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लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक पर ज्यादती के आरोपों का खंडन, कार्रवाई कानून प्रवर्तन की विश्वसनीय सूचनाओं पर आधारित

लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक पर किसी भी तरह की ज्यादती या फंसाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई कानून प्रवर्तन एजेंसियोंकी विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर की गई है। उपराज्यपाल ने लेह हिंसा में शामिल किसी को भी न बख्शने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई केनिर्देश दिए हैं। लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक समेत लेह हिंसा प्रदर्शन व हिंसा से जुड़े कुछ व्यक्तियों को लेकर लगातार आ रही तमाम मीडियारिपोर्टों पर मंगलवार की रात को स्पष्टीकरण जारी किया। प्रशासन ने किसी को फंसाने के आरोपों को निराधार बताया है और कड़ाई से इनका खंडनकिया। कहा गया कि सोनम वांगचुक के साथ व कुछ अन्य लोगों के साथ कोई ज्यादती नहीं की गई। आधार कानून प्रवर्तन एजेंसियों की विश्वसनीय सूचनाएंप्रशासन की ओर से कहा गया कि यूटी प्रशासन ये स्पष्ट करना चाहता है कि जो भी कार्रवाई हुई है, उसका आधार कानून प्रवर्तन एजेंसियों कीविश्वसनीय सूचनाएं और दस्तावेज हैं। एजेंसियों को प्रभावित किए बिना निष्पक्ष रूप से अपनी जांच जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।प्रशासनके बयान में कहा गया कि हिमालयन इंस्टीट्यूट आफ अल्टरनेटिव लर्निंग से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और विदेशी मुद्रा उल्लंघन के मामले जांचएजेंसियों के अधीन हैं। प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उनके एनजीओ के लाइसेंस को रद्द करने का फैसला भीप्रमाणों के आधार पर लिया गया है। संगठन चाहे तो उचित मंच का सहारा ले सकता है। प्राधिकािरियों से अपील की जा सकती है। बयान मेंवांगचुक पर कई भड़काऊ बयान का दोषी पाया है। इंटरव्यू में वांगचुक ने कहा11 सितंबर, 2025 को एनडीएस पार्क में लद्दाख एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में वांगचुक ने कहा कि युवा कह रहे हैं कि वे शांति नहीं चाहते और महात्मागांधी के रास्ते पर चलना जरूरी नहीं है। लोग तैनात सुरक्षा बलों से नहीं डरते और अगर लोग बाहर निकलेंगे तो और भी बुरा हो सकता है। अनशन शुरूकरने से पहले वांगचुक ने 9 सितंबर को लोगों को कोविड का बहाना बनाकर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान मास्क, टोपी और हुडी आदि पहननेका सुझाव दिया जबकि लद्दाख में कोविड फैलने का कोई संकेत नहीं है। अपने यूट्यूब चैनल ‘अचोए निंगस्टाम’ (लद्दाखी दर्शकों के लिए एक समर्पितचैनल जहां वे केवल स्थानीय भाषा में बोलते हैं) पर कहा वे सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भारत में अरब स्प्रिंग जैसी क्रांति लाएंगे।

बरेली दंगों में 75 गिरफ्तार, पुलिस ने जारी किए ड्रोन वीडियो 10 मुकदमे दर्ज, SIT ने की जांच शुरू

बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद से अब तक 75 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस बीच पुलिस ने बुधवार को बवाल से संबंधितड्रोन वीडियो जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक ये वीडियो उस वक्त हैं, जब बिहारीपुर इलाके में नमाज के बाद खलील तिराहे के पास सड़क पर भीड़जुटी थी। बेकाबू भीड़ को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। जब लोग नहीं माने तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। ड्रोन वीडियो में बेकाबू भीड़को पुलिस रोकने का प्रयास करती दिख रही है। इसके बाद लाठीचार्ज हुआ। आई लव मोहम्मद के समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल(आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के बुलावे पर भीड़ जुटी थी। मौलाना के नदारद रहने से भीड़ अराजक हो गई। पुलिस का दावा है किलोगों ने दुकानों और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था। आंसू गैस के गोले दागे गएथे। पुलिस के मुताबिक बवाल में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.10 मुकदमे दर्ज किएबवाल के बाद पुलिस ने शहर के अलग-अलग थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें 125 लोग नामजद और करीब तीन हजार अज्ञात आरोपी हैं।सात मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा का नाम है। बवाल की जांच के लिए डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी के निर्देश पर एसएसपी अनुराग आर्य नेविशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी में एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में तीन सीओ और 14 इंस्पेक्टर शामिल हैं।बवाल के बाद से अब तक 75 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मौलाना तौकीर रजा समेत आठ आरोपियों को दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर लियागया था। इसके बाद डॉ. नफीस और नदीम खान समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार करलिया। मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों आरोपियों को पैर में गोली लगी है। दोनों शाहजहांपुर के मदनापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिकनदीम ने दोनों को बुलाया था। दोनों बवाल में शामिल रहे थे।

लालकिला मैदान में लव कुश रामलीला का दसवां दिन रहा खास, बॉबी देओल करेंगे रावण दहन

दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला मैदान में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लव कुश रामलीला का दसवां दिन बेहद धूमधाम और उत्साह से मनाया गया। इसअवसर पर रामभक्तों की भीड़ उमड़ी और पूरे मैदान में धार्मिक माहौल देखने को मिला। खास बात यह रही कि इस बार दशहरा पर्व पर बॉलीवुड केसुपर स्टार बॉबी देओल रावण दहन करेंगे। वहीं, दर्शकों और पुतलों की सुरक्षा के लिए मैदान में अतिरिक्त बाउंसरों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बने लीला के दर्शकदसवें दिन की लीला में दिल्ली की लोकप्रिय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारत सरकार के केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्री जुएल ओराम विशेष अतिथि केरूप में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने मंच पर प्रभु श्रीरामचन्द्र जी का तिलक किया, वंदना की और रामभक्तों को दशहरा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएंदीं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लव कुश रामलीला कमेटी बधाई की पात्र है, जिसने भक्तों के लिए भव्य मंच तैयार किया और सुरक्षा के साथसभी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा। मंच पर जीवंत हुए रामायण के अद्भुत प्रसंगलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस बार की लीला की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद रावण कक्ष का मंचन, अहिरावणका आह्वान और साधना, राम दल द्वारा राम-लक्ष्मण की खोज, हनुमान जी का पाताल लोक जाना, मकरध्वज और हनुमान का युद्ध, अहिरावण वध, अतिकाय और नारंतक का युद्ध, तथा दधिबल द्वारा नारंतक वध जैसे कई रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किए गए। हर प्रसंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में प्रभु श्रीराम की भव्य आरती के साथ लीला का समापन हुआ। विशाल पुतले बने आकर्षण का केंद्रदशहरे के अवसर पर लीला मैदान में 100 फीट ऊंचा रावण, 90 फीट ऊंचा कुंभकरण और 80 फीट ऊंचा मेघनाद का पुतला लगाया गया है। येपुतले आकर्षक सजावट और विशेष तकनीक के कारण दर्शकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बने हुए हैं। कमेटी ने बताया कि जब प्रभु श्रीराम रावणपर तीर चलाएंगे तो पुतले से अमृत टपकेगा, आंखों से रक्त के आंसू गिरेंगे, तलवारें लहराएंगी और पूरा माहौल हे राम, हे राम के उद्घोष से गूंज उठेगा।इस अद्भुत दृश्य का इंतजार सभी रामभक्त बेसब्री से कर रहे हैं। अतिथियों का हुआ सम्मान और लीला का समापनकार्यक्रम के समापन पर कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल, चेयरमैन पवन गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभूषण जैन, प्रवीण गोयल, सौरव गुप्ता, संदीपभूटानी, गौरव सूरी, कोषाध्यक्ष अंकुर गोयल, लीला मंत्री प्रवीण सिंहल, राजेश वर्मा, राजकुमार गुप्ता, वीरू सिंघी और लोकेश बंसल समेत सभीपदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया। इसके बाद प्रभु श्रीराम की आरती और चरण वंदना के साथ लीला सम्पन्न हुई।

लालकिला मैदान में लव कुश रामलीला का नौवां दिन बेहद रोचक

दिल्ली के ऐतिहासिक लालकिला मैदान में चल रही विश्वविख्यात लव कुश रामलीला का नौवां दिन दर्शकों के लिए बेहद यादगार रहा। इस दिनरामलीला मंच पर कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भव्य मंचन हुआ, जिन्हें देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। लक्ष्मण और मेघनाद का भयंकर युद्धरामलीला के मंच पर लक्ष्मण और मेघनाद का युद्ध दर्शाया गया। यह दृश्य इतना रोमांचक और अद्भुत था कि दर्शक लगातार तालियां बजाते रहे। युद्धके दौरान मंच पर युद्ध की वास्तविकता को दर्शाने के लिए विशेष ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरा माहौल जीवंत प्रतीत हुआ। कुंभकरण को जगाने का अनोखा दृश्यलीला का सबसे खास दृश्य कुंभकरण को चिर निद्रा से जगाने का था। इस प्रसंग में आधुनिक तकनीक और डिजिटल साउंड का बेहतरीन उपयोगकिया गया। कुंभकरण को जगाने के लिए हाथियों की चिघाड़, शेरों की दहाड़, ढोल-नगाड़ों की आवाज़ और सैकड़ों मटके फोड़ने जैसे प्रयोग किएगए। इतना ही नहीं, कुंभकरण के जागने के बाद उसे 120 किलो मिठाई और सैकड़ों लीटर पानी पिलाने का दृश्य भी मंचित किया गया, जिसने पूरेवातावरण को बेहद रोचक बना दिया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थितिइस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी रामलीला स्थल पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम की लीलाओं का अवलोकन किया। उन्होंने भगवानश्रीराम से आशीर्वाद लिया और सभी रामभक्तों को दशहरे की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उनकी उपस्थिति से आयोजन का उत्साह और भी बढ़ गया। कुंभकरण का दमदार अभिनयरामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस बार कुंभकरण की भूमिका पूर्व मेयर और भाजपा नेता जत्थेदार अवतार सिंह ने निभाई।उनका 131 किलो का भारी-भरकम शरीर और बुलंद आवाज दर्शकों को बेहद प्रभावित कर गई। उनका अभिनय इतना दमदार था कि पूरा मैदानतालियों से गूंज उठा। रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतलेदशहरा पर्व के लिए इस बार लालकिला मैदान पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले बेहद आकर्षक बनाए जा रहे हैं। बताया गया है कि जबरावण के पुतले का दहन होगा तो उसकी आंखों से खून के आंसू बहेंगे, आंखें इधर-उधर घूमेंगी और हाथों में तलवारें लहराती दिखाई देंगी। इसकेअलावा रावण के गले में दस रंग-बिरंगी मालाएं भी दर्शकों को अलग-अलग रंगों में नजर आएंगी। पुतले के दहन के समय हे राम, हे राम का उद्घोषगूंजेगा। लीला के अंत में आरती और सम्मानरामलीला के मंचन के बाद कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का सम्मान किया। कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल, चेयरमैन पवन गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभूषण जैन समेत कई पदाधिकारी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रभु श्रीराम की आरती और चरण वंदना के साथहुआ, जिसमें सभी रामभक्तों ने श्रद्धा भाव से भाग लिया।

दिल्ली विधानसभा में छात्रों ने देखी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी, मिली प्रेरणा और नई सीख

दिल्ली विधानसभा सचिवालय में आज का दिन छात्रों के लिए बेहद खास रहा। राजधानी के विभिन्न सरकारी और पब्लिक स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन और उनके योगदान पर आधारित विशेष प्रदर्शनी सेवा ही संकल्प, राष्ट्र ही प्रेरणा – 75 वर्ष, एक अनुभवऔर एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी ने युवा पीढ़ी को प्रधानमंत्री मोदी के जीवन-संघर्ष, सादगी, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रप्रथम कीभावना को करीब से समझने का अवसर दिया। प्रदर्शनी ने दी जीवन मूल्यों की प्रेरणाप्रदर्शनी में छात्रों ने गहरी रुचि दिखाई और प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से जुड़े कई पहलुओं के बारे में जाना। सेवा, समर्पण और नेतृत्व के गुणों से भरीयह प्रदर्शनी युवाओं को न केवल उनके संघर्षों और उपलब्धियों से परिचित कराती है बल्कि यह संदेश भी देती है कि कठिनाइयों के बावजूद ईमानदारीऔर देशसेवा की भावना से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कराया अवलोकनइस अवसर पर दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विधानसभा भवन की ऐतिहासिकपृष्ठभूमि से भी अवगत कराया। साथ ही उन्होंने बताया कि इस तरह की शैक्षिक यात्राएँ युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं को समझने और उनमेंसक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। कई स्कूलों के छात्रों ने लिया हिस्साइस कार्यक्रम में गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वीर सावरकर कॉम्प्लेक्स स्कूल, करावल नगर, जीएसकेवी पीएसपी-10 औद्योगिक क्षेत्र, किराड़ी (दिल्ली-86) तथा अन्य पब्लिक स्कूलों के छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। बच्चों ने प्रदर्शनी को ध्यानपूर्वक देखा और प्रधानमंत्री के जीवन सेप्रेरणा लेने की बात कही। फिल्म चलो जीते हैं बनी आकर्षण का केंद्रछात्रों के लिए एक और खास आकर्षण रही प्रधानमंत्री मोदी के बचपन और जीवन के शुरुआती वर्षों पर आधारित लघु फिल्म चलो जीते हैं। इसफिल्म ने बच्चों को सादगी, धैर्य और लोकसेवा के प्रति समर्पण जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों से जोड़ने का काम किया। फिल्म देखकर छात्रों ने महसूसकिया कि कठिन परिस्थितियों में भी सेवा और समर्पण का भाव व्यक्ति को नई ऊँचाइयों तक ले जाता है। युवाओं में देशभक्ति और जागरूकता का संकल्पदिल्ली विधानसभा सचिवालय ने कहा कि इस तरह की पहलें न केवल छात्रों को लोकतांत्रिक संस्थानों और उनके कार्यप्रणाली से परिचित कराती हैंबल्कि उनमें देशभक्ति, जिम्मेदारी और सक्रिय नागरिकता की भावना भी जगाती हैं। विधानसभा ने संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमआयोजित कर युवाओं को नेतृत्व, सेवा और राष्ट्रप्रेम की ओर प्रेरित किया जाएगा।

लाइव टीवी पर राहुल गांधी को दी गई मौत की धमकी, कांग्रेस ने भाजपा की नफ़रत भरी राजनीति को बताया लोकतंत्र पर हमला

अभूतपूर्व घटना ने देश को झकझोराएक बेहद चौंकाने वाली और अभूतपूर्व घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राष्ट्रीय टेलीविज़न पर हुई एक बहस के दौरान भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेसनेता राहुल गांधी को सीधे तौर पर मौत की धमकी दी। बहस में प्रवक्ता ने कहा राहुल गांधी को छाती में गोली मार देनी चाहिए। इस बयान ने नकेवल राजनीतिक माहौल को हिला दिया, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की गरिमा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल गांधी के संघर्ष से भाजपा हताश कृष्णा अल्लावरूभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने इस धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल राहुल गांधी जी के खिलाफधमकी नहीं है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सत्य, न्याय और संविधान की लड़ाई सेभाजपा पूरी तरह विचलित हो चुकी है। इस तरह की भाषा भाजपा के राजनीतिक दिवालियापन का प्रतीक है। करोड़ों भारतीयों की आवाज़ को धमकी – उदय भानुभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु ने कहा कि राहुल गांधी जी भारत के युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित समाज कीआवाज़ हैं। ऐसे में उन्हें लाइव टीवी पर मौत की धमकी देना करोड़ों भारतीयों की सामूहिक आवाज़ को धमकी देने जैसा है। उन्होंने सवाल किया किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साफ करना चाहिए कि क्या वे अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं की इस गंदी राजनीति का समर्थन करते हैं। गांधी और गोडसे की सोच का फर्क दिखा – रूपेश सिंह भदौरियाभारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं लीगल विभाग के अध्यक्ष रूपेश सिंह भदौरिया ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी नफ़रत और धमकीकी राजनीति कर रहे हैं। यह राजनीति न केवल अपराध है, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि यह घटना साफ करदेती है कि गांधी और गोडसे की सोच में कितना बड़ा अंतर है।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और भारतीय युवा कांग्रेस इस जहरीली विचारधारा से हर स्तर पर लड़ेंगे – चाहे वह पुलिस थाने हों, अदालतें हों यासार्वजनिक मंच। उन्होंने कहा कि किसी भी धमकी या डराने की कोशिश से कांग्रेस अपने रास्ते से नहीं हटेगी। कानूनी कार्रवाई की मांगभारतीय युवा कांग्रेस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, डीसीपी और एसीपी को शिकायत दर्ज कराई है।यदि भाजपा प्रवक्ता पिंटू महादेव पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तो इसे अदालत तक ले जाया जाएगा। साथ ही, NDBSA (News Broadcasters and Digital Standards Authority) को भी इस घटना की जानकारी देकर तत्काल कार्यवाही की मांग की गई है। लोकतांत्रिक विमर्श की गरिमा का सवालकांग्रेस ने कहा है कि यह मामला केवल राहुल गांधी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक विमर्श की गरिमा और सभी जनप्रतिनिधियों कीसुरक्षा से जुड़ा हुआ है। यदि इस तरह की धमकियों को सामान्य कर दिया गया तो आने वाले समय में लोकतंत्र का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। IYC लीगल विभाग की चेतावनीभारतीय युवा कांग्रेस लीगल विभाग ने मांग की है कि भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और भारतीय न्याय संहिता(BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इस अपराधपूर्ण बयानबाजी पर कानून का पूरा भार नहींडाला जाता, कांग्रेस चैन से नहीं बैठेगी। भारतीय युवा कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वे लोकतंत्र और जनप्रतिनिधियों की गरिमा की रक्षा के लिए हरकानूनी, संवैधानिक और लोकतांत्रिक रास्ता अपनाएँगे।

भाजपा सरकार जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर अधिकारियों के सहारे चला रही सरकार – देवेन्द्र यादव

डीएम को 10 करोड़ तक की परियोजनाओं की जिम्मेदारीदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार राजधानी में चुने हुए प्रतिनिधियोंकी अनदेखी कर रही है। सरकार ने जिला परियोजना निधि योजना और एकीकृत जिला परियोजना निधि योजना लागू कर दी है, जिसके तहतडिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) को 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। देवेन्द्र यादव ने सवाल उठाया कि आखिर भाजपासरकार अपने ही विधायकों और मंत्रियों पर भरोसा क्यों नहीं कर रही और उनकी जिम्मेदारी छीनकर अधिकारियों को इतनी बड़ी शक्ति दे रही है? भाजपा सरकार की जवाबदेही पर सवालदेवेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले सात महीनों से भाजपा सरकार रोजाना नई घोषणाएं करती रही है, लेकिन अब तक एक भी योजना को पूरी तरह लागूनहीं कर पाई है। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बताएँ कि ऐसी कौन सी योजना है जिसे उनकी सरकार ने सात महीनों में धरातल पर उतारा है? क्या अधिकारियों को ज्यादा जानकारी है क्षेत्र की?कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि क्या अधिकारियों को विधायकों से ज्यादा जानकारी है कि क्षेत्र की वास्तविक ज़रूरतें क्या हैं? उन्होंने कहाकि सड़क, स्कूल, डिस्पेंसरी, सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, गौशाला, पार्क, सार्वजनिक शौचालय, सीसीटीवी, स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत, नालोंकी सफाई और तालाबों का पुनर्जीवन जैसे कार्य जनता से जुड़े मुद्दे हैं। इन कार्यों की जिम्मेदारी मंत्रिमंडल और चुने हुए प्रतिनिधियों की होती है।लेकिन भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है और डीएम पर बोझ डाल रही है। मंत्रियों और विधायकों की भूमिका खत्मदेवेन्द्र यादव ने कहा कि जब विकास कार्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी पहले से ही पीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, एमसीडी, डीडीएऔर अन्य एजेंसियों की है, तो फिर 10 करोड़ तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार डीएम को क्यों दिया गया? उन्होंने बताया कि 10 से50 करोड़ तक की परियोजनाओं को सचिव राजस्व-कम-डिविजनल आयुक्त और 50 करोड़ से ऊपर की परियोजनाओं को वित्त विभाग मंजूरी देगा।ऐसे में मंत्री और विधायक पूरी तरह दरकिनार हो गए हैं। भाजपा का छुपा हुआ एजेंडा भ्रष्टाचार?देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की यह नीति कहीं अदृश्य भ्रष्टाचार का हिस्सा तो नहीं है। विकास कार्यों को मंजूरी देने की प्रक्रिया में चुने हुएप्रतिनिधियों को बाहर कर केवल अधिकारियों के भरोसे रहना साफ दिखाता है कि सरकार पारदर्शिता से बचना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया किभाजपा सरकार भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए अधिकारियों को बीच में डाल रही है। कांग्रेस शासन का उदाहरणकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने भी 15 साल दिल्ली की सत्ता में रहकर काम किया, लेकिन कभी भी चुने हुए जनप्रतिनिधियों को दरकिनारनहीं किया। विकास कार्यों में हमेशा विधायकों और मंत्रियों की भागीदारी रही। अधिकारी सरकार के अधीन होते हैं और उनकी जवाबदेही चुनी हुईसरकार के प्रति होती है। भाजपा सरकार की नीयत पर सवालदेवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा सरकार विकास कार्यों में डुप्लीकेशन रोकने, साप्ताहिक और मासिक प्रगति रिपोर्ट तथा आंतरिक-वैधानिक ऑडिट कीबात कर रही है, लेकिन असल में इन योजनाओं के पीछे भ्रष्टाचार का जाल है। उन्होंने उदाहरण दिया कि भाजपा के मंत्री बार-बार एक ही जगह पर गड्ढेभरने और गाद निकालने का काम दिखाते रहे हैं, जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ है।

विजय कुमार मल्होत्रा के निधन पर दिल्ली भाजपा नेताओं ने व्यक्त किया गहरा शोक

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का श्रद्धांजलि संदेशदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने विजय कुमार मल्होत्रा को याद करते हुए कहा कि वे न केवल दिल्ली भाजपा के संस्थापक अध्यक्ष थे, बल्किजनसंघ काल से ही कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षक रहे। एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने अपना बड़ा हिस्सा दिल्ली के विकास को समर्पित किया।सचदेवा ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ी और शहरी गरीबों के लिए आश्रय योजना लाना हो या दिल्ली को पहला फ्लाइओवर देना, ये सब उनके विकासपुरुष होने का प्रमाण है। संघर्ष, सेवा और समर्पण का जीवनदिल्ली भाजपा संगठन महामंत्री ने कहा कि विजय कुमार मल्होत्रा का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रतीक रहा है। उनका प्रभाव केवल दिल्लीतक ही सीमित नहीं था, बल्कि हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में भाजपा कार्यकर्ता उनके अनुशासित जीवन से प्रेरणा लेते रहे हैं। हर्ष मल्होत्रा ने कहा राष्ट्र प्रथम की भावना के प्रतीककेंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने उन्हें भारतीय राजनीति का वरिष्ठतम नेता बताते हुए कहा कि वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य और भाजपादिल्ली प्रदेश के प्रथम अध्यक्ष थे। उन्होंने हमेशा राष्ट्र प्रथम की भावना को जिया और संसदीय व्यवस्था को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया। उनकापूरा जीवन समाज और देश की सेवा में समर्पित रहा। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि प्रो. मल्होत्रा का जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायी रहेगा। आर.पी. सिंह ने किया फ्लाईओवर का नाम बदलने का आग्रहभाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सरदार आर.पी. सिंह ने उनके निधन को व्यक्तिगत आघात बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. मल्होत्रा विकास स्तंभ थे। उन्होंनेदिल्ली की मुख्यमंत्री से मांग की कि पटेल नगर से मोती नगर तक बने दिल्ली के पहले फ्लाईओवर का नाम बदलकर विजय सेतु रखा जाए। प्रवीन खंडेलवाल का बयानभाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि विजय कुमार मल्होत्रा का निधन न केवल भाजपा बल्कि पूरे दिल्ली समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।उन्होंने दिल्ली में आधुनिक विकास की नींव रखी और व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से हल करने के लिए काम किया। इसके अलावा दिल्लीऔर देश में खेलों के विस्तार के लिए भी उन्होंने अतुलनीय योगदान दिया। प्रवीण शंकर कपूर ने उन्हें राजनीति का प्रतीक पुरुष बतायादिल्ली भाजपा के मीडिया प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि विजय कुमार मल्होत्रा दिल्ली की राजनीति में सदैव सुचिता और ईमानदारी के प्रतीक पुरुषरहेंगे। जनसंघ काल से लेकर भाजपा की स्थापना और संसदीय दल की जिम्मेदारियों तक उन्होंने पार्टी के राजनीतिक विमर्श को आगे बढ़ाया। वेदिल्ली की जनता के सेवक और भाजपा कार्यकर्ताओं के अभिभावक थे। अन्य नेताओं की श्रद्धांजलिभाजपा सांसद मनोज तिवारी, योगेन्द्र चांदोलिया, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, एन.डी.एम.सी. उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, विधायक अनिलशर्मा, हरीश खुराना तथा डीडीए सदस्य राजीव बब्बर ने भी प्रो. मल्होत्रा के परिजनों से मिलकर और सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

बीजेपी राज में अपराध का विकास, दिल्ली अपराध के मामलों में देश में टॉप – कुलदीप कुमार

एनसीआरबी रिपोर्ट ने खोली कानून व्यवस्था की पोलआम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली की बदहाल कानून व्यवस्था की असली तस्वीर खुद केंद्र सरकार कीएजेंसी एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो) की रिपोर्ट ने सामने ला दी है। 2023 की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली अपराध के मामलों में देश मेंसबसे ऊपर पहुंच गई है। पिछले साल यानी 2022 में जहां 2.98 लाख अपराध के मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 3.23 लाख तक पहुंच गया। यानी अपराध में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।2025 में रिकॉर्ड तोड़ अपराध का खतराकुलदीप कुमार ने चेतावनी दी कि अगर अपराध की यही रफ्तार रही तो 2025 तक सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराधरोकने में पूरी तरह नाकाम है और चार्जशीट दाखिल करने के मामले में भी देश में सबसे निचले पायदान पर है। अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और भाजपासरकार मूकदर्शक बनी हुई है। अमित शाह के गृहमंत्री रहते दिल्ली अपराधियों का अड्डाकुलदीप कुमार ने कहा कि जब से अमित शाह देश के गृहमंत्री बने हैं, दिल्ली अपराधियों का अड्डा बन चुकी है। रोज कहीं न कहीं हत्या, लूट, बलात्कार और छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। बहन-बेटियों की सुरक्षा दांव पर है। बुजुर्ग सुबह पार्क में टहलने से डरते हैं और माता-पिता बच्चोंको स्कूल भेजते समय चिंता में रहते हैं। स्कूलों और हाईकोर्ट तक को मिली बम धमकीउन्होंने कहा कि हाल के दिनों में बड़े प्राइवेट स्कूलों को बार-बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। यहां तक कि दिल्ली हाईकोर्ट तक को ईमेलसे बम धमकी दी गई, जिसके बाद पूरा परिसर खाली कराना पड़ा। इस तरह की घटनाएं साफ दिखाती हैं कि दिल्ली की सुरक्षा भगवान भरोसे है औरखुफिया तंत्र बिल्कुल फेल साबित हुआ है। चार इंजन वाली सरकार सिर्फ प्रचार में व्यस्तकुलदीप कुमार ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली की चार इंजन वाली सरकार – केंद्र, उपराज्यपाल, एमसीडी और डीडीए – मिलकरभी कानून व्यवस्था सुधारने में नाकाम है। ये सरकार सिर्फ अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने, फोटो खिंचवाने और झूठे प्रचारमें व्यस्त है। वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं पर अपराध में भी दिल्ली आगेएनसीआरबी डेटा के मुताबिक वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी दिल्ली देश में सबसे आगे है। कुलदीप कुमार ने कहा किभाजपा राज में अपराध इस कदर बढ़ गए हैं कि हर तबका असुरक्षित महसूस कर रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य की जगह अपराध बना सुर्खीआप विधायक ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार के समय दिल्ली शिक्षा और स्वास्थ्य सुधारों की वजह से पूरे देश में सुर्खियों में रही। सरकारीस्कूलों के बच्चों की उपलब्धियां पूरे देश में मिसाल बनीं। लेकिन आज भाजपा राज में दिल्ली अपराध के मामलों में सुर्खियां बटोर रही है। कुलदीप कुमार की अपीलअंत में कुलदीप कुमार ने भाजपा सरकार और उपराज्यपाल से अपील की कि दिल्ली की माताओं-बहनों को सुरक्षित माहौल दें। उन्होंने कहा कि अमितशाह जी को दिल्ली की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए और पुलिस को नेताओं की सुरक्षा के बजाय जनता की हिफाजत में लगाना चाहिए।

प्रशांत किशोर की राजनीति में नया मोड़, भ्रष्टाचार के आरोपों और मानहानि केस के बीच बिहार में तीसरे विकल्प की दावेदारी

राजनीतिक विरोधियों पर प्रशांत किशोर के लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों के रुझान आने लगे हैं. एक मानहानि केस में पटना के सीजेएम कोर्ट ने प्रशांतकिशोर को 17 अक्टूबर को पेश होने को कहा है. मानहानि का ये केस बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी की तरफ से जून, 2025 में किया गयाथा.  अशोक चौधरी पर पहले प्रशांत किशोर ने पैसे देकर बेटी को लोकसभा का टिकट दिलाने का आरोप लगाया था. अशोक चौधरी की बेटी शांभवीचौधरी समस्तीपुर से लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास की सांसद हैं. देखें तो प्रशांत किशोर के घेरे में चिराग पासवान भी आ जाते हैं. बिहार बीजेपी केपूर्व अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भी प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का एक केस किया है.  बिहार में प्रशांत किशोर की राजनीति में दिल्ली केमुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल की रणनीति की साफ झलक देखी जाती है. राजनीतिक विरोधियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप पहले अरविंदकेजरीवाल भी लगाया करते थे. केजरीवाल की ही तरह अब प्रशांत किशोर का मामला भी अदालत तक पहुंच चुका है. प्रशांत किशोर को दिल्ली जाने की जरूरत नहींऔर नोटिस भी आने लगे हैं. अरविंद केजरीवाल ने तो बाद में मानहानि का केस करने वाले सभी नेताओं से माफी मांगकर मुकदमों से पीछा छुड़ा लिया, लेकिन प्रशांत किशोर के लिए ये अभी शुरुआत है.  ऐसा लगता है जैसे धीरे धीरे प्रशांत किशोर भी अरविंद केजरीवाल की तरह भ्रष्टाचार के मुद्दे परफोकस होते जा रहे हैं. असल में वो खुद को बिहार में तीसरे विकल्प के तौर पर भी पेश करने लगे हैं. अभी तक बिहार का मुकाबला सत्ताधारी एनडीएऔर चैलेंज कर रहे इंडिया ब्लॉक, बिहार में महागठबंधन, के बीच माना जाता रहा लेकिन, प्रशांत किशोर की कोशिश है कि तीसरे विकल्प के तौर परजन सुराज पार्टी को भी मुकाबले में शामिल माना जाए. ये ठीक है कि प्रशांत किशोर तीन साल से लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं. ये भी ठीक हैकि जन सुराज मुहिम के दौरान लोगों को शिक्षा और रोजगार की अहमियत और उनका हक याद दिला रहे हैं – लेकिन, वो भूल जा रहे हैं कि बिहार काराजनीतिक मिजाज दिल्ली से बिल्कुल अलग है.  प्रशांत किशोर को दिल्ली जाने की जरूरत नहीं है. नीतीश कुमार जिस जंगलराज के नाम पर लोगों को डरातेभ्रष्टाचार तो बिहार में पहले से ही चुनावी मुद्दा रहा है. ये ठीक है कि नीतीश कुमार 2005 में ‘जंगलराज’ को ही मुद्दा बनाकर सत्ता में आए थे. और, तबसे लेकर अब तक खुद नीतीश कुमार और बीजेपी चुनाव दर चुनाव जंगलराज के नाम पर लोगों को डराकर ही चुनाव जीतते आ रहे दिलचस्प बात तोये है कि नीतीश कुमार जिस जंगलराज के नाम पर लोगों को डराते हैं, उसे भुलाकर लालू यादव से हाथ भी मिला लेते हैं. और तब न जंगलराज मुद्दाबन बन पाता है, न चारा घोटाले में लालू यादव के सजायाफ्ता होने का मामला. और, जब मन भर जाता है, तो भ्रष्टाचार के नाम पर लालू परिवार सेनीतीश कुमार अलग भी हो गए थे. लेकिन, फिर 2022 में गले भी जा मिले.  ऐसा लगता है जैसे धीरे धीरे प्रशांत किशोर भी अरविंद केजरीवाल कीतरह भ्रष्टाचार के मुद्दे पर फोकस होते जा रहे हैं. असल में वो खुद को बिहार में प्रशांत किशोर ने अब नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले मंत्रीअशोक चौधरी पर 200 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. आरोप तो प्रशांत किशोर ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और बिहारबीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर भी लगाया है – मुद्दे की बात ये है कि ऐसे सारे आरोपों के केंद्र में नीतीश कुमार का नाम ही आ रहा है.