और स्मार्ट टीवी जैसे उत्पादों पर टैक्स कमकरने के प्रयास किए गए हैं, जिससे इनकी कीमतों में गिरावट आने की संभावना है। इस कदम से विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जो इन प्रौद्योगिकी उत्पादों को खरीदने में महंगाई के कारण कठिनाई महसूस कर रहेहैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों के दाम भी घट सकते हैं, जिससे पर्यावरण-friendly परिवहन का विकल्प और अधिक सुलभ हो जाएगा।लिथियम बैटरी की कीमतें घट सकती हैंलिथियम बैटरियों की कीमतें भी घटने की संभावना है, क्योंकि सरकार ने इस बजट में इन बैटरियों पर टैक्स में छूट देने की योजना बनाई है। लिथियमबैटरियां मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य स्मार्ट गैजेट्स में इस्तेमाल होती हैं, जिनकी मांग पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। सरकार का यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए लिया गया है, जिससे न केवल वाहनों की कीमतें घटेंगी, बल्किपर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी यह एक अहम कदम है। चमड़ा और लेदर उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाईचमड़ा और लेदर उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाने का निर्णय भी इस बजट का हिस्सा है। इससे इन उत्पादों की कीमतों में कमी आने की संभावना है।खासतौर पर चमड़े के सामान, जूते, बैग और अन्य लेदर उत्पादों के उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद मिल सकते हैं। यह कदम भारत में चमड़ा उद्योग को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा, साथ ही निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। इस निर्णय से लेदर उत्पादों कीउपलब्धता और सस्ती हो जाएगी, जो खासकर मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगा। किसानों के लिए KCC लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गईकिसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है, जो पहले केवल 3 लाख रुपये थी। यह कदम किसानों कोअधिक वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे वे अपने कृषि कार्यों को और बेहतर तरीके से चला सकेंगे। कृषि क्षेत्र में यह सुधार बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि इससे किसानों को अपनी खेती में नई तकनीकों का उपयोग करने, कृषि कार्यों के लिएउपकरण खरीदने, और अपनी उपज को बेहतर बनाने के लिए अधिक पैसे मिल सकेंगे। कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कमीकमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में कमी की घोषणा भी की गई है। यह कदम खासकर छोटे व्यवसायों, रेस्टोरेंट्स और दुकानों के लिए फायदेमंदहोगा, जो कमर्शियल LPG का उपयोग करते हैं। आमतौर पर इन सिलेंडरों की कीमतें ज्यादा होती हैं, लेकिन अब इसकी कीमतों में कटौती सेव्यापारियों को राहत मिलेगी। यह कदम महंगाई को काबू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, क्योंकि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में कमी काअसर वस्त्र, खाद्य और अन्य उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ेगा। महंगाई पर नियंत्रण और टैक्स राहतवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें मुख्य रूप से उन वस्तुओं पर टैक्स कम करनेकी योजना है, जो आम जनता की जरूरत की चीजें हैं। खासतौर पर, खाद्य उत्पादों, रियल एस्टेट और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स में कमी काप्रयास किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ता जीवन जीने का मौका मिलेगा। मध्यम वर्ग के लिए आयकर स्लैब में भी राहत दी गई है, जिससे वे अधिक बचत कर सकेंगे। इससे न केवल उन्हें कर राहत मिलेगी, बल्कि उनके पासअधिक धन उपलब्ध होगा, जिसे वे अपने परिवार के लिए बेहतर जीवनशैली अपनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। महिलाओं और गरीबों के लिए विशेष योजनाएंबजट में महिलाओं और गरीबों के लिए भी विशेष योजनाओं का ऐलान किया गया है। महिलाओं के लिए रोजगार अवसरों को बढ़ाने, उनके स्वास्थ्यके लिए कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। इसके अलावा, गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बढ़ाया गया है, ताकि उन्हें बेहतर जीवनजीने के अवसर मिल सकें।

वीरेन्द्र सचदेवा का आप पार्टी पर हमला, कहा “आप” में लोग स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने आज आम आदमी पार्टी (आप) के आठ विधायकों द्वारा पार्टी छोड़ने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहाकि यह केवल एक संख्या का मामला नहीं है, बल्कि इस मुद्दे की गहराई उस विश्वास से जुड़ी है जिसे अरविंद केजरीवाल ने पहले जनता और पार्टी केकार्यकर्ताओं में अर्जित किया था, और अब पार्टी से जुड़े लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सचदेवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आठ विधायक या पूर्व विधायक पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, बल्कि यह अधिकमहत्वपूर्ण है कि इन नेताओं ने पार्टी छोड़ने के बाद जो कारण दिए हैं। वे कह रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी ने उन्हें धोखा दियाहै, और अब वे स्वयं को पूरी तरह से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।” उन्होंने पार्टी छोड़ने वालों में अन्ना हजारे से शुरू होकर अब आठ विधायकों तक पहुंची फेहरिस्त का उल्लेख किया और कहा कि यह सिलसिला थमनेवाला नहीं है। सचदेवा का कहना था कि “विकास की चाह रखने वाले लोग अब आप पार्टी से जुड़ी नहीं रह सकते। उनके लिए अरविंद केजरीवाल कामतलब भ्रष्टाचार, चोरी, लूट और कमीशन है।” सचदेवा ने आगे कहा, “पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का यह निजी निर्णय था, लेकिन इसमें एक बड़ा संदेश है कि जो लोग दिल्ली में विकास और सच्चेसुधार चाहते हैं, वे अब पार्टी के साथ नहीं रह सकते।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने ना केवल दिल्ली की जनता को धोखादिया है, बल्कि उन लोगों को भी जो पार्टी से जुड़ने पर विश्वास करते थे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने यह भी चेतावनी दी कि यह पार्टी छोड़ने का सिलसिला रुकने वाला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि और भी लोग पार्टी छोड़ेंगेक्योंकि उन्हें अब केजरीवाल और उनकी पार्टी पर विश्वास नहीं रहा है। सचदेवा का कहना था, “आप पार्टी ने अपने शुरुआती दिनों में जो विश्वासबनाया था, अब वही विश्वास टूट रहा है। पार्टी छोड़ने वालों का यह सिलसिला जारी रहेगा और दिल्ली में विकास की उम्मीद रखने वाले हर व्यक्ति कोयह सच्चाई महसूस होगी।”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा बीजेपी सरकार पर सवाल: आर्थिक सर्वेक्षण के प्रमुख मुद्दों पर आलोचना

वित्त मंत्रालय का आर्थिक सर्वेक्षण अक्सर सरकार को नीतियों के बारे में चेतावनी देने वाला दस्तावेज़ होता है, जिसमें वांछित और अवांछनीय नीतियोंका उल्लेख होता है। नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण भी इस पैटर्न से अलग नहीं है, और इसमें सरकार के लिए विचार करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुउठाए गए हैं। मनरेगा: ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा का संकटआर्थिक सर्वेक्षण में यह बताया गया कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा रही है और अब यह “स्थायी आजीविकाविविधीकरण के लिए टिकाऊ ग्रामीण संपत्ति निर्माण कार्यक्रम” में बदल चुका है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए, यह कार्यक्रम मिट्टी कीगुणवत्ता और जल प्रबंधन में सुधार करने में सहायक रहा है। हालांकि, जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री को क्यों मनरेगा का आवंटन कमकरने, आधार-आधारित भुगतान प्रणाली लागू करने, 27% श्रमिकों को भुगतान से बाहर करने और मजदूरी में कमी करने की दिशा में कदम उठाए जारहे हैं। भारतीय वित्तीय बाजार: निवेशकों की भागीदारी का सवालआर्थिक सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख किया गया कि भारतीय वित्तीय बाजारों में 11.5 करोड़ डिमैट खाते हैं, और निवेशकों की भागीदारी से बाजार मेंरिटर्न में वृद्धि हुई है। लेकिन जयराम रमेश ने सरकार से सवाल किया कि क्यों सेबी जैसी राष्ट्रीय संपत्ति की निगरानी भ्रष्टाचार और कमजोरियों सेप्रभावित हो रही है, जबकि इसका उद्देश्य निवेशकों के कल्याण को सुनिश्चित करना है। सर्वेक्षण में यह भी कहा गया है कि “यह उचित है कि वित्तीयनियामक उन मानकों का पालन करें, जो वे विनियमित संस्थाओं से अपेक्षाएं रखते हैं।” चीन से निरंतर आयात और पीएलआई योजनाओं का प्रभावसरकार ने पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजनाओं के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इसके बावजूद चीन से आयात पर कोईप्रभाव नहीं पड़ा है। 2023-24 में रिकॉर्ड $102 बिलियन का आयात हुआ, जो 2024-25 में और बढ़ने की संभावना है। आर्थिक सर्वेक्षण में यहबताया गया है कि “ई-वाहन उत्पादन की आयात तीव्रता – विशेष रूप से उन देशों से जिनके साथ भारत का व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है – बहुतअधिक है।” जयराम रमेश ने यह सवाल किया कि क्या संरक्षण का उद्देश्य केवल बड़े एकाधिकारियों को प्रतिस्पर्धा से बचाना है, या फिर इसेएमएसएमई जैसे छोटे उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है? संरक्षण और प्रतिस्पर्धा: एमएसएमई की भूमिकाआर्थिक सर्वेक्षण ने यह भी कहा कि उद्योग नीति का लक्ष्य केवल संरक्षण से नहीं, बल्कि उन नीतियों से प्राप्त किया जा सकता है, जिन्होंने यहसुनिश्चित किया कि संरक्षित उद्योग ने दिए गए संरक्षण के जवाब में प्रदर्शन किया। इसका मतलब है कि संरक्षण का उद्देश्य कंपनियों, विशेष रूप सेएमएसएमई, को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का होना चाहिए, न कि बड़े एकाधिकारियों को प्रतिस्पर्धा से बाहर रखने का। व्यापार करने में आसानी और जीएसटी के सुधार की आवश्यकताआर्थिक सर्वेक्षण ने व्यापार करने में आसानी 2.0 का प्रस्ताव किया है, लेकिन जयराम रमेश ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह सर्वेक्षण जीएसटी2.0 और पिछले दशक में लागू ‘टैक्स टेरोरिज्म’ के अंत पर चुप है। यह स्पष्ट किया कि सरकार को इस दिशा में सुधार की आवश्यकता है ताकि टैक्सनीति में व्याप्त असमर्थता और भ्रष्‍टाचार की समस्या हल हो सके। प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट: एक गंभीर मुद्दाजब सार्वजनिक जीवन की “आसानी” की बात आती है, तो सर्वेक्षण ने बढ़ते प्रदूषण और रासायनिक संदूषण के कारण उत्पन्न सार्वजनिक स्वास्थ्यसंकट को निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं दी है। जयराम रमेश ने यह सवाल उठाया कि क्या सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है, औरक्या “ईज़ ऑफ लिविंग 1.0” की जरूरत नहीं है, जो नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को सुधारने पर केंद्रित हो?

आम आदमी पार्टी की लूट की खुली छूट पर दिल्ली लगाएगी लगाम: अनुराग सिंह ठाकुर

नई दिल्ली, 31 जनवरी 2025:पूर्व केंद्रीय मंत्री और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान मुस्तफाबादऔर घोंडा विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित तीन जनसभाओं को संबोधित किया। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज मेंविकसित भारत निर्माण में युवाओं की भूमिका पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने फ़र्स्ट टाइम वोटर्स से वोट डालने औरदिल्ली के लिए एक विकासशील सरकार चुनने की अपील की। आम आदमी पार्टी के नेताओं पर निशानाअनुराग ठाकुर ने इस दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जमकर हमला बोला और कहा, “अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में लूट की खुली छूट देरखी है। यही कारण है कि दिल्ली में आप-दा की सरकार में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा को छू गया है।” उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी द्वाराकिए गए कई घोटालों का उल्लेख CAG की रिपोर्ट में हुआ है, जिनमें जल बोर्ड, क्लास रूम, शराब, डीटीसी, हवाला शामिल हैं। उन्होंने कहा, “शीशमहल से लेकर शराब घोटाले तक, इनके सभी घोटालों और भ्रष्टाचार का उल्लेख CAG की रिपोर्ट में हुआ है। यह जनता के सामनेआ चुका है कि 11 साल पहले जिनके नेता ने कभी न बड़ा घर लेने, न गाड़ी लेने और न सुरक्षा लेने की बात की थी, वही नेता अब 8 घरों को मिलाकरशीशमहल बना चुका है, सबसे बड़ी गाड़ी ली है और दो राज्यों की सुरक्षा ले रखी है।” आप की सरकार में घोटालों का इतिहासअनुराग ठाकुर ने आगे कहा, “आम आदमी पार्टी ने कहा था कि वे पाठशाला बनाएंगे, लेकिन पाठशाला की जगह मधुशाला बना दी। ये झाड़ू की बातकरते थे, लेकिन अब झाड़ू से दारू पर आ गए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी का नेतृत्व न केवल भ्रष्टाचार में लिप्त है, बल्कि उसनेदिल्लीवासियों की उम्मीदों को भी धोखा दिया है। उन्होंने कहा, “स्वराज की बात करने वाले अब शराब पर आ गए हैं। 10 वर्षों की घोटालों की यात्रा ‘आप’ के पाप की यात्रा बन चुकी है। आम आदमीपार्टी के 8 मंत्री, 15 विधायक और 1 सांसद जेल गए हैं। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी जेल में हैं।” कोविड महामारी के दौरान भ्रष्टाचारठाकुर ने कोविड महामारी के दौरान दिल्ली सरकार की नाकामियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जब दिल्ली के लोग ऑक्सीजन और अन्यस्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरस रहे थे, तब आम आदमी पार्टी शराब घोटाले की योजना बना रही थी। शराब घोटाला करने वाले मंत्री ने पाठशालाकी जगह मधुशाला बना दी।”भ्रष्टाचार मुक्त शासन की आवश्यकताअनुराग ठाकुर ने इस दौरान दिल्ली की जनता से अपील की कि इस बार वे भाजपा को सत्ता में लाकर दिल्ली में सुशासन और विकास सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा, “इस बार दिल्ली की जनता आप-दा की लूट पर लगाम लगाएगी और एक भ्रष्टाचार मुक्त भाजपा सरकार का गठन करेगी, जो दिल्ली कोएक नया दिशा और विकास की ओर ले जाएगी।”

दिल्ली चुनाव 2025: भाजपा ने द्वारका में आयोजित रैली में दी दिल्ली के भविष्य को लेकर बड़ी घोषणाएं

नई दिल्ली, 31 जनवरी: दिल्ली विधानसभा चुनाव के महज पांच दिन पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका स्थित डीडीए ग्राउंड सेक्टर-14 मेंआयोजित “विकसित दिल्ली संकल्प रैली” को संबोधित किया। इस रैली में उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे 5 फरवरी को भाजपा को वोटदें और दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनाए, जो दिल्ली के विकास में तेजी से काम करेगी। दिलवालों की दिल्ली ने तय किया – आप–दा वालों को भगाना हैप्रधानमंत्री मोदी ने रैली में कहा कि दिल्ली के दिलवालों ने तय कर लिया है कि इस बार भारी बहुमत से भाजपा सरकार बनाएंगे और आप-दा सरकारको हटाएंगे। उनका कहना था कि दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व में एक नया बदलाव आएगा और दिल्ली में आधुनिकता का ज्वाला जलेगी। प्रधानमंत्रीने कहा कि भाजपा दिल्ली के गांवों और शहरों दोनों का विकास करेगी और पूरे देश में दिल्ली का एक आदर्श मॉडल पेश करेगी।यशोभूमि, स्मार्ट शहर और भारत वंदना पार्क का उल्लेखप्रधानमंत्री ने दिल्ली में जारी विकास योजनाओं की बात की। उन्होंने द्वारका में बने यशोभूमि का जिक्र करते हुए बताया कि केन्द्र सरकार ने यशोभूमिके निर्माण से हजारों युवाओं को रोजगार दिया है, साथ ही व्यापार के विस्तार के लिए एक नया अवसर भी प्रदान किया है। रियल एस्टेट बाजार मेंउछाल आया है और आने वाले वर्षों में यह पूरा क्षेत्र एक स्मार्ट शहर बनेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत वंदना पार्क, जो दिल्ली का हिस्साबनेगा, एक मॉडल के रूप में उभरेगा। यह पार्क न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक होगा, बल्कि विकसित भारत की राजधानी की सच्चीपहचान भी बनेगा। यमुना की सफाई और नदी के कायाकल्प की योजनाप्रधानमंत्री ने यमुना नदी के सफाई कार्य और उसके कायाकल्प की योजना पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार बनने केबाद, यमुना के पानी को स्वच्छ किया जाएगा और यमुना के किनारे एक आधुनिक रिवर फ्रंट बनेगा। इस रिवर फ्रंट का उद्देश्य दिल्लीवासियों को एकसुंदर और स्वच्छ पर्यावरण देना है, साथ ही इसे एक टूरिज्म हॉटस्पॉट के रूप में भी विकसित किया जाएगा। झुग्गियों के लिए पक्के घर और प्रधानमंत्री आवास योजनाप्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार नेझुग्गियों में रहने वाले लोगों को पक्के घर दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत दिल्ली में गरीबों को घर मिल रहे हैं, जिसमें मुफ्त जल, गैसकनेक्शन, और स्वच्छ शौचालय की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि भाजपा को वोट देकर इस योजना को और भीप्रभावी बनाने में मदद करें। भ्रष्टाचार और आप–दा की नीतियों पर हमलाप्रधानमंत्री मोदी ने आप-दा सरकार पर भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगाते हुए कहा कि आप-दा ने दिल्ली को केवल लूटा है और दिल्ली के पैसे कोनिचोड़कर दूसरे राज्यों में चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आप-दा ने दिल्ली में केवल लड़ाई झगड़ा किया और केंद्रसरकार की योजनाओं को लागू नहीं होने दिया। मोदी ने दावा किया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार दिल्ली के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेगीऔर दिल्लीवासियों को बेहतर जीवन मिलेगा। महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएंप्रधानमंत्री ने दिल्ली की महिला शक्ति और युवा पीढ़ी के लिए भाजपा की योजनाओं की बात की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं केकल्याण के लिए कई योजनाएं लाएगी, जिनमें उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, उन्होंनेदिल्ली के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों की बात की और कहा कि भाजपा सरकार में युवा वर्ग को रोजगार के लिए हर संभव सहायता दीजाएगी।आप–दा के झूठ और चुनावी वादों पर निशानाप्रधानमंत्री मोदी ने आप-दा सरकार के चुनावी वादों और झूठ का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि आप-दा के नेताओं ने दिल्लीवासियों से कई बारवादे किए, लेकिन उन वादों का कभी पालन नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आप-दा ने दिल्ली की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं काबुरा हाल किया और लोगों को गंदे पानी की सप्लाई दी। भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की गारंटीप्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि दिल्ली में भाजपा सरकार बनने पर आप-दा के भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधानसभाके पहले सत्र में सी.ए.जी की रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसमें आप-दा सरकार के घोटालों का उल्लेख होगा और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।डबल इंजन सरकार से दिल्ली में विकास की गति बढ़ेगीप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से दिल्ली में विकास की गति दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने बताया कि भाजपा की सरकार बनने केबाद दिल्ली में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तेजी से पूरी होंगी, जिनमें सड़कों की चौड़ाई, नई रिंग रोड और एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इसके अलावा, भाजपासरकार दिल्ली के हर इलाके में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करेगी और गरीबों के लिए घरों की संख्या में भी बढ़ोतरी करेगी। भ्रष्टाचार और झूठ के खिलाफ दिल्ली में मतदान का आह्वानप्रधानमंत्री मोदी ने दिल्लीवासियों से आह्वान किया कि वे 5 फरवरी को मतदान करने जाएं और भाजपा के पक्ष में वोट करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली केभविष्य को बेहतर बनाने के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। इस मौके पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, सांसद कमलजीत सहरावतऔर योगेन्द्र चंदोलिया ने भी सभा को संबोधित किया और दिल्लीवासियों से भाजपा को वोट देने की अपील की। आप–दा की नीतियों पर गंभीर आरोपदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 26 सालों में दिल्ली को सिर्फ भ्रष्टाचार और लूट का सामनाकरना पड़ा है। उन्होंने कहा कि आप-दा सरकार ने दिल्ली के विकास के नाम पर केवल झूठ बोला और जनता को धोखा दिया। आप–दा का झूठ और भाजपा की विकास योजनायोगेन्द्र चंदोलिया ने आप-दा पार्टी के खिलाफ एक और आरोप लगाया और कहा कि आप-दा ने दिल्ली की जनता से कई बार वादे किए, लेकिनउन्होंने कभी उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि दिल्ली की जनता आप-दा से निजात पाए और भाजपा को मौका दे, ताकिदिल्ली का सही तरीके से विकास हो सके।

हरीश रावत ने दिल्ली के लिए स्वच्छता और पूर्व सैनिकों के लिए योजनाओं की घोषणा की

नई दिल्ली, 31 जनवरी: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय, राजीव भवन मेंआयोजित संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली के प्रदूषण, जल संकट और पूर्व सैनिकों के लिए योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस सम्मेलन में कांग्रेसप्रवक्ता अभय दूबे, कम्युनिकेशन विभाग की ज्योति सिंह, मति रश्मि सिंह मिगलानी, मति आस्मा तस्लीम और डॉ. अरुण अग्रवाल भी मौजूद थे। दिल्ली में प्रदूषण और जल संकट की गंभीर स्थितिहरीश रावत ने दिल्ली के प्रदूषण और जल संकट की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि दिल्ली के लोग अब स्वच्छ हवा और स्वच्छ पानी केलिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों से भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच खींचतान के कारण दिल्ली की हवा सांस लेनेलायक नहीं रही और पानी पीने लायक नहीं है। दिल्ली के हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नहाना और पानी पीना तो दूर की बात हो गई है। रावत नेफॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि दिल्ली में पिछले एक दशक में ग्रीन कवर घटा है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली मेंग्रीन कवर में 35 प्रतिशत की कमी आई है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हवा में जहर फैला हुआ है और यमुना नदी का प्रदूषणभी दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। यमुना सफाई के लिए की जा रही अपव्ययरावत ने यमुना सफाई पर खर्च किए गए 8500 करोड़ रुपये का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद दिल्ली में पीने का पानी उपलब्ध नहीं होपा रहा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी और भाजपा को इस मुद्दे के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि दोनों पार्टियां अपनी जिम्मेदारियों से बचने केलिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं। कांग्रेस पार्टी की योजना है कि दिल्ली के बड़े नालों और कॉलोनियों से निकलने वाले गंदे पानी कोउपचारित करके यमुना में डाला जाएगा। इसके लिए एक ठोस नीति तैयार की जाएगी। इसके साथ ही नजफगढ़, शाहदरा जैसे बड़े नालों को ढकने काकार्य भी किया जाएगा। रावत ने यह भी कहा कि 2041 मास्टर प्लान के तहत विभिन्न कॉलोनियों में पार्क विकसित किए जाएंगे।सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष ध्यानहरीश रावत ने दिल्ली में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की स्थिति पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि 2016 में जो सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स बनाएगए थे, उनका पालन अब तक नहीं किया गया है। यह नियम 8 साल पहले बनाए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा। रावत ने कहा कि 2016 की धारा 5 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को इन नियमों के अनुपालन की निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन आजतक इन नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोजाना 11,342 टन सॉलिड वेस्ट उत्पन्न होता है, जिसमें से सिर्फ 7,542 टनका ही ट्रीटमेंट किया जा रहा है। बाकी 3,800 टन सॉलिड वेस्ट तीन लैंडफिल साइट्स पर डंप किया जा रहा है, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है। रावत ने कोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें यह कहा गया था कि एमसीडी (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली) को 11,000 टन सॉलिडवेस्ट के लिए प्रोसेसिंग की व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन 3,000 टन का वेस्ट बिना प्रोसेस किए डंप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहपर्यावरणीय संकट को बढ़ा रहा है और इसे रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। पूर्व सैनिकों के लिए योजनाएंपूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली में कांग्रेस सरकार बनने पर पूर्व सैनिकों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया किकांग्रेस सरकार पूर्व सैनिकों के लिए एक आयोग गठित करेगी, जो उनकी शिकायतों का निवारण करेगा। इसके अलावा, कांग्रेस केंद्र सरकार पर दबावबनाएगी ताकि अग्निवीर योजना को वापस लिया जाए और अग्निवीरों को स्थायी किया जाए। रावत ने कहा कि दिल्ली में पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे और उनकी भर्ती दिल्ली सरकार और संबंधित निकायों में कीजाएगी। इसके साथ ही, शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया जाएगा और उनके परिवार के एकसदस्य को दिल्ली सरकार में नौकरी दी जाएगी। महिला कल्याण और इंदिरा कैंटीनहरीश रावत ने दिल्ली में महिलाओं के कल्याण के लिए भी कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद दिल्ली मेंएक महिला कल्याण बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो महिलाओं और बच्चियों के उत्थान और संरक्षण के लिए काम करेगा। इस बोर्ड की योजनाएंलाडली योजना जैसी होंगी, जो महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगी। इसके अलावा, कांग्रेस सरकार दिल्ली में 100 इंदिरा कैंटीन खोलेगी, जिसका संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में होगा। ये कैंटीन गरीबों कोसस्ते और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएंगी। रावत ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली को आगनबाड़ी और आशा वर्कर्स को सर्वोच्च मानदेय देने वालाराज्य बनाएगी। इन कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उनकी कार्य स्थितियों में सुधार लाया जाएगा। ग्रीन कवर और प्रदूषण नियंत्रणहरीश रावत ने दिल्ली में ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए शीला दीक्षित के ग्रीन मॉडल पर काम करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण कीसमस्या को खत्म करने के लिए चौराहों, कॉलोनियों, सड़कों के किनारे और सभी दिशाओं में वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके साथ ही, सार्वजनिकस्थानों और खुले क्षेत्रों में पार्क विकसित किए जाएंगे। रावत ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भाजपा और आम आदमी पार्टी प्रदूषण और स्वच्छता केमुद्दे पर पूरी तरह से विफल साबित हुई हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार बनने पर यह समस्याएं हल की जाएंगी।

राहुल गांधी का वंचित समाज के अधिकारों पर बयान: “लड़ाई अब प्रतिनिधित्व से आगे बढ़कर नियंत्रण तक पहुंचे”

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि वंचित समाज के लिए अब लड़ाई केवल व्यवस्था में प्रतिनिधित्व की नहीं, बल्कि नियंत्रण की भी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दलितों, पिछड़ों और अन्य वंचित वर्गों को केवल सत्ता में हिस्सेदारी ही नहीं मिलनी चाहिए, बल्कि उन्हें धन-संपत्ति में भी समान अधिकार मिलना चाहिए। राहुल गांधी के अनुसार, यह संसाधन अभी कुछ चुनिंदा लोगों के नियंत्रण में हैं, जिनसेवंचित वर्ग को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। ‘वंचित समाज: दशा और दिशा’ कार्यक्रम में राहुल गांधी का संबोधनराहुल गांधी ‘वंचित समाज: दशा और दिशा’ कार्यक्रम में दलित प्रभावकों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ों केउद्धार का पहला चरण अब पूरा हो चुका है। लेकिन अब इस व्यवस्था में उनके लिए नए अवसरों की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है, क्योंकि इसव्यवस्था पर भाजपा और आरएसएस का पूरा कब्जा है। गांधी ने कहा कि यह व्यवस्था अब वंचित वर्ग के लिए नहीं है, और इसे बदलने कीआवश्यकता है ताकि समान अवसर सभी को मिल सकें। भाजपा-आरएसएस पर आरोपराहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग की 90 प्रतिशतआबादी है, लेकिन जब बात सबसे बड़ी कंपनियों और उद्योगों के मालिकों या मैनेजमेंट टीम की आती है, तो इन वर्गों के लोग कहीं नजर नहीं आते।गांधी ने कहा कि यह दिखाता है कि भाजपा-आरएसएस ने इन वर्गों के लिए कोई अवसर नहीं छोड़ा है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर भाजपा के दलितसांसदों का उल्लेख किया, जिनका कहना था कि उन्हें सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से नियुक्त किया गया है और वे स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त नहींकर सकते। वंचित वर्गों को एकजुट होने की आवश्यकताराहुल गांधी ने कहा कि अब लड़ाई केवल प्रतिनिधित्व की नहीं, बल्कि नियंत्रण की है। उनका मानना है कि वंचित वर्गों को अब तक इस समाज औरसत्ता में कोई नियंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के खिलाफ भाजपा-आरएसएस के हमलों का भीउल्लेख किया। राहुल गांधी ने जोर देते हुए कहा कि यदि ये वर्ग एकजुट हो जाएं, तो भाजपा-आरएसएस को हराया जा सकता है। उनका मानना थाकि कांग्रेस पार्टी उन वर्गों के लिए हमेशा लड़ती रही है और आगे भी ऐसा ही करेगी। कांग्रेस के प्रति वंचित वर्ग का विश्वासराहुल गांधी ने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी जी के समय वंचित वर्गों को कांग्रेस पर पूरा भरोसा था। वे जानते थे कि कांग्रेस उनके अधिकारों के लिएलड़ेगी और जरूरत पड़ने पर बलिदान भी देगी। कांग्रेस की परंपरा को याद करते हुए उन्होंने यह कहा कि पार्टी ने हमेशा वंचित वर्गों के उत्थान के लिएकाम किया है, और यह आगे भी जारी रहेगा। भाजपा और केजरीवाल पर तीखा हमलाराहुल गांधी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि वे संविधान को बदलने की बात करते हैं और महात्मा गांधी की विचारधारा के खिलाफ काम कररहे हैं। गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने हमेशा देश में नफरत फैलाने का काम किया है, जबकि महात्मा गांधी हमेशा भाईचारे और एकताके लिए लड़ते थे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं ने 2019 में यह तक कहा था कि अगर उन्हें 400 सीटें मिल गईं तो वे अंबेडकर के संविधानको बदल देंगे। इसके अलावा, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने यह भी कहा कि देश को असली आज़ादी नरेंद्र मोदी ने दी है, जो संविधान कीअवमानना है। अरविंद केजरीवाल पर हमलेराहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहाकि केजरीवाल मोदी की तरह झूठे वादे करते हैं। राहुल ने केजरीवाल के पुराने वादों को याद दिलाया, जब वह छोटे कार में घूमने और बिजली के खंभोंपर चढ़ने का दावा करते थे। लेकिन आज वे शीश महल में रहते हैं, जो उनके द्वारा किए गए वादों का प्रमाण है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया किआम आदमी पार्टी ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है और शराब घोटाला किया है। यमुना के पानी पर केजरीवाल को चुनौतीराहुल गांधी ने केजरीवाल को चुनौती दी कि वह यमुना के पानी को छोड़ दें और वह पानी पीकर दिखाएं जो उनकी सरकार दिल्ली के लोगों कोआपूर्ति कर रही है। यह एक सीधा हमला था, जहां राहुल ने केजरीवाल के दावों और उनकी सरकार की नाकामी को उजागर किया। दिल्ली दंगों में केजरीवाल की अनुपस्थिति पर सवालराहुल गांधी ने दिल्ली दंगों के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में अल्पसंख्यकोंपर हमले हो रहे थे, तो केजरीवाल कहीं नजर नहीं आए, बल्कि कांग्रेस के नेता ही उस समय अल्पसंख्यकों के साथ खड़े थे। यह आरोप इस बात कोऔर स्पष्ट करता है कि आम आदमी पार्टी ने उस समय अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया था। कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस का विकास मॉडलराहुल गांधी ने कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए यह कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इन राज्यों में जनता से किए गए वादों को पूरी तरहसे निभाया है। यह दर्शाता है कि कांग्रेस वादे करती है और उन्हें पूरा भी करती है, जो जनता के विश्वास को बनाए रखता है। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर भाजपा-आरएसएस पर आरोपराहुल गांधी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया और आरोप लगाया कि उन लोगों ने गांधी की हत्या की, जिनकी विचारधारा आज देश पर शासन कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस संविधान को नकारने और देश में नफरत फैलाने में लगीहुई है, जो देश के एकता और भाईचारे के खिलाफ है। निवेदन: कांग्रेस के विकास और विश्वास की ओरराहुल गांधी ने पार्टी उम्मीदवार देवेंद्र यादव को वोट देने और कांग्रेस की ओर से किए गए विकास कार्यों को याद दिलाते हुए जनता से सहयोग कीअपील की। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल में दिल्ली की प्रगति को और बेहतर भविष्य की उम्मीदों के साथ सामने रखा।

BJP प्रेस कांफ्रेंस में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की चुप्पी की निंदा की गई

नई दिल्ली: दुष्यंत गौतम, राज कुमार गौतम, अधिवक्ता प्रियंका गौतम, रिंकु कुमारी, खुशी राम चुनार, दीपक बल्मीकी, दीप्ती इंदोरा और कमलबागड़ी ने मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर के नेतृत्व में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की चुप्पी की निंदा की।इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर हुए हमले को लेकर पंजाब के अमृतसर में हुई घटना पर अरविंद केजरीवालऔर भगवंत मान की खामोशी को लेकर गंभीर सवाल उठाए।1. अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की चुप्पी पर सवालसभी नेताओं ने अमृतसर में बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर हुए हमले पर अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की चुप्पी की कड़ीआलोचना की। नेताओं का कहना था कि इस चुप्पी से यह साबित होता है कि आम आदमी पार्टी (AAP) और अरविंद केजरीवाल का दलितों के प्रतिरवैया एक सच्चाई है। यह चुप्पी दिखाती है कि उनका दलितों के मुद्दों पर कोई स्पष्ट स्टैंड नहीं है। 2. राजीव सभा में दलितों का कोई प्रतिनिधित्व नहींदुष्यंत गौतम और अन्य नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने राजीव सभा में एक भी दलित को प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। यहआरोप बीजेपी के दलित नेताओं द्वारा लगाया गया था, जिन्होंने कहा कि केजरीवाल का दलितों के लिए कोई स्थान नहीं है। 3. बीजेपी का दलितों के लिए अतिरिक्त प्रतिनिधित्वप्रेस कांफ्रेंस में नेताओं ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) दलितों के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्रदान करती है। उदाहरण के तौर पर, BJP ने बल्लिमारान और मटिया महल जैसी सामान्य सीटों पर दलित उम्मीदवारों को स्थान दिया है। 4. AAP के दलित उम्मीदवारों को चुनौतीबीजेपी के दलित उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के 12 दलित उम्मीदवारों से सवाल किया कि वे बाबा साहेब की प्रतिमा पर हमले पर चुपक्यों हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आज वे इस मुद्दे पर चुप हैं, तो भविष्य में अरविंद केजरीवाल भी सामान्य दलितों के मुद्दों पर खामोश रह सकतेहैं। 5. दलित नेता संतोष कोली के लिए न्याय की मांगबीजेपी के दलित उम्मीदवारों ने पार्टी के पहले दलित नेता संतोष कोली की हत्या को लेकर न्याय की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमीपार्टी ने उनके लिए कोई आवाज़ नहीं उठाई और उनकी मौत पर चुप्पी साधी। यह प्रेस कांफ्रेंस इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि दलित समुदाय के प्रतिनिधि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के प्रति गहरी नाराजगीऔर असंतोष महसूस कर रहे हैं, खासकर दलितों के अधिकारों और सम्मान के मुद्दे पर।

दिल्ली भाजपा में मेडिकल संविदा कर्मचारियों का एकत्रीकरण, वीरेंद्र सचदेवा को आभार

नई दिल्ली, 30 जनवरी: आज दिल्ली भाजपा कार्यालय में मेडिकल संविदा कर्मचारियों का एक महत्वपूर्ण एकत्रीकरण हुआ, जिसमें दिल्ली के 25 बड़े अस्पतालों में लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारी शामिल हुए। यह सभी अपने लंबे समय से अटकी समस्याओं का समाधान कराने के लिएप्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एकत्रित हुए।कार्यक्रम में शामिल हुए लगभग 2,000 कर्मचारी और 10,000 परिजनइस कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों से लगभग 850 संविदा कर्मचारी शामिल हुए। यह संख्या दर्शाती है कि आज दिल्ली के मेडिकल क्षेत्रके संविदा कर्मचारियों और उनके परिजनों ने भाजपा नेतृत्व में एक नई आशा की किरण देखी है। संविदा कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद: भाजपा का समर्थनविभिन्न अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और अनुभवों को साझा किया, और प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा से अनुरोध किया कि उनकीशेष समस्याओं पर भी शीघ्र समाधान कार्य शुरू किया जाए। एक कर्मचारी ने कहा, “पिछली सरकार ने हमें 10 वर्षों तक सिर्फ भ्रमित किया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा नेलगातार हमारा साथ दिया। उन्होंने हमारी समस्याओं को समझते हुए समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया। आज हमें नई उम्मीद मिली है।” भविष्य के लिए भाजपा का समर्थन संविदा कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि वे भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देकर इसे सशक्त बनाएंगे, क्योंकि उनका और उनके बच्चों काउज्जवल भविष्य केवल भाजपा के नेतृत्व में ही सुरक्षित है। वीरेन्द्र सचदेवा का नेतृत्व और संविदा कर्मचारियों का समर्थन यह कार्यक्रम दिल्ली भाजपा की मजबूत नेतृत्व क्षमता और कर्मचारियों के लिए समाधान की दिशा में पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया। अबभाजपा के नेतृत्व में ये कर्मचारी अपने मुद्दों का समाधान होने की उम्मीद कर रहे हैं और पार्टी को समर्थन देने का संकल्प लिया है।

राहुल गांधी का केजरीवाल पर हमला: यमुना नदी या नाली?

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया है, और यमुना नदी की खराब स्थिति को लेकरउन्हें घेरते हुए कहा कि दिल्ली में अब यमुना नदी नहीं, बल्कि एक नाली बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि आप भी दिल्लीवासी हैं, तो यमुना कीदुर्दशा देख कर आपको तकलीफ तो होती ही होगी। यमुना नदी की अव्यवस्थित स्थिति: एक भयावह चित्रराहुल गांधी ने अपनी बातों में बताया कि कल सुबह वे यमुना नदी के किनारे गए थे, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों, नाव चालकों और एक्टिविस्टों सेचर्चा की। उनका कहना था कि यमुना में कचरा, गंदगी, दुर्गंध और सीवेज से भरी पड़ी है, और नदी का साफ पानी सीवेज ट्रीटमेंट के लिए निकालकर, फिर उसी सीवेज को नदी में डंप कर दिया जाता है। इस कारण से यमुना नदी का अस्तित्व खतरे में है। श्रद्धालु अब यमुना में डुबकी लगाने से कतराते हैंराहुल गांधी ने यह भी कहा कि पहले श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में आते थे, लेकिन अब गिनती के लोग ही इस प्रदूषित पानीमें अपनी जान जोखिम में डालकर आते हैं। यह स्थिति दिल्ली के लिए शर्मनाक है, और यह दर्शाता है कि सरकारों ने इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दियाहै। केजरीवाल के खोखले वादे: जनता से धोखाराहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में सत्ता में आने के बाद से ही अरविंद केजरीवाल ने यमुना को साफ करने के वादे किए थे। उन्होंने कहा था, “मैं यमुनामें डुबकी लगाऊंगा, वरना वोट मत देना,” लेकिन आज केजरीवाल सिर्फ यमुना के पानी की बोतल लेकर बैठे हैं और आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। उनकेवादे केवल खोखले साबित हुए हैं।मोदी और केजरीवाल की लापरवाही का परिणामराहुल गांधी ने मोदी और केजरीवाल सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का भी जिक्र किया, और इसे यमुना नदी की भयावह स्थिति के लिएजिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ यमुना का अपमान नहीं है, बल्कि दिल्ली की जनता के जीवन के साथ चल रहे खिलवाड़ का परिणाम है। यमुना की हालत में सुधार की आवश्यकताराहुल गांधी का यह बयान एक गंभीर राजनीतिक संदेश है, जो दिल्लीवासियों और पर्यावरण के प्रति सरकार की लापरवाही पर सवाल उठाता है। यहइस बात को उजागर करता है कि यमुना नदी को लेकर सरकारें अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई हैं, और अगर हालात ऐसे ही रहे, तो यहऐतिहासिक नदी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।