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सौरभ भारद्वाज का चुनाव आयोग पर फर्जीवाड़ा छुपाने का गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में हुई वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के संबंध मेंचुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कोएफिडेविट पर अपनी शिकायत देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फरवरी 2025 के चुनाव में हुई गड़बड़ीसौरभ भारद्वाज ने बताया कि फरवरी 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल, प्रवेश वर्मा और संदीप दीक्षित की चुनावीविधानसभा, नई दिल्ली में बड़े पैमाने पर वोट काटने की प्रक्रिया और फर्जीवाड़ा चल रहा था। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के कई नेताओं नेलगातार इस मामले को उठाया और जांच की मांग की, लेकिन चुनाव आयोग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। चुनाव आयोग ने आरटीआई का जवाब दिया संदिग्धसौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग ने आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी को व्यक्तिगत बताते हुए साझा करने से इनकार कर दिया, लेकिन प्रेस वार्ता के बाद वही जानकारी कल रात सार्वजनिक कर दी गई। उन्होंने इसे चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध बताया और कहा कि यहलोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है। चोरी को छुपाने में आयोग की भूमिकाउन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से वोट डिलीट करने में चोरी किसने की, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसे छुपाने में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावआयोग की पूरी भूमिका है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग का यह रवैया पारदर्शिता के खिलाफ है और इस मामले की जांच नहीं करानाभाजपा शासित केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की भूमिका को भी संदिग्ध बनाता है। निष्पक्ष जांच की मांगसौरभ भारद्वाज ने मीडिया से अपील की कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच की जाती है तो इसके तार भारतीय जनता पार्टी से जुड़े पाए जाएंगे। उन्होंनेकहा कि लोकतंत्र को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और फर्जीवाड़े को छुपाने का प्रयास नहींकरना चाहिए। एफिडेविट पर शिकायत देने की तैयारीसौरभ भारद्वाज ने पत्रकारों को स्पष्ट संदेश दिया कि वह चुनाव आयोग के समक्ष अपनी शिकायत एफिडेविट पर देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षाऔर चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।

नमो युवा रन – नशामुक्त भारत के लिए युवाओं की दौड़

सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत विशेष कार्यक्रमप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से लेकर महात्मा गांधी की जयंती तक भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में सेवा पखवाड़ा मना रही है। इस सेवापखवाड़ा का उद्देश्य समाज को जागरूक करना और लोगों को अच्छी आदतों की ओर प्रेरित करना है। इसी क्रम में दिल्ली भारतीय जनता युवा मोर्चाद्वारा नमो युवा रन का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 21 सितंबर की सुबह होगा। पाँच हज़ार से अधिक युवा होंगे शामिलइस कार्यक्रम में दिल्ली और आसपास के इलाकों से पाँच हज़ार से अधिक युवा शामिल होंगे। युवा मोर्चा के दिल्ली अध्यक्ष सागर त्यागी ने बतायाकि यह आयोजन केवल एक मैराथन नहीं है बल्कि युवाओं के लिए एक संदेश है। यह कार्यक्रम युवाओं को यह सिखाएगा कि नशा छोड़कर ही वेअपने जीवन और देश को मज़बूत बना सकते हैं। बाँसुरी स्वराज का संदेशदिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि नशा एक कैंसर की तरहहै। यह धीरे-धीरे इंसान और समाज दोनों को कमजोर कर देता है। हमारे दुश्मन भी चाहते हैं कि भारत का युवा नशे में उलझा रहे और आगे न बढ़े।लेकिन अगर युवा नशे से दूर रहेगा तो भारत दुनिया का सबसे मज़बूत देश बनेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें औरनशामुक्त भारत बनाने में योगदान दें। सुधा सिंह बनीं ब्रांड एम्बेसडरपद्मश्री और स्वर्ण पदक जीत चुकी एथलीट सुधा सिंह इस मैराथन की ब्रांड एम्बेसडर बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार में एक भीबच्चा नशे का शिकार हो जाता है तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है। नशा केवल शरीर को ही नहीं, दिमाग और आत्मविश्वास को भी कमजोर करताहै। सुधा सिंह ने युवाओं से कहा कि वे नशे से दूर रहें और अपने दोस्तों व परिवार को भी इसके खिलाफ जागरूक करें। उन्होंने कहा कि यदि युवानशामुक्त रहेगा तो भारत निश्चित ही मज़बूत और विकसित बनेगा। कार्यक्रम का शुभारंभइस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6:30 बजे होगी। इसका उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और भारतीय जनता युवा मोर्चा केराष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या करेंगे। इस अवसर पर युवा मोर्चा प्रभारी अभिषेक टंडन, मीडिया प्रमुख शुभम मलिक और अन्य पदाधिकारी भी मौजूदरहेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि सुधा सिंह ने अपनी मेहनत से देश का नाम रोशन किया है और अबवे इस दौड़ के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा देंगी। नशामुक्त भारत का सपनानमो युवा रन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है। यह एक सपना है, एक संदेश है। इस दौड़ के माध्यम से युवाओं को यह बताया जाएगा कि नशाछोड़कर ही वे अपनी ताकत और प्रतिभा को सही दिशा में लगा सकते हैं। जब युवा नशामुक्त होगा तो वह पढ़ाई, खेल और अपने करियर में बेहतरकरेगा। यही युवा आगे चलकर भारत को मज़बूत बनाएगा। नमो युवा रन का संदेश साफ है अगर युवा नशामुक्त होगा तो भारत सशक्त और विकसितबनेगा।

ABVP की ऐतिहासिक जीत पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने दी बधाई

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की शानदार जीत हुई है। इस जीत पर दिल्लीभाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने खुशी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि युवाओं के विश्वास और राष्ट्रवादी सोच की बड़ीजीत है। राष्ट्रवादी विचारधारा और सेवा भाव में विश्वासवीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि ABVP की यह जीत इस बात का प्रमाण है कि छात्र समुदाय राष्ट्रवादी विचारधारा, सेवा भाव और संगठनात्मक शक्ति मेंगहरा विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि ABVP का गतिशील नेतृत्व और युवाओं से जुड़ाव ही इसे खास बनाता है। मेहनत और समर्पण का नतीजाभाजपा अध्यक्ष ने इस जीत का श्रेय ABVP के कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि हजारों कार्यकर्ताओं की मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने हीयह ऐतिहासिक परिणाम दिया है। यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का छात्र राजनीति से जुड़ावसचदेवा ने कहा कि यह जीत और भी खास इसलिए है क्योंकि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी ABVP और DUSU की राजनीति से जुड़ी रहीहैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि दिल्ली भाजपा के कई पदाधिकारी ABVP से निकले हैं और इसे अपना राजनीतिक गुरुकुल मानते हैं। युवा भारत की नई आवाज़भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह जीत युवा भारत की नई आवाज़ है। यह जीत उस ऊर्जा और विश्वास की प्रतीक है, जिससे देश का भविष्य उज्ज्वलहोगा। उन्होंने कहा कि जब छात्र समुदाय राष्ट्र निर्माण में सक्रिय होता है तो देश और मजबूत बनता है। भाजपा और ABVP का गहरा रिश्तावीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा और ABVP का रिश्ता बेहद गहरा है। आज भी पार्टी के अधिकांश पदाधिकारी छात्र राजनीति से निकले हैं। यहीकारण है कि ABVP की जीत को भाजपा परिवार अपनी जीत मानता है। राष्ट्र को सशक्त बनाने का संकल्पअंत में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ABVP की यह जीत केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने वाली जीत है।उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ABVP के छात्र कार्यकर्ता देश को नई दिशा देंगे और राष्ट्र को और सशक्त बनाएंगे

एस.आई.आर. पर वीरेंद्र सचदेवा का बड़ा बयान

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव आयोग ने एस.आई.आर. (Special Intensive Revision) का ऐलान किया, वैसे ही आम आदमी पार्टी के नेता घबरा गए। सचदेवा का आरोप है कि सौरभ भारद्वाज, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन अब डर और भ्रम में जी रहे हैं। फर्जी वोटरों का खेल खत्म होगासचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यकाल में हजारों फर्जी वोटर तैयार किए। इन वोटरों को बचाकर इन्हें अपना कोर वोटर बनाने कीकोशिश की गई। अब जब चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है तो इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होने वाला है। भाजपा का कहना है कि चुनावों के समयभी इस मुद्दे को उठाया गया था और जनता ने सच्चाई समझकर भाजपा को समर्थन दिया। केजरीवाल ने जनता के बीच काम नहीं कियाभाजपा अध्यक्ष ने सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल सचमुच क्षेत्र में गए होते तो उन्हें पता चलता कि कितनेसरकारी क्वार्टर खाली हुए, कितने तोड़े गए, कितनी नई बिल्डिंगें बनीं और कितने लोग यहाँ से शिफ्ट होकर दूसरी जगह चले गए। सचदेवा का कहनाहै कि आम आदमी पार्टी ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और अब केवल हंगामा कर रही है। हिम्मत है तो एफिडेविट के साथ शिकायत करोसचदेवा ने अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर आपमें हिम्मत है और आपके आरोप सही हैं तो चुनावआयोग में एफिडेविट के साथ शिकायत दर्ज कराइए। सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस करके और बयान देकर जनता को गुमराह करना सही नहीं है। 26 साल से चली आ रही घुसपैठ की राजनीतिदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 26 सालों से दिल्ली में कांग्रेस और फिर आम आदमी पार्टी की सरकार रही। इस दौरान घुसपैठियों कोशरण देने का काम किया गया। सचदेवा ने आरोप लगाया कि बंगाल से ए.सी. ट्रेन का टिकट कटवाकर घुसपैठियों को राजधानी लाया गया और यहाँबसाया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जब दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की थी तो इसका बड़ा सबूत भी सामने आया था। हर भारतीय का अधिकार, लेकिन अवैध नहींसचदेवा ने साफ किया कि दिल्ली देश की राजधानी है और यहाँ पंजाब, बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा जैसे राज्यों से लोग आकर रहसकते हैं। हर भारतीय को यहाँ रहने और काम करने का अधिकार है। लेकिन अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देना गलत है। उन्होंने कहा कि अगर चुनावआयोग ऐसे लोगों पर कार्रवाई करता है तो भाजपा हमेशा उसका स्वागत करेगी। भाजपा का संकल्प – पारदर्शी चुनावअंत में वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा हमेशा पारदर्शी चुनाव चाहती है। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए फर्जी वोटरों को हटाना ज़रूरी है। उन्होंनेकहा कि अब समय आ गया है कि आम आदमी पार्टी सच्चाई का सामना करे और जनता को गुमराह करना बंद करे।

भाजपा और चुनाव आयोग पर आम आदमी पार्टी का बड़ा आरोप

हजारों आप समर्थकों के वोट कटेआम आदमी पार्टी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाया है कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक सोची-समझी साज़िश के तहत हजारों आपसमर्थकों के वोट कटवाए गए। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र की खुल्लम-खुल्ला लूट हो रही है और चुनावआयोग भाजपा की मददगार बन गया है। कई बार उठाया मुद्दा, लेकिन कार्रवाई नहींसौरभ भारद्वाज ने बताया कि गैर-कानूनी तरीके से वोट काटे जाने पर आम आदमी पार्टी ने बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चुनाव आयोग से शिकायतकी। उस समय की मुख्यमंत्री आतिशी ने 5 जनवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा था। इसके बाद 8 और 9 जनवरी को भी उन्होंनेपत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। यहां तक कि आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखा। लेकिन बार-बारशिकायत और सबूत देने के बावजूद चुनाव आयोग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और मामले को दबा दिया। वोटर लिस्ट में चौंकाने वाले बदलावसौरभ भारद्वाज ने बताया कि नई दिल्ली विधानसभा में 2020 के चुनाव में वोटरों की संख्या 1,46,000 थी, लेकिन अक्टूबर 2024 में जारी सूची मेंयह संख्या घटकर 1,04,000 रह गई। यानी पहले ही 42,000 वोट काट दिए गए थे। इसके अलावा 29 अक्टूबर 2024 से 15 दिसंबर 2024 तकऔर 6166 वोट काटने की अर्जियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों के नाम से दर्जनों आवेदन दिए गए, जबकि उन लोगों ने खुद साफ कहाकि उन्होंने कोई अर्जी नहीं दी। यह साफ तौर पर फर्जीवाड़े का मामला है। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय नेता द्वारा बार-बार लिखित शिकायत करने के बावजूद चुनाव आयोग नेकोई जांच नहीं की। उन्होंने बताया कि जब इस मामले में पार्टी ने आरटीआई डाली तो चुनाव आयोग ने जवाब दिया कि यह व्यक्तिगत जानकारी हैऔर दी नहीं जा सकती। यहाँ तक कि आयोग ने यह भी नहीं बताया कि एफआईआर दर्ज हुई या नहीं। इससे साफ है कि आयोग पूरे मामले कोदबाना चाहता है। कांग्रेस और राहुल गांधी ने भी उठाया मुद्दासौरभ भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हाल ही में इसी मुद्दे को उठाया है। लेकिन यह नया मामला नहीं है, आम आदमी पार्टी के कईनेता पिछले 8-10 महीनों से लगातार इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं और तथ्य सामने ला रहे हैं। भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोपआप नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विपक्षी नेताओं को ट्रोल करने के लिए भाजपा की सोशल मीडिया आर्मी की मदद करता है। उदाहरणदेते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जब वोट डिलीट होने की बात कही तो चुनाव आयोग ने तुरंत इसे नकार दिया, जबकि सच यह है कि अभी भीचुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन वोट कटवाने की सुविधा उपलब्ध है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह सब केवल भाजपा को बचाने औरविपक्ष को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। लोकतंत्र के लिए खतराअंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज हालत यह है कि लोग सोचते हैं सरकार उनके वोट से बनती है, लेकिन असल में भाजपा और चुनाव आयोगमिलकर सरकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति है और जनता को सच्चाई जाननी चाहिए।

बीजिंग से चीन का कड़ा संदेश ताइवान की आज़ादी बर्दाश्त नहीं, युद्धोत्तर व्यवस्था की रक्षा की बात

चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने गुरुवार को बीजिंग में आयोजित शियांगशान सुरक्षा मंच का उद्घाटन करते हुए ताइवान को लेकर एक बार फिर कड़ेबयान दिए. उन्होंने साफ कहा कि ताइवान का “पुनर्स्थापन” चीन का हिस्सा है और इसे लेकर किसी भी स्वतंत्रता की कोशिश को चीन कभी बर्दाश्तनहीं करेगा इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है. अंतरराष्ट्रीय सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में डोंग जुन ने कहा कि ताइवान पर चीन का दावा युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का हिस्सा है. उन्होंनेचेतावनी दी कि यदि ताइवान स्वतंत्रता की ओर बढ़ा या बाहरी ताकतों ने हस्तक्षेप किया तो चीन सख्ती से जवाब देगा.बीजिंग ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है. 1949 से यह द्वीप स्वतंत्र रूप से संचालित है और वहां 2.3 करोड़ लोग रहते हैं चीन ताइवानपर सैन्य दबाव बनाए रखने के लिए लगभग रोजाना युद्धपोत और विमान भेजता है. युद्धोत्तर व्यवस्था की रक्षा करनी होगीचीन ने अभी तक ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने के लिए बल प्रयोग से इनकार नहीं किया है. ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते और उनकीडेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी बीजिंग दावों को खारिज करते हैं उनका कहना है कि ताइवान एक स्वतंत्र और संप्रभु देश है और उसका भविष्य वहां कीजनता तय करेगी. डोंग जुन ने अपने भाषण में अमेरिका का नाम तो नहीं लिया, लेकिन ‘बाहरी सैन्य हस्तक्षेप, प्रभाव क्षेत्र की खोज और देशों पर दबावडालने’ को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए खतरा बताया उन्होंने कहा कि यह रवैया दुनिया को अराजकता और संघर्ष की ओर धकेल सकता है .इस सुरक्षामंच से पहले, चीन ने द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ पर भव्य सैन्य परेड की थी इसमें चीनी सेना ने हाइपरसोनिक मिसाइलों औरआधुनिक टैंकों समेत अपनी उन्नत हथियार प्रणाली का प्रदर्शन किया चीन ने कहा कि उसकी सेना विश्व शांति, स्थिरता और प्रगति के लिए काम करनेको तैयार है. डोंग ने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करता है उन्होंने कहा कि चीन किसी नई व्यवस्था को लागूकरने की कोशिश नहीं कर रहा बल्कि मौजूदा ढांचे को मजबूत करना चाहता है उन्होंने कहा कि हमें युद्धोत्तर व्यवस्था की रक्षा करनी होगी.

भारत-पाक तनाव के बीच UAE क्रिकेट टीम ने दिखाया खेल भावना का उदाहरण, वसीम बोले हम हैं एक परिवार

एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी का असर जहां दोनों टीमों और उनके क्रिकेट बोर्डों पर साफ दिख रहा है, वहीं संयुक्तअरब अमीरात (यूएई) टीम ने खेल भावना का शानदार उदाहरण पेश किया है। टीम के कप्तान मोहम्मद वसीम ने साफ किया कि उनकी टीम मेंखिलाड़ी चाहे भारतीय मूल के हों या पाकिस्तानी, सभी खुद को सिर्फ यूएई का प्रतिनिधि मानते हैं.यूएई क्रिकेट टीम की खासियत यह है कि इसमें भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों की बराबर संख्या है भारतीय मूल के खिलाड़ियों मेंसिमरनजीत सिंह, राहुल चोपड़ा, हर्षित कौशिक, ध्रुव पराशर और अलीशान शराफू शामिल हैं वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान के मुल्तान में जन्मे कप्तानमोहम्मद वसीम, हैदर अली, जुनैद सिद्दीकी, मुहम्मद रोहिद और आसिफ खान टीम का हिस्सा हैं हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत केखिलाड़ियों ने पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते विवाद गहरा गया, लेकिन वसीम ने अपनी टीम के माहौल कोसकारात्मक बताया. यूएई के खिलाफ अपने अगले मैच के लिए देर से स्टेडियम पहुंचातनाव का टीम के रिश्तों पर असर पड़ने के सवाल पर वसीम ने साफ इनकार किया उन्होंने कहा, ‘नहीं, हम उस तनाव के बारे में बात नहीं कर रहे हैंक्योंकि हम साथ में काफी क्रिकेट खेलते हैं। हम यहां एक परिवार की तरह हैं यहां कोई भारतीय या पाकिस्तानी नहीं है हम यूएई टीम के लिए खेलतेहैं हम एक परिवार की तरह खेलते हैं और एक परिवार की तरह रहते हैं. वसीम के इस बयान ने साफ कर दिया कि यूएई टीम ने बाहरी विवादों कोअपने ड्रेसिंग रूम में जगह नहीं दी है. मौजूदा टूर्नामेंट में तनाव तब और बढ़ गया जब रविवार को टॉस के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव नेपाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया. मैच के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने हाथ मिलाने से इनकार किया, जिससेपाकिस्तान तिलमिला गया इस घटना के बाद पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से हटने की धमकी भी दे डाली थी और यूएई के खिलाफ अपने अगले मैच के लिएदेर से स्टेडियम पहुंचा. भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों की बराबर संख्यापाकिस्तान के देर से आने के बावजूद यूएई टीम ने वॉकओवर की अपील नहीं की इस पर वसीम ने कहा, ‘सबसे पहले तो यह हमारी जिम्मेदारी याहमारा काम नहीं है। हम अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे हम यहां खेलने आए थे और हमने वही किया।’ यह बयान दिखाता है कि यूएई टीमविवाद से दूरी बनाकर खेल पर ध्यान दे रही है. पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने भी इस मुद्दे पर बोर्ड को जिम्मेदार बताया उन्होंने कहा, ‘देखिए, मैं दबाव महसूस नहीं कर रहा था क्योंकि ये चीजें मेरे नियंत्रण में नहीं थीं। यह बोर्ड (पीसीबी) का सिरदर्द है और वे इसे अच्छी तरह से संभालसकते हैं। मुझे मैच खेलना था और उस पर ध्यान केंद्रित करना था। बाकी सारी चीजें प्रबंधन से जुड़ी हैं और उन्होंने इसे बहुत अच्छी तरह से संभाला. यूएई क्रिकेट टीम की खासियत यह है कि इसमें भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों की बराबर संख्या है.

UN में भारत का कड़ा संदेश, लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठनों को अफगान जमीन से दूर रखे अंतरराष्ट्रीय समुदाय

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद पर बड़ा हमला बोला है भारत ने साफ कहा किअंतरराष्ट्रीय समुदाय यह सुनिश्चित करे कि ये संगठन और उनके मददगार अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए अब और नकर सकें यह संदेश भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद की अफगानिस्तान पर बैठक में दिया.हरीश ने कहा कि भारत लगातार अफगानिस्तान की स्थिति पर नजर रख रहा है अफगानिस्तान और भारत के बीच गहरा सभ्यतागत रिश्ता है और इसीकारण शांति और स्थिरता भारत के लिए बेहद अहम है उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकियों के लिए किसी भी तरह की जगह छोड़ना दुनिया औरखासकर इस क्षेत्र के लिए खतरनाक है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर इस बात पर जोर दिया है कि आतंकवाद का मुकाबला करने मेंसभी देशों की साझा जिम्मेदारी है हरीश ने कहा कि यूएनएससी द्वारा घोषित आतंकी संगठन, चाहे वह आईएसआईएस हो, अल-कायदा हो या फिरपाकिस्तान समर्थित लश्कर और जैश, इन पर सख्त कार्रवाई जरूरी है. नकारात्मक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाएहरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहमति का पक्षधर है भारत ने दोहा और अन्य क्षेत्रीय बैठकों में भी सक्रियभागीदारी की है ताकि शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया जा सके उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो बार अफगान कार्यवाहकविदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी से बात कर चुके हैं भारत ने अफगानिस्तान की ओर से 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा का भीस्वागत किया. भारत का कहना है कि केवल दंडात्मक कदमों से समस्या हल नहीं होगी. हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान के लिए नई और व्यावहारिकनीति की जरूरत है सिर्फ प्रतिबंध या पुराने तरीकों से आगे नहीं बढ़ा जा सकता उन्होंने कहा कि जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहे वाली नीति से कोईफायदा नहीं होगा जरूरत है कि सकारात्मक रवैये को प्रोत्साहित किया जाए और नकारात्मक गतिविधियों को हतोत्साहित किया जाए. समृद्ध देश बनाने के लिए काम करता रहेगा अफगानिस्तानहरीश ने अफगानिस्तान में आए भूकंप का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सबसे पहले राहत पहुंचाने वाले देशों में शामिल था भारत ने 1,000 परिवारोंके लिए टेंट और 15 टन खाद्य सामग्री भेजी इसके अलावा 21 टन राहत सामग्री जिसमें दवाएं, हाइजीन किट, कंबल और जनरेटर शामिल थे, भी भेजेगए आने वाले दिनों में और मदद भेजी जाएगी. अगस्त 2021 में तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद भारत लगातार मदद भेज रहा है अब तक भारतने 50,000 टन गेहूं, 330 टन से ज्यादा दवाएं और टीके, 40,000 लीटर कीटनाशक और कई अन्य आवश्यक सामग्री भेजी हैं इसके अलावा भारत नेयूएनओडीसी के सहयोग से महिलाओं पर केंद्रित नशामुक्ति कार्यक्रमों के लिए भी मदद दी है. भारत का कहना है कि अफगानिस्तान की विकासजरूरतें पूरा करना उसकी प्राथमिकता है। भारत ने वहां 500 से ज्यादा विकास परियोजनाएं पूरी की हैं भारत का मानना है कि शांति और स्थिरता तभीसंभव है जब वहां के लोग गरीबी, बीमारी और भुखमरी से बाहर निकलें. भारत ने दोहराया कि अफगानिस्तान की मदद के लिए उसकी प्रतिबद्धता गैर-समझौतावादी है भारत सभी संबंधित पक्षों के साथ जुड़कर अफगानिस्तान को एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध देश बनाने के लिए काम करता रहेगा.

वोट चोरी लोकतंत्र की है हत्या, चुनाव आयोग बना सत्ता का सहयोगी “लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का बड़ा हमला”

लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने राहुल गांधी के हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वोट चोरी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर बड़ाहमला बोला है उन्होंने कहा कि यह कोई मामूली धांधली नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक आत्मा पर किया गया सीधा हमला है, जो अब जनता कीआंखों के सामने खुलकर सामने आ रहा है. सुनील सिंह ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा किए गए खुलासों ने यह साबित कर दिया है कि भारत में लोकतंत्रको सत्ता के लालच में व्यवस्थित और योजनाबद्ध ढंग से अपहृत किया जा रहा है उनका कहना था कि वोटरों के नाम काटना, फर्जी मोबाइल नंबरों काइस्तेमाल कर उन्हें वोटर लिस्ट से हटाना और खास इलाकों में एकतरफा नाम गायब होना सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित औरसंगठित अपराध है।उन्होंने चुनाव आयोग की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संस्था लोकतंत्र की प्रहरी है, लोकतंत्र की हत्या है इसमें शामिललेकिन आज वह सत्ता के दबाव में गूंगी, बहरी और अंधी बन गई है सुनील सिंह का कहना था कि अगर चुनाव आयोग में अब भी थोड़ी बहुतसंवैधानिक रीढ़ बची है, तो उसे बिना देर किए इस कथित वोट चोरी घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करानी चाहिए. लोकदल अध्यक्ष नेयह भी चेताया कि यदि समय रहते इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो देश की जनता का चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र पर से विश्वास पूरी तरहउठ जाएगा. उन्होंने कहा, “यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं है, यह लोकतंत्र की हत्या है इसमें शामिल अधिकारियों, एजेंटों और राजनीतिक दलों कोजेल की सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए. सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की चुप्पी इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं सत्तासे उसकी मिलीभगत है उन्होंने कहा कि अब जब जनता का जनादेश चोरी किया जा रहा है, तो इस अपराध की जिम्मेदारी सीधे चुनाव आयोग और केंद्रसरकार की होगी. अंत में उन्होंने कहा कि लोकदल इस मुद्दे को लेकर न सिर्फ जनता के बीच जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर अदालततक की लड़ाई लड़ेगा, क्योंकि लोकतंत्र की रक्षा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है.

लोकतंत्र पर हो रहा गंभीर हमला – राहुल गांधी का खुलासा

देश में लोकतंत्र की सुरक्षा को लेकर अब गंभीर खतरा सामने आया है। हाल ही में जो सबूत सामने आए हैं, वे यह बताते हैं कि चुनाव प्रक्रिया में बड़ेपैमाने पर वोट डिलीट किए गए। पहले हमने देखा कि कैसे वोट बढ़ाए गए, और अब यह पता चला है कि कैसे वोट काटे जा रहे हैं। राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ वोट की संख्या बदलने का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र कोकमजोर करने का सीधा प्रयास है। उन्होंने साफ कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है तो इस मामले में तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। वोट काटने में इस्तेमाल हुआ सॉफ्टवेयर और कॉल सेंटरराहुल गांधी ने बताया कि वोट काटने के लिए सॉफ्टवेयर और कॉल सेंटर का इस्तेमाल किया गया। इसका मतलब है कि सिर्फ वोटरों की संख्या मेंबदलाव ही नहीं किया गया, बल्कि लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ की गई। हमारे पास इसके पूरे सबूत मौजूद हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि देशका मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस मामले में क्यों निष्क्रिय हैं। उन्होंने कहा कि CEC वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं, जबकि उनका कामसंविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना है। मामला सिर्फ आलंद तक सीमित नहींयह घटना केवल आलंद तक ही सीमित नहीं है। महाराष्ट्र के राजुरा विधानसभा क्षेत्र में इसी तरह 6,850 वोट बढ़ाए गए। यानी आलंद में वोट डिलीटकिए गए और राजुरा में वोट जोड़े गए। यह दिखाता है कि यह सिर्फ एक क्षेत्रीय मामला नहीं है, बल्कि पूरे देश में लोकतंत्र को प्रभावित करने वालीसुनियोजित योजना है। राहुल गांधी ने कहा कि यह साफ संदेश देता है कि लोकतंत्र की प्रक्रिया में कई लोग शामिल हैं जो अपनी ताकत का गलतइस्तेमाल कर रहे हैं। यह हमारे संविधान और देश की जनता के अधिकारों पर हमला है। कर्नाटक सीआईडी की मांग और चुनाव आयोग की निष्क्रियताकर्नाटक की जांच एजेंसी, सीआईडी, ने पिछले 18 महीनों में 18 पत्र लिखकर चुनाव आयोग से जरूरी जानकारी मांगी। इसमें डिवाइस पोर्ट्स, ओटीपी ट्रेल और अन्य महत्वपूर्ण डेटा मांगा गया। बावजूद इसके, आयोग ने सबूत देने से इंकार कर दिया। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि आखिरकिसकी सुरक्षा की जा रही है और क्यों? क्या लोकतंत्र की रक्षा करने वाली संस्था अब खुद लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर रही है? उन्होंने कहा कि यह देशके हर नागरिक के लिए गंभीर चिंता का विषय है। वोट चोरी रोकने की तत्काल आवश्यकताअगर इस वोट चोरी को समय रहते नहीं रोका गया होता, तो आलंद में 6,018 वोट हट जाने के कारण हमारे उम्मीदवार चुनाव हार सकते थे। यह साफहै कि लोकतंत्र के खिलाफ गंभीर खतरा मंडरा रहा है। राहुल गांधी ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से स्पष्ट मांग की है कि वे संविधान कीशपथ के अनुसार अपना कर्तव्य निभाएं। उन्हें कर्नाटक सीआईडी द्वारा मांगे गए सभी सबूत सात दिन के भीतर उपलब्ध कराना चाहिए। राहुल गांधी नेचेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग ने कार्रवाई नहीं की, तो पूरा देश जान जाएगा कि CEC वोट चोरों की रक्षा कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर संविधानके खिलाफ काम करने जैसा है। संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए राहुल गांधी की चेतावनीराहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र का सवाल है। हर नागरिक को सचेत रहना होगा औरलोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठानी होगी। वोट चोरी का मास्टरमाइंड कौन है और कौन इसे बचा रहा है, यह सवाल अब पूरे देश के सामनेहै। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की रक्षा सिर्फ सरकार का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने जनता से अपीलकी कि वे लोकतंत्र के अधिकारों के लिए सतर्क रहें और किसी भी तरह की धांधली को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा, सरकार तुम्हारी, सिस्टमहमारा। वोट चोरी की पोल अब खुल चुकी है। इसे रोकना हम सबका कर्तव्य है।